Tuesday, February 3, 2026
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UP News : नए साल पर योगी सरकार का गिफ्ट, 52 IPS अफसरों को मिेला Promotion

नए साल के मौके पर योगी सरकार ने 52 आईपीएस अधिकारियों को बड़ा तोहफा दिया है। उत्तर प्रदेश केडर के 52 आईपीएस अधिकारियों को प्रमोशन मिला है। प्रमोशन पाने वाले अधिकारियों की इस लिस्ट में दीपेश जुनेजा, लक्ष्मी सिंह, प्रशान्त कुमार-।।, निलाब्जा चोधरी जैसे कई बड़े चहरे शामिल हैं।

साल 2025 की शुरुआत में यूपी के 52 आईपीएस अधिकारियों को प्रमोशन मिला है। इनमें से 1992 बैच के आईपीएस अधिकारी दीपेश जुनेजा को डीजी पद पर प्रमोट किया गया है। 31 दिसंबर को डीजी सीबीसीआईडी एसएन साबत के रिटायर होने के बाद दीपेश जुनेजा को डीजी पद पर प्रमोट किया गया है।

वहीं साल 2000 बैच के आईपीएस अधिकारी – लक्ष्मी सिंह, प्रशांत कुमार द्वितीय और नीलाब्जा चौधरी को एडीजी के पद पर प्रमोट किया गया है। साल 2007 बैच के 9 अधिकारियों को डीआईजी से आईजी पद पर प्रमोट किया गया है। इस फेहरिस्त में अमित पाठक, जोगिंदर कुमार, रवि शंकर छवि, विनोद कुमार सिंह, भारती सिंह, विपिन कुमार मिश्रा, राकेश प्रकाश सिंह, योगेश सिंह और गीता सिंह का नाम शामिल है।

एसएसपी से डीआईजी हुए 25 IPS 
साल 2011 बैच के 25 आईपीएस अधिकारियों को एक साथ पदोन्नति मिली है। सभी 25 अधिकारियों को एसएसपी से डीआईजी के पद पर प्रमोट किया गया है। इनमें शैलेश कुमार पांडे, अजय कुमार, अभिषेक सिंह, देव रंजन वर्मा, राजेश एस, हेमंत कुटियाल, शालिनी, स्वप्निल ममगाई, डी प्रदीप कुमार, अरुण कुमार श्रीवास्तव, सूर्यकांत त्रिपाठी, विकास कुमार वैद्य, राजेश कुमार सक्सेना, डॉक्टर अरविंद चतुर्वेदी, आलोक प्रियदर्शी, सुनीता सिंह, राजेश कुमार सिंह, सुधा सिंह, दिनेश सिंह, कमला प्रसाद यादव, रामबदन सिंह, अरविंद कुमार मौर्य, तेज स्वरूप सिंह, सुभाष चंद्र शाक्य और हृदयेश कुमार शामिल हैं। वहीं साल 2012 बैच के 13 आईपीएस अधिकारियों को एसपी से कालर बैंड, एसएसपी के पद पर प्रमोशट किया गया है।

राज्यपाल से CM हेमंत और कल्पना सोरेन ने की मुलाकात, नव वर्ष की दीं शुभकामनाएं

झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार से आज यानी बुधवार को राज भवन में राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन एवं उनकी धर्मपत्नी व विधायक कल्पना मुर्मू सोरेन ने भेंट की। इस अवसर पर दोनों ने राज्यपाल को नव वर्ष की शुभकामनाएं दीं।
PunjabKesariराज्यपाल ने भी मुख्यमंत्री एवं विधायक को नव वर्ष की शुभकामनाएं प्रेषित कीं। इसके अलावा राज्यपाल से आज राजभवन में राज्य की मुख्य सचिव अलका तिवारी, राज्य के पुलिस महानिदेशक अनुराग गुप्ता, राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव डॉ. नितिन कुलकर्णी, रांची विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ0 अजीत कुमार सिन्हा, डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय, रांची के कुलपति प्रो. तपन कुमार शांडिल्य ने भेंट की। इस अवसर पर राज्यपाल ने भी सभी लोगों को नव वर्ष की शुभकामनाएं दीं।

पंजाब में कुरुक्षेत्र पुलिस की दबिश, मामला जान रह जाएं दंग

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पंजाब में कुरुक्षेत्र की पुलिस ने दबिश दी है, जिसके बाद हड़कंप मच गया। इस दौरान पुलिस ने एक आरोपी को काबू किया है, जिस पर धोखाधड़ी का आरोप है। जानकारी के अनुसार कुरुक्षेत्र पुलिस ने डेढ़ साल बाद आरोपी को पटियाला से पकड़ा है। काबू किए गए व्यक्ति पर अमिरेका भेजने के नाम पर  33.66 लाख रुपए ठगी की मामला दर्ज था, जिसको पुलिस ने काबू कर के रिमांड पर ले लिया है। आरोपी की पहचान शमशेर सिंह उर्फ संदीप कुमार निवासी मुरादपुर पटियाला के रूप में हुई है।

Kurukshetra Police, Punjab News

अधिक मिली जानकारी के अनुसार कुरुक्षेत्र में थाना सदर थानेसर में कनीपला निवासी महिला ने शिकायत दर्ज करवाई थी कि आरोपी ने उसके बेटे को विदेश भेजने के नाम पर लाखों की ठगी की है। महिला ने बताया कि अमरजीत सिंह सेक्टर-2 कुरुक्षेत्र में एक फैक्टरी में का करता है। जब उसने अपने बेटे को विदेश भेजने की बात की तो अमरजीत ने अपने बेटे शमशेर सिंह उर्फ संदीप सिंह से मिलावा दिया। शमशेर सिंह अपने आपको अमेरिकी मौल का बताता था। उसने कहा कि विदेश भेजने का काम करते हैं और पैसे विदेश भेजने के बाद लेंगे और पूरा सौदा 40 लाख रुपए में तय हुआ।

महिला ने बताया कि उसने अमरजीत सिंह को 29 मार्च 2023 में 5.50 लाख रुपए दिए। इसके बाद शमशेर सिंह उर्फ संदीप सिंह के खाते में करीब 33 लाख 66 हजार रुपए अलग-अलग तारीखों को जमा करवाए। आरोपियों ने तो पैसे वापस किए और न ही उन्हें वीजा लगवाकर दिया। इसी शिकायत के चलते कुरुक्षेत्र पुलिस ने पंजाब के पटियाल में रहने वाले शमशेर सिंह उर्फ संदीप सिंह को गिराफ्तार करके रिमांड हासिल किया है।

पंजाब में Free सफर करने वाली महिलाओं की लग गई “मौज”, सरकार ने लिया अहम फैसला

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पंजाब में चलती सरकारी बसों का फायदा हर कोई उठाता है, लेकिन महिलाएं इन बसों में मुफ्त यात्रा करती हैं। अब पंजाब सरकार ने एक अहम फैसला लेते हुए पी.आर. टी. सी. के बेड़े में नई बसें जोड़ने का फैसला लिया है, जिससे महिलाओं को भी बड़ा फायदा मिलेगा।

इस बारे में जानकारी देते हुए कैबिनेट मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर ने बताया कि  PRTC द्वारा 83 नई बी.एस.6 अनुकूल साधारण स्टैंडेट बसें अपने बेड़े में शामिल करने की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने कहा कि ये बसें किलोमीटर स्कीम के तहत 6 साल के लिए लीज आधार पर ली जाएंगी। इसके अलावा बसों के बेड़े में बढ़ोतरी के लिए पंजाब रोडवेज/पनबस द्वारा किलोमीटर स्कीम के तहत 20 सुपर इंटीग्रल बीएस-6 अनुकूल सामान्य बसें और 19  HVAC बसें खरीदी जा रही हैं।

महिलाओं ने 14.88 करोड़ रुपये की मुफ्त बस यात्रा की
पंजाब में महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा को लेकर सरकार ने अहम जानकारी सांझा की है। पंजाब सरकार के मुताबिक, 2024 में राज्य की महिलाओं ने 14.88 करोड़ रुपए की मुफ्त बस यात्रा की, जिस पर विभाग के 726.19 करोड़ रुपए खर्च हुए। पंजाब के ट्रांसपोर्ट मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर ने कहा कि ट्रांसपोर्ट विभाग ने पिछले साल के मुकाबले 2024 के दौरान राजस्व में 10.91 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है। उन्होंने कहा कि विभाग के तीन विंग स्टेट ट्रांसपोर्ट कमिश्नर (एस.टी.सी.) दफ्तर पी. आर.टी.सी. , पंजाब रोडवेज और पनबस को पिछले साल  के 3197.28 करोड़ रुपए के मुकाबले साल 2024 दौरान 3546.29 करोड़ रुपए की आमदन हुई है, जो 349.01 करोड़ रुपए अधिक है। लालजीत भुल्लर ने कहा कि पंजाब में जनवरी से दिसंबर 2024 तक राज्य की महिलाओं ने 14.88 करोड़ रुपए की मुफ्त बस यात्रा की, जिस पर विभाग ने 726.19 करोड़ रुपए खर्च किए और यह अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है।

मोदी सरकार का किसानों को बड़ा तोहफा, खाद पर मिलेगी अब ज्यादा सब्सिडी

नव वर्ष के मौके पर मोदी सरकार ने किसानों को बड़ा तोहफा दिया है, दरअसल, कैबिनेट बैठक में डीएपी (DAP) फर्टिलाइजर बनाने वाली कंपनियों के लिए सरकार ने स्पेशल पैकेज को मंजूरी दी है। अब इसका सीध लाभ किसानों को मिलेगा और उन्हें डीएपी के लिए ज्यादा कीमत नहीं चुकानी पड़ेगी। इसके साथ ही डीएपी बनाने वाली कंपनियों को मिलने वाली सब्सिडी के अतिरिक्त सरकार आर्थिक मदद भी देगी।

मोदी कैबिनेट मीटिंग में केंद्र सरकार ने डीएपी फर्टिलाइजर्स के मैन्यूफैक्चर्रर्स को राहत दी है। इसके तहत इन्हें सब्सिडी के अलावा आर्थिक सहायता देने पर भी मंजूरी दी गई है। इन फैसलों का लक्ष्य कृषि उत्पादकता को बढ़ावा देना, किसानों को आर्थिक रूप से मदद देना और जरूरी फर्टिलाइजर्स तक किफायती पहुंच दिलाना है।

DAP खाद का 50 किलोग्राम का बैग पहले की तरह 1350 रुपए का मिलता रहेगा। कैबिनेट ने डीएपी खाद बनाने वाले कंपनियों को 3850 करोड़ की अतिरिक्त सब्सिडी देने का ऐलान किया गया है। फसल बीमा योजना का आवंटन बढ़ाकर 69516 करोड़ रुपए कर दिया गया है। फसल बीमा न देने पर पेनल्टी नहीं लगाई जाएगी। इसके अलावा केंद्रीय मंत्रिमंडल ने कृषि जगत में इनोवेशन और टेक्नोलॉजी को विस्तार देने के लिए 824.77 करोड़ रुपये के बजट का भी आवंटन किया है।

चंडीगढ़ यूटी ने हासिल किया नया कीर्तिमान, मोबाइल पर ई-समन भेजने वाला पहला शहर बना

चंडीगढ़ देश का पहला संघ राज्य क्षेत्र (यूटी) बन गया है, जहां तीन नए कानून लागू किए गए हैं- भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम। इन नए कानूनों के तहत, चंडीगढ़ देश का पहला शहर है, जिसने गवाहों को मोबाइल के माध्यम से ई-समन भेजने की शुरुआत की है।

ई-समन के तहत पहला कदम
पिछले दिसंबर में, चंडीगढ़ पुलिस ने महज 30 दिनों में करीब 350 समन जारी किए। हालांकि, शुरुआत में यह समन पुलिस अधिकारियों ने अपने निजी मोबाइल फोन के जरिए भेजे थे। अब, ई-समन भेजने के लिए पुलिस विभाग ने 60 नए मोबाइल फोन खरीदने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

नए कानूनों के तहत सुधार
चंडीगढ़ पुलिस ने सीसीटीएनएस (क्रिमिनल केस ट्रैकिंग नेटवर्क सिस्टम) और एफएसएल (फोरेंसिक साइंस लैबोरेटरी) के इंटीग्रेशन में भी काफी तेजी से काम किया है। नए कानूनों के तहत कार्यवाही के लिए पुलिस विभाग में 22 आईटी विशेषज्ञ और 125 डाटा एनालिस्ट नियुक्त किए गए हैं। सभी पुलिस थानों में गवाहों की वीडियो गवाही के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग रूम बनाए गए हैं। इन रूम्स में स्पीकर और दो वेब कैमरे लगाए गए हैं ताकि गवाह की गवाही सही तरीके से ली जा सके। इसके अलावा, इंटरऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (आईसीजेएस) भी चंडीगढ़ पुलिस के पास है, जो इस प्रणाली को और प्रभावी बनाता है।

सुप्रीम कोर्ट से मंजूरी
इन नए कानूनों और ई-समन की प्रक्रिया को लागू करने में कुछ देरी हुई थी, क्योंकि इसे सुप्रीम कोर्ट से मंजूरी प्राप्त करनी थी। सुप्रीम कोर्ट की ओर से नवंबर में एक कमेटी गठित की गई, जिसमें पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के न्यायाधीशों को शामिल किया गया। इस कमेटी ने ई-समन प्रक्रिया को मंजूरी दी, जिसके बाद यह लागू हुआ।

कैसे काम करती है ई-समन की प्रक्रिया?
अब, जब कोई गवाह समन नहीं लेता या पुलिसकर्मियों के साथ बदसलूकी करता है, तो पुलिस उसे मोबाइल फोन के जरिए ई-समन भेज देती है। पहले यह समन जिला कोर्ट द्वारा पुलिस को भेजे जाते थे, लेकिन अब कोर्ट की ओर से समन जारी होते ही पुलिस इसे सीधे गवाह के मोबाइल नंबर पर भेज देती है। इससे गवाहों को समन मिलने से बचने का कोई बहाना नहीं रहेगा।

एसएसपी कंवरदीप का बयान
एसएसपी कंवरदीप कौर ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी मिलने के बाद ई-समन की प्रक्रिया शुरू हुई और अब तक चंडीगढ़ पुलिस ने करीब 350 गवाहों को ई-समन जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि यह कदम गवाहों को समन भेजने में होने वाली समस्याओं को खत्म करने में मदद करेगा और पुलिस को अधिक प्रभावी बनाने में सहायक होगा।

नए साल पर किसानों को मिला बड़ा तोहफा, सरकार ने Fertilizer पर सब्सिडी का किया ऐलान

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नए साल पर मोदी सरकार ने किसानों को बड़ा तोहफा दिया है। सरकार ने किसानों को सस्ती दर पर डीएपी उर्वरक की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए एकमुश्त विशेष पैकेज को 3,850 करोड़ रुपए तक बढ़ाने का बुधवार को फैसला किया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) की बैठक में यह निर्णय लिया गया। इस फैसले से किसानों को डीएपी की 50 किलो वजन की एक बोरी 1,350 करोड़ रुपए में मिल सकेगी।

सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सीसीईए की बैठक के बाद संवाददाताओं को बताया कि डाय-अमोनियम फॉस्फेट (डीएपी) उर्वरक के लिए एकमुश्त विशेष पैकेज को जनवरी-दिसंबर, 2025 की अवधि के लिए मंजूरी दी गई है। वैष्णव ने कहा कि सरकार के इस कदम का उद्देश्य किसानों को सस्ती कीमतों पर डीएपी की उपलब्धता सुनिश्चित करना है।

पैकेज पर लगभग 3,850 करोड़ रुपये खर्च होंगे
अश्विनी वैष्णव ने कहा, “किसानों को 1,350 रुपये प्रति 50 किलोग्राम बैग पर डीएपी मिलता रहेगा, जिसकी कीमत अन्य देशों में 3,000 रुपए से अधिक है। इस पैकेज पर लगभग 3,850 करोड़ रुपये खर्च होंगे। 2014 से, पीएम मोदीजी ने सुनिश्चित किया है कि किसानों को बाजार के उतार-चढ़ाव का खामियाजा न उठाना पड़े। 2014-24 तक उर्वरक सब्सिडी 11.9 लाख करोड़ रुपये थी जो 2004-14 से दी गई सब्सिडी से दोगुनी से भी अधिक है।”

अश्विनी वैष्णव ने कहा, “तेज़ मूल्यांकन, तेज़ दावा निपटान और कम विवादों के लिए नवाचार और प्रौद्योगिकी के लिए 800 करोड़ रुपए का कोष बनाया गया है। कवरेज बढ़ाने और नामांकन को आसान बनाने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी ने प्रक्रिया को पूरी तरह से डिजिटल बनाने का फैसला किया है। पूर्वोत्तर और हिमालयी राज्यों के लिए फंडिंग पैटर्न 90:10 है, और अन्य राज्यों के लिए 50:50 है। प्रीमियम हिस्सेदारी बीमित मूल्य के 1.5% से 5% पर पूर्वनिर्धारित की गई है। 88% बीमित किसान सीमांत पृष्ठभूमि से हैं और 57% बीमित किसान ओबीसी, एससी और एसटी हैं।”

Punjab : 10वीं -12वीं के Exams की Date sheet जारी, Students यहां करें चैक…

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पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड की 10वीं-12वीं कक्षा, 2025 वोकेशनल और एन. एस. क्यू. एफ विषयों की वार्षिक प्रैक्टिकल परीक्षाएं 27 जनवरी 2025 से 4 फरवरी 2025 तक आयोजित की जा रही हैं।

इस संबंध में जानकारी देते हुए शिक्षा बोर्ड के एक प्रवक्ता ने बताया कि स्कूल प्रमुख इन विषयों के परीक्षार्थियों को ये नोट करवा दे ताकि कोई भी परीक्षार्थी परीक्षा देने से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि डेट शीट और अधिक जानकारी बोर्ड की वेबसाइट https://www.pseb.ac.in/ पर उपलब्ध है और ई-मेल srsecconduct.pseb@punjab.gov.in पर संपर्क किया जाएं।

बता दें कि  पंजाब सरकार द्वारा 7 जनवरी तक स्कूलों की छुट्टियां बढ़ाने के निर्णय ने जहां राज्य के निजी और सरकारी स्कूलों के शैक्षणिक कार्यक्रम को गहराई से प्रभावित कर दिया है, वहीं स्कूल प्रिंसीपलों के लिए यह फैसला सिरदर्दी बन गया है। हालांकि सरकार ने सर्दी के बढ़ते प्रकोप के कारण यह कदम उठाया है लेकिन यह निर्णय स्कूल प्रबंधन, प्रिंसीपल्स और शिक्षकों के लिए नई चुनौतियां लेकर आया है। निजी स्कूलों ने पहले से ही जनवरी के पहले सप्ताह में अपने शैक्षणिक सत्र की शुरुआत और प्री-बोर्ड परीक्षाओं का आयोजन करना तय किया था। अधिकांश स्कूल 1 जनवरी से खुलने वाले थे जबकि कुछ ने 3 और कइयों ने 6 जनवरी को छात्रों को बुलाने की योजना बनाई थी। अब सरकार के इस निर्णय के कारण स्कूलों को अपने पूरे कार्यक्रम में बदलाव करना होगा जो छात्रों और शिक्षकों दोनों के लिए कठिनाई पैदा कर सकता है।

महाराष्ट्र: एटीएस की बड़ी कार्रवाई, अवैध रूप से रह रहे 16 बांग्लादेशी नागरिकों को दबोचा

महाराष्ट्र पुलिस ने मुंबई, ठाणे और राज्य के तीन अन्य जिलों में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेश के 16 नागरिकों को गिरफ्तार किया है। एक अधिकारी ने बताया कि विशेष अभियान के तहत महाराष्ट्र आतंकवाद रोधी दस्ते (एटीएस) ने स्थानीय पुलिस की मदद से पिछले चार दिनों में मुंबई, नासिक, नांदेड़ और छत्रपति संभाजीनगर से बांग्लादेश के नौ नागरिकों को गिरफ्तार किया है।

जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल कर आधार कार्ड बनवाए
उन्होंने बताया कि आरोपियों में आठ पुरुष और एक महिला शामिल हैं, जिन्होंने जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल कर आधार कार्ड बनवाए हैं। पुलिस ने उनके खिलाफ विदेशी अधिनियम और अन्य प्रासंगिक कानूनी प्रावधानों के तहत पांच मामले दर्ज किए हैं। अधिकारी ने बताया कि इसके साथ ही एटीएस ने विशेष अभियान के तहत पिछले महीने 19 मामलों में 43 बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया।

कोई वैध दस्तावेज पेश नहीं कर सके
ठाणे जिले में एक गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने मंगलवार को मनकोली क्षेत्र में प्रेरणा कॉम्प्लेक्स स्थित एक गोदाम पर छापा मारा और वहां बांग्लादेश के सात व्यक्तियों को काम करते हुए पाया।नारपोली थाने के एक अधिकारी ने बताया कि उन लोगों की उम्र 26 से 54 वर्ष के बीच है और वे भारत में रहने के लिए कोई वैध दस्तावेज पेश नहीं कर सके।

पुलिस ने दर्ज की एफआईआर 
उन्होंने बताया कि पुलिस ने उनके पास से 35 हजार रुपये मूल्य के मोबाइल फोन और अन्य सामान जब्त किया है। अधिकारी ने बताया कि उनके खिलाफ विदेशी अधिनियम, पासपोर्ट अधिनियम और पासपोर्ट (भारत में प्रवेश) अधिनियम के प्रावधानों के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।

बुरा फंसा Jammu Kashmir का यह IAS अधिकारी, पढ़ें पूरा मामला

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जम्मू-कश्मीर के एक आई.ए.एस. अधिकारी पर गाज गिर गई है। जानकारी के अनुसार केंद्र शासित प्रदेश के रेवेन्यू सेक्रेटरी राजीव रंजन पर केस चलने वाला है। इस दौरान वह पहले ऐसे आई.ए.एस. अधिकारी बन गए हैं जिन पर बंदूक लाइसेंस घोटाले मामले में केस चलेगा।

जानकारी के अनुसार 2.74 लाख से अधिक बंदूक लाइसेंस के हुए घोटाले में उक्त अधिकारी का नाम शामिल है। बताया जा रहा है कि उक्त घोटाला 100 करोड़ से भी अधिक का है। राजीव रंजन के अलावा और भी कई अधिकारी हैं जिन पर मुकदमा चलाने की तैयारी शुरू हो रही है। बताया जा रहा है कि इन सभी ने मिल कर अपनी पोस्टिंग दौरान अपने पद का दुरुपयोग करते हुए कइयों को बंदूक लाइसेंस जारी किए थे। इससे न केवल उन्होंने गलत काम करते हुए धन कमाया बल्कि उनके इस काम से नुकसान भी हुआ है।

जानकारी के अनुसार बंदूक लाइसेंस घोटाले में राजस्व सचिव राजीव रंजन के खिलाफ सी.बी.आई. ने 16 अक्तूबर, 2016 को केस दर्ज किया था। इसके बाद 28 नवंबर 2024 को राजीव के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी दी गई थी।

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