Monday, June 29, 2026
Home Blog Page 1319

घर में आकर पत्नी के साथ करता था ये हरकत…गुस्से में पति ने शख्स को घर बुला पिलाई शराब और फिर…

महाराष्ट्र के ठाणे से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक 30 वर्षीय व्यक्ति ने अपने 29 वर्षीय परिचित की हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार, मृतक अक्सर आरोपी के घर आता था और उसकी पत्नी को परेशान करता था, जिसके कारण पति-पत्नी के बीच तनाव और झगड़े बढ़ रहे थे।

यह घटना 11 जनवरी को सामने आई, जब सुकांत शत्रुघ्न परिदा नामक व्यक्ति की मौत आरोपी नरेश शंभू भगत के घर में हुई। हत्या के बाद भगत ने खुद पुलिस को इसकी जानकारी दी। पुलिस ने शुरुआत में इसे आकस्मिक मौत का मामला मानते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।

हत्या की वजह और पुलिस जांच
जांच के दौरान, पुलिस ने कई सुराग जुटाए और नरेश भगत को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने बताया कि मृतक सुकांत अक्सर उसके घर आता था और उसकी पत्नी को परेशान करता था। यह स्थिति भगत के लिए असहनीय हो गई थी। 10 जनवरी की रात, भगत ने सुकांत को अपने घर बुलाया। वहां उसे शराब पिलाई और फिर हथौड़े और लोहे की रॉड से सिर पर हमला कर उसकी हत्या कर दी।

पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। शव का पोस्टमार्टम रिपोर्ट आना बाकी है, जो जांच में और स्पष्टता लाएगी। यह घटना रिश्तों में बढ़ते तनाव और असहिष्णुता की गंभीर तस्वीर पेश करती है, जो अक्सर ऐसे जघन्य अपराधों का कारण बनती है।

महाकुंभ 2025 के अवसर पर स्कूली बच्चों के लिए शुरु हुआ Quiz Competition, जानें कैसे ले हिस्सा

स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग ने कक्षा 6 से 8 तक के छात्रों को महाकुंभ 2025 के विषय पर आयोजित होने वाले एक रोचक क्विज़ में भाग लेने का निमंत्रण दिया है। यह क्विज़ DIKSHA पोर्टल पर आयोजित किया जाएगा और इसका मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को महाकुंभ 2025 के आध्यात्मिक महत्व, मूल्यों और भारत की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर से अवगत कराना है।

महाकुंभ एक महत्वपूर्ण धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन है, जो हर 12 साल में एक बार आयोजित होता है। यह अवसर देश के लाखों श्रद्धालुओं को एकत्रित करता है, जो अपनी आस्था और आध्यात्मिक अनुभवों को साझा करने के लिए आते हैं। महाकुंभ 2025 का आयोजन उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में होगा, और यह आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति और परंपराओं का प्रतीक भी है। इस क्विज़ के माध्यम से छात्रों को महाकुंभ के आध्यात्मिक महत्व को समझने का मौका मिलेगा।

बच्चों को मिलेगा भारतीय संस्कृति से जुड़ने का अवसर

इस क्विज़ का उद्देश्य विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, धर्म और परंपराओं के बारे में अधिक जानकारी देना है। छात्रों को महाकुंभ के साथ जुड़ी विभिन्न मान्यताओं, इतिहास और भारतीय समाज में इसके प्रभाव के बारे में बताया जाएगा। इसके माध्यम से बच्चे अपने देश की सांस्कृतिक धरोहर को समझ सकेंगे और उनकी जागरूकता भी बढ़ेगी।

साथ ही, यह क्विज़ विद्यार्थियों को यह समझने में मदद करेगा कि महाकुंभ का आयोजन न केवल एक धार्मिक अनुष्ठान है, बल्कि यह सामाजिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक दृष्टिकोण से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह क्विज़ छात्रों को उनके आसपास की दुनिया के बारे में विचार करने का एक अद्भुत अवसर प्रदान करेगा।

DIKSHA पोर्टल: सीखने का डिजिटल अनुभव

DIKSHA पोर्टल, जो भारतीय शिक्षा प्रणाली का एक प्रमुख हिस्सा है, छात्रों को एक बेहतर और इंटरेक्टिव शिक्षा अनुभव प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इस पोर्टल पर आयोजित होने वाला यह क्विज़ न केवल बच्चों को महाकुंभ 2025 के बारे में जानने का अवसर देगा, बल्कि उन्हें डिजिटल माध्यम से सीखने के एक नए और मजेदार तरीके से भी जोड़ने में मदद करेगा। इस क्विज़ में भाग लेने से विद्यार्थियों को न केवल महाकुंभ की धार्मिक और सांस्कृतिक जानकारी प्राप्त होगी, बल्कि वे प्रतियोगिता के रूप में अपनी समझ को और भी मजेदार तरीके से परख सकेंगे। इसके माध्यम से वे अपने ज्ञान का विस्तार करेंगे और साथ ही अपने साथियों के साथ एक स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का हिस्सा बन सकेंगे।

कैसे भाग लें

इस क्विज़ में भाग लेने के लिए छात्रों को DIKSHA पोर्टल पर लॉगिन करना होगा। पोर्टल पर उपलब्ध महाकुंभ 2025 के विषय पर आधारित क्विज़ में छात्रों को विभिन्न सवालों का उत्तर देना होगा। इसमें सही उत्तर देने पर उन्हें अंक मिलेंगे और अंत में उन छात्रों को पुरस्कार भी दिया जाएगा, जिन्होंने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है। यह प्रतियोगिता विद्यार्थियों को अपनी अकादमिक क्षमता को चुनौती देने और उसे बढ़ाने का एक बेहतरीन अवसर प्रदान करती है।

Mahakumbh 2025:फैमिली संग सिद्धार्थ निगम का शाही स्नान, त्रिवेणी संगम में लगाई आस्था की डुबकी, कहा- ‘चिंता दूर हुई’

12 साल के इंतजार के बाद महाकुंभ 2025 की शुरुआत हो गई है।  अमृत स्नान में करोड़ों सनातनी संगम बढ़ चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं।आज पहला अमृत स्नान (शाही स्नान) आयोजित किया जाएगा।  संगम पर लाखों श्रद्धालुओं ने पवित्र गंगा, यमुन और सरस्वती के संगम में डुबकी लगाई। इस लिस्ट में ‘किसी का भाई किसी की जान’ और ‘धूम 3’ जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों में काम कर चुके  सिद्धार्थ निगम का नाम भी शामिल है। सिद्धार्थ निगम ने महाकुंभ 2025 की कुछ तस्वीरें शेयर की हैं जिसमें उनका परिवार भी दिखाई दे रहा है। सिद्धार्थ निगम ने अपनी मां और भाई अभिषेक निगम के साथ प्रयागराज में पवित्र त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाई।

सिद्धार्थ अपनी फैमली संग इस ऐतिहासिक दिन का हिस्सा बनने के लिए बीते दिन पहुंचे थे और इस बात की जानकारी खुद एक्टर ने अपने सोशल मीडिया पर दी है। सिद्धार्थ ने लिखा- ‘महाकुंभ के दौरान त्रिवेणी संगम में पवित्र स्नान करने का एक्सपीरियंस शब्दों में बयां करना मेरे लिए बहुत मुश्किल है। गंगा, यमुना और सरस्वती के संगम पर खड़े होकर, मुझे शांति और सुकून महसूस हुआ है, जैसे कि पवित्र जल न केवल शारीरिक अशुद्धियों को बल्कि भीतर की चिंता और बोझ को धो रहा हो। मेरी हर चिंता दूर हो गई है।’

सिद्धार्थ आगे लिखते हैं- ‘यह एक परंपरा नहीं है, जिसे सिर्फ निभाना है। यह एक आध्यात्मिक जागृति है, ये एक ऐसा पल है जहां आप ईश्वर को खुद से जोड़ते हैं। मैं विश्वास और आशा से एकजुट असंख्य भक्तों की ऊर्जा को उस वक्त महसूस कर सकता था, जिसने इस अनुभव को और भी शानदार बना दिया।’

सिद्धार्थ आगे लिखते हैं- ‘यह एक परंपरा नहीं है, जिसे सिर्फ निभाना है। यह एक आध्यात्मिक जागृति है, ये एक ऐसा पल है जहां आप ईश्वर को खुद से जोड़ते हैं। मैं विश्वास और आशा से एकजुट असंख्य भक्तों की ऊर्जा को उस वक्त महसूस कर सकता था, जिसने इस अनुभव को और भी शानदार बना दिया।’

सिद्धार्थ के वर्कफ्रंट की बात करें तो टीवी इंडस्ट्री के नामी एक्टर  ‘चक्रवर्ती अशोक सम्राट’ और ‘अलादीन: नाम तो सुना होगा’ में नजर आ चुके हैं।

Mata Vaishno Devi : खुल गए प्राचीन गुफा के कपाट, दर्शन होंगे या नहीं, जानने के लिए पढ़ें पूरी खबर

0

मां वैष्णो देवी के दर्शनों को आने वाले श्रद्धालुओं को हर वर्ष पुरानी गुफा से दर्शनों का इंतजार रहता है। वहीं मकर सक्रांति के उपलक्ष पर मंगलवार को श्राइन बोर्ड द्वारा विधिवत पूजा अर्चना के साथ प्राकृतिक गुफा के कपाट भत्तों के लिए खोल दिए हैं।

जानकारी के अनुसार पुरानी गुफा की विधिवत पूजा अर्चना के दौरान सी.ई.ओ. बोर्ड अंशुल गर्ग सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी में मौजूद रहे। जिनके द्वारा विधि बंद पूजा अर्चना के बाद पुरानी गुफा के कपाट खोले गए।

वहीं श्राइन बोर्ड के सी.ई.ओ. अंशुल गर्ग के अनुसार पुरानी गुफा से भक्तों को दर्शनों के मौका तभी मिलेगा जब यात्रा का आंकड़ा प्रतिदिन 10,000 से कम होगा। अगर यात्रा का आंकड़ा अधिक होगा तो भक्तों को नई गुफा से ही दर्शन करने होंगे।

मौजूदा समय की बात करें तो प्रतिदिन 15,000 के करीब श्रद्धालु मां भगवती के दरबार में पहुंच रहे हैं। ऐसे में जब यात्रा का आंकड़ा प्रतिदिन 10,000 से अधिक होगा तो पुरानी गुफा को भक्तों के लिए नहीं खोला जाएगा।

Mahakumbh 2025 : विदेशी युवतियों ने किया कालभैरवाष्टकम का पाठ, वायरल वीडियो आया सामने

प्रयागराज  में चल रहे महाकुंभ मेले में न सिर्फ देश-विदेश से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं, बल्कि भारतीय संस्कृति के प्रति वैश्विक आस्था और श्रद्धा का भी अनोखा उदाहरण देखने को मिल रहा है। इस बार महाकुंभ में विदेशी युवतियों ने कालभैरवाष्टकम का पाठ कर न केवल भारतीय संस्कृति की महिमा का सम्मान किया, बल्कि दुनिया भर में भारत की धार्मिक धरोहर को और अधिक मजबूत किया।

कालभैरवाष्टकम का महत्व क्या है?

कालभैरवाष्टकम, भगवान शिव के एक रूप कालभैरव से संबंधित एक भव्य और दिव्य स्तोत्र है, जिसे आठ श्लोकों के रूप में लिखा गया है। इसे शिवभक्तों द्वारा विशेष रूप से पूजा में गाया जाता है। यह स्तोत्र किसी भी प्रकार के संकट और भय को नष्ट करने में सहायक माना जाता है, और इसके पाठ से भक्तों की आत्मशक्ति में वृद्धि होती है।

महाकुंभ में विदेशी श्रद्धालुओं का जमावड़ा

महाकुंभ, जो भारत के सबसे बड़े धार्मिक आयोजन के रूप में जाना जाता है, इस बार भी विभिन्न देशों से आए श्रद्धालुओं का स्वागत कर रहा है। यहां आए एक समूह ने कालभैरवाष्टकम का पाठ किया, जिससे उनके भारतीय संस्कृति के प्रति प्रेम और श्रद्धा की झलक मिली। इन विदेशी युवतियों ने न केवल संस्कृत के श्लोकों को सही तरीके से उच्चारित किया, बल्कि भारतीय धार्मिकता और पूजा पद्धतियों के प्रति अपनी गहरी श्रद्धा व्यक्त की।

भारतीय संस्कृति का गौरव बढ़ाया

प्रियंका मिश्रा नाम की एक यूजर ने अपने सोशल मीडिया पर इस घटना को साझा करते हुए लिखा, “विदेशी युवतियों ने कालभैरवाष्टकम का पाठ कर भारतीय संस्कृति का गौरव बढ़ाया। यह उदाहरण दर्शाता है कि भारत की संस्कृति का आकर्षण और प्रभाव केवल भारतीयों तक सीमित नहीं है, बल्कि दुनिया भर में इसे सम्मान और श्रद्धा मिल रही है।”

महाकुंभ मेला एक ऐसा आयोजन है, जहां न केवल भारतीय बल्कि विदेशी पर्यटक भी अपनी आस्था व्यक्त करने आते हैं। इस बार भी महाकुंभ में विदेशी श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या ने भारतीय धार्मिकता के प्रति उनकी गहरी रुचि को दर्शाया।

एकता और सांस्कृतिक समृद्धि का संदेश

इस विशेष घटना ने यह संदेश भी दिया कि धर्म और संस्कृति की कोई सीमाएं नहीं होतीं। जब विभिन्न देशों की महिलाएं भारतीय शास्त्रों के श्लोकों का उच्चारण करती हैं, तो यह भारत की सांस्कृतिक समृद्धि और वैश्विक एकता का प्रतीक बनता है। कालभैरवाष्टकम का पाठ इन विदेशी युवतियों द्वारा किया गया और वह भी महाकुंभ के पवित्र स्थल पर, इसने यह सिद्ध कर दिया कि संस्कृति और श्रद्धा में कोई भेद नहीं होता, यह हर मानव हृदय में समाहित हो सकती है।

Rupee Hits Life Time Low: रुपये में गिरावट के पीछे के कारण… आखिर कहां तक गिरेगा रुपया?

0

भारतीय रुपये की गिरावट थमने का नाम नहीं ले रही है। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में आज रुपये में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। रुपया 57 पैसे टूटकर 86.61 प्रति डॉलर के नए सर्वकालिक निचले स्तर पर बंद हुआ। यह स्थिति करीब दो वर्षों में सबसे बड़ी गिरावट मानी जा रही है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि मिड टर्म में रुपया 88 प्रति डॉलर तक गिर सकता है। इस गिरावट की वजहें और इसके प्रभाव पर एक नजर डालते हैं।

मुद्रा की कीमत में उतार-चढ़ाव का गणित
विदेशी मुद्रा बाजार में किसी भी मुद्रा की कीमत उसकी मांग और आपूर्ति के आधार पर तय होती है। जब किसी मुद्रा की मांग बढ़ती है और आपूर्ति सीमित रहती है, तो उसकी कीमत चढ़ जाती है। इसके विपरीत, मांग घटने पर उसकी कीमत गिरती है। वस्तु बाजार और विदेशी मुद्रा बाजार के बीच मुख्य अंतर यह है कि विदेशी मुद्रा बाजार में वस्तुओं की जगह मुद्राओं का लेनदेन होता है।

रुपये में गिरावट के पीछे के कारण
रुपये की मौजूदा कमजोरी का मुख्य कारण भारत से विदेशी निवेशकों द्वारा पूंजी का बड़ा निकास है। वैश्विक निवेशक विभिन्न देशों की मौद्रिक नीतियों में बदलाव के कारण अपने निवेश स्थान बदल रहे हैं। साथ ही, अमेरिकी डॉलर इंडेक्स लगातार मजबूत हो रहा है, जो छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की ताकत को दर्शाता है। यह इंडेक्स 109.01 के स्तर पर पहुंच गया है। इसके अलावा, 10 साल के अमेरिकी बॉन्ड पर यील्ड भी 4.69 प्रतिशत तक बढ़ गई है, जिससे रुपये पर दबाव बढ़ा है।

रुपये में कमजोरी का असर
रुपये की कमजोरी का सीधा असर अर्थव्यवस्था, आम लोगों और व्यापार पर पड़ता है। आयात महंगा हो जाता है, जिससे घरेलू बाजार में वस्तुओं की कीमत बढ़ती है। विशेष रूप से कच्चे तेल का आयात महंगा होने से व्यापार घाटा बढ़ सकता है।

रुपये की गिरावट से विदेश यात्रा, विदेश में पढ़ाई, और आयातित वस्तुओं पर खर्च बढ़ जाता है। दूसरी ओर, निर्यातकों को फायदा होता है, क्योंकि उनके उत्पाद वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धी दामों पर उपलब्ध हो जाते हैं।

रुपये की गिरावट:   असर

महंगाई में वृद्धि:
रुपये की कमजोरी के चलते आयातित वस्तुएं महंगी हो रही हैं, जिसका सीधा असर रोजमर्रा की जरूरतों पर पड़ रहा है।

विदेशी शिक्षा और यात्रा:
विदेश में पढ़ाई और यात्रा का खर्च बढ़ जाएगा।

तेल आयात महंगा:
भारत कच्चे तेल का बड़ा आयातक है। कमजोर रुपये के कारण पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ सकती हैं।

निर्यातकों को फायदा:
रुपये की गिरावट से निर्यातकों को लाभ होता है, क्योंकि उनके उत्पाद विदेशी बाजारों में सस्ते हो जाते हैं।

Gold Price Today: सोने-चांदी की कीमतों में बदलाव, जानें 14 जनवरी को क्या है नया भाव

0

मकर संक्रांति के दिन आज सोने की कीमत में तेजी देखी जा रही है जबकि चांदी में 0.19 फीसदी की गिरावट है। MCX पर सोना 0.13 फीसदी बढ़त के साथ 78,270 रुपए प्रति 10 ग्राम जबकि चांदी 90,342 रुपए प्रति किलोग्राम पर है।

2024 में गोल्ड ने 20% और सिल्वर ने 17% का रिटर्न दिया

बीते साल सोने का भाव 20.22% बढ़ा। वहीं, चांदी की कीमत में 17.19% की बढ़ोतरी हुई। 1 जनवरी 2024 को सोना 76,583 रुपए प्रति 10 ग्राम पर था, जो 31 दिसंबर 2024 को 76,948 रुपए प्रति 10 ग्राम पहुंच गया। वहीं इस दौरान, एक किलो चांदी की कीमत 73,395 रुपए प्रति किलोग्राम से बढ़कर 86,017 रुपए प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई।

सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें

हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। सोने पर 6 अंकों का हॉलमार्क कोड रहता है। इसे हॉलमार्क यूनीक आइडेंटिफिकेशन नंबर यानी HUID कहते हैं। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह होता है- AZ4524। हॉलमार्किंग के जरिए ये पता करना संभव है कि कोई सोना कितने कैरेट का है।

Indian currency: दो साल की सबसे बड़ी गिरावट के बाद रुपया मजबूत, डॉलर के मुकाबले 21 पैसे चढ़ा

0

अमेरिकी मुद्रा में गिरावट तथा कच्चे तेल की कीमतों में नरमी के बीच रुपया मंगलवार को शुरुआती कारोबार में अपने अब तक के सबसे निचले स्तर से उबरकर 21 पैसे मजबूत हुआ और 86.49 प्रति डॉलर पर पहुंच गया। विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने बताया कि भारतीय मुद्रा को मुद्रास्फीति के सकारात्मक आंकड़ों और घरेलू बाजारों में कुछ सुधार से समर्थन मिला, हालांकि विदेशी पूंजी की निकासी अब भी उस पर दबाव बनाती रही।

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 86.57 प्रति डॉलर पर खुला। शुरुआती सौदों के बाद डॉलर के मुकाबले 86.49 पर पहुंच गया जो पिछले बंद भाव के मुकाबले 21 पैसे की बढ़त दर्शाता है। रुपए में एक सत्र में करीब दो साल की सबसे बड़ी गिरावट सोमवार को दर्ज की गई। वह 66 पैसे की गिरावट के साथ अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 86.70 के सर्वकालिक निचले स्तर पर बंद हुआ था। रुपया 30 दिसंबर को 85.52 के स्तर पर बंद होने के बाद से पिछले दो सप्ताह में एक रुपए से अधिक की बड़ी गिरावट देख चुका है। रुपया पहली बार 19 दिसंबर 2024 को 85 प्रति डॉलर के पार गया था।

इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.37 प्रतिशत की गिरावट के साथ 109.41 पर रहा। अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड 0.28 प्रतिशत की गिरावट के साथ 80.78 डॉलर प्रति बैरल के भाव पर रहा। शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) सोमवार को बिकवाल रहे थे और उन्होंने शुद्ध रूप से 4,892.84 करोड़ रुपए के शेयर बेचे।

Taxpayers ने भर दी सरकार की झोली, Direct Tax Collection में शानदार बढ़ोतरी

0

चालू वित्त वर्ष में देश के प्रत्यक्ष कर संग्रह (Direct Tax Collection) में शानदार बढ़ोतरी देखने को मिली है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) के आंकड़ों के मुताबिक, 12 जनवरी 2025 तक शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह 15.88% बढ़कर लगभग 16.90 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। इसमें व्यक्तिगत आयकर से जुड़ा गैर-कंपनी कर संग्रह 8.74 लाख करोड़ रुपए से अधिक रहा। इसके साथ ही, शुद्ध कॉरपोरेट कर संग्रह लगभग 7.68 लाख करोड़ रुपए और प्रतिभूति लेनदेन कर (STT) संग्रह 44,538 करोड़ रुपए दर्ज किया गया।

इस अवधि के दौरान 3.74 लाख करोड़ रुपए से अधिक के ‘रिफंड’ जारी किए गए। यह एक साल पहले इसी अवधि की तुलना में 42.49 प्रतिशत अधिक है। एक अप्रैल से 12 जनवरी के बीच सकल प्रत्यक्ष कर संग्रह 20 प्रतिशत बढ़कर 20.64 लाख करोड़ रुपए से अधिक रहा है। सरकार ने चालू वित्त वर्ष में प्रत्यक्ष करों से 22.07 लाख करोड़ रुपए जुटाने का लक्ष्य रखा है। इसमें 10.20 लाख करोड़ रुपए का कॉरपोरेट कर संग्रह, 11.87 लाख करोड़ रुपए का व्यक्तिगत आयकर और अन्य कर शामिल हैं।

पर्सनल इनकम टैक्स

नॉन-कॉरपोरेट टैक्स में तेजी देखी गई है। इसमें पर्सनल इनकम टैक्स भी शामिल है। कुल संग्रह बढ़कर 10.45 लाख करोड़ रुपए रहा जो पिछले साल समान अवधि में 8.58 लाख करोड़ रुपए था। इस सेगमेंट में नेट कलेक्शन में 15.88 फीसदी तेजी के साथ 8.74 लाख करोड़ रुपए पहुंच गया जो पिछले साल 7.19 लाख करोड़ रुपए था। डायरेक्ट टैक्स में कॉरपोरेट टैक्स, पर्सनल इनकम टैक्स, सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स, इक्विलाइजेशन लेवी, फ्रिंज बेनिफिट्स टैक्स, वेल्थ टैक्स, बैंकिंग कैश ट्रांजैक्शन टैक्स, होटल रिसीट टैक्स, इंटरेस्ट टैक्स, एक्सपेंडीचर टैक्स, एस्टेट ड्यूटी और गिफ्ट टैक्स आते हैं।

FY25 में GDP वृद्धि चार साल के निचले स्तर पर पहुंचने का अनुमान

0

भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि वित्त वर्ष 2024-25 में तेजी से धीमी होकर 6.4% रहने का अनुमान है, जो पिछले वित्त वर्ष 2023-24 में 8.2% की वृद्धि से काफी कम है। यह वृद्धि दर चार साल का सबसे कम स्तर है और आरबीआई के 6.6% अनुमान से भी नीचे है, जिससे विभिन्न क्षेत्रों में चिंता बढ़ रही है।

क्षेत्रीय वृद्धि में मंदी

इन्फोमेरिक्स रेटिंग्स के चीफ इकोनॉमिस्ट डॉ. मनोरणजन शर्मा के अनुसार, “भारतीय GDP में 6.4% की वृद्धि होने का अनुमान है, जो FY24 में 7.2% थी। यह महामारी के बाद से सबसे धीमी वृद्धि दर है और प्रमुख क्षेत्रों में मंथन को दर्शाता है।”

कृषि क्षेत्र में 3.8% की वृद्धि की उम्मीद है, जबकि विनिर्माण, खनन, निर्माण और बिजली क्षेत्र में धीमी वृद्धि का अनुमान है। विनिर्माण क्षेत्र में वृद्धि 5.3% रहने का अनुमान है, जो पिछले साल के 9.9% से कम है, जबकि खनन क्षेत्र में 2.9% और निर्माण क्षेत्र में 8.6% की वृद्धि का अनुमान है।

उपभोक्ता व्यवहार में बदलाव

ग्रेट लेक्स इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट के डॉ. वीपी सिंह ने उपभोक्ता व्यवहार में बदलाव के प्रभाव को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, “उपभोक्ताओं के प्रीमियम उत्पादों की ओर बढ़ने से उद्योग को बदलती प्राथमिकताओं के अनुसार जल्दी अनुकूलित होने की जरूरत है।”

एफएमसीजी और ऑटो सेक्टर में बिक्री में गिरावट केवल कम आय के कारण नहीं है, बल्कि उपभोक्ता की प्राथमिकताएं बदलने से भी है।

शेयर बाजार और व्यापक अर्थव्यवस्था पर असर

रेलीगेर ब्रोकिंग के एसवीपी, रिसर्च, अजीत मिश्रा ने कहा, “FY25 के लिए भारतीय GDP वृद्धि अनुमान 6.4% होने से निवेशक की भावना प्रभावित हो सकती है। इसका असर खासकर विनिर्माण क्षेत्र में देखा जा सकता है, जो धीमी अर्थव्यवस्था से प्रभावित हो सकता है।”

आगे चलकर, विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) का रुख भी प्रभावित हो सकता है, क्योंकि मंदी का डर और कंपनियों के मुनाफे में गिरावट का असर बाजार पर पड़ेगा।

- Advertisement -

News of the Day