Monday, June 22, 2026
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AHMEDABAD : ‘जयेशभाई जोरदार’ का गुजराती एक्टर निकला मर्डर का वॉन्टेड आरोपी, 12 साल बाद अहमदाबाद में पकड़ा गया

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अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने एक ऐसे शातिर क्रिमिनल को अरेस्ट किया है जिसकी कहानी किसी फिल्म की स्क्रिप्ट जितनी ही इंटरेस्टिंग है। एक आर्टिस्ट बनकर मुंबई में एक दशक से ज़्यादा समय से फरार चल रहा एक उम्रकैद का सजायाफ्ता कैदी आखिरकार पुलिस के शिकंजे में आ ही गया। घी कांटा मेट्रो स्टेशन के पास पकड़े गए हेमंत मोदी नाम के गुजराती आर्टिस्ट की असली पहचान सामने आने पर खुद पुलिस ऑफिसर भी हैरान रह गए।

मिली जानकारी के मुताबिक, यह पूरा क्रिमिनल केस साल 2005 में शुरू हुआ था, जब हेमंत मोदी ने अहमदाबाद के नरोदा इलाके में एक बेरहमी से मर्डर किया था। इस केस में कोर्ट ने उसे दोषी पाया और उम्रकैद की सज़ा सुनाई और मेहसाणा जेल भेज दिया। जेल में रहने के दौरान मेंटली टूट चुके हेमंत ने अपनी पत्नी को तलाक भी दे दिया था, क्योंकि उसे लगा कि अब उसकी पूरी ज़िंदगी सलाखों के पीछे ही खत्म हो जाएगी। हालांकि, साल 2014 में उसे कोर्ट से पैरोल मिल गई थी। जेल से बाहर आते ही, वापस लौटने के बजाय, उसने हमेशा के लिए गायब होने का प्लान बनाया।

पैरोल जंप करके भागने के बाद, हेमंत सीधे मुंबई पहुंचा। वहां, उसने अपने खूनी अतीत को छिपाते हुए, एक आम स्ट्रगलिंग एक्टर के तौर पर नाटकों और फिल्मों की दुनिया में अपनी किस्मत आजमाना शुरू कर दिया। कहा जाता है कि इस दौरान, उसने अपनी पहचान छिपाई और ‘स्पंदन मोदी’ नाम अपना लिया। इंटरनेट डेटाबेस में भी, यह देखा गया है कि उसने जो फिल्में की हैं, उनमें क्रेडिट के तौर पर यही नाम दिया गया है।

हैरानी की बात यह है कि, जिस समय वह पुलिस रिकॉर्ड में एक बड़ा वॉन्टेड क्रिमिनल था, उसी समय उसने बड़े पर्दे पर रणवीर सिंह, आमिर खान और अमिताभ बच्चन जैसे स्टार्स के साथ ‘ठग्स ऑफ हिंदोस्तान’, ‘जयेशभाई जोरदार’ और ’53वां पेज’ जैसी बॉलीवुड फिल्मों में काम किया। इसके अलावा, उसने कई हिंदी सीरियल और नाटकों में छोटे-बड़े रोल भी किए। हैरानी की बात यह है कि इस दौरान उसने एक गुजराती फिल्म में भी काम किया, लेकिन किसी को शक भी नहीं हुआ कि यह आदमी एक गंभीर जुर्म में फरार क्रिमिनल है। क्राइम ब्रांच को खास जानकारी मिली थी कि यह पाकिस्तानी कैदी, जो लंबे समय से गायब था, अहमदाबाद में कहीं छिपा हुआ है और किसी से मिलने जा रहा है। इस जानकारी के आधार पर पुलिस ने टेक्निकल सर्विलांस लगाया और उसके पुराने कॉन्टैक्ट्स की कड़ियों को जोड़कर नज़र रखना शुरू किया। हेमंत मोदी आखिरकार क्राइम ब्रांच के बिछाए जाल में घी कांटा मेट्रो स्टेशन के पास फंस गया। पकड़े जाने पर भी उसने अपनी ‘एक्टिंग स्किल्स’ से पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की। हालांकि, यह चाल काम नहीं आई और उसने पुलिस के सामने सब कुछ कबूल कर लिया। अब पुलिस ने उसे वापस जेल भेजने का प्लान बनाया है।

छोटा उदयपुर जिले के बोडेली तालुका के जाबुगाम में मौजूद लोकल झील हाल ही में एक बड़े विवाद का केंद्र बन गई है। सरकार की सुजलाम सुफलाम योजना के तहत झील को गहरा करने के दौरान कॉन्ट्रैक्टर द्वारा की गई अंधाधुंध खुदाई से लोकल प्रजापति समुदाय में भारी गुस्सा है। सालों से इस झील की मिट्टी से बर्तन और पारंपरिक मिट्टी के बर्तन बनाने वाले परिवारों का अब आरोप है कि विकास के नाम पर उनकी रोजी-रोटी छीन ली गई है। यह गंभीर मामला अब स्थानीय प्रशासन के दरवाजे तक पहुंच गया है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, सरकार ने जाबुगाम के प्रजापति समुदाय के लोगों को पारंपरिक काम-धंधों के लिए रोजगार देने के लिए इस झील से मिट्टी निकालने का कानूनी अधिकार भी दिया है। लेकिन, सुजलाम सुफलाम योजना के तहत झील को गहरा करने का ठेका जिस ठेकेदार के पास था, उसने नियमों को ताक पर रखकर मनमाने ढंग से बेतरतीब ढंग से खुदाई कर दी है।

समुदाय के लोगों का आरोप है कि झील के तल से सारी कीमती चिकनी मिट्टी खोद ली गई है और अब अंदर सिर्फ रेत बची है। ऐसे में बिना मिट्टी के अपना पारंपरिक कारोबार और घरेलू उद्योग कैसे करें, यह सबसे बड़ा सवाल बन गया है।

प्रजापति समुदाय के लोग मिट्टी चोरी और झील की अवैध खुदाई के मामले में ग्राम पंचायत की भूमिका पर भी सवाल उठा रहे हैं। लोगों के मुताबिक, झील को गहरा करने का प्रस्ताव ग्राम सभा बुलाकर और नियमों के मुताबिक गांववालों की सहमति से लिया जाना चाहिए, लेकिन यहां तो पंचायत ने ही बंद कमरे में प्रस्ताव पास कर दिया।

गांव के लोगों या सालों से इस पर निर्भर रहे प्रजापति समुदाय को भरोसे में लिए बिना लिए गए इस फैसले से बहुत नाराजगी है। आरोप है कि प्रजापति समुदाय के हक छीने गए हैं और इस कीमती मिट्टी को पास में चल रहे नेशनल हाईवे के काम में इस्तेमाल करने के लिए भेज दिया गया है। न्याय की मांग कर रहे प्रजापति समुदाय का साफ कहना है कि ठेकेदार ने जो मिट्टी यहां से गैर-कानूनी तरीके से निकाली है, उसे तुरंत पंप या पंचायत के जरिए हमें वापस किया जाए।

जाबुगाम में रहने वाले करीब 40 प्रजापति परिवार पूरी तरह से इसी झील की मिट्टी पर निर्भर हैं। उनके पास खेती या मजदूरी के अलावा रोजगार का कोई दूसरा जरिया नहीं है। परिवार के मुखिया चिंता जताते हुए कह रहे हैं, ‘अब मिट्टी के बिना हमारा घर का काम कैसे चलेगा?’ जल्द ही घर में जो थोड़ी बहुत मिट्टी है, वह भी खत्म हो जाएगी, उसके बाद हम बच्चों की स्कूल फीस कैसे भरेंगे और घर का किचन कैसे चलाएंगे?’ बस यही चिंता लोगों को कमज़ोर कर देती है। इस मामले में बार-बार लिखकर और बड़े अधिकारियों को अर्ज़ी देने के बाद भी, आज तक प्रशासन की तरफ़ से कोई ठोस हल नहीं निकला है।

जाबुगाम की इस झील में मिट्टी की खुदाई का मामला अब सिर्फ़ पानी जमा करने या डेवलपमेंट के काम तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इससे पिछड़े वर्ग के कई गरीब परिवारों के गुज़ारे, रोज़गार और रोज़ी-रोटी पर भी असर पड़ता है।
‘jayeshbhai jordar’ ka gujarati actor nikla murder ka wanted

BUSINESS : हरे निशान पर खुला शेयर बाजार, सेंसेक्स 325 अंक उछला

नई दिल्ली, 22 मई (हि.स)। पश्चिम एशिया में जारी संकट पर अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता में प्रगति के इंतजार के बीच हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को घरेलू शेयर बाजार हरे निशान पर खुला है। शेयर बाजार के दोनों प्रमुख संवेदी सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी में तेजी बना हुआ है। सेंसेक्स में 325 अंक की बढ़त और निफ्टी भी 90 अंकों की तेजी है।

कारोबार की शुरुआत में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का सेंसेक्स 324.95 अंक यानी 0.43 फीसदी उछलकर 75,508.31 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी भी 96.10 अंक यानी 0.41 फीसदी की तेजी के साथ 23,750.80 के स्तर पर ट्रेंड कर रहा है।

आज के कारोबार में बैंक और रियल्टी शेयरों में खरीदारी है। वहीं, शुरुआती कारोबार में रुपया डॉलर के मुकाबले 6 पैसे बढ़कर 96.30 पर पहुंच गया है। इसके अलावा कच्चे तेल की कीमतें 105 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी हुई हैं। विशेषज्ञों का कहना है निवेशक भी अमेरिका-ईरान के बीच शांति वार्ता में प्रगति का इंतजार कर रहे है।

उल्लेखनीय है कि पिछले कारोबारी दिन गुरुवार को सेंसेक्स 135.03 अंक यानी 0.18 फीसदी टूटकर 75,183.36 के स्तर पर बंद हुआ। इसी तरह एनएसई का निफ्टी 4.30 अंकों यानी 0.018 फीसदी की गिरावट के साथ 23,654.70 के स्तर पर बंद हुआ था।

RAJASTHAN : राजस्थान के तापमान में हल्की गिरावट के बावजूद हीटवेव से राहत नहीं

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जयपुर, 22 मई (हि.स.)। राजस्थान में भीषण गर्मी का दौर जारी है। प्रदेश के कई जिलों में तापमान में हल्की गिरावट आ गई है, लेकिन लोगों को हीटवेव और तेज गर्म हवाओं से राहत नहीं मिल पा रही। जैसलमेर, चूरू, बीकानेर, भीलवाड़ा और कोटा समेत कई शहरों में तापमान सामान्य के आसपास या उससे थोड़ा नीचे पहुंचा, फिर भी दिनभर लू का असर बना रहा।मौसम विभाग ने आगामी एक सप्ताह तक प्रदेश में तेज गर्मी बने रहने की चेतावनी जारी की है।

विभाग के अनुसार 24 मई के बाद हीटवेव और अधिक गंभीर रूप ले सकती है। वहीं, उत्तर-पूर्वी राजस्थान के कुछ जिलों में शुक्रवार और शनिवार को हल्की बारिश और तेज आंधी की संभावना जताई गई है।पिछले 24 घंटे में राज्यभर में आसमान साफ रहने और तेज धूप निकलने से गर्मी का असर बढ़ा रहा। जोधपुर, बीकानेर, जयपुर, भरतपुर और कोटा संभाग के कई इलाकों में हीटवेव महसूस की गई। सबसे अधिक तापमान श्रीगंगानगर में 45.1 डिग्री सेल्सियस मापा गया।मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा के अनुसार एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ का असर आज से दिखाई दे सकता है। इसके प्रभाव से श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, झुंझुनूं और आसपास के क्षेत्रों में हल्की बारिश और तेज आंधी चलने की संभावना है।

राजधानी जयपुर में गुरुवार को दिनभर तेज धूप और लू का असर बना रहा। अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस मापा गया। गर्म हवाओं के कारण दोपहर में सड़कों पर आवाजाही कम रही, जबकि शाम ढलने के बाद बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर चहल-पहल बढ़ी। लेकसिटी उदयपुर में अधिकतम तापमान 40.5 डिग्री और न्यूनतम तापमान 23.6 डिग्री सेल्सियस रहा। सुबह से ही तेज गर्मी महसूस होने लगी। धूप से बचने के लिए लोग छाते और अन्य उपायों का सहारा लेते नजर आए।

कोटा में अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 31.4 डिग्री मापा गया। तेज धूप और गर्म हवाओं से जनजीवन प्रभावित रहा। अभेड़ा बायोलॉजिकल पार्क में वनकर्मी जानवरों पर पानी का छिड़काव कर उन्हें राहत पहुंचाते दिखे। शहर में सार्वजनिक वाटर कूलर्स पर भी दिनभर लोगों की भीड़ लगी रही। अलवर में पारा 44 डिग्री तक पहुंच गया। दिनभर गर्म हवाएं चलती रहीं, जिससे लोग घरों में ही रहने को मजबूर दिखे। हालांकि शाम के समय हल्की हवा चलने से कुछ राहत महसूस हुई।

शेखावाटी क्षेत्र में भी गर्मी लगातार बढ़ रही है।

सीकर में अधिकतम तापमान 42.7 डिग्री और न्यूनतम तापमान 29.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। दोपहर के समय सड़कें सूनी नजर आईं और सबसे अधिक परेशानी कोचिंग जाने वाले विद्यार्थियों को उठानी पड़ी। जोधपुर में अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के करीब मापा गया। शहर में गर्मी के साथ उमस भी बनी हुई है। मौसम विभाग ने अगले चार-पांच दिनों तक तापमान में और बढ़ोतरी तथा हीटवेव का अलर्ट जारी किया है।

भीषण गर्मी के चलते प्रदेश में पानी की खपत तेजी से बढ़ रही है। पीने, नहाने, साफ-सफाई और खाना पकाने में अधिक पानी इस्तेमाल होने से कई क्षेत्रों में जल संकट गहराने लगा है।

NATIONAL : मंत्रिपरिषद की बैठक में ‘विकसित भारत’ के विजन पर चर्चा: प्रधानमंत्री मोदी

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि मंत्रिपरिषद की बैठक में ‘ईज ऑफ लिविंग’, ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ और सुधारों को आगे बढ़ाने से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर व्यापक चर्चा हुई।

प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि गुरुवार को मंत्रिपरिषद की बैठक काफी सार्थक रही। बैठक के दौरान मंत्रियों के बीच विभिन्न विषयों पर विचारों और सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों का आदान-प्रदान किया गया। उन्होंने कहा कि बैठक में आम लोगों के जीवन को आसान बनाने, कारोबार को सुगम करने और सुधारों की गति तेज करने पर विशेष जोर दिया गया, ताकि ‘विकसित भारत’ के साझा संकल्प को साकार किया जा सके।

उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार शाम मंत्रिपरिषद की बैठक की अध्यक्षता की और सभी मंत्रियों के कामकाज की रिपोर्टकार्ड की समीक्षा की। सेवा तीर्थ में शाम करीब 5 बजे शुरू हुई उच्चस्तरीय बैठक लगभग साढ़े चार घंटे तक चली। मैराथन बैठक में शासन सुधार, प्रशासनिक दक्षता और सरकार के दीर्घकालिक “विकसित भारत 2047” विज़न पर विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक में करीब 9 मंत्रियों ने अपने मंत्रालयों के कामकाज की विस्तार से प्रेजेंटेशन दिया। इसके साथ कई मंत्रियों के काम काज की समीक्षा भी की गई। साथ ही सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, समन्वय और भविष्य की रणनीति को लेकर मंत्रियों के साथ विचार-विमर्श भी किया गया। इसमें मंत्रियों के पिछले कामकाज का लेखा-जोखा और दो साल के रिपोर्ट कार्ड की समीक्षा की गई। विशेषकर पश्चिम एशिया में मौजूदा हालत को देखते हुए सरकार की आर्थिक नीतियों, विकास परियोजनाओं और भविष्य के रोडमैप पर विस्तार से चर्चा की गई।

SPORTS : कोलकाता ने मुंबई को 4 विकेट से हराया, प्लेऑफ की उम्मीद कायम

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आईपीएल 2026 में कोलकाता नाइट राइडर्स ने मुंबई इंडियंस को 4 विकेट से हराकर लगातार दूसरी जीत हासिल की। ईडन गार्डन्स में खेले गए इस मैच में कोलकाता ने 148 रन का लक्ष्य 18.5 ओवर में हासिल कर लिया। इस जीत के साथ टीम की प्लेऑफ में पहुंचने की संभावनाएं बनी हुई हैं। कोलकाता अब 13 मैचों में 13 अंक लेकर अंक तालिका में छठे स्थान पर आ गई है। बारिश के कारण मैच एक घंटे की देरी से शुरू हुआ, लेकिन मुकाबला बहुत रोमांचक रहा और आखिरी ओवर तक फैंस की धड़कनें बनी रहीं।

कोलकाता ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला लिया। मुंबई इंडियंस की शुरुआत ठीक नहीं रही, और टीम ने नियमित अंतराल पर विकेट गंवाए। कप्तान हार्दिक पंड्या ने 26 रन बनाए, जबकि कॉर्बिन बॉश ने आखिरी में तेज बल्लेबाजी करते हुए 18 गेंदों में नाबाद 32 रन जोड़े। मुंबई की टीम 20 ओवर में 8 विकेट खोकर 147 रन ही बना सकी। कोलकाता की गेंदबाजी इस मैच में काफी प्रभावी रही, जिसमें कैमरन ग्रीन, सौरभ दुबे और कार्तिक त्यागी ने 2-2 विकेट लेकर मुंबई की बल्लेबाजी को खुलकर खेलने नहीं दिया। वहीं सुनील नरेन ने भी किफायती गेंदबाजी की और एक महत्वपूर्ण विकेट लिया।

लक्ष्य का पीछा करने उतरी कोलकाता की शुरुआत भी थोड़ी कमजोर रही। टीम ने 54 रन पर तीन बड़े विकेट गंवा दिए थे और ऐसा लग रहा था कि मुंबई मैच पर हावी हो रही है। लेकिन मनीष पांडे और रोवमन पॉवेल ने पारी को संभाल लिया। दोनों बल्लेबाजों ने चौथे विकेट के लिए 64 रन की अहम साझेदारी की, जिसने मैच का रंग बदल दिया। मनीष पांडे ने 33 गेंदों में 45 रन बनाए और इस दौरान 6 चौके लगाए। वहीं पॉवेल ने 40 रन की तेज पारी खेली, जिसमें 4 चौके और 2 छक्के शामिल थे। आखिरी ओवरों में रिंकू सिंह और नरेन ने टीम को जीत दिलाई। इस हार के बाद मुंबई इंडियंस की प्लेऑफ की राह और मुश्किल हो गई है, जबकि कोलकाता ने टूर्नामेंट में अपनी उम्मीदों को जिंदा रखा है।

WORLD : ‘समझौता नहीं तो अमेरिका की कड़ी कार्रवाई तय’, ट्रंप का ईरान को अल्टीमेटम; बातचीत अंतिम चरण में

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ परमाणु डील को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि ईरान ने डील पर हस्ताक्षर नहीं किए तो अमेरिका कठोर कार्रवाई कर सकता है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ चल रही परमाणु वार्ता को लेकर एक बार फिर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान के साथ अंतिम चरण में है और यदि ईरान ने डील पर हस्ताक्षर नहीं किए, तो अमेरिका कठोर और अप्रिय कदम उठा सकता है।

व्हाइट हाउस से बाहर निकलते हुए संवाददाताओं से बात करते हुए, ट्रंप ने कहा “हम ईरान के साथ अंतिम चरण में हैं। देखते हैं क्या होता है। या तो वे एक डील करेंगे या फिर हम कुछ ऐसी चीजें करेंगे जो थोड़ी कठोर होंगी, लेकिन उम्मीद है कि ऐसा नहीं होगा।

इस बीच, ट्रंप ने इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि “नेतन्याहू वही करेंगे जो मैं चाहता हूं। वह एक बहुत अच्छे व्यक्ति हैं। भूलना मत, वह युद्धकाल के प्रधानमंत्री थे और मेरी राय में, इस्राइल में उनके साथ अच्छा व्यवहार नहीं होता है।” ट्रंप ने यह भी दावा किया कि नेतन्याहू को अपने देश में वह सम्मान नहीं मिलता, जिसके वे हकदार हैं।

ट्रंप ने अमेरिका की पुरानी सैन्य कार्रवाइयों का उल्लेख करते हुए कहा कि वियतनाम, अफगानिस्तान और इराक जैसे युद्ध वर्षों तक चले, जबकि ईरान के मामले में स्थिति अलग है। उन्होंने दावा किया कि इस बार अमेरिका ने अपेक्षाकृत कम समय में नियंत्रण की स्थिति बनाई है और बड़े पैमाने पर नुकसान से बचा है।

उन्होंने आगे कहा कि उनके राष्ट्रपति पद के अगले तीन वर्षों में बड़ी चीजें होने वाली हैं। उन्होंने वेनेजुएला और ईरान में अमेरिका के कम हताहतों का जिक्र करते हुए कहा “कुछ युद्धों में, वेनेजुएला में, हमने किसी को नहीं खोया और यहां हमने 13 लोग खोए। अन्य युद्धों में, आपने लाखों लोग खोए। इसलिए लोग यह सुनना पसंद नहीं करते जब आप कहते हैं, ‘ओह, क्या आप जानते हैं कि आपने 13 लोग खो दिए?’ मैंने 13 लोग खोए। वे हवाई अड्डे से निकलते समय 13 लोग खो गए। ओबामा ने 13 बहुत अच्छे लोगों को खो दिया था जिन्हें मैं उनके परिवारों से मिला था। इसलिए जो हमने किया है वह अद्भुत है। हमने उन्हें तबाह कर दिया है। ईरान तबाह हो गया है। आप अगले तीन वर्षों में हमारे देश के लिए अद्भुत चीजें देखने वाले हैं।”

दूसरी ओर ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि दबाव और युद्ध किसी भी समस्या का समाधान नहीं हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि ईरान ने लगातार अपनी प्रतिबद्धताओं का सम्मान किया है और युद्ध से बचने के लिए हर संभव प्रयास किया है, हमारी ओर से सभी रास्ते खुले हैं। ईरान हमेशा बातचीत और कूटनीति के लिए तैयार है, लेकिन जबरदस्ती आत्मसमर्पण स्वीकार नहीं किया जाएगा।

UP : यूपी का बांदा बना देश का ‘हीट वेव कैपिटल’, शहर-शहर गर्मी और लू के थपेड़ों की मार

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IMD Heatwave Alert: उत्तर भारत में भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है. यूपी के बांदा में तो रिकॉर्ड पारा 48 डिग् सेल्सियस तक पहुंच गया है. मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और महाराष्ट्र के कई हिस्सों में अगले 2-3 दिन गर्मी का प्रकोप और लू का सितम जारी रहने की संभावना जताई है.

उत्तर भारत धधक रहा है. भीषण गर्मी में जैसे आसमान से आग बरस रही है. मौसम विभाग की मानें तो अगले दो दिन तक यही हाल रहने वाला है. इस घातक गर्मी से बचने का एक ही उपाय है कि घर पर रहें. सुबह 8 से 4 बजे तक घर से बाहर ना निकलें. मई के महीने में ऐसा लग रहा है जैसे सुबह ही दोपहर हो जाती है. यूपी के कई शहरों में 8 बजे ही पारा 30-35 डिग्री के पार पहुंच रहा है. मौसम विभाग (IMD) ने यूपी में लू यानी हीटवेट का अलर्ट जारी किया है.

उत्तर प्रदेश का उत्तरी क्षेत्र, तराई का इलाका छोड़ दें तो लगभग पूरे राज्य में अलर्ट हैं. कहीं ऑरेंज, तो कहीं येलो. यूपी के बुंदेलखंड का इलाका इस समय विश्व का सबसे गर्म इलाका बन गया है. बांदा का तापमान 48 डिग्री के पार जा चुका है. आज भी 48 डिग्री तक रहेगा.

वहीं, झांसी का तापमान भी 47 डिग्री है. प्रयागराज में 47 डिग्री तो मिर्जापुर में 46 डिग्री का टॉर्चर है. यूपी के पश्चिम मध्य क्षेत्र की बात करें तो आगरा और कानपुर में 42-43 डिग्री तापमान दर्ज किया जा रहा है.

यूपी में प्रचंड गर्मी को देखते हुए सीएम योगी ने अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं. मुख्यमंत्री ने DM, स्वास्थ्य विभाग, बिजली विभाग और राहत एजेंसियों को अलर्ट रहने को कहा है. अस्पतालों, पेयजल और बिजली आपूर्ति पर नजर रखने, सरकारी अस्पतालों में हीट स्ट्रोक से प्रभावित मरीजों के इलाज के लिए पर्याप्त इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं.

वहीं, देश की राजधानी दिल्ली में भी प्रचंड गर्मी पड़ रही है. दिल्ली में भी पारा 45 डिग्री के पार पहुंच रहा है. पंजाब और हरियणा में भी 46 डिग्री तक पारा पहुंच चुका है. महाराष्ट्र का विदर्भ क्षेत्र भी अप्रत्याशित तापमान झेल रहा है. मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, देश के उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी हिस्सों में भीषण गर्मी का प्रकोप लगातार जारी है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में सप्ताहभर गंभीर लू की स्थिति बनी रह सकती है, जबकि पूर्वी भारत में अगले पांच दिनों तक अत्याधिक गर्मी पड़ने की संभावना है.

उत्तर-पश्चिम, पश्चिम, मध्य और उत्तर प्रायद्वीपीय भारत के मैदानी इलाकों में तापमान 40°C से 47°C के बीच दर्ज किया जा रहा है. उत्तर प्रदेश के बांदा में देश का सबसे अधिक अधिकतम तापमान 48.2°C रिकॉर्ड किया गया.

जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब और दिल्ली के कुछ इलाकों में तापमान सामान्य से 5.1°C या उससे अधिक दर्ज किया गया. वहीं, पूर्वी राजस्थान और ओडिशा में रातें भी गर्म बनी हुई हैं, जिससे लोगों को राहत नहीं मिल रही है. पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली के लिए 21 मई तथा 24–26 मई तक रेड अलर्ट जारी किया गया है. इसका मतलब है कि सभी आयु वर्ग के लोगों में हीट स्ट्रोक और गर्मी से जुड़ी गंभीर बीमारियों का खतरा अत्याधिक बढ़ गया है.

विदर्भ, पश्चिम उत्तर प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. इन क्षेत्रों में बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों के लिए स्वास्थ्य संबंधी जोखिम अधिक बताया गया है. इसके अलावा छत्तीसगढ़, तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, ओडिशा, बिहार, राजस्थान और उत्तराखंड में येलो अलर्ट जारी कर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है.

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) भी सबसे अधिक प्रभावित इलाकों में शामिल है. दिल्ली में पिछले 24 घंटों के दौरान तापमान 45°C से 47°C के बीच दर्ज किया गया है. आसमान साफ रहने और गर्म पश्चिमी हवाओं के कारण गर्मी और अधिक बढ़ गई है.

मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, 21 मई को दिल्ली के कई हिस्सों में आधिकारिक रूप से लू की स्थिति रहेगी. जबकि कुछ इलाकों में गंभीर लू चल सकती है. अधिकतम तापमान 45°C से 47°C के बीच रहने की संभावना है. साथ ही 35 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं.

हालांकि, 22 और 23 मई को स्थिति में मामूली सुधार की संभावना है, लेकिन तापमान फिर भी 44°C से 46°C के बीच बना रहेगा. दिन के समय हवाओं की गति बढ़कर 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. स्वास्थ्य अधिकारियों ने लोगों को लंबे समय तक धूप में रहने से बचने और शरीर में पानी की कमी न होने देने की सलाह दी है.प्यास न लगने पर भी पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और ORS, लस्सी, नींबू पानी, छाछ तथा चावल के पानी (तोरानी) जैसे पारंपरिक पेय पदार्थों का सेवन करें. घर से बाहर निकलने वाले लोगों को हल्के रंग के ढीले सूती कपड़े पहनने और सिर को कपड़े, टोपी या छाते से ढकने की सलाह दी गई है.

NATIONAL : 10 राज्यों में गर्मी का तांडव जारी रहेगा, अरब सागर में बना नया सिस्टम, मानसून की रफ्तार पर असर

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देश के बड़े हिस्से में इस समय भीषण और रिकॉर्ड तोड़ देने वाली गर्मी (हीटवेव) पड़ रही है। उत्तर से लेकर मध्य भारत के राज्य सूरज की तपिश का सामना कर रहे हैं। आने वाले एक हफ्ते मौसम पूरी तरह शुष्क रहेगा और बेहद गर्म हवाएं चलेंगी।

देशभर में इस समय रिकॉर्डतोड़ गर्मी पड़ रही है और आने वाले दिनों में हालात और गंभीर हो सकते हैं। निजी मौसम एजेंसी स्कायमेट (Skymet) ने चेतावनी दी है कि अरब सागर के ऊपर एक नई मौसम प्रणाली बनने लगी है, जिससे दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार कमजोर पड़ सकती है। इसका असर सबसे पहले केरल और दक्षिण भारत के राज्यों में दिखाई देने की आशंका है, जहां बारिश की गतिविधियां कम हो सकती हैं।

मौसम एजेंसी के मुताबिक, अगले एक सप्ताह तक मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, छत्तीसगढ़, ओडिशा, गुजरात और महाराष्ट्र समेत 10 राज्यों में गर्म और शुष्क हवाएं चलेंगी। कई इलाकों में अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस या उससे ऊपर पहुंच सकता है। पश्चिमी विक्षोभ कमजोर पड़ने और किसी सक्रिय मौसम प्रणाली के नहीं होने की वजह से फिलहाल मैदानी इलाकों को इस भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है।

21 मई को राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में हीटवेव की स्थिति बनी रहेगी। मौसम विभाग ने यह भी कहा है कि कई शहरों में रात के समय भी गर्म हवाएं चल सकती हैं, जिससे लोगों को राहत नहीं मिलेगी।

BUSINESS : खूब चढ़ा Parle Industries का शेयर, पर मेलोडी बनाने वाली असली पारले की हालत जान लीजिए

पीएम मोदी ने जब इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी को Melody टॉफी का एक पैकेट गिफ्ट किया, तो इंटरनेट पर मीम्स की बाढ़ आ गई. लेकिन बात सिर्फ सोशल मीडिया तक नहीं रुकी, इसकी गूंज शेयर बाजार तक सुनाई दी. निवेशकों में पारले नाम को लेकर ऐसी दीवानगी बढ़ी कि शेयर बाजार में लिस्टेड कंपनी Parle Industries के शेयरों में बंपर तेजी आ गई. लेकिन इस पूरी कहानी में एक बड़ा ट्विस्ट है. जिस पारले इंडस्ट्रीज के शेयर भागे, उसका मेलोडी टॉफी बनाने वाली कंपनी से कोई लेना-देना ही नहीं है. वहीं दूसरी तरफ, मेलोडी और पारले जी बिस्कुट बनाने वाली असली कंपनी पारले प्रोडक्ट्स के लिए बीता फाइनेंशियल ईयर 2025 कमाई के मामले में तो शानदार रहा, लेकिन मुनाफे के मोर्चे पर उसे तगड़ा झटका लगा है. चलिए इस खबर में आपको बताते हैं कि पारले के बिजनेस के साथ पिछले साल क्या हुआ और क्यों इसकी कमाई बढ़ने के बाद भी तिजोरी खाली रह गई.

पीएम मोदी और मेलोनी के मेलोडी डिप्लोमेसी के बाद जैसे ही ये नाम चर्चा में आया, शेयर बाजार के निवेशकों ने बिना सोचे-समझे ‘Parle Industries’ के स्टॉक खरीदने शुरू कर दिए. देखते ही देखते इस स्टॉक में उछाल आ गया. मजेदार बात ये है कि मेलोडी टॉफी, पारले-जी बिस्कुट और हाइड एंड सीक बनाने वाली मूल कंपनी पारले प्रोडक्ट्स शेयर बाजार में लिस्टेड ही नहीं है. ये एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी है. बाजार में लिस्टेड पारले इंडस्ट्रीज एक बिल्कुल अलग कंपनी है, जिसे सिर्फ एक जैसे नाम होने की वजह से लॉटरी लग गई. इसे बिजनेस की भाषा में सेंटीमेंटल रैली कहते हैं, जहां सिर्फ नाम के बज की वजह से गलत शेयर भी दौड़ने लगते हैं.

असली पारले (Parle Products) के लिए वित्तीय वर्ष 2025 का साल मिला-जुला रहा. महंगाई के दौर में भी पारले के प्रोडक्ट्स की मांग में कोई कमी नहीं आई. गांव से लेकर शहरों तक लोगों ने पारले के बिस्कुट और चॉकलेट जमकर खरीदे. यही वजह है कि फाइनेंशियल 2025 में कंपनी की टोटल सेल करीब 8.5% बढ़कर 15,568 करोड़ रुपये हो गई. अगर इसमें कंपनी की दूसरे निवेशों से होने वाली कमाइयों को भी जोड़ दें, तो पारले की कुल इनकम 16,190.98 करोड़ रुपये के पार रही.

हालांकि कहानी यहीं खत्म नहीं होती. भले ही पारले का सामान दुकानों पर खूब बिका और रेवेन्यू में इजाफा हुआ, लेकिन जब बात नेट प्रॉफिट की आई, तो कंपनी के चेहरे पर मायूसी छा गई. पारले प्रोडक्ट्स का नेट प्रॉफिट पिछले साल के मुकाबले लगभग 39% घट गया. ये गिरकर 979.53 करोड़ रुपये पर आ गया. यानी कंपनी ने धंधा तो बड़ा किया, लेकिन उसकी इन-हैंड सेविंग्स बहुत कम हो गई.

BUSINESS : महंगाई का असर: खपत की रफ्तार थामी तो विकास दर को लग सकता है झटका; FMCG मांग में सुस्ती की आशंका ने बढ़ाई चिंता

भारत की अर्थव्यवस्था की सबसे बड़ी ताकत कारखाने नहीं बल्कि बाजार हैं। गांव की किराना दुकान से लेकर शहर के मॉल तक जो खर्च होता है, वही आर्थिक विकास की असली धड़कन है। यही वजह है कि उपभोग में थोड़ी भी सुस्ती अर्थव्यवस्था को बड़ा झटका दे सकती है। वह भी ऐसे समय में, जब देश पशि्चम एशिया में जारी तनाव, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें, विदेशी निवेशकों की लगातार पूंजी निकासी, डॉलर की तुलना में रुपये में रिकॉर्ड गिरावट और बढ़ते आयात बिल जैसे संकटों से जूझ रहा है।

दरअसल, भारत की अर्थव्यवस्था का सबसे बड़ा सहारा घरेलू खर्च है। घरेलू जीडीपी में निजी खपत की हिस्सेदारी करीब 57 फीसदी है। यानी लोगों की जेब, खरीदारी और भरोसा ही विकास का सबसे बड़ा इंजन है। दिसंबर, 2025 तिमाही के दौरान निजी खपत बढ़कर जीडीपी के 57.5 फीसदी तक पहुंच गई।

चिंता इसलिए बढ़ी है, क्योंकि पिछले तीन महीनों में कई एजेंसियों ने भारत की वृद्धि दर के अनुमान घटाए हैं। संयुक्त राष्ट्र ने 2026 के लिए विकास दर अनुमान को 6.6 फीसदी से घटाकर 6.4 फीसदी कर दिया है। मूडीज रेटिंग्स ने भी 2026 के लिए भारत की वृद्धि दर का अनुमान 6.8 फीसदी से घटाकर 6.0 फीसदी किया है। वहीं, इंडिया रेटिंग्स ने पश्चिम एशिया तनाव और अल-नीनो के जोखिम को देखते हुए 2026-27 में वृद्धि दर 6.7 फीसदी रहने का अनुमान जताया है। यानी भारत मौजूदा संकट में भी तेज बढ़ती अर्थव्यवस्था तो बना हुआ है, लेकिन बाहरी झटकों से अछूता नहीं है।


रोजमर्रा के सामान साबुन, तेल, बिस्कुट, शैंपू, चाय, पैकेज्ड फूड…देश की खपत का सबसे तेज संकेत देते हैं। इसी मोर्चे पर चेतावनी दिख रही है।
वर्ल्डपैनल बाय न्यूमरेटर के मुताबिक, जनवरी-मार्च तिमाही में एफएमसीजी वैल्यू ग्रोथ 13.1 फीसदी और वॉल्यूम ग्रोथ 5.4 फीसदी रही। एजेंसी का अनुमान है कि 2026 में वॉल्यूम ग्रोथ 5 फीसदी तक जा सकती है, अगर कच्चा तेल स्थिर रहे और मानसून साथ दे। महंगाई और मौसम का दबाव बना रहा, तो एफएमसीजी की वृद्धि दर 3-4 फीसदी तक सिमट सकती है।

महंगाई के दौर में उपभोक्ता गैर-जरूरी खरीद टालता है। महंगे ब्रांड से सस्ते विकल्पों की ओर जाता है और जहां बचत दिखती है, वहां बड़े वैल्यू पैक चुनता है। कंपनियों के लिए यह संकेत आसान नहीं है। कंपनियों की असली परीक्षा अब वॉल्यूम ग्रोथ में होगी, न कि सिर्फ महंगे दामों से बढ़े राजस्व में।

उपभोग की अगली परीक्षा मौसम और तेल से होगी। अमेरिकी राष्ट्रीय महासागरीय एवं वायुमंडलीय प्रशासन के मुताबिक, मई-जुलाई, 2026 में अल नीनो उभरने की 82 फीसदी और इसके सर्दियों तक बने रहने की आशंका 96 फीसदी है।

आईएमडी के शुरुआती अनुमान बताते हैं कि दक्षिण-पश्चिम मानसून कमजोर रह सकता है। कमजोर बारिश का असर खेत से सीधे रसोई तक आता है। अनाज, सब्जी, दूध, चारा, ग्रामीण मजदूरी और ग्रामीण मांग सभी प्रभावित होते हैं। दूसरी तरफ, महंगा कच्चा तेल परिवहन, पैकेजिंग और उत्पादन लागत बढ़ाकर महंगाई को हवा देता है।

उपभोग की रफ्तार थमी, तो असर सिर्फ एफएमसीजी तक सीमित नहीं रहेगा। ऑटो, सीमेंट, कपड़ा, इलेक्ट्रॉनिक्स, छोटे कारोबार, जीएसटी संग्रह और रोजगार…सब पर दबाव आएगा।

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