Monday, June 22, 2026
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NATIONAL : 10 राज्यों में गर्मी का तांडव जारी रहेगा, अरब सागर में बना नया सिस्टम, मानसून की रफ्तार पर असर

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देश के बड़े हिस्से में इस समय भीषण और रिकॉर्ड तोड़ देने वाली गर्मी (हीटवेव) पड़ रही है। उत्तर से लेकर मध्य भारत के राज्य सूरज की तपिश का सामना कर रहे हैं। आने वाले एक हफ्ते मौसम पूरी तरह शुष्क रहेगा और बेहद गर्म हवाएं चलेंगी।

देशभर में इस समय रिकॉर्डतोड़ गर्मी पड़ रही है और आने वाले दिनों में हालात और गंभीर हो सकते हैं। निजी मौसम एजेंसी स्कायमेट (Skymet) ने चेतावनी दी है कि अरब सागर के ऊपर एक नई मौसम प्रणाली बनने लगी है, जिससे दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार कमजोर पड़ सकती है। इसका असर सबसे पहले केरल और दक्षिण भारत के राज्यों में दिखाई देने की आशंका है, जहां बारिश की गतिविधियां कम हो सकती हैं।

मौसम एजेंसी के मुताबिक, अगले एक सप्ताह तक मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, छत्तीसगढ़, ओडिशा, गुजरात और महाराष्ट्र समेत 10 राज्यों में गर्म और शुष्क हवाएं चलेंगी। कई इलाकों में अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस या उससे ऊपर पहुंच सकता है। पश्चिमी विक्षोभ कमजोर पड़ने और किसी सक्रिय मौसम प्रणाली के नहीं होने की वजह से फिलहाल मैदानी इलाकों को इस भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है।

21 मई को राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में हीटवेव की स्थिति बनी रहेगी। मौसम विभाग ने यह भी कहा है कि कई शहरों में रात के समय भी गर्म हवाएं चल सकती हैं, जिससे लोगों को राहत नहीं मिलेगी।

BUSINESS : खूब चढ़ा Parle Industries का शेयर, पर मेलोडी बनाने वाली असली पारले की हालत जान लीजिए

पीएम मोदी ने जब इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी को Melody टॉफी का एक पैकेट गिफ्ट किया, तो इंटरनेट पर मीम्स की बाढ़ आ गई. लेकिन बात सिर्फ सोशल मीडिया तक नहीं रुकी, इसकी गूंज शेयर बाजार तक सुनाई दी. निवेशकों में पारले नाम को लेकर ऐसी दीवानगी बढ़ी कि शेयर बाजार में लिस्टेड कंपनी Parle Industries के शेयरों में बंपर तेजी आ गई. लेकिन इस पूरी कहानी में एक बड़ा ट्विस्ट है. जिस पारले इंडस्ट्रीज के शेयर भागे, उसका मेलोडी टॉफी बनाने वाली कंपनी से कोई लेना-देना ही नहीं है. वहीं दूसरी तरफ, मेलोडी और पारले जी बिस्कुट बनाने वाली असली कंपनी पारले प्रोडक्ट्स के लिए बीता फाइनेंशियल ईयर 2025 कमाई के मामले में तो शानदार रहा, लेकिन मुनाफे के मोर्चे पर उसे तगड़ा झटका लगा है. चलिए इस खबर में आपको बताते हैं कि पारले के बिजनेस के साथ पिछले साल क्या हुआ और क्यों इसकी कमाई बढ़ने के बाद भी तिजोरी खाली रह गई.

पीएम मोदी और मेलोनी के मेलोडी डिप्लोमेसी के बाद जैसे ही ये नाम चर्चा में आया, शेयर बाजार के निवेशकों ने बिना सोचे-समझे ‘Parle Industries’ के स्टॉक खरीदने शुरू कर दिए. देखते ही देखते इस स्टॉक में उछाल आ गया. मजेदार बात ये है कि मेलोडी टॉफी, पारले-जी बिस्कुट और हाइड एंड सीक बनाने वाली मूल कंपनी पारले प्रोडक्ट्स शेयर बाजार में लिस्टेड ही नहीं है. ये एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी है. बाजार में लिस्टेड पारले इंडस्ट्रीज एक बिल्कुल अलग कंपनी है, जिसे सिर्फ एक जैसे नाम होने की वजह से लॉटरी लग गई. इसे बिजनेस की भाषा में सेंटीमेंटल रैली कहते हैं, जहां सिर्फ नाम के बज की वजह से गलत शेयर भी दौड़ने लगते हैं.

असली पारले (Parle Products) के लिए वित्तीय वर्ष 2025 का साल मिला-जुला रहा. महंगाई के दौर में भी पारले के प्रोडक्ट्स की मांग में कोई कमी नहीं आई. गांव से लेकर शहरों तक लोगों ने पारले के बिस्कुट और चॉकलेट जमकर खरीदे. यही वजह है कि फाइनेंशियल 2025 में कंपनी की टोटल सेल करीब 8.5% बढ़कर 15,568 करोड़ रुपये हो गई. अगर इसमें कंपनी की दूसरे निवेशों से होने वाली कमाइयों को भी जोड़ दें, तो पारले की कुल इनकम 16,190.98 करोड़ रुपये के पार रही.

हालांकि कहानी यहीं खत्म नहीं होती. भले ही पारले का सामान दुकानों पर खूब बिका और रेवेन्यू में इजाफा हुआ, लेकिन जब बात नेट प्रॉफिट की आई, तो कंपनी के चेहरे पर मायूसी छा गई. पारले प्रोडक्ट्स का नेट प्रॉफिट पिछले साल के मुकाबले लगभग 39% घट गया. ये गिरकर 979.53 करोड़ रुपये पर आ गया. यानी कंपनी ने धंधा तो बड़ा किया, लेकिन उसकी इन-हैंड सेविंग्स बहुत कम हो गई.

BUSINESS : महंगाई का असर: खपत की रफ्तार थामी तो विकास दर को लग सकता है झटका; FMCG मांग में सुस्ती की आशंका ने बढ़ाई चिंता

भारत की अर्थव्यवस्था की सबसे बड़ी ताकत कारखाने नहीं बल्कि बाजार हैं। गांव की किराना दुकान से लेकर शहर के मॉल तक जो खर्च होता है, वही आर्थिक विकास की असली धड़कन है। यही वजह है कि उपभोग में थोड़ी भी सुस्ती अर्थव्यवस्था को बड़ा झटका दे सकती है। वह भी ऐसे समय में, जब देश पशि्चम एशिया में जारी तनाव, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें, विदेशी निवेशकों की लगातार पूंजी निकासी, डॉलर की तुलना में रुपये में रिकॉर्ड गिरावट और बढ़ते आयात बिल जैसे संकटों से जूझ रहा है।

दरअसल, भारत की अर्थव्यवस्था का सबसे बड़ा सहारा घरेलू खर्च है। घरेलू जीडीपी में निजी खपत की हिस्सेदारी करीब 57 फीसदी है। यानी लोगों की जेब, खरीदारी और भरोसा ही विकास का सबसे बड़ा इंजन है। दिसंबर, 2025 तिमाही के दौरान निजी खपत बढ़कर जीडीपी के 57.5 फीसदी तक पहुंच गई।

चिंता इसलिए बढ़ी है, क्योंकि पिछले तीन महीनों में कई एजेंसियों ने भारत की वृद्धि दर के अनुमान घटाए हैं। संयुक्त राष्ट्र ने 2026 के लिए विकास दर अनुमान को 6.6 फीसदी से घटाकर 6.4 फीसदी कर दिया है। मूडीज रेटिंग्स ने भी 2026 के लिए भारत की वृद्धि दर का अनुमान 6.8 फीसदी से घटाकर 6.0 फीसदी किया है। वहीं, इंडिया रेटिंग्स ने पश्चिम एशिया तनाव और अल-नीनो के जोखिम को देखते हुए 2026-27 में वृद्धि दर 6.7 फीसदी रहने का अनुमान जताया है। यानी भारत मौजूदा संकट में भी तेज बढ़ती अर्थव्यवस्था तो बना हुआ है, लेकिन बाहरी झटकों से अछूता नहीं है।


रोजमर्रा के सामान साबुन, तेल, बिस्कुट, शैंपू, चाय, पैकेज्ड फूड…देश की खपत का सबसे तेज संकेत देते हैं। इसी मोर्चे पर चेतावनी दिख रही है।
वर्ल्डपैनल बाय न्यूमरेटर के मुताबिक, जनवरी-मार्च तिमाही में एफएमसीजी वैल्यू ग्रोथ 13.1 फीसदी और वॉल्यूम ग्रोथ 5.4 फीसदी रही। एजेंसी का अनुमान है कि 2026 में वॉल्यूम ग्रोथ 5 फीसदी तक जा सकती है, अगर कच्चा तेल स्थिर रहे और मानसून साथ दे। महंगाई और मौसम का दबाव बना रहा, तो एफएमसीजी की वृद्धि दर 3-4 फीसदी तक सिमट सकती है।

महंगाई के दौर में उपभोक्ता गैर-जरूरी खरीद टालता है। महंगे ब्रांड से सस्ते विकल्पों की ओर जाता है और जहां बचत दिखती है, वहां बड़े वैल्यू पैक चुनता है। कंपनियों के लिए यह संकेत आसान नहीं है। कंपनियों की असली परीक्षा अब वॉल्यूम ग्रोथ में होगी, न कि सिर्फ महंगे दामों से बढ़े राजस्व में।

उपभोग की अगली परीक्षा मौसम और तेल से होगी। अमेरिकी राष्ट्रीय महासागरीय एवं वायुमंडलीय प्रशासन के मुताबिक, मई-जुलाई, 2026 में अल नीनो उभरने की 82 फीसदी और इसके सर्दियों तक बने रहने की आशंका 96 फीसदी है।

आईएमडी के शुरुआती अनुमान बताते हैं कि दक्षिण-पश्चिम मानसून कमजोर रह सकता है। कमजोर बारिश का असर खेत से सीधे रसोई तक आता है। अनाज, सब्जी, दूध, चारा, ग्रामीण मजदूरी और ग्रामीण मांग सभी प्रभावित होते हैं। दूसरी तरफ, महंगा कच्चा तेल परिवहन, पैकेजिंग और उत्पादन लागत बढ़ाकर महंगाई को हवा देता है।

उपभोग की रफ्तार थमी, तो असर सिर्फ एफएमसीजी तक सीमित नहीं रहेगा। ऑटो, सीमेंट, कपड़ा, इलेक्ट्रॉनिक्स, छोटे कारोबार, जीएसटी संग्रह और रोजगार…सब पर दबाव आएगा।

RAJASTHAN : जयपुर में सरस दूध-छाछ के दाम में 2 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी, उपभोक्ताओं को 70 रुपए प्रति लीटर मिलेगा गोल्ड दूध

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जयपुर: जयपुर में सरस दूध, छाछ के दाम में 2 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है. उपभोक्ताओं को 70 रुपए प्रति लीटर सरस गोल्ड दूध मिलेगा. जयपुर जिला दुग्ध उत्पादक संघ की ओर से रेट बढ़ोतरी के आदेश जारी किए हैं.

जयपुर में सरस टोंड दूध 56 रुपए प्रति लीटर मिलेगा. जयपुर डेयरी प्रबंध संचालक मनीष फौजदार ने आदेश जारी किए हैं. सरस 500 ML छाछ पाउच की रेट अब 17 रुपए होगी. सरस पनीर, दही, लस्सी, नमकीन छाछ के दामों में भी बढ़ोतरी की गई है. कल 21 मई से सरस के उत्पादों की बढ़ी हुई दरें लागू होगी.

सरस दूध, छाछ के दाम में 2 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी

-उपभोक्ताओं को 70 रुपए प्रति लीटर मिलेगा सरस गोल्ड दूध
-जयपुर जिला दुग्ध उत्पादक संघ की ओर से जारी किए रेट बढ़ोतरी के आदेश
-जयपुर में सरस टोंड दूध मिलेगा 56 रुपए प्रति लीटर
-सरस 500 ML छाछ पाउच की रेट होगी अब 17 रुपए
-सरस पनीर, दही, लस्सी, नमकीन छाछ के दामों में भी की गई बढ़ोतरी
-जयपुर डेयरी प्रबंध संचालक मनीष फौजदार ने जारी किए आदेश
-कल 21 मई से लागू होगी सरस के उत्पादों की बढ़ी हुई दरें

NATIONAL : दिल्ली-एनसीआर में चक्का जाम: ट्रांसपोर्टरों की आज से हड़ताल, दैनिक सेवाओं की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका

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दिल्ली, एनसीआर और आसपास के राज्यों में व्यावसायिक वाहनों का परिचालन प्रभावित होने से सब्जी, दूध, दवा और अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बाधित होने की आशंका है।

ट्रांसपोर्टर बृहस्पतिवार से तीन दिवसीय हड़ताल करेंगे। 23 मई तक प्रस्तावित इस हड़ताल का असर आम लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों पर पड़ सकता है। दिल्ली, एनसीआर और आसपास के राज्यों में व्यावसायिक वाहनों का परिचालन प्रभावित होने से सब्जी, दूध, दवा और अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बाधित होने की आशंका है।

ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (एआईएमटीसी) ने दिल्ली में व्यावसायिक वाहनों पर बढ़ाए गए हरित शुल्क और बीएस-4 वाहनों के प्रवेश प्रतिबंध के विरोध में हड़ताल का आह्वान किया है। संगठन का दावा है कि दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, पंजाब और हिमाचल प्रदेश के 126 परिवहन संगठन आंदोलन का समर्थन कर रहे हैं।

ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि हड़ताल के दौरान वाहन जहां होंगे, वहीं खड़े कर दिए जाएंगे। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो आंदोलन और बड़ा किया जाएगा

अनुमान है कि हड़ताल से प्रतिदिन 25 से 30 हजार व्यावसायिक वाहनों का संचालन प्रभावित हो सकता है। इनमें सात से 10 हजार वाहन खाद्य सामग्री, डेयरी उत्पाद और दवाओं जैसी जरूरी वस्तुओं की ढुलाई करते हैं। ऐसे में यदि हड़ताल पूरी तरह सफल रही तो मंडियों से लेकर खुदरा बाजार तक इसका असर दिखाई दे सकता है।

ट्रांसपोर्टरों का आरोप है कि बिना वैज्ञानिक आधार के बीएस-4 वाहनों पर प्रतिबंध लगाया जा रहा है और हरित शुल्क में बढ़ोतरी से माल ढुलाई लागत लगातार बढ़ रही है।

NATIONAL : 3.5 लाख श्रद्धालु रजिस्टर्ड, 3 जुलाई से शुरू होगी 57 दिन की श्री अमरनाथ यात्रा 2026, सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर

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श्री अमरनाथ यात्रा 2026 के लिए 3.5 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने पंजीकरण कराया है, जो 3 जुलाई से शुरू होकर 57 दिनों तक चलेगी। यात्रा के लिए नए
इस साल की वार्षिक श्री अमरनाथ जी यात्रा के लिए अब तक 3.5 लाख से अधिक यात्रियों का रजिस्ट्रेशन हो चुका है। 15 अप्रैल से देशभर में PNB, J&K बैंक, SBI और यस बैंक की 550 नामित शाखाओं में पंजीकरण चल रहा है।

यह 57 दिवसीय यात्रा 3 जुलाई से बालटाल-सोनमर्ग और नुनवान-पहलगाम दोनों मार्गों से शुरू होगी। 28 अगस्त को श्रावण पूर्णिमा और रक्षाबंधन के दिन यात्रा का समापन होगा।

पहली बार श्रीनगर में लाइट एंड साउंड शो
श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड ने पहली बार यात्री निवास पंथा चौक, श्रीनगर में लाइट एंड साउंड शो शुरू किया है। यात्रा अवधि के दौरान यह शो रोजाना चलेगा। इसमें यात्रा मार्ग, व्यवस्थाओं के साथ भजन और कीर्तन दिखाए जाएंगे।

दोनों ट्रैकों पर बर्फ हटाने और रास्ता बहाल करने का काम जोरों पर है। बालटाल ट्रैक पर 9 किमी और नुनवान-पहलगाम मार्ग पर 8 किमी तक बर्फ साफ हो चुकी है। सामान्य जगहों पर 8 फीट और एवलांच जोन में 10 फीट से ज्यादा बर्फ है। सूत्रों के मुताबिक नुनवान की तरफ महा गणेश टॉप तक और बालटाल की तरफ काली माता टॉप तक बर्फ हट चुकी है। 12 फीट चौड़े ट्रैक की बहाली का काम चल रहा है। रिटेनिंग वॉल, ब्रेस्ट वॉल और कलवर्ट का निर्माण भी जारी है। अधिकारियों को उम्मीद है कि 15 जून तक दोनों ट्रैक पूरी तरह तैयार हो जाएंगे।

नुनवान-पहलगाम, बालटाल-सोनमर्ग और बिजबेहरा अनंतनाग में बने नए यात्री भवनों का इस्तेमाल इस साल से होगा। बिजबेहरा और नुनवान में 90 करोड़ की लागत से बने चार मंजिला यात्री निवास में 1000-1000 श्रद्धालु रुक सकेंगे। बालटाल में 80 करोड़ का यात्री निवास 800 लोगों की क्षमता वाला है।

बादल फटने वाले क्षेत्रों में नहीं लगेंगे कैंप
पिछली आपदाओं को देखते हुए इस बार कमजोर और बाढ़ संभावित जगहों पर कैंप नहीं लगाए जाएंगे। सभी कैंप सुरक्षित स्थानों पर ही बनेंगे। दर्शन के बाद किसी भी यात्री को पवित्र गुफा के पास रुकने की अनुमति नहीं होगी। संवेदनशील इलाके श्रद्धालुओं के लिए प्रतिबंधित रहेंगे।

सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट
PWD, PHE और बाढ़ नियंत्रण विभाग ने यात्रा सुविधाओं का काम शुरू कर दिया है। जिला प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हैं। लंगर फाइनल करने की प्रक्रिया चल रही है। ग्रामीण विकास विभाग ने ट्रैक, बेस कैंप और गुफा के पास सफाई के लिए टेंडर जारी कर दिए हैं।

NATIONAL : तमिलनाडु में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग, सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई याचिका, हॉर्स ट्रेडिंग-भ्रष्टाचार मामले में CBI जांच की मांग

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कथित हॉर्स ट्रेडिंग और भ्रष्टाचार मामले में सीबीआई जांच की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है. याचिका में जांच पूरी होने तक राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की गई है.

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में कथित हॉर्स ट्रेडिंग और भ्रष्टाचार मामले में सीबीआई जांच की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है. याचिका में जांच पूरी होने तक राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की गई है. मदुरै के रहने वाले केके रमेश ने याचिका दायर की है. उन्होंने आरोप लगाया कि टीवीके ने हाल के विधानसभा चुनावों केबाद हॉर्स ट्रेडिंग के जरिए दूसरे विधायकों से समर्थन हासिल किया है. हाल ही में टीवीके चीफ सी.जोसेफ विजय तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री बने हैं.

यह PIL चेन्नई के रहने वाले केके रमेश ने दायर की है. इसमें उन्होंने बीजेपी के खिलाफ सीबीआई जांच की मांग की है. याचिका में भारतीय संघ, सीबीआई और तमिलनाडु सरकार को पक्षधर बनाया गया है.

याचिका में कहा गया है कि तमिलनाडु में टीवीके सबसे बड़ी पार्टी बनी थी. लेकिन सरकार बनाने के लिए बहुमत नहीं था. इस बार के विधानसभा चुनाव में टीवीके ने चौंकाते हुए चार मई को 108 सीटें जीती थी. पार्टी राज्य में सबसे बड़ा दल बनकर उभरी. इसके बाद कांग्रेस, सीपीआई, सीपीआईएम और IUML ने विजय की पार्टी को समर्थन देने का ऐलान किया. जिसके बाद विजय ने दस मई को शपथ ली, और इसके बाद विधानसभा में बहुमत साबित किया.

लेकिन विवाद बहुमत साबित करने पर हुआ. जब विजय की पार्टी ने विधानसभा में बहुमत साबित किया तो सभी हैरान रह गए. AIADMK के 25 विधायकों ने टीवीके को समर्थन दे दिया. जिससे टीवीके गठबंधन का आंकड़ा 144 को पार कर गया.

तमिलनाडु में कांग्रेस के दो विधायक गुरुवार को सरकार मंत्रिमंडल में मंत्री पद की शपथ लेंगे. कांग्रेस के विधायक राजेश कुमार और पी. विश्वनाथन तमिलनाडु सरकार हिस्सा बनेंगे. इन विधायकों के साथ ही कांग्रेस तमिलनाडु के मंत्रिमंडल में 59 साल बाद शामिल हो रही है.

NATIONAL : बिहार कैबिनेट के फैसले: युवा पेशेवर नीति-2026 को मंजूरी, कैमूर में इथेनॉल तो नालंदा में चावल मिल को हरी झंडी

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विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग और उसके अधीनस्थ संस्थानों में तकनीकी व विशेषज्ञ सेवाओं के लिए राज्य मंत्रिमंडल ने युवा पेशेवर चयन नीति-2026 को मंजूरी दे दी है। इस नीति के लागू होने से विभाग और उससे जुड़े संस्थानों को प्रतिभाशाली युवा पेशेवरों की त्वरित उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी।प्रदेश के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में इस प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई। बैठक में कुल 13 प्रस्ताव स्वीकृत किए गए।

इसके साथ ही कैमूर के कुदरा में मेसर्स ईएसई एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड को 60 केएलपीडी ग्रेन बेस्ड इथेनॉल प्लांट और दो मेगावाट को-जेनेरेशन पावर प्लांट तथा नालंदा के अरावन, बेन में 960 एमटीपीडी क्षमता वाली पारबॉइल्ड राइस उत्पादन इकाई की भी स्थापना होगी।की बैठक के बाद कैबिनेट के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने बताया कि नई नीति के तहत विभिन्न तकनीकी, शोध और विशेषज्ञ कार्यों के लिए योग्य युवा पेशेवरों की नियुक्ति की जाएगी।

इससे संस्थानों की कार्यक्षमता बढ़ेगी और अनुसंधान सहित अन्य महत्वपूर्ण कार्यों के बेहतर निष्पादन में सहायता मिलेगी। इस पहल से आधुनिक तकनीकी आवश्यकताओं के अनुरूप कुशल मानव संसाधन उपलब्ध होंगे और संस्थानों में नवाचार व गुणवत्ता को बढ़ावा मिलेगा।

एसटीएफ में 50 दक्ष पुलिसकर्मियों की प्रतिनियुक्ति मंजूर
मंत्रिमंडल ने वामपंथी उग्रवादियों के खिलाफ अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए विशेष कार्य बल (एसटीएफ) में 50 दक्ष पुलिसकर्मियों को अधिकतम 15 वर्षों तक प्रतिनियुक्ति पर रखने की स्वीकृति दी है।

सप्तम वित्त आयोग की रिपोर्ट लंबित, पुराने फॉर्मूले से मिलेगा अनुदान
सप्तम राज्य वित्त आयोग की अनुशंसाएं अब तक प्राप्त नहीं होने के कारण मंत्रिमंडल ने वर्ष 2026-27 में स्थानीय निकायों को अनुदान देने के लिए षष्ठम राज्य वित्त आयोग की पूर्व स्वीकृत अनुशंसाओं को लागू रखने का फैसला किया है।

सरकार ने कहा है कि यदि अनुदान राशि का हस्तांतरण नहीं होता तो ग्रामीण और शहरी निकायों की जनकल्याणकारी योजनाएं प्रभावित होतीं। ऐसे में 2021-25 तक लागू व्यवस्था के अनुरूप ही राशि का हस्तांतरण और योजनाओं का क्रियान्वयन जारी रहेगा।

15वें वित्त आयोग मद से ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगी मजबूती
मंत्रिमंडल ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए 15वें वित्त आयोग की अनुशंसा के तहत हेल्थ सेक्टर ग्रांट मद की राशि जारी करने के लिए बिहार आकस्मिकता निधि से 7,47,97,64,000 की अग्रिम स्वीकृति दी है।

इस राशि का उपयोग ग्रामीण क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार पर किया जाएगा।

कैमूर में 73.45 करोड़ के इथेनॉल प्लांट को मंजूरी
कैमूर के कुदरा में मेसर्स ईएसई एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड को 60 केएलपीडी ग्रेन बेस्ड इथेनॉल प्लांट और दो मेगावाट को-जेनेरेशन पावर प्लांट स्थापित करने के लिए 73.45 करोड़ रुपये के निजी निवेश पर वित्तीय प्रोत्साहन की स्वीकृति मिली है। परियोजना से राज्य में 93 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है।

नालंदा में 88.18 करोड़ के निवेश से लगेगी पारबॉइल्ड राइस यूनिट
मंत्रिमंडल ने मेसर्स पटेल वेयरहाउसिंग प्राइवेट लिमिटेड, अरावन, बेन (नालंदा) को बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावली के तहत 960 एमटीपीडी क्षमता वाली पार-बाइल्ड राइस उत्पादन इकाई स्थापित करने के लिए 88 करोड़ 18 लाख रुपये के निजी पूंजी निवेश की स्वीकृति प्रदान की है। इस परियोजना के जरिए 185 कुशल एवं अकुशल कामगारों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है।

बिहार विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद में 53 नए पद सृजित
बिहार सरकार ने विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के तहत बिहार विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद तथा इसके अधीनस्थ कार्यालयों के लिए बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है।

सरकार ने पूर्व से स्वीकृत 94 पदों में से 87 पदों को प्रत्यर्पित करने के साथ ही पदाधिकारियों और कर्मियों के 53 अतिरिक्त पदों के सृजन को मंजूरी दी है। इस निर्णय से परिषद और उसके अधीनस्थ संस्थानों के कार्यों के संचालन एवं वैज्ञानिक गतिविधियों को मजबूती मिलेगी।

अन्य निर्णय
सहरसा के सलखुआ में आउटडोर स्टेडियम बनेगा। अंतर्विभागीय जमीन हस्तांतरण का प्रस्ताव मंजूर।
औरंगाबाद के देव में स्पोर्ट्स कांप्लेक्स देव का निर्माण होगा। जमीन ट्रांसफर का प्रस्ताव स्वीकृत।
अरवल के करपी में स्पोर्ट्स कांप्लेक्स का होगा निर्माण, जमीन ट्रांसफर का प्रस्ताव स्वीकृत।

NATIONAL : शुभेंदु सरकार का एक और बड़ा फैसला: बंगाल में अवैध घुसपैठियों के धरपकड़ का काम शुरू

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बंगाल में शुभेंदु अधिकारी की अगुवाई वाली नई भाजपा सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा के मद्देनजर बुधवार को एक बड़ा व निर्णायक फैसला लेते हुए राज्य में अवैध तरीके से रह रहे बांग्लादेशी घुसपैठियों की आज से ही धरपकड़ करने के निर्देश दिए हैं।भारत- बांग्लादेश सीमा पर कंटीले बाड़ लगाने के लिए जमीन हस्तांतरण और सीमा सुरक्षा मजबूत करने को लेकर राज्य सचिवालय नवान्न में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के महानिदेशक प्रवीण कुमार व वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने इसकी घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले साल 14 मई 2025 को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्य सरकार को पत्र लिखकर अवैध तरीके से रह रहे बांग्लादेशी घुसपैठियों को पकड़कर बीएसएफ को हैंडओवर करने का निर्देश दिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि वोट बैंक व तुष्टीकरण की राजनीति के चलते पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस सरकार ने इसको लेकर कोई कदम नहीं उठाया।

मुख्यमंत्री शुभेंदु ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जो लोग नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के अंतर्गत नहीं आएंगे उन्हें तुरंत गिरफ्तार किया जाएगा। उन्होंने डीजीपी को तत्काल प्रभाव से इसे राज्य में लागू करने और अवैध घुसपैठियों की धरपकड़ शुरू करने का निर्देश दिया। शुभेंदु ने कहा कि पुलिस घुसपैठियों को पकड़कर बीएसएफ को सौंपेगी। इसके बाद बीएसएफ उन्हें वापस बांग्लादेश डिपोर्ट करने (भेजने) का प्रबंध करेगी। बंगाल के सभी थानों को आज से ही इस निर्देश का पालन करने का निर्देश दिया गया है।

इसके साथ ही बंगाल की नई भाजपा सरकार ने सत्ता में आने के 10 दिन बाद ही भारत- बांग्लादेश सीमा पर कंटीले बाड़ के लिए जमीन हस्तांतरण की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री की मौजूदगी में बीएसएफ महानिदेशक प्रवीण कुमार को आज 27 किमी सीमा इलाके में बाड़ लगाने के लिए 75 एकड़ जमीन हस्तांतरण के दस्तावेज सौंपे गए।

मालूम हो कि हाल में राज्य में नवगठित शुभेंदु अधिकारी की अगुवाई वाली भाजपा सरकार ने बीते 12 मई को अपनी पहली ही कैबिनेट बैठक में बीएसएफ को सीमा पर कंटीले बाड़ लगाने के लिए अगले 45 दिनों के भीतर जमीन हस्तांतरित करने का बड़ा फैसला लिया था। बताते चलें कि बंगाल की बांग्लादेश के साथ 2,216 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा लगती है, जिसमें से 569 किमी सीमा पर अब तक बाड़ नहीं हैं।

NATIONAL : विजय कैबिनेट में शामिल होगी कांग्रेस, 59 साल बाद तमिलनाडु की सत्ता में बनेगी भागीदार

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तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का प्रदर्शन भले ही कमजोर रहा हो मगर करीब छह दशक के लंबे अंतराल के बाद पार्टी राज्य में सत्ता की भागीदार बनने जा रही है। कांग्रेस के दो विधायक गुरूवार को मुख्यमंत्री विजय के नेतृत्व वाली टीवीके सरकार में बतौर कैबिनेट मंत्री शपथ लेंगे।

विधानसभा चुनाव में पूर्व सीएम एमके स्टालिन के नेतृत्व वाली द्रमुक संग गठबंधन में उतरी कांग्रेस ने बहुमत से पीछे रहे विजय के मुख्यमंत्री बनने की राह बनाने में अहम भूमिका निभाई। द्रविड राजनीति के वर्चस्व वाले तमिलनाडु में कांग्रेस के दो सदस्यों का मंत्री बनना इस लिहाज से भी महत्वपूर्ण है कि वस्तुत: छह दशक बाद कोई राष्ट्रीय पार्टी राज्य की सत्ता में भागीदारी बन रही है।

कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने राज्य में पार्टी के दो विधायकों के मंत्री बनने की जानकारी एक्स पोस्ट पर साझा करते हुए कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने विधायक एडवोकेट राजेश कुमार और पी. विश्वनाथन को तमिलनाडु कैबिनेट में शामिल करने की मंजूरी दे दी है और गुरूवार को दोनों मंत्री पद की शपथ लेंगे।

तमिलनाडु की सत्ता-सियासत में पार्टी के लिए यह घटनाक्रम महत्वपूर्ण है क्योंकि दो दशक तक द्रमुक संग गठबंधन में होने के बाद भी उसने कांग्रेस को कभी सत्ता में भागीदारी नहीं दी। वेणुगोपाल ने भी माना कि यह हमारे लिए एक ऐतिहासिक अवसर है क्योंकि 59 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद कांग्रेस तमिलनाडु कैबिनेट में शामिल हो रही है।

कांग्रेस कोटे से शामिल हो रहे दोनों मंत्रियों को शुभकमानाएं देते हुए यह भी कहा कि हमें पूरा विश्वास है कि वे तमिलनाडु की जनता की आशाओं और आकांक्षाओं को पूरा करेंगे। साथ ही लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी द्वारा निर्धारित कल्याणकारी और जन-हितैषी शासन के साहसी दृष्टिकोण को साकार करने की दिशा में काम करेंगे।

मालूम हो कि विधानसभा चुनाव में 108 सीटों के साथ टीवीके के सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरने के बाद बहुमत से पीछे रहे विजय के मुख्यमंत्री बनने की राह बनाने में राहुल गांधी की अहम भूमिका रही क्योंकि नतीजे के अगले ही दिन उनकी पहल पर कांग्रेस ने अपने पांच विधायकों के समर्थन का एलान कर टीवीके के पक्ष में विधायकों की संख्या 113 पहुंचा दी जिसके बाद धीरे-धीरे अन्य छोटे दलों के नए गठबंधन में आने की राह बनी।

द्रमुक संग पुराने गठबंधन को छोड़ कर तत्काल विजय को समर्थन देने के कांग्रेस के एलान ने स्टालिन को भी हतप्रभ किया और उन्होंने इसकी खूब आलोचना भी की। वैसे तमिलनाडु के चुनाव से पहले ही राज्य कांग्रेस का एक वर्ग विजय की पार्टी से गठबंधन की जमकर पैरोकारी कर रहा था मगर हाईकमान ने यह जोखिम नहीं लिया, लेकिन चुनाव नतीजों ने पार्टी को राज्य की राजनीति में नए विकल्प के रास्ते पर चलने का मौका दे दिया है।

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