Monday, April 27, 2026
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NATIONAL : छुट्टियां मौत में बदलीं, गोवा के नाइटक्लब अग्निकांड में तबाह हो गया दिल्ली का ये पूरा परिवार

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गोवा के मशहूर नाइटक्लब ‘Birch by Romeo Lane’ में शनिवार रात लगी भीषण आग ने दिल्ली के एक ही परिवार के चार सदस्यों की जान ले ली. छुट्टियां मनाने गए परिवार से सिर्फ युवक की पत्नी की जान बच सकी, जो हादसे के बाद सदमे में है. मृतकों में भाभी-देवर और दो सालियां शामिल हैं. परिवार ने गोवा जाकर शवों की पहचान की और अब पोस्टमार्टम होने का इंतजार कर रहे हैं.

गोवा के नाइटक्लब ‘Birch by Romeo Lane’ में हुए अग्निकांड में दिल्ली के एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हो गई. भाभी-देवर और दो सालियों की गोवा के क्लब में जलकर मौत हो गई. घटना से एक दिन पहले शुक्रवार को एक ही परिवार के पांच लोग छुट्टियां मनाने के लिए गोवा गए थे. हादसे में जान गंवाने वाले युवक की पत्नी की जान बाल-बाल बची है.

मृतकों की पहचान सादतपुर एक्सटेंशन के रहने वाले विनोद जोशी, उनकी भाभी कमला जोशी, दो साली सरोज और अनीता के रूप में हुई है. विनोद की पत्नी भावना जोशी गहरे सदमे में है. हादसे की सूचना मिलते ही रविवार सुबह परिवार गोवा के लिए निकल गया. रात को परिवार ने गोवा के अस्पताल में शवों की पहचान की.

नवीन जोशी अपने परिवार के साथ सादतपुर एक्सटेंशन की गली नंबर-15 में रहते हैं. उनके छोटे भाई विनोद अपनी पत्नी भावना के साथ वैशाली में रहते थे जबकि विनोद की दो सालियां अनीता और सरोज रोहिणी में रहती थीं. विनोद फाइनेंस सेक्टर में काम करते थे. इनके परिवार के सदस्य दीपक ने बताया कि विनोद अपनी पत्नी, भाभी और दो सालियों को लेकर शुक्रवार को गोवा छुट्टियां मनाने के लिए गए थे. 9 दिसंबर तक का पैकेज लेकर गए थे. शनिवार शाम तक सबकुछ ठीक था, परिवार की उन लोगों से बात भी हुई थी.

रविवार सुबह गोवा पुलिस का घर पर फोन आया और हादसे के बारे में बताया. सूचना मिलते ही परिवार फ्लाइट से गोवा पहुंचा. भावना बिल्कुल बेसुध है. उसने अपने परिवार को अपनी आंखों के सामने जलते हुए देखा. परिवार को बस इतना बताया कि अचानक से एक तेज धमाका हुआ और आग की लपटें निकलने लगी.

उस वक्त सौ से अधिक लोग डांस कर रहे थे. भीड़ उसे धकेलते हुए क्लब के बाहर ले गई. परिवार के बाकी सदस्य अंदर लपटों में फंस गए. शाम को परिवार ने मृतकों की पहचान की. मृतकों के घर में मातम पसरा हुआ है.

AHMEDABAD : 24 रुपए रिफंड के चक्कर में गंवा दिए 87 हजार, महिला ने Zepto से ऑर्डर की थी सब्जी

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अहमदाबाद में एक महिला को 24 रुपये के रिफंड के चक्कर में 87 हजार रुपये का साइबर फ्रॉड झेलना पड़ा. जेप्टो से ऑर्डर की गलती पर रिफंड पाने के लिए कस्टमर केयर नंबर इंटरनेट से खोजा. व्हाट्सएप के जरिए CUSTOMERSUPPORT.APK फाइल इंस्टॉल करवाई गई, जिससे बैंक विवरण लीक हुए और तीन अकाउंट से रुपये निकाल लिए गए. महिला ने तुरंत 1930 हेल्पलाइन और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई.

अहमदाबाद में ऑनलाइन धोखाधड़ी का चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक महिला को 24 रुपए के रिफंड के चक्कर में करीब 87 हजार रुपए का नुकसान हो गया. जानकारी के अनुसार, चांदखेडा क्षेत्र में रहने वाली महिला ने जेप्टो से सब्जियां ऑर्डर की थीं, लेकिन छोटे बैंगन की जगह बड़े बैंगन मिलने पर उन्होंने उन्हें वापस करने की कोशिश की.

डिलीवरी बॉय ने रिफंड देने से मना करते हुए कस्टमर केयर से बात करने की सलाह दी, और दावा किया कि उसके पास नंबर नहीं है. इसके बाद महिला ने इंटरनेट पर कस्टमर केयर नंबर खोजा और एक व्यक्ति से बात कर दूसरा नंबर लिया. उस नंबर पर कॉल करने पर महिला से व्हाट्सएप के जरिए जानकारी मांगी गई और CUSTOMERSUPPORT.APK नामक फाइल भेजकर लिंक चेक करने को कहा गया.

फाइल को इंस्टॉल करने पर महिला के बैंक अकाउंट की जानकारी मांगी गई, जिसके बाद उनके तीनों बैंक खातों से कुल 87 हजार रुपए निकाले गए. बैंक से मैसेज आने पर महिला ने तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराने के बाद पुलिस में केस कराया.

NATIONAL : सुरेंद्र से शादी, राजूराम से प्यार, पति की हत्या और नकली आंसू… राजस्थान में सोनम रघुवंशी पार्ट-2!

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नागौर में शिक्षक सुरेंद्र दादरवाल की हत्या उसकी पत्नी रेखा और प्रेमी राजूराम ने मिलकर की. नागपुर से रेखा ने प्लान बनाया और कुचामन में चाकू से वार कर हत्या कर दी. इसे हादसा दिखाने की कोशिश हुई, लेकिन गहरे जख्म और सीसीटीवी से राज खुल गया. रेखा फ्लाइट से आकर रोने का नाटक करती रही. पुलिस ने तीनों आरोपियों को सात दिसंबर को गिरफ्तार कर ब्लाइंड मर्डर सुलझा लिया.

राजस्थान के नागौर जिले के डीडवाना-कुचामन इलाके में 29 नवंबर 2025 की रात एक ऐसी घटना हुई, जिसने प्रेम, धोखे और हत्या की कहानी को एक खतरनाक रूप दिया. बोरवाड़ रोड पर पुलिस को एक युवक का शव मिला. शुरुआत में परिजनों को लगा सड़क हादसा हो गया, लेकिन सच्चाई बेहद डरावनी थी. यह हत्या सुरेंद्र उर्फ सुरेश दादरवाल (24) की थी, जिसे उसकी पत्नी रेखा और उसके प्रेमी ने मिलकर मौत के घाट उतार दिया

सुरेंद्र एक प्राइवेट स्कूल में शिक्षक था और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था. उसके पिता उमाराम साधारण किसान हैं और छोटा भाई पढ़ाई कर रहा है. 2018 में सुरेंद्र की शादी रेखा (21) से हुई. 2020 में रेखा पढ़ाई के लिए कुचामन आई और वहीं उसकी मुलाकात राजूराम से हुई. यही से प्रेमकहानी की शुरुआत हुई. रेखा ने 2023 में बीएससी पूरा किया, पर उसका ध्यान सुरेंद्र से हटकर राजूराम पर टिक गया.

कुछ समय बाद रेखा नागपुर में पिता के पास रहने लगी, जो आर्मी से रिटायर्ड हैं और वहां कारोबार करते हैं. पिछले तीन महीनों से वह वाई-फाई कॉल पर ही राजूराम से बात कर रही थी. सुरेंद्र अब उसके जीवन में ‘बाधा’ बन गया था. इसलिए रेखा ने नागपुर से बैठकर पति को रास्ते से हटाने का ब्लूप्रिंट तैयार किया.

रेखा ने राजूराम और उसके साथी जीवणराम (23) को हत्या की योजना में शामिल किया. प्लान साफ था. सुरेंद्र को बीच रास्ते रोककर चाकू से मार देना, और पुलिस को गुमराह करने के लिए मोबाइल नहीं ले जाना तथा बाइक पर चोरी की नंबर प्लेट लगाना. रेखा ने सुरेंद्र के बोरवाड़ जाने की पूरी सूचना राजूराम को दी.

29 नवंबर की रात दोनों आरोपियों ने सुरेंद्र की रेकी की और जैसे ही मौका मिला उनसे रास्ता भटकने का नाटक किया. सुरेंद्र ने हेलमेट उतारा ही था कि आरोपियों ने ताबड़तोड़ चाकू से हमला कर दिया. गले और पीठ पर इतने वार किए कि सुरेंद्र की मौके पर मौत हो गई. शव सड़क किनारे फेंक दिया गया. आरोपियों ने इसे हादसा दिखाने की कोशिश की, मगर गहरे जख्मों ने राज खोल दिया.

सुरेंद्र देर रात तक घर नहीं पहुंचा तो परिजनों ने फोन मिलाया, लेकिन फोन बंद था. पुलिस ने रात में सुरेंद्र के भाई को सूचना दी कि एक्सीडेंट हुआ है. परिवार अस्पताल पहुंचा, लेकिन वहां सुरेंद्र मृत पड़ा था. पहले परिजनों ने इसे एक्सीडेंट माना, लेकिन पीठ और गर्दन के गहरे जख्म देख कर हत्या का शक हुआ.

वारदात के बाद रेखा ड्रामा करने में पीछे नहीं रही. वह नागपुर से फ्लाइट पकड़कर जयपुर पहुंची, फिर किशनगढ़ से पहली बार ससुराल आई. शोकसभा में रोई, आंसू बहाए. शादी के सात साल बाद वह पहली बार ससुराल आई और वह भी अपने हाथों किए गए अपराध पर नकली शोक जताने. पर पुलिस की नजरों से नहीं बच सकी.

गच्छीपुरा थाने में उमाराम ने रिपोर्ट दर्ज कराई. मेडिकल बोर्ड से पोस्टमॉर्टम में स्पष्ट हुआ. गला धारदार हथियार से कटा. पुलिस ने हत्या का केस दर्ज किया. सीआई महावीर सिंह की टीम जांच में जुटी. सीसीटीवी में दो लोग चोरी की नंबर प्लेट वाली बाइक से जाते दिखे. फुटेज से जीवणराम की पहचान हुई और उसे गिरफ्तार किया गया.कड़ी पूछताछ में राजूराम का नाम सामने आया और फिर पूरा सच खुला. वास्तव में हत्या की साजिश नागपुर से रेखा ने रची. उसके कहने पर कुचामन के डी-मार्ट से नया चाकू खरीदा गया और वारदात को अंजाम दिया गया.

दोनों आरोपी उस रात मोबाइल लेकर नहीं गए ताकि पुलिस लोकेशन ट्रेस न कर सके, लेकिन सीसीटीवी से राज खुल गया.

7 दिसंबर 2025 को रेखा, राजूराम और जीवणराम तीनों गिरफ्तार हुए. गच्छीपुरा पुलिस ने आरोपियों का जुलूस निकाला और वारदात पर कड़ा संदेश दिया. डीवाईएसपी विक्की नागपाल ने बताया कि एक्सीडेंट की सूचना के बाद मेडिकल बोर्ड, सीसीटीवी और इंटेलिजेंस की मदद से पांच दिनों में ब्लाइंड मर्डर का खुलासा किया गया.

NATIONAL : कानपुर से महाठगी… सोनू सूद और खली ने की सोनी की कंपनी का प्रमोशन, अब 350+ शिकायतों से खुल रही परतें

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कानपुर में रवींद्रनाथ सोनी द्वारा चलाए गए ब्लू चिप कॉरपोरेशन घोटाले की परतें खुलने लगी हैं. सोनू सूद और द ग्रेट खली जैसे सेलिब्रिटी प्रमोशन की आड़ में हजारों लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी का आरोप है. अब तक 350 से अधिक शिकायतें और 970 करोड़ की ठगी सामने आ चुकी है. पुलिस देश-विदेश से मिले लेनदेन, फर्जी खातों और प्रमोशन वीडियो की जांच कर रही है तथा जल्द सेलिब्रिटीज से भी बयान ले सकती है.

कानपुर पुलिस के हत्थे चढ़ा रवींद्रनाथ सोनी नाम का शख्स, जिसने अपनी कंपनी ब्लू चिप कॉरपोरेशन को सेलिब्रिटी ब्रांडिंग का कवच पहनाकर हजारों लोगों से करोड़ों रुपये ठग लिए. पहली नजर में यह मामला केवल वित्तीय फ्रॉड जैसा दिखता था, लेकिन जैसे-जैसे नए तथ्य सामने आ रहे हैं, यह धोखाधड़ी उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि कई राज्यों और विदेशों तक फैला एक मल्टी-लेयर घोटाला साबित होता जा रहा है. पुलिस अब तक तीन FIR दर्ज कर चुकी है और ठगी की रकम 970 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है.

इस पूरे प्रकरण में चौकाने वाली बात यह है कि ठग रवींद्रनाथ सोनी के साथ जिन सेलिब्रिटी की तस्वीरें सामने आई हैं, उनमें अभिनेता सोनू सूद और रेसलर द ग्रेट खली भी शामिल हैं. खली ने भले ही सीमित दायरे में प्रमोशन किया हो, लेकिन सोनू सूद के साथ सोनी की नजदीकी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं.

पुलिस को मिले फोटो और वीडियो में सोनी सिर्फ ब्रांड प्रमोशन नहीं करा रहा था, बल्कि कई जगहों पर सोनू सूद के साथ निजी कार्यक्रमों में दिख रहा है. एक तस्वीर में सोनी, सोनू सूद के साथ बर्थडे केक काटते दिखा. दूसरी तस्वीर किसी पिकनिक स्पॉट की है, जहाँ दोनों आराम से खड़े होकर फोटोशूट करवा रहे हैं. कई वीडियो ऐसे भी मिले हैं जिनमें सोनी खुद को “सोनू सूद से जुड़ा बिजनेस पार्टनर” बताता रहा.इन तस्वीरों ने इस पूरे नेटवर्क को एक नया एंगल दे दिया है. जिन निवेशकों ने करोड़ों रुपये गंवाए, उनका कहना है कि सोनू सूद और खली को देखकर ही उन्होंने ब्लू चिप कॉरपोरेशन पर भरोसा किया था. कई लोगों ने कहा कि अगर बड़े अभिनेता और रेसलर उसके साथ खड़े हैं, तो कंपनी विश्वसनीय ही होगी लेकिन यह भरोसा ही अब उनकी सबसे बड़ी चूक साबित हुआ.

कानपुर कोतवाली में एक दिसंबर को सोनी की गिरफ्तारी के बाद जैसे शिकायतों का सिलसिला टूट ही गया. दुबई से रहने वाले एनआईआर, अमेरिका, जापान और मलेशिया में बसे भारतीय, महाराष्ट्र, गुजरात और केरल के व्यापारी सब अपने-अपने दस्तावेज लेकर कानपुर पुलिस के पास पहुंचना शुरू हो गए. कई लोग फोन पर शिकायत दर्ज करा रहे हैं, जिनकी संख्या अब 350 से भी ज्यादा हो चुकी है. पुलिस अधिकारियों के अनुसार, ब्लू चिप कॉरपोरेशन ने 3 से 5 गुना रिटर्न, विदेशी निवेशकों को हाई-रिस्क, हाई-प्रॉफिट स्कीम और देश भर में तेजी से विस्तार का झांसा देकर करोड़ों रुपये झटकने का खेल रचा था.

सोनी के गिरफ्तार होने के बाद जब उससे पूछताछ शुरू हुई, तो एसटीएफ ने उसके मोबाइल, बैंक स्टेटमेंट और डिजिटल लेनदेन की गहराई से जांच की. इसी दौरान पुलिस को पता लगा कि ब्लू चिप के नाम पर बनाए गए कई फर्जी अकाउंट्स से रकम सीधे दिल्ली, मुंबई, बैंगलोर और दुबई के खातों में भेजी जा रही थी. जांच में यह भी सामने आया कि दक्षिण भारत के अभिनेता सूरज जुमानी ने भी इस कंपनी में निवेश किया था और उनका पैसा भी डूब गया.

कानपुर पुलिस सूत्रों का कहना है कि जांच के दौरान जो भी व्यक्ति कंपनी के प्रमोशन, मार्केटिंग या विश्वसनीयता बढ़ाने में भूमिका निभाता दिख रहा है, उसे नोटिस भेजा जा सकता है. एसीपी आशुतोष सिंह ने साफ कहा है कि जो भी इस कंपनी के प्रमोशन में शामिल रहा है, उससे पूछताछ की जाएगी. जांच को तार्किक निष्कर्ष तक ले जाना है. यही वजह है कि पुलिस जल्द ही प्रमोशन, पब्लिसिटी वीडियो और निजी मुलाकातों के आधार पर सोनू सूद का बयान दर्ज करने के लिए नोटिस भेज सकती है.

खली ने ब्लू चिप का एक विज्ञापन किया था, जिसमें वह कंपनी की योजनाओं की तारीफ कर रहे थे. इसी वीडियो को कंपनी ने नेपाल, दुबई, कतर और कई भारतीय राज्यों में विस्तृत अभियान के रूप में चलाया. कई निवेशकों ने पुलिस को बताया कि खली और सोनू सूद के प्रमोशन देखकर ही उन्होंने पैसे निवेश किए. उन्हें लगा कि जब बड़े चेहरे खड़े हैं, तो कंपनी फर्जी नहीं हो सकती.

ENTERTAINMENT : ‘पापा आपको बहुत याद करती हूं’, धर्मेंद्र की बर्थ एनिवर्सरी पर बेटी ईशा का इमोशनल पोस्ट, छलका दर्द

8 दिसंबर को धर्मेंद्र की बर्थ एनिवर्सरी है. अगर वो जिंदा होते तो अपना 90वां जन्मदिन मनाते. लेकिन इससे पहले ही वो 24 नवंबर को अलविदा कह गए. उनका जाना फैंस और परिवार के लिए बड़ी क्षति है. एक्टर के निधन के बाद बेटी ईशा देओल का पहला पोस्ट सामने आया है. ईशा ने पिता को याद किया है.

बॉलीवुड के हीमैन धर्मेंद्र आज हमारे बीच नहीं हैं. 24 नवंबर को उन्होंने अंतिम सांस ली. उनका जाना परिवार और फैंस को बड़ा झटका दे गया है. 8 दिसंबर को वो अपना 90वां जन्मदिन मनाते, लेकिन इससे पहले वो ये दुनिया छोड़कर चले गए. उनकी बर्थ एनिवर्सरी पर फैंस उन्हें बेहद मिस कर रहे हैं. धर्मेंद्र की बेटी ईशा देओल ने पिता की मौत के बाद सोशल मीडिया पर पहला पोस्ट लिखा है. ईशा ने पापा धर्मेंद्र के साथ कैंडिड फोटोज शेयर कर इमोशनल नोट लिखा है.

उनका ये पोस्ट बताता है कि वो पिता को खोने के बाद उन्हें कितना मिस कर रही हैं. ईशा ने लिखा- मेरे प्यारे पापा. हमारा पैक्ट, सबसे मजबूत बंधन. ‘हम’ कई जन्मों, सभी लोकों और उससे परे… हम हमेशा साथ हैं पापा. चाहे स्वर्ग हो या धरती, हम एक हैं. अभी के लिए मैंने आपको बहुत प्यार से, सावधानी से और कीमती तरीके से अपने दिल में छुपा रखा है. बहुत गहराई से आपको रखा है ताकि मैं जिंदगी भर आपके साथ रह सकूं.

”आपके साथ बिताई जादुई बेशकीमती यादें, जिंदगी के सबक, शिक्षा, गाइडेंस, बेशर्त प्यार, सम्मान और ताकत जो आपने अपनी बेटी के रूप में मुझे दिया, उसे ना ही कोई रिप्लेस कर सकता है और ना ही कोई आपकी बराबरी कर सकता है.”

”मैं आपको बहुत याद करती हूं. आपकी गरमाहट और प्रोटेक्टिव हग मुझे आरामदायक कम्बल जैसी लगती थी. आपके नरम लेकिन मजबूत हाथों को थामे रखना जिनमें अनकहे मैसेज होते थे और आपका अपनी आवाज में मेरा नाम पुकारना, हंसी-मजाक और शायरी…आपका मोटो था कि ‘हमेशा हंबल रहो, खुश रहो, हेल्दी और मजबूत रहो’. मैं आपसे वादा करती हूं कि आपकी लीगेसी को गर्व और सम्मान के साथ आगे बढ़ाऊंगी. मैं आपका प्यार उन लाखों लोगों तक पहुंचाने की कोशिश करूंगी जो आपसे मेरी तरह बेशुमार प्यार करते हैं. आई लव यू पापा. आपकी डार्लिंग बेटी, ईशा, आपकी बिट्टू.”

ईशा की ये पोस्ट देखकर हीमैन के फैंस इमोशनल हो रहे हैं. सभी नम आंखों से लेजेंडरी एक्टर को याद कर रहे हैं. धर्मेंद्र उम्र संबंधी बीमारियों से जूझ रहे थे.10 नवंबर को उन्हें सांस लेने में दिक्कत आई थी. उन्हें मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में एडमिट कराया गया था. 12 नवंबर को उन्हें डिस्चार्ज कर घर में शिफ्ट किया गया. घर में मेडिकल सेटअप लगाकर उनका इलाज किया गया. लेकिन कुछ दिनों बाद उनके निधन की खबर आई. वर्कफ्रंट पर फिल्म ‘इक्कीस’ में उन्हें आखिरी बार पर्दे पर देखा जाएगा.

NATIONAL : लापरवाही, गैरकानूनी संचालन और 25 जिंदगी खत्म… गोवा फायर कांड का जिम्मेदार कौन?

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अग्निकांड के दौरान क्लब में मौजूद पर्यटकों ने बताया कि क्लब के पहले फ्लोर पर डांस के दौरान अचानक चारों ओर पटाखे फूटने लगे और भगदड़ मच गई. 100 से ज्यादा लोग उस समय डांस फ्लोर पर थे. कई लोग नीचे की ओर भागे और वहीं फंस गए.उत्तरी गोवा के अर्पोरा स्थित नाइट क्लब ‘Birch by Romeo Lane’ में भीषण आग लगने से 25 लोगों की मौत हो गई है. इस त्रासदी ने गोवा में नाइटलाइफ़ से जुड़ी अनियमितताओं और नियमों को लागू करने में सरकारी अधिकारियों की घोर लापरवाही को उजागर कर दिया है.

आग लगने के कारण क्लब के चार प्रबंधक-राजीव मोदक, विवेक सिंह, राजीव सिंघानिया और रियांशु ठाकुर गिरफ्तार किए गए हैं, जिन्हें रविवार देर रात मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया और 6 दिन की पुलिस हिरासत (रिमांड) पर भेज दिया गया है. दिल्ली से भी एक व्यक्ति (भारत) को गिरफ्तार किया गया है, जो क्लब के दैनिक परिचालन का काम देखता था.

मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने शुरुआती जांच में कहा है कि क्लब के अंदर “इलेक्ट्रिक फायरक्रैकर्स” चलाए गए थे, जिससे आग लगी. इस अग्निकांड में 5 पर्यटक (चार दिल्ली से) और 20 कर्मचारी मारे गए, जबकि छह घायल हैं. सबसे बड़ा सवाल सवाल यह है कि इतनी बड़ी लापरवाही का असल जिम्मेदार कौन है. शुरुआती जांच कई पक्षों पर उंगली उठाती है.

क्लब प्रबंधन: क्लब के पास कथित तौर पर फायर डिपार्टमेंट की NOC (अनापत्ति प्रमाण पत्र) नहीं थी और सुरक्षा मानदंडों का उल्लंघन किया गया. क्लब के मालिक (गौरव और सौरभ लूथरा) अभी भी फरार हैं, जिनके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी हो गया है.

सरकारी सिस्टम की ढिलाई: मुख्यमंत्री सावंत ने खुद स्वीकार किया कि नियमों का उल्लंघन होने के बावजूद क्लब को संचालित करने की अनुमति दी गई.

फील्ड अधिकारी: तत्कालीन पंचायत निदेशक सिद्धि तुषार हरलंकर, गोवा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की सदस्य सचिव डॉ. शमिला मोंटेरो और ग्राम पंचायत सचिव रघुवीर बागकर को लापरवाही के आरोप में निलंबित किया गया है. स्थानीय सरपंच ने भी दावा किया कि पंचायत द्वारा जारी डिमोलिशन नोटिस को निदेशालय के अधिकारियों ने स्टे कर दिया था.

यह त्रासदी सिर्फ एक दुर्घटना नहीं है; यह एक सिस्टमैटिक नाकामी का नतीजा है. जिन सवालों के जवाब जांच पैनल (जिसमें दक्षिण गोवा कलेक्टर, फायर विभाग के उप निदेशक और फोरेंसिक निदेशक शामिल हैं) से अपेक्षित हैं, वे हैं:

बिना NOC के कैसे चल रहे हैं अन्य पब? गोवा में सैकड़ों नाइट क्लब/पब हैं. मौके पर मौजूद पर्यटकों ने बताया कि क्लब के पहले फ्लोर पर डांस के दौरान अचानक चारों ओर पटाखे फूटने लगे और भगदड़ मच गई. क्या अन्य स्थानों पर भी सुरक्षा नियमों की इसी तरह धज्जियां उड़ाई जा रही हैं, जहां इलेक्ट्रिक पटाखे या इसी तरह की चीजें इस्तेमाल हो रही हैं?

जांच क्यों नहीं हुई? जब पंचायत स्तर पर शिकायतें थीं और भाजपा विधायक माइकल लोबो ने भी बिना दस्तावेज़ीकरण लाइसेंस जारी होने का दावा किया, तो पहले सख्त जांच क्यों नहीं की गई?

आग से बचने का रास्ता क्यों नहीं था? संकरी गलियों के कारण फायर ब्रिगेड की गाड़ियां 400 मीटर दूर रोकनी पड़ीं और छोटे दरवाजों एवं एक पतले पुल की वजह से लोगों का बाहर निकलना लगभग असंभव हो गया. नतीजा यह हुआ कि ज्यादातर मौतें दम घुटने से हुईं और लोग ग्राउंड फ्लोर और किचन में फंस गए.

अग्निशमन विभाग के अनुसार, अधिकांश मौतें दम घुटने (Suffocation) से हुईं, क्योंकि भागने के लिए छोटे दरवाजे और संकरी पुलिया ही थी. 100 से अधिक लोग डांस फ्लोर पर थे, और भागने की कोशिश में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई.

सबसे बड़ा सबक यह है कि नियमों का उल्लंघन कर चल रहे अन्य स्थानों की तत्काल जांच (Audit) हो. सीएम सावंत ने आश्वासन दिया है कि बिना अनुमति चल रहे क्लबों और भारी भीड़ वाले स्थानों का ऑडिट किया जाएगा. विपक्षी दल इस घटना को “सुरक्षा और शासन की आपराधिक विफलता” बता रहे हैं और सीएम सावंत के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं.

ENTERTAINMENT : धर्मेंद्र को यादकर रो पड़े सलमान खान, नहीं रुके आंसू, बोले- हमने ही-मैन खो दिया

बिग बॉस 19 के ग्रैंड फिनाले में सलमान खान ने दिग्गज एक्टर धर्मेंद्र को खास ट्रिब्यूट दिया. धर्मेंद्र को यादकर सलमान काफी इमोशनल होते दिखे. उनकी आंखों से आंसू रुकने नाम नहीं ले रहे थे. मुश्किल से उन्होंने खुद को संभाला. सलमान को रोता देख वहां मौजूद हर कोई भावुक हो गया.

बिग बॉस 19 का ग्रैंड फिनाले काफी धमाकेदार रहा. गौरव खन्ना शो के विनर बने हैं. फिनाले में सलमान खान ने अपने धांसू अंदाज से खूब एंटरटेन किया. सलमान का ह्यूमरस नेचर, पवन सिंह संग उनका किलर डांस और कंटेस्टेंट्स संग उनकी मस्ती-मजाक देख फैंस भी खूब एंटरटेन हुए. मगर हंसी-खुशी और जश्न के बीच दिग्गज एक्टर धर्मेंद्र को यादकर सलमान खान इमोशनल हो गए. उनकी आंखों से आंसू बहने लगे. उन्होंने नम आंखों से धर्मेंद्र को ट्रिब्यूट दिया.

सलमान खान, धर्मेंद्र के दिल के काफी करीब थे. वो उन्हें अपने पिता की तरह मानते थे. धर्मेंद्र भी सलमान को अपना तीसरा बेटा कहते थे. बिग बॉस में हर साल धर्मेंद्र अपनी मौजूदगी से चार चांद लगाते थे. मगर इस साल बीमारी की वजह से वो शो में नहीं आ पाए और शो के दौरान ही 24 नवंबर को उनका निधन हो गया. धर्मेंद्र के जाने से उनका परिवार तो टूट ही गया है, मगर सलमान खान को भी तगड़ा झटका लगा है.

सलमान ने बिग बॉस 19 के ग्रैंड फिनाले में धर्मेंद्र को ट्रिब्यूट दिया और एक्टर संग अपनी खूबसूरत यादों को फैंस संग भी शेयर किया. धर्मेंद्र को याद कर सलमान शो में बोले- हमने हमारा ही-मैन खो दिया है. हमारी सबसे शानदार शख्सियत धर्मेंद्र जी. मुझे नहीं लगता कि धरम जी से बेहतर कोई आदमी है. जो उन्होंने लाइफ जी है, किंग साइज जी है. दिल खोल के जी है. 60 साल एंटरटेनमेंट को दिए. इंडस्ट्री को सनी-बॉबी दिए.

‘सबसे अच्छी बात है कि जबसे उन्होंने इंडस्ट्री ज्वॉइन की और अभी तक उन्हें बस अच्छा काम करना था. उन्होंने हर तरह का रोल किया-कॉमेडी, एक्शन. मैंने करियर ग्राफ ने हमेशा धर्मेंद्र जी को फॉलो किया है. वो चार्मिंग और इनोसेंट कैरेक्टर लेकर आए थे ही-मैन की बॉडी में और उन्होंने हमें काफी एंटरटेन किया. हम हमेशा उन्हें याद करेंगे. लव यू धरम पाजी.’

सलमान ने आगे कहा- सबसे बड़ी बात ये है कि धरम जी का निधन 24 नवंबर को हुआ, उसी दिन मेरे पिता का जन्मदिन होता है. और कल उनका बर्थडे है और मेरी मां का भी. अगर मुझे ऐसा फील हो रहा है तो जरा सोचिए कि सनी और उनके परिवार पर क्या बीत रही होगी. सलमान ने आगे कहा- दो अंतिम संस्कार काफी गरिमा के साथ आयोजित किए गए हैं. एक सूरज बड़जात्या की मां का और दूसरा धर्मेंद्र जी का. उनकी प्रार्थना सभा को इतने ग्रेस और सम्मान के साथ आयोजित किया गया. हर कोई रो रहा था, लेकिन एक डेकोरम बना हुआ था. जिंदगी का सेलिब्रेशन था. बॉबी और सनी को मेरा सलाम. हर अंतिम संस्कार और प्रार्थना सभा को इतनी ही खूबसूरती से आयोजित किया जाना चाहिए.

धर्मेंद्र के बारे में बात करते हुए सलमान खान स्टेज पर ही रो पड़े. उनकी आंखों से आंसू बहने लगे. रोते-रोते वो सिसकियां तक ले रहे थे. शायद ही किसी ने पहले सलमान को रियल लाइफ में इस तरह रोते हुए देखा होगा, जिस तरह वो धर्मेंद्र को याद कर रोए. सलमान को रोता देख वहां सन्नाटा पसर गया. हर किसी की आंखें नम दिखीं. ये कहना गलत नहीं होगा कि दिग्गज एक्टर धर्मेंद्र के जाने से हर एक इंसान को गहरा सदमा लगा है.

PUNJAB : नवजोत कौर का बयान सिद्धू की एंट्री तो रोकेगा ही, कांग्रेस की सत्ता वापसी में मुश्किलें बढ़ा न दे?

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पंजाब में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं, जिसे लेकर सियासी बिसात बिछाई जाने लगी है. सत्ता में अपनी वापसी की कवायद में जुटी कांग्रेस के लिए उसके ही नेता मुश्किलें खड़ी कर रहे हैं. हाल ही में नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर का बयान कांग्रेस के लिए टेंशन का सबब बन गया है.

पंजाब की सियासत में नवजोत सिंह सिद्धू बड़ा नाम हैं, लेकिन उनकी सियासी ख्वाहिश न बीजेपी में रहते हुए पूरी हो सकी और न ही कांग्रेस में. कांग्रेस ने उन्हें प्रदेश अध्यक्ष बनाया, लेकिन सीएम की कुर्सी पर नहीं बैठाया. ऐसे में 2022 के विधानसभा चुनाव के बाद से सियासी सीन से गायब सिद्धू परिवार 2027 के लिए एक बार फिर से सक्रिय हो गया.

नवजोत सिंह सिद्धू और उनकी पत्नी नवजोत कौर सिद्धू ने पिछले महीने फिर चुनाव लड़ने का ऐलान किया था. अब नवजोत कौर ने कांग्रेस के सामने सिद्धू को 2027 के लिए मुख्यमंत्री चेहरा बनाने की शर्त रख दी है. साथ ही उन्होंने कांग्रेस में 500 करोड़ रुपये की अटैची वाली बात कहकर नवजोत सिद्धू की सियासी राह को आसान बनाए जाने के बजाय कहीं मुश्किल तो नहीं कर दिया?

पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर ने शनिवार को राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात की थी. इसके बाद उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा था कि अगर कांग्रेस नवजोत सिंह सिद्धू को पंजाब का मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करती है तो वे दोबारा सक्रिय राजनीति में लौट आएंगे.

साथ ही उन्होंने कहा कि पंजाब कांग्रेस के कम से कम पांच नेता सीएम बनने की महत्वाकांक्षा रखते हैं, जो नवजोत सिद्धू को आगे बढ़ने का मौका नहीं देंगे. इसके बावजूद कांग्रेस अगर सिद्धू को मौका देती है तो वो राजनीति में लौट आएंगे, वरना राजनीतिक से बाहर खुश हैं और अच्छी कमाई कर रहे हैं. इस तरह से उन्होंने पार्टी में चल रही गुटबाजी को भी हवा दे दी है.

नवजोत कौर ने सिद्धू को सीएम चेहरा बनाने के साथ-साथ गंभीर आरोप भी लगाए हैं. सिद्धू की पत्नी ने कहा कि उनके पास किसी पार्टी को देने के लिए पैसे नहीं हैं, लेकिन वे पंजाब को एक ‘सुनहरा राज्य’ बना सकते हैं. हमारे पास 500 करोड़ रुपए नहीं हैं, जो हम मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठने के लिए दे सकें. जो 500 करोड़ रुपए की अटैची देता है, वही मुख्यमंत्री बनता है.

कैप्टन अमरिंदर सिंह के मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद पार्टी की आंतरिक खींचतान की वजह से मुख्यमंत्री बनने से चूके सुनील जाखड़ ने कहा कि उन्हें भी एक पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा था, ‘पुण्य नहीं कमाया, 350 करोड़ रुपये दिए हैं तब कुर्सी मिली है.’ इस बीच, बीजेपी नेताओं ने नवजोत कौर सिद्धू के बयान को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा है.

नवजोत कौर के बयान को लेकर पंजाब कांग्रेस नेताओं ने पार्टी हाईकमान तक बात पहुंचा दी है. कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग का कहा कि हाईकमान को इस संबंध में जानकारी दे दी गई है. अब हाईकमान को फैसला करना है, यह उनका अधिकार क्षेत्र है. इसके साथ उन्होंने नवजोत कौर के आरोपों को भी सिरे से खारिज किया और कहा कि न किसी ने 500 करोड़ रुपये दिए और न ही ऐसी कोई बात है.

नवजोत कौर का बयान ऐसे समय आया है जब पंजाब चुनाव को लेकर सियासी बिसात बिछाई जाने लगी है. पिछले महीने ही सिद्धू ने प्रियंका गांधी से दिल्ली में मुलाकात की थी, जिसके बाद उनके सियासी तौर पर सक्रिय होने की उम्मीद लगाई जाने लगी थी. सिद्धू की पत्नी डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने एक अक्टूबर को चंडीगढ़ में अमृतसर पूर्वी से दोबारा चुनाव लड़ने की बात कही थी.

माना जा रहा था कि सिद्धू परिवार फिर से एक्टिव होगा, लेकिन नवजोत कौर के बयान के बाद अब कांग्रेस नेता जिस तरह खुलकर उनके खिलाफ बोल रहे हैं, उससे उनकी आगे की सियासी राह काफी मुश्किल हो सकती है. नवजोत कौर के मौजूदा बयान से कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता नाराज माने जा रहे हैं. कांग्रेस का कहना है कि 2022 में सिद्धू और चन्नी की खींचतान की वजह से पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ा, अब नवजोत कौर के बयान ने पार्टी की चिंताएं बढ़ा दी हैं.

सिद्धू बीजेपी छोड़कर कांग्रेस में आने के साथ ही उनकी पहले कैप्टन अमरिंदर सिंह के साथ सियासी अदावत चलती रही. इसके बाद 2021 में जब कांग्रेस ने कैप्टन अमरिंदर सिंह को मुख्यमंत्री पद से हटाया था, उस समय नवजोत सिंह सिद्धू पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष थे. ऐसे में वो मुख्यमंत्री पद की दौड़ में शामिल हो गए थे, लेकिन बाजी चरणजीत सिंह चन्नी के हाथ लगी थी. वह 111 दिन के लिए मुख्यमंत्री बने थे.

2022 के विधानसभा चुनाव में नवजोत सिद्धू और चन्नी के बीच मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनने की खासी होड़ लगी थी. सिद्धू ने अपनी लोकप्रियता का हवाला देते हुए राहुल गांधी के समक्ष रैली के दौरान यह तक कह दिया था कि ‘देखो कहीं मुझे दर्शनीय घोड़ा मत बना देना.’ इसके बाद भी कांग्रेस ने चन्नी को ही मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया था, लेकिन कांग्रेस 2022 के चुनाव में सिर्फ 18 सीट पर सिमट गई थी. सिद्धू अपनी सीट हार गए थे, जिसके बाद से राजनीति से दूरी बना ली. सिद्धू परिवार 2024 के लोकसभा और निकाय चुनाव में भी नजर नहीं आया.

पंजाब की सत्ता में कांग्रेस 2027 में वापसी की उम्मीद लगा रही है, लेकिन जिस तरह से पार्टी के अंदर गुटबाजी है, उसके चलते कहीं फिर पांच साल विपक्ष में बैठना न पड़ जाए. पंजाब की सत्ता में आम आदमी पार्टी ने 2022 में सरकार बनाई थी. हालांकि, 2024 में कांग्रेस ने 13 में से 7 सीटें जीतकर अपनी वापसी का मजबूत सियासी आधार रखा था.

पंजाब में अकाली दल का असर कम हुआ है और प्रकाश सिंह बादल के निधन के बाद सुखबीर बादल अपना प्रभाव नहीं छोड़ पाए. बीजेपी तमाम कोशिशों के बावजूद पंजाब में अपनी सियासी जड़ें नहीं जमा पा रही है. ऐसे में कांग्रेस के पास अपनी वापसी करने का पूरा मौका है, लेकिन पार्टी की गुटबाजी सारी उम्मीदों पर पानी फेर रही है.

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजा वडिंग, पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी, नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा और पूर्व अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू के बीच कांग्रेस तीन धड़ों में बंटी हुई है. सुखजिंदर सिंह रंधावा समेत कई नेता हाईकमान समर्थक हैं और किसी भी गुट में शामिल नहीं हैं. 2017 से 2022 तक यहां पर अमरिंदर और नवजोत गुट था, लेकिन अब कांग्रेस में कई गुट बन गए हैं.

प्रताप सिंह बाजवा ही नहीं, बल्कि राजा वडिंग के साथ सिद्धू के रिश्ते बहुत अच्छे नहीं हैं. बाजवा और वडिंग किसी भी सूरत में नहीं चाहेंगे कि कांग्रेस सिद्धू के सीएम चेहरा बनाए. इस तरह कांग्रेस 2027 से पहले फिर अपने अंदरुनी गुटबाजी में उलझ गई है. ऐसे में पार्टी नेतृत्व इसका कोई समाधान नहीं तलाश पा रहा है और सारे किए धरे पर पानी फेर रहा है.

पंजाब कांग्रेस के कम से कम पांच नेता सीएम बनने की महत्वाकांक्षा रखते हैं, जो नवजोत सिद्धू को आगे बढ़ने का मौका नहीं देंगे. इसके बावजूद कांग्रेस अगर नवजोत सिंह सिद्धू को पंजाब का मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करती है तो वे दोबारा सक्रिय राजनीति में लौट आएंगे.

नवजोत कौर के बयान की जानकारी कांग्रेस हाईकमान को दे दी गई है. अब हाईकमान को फैसला करना है, यह उनका अधिकार क्षेत्र है. नवजोत ने जो आरोप लगाए हैं, वो सरासर गलत है. न किसी ने 500 करोड़ रुपये दिए और न ही ऐसी कोई बात है.

MAHARASHTRA : नासिक में दिल दहला देने वाला हादसा… इनोवा 800 फीट खाई में समाई, एक ही परिवार के 6 लोगों की मौत

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महाराष्ट्र के नासिक में बड़ा हादसा हुआ, जहां माता सप्तश्रृंगी देवी के दर्शन के लिए जा रही इनोवा कार 800 फीट गहरी खाई में गिर गई. हादसे में एक ही परिवार के 6 श्रद्धालुओं की मौत हो गई. घटना भावरी झरने के पास ओवरटेक करते समय कार के बेकाबू होने से हुई. गहरी खाई के कारण बचाव कार्य में कठिनाई हो रही है.

महाराष्ट्र के नासिक जिले में रविवार को एक दर्दनाक हादसा हुआ, जहां एक इनोवा कार 800 फीट गहरी खाई में गिर गई. इस हादसे में कार में सवार एक ही परिवार के 6 श्रद्धालुओं की मौके पर ही मौत हो गई. सभी लोग सप्तश्रृंगी गड माता सप्तश्रृंगी के दर्शन कर वापस लौट रहे थे, तभी यह दुर्घटना हो गई. हादसा वणी गांव के पास भावरी झरने के करीब घाट के मोड़ पर हुआ.

जानकारी के मुताबिक, इनोवा कार (MH15 BN 555) घाट मार्ग पर ओवरटेक करते समय अचानक बेकाबू हो गई और सीधी खाई में जा गिरी. मृतकों की पहचान कीर्ति पटेल (50), रसीला पटेल (50), विट्ठल पटेल (65), लता पटेल (60), पचन पटेल (60) और मणिबेन पटेल (60) के रूप में हुई है. सभी पिंपलगांव बसवंत के रहने वाले और आपस में रिश्तेदार थे.

हादसे की जानकारी मिलते ही पुलिस, सप्तश्रृंगी गड डिज़ास्टर मैनेजमेंट टीम और ग्राम पंचायत के सदस्य मौके पर पहुंचे. कार जिस स्थान पर गिरी है वह बेहद खतरनाक और लगभग सीधी 800 फीट गहरी खाई है, जिसकी वजह से बचाव टीम को नीचे उतरने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. शव अब तक नहीं निकाले जा सके हैं.

स्थानीय लोगों ने लोक निर्माण विभाग (PWD) पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि घाट के इस मोड़ पर सड़क बेहद खराब है और कई बार शिकायत के बावजूद इसे ठीक नहीं किया गया. लोगों का कहना है कि सड़क की खराब स्थिति भी इस भीषण दुर्घटना की बड़ी वजह बनी. नासिक से अतिरिक्त बचाव दल बुलाया गया है और अभियान जारी है.

ENTERTAINMENT : टूटी शादी-किया अनफॉलो, स्मृति मंधाना-पलाश मुच्छल ने मिटाईं पुरानी यादें, डिलीट किया प्रपोजल वीडियो

स्मृति मंधाना-पलाश मुच्छल ने हाल ही में शादी टूटने की खबर पुख्ता की. दोनों ने एक-दूसरे को सोशल मीडिया पर अनफॉलो भी कर दिया और मूव-ऑन करने की बात कही, लेकिन उनके इंस्टा अकाउंट्स पर आज भी पुराने पोस्ट मौजूद हैं. हालांकि दोनों ने प्रपोजल पोस्ट को रिमूव कर दिया है.

टीम इंडिया की स्टार बैटर स्मृति मंधाना और म्यूजिक कम्पोजर पलाश मुच्छल ने हाल ही में अपनी शादी टूटने की खबर की पुष्टि कर दी. दोनों ने सोशल मीडिया पर एक-दूसरे को अनफॉलो भी कर दिया है और साफ कहा है कि वो अपनी-अपनी जिंदगी में मूव ऑन कर रहे हैं. इसके बाद एक्स-कपल ने अपने-अपने इंस्टाग्राम अकाउंट्स से पुराने प्रपोजल और अप्रीसिएशन पोस्ट भी डिलीट कर दिए हैं.

कभी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था पलाश का वो वीडियो, जिसमें वो स्मृति को बड़े ही प्यार से प्रपोज करते दिख रहे थे. डीवाई पाटिल स्टेडियम में पलाश स्मृति को आंख पर पट्टी बांधकर ले गए थे, और घुटनों पर बैठकर प्रपोज किया था. वहीं स्मृति ने भी अपनी खुशी जाहिर करते हुए हां कहा था. फैंस को लगता था कि दोनों हमेशा साथ रहेंगे, लेकिन जिंदगी कभी-कभी अलग मोड़ ले आती है. ये वीडियो पोस्ट पलाश ने अपने क्लेरिफिकेशन के बाद हटा दिया. हालांकि स्मृति को बर्थडे विश करने का पोस्ट अब भी उनके अकाउंट पर मौजूद है.

इसके अलावा टीम इंडिया की वर्ल्ड कप में जीत से गदगद पलाश ने ‘गर्लफ्रेंड’ और टीम इंडिया की वाइस कैप्टन के लिए एक अप्रीसिएशन पोस्ट किया था. उन्होंने स्मृति पर गर्व जताया था, ये पोस्ट भी पलाश ने डिलीट कर दिया है.

स्मृति के अकाउंट पर भी एक समय दिल से भरे कई रोमांटिक पोस्ट मौजूद थे, जहां उन्होंने अपने इमोशन्स डालकर पलाश को जन्मदिन की शुभकामनाएं दी थीं. उस पोस्ट में उनके बीच की गर्मजोशी और प्यार साफ दिखाई देता था. स्मृति ने लिखा था- हैप्पी बर्थडे माय बॉय. रिश्ते में अनबन की खबर आने के बाद स्मृति ने सबसे पहले शादी की सभी पोस्ट डिलीट की थीं. लेकिन अब अपने क्लेरिफिकेशन के बाद इन पोस्ट को भी डिलीट कर दिया है. स्मृति ने सोशल मीडिया से पलाश की सारी यादें मिटा दी हैं.

हालांकि दोनों ने ब्रेकअप की वजह खुलकर नहीं बताई, लेकिन इतना तय है कि अब वो अलग राहें चुन चुके हैं. दोनों ने कहा कि वो अपनी निजी जिंदगी की इज्जत चाहते हैं और उम्मीद करते हैं कि लोग उनके फैसले को समझेंगे.

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