Sunday, June 21, 2026
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Mahakumbh में Punjabi Singer Singga, तस्वीरें आई सामने

पंजाबी गायक सिंगा ने अपनी गायकी से देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी पंजाबियों का दिल जीता है।

कलाकार अक्सर अपने सोशल मीडिया हैंडल के जरिए फैंस के बीच एक्टिव नजर आते हैं, लेकिन इस बीच कलाकार ने ऐसी तस्वीरें शेयर कर दी हैं, जिससे फैंस के बीच हलचल मच गई है। दरअसल आस्था के महाकुंभ में मशहूर हस्तियों का आना जारी है। हाल ही में गायक सिंघा महाकुंभ मेले में पहुंचे, जहां वह अपनी नई फिल्म की शूटिंग करने पहुंचे हैं। आइए आपको तस्वीरों में दिखाते हैं गायक सिंगा की एक झलक, जो काफी वायरल हो रही है।

Credit cards के इस्तेमाल में जबरदस्त बढ़ोतरी, जानें देश में क्या है Debit Card का स्टेटस

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भारत में बचत की प्रवृत्ति के बावजूद क्रेडिट कार्ड के इस्तेमाल में जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, पिछले पांच सालों में क्रेडिट कार्ड की संख्या दोगुनी से भी ज्यादा होकर लगभग 10.80 करोड़ हो गई है। दिसंबर 2019 में जहां 5.53 करोड़ क्रेडिट कार्ड प्रचलन में थे, वहीं दिसंबर 2024 के अंत तक यह आंकड़ा 10.80 करोड़ को पार कर गया। इसके विपरीत, डेबिट कार्ड की संख्या में मामूली वृद्धि हुई है, जो दिसंबर 2019 के 80.53 करोड़ से बढ़कर दिसंबर 2024 में 99.09 करोड़ पर पहुंची।

डिजिटल लेन-देन ने लगाई जबरदस्त छलांग

आरबीआई रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि पिछले दशक में भारत में डिजिटल भुगतान में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। कैलेंडर वर्ष 2013 में 222 करोड़ डिजिटल लेन-देन हुए, जिनका मूल्य 772 लाख करोड़ रुपए था, जबकि कैलेंडर वर्ष 2024 में यह मात्रा में 94 गुना और मूल्य में 3.5 गुना से ज्यादा बढ़कर 20,787 करोड़ से अधिक लेन-देन हो गए, जिनका मूल्य 2,758 लाख करोड़ रुपए है। दिसंबर 2024 की भुगतान प्रणाली रिपोर्ट में बताया गया है कि बीते पांच वर्षों में ही भारत में डिजिटल भुगतान की मात्रा में 6. 7 गुना और मूल्य में 1. 6 गुना बढ़ोतरी हुई है। यह डिजिटल भुगतान की मात्रा के मामले में 45. 9 प्रतिशत और डिजिटल भुगतान के मूल्य के मामले में 10. 2 प्रतिशत की पांच साल की सीएजीआर है।

सीमा पार भुगतान को बढ़ाने की दिशा में काम

रिपोर्ट में कहा कि वह यूपीआई को दूसरे देशों की फास्ट पेमेंट सिस्टम से जोड़कर सीमा पार भुगतान को बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है। इसने कहा कि इस तरह के जुड़ाव से सीमा पार रेमिटेंस पेमेंट (प्रेषण भुगतान) में उच्च लागत, कम गति, सीमित पहुंच और पारदर्शिता की कमी के मुद्दों को हल करने में मदद मिलती है। फरवरी 2023 में भारत (यूपीआई) और सिंगापुर (पे नाउ) की फास्ट पेमेंट सिस्टम को जोड़ा गया। आरबीआई ने प्रोजेक्ट नेक्सस में भी भाग लिया है, जो कई देशों की घरेलू तेज़ भुगतान प्रणालियों को आपस में जोड़कर तत्काल सीमा पार खुदरा भुगतान को सक्षम करने के लिए एक बहुपक्षीय अंतर्राष्ट्रीय पहल है।

इन देशों में पेमेंट सक्षम किया गया

भूटान, फ्रांस, मॉरीशस, नेपाल, सिंगापुर, श्रीलंका और यूएई में QR कोड के माध्यम से भारतीय यूपीआई ऐप का इस्तेमाल करके व्यापारियों को भुगतान सक्षम किया गया है। केंद्रीय बैंक के डिप्टी गवर्नर टी. रबी शंकर ने रिपोर्ट की प्रस्तावना में कहा कि जब भुगतान प्रणालियों की बात आती है, तो रिजर्व बैंक ने हमेशा आगे रहने का प्रयास किया है। भुगतान क्षेत्र में इनोवेशन को प्रोत्साहित करना बैंक की नीति रही है। इनोवेशन और रेगुलेटरी सपोर्ट से प्रेरित होकर, हमारा पेमेंट सिस्टम दुनिया भर में सबसे आधुनिक में से एक बन गई हैं। भारत में खुदरा डिजिटल भुगतान वित्तीय वर्ष 2012-13 में 162 करोड़ लेन-देन से बढ़कर वित्तीय वर्ष 2023-24 में 16,416 करोड़ से अधिक लेन-देन हो गया है यानी 12 वर्षों में लगभग 100 गुना बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

यह था Indian Stock Market का सबसे महंगा स्टॉक, रातोंरात निवेशक बने थे करोड़पति, अब आ रही है लगातार गिरावट

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इन्वेस्टमेंट्स (Elcid Investments Stock) का शेयर, जो कभी 3 रुपए से बढ़कर 3 लाख रुपए के स्तर तक पहुंच गया था, अब लगातार गिरावट देख रहा है। भारतीय शेयर बाजार में एक समय में यह स्टॉक सबसे महंगा बन गया था लेकिन वर्तमान में इसकी कीमतों में तेज कमी आई है, जिससे निवेशकों के लिए यह एक चिंता का विषय बन गया है।

3 रुपए से तीन लाख हो गई थी कीमत

एल्सिड इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड का शेयर 29 अक्टूबर 2024 को एक ही दिन में 3.53 रुपए से सीधे 2.36 लाख रुपए पर पहुंच गया था, जिससे यह भारतीय शेयर बाजार का सबसे महंगा स्टॉक बन गया। इस तेजी ने निवेशकों को रातोंरात करोड़पति बना दिया, क्योंकि इस शेयर की कीमत में 66,92,535 फीसदी की वृद्धि हुई थी। इसके बाद, 8 नवंबर को इसने अपने हाई लेवल 3,32,400 रुपए प्रति शेयर की कीमत को छुआ।

अब लगातार गिर रहा शेयर

हालांकि, इसके बाद से एल्सिड इन्वेस्टमेंट्स के शेयर की कीमतों में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है। पिछले दो महीनों में यह शेयर लगभग 60 फीसदी तक टूट चुका है। जनवरी के अंत तक इसकी कीमत 1.28 लाख रुपए के आसपास आ गई है, जो कि बड़ी गिरावट है।

पिछले एक महीने में इस शेयर में 32 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई है। वहीं, पिछले 5 दिनों में ये शेयर लगभग 7 फीसदी तक गिर चुका है। 27 जनवरी 2025 को यह शेयर 1,28,000 रुपए की कीमत पर कारोबार कर रहा था। सोमवार को भी इस शेयर में 3.64 फीसदी की गिरावट देखी गई।

इस अचानक गिरावट ने निवेशकों के बीच चिंता का माहौल पैदा कर दिया है। कई निवेशक जिन्होंने इस शेयर में भारी निवेश किया था, अब घाटे का सामना कर रहे हैं। कंपनी के पास एशियन पेंट्स जैसी बड़ी कंपनियों में हिस्सेदारी होने के बावजूद, इसका मौजूदा प्रदर्शन निराशाजनक रहा है।

कंपनी की मौजूदा स्थिति

एल्सिड इन्वेस्टमेंट्स ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के पास नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) के रूप में रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन किया है। कंपनी का वर्तमान में कोई ऑपरेटिंग बिजनेस नहीं है लेकिन इसके पास कई अनलिस्टेड कंपनियों के शेयर हैं। इसके अलावा, एशियन पेंट्स में इसकी हिस्सेदारी का मार्केट वैल्यू लगभग 8500 करोड़ रुपए है, जो इसे एक मजबूत आधार देता है।

एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर कंपनी अपने NBFC रजिस्ट्रेशन को सफलतापूर्वक हालिस कर लेती है और अपने बिजनेस मॉडल को मजबूत करती है, तो यह स्थिति बदल सकती है। हालांकि मौजूदा समय में बाजार के निगेटिव मूवमेंट को देखकर, निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।

भारत में डिजिटल भुगतान में UPI की हिस्सेदारी 2024 में 83% तक पहुंची

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भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की भुगतान प्रणाली रिपोर्ट के अनुसार, एकीकृत भुगतान इंटरफेस (UPI) का डिजिटल भुगतान प्रणाली में योगदान पिछले पांच वर्षों में दोगुना हो गया है। 2019 में जहां यूपीआई का हिस्सा 34 प्रतिशत था, वहीं 2024 में यह बढ़कर 83 प्रतिशत हो गया है।

इसके विपरीत, अन्य डिजिटल भुगतान विधियों जैसे राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर (NEFT), रीयल टाइम ग्रॉस सेटेलमेंट (RTGS), इमीडिएट पेमेंट सर्विस (IMPS) और क्रेडिट और डेबिट कार्ड का हिस्सा 2019 में 66 प्रतिशत से घटकर 2024 के अंत में 17 प्रतिशत रह गया है। 2024 में भारत में कुल 208.5 अरब डिजिटल भुगतान लेन-देन रिकॉर्ड किए गए हैं।

भारत की रीयल-टाइम भुगतान प्रणाली, यूपीआई, की बढ़ती हिस्सेदारी का श्रेय इस डिजिटल भुगतान विधि को अपनाने की बढ़ती गति को दिया जा सकता है। 2019 से 2024 तक, यूपीआई पी2एम (व्यक्ति से व्यापारी) भुगतान, यूपीआई पी2पी (व्यक्ति से व्यक्ति) लेन-देन से तेज़ी से बढ़े हैं। यूपीआई पी2एम ने पांच वर्षों के दौरान 500 रुपए से नीचे के लेन-देन के लिए 99 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) दर्ज की। जबकि यूपीआई पी2पी में इसी अवधि में 56 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई।

दूसरी ओर, उच्च मूल्य वाले लेन-देन—जो 2,000 रुपए से अधिक हैं—के लिए यूपीआई पी2एम ने 109 प्रतिशत की CAGR दर्ज की, जबकि यूपीआई पी2पी ने 57 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की। नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के लो-वैल्यू ट्रांजैक्शन पेमेंट मेथड यूपीआई लाइट ने दिसंबर 2024 में प्रतिदिन 2.04 मिलियन ट्रांजैक्शन किए, जिनकी कुल मूल्य 20.02 करोड़ रुपए थी। दिसंबर 2023 से दिसंबर 2024 तक, यूपीआई लाइट लेन-देन की औसत टिकट साइज में 13 प्रतिशत की साल दर साल वृद्धि हुई, जो 87 रुपए से बढ़कर 98 रुपए हो गई।

आरबीआई ने अपनी रिपोर्ट में कहा, “जब Paytm और PhonePe ने क्रमशः 15 फरवरी 2023 और 2 मई 2023 को यूपीआई लाइट पेश किया, तो यूपीआई लाइट पेमेंट वॉल्यूम और वैल्यू में लगातार वृद्धि देखी गई।” प्रीपेड पेमेंट इंस्ट्रूमेंट्स (PPIs), जिनमें डिजिटल वॉलेट्स शामिल हैं, के लेन-देन में 12.3 प्रतिशत की गिरावट आई, जो 2024 के दूसरे छमाही (H2 CY24) में 3.45 बिलियन लेन-देन से घटकर 3.93 बिलियन हो गई। इसी अवधि में, PPI के माध्यम से प्रसंस्कृत लेन-देन की वैल्यू 25 प्रतिशत घटकर 1.43 ट्रिलियन रुपए से 1.08 ट्रिलियन रुपए हो गई।

भारत में निवेश की घोषणाओं में 39% की वृद्धि, FY25 के पहले 9 महीने में कुल निवेश 32 लाख करोड़ रुपए

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भारत के निवेश पारिस्थितिकी तंत्र और बाहरी वाणिज्यिक ऋण (ECBs) में पिछले कुछ वर्षों में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिले हैं। वित्त मंत्रालय के नवीनतम अपडेट में बताया गया है कि निवेश की घोषणाओं में वृद्धि हो रही है और निजी क्षेत्र का इसमें अहम योगदान है।

FY25 के पहले 9 महीने में निवेश घोषणाएं बढ़ी:
वित्त वर्ष 2025 के पहले नौ महीनों (अप्रैल से दिसंबर 2024) में कुल निवेश घोषणाएँ 32.01 लाख करोड़ रुपये रही। यह पिछले साल की तुलना में 39% अधिक है, क्योंकि FY24 में ये घोषणाएँ 23 लाख करोड़ रुपये थीं। इस वृद्धि से निवेश पर सकारात्मक रुझान दिख रहे हैं।

निजी क्षेत्र का निवेश में बढ़ा योगदान:
निवेश घोषणाओं में निजी क्षेत्र का योगदान बढ़कर 70% तक पहुंच गया है, जबकि FY24 में यह आंकड़ा 56% था। इसका मतलब है कि कॉर्पोरेट क्षेत्र में विश्वास मजबूत हो रहा है और कंपनियाँ ज्यादा निवेश करने के लिए तैयार हैं।

कॉर्पोरेट का ग्रॉस ब्लॉक बढ़ा:
मार्च 2024 तक भारतीय कॉर्पोरेट्स का कुल ग्रॉस ब्लॉक 106.50 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो मार्च 2020 में 73.94 लाख करोड़ रुपये था। पिछले 5 वर्षों में औसतन 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक का इजाफा हर साल कॉर्पोरेट ग्रॉस ब्लॉक में हुआ है।

प्रकियाधीन परियोजनाएँ और घरेलू बचत में वृद्धि:
मार्च 2024 तक, भारत में जारी परियोजनाओं का निवेश 13.63 लाख करोड़ रुपये रहा। यह दर्शाता है कि परियोजनाओं पर काम तेज़ी से चल रहा है। साथ ही, FY24 में भारतीय घरों की शुद्ध वित्तीय बचत (HNFS) जीडीपी के 5.3% तक पहुंच गई, जो FY23 में 5.0% थी।

भौतिक संपत्तियों में बचत में वृद्धि:
भौतिक संपत्तियों में निवेश भी बढ़ा है, जो FY23 में जीडीपी के 12.9% था, जो FY24 में बढ़कर 13.5% हो गया। इसका मतलब है कि लोग अधिक संपत्ति में निवेश कर रहे हैं, जो आर्थिक विकास का संकेत है। इस प्रकार, भारत का निवेश पारिस्थितिकी तंत्र मजबूत हो रहा है और निजी क्षेत्र का बढ़ता योगदान देश की आर्थिक स्थिति को बेहतर बना रहा है।

Punjab: लड़की की Viral Video ने मचाया बवाल, पांबदी के बावजूद…

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मोगा के कस्बा कोट इसे खां का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में लड़की पूरी तरह नशे में नजर आ रही है।

जब कुछ लोगों ने उससे बात की तो उसने स्वीकार किया कि उसने दो नशीली गोलियां ली हैं। लड़की की हालत ऐसी है कि वह अपने सामने रखी रोटी भी नहीं खा पा रही है और उसका शरीर लगातार कांप रहा है। वह जमीन से उठने में भी असमर्थ है और ठीक से बोल भी नहीं पाती। वह तीन लोगों के सहारे भी सीधी खड़ी नहीं हो सकती।

यह वीडियो सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैल रही है। यह वीडियो गांव के गुरुद्वारे के पास की बताई जा रहा है। यह भी कहा जा रहा है कि लड़की की उम्र 18 से 20 वर्ष के आसपास लग रही है। उसने बताया कि उसने नशीली गोलियां मेडिकल स्टोर से ली थीं। वह जिन गोलियों का नाम ले रही है, उस पर सरकार द्वारा पाबंदी लग चुकी है।

इस गांव के लड़कों की नहीं हो पा रही शादी, बिजली और मोबाइल नेटवर्क बना वजह

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देशभर में शादियों का मौसम है, हर तरफ खुशियां हैं, लेकिन राजस्थान के कोटा जिले का कोलीपुरा गांव इस खुशी से महरूम है। यहां पर न तो शहनाइयां बज रही हैं और न ही लोग शादियों के अवसर का पूरा आनंद ले पा रहे हैं। इसकी वजह है यहां की बुनियादी सुविधाओं का न होना। गांव में आज भी बिजली और मोबाइल नेटवर्क जैसी सुविधाएं नहीं पहुंच पाई हैं, जिसके कारण यहां के युवकों के लिए रिश्ता तय करना भी मुश्किल हो गया है।

कोलीपुरा गांव और मुकुंदरा टाइगर रिजर्व
कोलीपुरा गांव मुकुंदरा टाइगर रिजर्व के अंतर्गत आता है। इस वजह से गांव के लोग अपनी मर्जी से यहां बुनियादी सुविधाएं नहीं ला सकते हैं। वन्यजीव विभाग की अनुमति के बिना यहां कोई भी विकास कार्य नहीं हो सकता। यही कारण है कि इस गांव में आजादी के इतने सालों बाद भी न तो बिजली पहुंची है और न ही मोबाइल नेटवर्क। इसके अलावा, इस गांव के लोग अपने घरों का निर्माण भी नहीं कर सकते क्योंकि इस गांव को विस्थापित किए जाने की योजना है।

पढ़ाई और शादियों में आ रही मुश्किलें
बुनियादी सुविधाओं का अभाव गांव के बच्चों की पढ़ाई और युवाओं की शादियों में रुकावट डाल रहा है। यहां के युवकों के लिए रिश्ता तय करना मुश्किल हो गया है। जब भी वे लड़की के घर बात करने जाते हैं, तो लड़की वाले यह कहकर इंकार कर देते हैं कि बिना लाइट और मोबाइल नेटवर्क के वे कैसे यहां रह सकते हैं। इस कारण गांव के लोग अपने रिश्तेदारों से मिलने भी नहीं आ पाते क्योंकि आजकल बिजली और मोबाइल नेटवर्क जीवन का अहम हिस्सा बन गए हैं।

मोबाइल नेटवर्क की कमी
कोलीपुरा गांव में 500 से अधिक घर हैं। यहां हर किसी के पास मोबाइल फोन तो है, लेकिन नेटवर्क की स्थिति बेहद खराब है। यहां केवल एक घर में नेटवर्क आता है, और यह नेटवर्क भी किसी तरह से जोड़कर काम में लिया गया है। पूरे गांव के लिए यह नेटवर्क एक संजीवनी की तरह है, लेकिन यह गांव की समस्याओं को पूरी तरह से दूर नहीं कर पा रहा है।

Bihar Politics: ‘निशांत का राजनीति में स्वागत है…’ बोले मंत्री रामदास अठावले, विपक्ष पर भी जमकर बरसे

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केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले आज पटना पहुंचे। इस दौरान उन्होंने दिल्ली विधानसभा चुनाव पर कहा कि, दिल्ली विधानसभा चुनाव में मुझे लगता है बीजेपी जीतेगी.. केजरीवाल जी ने दिल्ली का काफी नुकसान किया है। दिल्ली वालों को जो वादा किया था उसको पूरा नहीं किया है, इसलिए दिल्ली की जनता चाहती है कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीजेपी सत्ता आनी चाहिए.. इसलिए वहां अरविंद केजरीवाल की हार होगी, वहां बीजेपी की सरकार आएगी।

“खतरे में कांग्रेस पार्टी”

राहुल गांधी के बयानों पर अठावले ने कहा कि, राहुल गांधी कहते हैं कि संविधान खतरे में है लेकिन पूरा देश जानता है कि भारत का संविधान खतरे में बिल्कुल नहीं है। सिर्फ राहुल गांधी खतरे में है। कांग्रेस पार्टी और अपोजिशन खतरे में है, इसलिए बाबा साहब का संविधान कभी खतरे में नहीं आ सकता।

अमृतसर की घटना को मंत्री ने बताया निदंनीय

वहीं अमृतसर में बाबासाहेब अंबेडकर की प्रतिमा तोड़े जाने की घटना पर मंत्री आठवले ने दुःख जाहिर किया। अठावले ने कहा है कि, अमृतसर में जो भी घटना घटी है, वह निंदनीय है काफी दुखदाई है। बाबा साहब के मूर्ति को तोड़ने की घटना हुई है, बहुत गंभीर बात है। जो पंजाब की सरकार है वहां अनदेखी कर रही है। मुझे लगता है जिन लोगों ने इसको किया है उसको फांसी की सजा मिलनी चाहिए और भगवंत मान जो वहां के मुख्यमंत्री हैं उनको इस्तीफा दे देना चाहिए। उनके राज्य में इस तरह बाबा साहब के साथ होना यह अच्छी बात नहीं है। उनको इस्तीफा दे देना चाहिए।

 

“निशांत का राजनीति में स्वागत है”

वहीं इस दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत के राजनीति में एंट्री को लेकर अठावले ने कहा कि, राजनीति में आते हैं तो उनका स्वागत है, क्योंकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी का बहुत अच्छा काम चल रहा है और वह हम हमारे एनसीए के साथ है। अगर उनका लड़का राजनीति में आता है तो उनका स्वागत करते हैं। वहीं बिहार विधानसभा चुनाव पर आठवले ने कहा कि, इस चुनाव में एनडीए जीतेगी। हमारी एनडीए की सरकार आएगी।

श्रीलंकाई नौसेना की गोलीबारी में 5 मछुआरे घायल, भारत ने दूत को तलब किया

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मंगलवार सुबह डेल्फ़्ट द्वीप के नज़दीक श्रीलंकाई नौसेना द्वारा की गई गोलीबारी में पांच भारतीय मछुआरे घायल हो गए, जिनमें से दो गंभीर रूप से घायल हैं, जिस पर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। नई दिल्ली में द्वीप राष्ट्र के कार्यवाहक उच्चायुक्त को विदेश मंत्रालय (एमईए) में तलब किया गया और शीर्ष राजनयिक के समक्ष कड़ा विरोध दर्ज कराया गया। अपनी प्रतिक्रिया में भारत ने कहा कि किसी भी परिस्थिति में बल प्रयोग “स्वीकार्य” नहीं है।

इसमें कहा गया है, “आज सुबह डेल्फ़्ट द्वीप के नज़दीक 13 भारतीय मछुआरों को पकड़ने के दौरान श्रीलंकाई नौसेना द्वारा गोलीबारी की घटना की सूचना मिली है।” इसमें कहा गया है, “मछली पकड़ने वाली नाव पर सवार 13 मछुआरों में से दो गंभीर रूप से घायल हो गए हैं और वर्तमान में जाफ़ना टीचिंग अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है।” इसमें कहा गया है कि तीन अन्य मछुआरों को मामूली चोटें आईं हैं और उनका इलाज किया जा रहा है।

‘दूतावास ने घायलों का हालचाल जाना’ 
जाफना में भारतीय वाणिज्य दूतावास के अधिकारियों ने घायल मछुआरों से अस्पताल में मुलाकात की और उनका हालचाल जाना तथा मछुआरों और उनके परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान की। विदेश मंत्रालय ने कहा, “नई दिल्ली में श्रीलंका के कार्यवाहक उच्चायुक्त को आज सुबह विदेश मंत्रालय में बुलाया गया और इस घटना पर कड़ा विरोध दर्ज कराया गया।” कोलंबो में भारतीय उच्चायोग ने भी इस मामले को श्रीलंका के विदेश मंत्रालय के समक्ष उठाया है।

बल का प्रयोग स्वीकार्य नहीं- विदेश मंत्रालय 
भारतीय रीडआउट में कहा गया है, “भारत सरकार ने हमेशा मछुआरों से संबंधित मुद्दों को मानवीय और मानवीय तरीके से निपटाने की आवश्यकता पर जोर दिया है, जिसमें आजीविका संबंधी चिंताओं को ध्यान में रखा गया है।” विदेश मंत्रालय ने कहा, “किसी भी परिस्थिति में बल का प्रयोग स्वीकार्य नहीं है। इस संबंध में दोनों सरकारों के बीच मौजूदा समझ का सख्ती से पालन किया जाना चाहिए।”

ढाबे के बैनर पर छपा ‘All diseases available’, सोशल मीडिया पर मच गया हंसी का तूफान!

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सोशल मीडिया पर मजेदार फोटो और वीडियो का सिलसिला लगातार जारी रहता है। इन प्लेटफॉर्म्स पर ऐसी पोस्ट्स तेजी से वायरल होती हैं जो लोगों को हंसी में डाल देती हैं। हाल ही में एक ऐसी ही वायरल पोस्ट सामने आई है, जो एक ढाबे के बैनर की गलती से संबंधित है।

आपने आमतौर पर देखा होगा कि ढाबे, रेस्टोरेंट्स और खाने-पीने की दुकानों पर खाने के आइटम्स की लिस्ट एक बैनर पर लगी होती है, ताकि ग्राहक जान सकें कि वहां कौन-कौन सी डिश उपलब्ध हैं। ढाबे के मालिक बैनर पर अलग-अलग व्यंजनों के नाम लिखते हैं और उनके सामने छोटे-छोटे चित्र भी लगवाते हैं ताकि ग्राहक को समझने में आसानी हो। लेकिन हाल ही में एक ढाबे के बैनर पर एक बड़ी गलती हो गई, जिसके चलते यह फोटो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई। बैनर पर आमतौर पर ‘All dishes available’ लिखा जाना चाहिए था, लेकिन गलती से वहां ‘All diseases available’ लिखा गया। यह टाइपिंग की गलती इतनी मजेदार साबित हुई कि यूजर्स इसे देखकर हंसी नहीं रोक पा रहे हैं।

यह वायरल फोटो एक्स प्लेटफॉर्म (पूर्व में ट्विटर) पर @VishalMalvi_ नाम के अकाउंट से पोस्ट की गई। पोस्ट करते हुए कैप्शन में लिखा गया, “इतना सच नहीं बोलना था ब्रो।” यह कैप्शन बैनर पर लिखी गई गलती को लेकर मजाकिया अंदाज में था। जैसे ही यह पोस्ट वायरल हुआ, यूजर्स ने इस पर अपनी प्रतिक्रियाएं देना शुरू कर दिया। एक यूजर ने लिखा, “मुझे इसकी ईमानदारी पसंद आई,” तो दूसरे ने टिप्पणी की, “इतना सच काम खराब कर सकता है।” एक और यूजर ने मजाक करते हुए लिखा, “भाई इंग्लिश एलिगिबिलिटी मांग रही है।”

इसके अलावा, कई अन्य यूजर्स ने इस गलती पर हंसी के साथ अपने विचार साझा किए। कुछ ने तो इसे “असली” और “ईमानदार” भी बताया, जबकि कुछ ने कहा कि यह गलती ढाबे के लिए परेशानी का कारण बन सकती है। यह गलती हालांकि बेहद साधारण सी थी, लेकिन सोशल मीडिया पर इसने बहुत ध्यान खींचा। यूजर्स ने इस बैनर की तस्वीर को विभिन्न मीम्स और कमेंट्स के साथ शेयर किया, जिससे यह वायरल हो गया।सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद, यह पोस्ट ढाबे के मालिक के लिए एक नई समस्या बन सकती है, क्योंकि खाने के व्यंजनों के प्रचार में “diseases” का शब्द सही नहीं माना जाएगा।

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