Tuesday, April 28, 2026
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NATIONAL : ‘मेरी पत्नी पूनम को भी पानी में डूबोकर तड़पा-तड़पाकर मौत दी जाए…’ सिरियल किलर के पति ने रखी ये डिमांड

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पानीपत कांड में आरोपी पूनम के पति नवीन ने कहा कि बच्चों को जैसे पानी में तड़पाकर मारा गया, वैसे ही उसकी पत्नी को भी कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए. उसने किसी भी तांत्रिक कनेक्शन से इनकार किया. वहीं, पूनम की मां सुनीता देवी ने कहा कि बेटी शादी से पहले बिल्कुल सामान्य थी और कभी किसी बच्चे को नुकसान नहीं पहुंचाया. उन्होंने स्वीकारा कि यदि उसने यह अपराध किया है तो उसे उसकी सजा जरूर मिलनी चाहिए.

हरियाणा के पानीपत में अपने बेटे सहित चार मासूमों को मौत के घाट उतारने वाली पूनम का पति मीडिया के सामने आया. उसने कहा कि जैसे बच्चों को डुबोकर तड़पाकर मारा गया, मेरी पत्नी पूनम को भी वैसी ही मौत दी जाए. जिसने चार मासूमों की सांसें छीनीं, उसे भी वैसी ही सजा मिलनी चाहिए.

नवीन ने कहा कि उन्हें कभी यह एहसास नहीं हुआ कि पूनम ऐसा कुछ कर सकती है. न कोई झगड़ा, न किसी तरह की बीमारी की आशंका. लेकिन पुलिस पूछताछ में सामने आए सच ने हमें अंदर तक हिला दिया है. नवीन ने तांत्रिक या किसी भी तरह के ओझा-सिद्ध कनेक्शन से इनकार किया. उनका कहना था कि हम कभी किसी तांत्रिक के पास नहीं गए. हम तो बेटे और भांजी की मौत को हादसा मानकर चुप रहे. विधि की मौत के बाद ही शक हुआ और रिपोर्ट दर्ज कराई. तब जाकर पुलिस ने असलियत उजागर की. वे बताते हैं कि उनकी शादी 2019 में हुई थी और शादी के बाद भी पूनम के व्यवहार में ऐसा कोई संकेत नहीं था कि वह मानसिक परेशानी या किसी खतरनाक प्रवृत्ति से गुजर रही हो. हां, वह अक्सर रूठकर अपने मायके चली जाती थी, पर यह सामान्य वैवाहिक तकरार जैसा ही लगता था. नवीन ने एक बार फिर कहा मैं अपने बेटे शुभम को कभी वापस नहीं ला सकता. बाकी बच्चों की चीखें आज भी मेरे कानों में गूंजती हैं. अगर पूनम दोषी है तो उसे भी वही दर्द दिया जाए, जो उसने बच्चों को दिया.

पुलिस पूछताछ के अनुसार, पूनम ने जिन मासूमों की जान ली, वे थे विधि, उसका अपना बेटा शुभम, ननद की बेटी इशिका और भाई की बेटी जिया. चारों की मौत का तरीका एक जैसा ही सभी को पानी में डुबोकर मारा. चारों बच्चों के चेहरे पर आखिरी पल की छटपटाहट होती रही. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ये घटनाएँ अलग-अलग वक्त पर हुईं, और हर बार परिवार ने हादसे का रूप मानकर मामला शांत कर दिया. किसी ने शक नहीं किया कि उनके घर में बचपन की मुस्कानें बुझाने वाली कोई वही है, जिसके हाथों में वे बच्चे रोजाना खेलते थे.

इस सनसनीखेज मामले के बाद अब आरोपी पूनम की मां सुनीता देवी भी सामने आईं. उनका बयान कुछ ऐसा था जिसने पूरे घटनाक्रम को एक नया मोड़ दे दिया. सुनीता देवी रोते हुए बोलीं कि यदि मेरी बेटी ने ऐसा किया है तो वह सजा भुगतेगी. पर मेरी बेटी शादी से पहले ऐसी नहीं थी. पहले तो किसी बच्चे को नुकसान क्यों नहीं पहुंचाया? जो भी हुआ, शादी के बाद हुआ. मां का कहना है कि पूनम का स्वभाव हमेशा सामान्य रहा. कभी उसके खिलाफ किसी पड़ोसी, किसी रिश्तेदार या किसी बच्चे द्वारा कोई शिकायत नहीं आई. पूछ लो गांव वालों से, मोहल्ले से, कहीं भी से मेरी बेटी ने कभी किसी को नुकसान नहीं पहुंचाया. हमें समझ नहीं आ रहा वह ऐसा क्यों कर बैठी. सुनीता देवी अब भी सदमे में हैं कि उनकी बेटी चार-चार मासूमों की हत्यारिन कैसे बन सकती है. लेकिन उन्होंने न्याय को लेकर कोई ढिलाई नहीं दिखाई और साफ कहा अगर मेरी बेटी दोषी है, तो उसे भी वही सजा मिले जो कानून कहता है.

NATIONAL : आगरा में NRI महिला से 4000 डॉलर की लूट, बदमाशों ने कार पंचर का बहाना बनाकर यूं उड़ाया पर्स; अमेरिका से आई थीं शादी में शामिल होने

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आगरा के ट्रांस यमुना क्षेत्र में दिल्ली जा रही लगभग 80 वर्षीय NRI महिला से लूटपाट हुई। बाइक सवार बदमाशों ने टायर पंचर का झांसा देकर कार रुकवाई और पिछली सीट से महिला का पर्स झपट्टा मारकर छीन लिया। पर्स में 4,000 अमेरिकी डॉलर, दो आईफोन, ₹20,000 और पासपोर्ट था। ड्राइवर का बार-बार बयान बदलना पुलिस के लिए संदेह का कारण बन गया है।

आगरा में ट्रांस यमुना थाना क्षेत्र के झरना नाले के पास एक NRI बुजुर्ग महिला के साथ टप्पेबाजी की वारदात सामने आई है. लगभग 80 वर्षीय महिला अपनी बेटी के साथ कार से दिल्ली जाने के लिए निकली थीं. रास्ते में बाइक सवार बदमाशों ने कार ड्राइवर को टायर पंचर होने का झांसा दिया. ड्राइवर ने गाड़ी करीब एक किलोमीटर आगे एक पंचर की दुकान पर रोक दी और समस्या की जांच करने लगा.

इसी दौरान पीछे से आए वही बाइक सवार बदमाश कार के पास पहुंचे. कार की पिछली सीट पर बैठी महिला के हाथ में पर्स था. खिड़की खुली होने का फायदा उठाते हुए एक बदमाश ने झपट्टा मारकर पर्स छीनने की कोशिश की. महिला ने पर्स पकड़कर रोके रखने की भरसक कोशिश की, लेकिन छीना-झपटी के बीच आरोपी पर्स छीनकर फरार हो गए.

पीड़िता ने बताया कि चोरी हुए पर्स में 4,000 अमेरिकी डॉलर, दो आईफोन, लगभग 20,000 रुपये भारतीय मुद्रा और उनका पासपोर्ट भी था. घटना के तुरंत बाद ड्राइवर ने पुलिस को फोन कर सूचना दी.सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हाईवे पर नाकाबंदी करा दी गई. पुलिस अधिकारियों ने ड्राइवर से भी पूछताछ की है, क्योंकि उसका बयान बार-बार बदलने से शक की स्थिति बनी हुई है.

आगरा पुलिस का कहना है कि टीम मामले की जांच कर रही है. पर्स में विदेशी मुद्रा और महत्वपूर्ण दस्तावेज होने की पुष्टि की गई है. पुलिस टप्पेबाजों की तलाश में आसपास के CCTV फुटेज भी खंगाल रही है.महिला अमेरिका के कैलिफोर्निया में 15 साल से अपनी दो बेटियों के साथ रहती हैं और जयपुर में रिश्तेदार की शादी में शामिल होने के बाद दो दिन पहले आगरा आई थीं. शुक्रवार तड़के दिल्ली से उनकी फ्लाइट थी, जिसके लिए वे दिल्ली रवाना हो रही थीं. पुलिस ने कहा कि घटना की जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा.

ENTERTAINMENT : T-Series के मालिक से तलाक ले रही एक्ट्रेस? तोड़ी चुप्पी, बोली- मीडिया जरूर…

टी-सीरीज के मालिक की पत्नी और एक्ट्रेस दिव्या खोसला कुमार फिल्म इंडस्ट्री में अच्छा काम कर रही हैं. हाल ही में सोशल मीडिया पर दिव्या ने सवाल-जवाब राउंड किया. इसमें उन्होंने तलाक, करियर, एक्टिंग और बॉलीवुड इंडस्ट्री को लेकर काफी कुछ कहा.

दिव्या खोसला कुमार को कौन नहीं जानता? टी सीरीज के मालिक भूषण कुमार की ये पत्नी हैं. हाल ही में दिव्या ने फैन्स के साथ सोशल मीडिया पर सवाल-जवाब राउंड किया. इसमें उन्होंने फैन्स के हर तरह के सवालों के जवाब दिए. दिव्या ने ये तक बताया कि उनकी एक्टिंग जर्नी अबतक की कैसे रही है. साथ ही बॉलीवुड को वो किस तरह से देखती हैं. भूषण कुमार संग तलाक पर भी दिव्या ने चुप्पी तोड़ी.

एक फैन ने दिव्या से पूछा कि वो आखिर किस तरह अपनी मेंटल हेल्थ का ध्यान रखती हैं, ये देखते हुए कि बॉलीवुड में कितनी टॉक्सिसिटी है. इंडस्ट्री में दिखने के लिए कितने पापड़ बेलने पड़ते हैं. दिव्या के चेहरे पर एक मासूमियत नजर आती है, इसको लेकर भी फैन ने सवाल किया.

जवाब में दिव्या ने कहा- मुझे भी लगता है कि बॉलीवुड मगरमच्छों की जगह है. आपको लगता है कि आप इन लोगों के बीच रहकर अपनी जगह बना लोगे, लेकिन ऐसा करना मुश्किल होता है. मुझे लगता है कि इसमें सबसे ज्यादा जरूरी होता है खुद के साथ सच्चा रहना. मैं काम के लिए कभी अपनी आत्मा को नहीं बेचूंगी. होता है तो ठीक है, नहीं होता तो भी ठीक है. फिर जब आप ऊंचाइयां छूते हो तो आपके पास अच्छा कर्म होता है जिसे आप साथ लेकर चलते हो.

एक फैन ने पूछा कि आपको किस फिल्म में काम करने में सबसे ज्यादा मजा आया. इसका जवाब देते हुए दिव्या ने कहा- ‘सावी’ फिल्म मेरे दिल के बेहद करीब है. मैंने यूके में माइनस 10 डिग्री तापमान में 42 दिन लगातार काम किया था. प्रोडक्शन उस फिल्म का बहुत बढ़िया था.

एक फैन ने पूछा कि क्या आपका तलाक हो चुका है? दिव्या ने क्लियर किया कि नहीं, मेरा तलाक नहीं हुआ है, लेकिन मीडिया जरूर मेरा तलाक करवाना चाहती है. बता दें कि दिव्या की शादी भूषण कुमार से हुई थी, वो फिल्म और म्यूजिक प्रोड्यूसर हैं. साथ ही टी-सीरीज की चेयरमैन एंड मैनेजिंग डायरेक्टर भी हैं. दोनों ने साल 2005 में शादी की थी.

दिव्या खोसला कुमार को आखिरी बार फिल्म ‘एक चतुर नार’ में देखा गया था. इन्होंने नील नितिन मुकेश के साथ स्क्रीन स्पेस शेयर किया था. दिव्या ने एक गरीब महिला का रोल अदा किया था. फिल्म अच्छा मैसेज देती नजर आई थी.

NATIONAL : संकरी गली में घुसा हाथी, रास्ता ने मिलने से बौखलाया, तोड़ दी पार्किंग में खड़ी कार…..

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हरिद्वार में कनखल थाना क्षेत्र के जगजीतपुर में उस समय हड़कंप मच गया, जब सुबह-सुबह जंगल से भटके तीन हाथी अचानक कॉलोनी में घुस आए. हाथियों ने गली में खड़ी एक कार को टक्कर मारकर नुकसान पहुंचा दिया. पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद है. कुत्तों के भौंकने पर एक हाथी गली में घुस गया था.

उत्तराखंड के हरिद्वार में कनखल थाना क्षेत्र स्थित जगजीतपुर कॉलोनी में मंगलवार सुबह उस समय अफरातफरी मच गई, जब जंगल से भटककर तीन हाथी अचानक आबादी वाले क्षेत्र में आ पहुंचे. सुबह का समय था और अधिकांश लोग अपने घरों में सो रहे थे. ऐसे में हाथियों का अचानक कॉलोनी में दाखिल होना लोगों के लिए किसी खतरे से कम नहीं था. घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है जो हाथियों के अचानक प्रवेश और तोड़फोड़ की पुष्टि करता है.

कॉलोनी के आसपास जंगल का इलाका होने के कारण जंगली जानवर अक्सर दिखाई देते हैं, लेकिन तीन हाथियों का गली में पहुंच जाना असामान्य था. बताया गया कि हाथियों का यह झुंड धीरे-धीरे कॉलोनी की सड़क से गुजर रहा था, तभी कुत्ते भौंकने लगे, जिससे एक हाथी घबरा गया. घबराया हुआ हाथी दौड़ता हुआ एक संकरी गली में घुस गया. गली में खड़ी कार से हाथी की जोरदार टक्कर हुई, जिससे गाड़ी का बंपर और साइड बॉडी क्षतिग्रस्त हो गई.

कार का सेंट्रल लॉक सिस्टम सक्रिय होते ही हॉर्न बजने लगा, जिससे कुछ पल के लिए स्थिति और तनावपूर्ण हो गई. लेकिन हाथी ने खुद को संभालते हुए कार पर और हमला करने की बजाय गली से बाहर निकल जाना ही बेहतर समझा और शांत स्वभाव से आगे बढ़ गया. इसके बाद तीनों हाथी कॉलोनी से निकलकर जंगल की ओर लौट गए.

NATIONAL : उत्तराखंड के चंपावत में बड़ा हादसा… 200 मीटर गहरी खाई में जा गिरी बारातियों की गाड़ी, 5 लोगों की मौत

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उत्तराखंड के चंपावत में बारात से लौट रही गाड़ी अनियंत्रित होकर करीब 200 मीटर गहरी खाई में गिर गई. हादसा इतना भयावह था कि मौके पर ही 5 लोगों की मौत हो गई, जबकि 5 गंभीर रूप से घायल हुए हैं. सूचना पर SDRF और पुलिस टीम ने पहाड़ी इलाके में रेस्क्यू अभियान चलाकर घायलों को अस्पताल पहुंचाया. वहीं शव खाई से निकालकर प्रशासन को सौंपे.

उत्तराखंड के चंपावत में बारात से लौट रही एक बोलेरो गहरी खाई में जा गिरी. बागधार के पास हुई इस घटना में पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पांच गंभीर रूप से घायल हुए हैं. हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग, पुलिस और SDRF की टीम ने तुरंत रेस्क्यू शुरू किया.SDRF के अनुसार, बोलेरो में कुल 10 लोग सवार थे. वाहन रात के समय बारात से लौट रहा था. बागधार के पास सड़क संकरी और ढलान वाली है, ऐसे में अचानक चालक का वाहन पर कंट्रोल नहीं रहा और गाड़ी करीब 200 मीटर गहरी खाई में जा गिरी. अंधेरा होने के कारण राहत कार्य बेहद मुश्किल भरा था.

पोस्ट चंपावत से CT राजेंद्र सिंह के नेतृत्व में SDRF टीम मौके पर पहुंची और रोप सिस्टम व स्ट्रेचर की मदद से खाई में उतरी. स्थानीय ग्रामीणों ने भी रेस्क्यू में मदद की. पांच घायलों को तुरंत अस्पताल भेजा गया, जबकि पांच लोगों की मौत हो चुकी थी.

मृतकों की पहचान 40 वर्षीय प्रकाश चंद्र उनियाल, 35 वर्षीय केवल चंद्र उनियाल, 32 वर्षीय सुरेश नौटियाल, 6 वर्षीय प्रियांशु चौबे और 28 वर्षीय भावना चौबे के रूप में हुई है. यह खबर सुनते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई. बारात की खुशियां कुछ ही घंटों में मातम में बदल गईं.

वहीं घायलों में 38 वर्षीय देवीदत्त पांडे, 12 वर्षीय धीरज उनियाल, 14 वर्षीय राजेश जोशी, 5 वर्षीय चेतन चौबे और भास्कर पांडा शामिल हैं. अस्पताल प्रशासन के अनुसार, सभी घायलों का इलाज जारी है और कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है. स्थानीय प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है. पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए जाएंगे.

Vastu Tips: घर की इस दिशा में शीशा लगाना होता है बहुत शुभ, खिंची चली आती है धन-दौलत

वास्तु में शीशा घर की ऊर्जा पर गहरा असर डालता है, जिसको लेकर लोगों के मन में कई भ्रम पैदा होते हैं. हर दिशा में लगा शीशा शुभ परिणाम नहीं देता है. कुछ जगहों पर यह धन, रिश्तों और मानसिक शांति को प्रभावित भी कर सकता है. आइए जानते हैं कि घर में शीशा लगाने की सही दिशा क्या है.

क्या आपने कभी इस बात पर गौर किया है कि शीशा भी वास्तु दोष का कारण बन सकता है. जी हां, घर में शीशा लगाने को लेकर लोगों के बीच कई तरह की भ्रांतियां फैली हुई हैं. आमतौर पर माना जाता है कि पलंग के ठीक सामने लगा शीशा घर में अशुभता लाता है. जबकि, दूसरी तरफ कुछ लोग यह मान लेते हैं कि किसी भी कमरे की उत्तर दिशा में शीशा होना हमेशा शुभ माना जाता है. वास्तु की दृष्टि से देखें तो दोनों ही मान्यताएं पूरी तरह सही नहीं हैं. शीशा न तो हर जगह नुकसान देता है और न ही हर दिशा में शुभ परिणाम देता है. इसका प्रभाव पूरी तरह सही दिशा और स्थान पर निर्भर करता है.

वास्तु शास्त्र में शीशा जल तत्व का प्रतीक माना गया है, इसलिए इसे अग्नि और पृथ्वी तत्व वाली जगहों पर लगाने से बचना चाहिए. यही कारण है कि दक्षिण और दक्षिण-पश्चिम दिशा को छोड़कर उत्तर, पूर्व और पश्चिम दिशा में शीशा लगाना शुभ माना गया है. कई लोग इस गलतफहमी में रहते हैं कि किसी भी दिशा में बने कमरे की उत्तर दीवार पर शीशा लगाने से सकारात्मक परिणाम मिलेंगे, जबकि यह पूरी तरह भ्रम है. दिशा का निर्धारण हमेशा पूरे घर की मुख्य दिशाओं से होता है, न कि किसी एक कमरे की स्थिति से.

वास्तु शास्त्र के अनुसार, जहां तक शीशे के आकार की बात है, तो चार फुट से छोटा मिरर (लगभग 1–2 फीट) किसी भी दिशा में लगाया जा सकता है. यहां तक कि दक्षिण और दक्षिण-पश्चिम में भी. ध्यान सिर्फ इतना रखना होता है कि इन दो दिशाओं में ऐसा बड़ा शीशा न हो जिसमें पूरी आकृति साफ दिखाई दे. माना जाता है कि दक्षिण दिशा में लगा बड़ा शीशा कैश फ्लो और धन की स्थिरता में रुकावट पैदा करता है, जबकि दक्षिण-पश्चिम दिशा में लगा बड़ा मिरर रिश्तों, परिवारिक सामंजस्य और दांपत्य जीवन में तनाव बढ़ा सकता है.

हर कमरे की उत्तर दिशा में शीशा लगाना जरूरी या शुभ नहीं होता. उत्तर-पूर्व और पश्चिम दिशा में शीशा लगाने से कोई समस्या नहीं आती, लेकिन दक्षिण दिशा में लगा बड़ा शीशा कई तरह की परेशानियों का कारण बन सकता है. अगर किसी कारणवश दक्षिण दिशा में बड़ा शीशा हटाया नहीं जा सकता, तो उसके प्रभाव को कम करने के लिए पीले रंग का पेंट करवाना अच्छा उपाय माना जाता है, क्योंकि पीला रंग दक्षिण दिशा के दोष को शांत करता है.

वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार, शीशा जल और आकाश तत्व का माना जाता है, इसलिए इसे वहां लगाया जा सकता है जहां ये दोनों तत्व अनुकूल प्रभाव देते हैं. इसी तरह, पलंग के सामने लगा शीशा भी वास्तु दोष नहीं माना जाता. लोग इसे दुर्भाग्य का कारण समझते हैं, जबकि वास्तविक परेशानी तब पैदा होती है जब शीशे में रात के समय रोशनी या चमक प्रतिबिंबित होकर असहजता या बेचैनी पैदा करें अर्थात समस्या मनोवैज्ञानिक होती है, वास्तु संबंधी नहीं.

साउथ-ईस्ट में लगा बड़ा शीशा धन से जुड़ी परेशानियां, साउथ-वेस्ट में रिश्तों में तनाव और साउथ-साउथ-वेस्ट में अनावश्यक खर्चो को बढ़ा सकता है. इसलिए शीशा तभी लाभ देता है जब इसे सही दिशा और सही आकार के साथ लगाया जाए, अन्यथा अनजाने में घर में ऊर्जा असंतुलन पैदा हो सकता है.

ENTERTAINMENT : भारती सिंह की गोदभराई में रुबीना दिलैक के पति ने पैपराजी से लिए मजे, बोले- आजकल थोड़ी गर्मी मिल रही है

रुबीना दिलैक और अभिनव शुक्ला इंडस्ट्री के पावर कपल हैं. दोनों ने हाल ही में शो पति पत्नी और पंगा जीता है. अभिनव और रुबीना की जोड़ी को फैंस बहुत पसंद करते हैं. दोनों हाल ही में कॉमेडियन भारती सिंह के बेबी शावर में पहुंचे. इस दौरान दोनों कलर कोऑर्डिनेटेड आउटफिट में नजर आए. तो यहां अभिनव शुक्ला को पैपराजी से मस्ती करते हुए देखा गया.

दरअसल, जब रुबीना और अभिनव बेबी शावर में पहुंचे तो पैपराजी बहुत शांत थे. रुबीना ने कहा कि सभी लोग बहुत शांत थे. मुझे एनर्जी पसंद है. ये सुनकर अभिनव ने कहा कि आजकल उन्हें थोड़ी गर्मी मिल रही है न. तो रुबीना पूछती हैं क्या मतलब. फिर पैपराजी बोलते हैं कि सर को सब पता है. इसीलिए सब शांत हैं. तो रुबीना कहती हैं- हां ये फोन पर ज्यादा रहते हैं. अभिनव भी कहते हैं- शांत नहीं होने का. इसके बाद दोनों हंसते हुए निकल जाते हैं.

बता दें कि हाल ही में जया बच्चन ने पैपराजी को काफी खरी-खोटी सुनाई थी. जया ने पैपराजी के बात करने के तरीके से लेकर उनके कपड़े पहनने के ढंग तक को लेकर लताड़ा था.

जया ने कहा था, ‘पैपराजी के साथ मेरा कोई रिश्ता नहीं है. मैं मीडिया की इज्जत करती हूं. मेरे पिताजी जर्नलिस्ट थे. पर ये पैपराजी लोग कौन हैं? क्या इन्हें इस देश के लोगों को रिप्रजेंट करने के लिए ट्रेन किया गया है? आप इन्हें मीडिया कहते हैं? गंदे गंदे पैंट पहनकर, हाथ में मोबाइल लेकर घूमते हैं. उन्हें लगता है कि मोबाइल है तो वो आपकी तस्वीर ले सकते हैं और जो चाहें कह सकते हैं. कितने गंदे कमेंट्स करते हैं.’ जया बच्चन के इन कमेंट्स को लेकर पैपराजी काफी नाराज हुए.

MAHARASHTRA : पत्नी का 2 साल से था अफेयर, पति ने उसके प्रेमी को बुलाकर डंडों से पीट-पीटकर मार डाला

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महाराष्ट्र के यवतमाल के पांढुर्णा गांव में अफेयर के संदेह में शख्स ने पत्नी के प्रेमी की हत्या कर दी. आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. पुलिस मामले की जांच कर रही है.

महाराष्ट्र के यवतमाल जिले के घाटंजी तालुका के पांढुर्णा (खु) गांव में अफेयर और अनैतिक संबंधों के चलते हत्या का मामला सामने आया है. इस घटना से पूरे गांव में हड़कंप मच गया है. पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की जांच जारी है. इस प्रकार की घटनाएं समय-समय पर सामने आती रहती हैं, जहां अनैतिक संबंधों और अफेयर से जुड़े विवाद अक्सर जानलेवा रूप ले लेते हैं.

घटना में मृतक का नाम विशाल जगन रंदई (37) और आरोपी का नाम निलेश अरुण ढोणे (35) है. गांव में चर्चा थी कि विशाल निलेश के जीवन साथी के साथ लगभग दो साल से अनैतिक संबंध में था. निलेश को भी अपनी पत्नी के व्यवहार पर संदेह था. इसी संदेह के कारण दोनों के बीच कई बार विवाद हो चुका था.

कुछ दिनों तक संदेह और विवाद के बाद आरोपी निलेश ने विशाल को गांव के ही एकांत स्थान पर बुलाया. वहां दोनों के बीच बातचीत हुई, जो विवाद में बदल गई. गुस्से में निलेश ने लकड़ी के डंडे से विशाल पर कई बार वार किया. इस हमले में विशाल गंभीर रूप से घायल हो गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई.

हत्या के तुरंत बाद घाटंजी पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी निलेश अरुण ढोणे को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए आगे की जांच कर रही है. ग्रामीण इस घटना से सकते में हैं और यह मामला पूरे तालुका में चर्चा का विषय बन गया है.

Annapurna Jayanti 2025 Katha: बहुत रोचक है मां अन्नपूर्णा के अवतरण की कथा, जानें मां पार्वती कैसे बनीं अन्न की देवी

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भोजन की देवी अन्नपूर्णा के अवतरण का संबंध मां पार्वती से है. आज 4 दिसंबर को अन्नपूर्णा जयंती पर जानते हैं देवी पार्वती कैसे बनीं अन्न की देवी

हर साल मार्गशीर्ष या अगहन महीने की पूर्णिमा को अन्नपूर्णा जयंती मनाई जाती है. मान्यता है कि इसी तिथि पर माता पार्वती ने देवी अन्नपूर्णा का स्वरूप लिया था. इसलिए इस दिन को मां अन्नपूर्णा अवतरण दिवस के तौर पर भी मनाय जाता है.

इस साल अन्नपूर्णा जयंती आज गुरुवार, 4 दिसंबर 2025 को मनाई जा रही है. अन्न के कण-कण में ही जीवन है. अन्न के बिना हम जीवन की कल्पना भी नहीं कर सकते हैं. अन्न की देवी अन्नपूर्णा को इसलिए जीवनदायिनी शक्ति का प्रतीक माना गया है, जिनकी कृपा से संसार के प्रत्येक प्राणी को भोजन प्राप्त होता है. इनकी पूजा करने से कभी अन्न-धन की कमी नहीं रहती है.

सामान्य शब्दों में कहें तो मां पार्वती का ही एक स्वरूप देवी अन्नपूर्णा है. लेकिन मां पार्वती का यह स्वरूप इतना सामान्य नहीं थी, बल्कि इसके पीछे पौराणिक कथा जुड़ी है, जोकि काफी रोचक है. मां पार्वती के रूप में देवी अन्नपूर्णा का अवतरण हिंदू धर्म की उन दिव्य कथाओं में से है, जो जीवन में अन्न, संतुष्टि, करुणा और दया के महत्व को दर्शाता है. आइए जानते हैं इस कथा के बारे में.

अन्नपूर्णा जयंती की पौराणिक कथा (Annapurna Mata Vrat Katha in Hindi)

पौराणिक व धार्मिक कथा के अनुसार, एक बार भगवान शिव ने माता पार्वती से कहा कि, यह संपूर्ण संसार केवल माया है. शिवजी ने कहा कि, भोजन-अन्न सबकुछ माया है. इसलिए किसी भी व्यक्ति के लिए शरीर और अन्न कोई विशेष महत्व नहीं रखता है. लेकिन माता पार्वती भगवान शिव की इस बात ये सहमत नहीं हुईं, बल्कि उन्हें शिव के इस कथन में अन्न के अपमान का अहसास हुआ, जिस कारण पार्वती जी निराश हो गईं और उन्होंने सारा अन्न गायब कर दिया, जिससे संसार में अन्न का संकट आ गया.

धरती में अन्न की कमी होने से सभी प्राणी भूख से व्याकुल होने लगे, चारों ओर हाहाकार मच गया. इसलिए बाद माता पार्वती के देवी अन्नपूर्णा का अवतार लिया. उनके एक हाथ में अक्षय पात्र था, जिसमें कभी समाप्त न होने वाला भोजन था. धरतीवासियों की रक्षा के लिए शिव देवी अन्नपूर्णा के पास पहुंचे और उनसे भोजन मांगा. साथ ही शिव ने यह भी स्वीकार किया कि, शरीर और अन्न दोनों का अस्तित्व संसार में विशेष महत्व रखता है. इसके बाद देवी अन्नपूर्णा ने शिव को अपने अक्षय पात्र से अन्न का दान दिया, जिसे शिवजी ने पृथ्वीवासियों में बांट दिया और इस प्रकार पृथ्वी से अन्न के अकाल की समस्या खत्म हुई.

PUNJAB : BJP नेता की बेटी ने किया सुसाइड, कॉलेज में पढ़ती थी… सामने आया कारण, जांच में जुटी पुलिस

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पंजाब के बरनाला में बीजेपी नेता रानी कौर की बेटी रमनदीप ने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है. बीए की छात्रा वित्तीय तनाव और फीस न भर पाने के कारण मानसिक रूप से परेशान थी.

पंजाब के बरनाला जिले से एक दुखद समाचार सामने आया है. बीजेपी महिला नेता रानी कौर की बेटी रमनदीप ने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. रमनदीप बीए के लासाल की छात्रा थी और टिक्करीवाल की रहने वाली थी. जानकारी के अनुसार, वह कुछ समय से मानसिक तनाव में थी और अपनी पढ़ाई तथा परिवार की वित्तीय स्थिति को लेकर चिंतित रहती थी.

परिवार के अनुसार, रमनदीप अपनी कॉलेज फीस 5,000 रुपये न भर पाने के कारण तनाव में थी. उसे डर था कि यदि उसने समय पर फीस का भुगतान नहीं किया तो उसके इम्तिहानों और पढ़ाई पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा. वित्तीय परेशानियों के कारण वह मानसिक रूप से कमजोर हो गई थी और इस कारण पिछले कुछ दिनों से बीमार चल रही थी.

आत्महत्या की सूचना मिलने के बाद सदर थाना के इंचार्ज इंस्पेक्टर जगजीत सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे. पुलिस ने रमनदीप के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. पुलिस ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और जांच के दौरान छात्रा के परिवार और कॉलेज से भी जानकारी ली जा रही है.

इस घटना पर बीजेपी के प्रांतीय उपाध्यक्ष और पूर्व विधायक केवल सिंह ढिल्लों ने गहरा दुख व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि यह बेहद चिंताजनक है कि छात्राओं को आर्थिक तंगी और वित्तीय दबाव के कारण इस तरह के मानसिक संकट का सामना करना पड़ रहा है. उन्होंने सरकार से अपील की कि जरूरतमंद छात्रों के लिए एक मजबूत सहायता प्रणाली विकसित की जाए, ताकि कोई भी छात्र पढ़ाई के कारण तनाव या मानसिक दबाव में आत्महत्या जैसा कदम न उठाए.

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