Friday, March 20, 2026
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ENTERTAINMENT : गुंडों के बीच फंसी तान्या मित्तल, छोटा डॉन बनकर बचाने आए राजपाल यादव

राजपाल यादव, जो 9 करोड़ के कर्ज मामले में जेल जा चुके हैं और अब जमानत पर बाहर हैं. वो प्रोफेशनल लाइफ में व्यस्त हो चुके हैं. हाल ही में वे बिग बॉस 19 फेम तान्या मित्तल के साथ एक ब्यूटी-ग्रूमिंग ऐप के विज्ञापन में नजर आए.

9 करोड़ के कर्ज मामले में राजपाल यादव को जेल जाना पड़ा था. इस वक्त वो जमानत पर बाहर हैं. जेल से बाहर निकलने के बाद राजपाल प्रोफेशनल लाइफ में बिजी हो चुके हैं. फैन्स को हैरानी तब हुई जब राजपाल को बिग बॉस 19 फेम तान्या मित्तल के साथ देखा गया. आपके मन में ये ख्याल आना जायज है कि आखिर वो तान्या मित्तल के साथ क्या कर रहे हैं.

असल में राजपाल यादव और तान्या मित्तल एक ब्यूटी-ग्रूमिंग ऐप के विज्ञापन के लिए साथ आए हैं. एक्टर ने विज्ञापन का वीडियो इंस्टाग्राम पर शेयर किया है. इसमें दिखाया जाता है कि तान्या गुंडों के बीच फंस जाती हैं. गुंडों ने उन्हें जोर से पकड़ा हुआ है. वो खुद को बचाने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन बच नहीं पा रही हैं.

तान्या को मुश्किल में देख छोटा डॉन (राजपाल यादव) आते हैं. छोटा डॉन को देखकर गुंडे डर जाते हैं. इसके बाद राजपाल गुंडो की जमकर पिटाई करते हैं और तान्या को बचा लेते हैं. प्रोमो के एंड में तान्या घर पर ब्यूटी सर्विस लेती नजर आ रही हैं. वो फेशियल करने वाली प्रोफेशनल को उनके साथ हुई घटना की कहानी सुनाती दिखती हैं.

तान्या और राजपाल यादव को साथ देखना फैन्स के लिए बड़ा सरप्राइज है. फैन्स ने वीडियो पर कमेंट करते हुए कहा कि तान्या की परफॉर्मेंस लाजवाब है. एक फैन ने लिखा कि क्या कमबैक है. कई लोगों ने लिखा इस कोलैब की उम्मीद नहीं थी, तान्या और राजपाल ये कब हुआ. कुछ लोगों ने चुटकी लेते हुए कहा कि छोटा डॉन के साथ अच्छे वाले गुंडे लाने चाहिए थे.

राजपाल यादव बेहतरीन एक्टर हैं और ये किसी को बताने की जरूरत नहीं है. उनकी कई मूवीज रिलीज को तैयार हैं. लेकिन बिग बॉस 19 के बाद तान्या की किस्मत के जो सितारे चमके हैं, उसका कोई जवाब नहीं है.

SURAT : पिता घोंटता रहा सास का गला, बेटी देखती रही… दिल दहला देगी सूरत मर्डर केस की सनसनीखेज कहानी

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सूरत में हमीदा खातून की हत्या के मामले में बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. बेटे, बहू और समधी ने मिलकर गला घोंटकर महिला की हत्या की और लाश को बोरे में भरकर फेंक दिया गया था. पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. पढ़ें इस खूनी साजिश की पूरी कहानी.

सूरत के अमरोली इलाके में मौजूद कोसाड आवास कॉलोनी में 11 मार्च 2026 की सुबह उस वक्त सनसनी फैल गई, जब सफाई कर्मचारियों को सड़क किनारे एक संदिग्ध बोरा दिखाई दिया. शुरुआत में किसी को अंदाजा नहीं था कि उस बोरे के अंदर क्या हो सकता है. लेकिन उस बोरे में एक खौफनाक राज छिपा था. जब कर्मचारियों ने बोरा खोलकर देखा तो सबके होश उड़ गए. बोरे में एक महिला की लाश थी, जिसके हाथ और पैर रस्सियों से कसकर बांधे गए थे.

लाश देखकर कर्मचारियों ने फौरन पुलिस को सूचना दी. कुछ ही देर में पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की. तफ्तीश के कुछ ही घंटों में यह साफ हो गया कि यह कोई साधारण मौत नहीं, बल्कि एक सोची-समझी हत्या का मामला है. सबसे पहले पुलिस ने शिनाख्त की कार्रवाई को अंजाम दिया. पता चला कि मरने वाली महिला हमीदा खातून मंसूरी थी, जो उसी कॉलोनी में अपने परिवार के साथ रहती थीं.

दरअसल, हमीदा खातून मंसूरी करीब 57 साल की थीं और अपने परिवार की जिम्मेदारी संभाल रही थीं. उनके पति की कुछ साल पहले ही मौत हो चुकी थी, जिसके बाद घर की पूरी जिम्मेदारी उन्हीं के कंधों पर थी. वह अपने दो बेटों वसीम और परवेज के साथ कोसाड आवास में रहती थीं. परिवार में वसीम की पत्नी शबाना भी थी, जो तीन साल पहले इस घर में बहू बनकर आई थी.

पड़ोसियों के अनुसार, शुरुआत में परिवार सामान्य दिखाई देता था, लेकिन धीरे-धीरे घर में झगड़ों की आवाजें बढ़ने लगी थीं. किसी को अंदाजा नहीं था कि इन झगड़ों की जड़ इतनी गहरी है कि एक दिन यही रिश्ते खून के रिश्तों को भी खत्म कर देंगे. पुलिस की जांच में जो सच्चाई सामने आई, उसने हर किसी को हैरान कर दिया. दरअसल हमीदा का छोटा बेटा परवेज मंसूरी भटक चुका था, वो अपनी भाभी शबाना के साथ रिलेशनशिप में था.

बताया गया कि यह रिश्ता तब शुरू हुआ था जब शबाना शादी के बाद कुछ समय के लिए बिहार गई थी. उस दौरान परवेज भी वहां पहुंचा और दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ने लगीं. समय के साथ यह रिश्ता इतना गहरा हो गया कि सूरत लौटने के बाद भी दोनों चोरी-छिपे मिलते रहे. जब हमीदा को इस अवैध संबंध की भनक लगी तो उन्होंने इसका कड़ा विरोध किया. यहीं से घर में रोजाना झगड़े होने लगे और माहौल धीरे-धीरे जहरीला होता गया.

जांच में एक और चौंकाने वाला पहलू सामने आया. पुलिस के मुताबिक, हमीदा खातून का शबाना के पिता मोहम्मद फिरोज आलम के साथ भी एक अजीब तरह का पुराना विवाद था. बताया जाता है कि हमीदा जब अपने मायके गई थीं, तब दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ी थीं. हमीदा विधवा थीं और फिरोज की पत्नी भी लंबे समय से बीमार बताई जा रही थी. यही वजह थी कि दोनों के बीच संबंधों की चर्चा परिवार में तनाव का कारण बन गई. इस उलझे हुए रिश्तों के जाल ने घर के माहौल को और भी विस्फोटक बना दिया था.

सिर्फ रिश्तों की उलझन ही नहीं, बल्कि आर्थिक तनाव भी इस परिवार को तोड़ रहा था. पुलिस के मुताबिक, हमीदा अक्सर अपने बेटे और बहू को फिजूलखर्ची के लिए डांटती थीं. उन्हें लगता था कि घर की हालत ठीक नहीं है और ऐसे में खर्चों पर नियंत्रण जरूरी है. लेकिन यह बात परवेज और शबाना को पसंद नहीं आती थी. छोटी-छोटी बातों पर होने वाले झगड़े धीरे-धीरे गुस्से और नफरत में बदलने लगे. यही नफरत एक दिन इतनी खतरनाक हो गई कि खूनी साजिश तैयार होने लगी.

पुलिस जांच के मुताबिक, 10 मार्च को इस खौफनाक साजिश की शुरुआत हुई. शबाना ने अपने पिता फिरोज आलम से शिकायत करते हुए कहा कि उसकी सास हमीदा उसे लगातार परेशान करती हैं. बताया जाता है कि फिरोज ने फोन पर परवेज से बात की और कहा कि वह हमीदा को रास्ते से हटाने का प्लान बना रहा है. परवेज भी अपनी मां की डांट और विरोध से नाराज था, इसलिए उसने इस योजना के लिए हामी भर दी. इसके बाद तय हुआ कि मौका देखकर हमीदा की हत्या कर दी जाएगी ताकि हमेशा के लिए यह झगड़ा खत्म हो जाए.

अगले दिन सुबह जब दोनों बेटे काम पर निकल गए, तब फिरोज आलम उनके घर पहुंचा. पुलिस के मुताबिक, उसने हमीदा को बातचीत के बहाने कमरे में बुलाया. कुछ देर बाद अचानक उसने कपड़े से उनका गला घोंट दिया. इस दौरान घर में मौजूद शबाना सब कुछ देख रही थी. हमीदा की मौत होते ही शबाना ने तुरंत परवेज को फोन किया. परवेज घर लौटा और तीनों ने मिलकर लाश को ठिकाने लगाने की योजना बनाई. यह सब कुछ इतनी जल्दी और ठंडे दिमाग से किया गया कि पड़ोसियों को जरा भी शक नहीं हुआ.

हत्या के बाद आरोपियों ने हमीदा की लाश को एक प्लास्टिक के बोरे में डाल दिया और रस्सी से कसकर बांध दिया. दोपहर करीब 12:30 बजे फिरोज आलम बोरा कंधे पर उठाकर घर से निकला. एक सीसीटीवी फुटेज में वह साफ दिखाई दिया, जिसमें वह सफेद बोरा लेकर चलता हुआ नजर आ रहा था. उसने घर से करीब 300 से 500 मीटर दूर एक मंदिर के पास उस बोरे को फेंक दिया. इसके बाद वह सीधे रेलवे स्टेशन पहुंचा और बिहार जाने वाली ट्रेन पकड़ने की कोशिश करने लगा. उसे लगा कि इस तरह वह आसानी से पुलिस से बच जाएगा.

जब पुलिस ने बोरे में मिले शव की पहचान हमीदा खातून के रूप में की, तो जांच की दिशा बदल गई. क्राइम ब्रांच की टीम ने उनके घर की तलाशी ली. वहां उन्हें वही रस्सी और धागा मिला, जिससे लाश को बोरे में बांधा गया था. यही धागा पुलिस के लिए सबसे बड़ा सुराग बन गया. वैज्ञानिक साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज की मदद से पुलिस को यकीन हो गया कि हत्या की वारदात को घर के ही लोगों ने अंजाम दिया है. इसके बाद पुलिस ने सख्ती से घरवालों से पूछताछ की तो पूरा राज खुलकर सामने आ गया.

जांच पूरी होते ही पुलिस ने परवेज मंसूरी और उसकी भाभी शबाना को सूरत से गिरफ्तार कर लिया. वहीं मुख्य आरोपी मोहम्मद फिरोज आलम हत्या के बाद बिहार भाग गया था. लेकिन सूरत क्राइम ब्रांच ने बिहार एसटीएफ को सूचना दी, जिसके बाद उसे पटना रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया गया. इस सनसनीखेज मामले ने पूरे इलाके को दहला दिया है. लोगों के लिए यह यकीन करना मुश्किल है कि एक बेटा, अपनी मां के खिलाफ ऐसी खौफनाक साजिश का हिस्सा बन सकता है. यह वारदात एक बार फिर साबित करती है कि जब रिश्तों में भरोसा खत्म हो जाता है, तो इंसान किसी भी खतरनाक हद तक जा सकता है.

NATIONAL : तरुण के नाम पर सोशल मीडिया से दो दिन में जुटाए 37 लाख रुपये, दिल्ली पुलिस ने X और Instagram से साधा संपर्क

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दिल्ली के उत्तम नगर में तरुण हत्याकांड के बाद सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाकर कुछ लोग उसके परिवार के नाम पर पैसा इकट्ठा कर रहे थे. पुलिस जांच में पता चला कि एक बैंक खाते में दो दिनों में करीब 37 लाख रुपये जमा हो गए. द्वारका जिला पुलिस ने तुरंत खाते को फ्रीज कर दिया और अफवाह फैलाने वाले सोशल मीडिया अकाउंट्स के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है. अब तक 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है.

दिल्ली के उत्तम नगर के चर्चित तरुण मर्डर केस पुलिस की जांच में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. कुछ लोग इस संवेदनशील घटना का सहारा लेकर तरुण के परिवार के नाम पर आम लोगों से पैसे इकट्ठा कर रहे थे. पुलिस के अनुसार ऐसे ही एक बैंक खाते में महज दो दिनों के भीतर करीब 37 लाख रुपये जमा हो गए थे. मामले की जानकारी मिलते ही द्वारका जिला पुलिस हरकत में आ गई और तुरंत कार्रवाई करते हुए संबंधित बैंक खाते को फ्रीज करा दिया. साथ ही इस तरह की गतिविधियों में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है.

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी संवेदनशील घटना के बाद सोशल मीडिया पर झूठी या भ्रामक जानकारी फैलाना न सिर्फ गैरकानूनी है, बल्कि इससे समाज में तनाव भी बढ़ सकता है. इसलिए इस तरह की गतिविधियों पर सख्ती से कार्रवाई की जा रही है. उत्तम नगर की घटना के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कई तरह की पोस्ट और वीडियो वायरल होने लगे थे. इनमें से कई पोस्ट में अपुष्ट और भड़काऊ दावे किए जा रहे थे. द्वारका जिला पुलिस ने इन पोस्टों को गंभीरता से लिया और तुरंत उनकी जांच शुरू की. जांच में सामने आया कि कुछ सोशल मीडिया अकाउंट्स जानबूझकर भ्रामक सामग्री फैला रहे थे. पुलिस का कहना है कि ऐसी पोस्ट से न सिर्फ लोगों को गुमराह किया जा रहा था, बल्कि इससे इलाके में माहौल भी बिगड़ सकता था.

जांच के दौरान पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ समन्वय करते हुए कार्रवाई शुरू की. अब तक आईटी एक्ट की धाराओं के तहत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X को 14 कंटेंट टेकडाउन अनुरोध भेजे गए हैं, ताकि भड़काऊ और भ्रामक सामग्री को हटाया जा सके. इसी तरह फोटो और वीडियो शेयरिंग प्लेटफॉर्म Instagram को भी 8 टेकडाउन अनुरोध भेजे गए हैं. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिन अकाउंट्स से अफवाहें फैलाई जा रही थीं, उन्हें चिन्हित कर लिया गया है और उनके खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.

जांच के दौरान पुलिस के सामने एक और चौंकाने वाला पहलू सामने आया. 10 मार्च 2026 को सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें एक क्यूआर कोड दिखाते हुए लोगों से आर्थिक मदद की अपील की जा रही थी. वीडियो में दावा किया गया था कि यह पैसा तरुण के परिवार की मदद के लिए जमा किया जा रहा है. लेकिन जब पुलिस ने इस मामले की जांच की तो पता चला कि यह फंड जुटाने की कोशिश संदिग्ध थी. जांच में सामने आया कि महज दो दिनों के भीतर उस बैंक खाते में करीब 37 लाख रुपये जमा हो चुके थे.

जैसे ही पुलिस को इस संदिग्ध लेनदेन की जानकारी मिली, तुरंत संबंधित बैंक शाखा के प्रबंधक से संपर्क किया गया. पुलिस ने बैंक को निर्देश दिया कि उस खाते में होने वाले सभी क्रेडिट और डेबिट लेनदेन को तुरंत रोक दिया जाए. इसके साथ ही खाते में जमा पूरी राशि को फ्रीज कर दिया गया. पुलिस का कहना है कि यह कदम इसलिए उठाया गया ताकि आम लोगों द्वारा भेजा गया पैसा सुरक्षित रह सके और किसी भी तरह की धोखाधड़ी को रोका जा सके.

द्वारका जिला पुलिस ने साफ शब्दों में कहा है कि सोशल मीडिया पर अपुष्ट या झूठी जानकारी फैलाना कानूनन अपराध है. पुलिस के अनुसार जो लोग जानबूझकर गलत जानकारी फैलाकर समाज में तनाव पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. इसके अलावा उन लोगों पर भी नजर रखी जा रही है जो इस घटना के नाम पर ऑनलाइन फंड इकट्ठा करने की कोशिश कर रहे हैं. पुलिस ने आम लोगों से भी अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर किसी भी जानकारी को साझा करने से पहले उसकी सत्यता जरूर जांच लें. अधिकारियों का कहना है कि बिना पुष्टि के कोई भी पोस्ट या वीडियो शेयर करना कई बार अनजाने में अफवाह फैलाने का कारण बन सकता है. इसलिए लोगों से कहा गया है कि वे केवल आधिकारिक स्रोतों से मिली जानकारी पर ही भरोसा करें.

दरअसल, होली के मौके पर पश्चिमी दिल्ली के उत्तम नगर इलाके में दो अलग-अलग समुदायों के परिवारों के बीच झगड़ा हो गया था. बताया जाता है कि विवाद की शुरुआत एक मामूली घटना से हुई थी, लेकिन देखते ही देखते मामला हिंसक झड़प में बदल गया. इस झगड़े में 26 वर्षीय तरुण नामक युवक की हत्या कर दी गई. जिसके बाद इलाके में तनाव फैल गया. पुलिस जांच के अनुसार घटना के दौरान एक महिला सायरा पर गुब्बारा फेंका गया था. आरोप है कि इसके बाद उसने अपने परिवार के लोगों को बुला लिया. इसके बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हुई और देखते ही देखते मामला मारपीट तक पहुंच गया. स्थिति इतनी बिगड़ गई कि हिंसा में तरुण की हत्या कर दी गई.

इस मामले में पुलिस अब तक कुल 14 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है. घटना के बाद तीन महिलाएं फरार हो गई थीं और कथित तौर पर ख्याला इलाके में छिपी हुई थीं. पुलिस उनकी तलाश में भी जुटी रही. जांच के दौरान पुलिस ने कई संदिग्धों से पूछताछ की और धीरे-धीरे पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने की कोशिश की. तरुण की मौत के बाद इलाके में तनाव की स्थिति बन गई थी. कुछ हिंदू संगठनों ने इस घटना के विरोध में प्रदर्शन भी किया. प्रदर्शन के दौरान भीड़ ने तरुण की हत्या में शामिल संदिग्धों से जुड़े एक घर में तोड़फोड़ की और कथित तौर पर आग भी लगा दी.

फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की हर पहलू से जांच कर रही है. सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वाले अकाउंट्स, संदिग्ध फंडिंग और हिंसा की घटना इन सभी पहलुओं को जोड़कर जांच की जा रही है. पुलिस का कहना है कि अगर जांच में और लोग शामिल पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी.

द्वारका जिला पुलिस ने साफ कहा है कि सोशल मीडिया का दुरुपयोग कर अफवाह फैलाने या लोगों को गुमराह करने की कोशिश करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा. कानून के तहत ऐसे मामलों में कड़ी सजा का प्रावधान है. पुलिस ने दोहराया है कि सार्वजनिक शांति भंग करने या लोगों को भड़काने वाली किसी भी ऑनलाइन गतिविधि को गंभीरता से लिया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

NATIONAL : ऑफिस को निकली लड़की लड़के के साथ पहुंची होटल, खटखटाने के बाद भी नहीं खुला दरवाजा तो तोड़ कर अंदर घुसे लोग

पुरानी दिल्ली के लाहौरी गेट इलाके के एक होटल कमरे में एक लड़की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाई गई. वह बुधवार को एक लड़के के साथ होटल में आई थी, जो शाम को कमरे को बाहर से बंद कर चला गया और तब से लापता है. लड़की घर से ऑफिस जाने के लिए निकली थी. पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है.

पुरानी दिल्ली के लाहौरी गेट इलाके में स्थित एक होटल के कमरे से एक लड़की का शव मिलने से सनसनी फैल गई. युवती संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाई गई, जबकि उसके साथ होटल में ठहरा लड़का घटना के बाद से लापता है. कमरे का दरवाजा जब देर रात तक नहीं खुला और अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली तो होटल कर्मचारियों ने पुलिस को सूचना दी. बाद में जब दरवाजा तोड़कर कमरे के भीतर प्रवेश किया गया तो बिस्तर पर पड़ी युवती की लाश देखकर हर कोई सन्न रह गया.

पुलिस ने इस मामले में हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है और उस लड़के की तलाश शुरू कर दी है जो लड़की के साथ होटल में आया था. शुरुआती जांच में सामने आया है कि लड़की घर से रोज की तरह ऑफिस जाने के लिए निकली थी, लेकिन कुछ घंटों बाद वह एक लड़के के साथ होटल पहुंच गई. इसके बाद जो कुछ हुआ, उसने पूरे मामले को रहस्यमय बना दिया है.

पुलिस के अनुसार यह घटना 11 और 12 मार्च की दरमियानी रात करीब 12:30 बजे सामने आई. चर्च मिशन रोड स्थित होटल के कर्मचारियों को एक कमरे से लंबे समय तक कोई हलचल सुनाई नहीं दी. बताया जा रहा है कि कमरे में ठहरे मेहमानों से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन बार-बार दरवाजा खटखटाने के बावजूद अंदर से कोई जवाब नहीं मिला. होटल स्टाफ को संदेह हुआ तो उन्होंने स्थानीय बीट पुलिस को सूचना दी. सूचना मिलते ही पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और कमरे के बाहर से आवाज लगाकर अंदर मौजूद लोगों से संपर्क करने की कोशिश की. लेकिन अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली. स्थिति संदिग्ध लगने पर पुलिस ने होटल कर्मचारियों की मदद से दरवाजा तोड़ने का फैसला किया.

जब दरवाजा तोड़ा गया और लोग कमरे के अंदर पहुंचे तो वहां का दृश्य देखकर सबके होश उड़ गए. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक कमरे के अंदर एक युवती बिस्तर पर पड़ी हुई थी, जिसके ऊपर आंशिक रूप से कंबल डाला हुआ था. बिस्तर पर खून के निशान दिखाई दे रहे थे और आसपास पड़े कपड़ों पर भी खून लगा हुआ था. कमरे की हालत देखकर साफ लग रहा था कि वहां कुछ गंभीर हुआ है. घटना की जानकारी मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए और पूरे इलाके को घेर लिया गया.

मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत क्राइम टीम और फॉरेंसिक विशेषज्ञों को बुलाया गया. जांच टीम ने कमरे के हर हिस्से का बारीकी से निरीक्षण किया. जांच के दौरान बिस्तर पर काफी मात्रा में खून के धब्बे मिले. कमरे में पड़े कपड़ों और अन्य सामान पर भी खून के निशान पाए गए. फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से कई नमूने और अन्य साक्ष्य एकत्र किए हैं. इन नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है, जिससे यह पता लगाया जा सके की लड़की की मौत किन परिस्थितियों में हुई.

पुलिस की शुरुआती जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, वे इस मामले को और उलझा रहे हैं. जांच में पता चला है कि मृत लड़की बुधवार दोपहर करीब 12 बजे एक लड़की के साथ होटल में आई थी. होटल के रिकॉर्ड के अनुसार उसके साथ आए युवक की पहचान अभिषेक तिवारी के रूप में हुई है, जिसकी उम्र करीब 24 वर्ष बताई जा रही है. पुलिस का कहना है कि दोनों ने होटल में कमरा लिया था और कुछ समय तक वहीं ठहरे रहे. हालांकि शाम करीब 5 बजे युवक होटल से निकल गया. बताया जा रहा है कि वह कमरे को बाहर से बंद कर चला गया था. इसके बाद युवती कमरे के अंदर ही रह गई.

उधर युवती के घर पर भी चिंता बढ़ने लगी थी. परिजनों के अनुसार वह रोज की तरह बुधवार सुबह करीब 11 बजे ऑफिस जाने के लिए घर से निकली थी. लेकिन देर रात तक जब वह घर नहीं लौटी और उसका फोन भी बंद आने लगा, तो परिवार के लोग परेशान हो गए. आखिरकार उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराने का फैसला किया. युवती के परिवार ने जाफराबाद थाने में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई. इसी बीच पुलिस को होटल से मिली सूचना ने पूरे मामले को एक नई दिशा दे दी.

जब होटल के कमरे से लड़की का शव बरामद हुआ तो पुलिस ने उसकी पहचान की प्रक्रिया शुरू की. बाद में उसके परिवार से संपर्क कर उन्हें घटना की जानकारी दी गई. यह खबर सुनते ही परिवार के लोग सदमे में आ गए. पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया. पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया.

घटनास्थल की स्थिति और शुरुआती जांच के आधार पर पुलिस ने इसे संदिग्ध मौत मानते हुए हत्या का मामला दर्ज किया है. पुलिस अधिकारियों के अनुसार भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103 के तहत केस दर्ज कर लिया गया है. जांच अधिकारियों का कहना है कि लड़की के साथ होटल में आए लड़के की भूमिका संदिग्ध प्रतीत हो रही है, इसलिए उसकी तलाश तेज कर दी गई है.

पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें गठित की हैं. होटल के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि युवक होटल से कब और किस तरह बाहर गया. इसके अलावा आसपास के इलाकों के कैमरों की भी जांच की जा रही है. पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि लड़की और लड़के के बीच क्या संबंध था और वे होटल तक कैसे पहुंचे.

जांच अधिकारी इस मामले को कई कोणों से देख रहे हैं. यह पता लगाया जा रहा है कि क्या दोनों पहले से एक-दूसरे को जानते थे या उनकी मुलाकात हाल ही में हुई थी. साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि होटल में आने के बाद उनके बीच क्या हुआ. फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिससे मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा.

RAJASTHAN : महिला, प्रेमी और बेटी ने नहर में कूदकर दी जान! प्रेम संबंध के चलते आत्महत्या का मामला

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राजस्थान के जालोर जिले में गुरुवार को नर्मदा नहर से 3 शव बरामद किए गए. मृतकों में एक युवक, एक महिला और उसकी सात साल की बेटी शामिल है. शुरुआती जांच में यह मामला प्रेम संबंध से जुड़ा बताया जा रहा है, जिसमें नहर में कूदकर आत्महत्या की आशंका जताई जा रही है.

राजस्थान के जालोर जिले से एक दुखद घटना सामने आई है. पुलिस के अनुसार, गुरुवार को नर्मदा नहर से एक पुरुष, एक विवाहित महिला और उसकी सात साल की बेटी के शव बरामद किए गए. शुरुआती जांच में सामने आया है कि महिला और पुरुष के बीच प्रेम संबंध था और दोनों ने गुरुवार तड़के नहर में कूदकर आत्महत्या कर ली.

नर्मदा नहर से गुरुवार को तीन शव बरामद किए गए. मृतकों की पहचान अमृत भील (27), परास देवी (30) और उसकी सात साल बेटी खुशी के रूप में हुई है.जानकारी के मुताबिक, परास देवी की शादी रूदाराम मेघवाल से हुई थी, लेकिन उसका पास के गांव के रहने वाले अमृत के साथ कथित तौर पर अवैध संबंध बताया जा रहा है.

चितलवाना थाने के प्रभारी भूराराम ने बताया, “तीनों बुधवार रात से अपने-अपने घरों से लापता थे. वे मोटरसाइकिल से चितलवाना इलाके में नहर के पास पहुंचे और वहां से नहर में कूद गए”.उन्होंने बताया कि नहर में कूदने से पहले दोनों ने खुद को एक कपड़े से बांध लिया था. गुरुवार सुबह घटनास्थल पर उनकी मोटरसाइकिल मिली, जिस पर आधार कार्ड और मोबाइल फोन भी बरामद हुए.

सूचना मिलने पर राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीम मौके पर पहुंची और देर शाम तक तीनों शवों को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया. पुलिस मामले की जांच कर रही है.

ENTERTAINMENT : ‘मोनालिसा को फंसाया गया’, फरमान खान संग शादी पर भड़के पिता, बोले- मेरा मर जाना अच्छा है

मोनालिसा और फरमान खान की इंटरफेथ शादी ने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है. मोनालिसा के पिता ने इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. उनका कहना है ये शादी गलत है. उनके साथ धोखा हुआ है.

महाकुंभ से लाइमलाइट में आईं मोनालिसा सुर्खियों में है. यूपी के बागपत के रहने वाले फरमान खान संग उन्होंने शादी की. फरमान मुस्लिम हैं और मोनालिसा हिंदू. दोनों की इंटरफेथ मैरिज इंटरनेट पर चर्चा का विषय बनी हुई है. कई लोग इस शादी को लव जिहाद का नाम दे रहे हैं. लेकिन कपल का कहना है ये उनका प्यार है कोई लव जिहाद नहीं. फरमान की दुल्हन बनने के लिए मोनालिसा ने अपने परिवार का दिल तोड़ा. इस रिश्ते पर उनके पिता जयसिंह भोंसले का रिएक्शन सामने आया है.

आज तक संग बातचीत में उनके पिता ने बताया कि वो और मोनालिसा केरल एक्टिंग के सिलसिले में गए थे. वहां काम खत्म कर वे वापस लौटने वाले थे. उनकी और मोनालिसा की टिकट बुक थी. लेकिन आखिरी मोमेंट में उनकी बेटी ने साथ आने से मना कर दिया. वो कहते हैं- मुझे और मोनालिसा को फोन आया था, हम केरल गए थे. उन्होंने कहा था कुछ एक्टिंग सिखाएंगे, गाना भी बना कर देंगे. 1 महीने से फोन कर रहे थे. मैंने सोचा कि चलो देखकर आते हैं, वहां कैसा है माहौल. मालूम पड़ा कि एक्टिंग क्लास अच्छी है, कत्थक भी सस्ते में सिखाते हैं. मैंने सोचा चलो देखते हैं. 2 दिन रुकने से क्या होगा. मैं और मोनालिसा वहां गए. मैंने कहा एक्टिंग सीखने के लिए यहां मुझे घर भी चाहिए. वो इसके लिए माने. मैंने कहा परिवार का राय लेकर बताता हूं.

”मैं 4-5 दिन वहां रुका. इस बीच घर से फोन आ रहे थे. मां की तबीयत खराब थी. मैंने कहा मुझे घर जाना है, टिकट का इंतजाम कर दो. हम एयरपोर्ट जा रहे थे तभी उन्होंने पुलिस स्टेशन में गाड़ी रोकी. मोनालिसा को लेकर थाने गए, मैंने पूछा तो कहते- तुम मोनालिसा की जबरदस्ती शादी करा रहे हो. मैंने काफी देर तक वहां पर हंगामा भी किया. उन्होंने मुझे कहा कि मोनालिसा मेरे साथ नहीं आना चाहती. मोनालिसा ने भी मुझे वहां से जाने को कहा. उसने कहा पापा आप जाओ, मैं यहीं रहकर एक्टिंग, डांस सीखूंगी, फिल्में करूंगी. मैं बेटी तो अकेले छोड़कर नहीं जाना चाहता था.”

”मुझे थाने के अंदर नहीं जाने दिया. घंटों तक बाहर ही रोके रखा. वो मेरी आंखों के सामने मोनालिसा को छीनकर ले गए. मुझे लग रहा है मेरी बेटी को फंसाया गया है या कुछ किया है. मेरी बेटी को बहकाया गया है. जादू टोने का असर हो सकता है. मेरी बेटी मुझसे 2 मिनट दूर नहीं जाती थी. आखिर ऐसा क्या हुआ जो उन्होंने मुझे ही भगा दिया, लड़की को भी लेकर चले गए.” ये सब बताते हुए मोनालिसा के पिता के आंसू भी छलके.

मोनालिसा की शादी पर उनके पिता ने कहा- बहुत बुरा लग रहा है. मैंने बेटी के लिए काफी मेहनत की थी. मोनालिसा ने कहा था कि वो एक्टिंग सीखकर आएगी. मैं उसके इंतजार में हूं. देखता हूं कब वो आती है. उसने 10 दिन में लौटने की बात कही है. लेकिन शादी की बात देखकर लग नहीं रहा वो आएगी. लव जिहाद के आरोपों पर वो बोले- मुस्लिम लड़के से शादी करना गलत है. मैंने तो वहां पर सोचा कि मर जाना ही अच्छा है. लेकिन मेरा बेटा कहता है पापा मेरे लिए जियो. मोनालिसा जैसी बेटी का क्या करूं?

NATIONAL : महिला ने फ्लैट पर बुलाकर बनवाया नग्न वीडियो, झूठे केस की धमकी देकर ऐंठे लाखों, गिरफ्तार

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गुरुग्राम में लैब टेक्नीशियन को हनीट्रैप में फंसाकर नग्न वीडियो बनाने और ब्लैकमेल करने के आरोप में पुलिस ने महिला सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों ने झूठे रेप केस में फंसाने की धमकी देकर पैसे ट्रांसफर करवाए थे. थाना सेक्टर-37 पुलिस ने 1.63 लाख रुपये, वारदात में इस्तेमाल स्कॉर्पियो और चार मोबाइल बरामद किए हैं.

गुरुग्राम में हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक लैब टेक्नीशियन को नग्न वीडियो के जरिए ब्लैकमेल कर उससे पैसे ऐंठे गए. इस मामले में गुरुग्राम पुलिस ने एक महिला सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 1 लाख 63 हजार रुपये, वारदात में इस्तेमाल की गई एक स्कॉर्पियो गाड़ी और चार मोबाइल फोन बरामद किए हैं.

गुरुग्राम पुलिस के प्रवक्ता संदीप कुमार ने बताया कि पीड़ित व्यक्ति ने थाना सेक्टर-37 में शिकायत दी थी. शिकायत के अनुसार वह गुरुग्राम के सेक्टर-83 स्थित एक लैब में काम करता है. 25 फरवरी को वह मोहम्मदपुर स्थित एवीएल-36 सोसाइटी में ज्योति नामक महिला का ब्लड सैंपल लेने गया था. इसी दौरान महिला ने ब्लड रिपोर्ट के बहाने उसका मोबाइल नंबर ले लिया और बाद में दोनों के बीच बातचीत शुरू हो गई.

पुलिस के मुताबिक बातचीत के दौरान महिला ने उसे दोबारा मिलने के लिए कहा. 2 मार्च को वह फिर से महिला का ब्लड सैंपल लेने उसके फ्लैट पर पहुंचा. कुछ देर बाद महिला ने फ्लैट का दरवाजा खुला छोड़ दिया. तभी वहां दो युवक अंदर आए और लैब टेक्नीशियन के साथ मारपीट शुरू कर दी.आरोप है कि दोनों युवकों ने उसके कपड़े उतरवाकर उसकी नग्न वीडियो बना ली. इसके बाद तीनों आरोपियों ने उसे ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया और झूठे रेप केस में फंसाने की धमकी देकर उससे पैसे ट्रांसफर करवा लिए. इतना ही नहीं, आरोपियों ने उसे स्कॉर्पियो गाड़ी में बैठाकर अलग-अलग जगह ले जाकर भी डराया-धमकाया और उससे पैसे ऐंठे.

पीड़ित की शिकायत के बाद थाना सेक्टर-37 पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की. कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने हरीश यादव उर्फ मोनू निवासी गांव काहनावास जिला अलवर (राजस्थान) और श्याम सुंदर उर्फ अशोक निवासी गांव खैरोली जिला महेंद्रगढ़ को गुरुग्राम के सती चौक से गिरफ्तार किया.इसके अलावा इस वारदात में शामिल ज्योति निवासी गांव ताजनगर गुरुग्राम को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. तीनों आरोपियों की उम्र लगभग 24 वर्ष बताई जा रही है. पुलिस ने तीनों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है.

पुलिस पूछताछ में सामने आया कि तीनों आरोपियों की आपस में पहचान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के माध्यम से हुई थी. इसके बाद उन्होंने जल्दी पैसे कमाने के लिए मिलकर एक साजिश रची और हनीट्रैप के जरिए लोगों को फंसाने की योजना बनाई.

पुलिस के अनुसार इसी योजना के तहत महिला ने लैब टेक्नीशियन को अपने फ्लैट पर बुलाया और उसके साथियों ने मिलकर पूरी वारदात को अंजाम दिया. आरोपियों के कब्जे से 1 लाख 63 हजार रुपये, घटना में इस्तेमाल की गई स्कॉर्पियो गाड़ी और चार मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं. पुलिस मामले में आगे की जांच कर रही है.

NATIONAL : ‘मार, जान से मार दे इसको…’, सड़क पर भिड़े दो युवक, पत्थर उठाए उकसाती रही महिला

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झांसी के इलाइट चौराहे पर बीच सड़क दो युवकों के बीच हुई मारपीट और एक महिला के उकसाने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. हाथ में पत्थर लेकर महिला युवकों को जान से मारने के लिए उकसाती दिखाई दी, जबकि आसपास मौजूद लोग तमाशबीन बने रहे.

उत्तर प्रदेश में झांसी के व्यस्त इलाइट चौराहे पर उस वक्त अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब बीच सड़क दो युवकों के बीच जमकर मारपीट शुरू हो गई और एक महिला हाथ में पत्थर लेकर उन्हें उकसाती नजर आई. लहंगा चोली पहने महिला जोर-जोर से चिल्ला रही थी- ‘मार… जान से मार दे.’ यह दृश्य देख वहां मौजूद लोग हैरान रह गए. किसी ने बीच-बचाव करने की हिम्मत नहीं जुटाई और ज्यादातर लोग सिर्फ तमाशा देखते रहे. इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो किसी राहगीर ने मोबाइल में कैद कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.

करीब 15 सेकेंड के इस वायरल वीडियो में साफ दिखाई देता है कि एक महिला हाथ में पत्थर लिए खड़ी है और उसके साथ मौजूद युवक एक-दूसरे से हाथापाई कर रहे हैं. महिला गाली-गलौज करते हुए उन्हें उकसा रही है. इस दौरान आसपास काफी भीड़ जमा हो गई, लेकिन किसी ने झगड़ा रोकने की कोशिश नहीं की.

बताया जा रहा है कि यह घटना झांसी के नवाबाद थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले इलाइट चौराहे की है, जो शहर के सबसे व्यस्त चौराहों में गिना जाता है. ऐसे स्थान पर इस तरह की मारपीट ने लोगों को हैरान कर दिया.वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आई. मामले की जानकारी मिलते ही चौकी पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और महिला समेत झगड़े में शामिल लोगों को हिरासत में लेकर थाने ले आई.

नवाबाद थाना प्रभारी रवि श्रीवास्तव ने बताया कि पुलिस ने मौके से महिला और उसके साथियों को पकड़ लिया है. पूछताछ में पता चला है कि हंगामा करने वाले लोग आर्केस्ट्रा में काम करते हैं. पुलिस ने महिला सहित कुल 10 लोगों के खिलाफ धारा 151 के तहत कार्रवाई की है. वायरल वीडियो के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है.

NATIONAL : गर्लफ्रेंड की शादी के एक दिन पहले किया वीडियो कॉल, फिर फांसी पर झूल गया प्रेमी

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अलवर शहर के अरावली विहार थाना क्षेत्र के नयाबास इलाके में रहने वाले एक युवक ने अपनी प्रेमिका की शादी से एक दिन पहले फांसी पर झूलकर जान दे दी. उसने लड़की से परिजनों से शादी रोकने की बात की थी लेकिन उन्होंने उसे धमकाकर भगा दिया जिसके बाद युवक ने ये कदम उठाया.

राजस्थान में अलवर शहर के अरावली विहार थाना क्षेत्र के नयाबास इलाके में रहने वाले एक युवक ने अपनी प्रेमिका की शादी से एक दिन पहले आत्महत्या कर ली. लड़की के परिजन उसकी शादी दूसरे लड़के से कर रहे थे. उससे परेशान होकर युवक ने यह कदम उठाया. युवक ने आत्महत्या करने से पहले अपनी प्रेमिका को वीडियो कॉल करके अपनी परेशानी और आत्महत्या का कारण भी बताया था. उसके बाद युवक ने अपने परिजनों को फोन करके आत्महत्या करने की जानकारी दी. इससे घबराकर परिजन तुरंत उसके पास पहुंचे. लेकिन जब तक उसकी मौत हो चुकी थी.

पुलिस ने बताया कि रामगढ़ का केशव नगर निवासी 23 साल का देवेंद्र मेघवाल मूर्ति सप्लाई का काम करता था. उसका एक युवती के साथ काफी समय से प्रेम प्रसंग चल रहा था. देवेंद्र दो दिन पहले ही रामगढ़ से अलवर के नयाबास क्षेत्र में अपने जीजा के किराए के कमरे पर आकर रुका हुआ था. बुधवार को उसका जीजा मनोज कुमार किसी काम से रामगढ़ चला गया था.

इसी दौरान देवेंद्र मेघवाल ने किराए के मकान की तीसरी मंजिल पर बने कमरे में फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली. परिजनों ने बताया कि युवती के परिजन उसकी दूसरी जगह शादी कर रहे हैं. गुरुवार को उसकी शादी होनी है. देवेंद्र ने जब इसका विरोध किया और लड़की के परिजनों से बात करने का प्रयास किया. तो उन्होंने देवेंद्र को धमकाया और धमकी देते हुए शांत रहने के लिए कहा.

अपनी प्रेमिका की शादी दूसरी जगह पर होने से देवेंद्र परेशान व डिप्रेशन में चल रहा था.इसी बीच उसने आत्महत्या करने का फैसला लिया. आत्महत्या से पहले उसने अपनी प्रेमिका से वीडियो कॉल पर बात की और उसके बाद अपने जीजा व अन्य परिजनों को भी फोन करके आत्महत्या के बारे में बताया. ऐसे में घबराए परिजन तुरंत अलवर पहुंचे. उन्होंने देखा कि देवेंद्र मृत अवस्था में है. घटना की जानकारी मिलने पर आसपास के लोगों ने पुलिस को सूचना दी. सूचना पर अरावली विहार थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को नीचे उतरवाकर जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया. पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी है. पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि युवक ने किन परिस्थितियों में यह कदम उठाया है.

NATIONAL : अब दूध वाले को भी लेना होगा लाइसेंस, बिना रजिस्ट्रेशन नहीं बेच पाएगा कोई भी, समझें FSSAI का नियम

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फ़ूड सेफ़्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने दूध में बढ़ती मिलावटों को देखते हुए बड़ा कदम उठाया है. अब दूध का उत्पादन और बिक्री केवल लाइसेंस मिलने के बाद ही संभव होगी.दूध और डेयरी उत्पादों में बढ़ती मिलावट के चलते फ़ूड सेफ़्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने सख्ती बरतते हुए, दूध उत्पादन और बिक्री के लिए लाइसेंस को अनिवार्य कर दिया है. FSSAI ने मिलावट की शिकायतों के बीच यह बड़ा फैसला लिया है.

अब डेयरी सहकारी समितियों के सदस्यों को छोड़कर, सभी दूध उत्पादकों और दूध बेचने वाले विक्रेताओं को कारोबार चलाने के लिए FSSAI में पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा.इसमें बताया गया है कि डेयरी सहकारी समितियों के सदस्य न होने वाले दूध उत्पादकों और दूध विक्रेताओं को खाद्य व्यवसाय चलाने के लिए अनिवार्य रूप से पंजीकरण या लाइसेंस लेना होगा.

कई ऐसे दूध उत्पादक (जो डेयरी सहकारी समितियों के सदस्य नहीं हैं) और दूध विक्रेता बिना पंजीकरण या लाइसेंस के ही कारोबार चला रहे हैं.अब दूध चिलर्स (जिनका उपयोग दुग्ध उत्पादक और दूध विक्रेता करते हैं) का समय-समय पर निरीक्षण किया जाएगा, ताकि उचित भंडारण तापमान सुनिश्चित हो सके और चिलर से जुड़ी सभी आवश्यक शर्तों का हर समय पालन किया जा सके.

इससे दूध के खराब होने की संभावना को रोका जा सकेगा और लोगों के स्वास्थ्य का ख्याल रखा जाएगा. नियमों का पालन न करने के मामलों में उचित कार्रवाई की जा सकती है.

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