सरकारी टेलीकॉम कंपनी भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) ने हाल ही में किफायती रिचार्ज प्लान्स लॉन्च कर निजी टेलीकॉम कंपनियों के लिए चुनौती खड़ी कर दी है। 365 दिनों की लंबी वैलिडिटी, अनलिमिटेड कॉलिंग और फ्री डेटा जैसी सुविधाओं के साथ, BSNL के ये प्लान्स यूजर्स के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। BSNL ने अपने नए प्लान्स के साथ Airtel, Jio और Vodafone Idea को टक्कर देते हुए यूजर्स को कम कीमत में बेहतर सेवाएं देने का लक्ष्य रखा है।

BSNL का 1,999 रुपये वाला 365 दिन का प्लान
BSNL के इस प्लान में यूजर्स को पूरे सालभर की वैलिडिटी के साथ अनलिमिटेड वॉइस कॉलिंग की सुविधा मिलती है। इसमें फ्री नेशनल रोमिंग और 600GB हाई-स्पीड डेटा का लाभ शामिल है। डेटा की लिमिट खत्म होने के बाद, यूजर्स को 40kbps की स्पीड पर अनलिमिटेड इंटरनेट का फायदा मिलेगा। इसके साथ ही, हर दिन 100 फ्री SMS की सुविधा भी दी जा रही है।
BSNL का 2,999 रुपये वाला 365 दिन का प्लान
BSNL का दूसरा सालाना प्लान 2,999 रुपये का है, जो डेली 3GB हाई-स्पीड डेटा, अनलिमिटेड कॉलिंग, फ्री नेशनल रोमिंग और हर दिन 100 फ्री SMS जैसे बेनिफिट्स के साथ आता है। डेटा खत्म होने के बाद भी, यूजर्स को 40kbps की स्पीड पर इंटरनेट का इस्तेमाल करने की सुविधा मिलेगी।
BiTV सर्विस ने बनाया नया रिकॉर्ड
BSNL ने हाल ही में अपनी नई BiTV सर्विस लॉन्च की है, जिसके तहत यूजर्स अपने मोबाइल पर 300 से ज्यादा लाइव टीवी चैनल्स फ्री में देख सकते हैं। फिलहाल यह सेवा पुड्डुचेरी में उपलब्ध है और जल्द ही इसे देशभर में शुरू किया जाएगा। महज 8 दिनों में 30,000 से ज्यादा यूजर्स इस सेवा का लाभ उठा चुके हैं, जो BSNL के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।
BSNL के इन प्लान्स और नई सेवाओं ने बाजार में प्रतिस्पर्धा को बढ़ा दिया है। किफायती दामों और आकर्षक सुविधाओं के चलते, BSNL अपने यूजर्स को बनाए रखने और नए ग्राहकों को आकर्षित करने में सफल हो रहा है।



जानकारी के मुताबिक, आज पूर्वी और पश्चिमी यूपी में सुबह और रात के समय कहीं-कहीं पर हल्का और मध्यम कोहरा छा सकता है। कोहरे के वजह से प्रदेश में सर्दी की सितम जारी रहेगा। हालांकि दिन में सर्दी थोड़ी कम होगी और रात को अधिक होगी। आज राज्य के कई जिलों में ठंड कोल्ड डे अलर्ट जारी है।वहीं, तीन जनवरी से पूरे प्रदेश में मौसम शुष्क रहने की संभावना है, लेकिन सुबह और देर रात हल्के से मध्यम कोहरे का असर देखा जा सकता है।


हालांकि, इस टीके को लेकर कुछ सवाल भी उठ रहे हैं। सबसे पहले, इस तकनीक को अभी तक वैक्सीन रेगुलेटरी बॉडी से अप्रूवल नहीं मिला है। दूसरा, यह टीका कैंसर को रोकने के लिए नहीं है, बल्कि यह कैंसर होने के बाद इलाज के तौर पर काम करेगा। और तीसरा, इस तकनीक का असर जीन्स पर भी पड़ता है, जिसका प्रभाव भविष्य में क्या होगा, यह अभी तक स्पष्ट नहीं है।






