Tuesday, April 28, 2026
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NATIONAL : दहेज में नहीं मिली बुलेट तो बिफरा दूल्हा… शादी के 24 घंटे के अंदर दुल्हन को उसी जोड़े में ससुराल से किया वापस

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शादी के सपनों, खुशियों और नई जिंदगी के अरमानों पर उस वक्त ग्रहण लग गया, जब कानपुर में एक दुल्हन को शादी के महज 24 घंटे बाद ही उसी जोड़े में मायके वापस भेज दिया गया. वजह हैरान करने वाली थी. दहेज में मनपसंद बुलेट न मिलने पर दुल्हन को पिता के साथ वापस लौटा दिया गया. मामला अब पुलिस तक पहुंच चुका है. पीड़िता ने ससुराल वालों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है.

यूपी के कानपुर में हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. यहां शादी के बाद दूल्हे को दहेज में बुलेट नहीं मिली तो उसने विदा होकर घर आई दुल्हन को 24 घंटे के भीतर उसी जोड़े में वापस मायके भेज दिया. आरोप है कि इस दौरान दुल्हन के साथ मारपीट भी की गई. बेटी की शादी के 24 घंटे बाद ही माता-पिता उसे लेकर पुलिस कमिश्नर ऑफिस पहुंचे और मामले की शिकायत की. पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

यह मामला कानपुर के जूही परम पुरवा का है. यहां रहने वाली 20 साल की लड़की की शादी 29 नवंबर की रात एक गेस्ट हाउस में इमरान नाम के युवक से हुई थी. दुल्हन के पिता ने सामर्थ्य के अनुसार दहेज भी दिया. बारात का स्वागत सत्कार किया. सम्मान के साथ शादी संपन्र कराई. इसके बाद 30 नवंबर को दूल्हे इमरान के साथ विदा होकर दुल्हन ससुराल पहुंची तो वहां उसके सारे सपने चकनाचूर हो गए.

ससुराल में पहुंचते ही दूल्हा इमरान और उसके घर वालों ने दुल्हन से कहा कि तुम आ गई हो, लेकिन दहेज में बुलेट मांगी गई थी, नहीं तो दो लाख रुपया दिलवाओ. हम यहां खरीद लेंगे. इस पर दुल्हन कहने लगी कि पिता के पास इस समय इतना पैसा कहां से होगा. इस बात पर ससुराल में उसका अपमान किया गया. पति इमरान ने उसकी पिटाई कर दी.

दुल्हन रो-रोकर कहती रही कि पिता ने जितना पैसा था, सब खर्च कर दिया. अब अचानक पैसा कहां से आएगा. लेकिन ससुराल में किसी ने नहीं सुनी. दूल्हे ने तुरंत दुल्हन के पिता को बुला लिया और बुलेट न देने की शिकायत करते हुए पत्नी को उसी जोड़े में वापस घर भेज दिया, जिसमें वह विदा होकर आई थी.पत्नी के घर में रिश्तेदार ठहरे हुए थे, जो यह सोचकर शादी में शामिल हुए थे कि बहुत अच्छी शादी हुई है, बेटी ससुराल में खुश रहेगी. उसे वापस घर आते देख सब सन्न रह गए. दुल्हन की मां का रो-रोकर बुरा हाल था. वह अपनी बेटी और रिश्तेदारों को लेकर कानपुर पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल के ऑफिस पहुंच गईं और दूल्हा इमरान और उसके घर वालों के खिलाफ शिकायत की.

पुलिस कमिश्नर के स्टाफ ऑफिसर अमरनाथ यादव ने कहा कि एक महिला अपनी बेटी को लेकर शिकायत करने आई थी कि शादी के बाद बुलेट बाइक न मिलने पर बेटी को 24 घंटे के अंदर ससुराल से निकाल दिया गया है. इस मामले में पुलिस को जांच के बाद कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं. पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. इस मामले में इमरान और उसके घर वालों का कहना है कि विदा होने के बाद घर आने पर मेरे बेटे की तबीयत खराब हो गई थी. हम उसको डॉक्टर को दिखाने ले गए थे. इसी बात पर वह नाराज हो गए और शिकायत कर दी है.

ENTERTAINMENT : ‘शहनाज की कमाई खाता रहूंगा’, शहबाज ने हेटर्स को दिया जवाब, स्टार बनकर भी बहन से मांगेंगे पैसे?

बिग बॉस 13 में शहनाज गिल के भाई शहबाज बदेशा ने अपनी पहचान बनाई, हालांकि फिनाले से पहले वो आउट हो गए. शहबाज ने बहन पर फाइनेंसियल डिपेंडेंसी को स्वीकार किया और हेटर्स को करारा जवाब दिया. उन्होंने कहा कि वे शहनाज की कमाई पर खुशी-खुशी निर्भर हैं.

बिग बॉस 13 में पंजाब की कटरीना कैफ शहनाज गिल ने एंटरटेनमेंट का तड़का लगाया था. सीजन 13 में उनके भाई शहबाज बदेशा ने ग्रैंड एंट्री मारी. घर का माहौल शहबाज ने लाइट किया. सबको उन्होंने खूब हंसाया. लेकिन शो में इतना सब करने के बाद भी शहबाज फिनाले में अपनी जगह नहीं बना पाए और एविक्ट हो गए. लेकिन खुशी की बात ये है कि अब वो भी स्टार बन गए हैं. उन्होंने बिग बॉस में आकर अपनी पहचान बना ली है.

शहबाज ने शो में बहन शहनाज गिल पर फाइनेंसियली डिपेंडेंट रहने पर रिएक्ट किया था. उन्होंने कहा था कि लोग उन्हें ताने मारते हैं. वो कहते हैं, मैं बहन की कमाई पर पलता हूं. इसके जवाब में शहबाज ने कहा था- हां, मैं पलता हूं, मेरी बहन मुझे पैसे देती है, क्योंकि मेरा कोई और नहीं है. उसके फैंस भी यही कहते हैं. अगर बहन दे रही है तो मैं खुशी से लूंगा. अगर वो मुझे मजाक में कहेगी कि तू ऊंची पहाड़ी से कूद जा, मैं बिना एक सेकेंड सोचे ऐसा कर दूंगा. अब बिग बॉस से फेम पाने के बाद भी क्या शहबाज बहन पर फाइनेंसियली डिपेंडेंट रहेंगे?

स्क्रीन संग बातचीत में शहबाज ने ‘बहन की कमाई पर पलने वाला’ टैग पर जवाब दिया है. वो कहते हैं- पहले जिंदगी में कुछ चीजें सही नहीं थीं. मैंने सोचा था बिग बॉस करने के बाद चीजें शानदार होंगी. अब वो अच्छा समय आ गया है. मैं अपना बेस्ट करूंगा. जहां तक बहन की कमाई पर पलने वाला टैग की बात है, मैं शहनाज की कमाई खाता रहूंगा, टेंशन नहीं है.

शहबाज ने शो में कई दफा बहन शहनाज और एक्स बिग बॉस विनर सिद्धार्थ शुक्ला का नाम लिया था. लोगों का कहना था वो वोट और सिम्पेथी पाने के लिए शहनाज और सिद्धार्थ का नाम लेते हैं. इस पर भी शहबाज ने रिएक्ट किया है. वो कहते हैं- मैं ऐसे लोगों का जवाब नहीं देना चाहता हूं. मैं सालों से उनका नाम ले रहा हूं, तब भी क्या मैं वोट मांग रहा था? तब इन लोगों ने ये सवाल क्यों नहीं उठाया था? अगर मेरा उनके साथ रिश्ता है तो क्या बुरा है?

ENTERTAINMENT : स्मृति मंधाना को धोखा देने की अफवाहों के बीच प्रेमानंद महाराज के आश्रम पहुंचे पलाश मुच्छल, मास्क लगाए दिखे

म्यूजिक कंपोजर पलाश मुच्छल और क्रिकेटर स्मृति मंधाना अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर खबरों में हैं. दोनों की शादी पोस्टपोन हो गई है. शादी पोस्टपोन होने के बाद से पलाश ट्रोलिंग का शिकार हो रहे हैं. शादी पोस्टपोन होने के बाद पहली बार उन्हें एयरपोर्ट पर ऑल ब्लैक लुक में स्पॉट किया गया था.

अब पलाश प्रेमानंद महाराज की शरण में पहुंचे हैं. सोशल मीडिया पर उनकी फोटोज और वीडियोज वायरल हैं. रेडिट पर पलाश की फोटो वायरल है, जिसमें वो प्रेमानंद महाराज के आश्रम में बैठे दिख रहे हैं. वो मास्क लगाए बैठे हैं और उन्होंने व्हाइट शर्ट और ब्लैक जैकेट पहनी है. प्रेमानंद महाराज के आश्रम जाने के बाद पलाश ट्रोलिंग का भी शिकार हो रहे हैं. लोगों का कहना है कि अब पलाश अपनी इमेज सुधारने की कोशिश कर रहे हैं.

बता दें कि पलाश मुच्छल और स्मृति मंधाना 23 नवंबर को शादी करने वाले थे. दोनों की प्री-वेडिंग फेस्टिविटी भी शुरू हो गई थी. उनकी हल्दी, मेहंदी और संगीत के वीडियो और फोटोज तेजी से वायरल थे. लेकिन अचानक से उनकी शादी पोस्टपोन हो गई. स्मृति मंधाना के पिता की तबीयत खराब हो गई थी तो उन्हें हॉस्पिटल में ए़डमिट करवाना पड़ा था. इसके बाद पलाश की भी तबीयत खराब हो गई थी.

इसी सब के बीच में पलाश के स्मृति को चीट करने की खबरें चर्चा में आईं. पलाश के किसी लड़की के साथ चैट करने की खबरें वायरल थीं. पलाश और स्मृति ने चीटिंग की खबरों को लेकर रिएक्ट नहीं किया है. स्मृति के पिता भी हॉस्पिटल से डिस्चार्ज हो गए हैं.मंगलवार को खबरें आई किं स्मृति और पलाश 7 दिसंबर को शादी करने जा रहे हैं. स्मृति के भाई श्रवण मंधाना ने इन खबरों को झूठा बताया है और सिरे से खारिज कर दिया है.

PUNJAB : ‘मेरा मामा DSP है’, चेकिंग के लिए रोकी कार तो महिला ने किया ड्रामा, खूब कटा बवाल

जालंधर रेलवे स्टेशन के पास ट्रैफिक चेकिंग के दौरान एक महिला ने हंगामा कर दिया. वीडियो बनाने पर युवक को धमकाया और डीएसपी मामा होने का दावा किया. पुलिस-महिला विवाद से मौके पर भीड़ जुट गई.पंजाब के जालंधर रेलवे स्टेशन के पास उस समय माहौल गरमा गया, जब ट्रैफिक पुलिस ने नियमित चेकिंग के दौरान एक कार को रोका और उसमें बैठी महिला अचानक हंगामा करने लगी. घटना धीरे-धीरे इतनी बढ़ गई कि मौके पर काफी भीड़ इकट्ठा हो गई और यातायात भी बाधित हो गया.

जानकारी के मुताबिक, ट्रैफिक पुलिस गाड़ियों की रूटीन चेकिंग कर रही थी. उसी दौरान एक महिला की कार को रोका गया. पुलिस जैसे ही कार की तलाशी लेने लगी, पास ही खड़ा एक युवक पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाने लगा. जैसे ही महिला ने देखा कि युवक उसकी वीडियो बना रहा है, वह भड़क उठी और चिल्लाने लगी.

गुस्से में महिला ने युवक पर आरोप लगाया कि वह उसकी इज्जत उछाल रहा है और बिना वजह वीडियो बना रहा है. महिला ने यह भी कहा कि वह कोई नशा तस्कर नहीं है, जो उसे इस तरह रोका या चेक किया जाए. इतना ही नहीं, उसने युवक को धमकी देते हुए कहा कि उसका मामा डीएसपी है और वह उसे अच्छी तरह जानती है. यह सुनकर आसपास के लोग भी हैरान रह गए.

युवक ने शांत रहते हुए महिला को जवाब दिया कि चाहे कोई भी रिश्तेदार हो, कानून सबके लिए बराबर है. पुलिस चेकिंग सभी गाड़ियों की होती है और यह नियम हर किसी पर लागू होता है. युवक ने कहा कि वीडियो बनाना उसकी सुरक्षा का तरीका है ताकि किसी भी गलत आरोप से बचा जा सके.

इस दौरान, वीडियो में देखा गया कि जीआरपी का एक पुलिसकर्मी कार में बैठा था. वह बार-बार महिला को शांत रहने और कार में बैठने के लिए कह रहा था. महिला का दावा था कि वह उस पुलिसकर्मी को जानती है, लेकिन इसके बावजूद ट्रैफिक पुलिस ने चेकिंग रोकने से इनकार कर दिया और अपनी कार्रवाई जारी रखी.

महिला और युवक के बीच लगभग 10 मिनट तक बहस चली. लगातार हंगामा होने से वहां भीड़ जुटने लगी और लोग मोबाइल निकालकर वीडियो बनाने लगे. स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने महिला को समझाया और उसे कार में बैठाया. इसके बाद गाड़ी की चेकिंग पूरी की गई. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. लोग इस पर तरह-तरह की प्रतिक्रिया दे रहे हैं. कई लोग कह रहे हैं कि कानून सबके लिए बराबर है, तो वहीं कुछ लोग महिला के व्यवहार की आलोचना कर रहे हैं.

GUJARAT : शादी के दबाव से नाराज होकर घर से भागी थी नाबालिग, दंपती ने नौकरी का झांसा देकर देह व्यापार में धकेला

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सूरत में शादी के दबाव से नाराज होकर घर छोड़कर निकली नाबालिग लड़की को एक दंपती ने नौकरी देने का भरोसा दिया लेकिन उसे नशीला पदार्थ पिलाकर देह व्यापार में धकेल दिया. पिछले 12 से 15 दिनों में उसे कई लोगों के पास भेजा गया. नाबालिग ने एनजीओ की मदद से पुलिस में शिकायत की. पुलिस ने दंपती सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.

सूरत के लालगेट इलाके में एक नाबालिग लड़की को नौकरी का लालच देकर देह व्यापार में धकेलने का मामला सामने आया है. नाबालिग अपने माता पिता द्वारा शादी का दबाव बनाए जाने से नाराज होकर घर छोड़कर निकल गई थी. वह अपनी एक सहेली के पास लिंबायत गई थी और वहीं उसका परिचय रानी तालाब इलाके में रहने वाले मोहम्मद साजिद नालबंद और उसकी पत्नी सबीना से हुआ. दोनों ने उसे अपनी बेटी जैसा बताकर अपने घर में रखा और कपड़ों की दुकान पर नौकरी दिलाने का भरोसा दिया.

कुछ समय बाद दंपती ने पैसे कमाने की लालच में नाबालिग को नशीला पदार्थ पिलाया और फुलवाड़ी में मदीना मस्जिद के पास रहने वाले कादिर सादिक को सौंप दिया. कादिर ने नाबालिग के साथ शारीरिक संबंध बनाए और उसे वापस दंपती को लौटा दिया. इसके बाद दंपती ने ए वन टी सेंटर के पास रहने वाले साहिल सद्दाम अंसारी से भी पैसे लिए और नाबालिग को उसके पास भेज दिया. साहिल ने भी नाबालिग के साथ शारीरिक संबंध बनाए और लड़की को वापस लौटा दिया.

नाबालिग के अनुसार, पिछले 12 से 15 दिनों में उसे कई बार अलग-अलग व्यक्तियों के पास भेजा गया और मानसिक तथा शारीरिक उत्पीड़न किया गया. किसी तरह उसने एक एनजीओ से संपर्क किया और लालगेट पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई. शिकायत के आधार पर पुलिस ने मोहम्मद साजिद, उसकी पत्नी सबीना, कादिर सादिक और साहिल अंसारी को गिरफ्तार कर लिया. सभी पर रेप, ह्यूमन ट्रैफिकिंग और अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया है. पुलिस ने नाबालिग का मेडिकल परीक्षण कराया है और अन्य शामिल लोगों की पहचान की जा रही है.

डीसीपी राघव जैन ने बताया कि मुख्य आरोपी साजिद कपड़ों की दुकान पर नौकरी देने का लालच देकर नाबालिग को अपने पास ले आया था. कोर्ट ने सभी आरोपियों को दो दिन की रिमांड पर भेज दिया है. मामले की जांच जारी है.

SPORTS : रांची से रायपुर आते-आते टीम इंडिया के लिए क्या कुछ बदल गया

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टीम इंडिया रांची में मिली जीत के बाद भले ही सीरीज में बढ़त लिए हुए है, लेकिन दूसरे ODI से पहले रायपुर का माहौल पूरी तरह शांत नहीं है. विराट कोहली और गौतम गंभीर के बीच वायरल क्लिप के बाद ड्रेसिंग रूम में मतभेदों की चर्चाएं तेज हुई हैं. हालांकि इनकी आधिकारिक पुष्टि नहीं, लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स और विजुअल संकेत टीम के भीतर हलचल की ओर इशारा करते हैं.

रांची ODI में मिली 17 रनों की जीत ने टीम इंडिया को सीरीज में बढ़त तो दिला दी, लेकिन इससे टीम के भीतर की हलचल शांत नहीं हुई. विराट कोहली की दबदबे वाली 52वीं ODI सेंचुरी और रोहित शर्मा की चमकदार 57 रनों ने भारतीय जीत की खूबसूरती बढ़ाई, मगर रायपुर ODI (आज, बुधवार) से पहले टीम के चारों तरफ एक अलग तरह का तनाव तैर रहा है- एक ऐसा तनाव, जो मैदान पर दिखाई नहीं देता, लेकिन ड्रेसिंग रूम की हवा में साफ महसूस किया जा सकता है.

रांची में माहौल बिल्कुल अलग था. दर्शकों की आवाज, बैट-बॉल की टकराहट और भारतीय खिलाड़ियों की ऊंची ऊर्जा… सबकुछ जीत के अनुकूल दिखा… कोहली का क्लासिक कंट्रोल्ड अटैक, रोहित की टेम्पो सेट करने वाली पारी और बॉलिंग यूनिट की कसी हुई कोशिशों ने भारत को पहले मुकाबले में जीत दिलाई.

लेकिन इसी जीत की शाम के बाद, कई रिपोर्ट्स में ड्रेसिंग रूम के भीतर की खटपट ने जगह घेर ली. खबरें आईं कि हेड कोच गौतम गंभीर और कुछ सीनियर खिलाड़ियों के बीच कुछ रणनीतिक मुद्दों को लेकर मतभेद हैं. गंभीर के कोचिंग स्टाइल को लेकर यह चर्चा नई नहीं है. उनकी डायरेक्ट अप्रोच, तेज टेम्परामेंट और हर फैसले में आक्रामकता उनकी पहचान है, लेकिन यह भी सच है कि हर खिलाड़ी इस टोन को समान रूप से नहीं पचा पाता.

रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि टीम की प्लानिंग, कुछ चयन फैसलों और मैच सिचुएशंस में ऑन-फील्ड कॉल्स को लेकर गंभीर और दो-तीन सीनियर चेहरों के बीच अनबन हुई. भारतीय क्रिकेट में मतभेद नई बात नहीं- कोच-कप्तान की केमिस्ट्री हमेशा एक निर्णायक फैक्टर रही है. लेकिन इस बार मुद्दा अलग है, क्योंकि यह सिर्फ कप्तानी या चयन का मामला नहीं, बल्कि टीम कल्चर और कम्युनिकेशन पर आधारित है.

गंभीर ने जबसे कमान संभाली है, उन्होंने साफ संदेश दिया है- ‘स्ट्रक्चर पहले, नाम बाद में.’ यह अप्रोच कुछ खिलाड़ियों के लिए प्रेरक साबित होती है, जबकि कुछ के लिए चुनौतीभरी…, ऐसे माहौल में रांची की जीत ने भले ही बाहरी माहौल को पॉजिटिव बनाया हो, लेकिन अंदरूनी मुद्दों को पूरी तरह दबा नहीं पाई.

रायपुर के लिए टीम इंडिया जब उतरेगी, तो उनके सामने दो मोर्चे होंगे- दक्षिण अफ्रीका जैसी अनुशासित टीम को मात देना और ड्रेसिंग रूम की हवा को हल्का रखना. यह मैच सिर्फ सीरीज का दूसरा मुकाबला नहीं, बल्कि उस भरोसे का टेस्ट भी है, जिसे किसी भी सफल टीम का आधार माना जाता है.

भारतीय टीम प्रबंधन भली-भांति जानता है कि इस समय गलत मैसेज बाहर गया तो उसके दूरगामी असर हो सकते हैं. खासकर तब, जब कोहली और रोहित जैसे दिग्गज खिलाड़ी अब अपने करियर के अंतिम चरण में हैं और टीम के ट्रांजिशन फेज की शुरुआत अगले दो-तीन साल में तय है. ऐसे में कोच और सीनियर खिलाड़ियों का तालमेल भविष्य की दिशा तय करेगा.

दक्षिण अफ्रीका इस समय ODI फॉर्मेट में टॉप-5 में भले न हो, लेकिन उनका टेम्परामेंट कभी हल्का नहीं होता, पहली बाजी हारने के बावजूद वे रायपुर में और कड़ा मुकाबला देंगे. ए़डेन मार्करम. मार्को जानसेन, टेम्बा बावुमा जैसे खिलाड़ी भारत को किसी भी हाल में हल्के में नहीं लेते. लिहाजा भारतीय टीम को सिर्फ स्किल नहीं, बल्कि सामूहिक फोकस भी दिखाना होगा…क्योंकि यही वह पार्ट है, जो आमतौर पर ड्रेसिंग रूम के अंदरूनी तनाव के समय टूटता है.

रांची की जीत ने भारतीय खेमे में आत्मविश्वास भरा है, लेकिन रायपुर वह जगह है जहां टीम के अंदर की साइलेंट स्टोरी असली टेस्ट से गुजरेगी. अगर खिलाड़ी मैदान पर वही ऊर्जा और एकजुटता दिखाते हैं, तो यह जीत सिर्फ सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त नहीं, बल्कि टीम हार्मनी के लिए भी जीत होगी. लेकिन अगर मतभेदों की फुसफुसाहट मैदान तक पहुंची, तो दक्षिण अफ्रीका की चुनौती और कठिन हो सकती है.

NATIONAL : आंगनबाड़ी से लौट रहे 4 साल के मासूम पर झपटा तेंदुआ, घात लगाकर बैठा था इंतजार में

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पौड़ी जिले में तेंदुओं का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है. कोट ब्लॉक के देवार गांव में मंगलवार दोपहर एक और हमला हुआ, जिसमें आंगनबाड़ी से घर लौट रहे चार वर्षीय अनमोल को तेंदुए ने निशाना बनाया. बच्चे को गंभीर चोटें आईं, हालांकि ग्रामीणों की तत्परता से उसकी जान बच गई. लगातार बढ़ रहे हमलों को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है और वे वन विभाग से ठोस कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.

उत्तराखंड में गढ़वाल वन प्रभाग पौड़ी की विभिन्न रेंजों में तेंदुओं के हमलों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. मंगलवार को दिनदहाड़े कोट ब्लॉक के देवार गांव में एक और हादसा हुआ. यहां आंगनबाड़ी से घर जा रहे 4 साल के मासूम अनमोल पर गुलदार ने हमला कर दिया. हमले में बच्चे के सिर पर घाव आए हैं. घटना के बाद पूरे क्षेत्र में भय और दहशत का माहौल बना हुआ है और ग्रामीणों ने तेंदुए के आतंक से निजात दिलाने की जोरदार मांग उठाई है.

ग्रामीण प्रीतम सिंह रावत के अनुसार, मंगलवार दोपहर में 4 वर्षीय अनमोल आंगनबाड़ी से छुट्टी के बाद अपनी मां और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के साथ घर लौट रहा था. तभी गांव के पास घात लगाए बैठे तेंदुए ने अचानक झपट्टा मारा. अनमोल की मां, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और अन्य ग्रामीणों के शोर मचाने पर तेंदुआ भाग खड़ा हुआ. इसके बाद घायल बच्चे को तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे डिस्चार्ज कर दिया गया.

घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है. उनका कहना है कि पिछले कई महीनों से क्षेत्र में तेंदुए की आवाजाही और हमलों की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं, जिससे पहाड़ में रहना जोखिम भरा होता जा रहा है. ग्रामीणों ने सरकार और वन विभाग से वन्यजीवों से निपटने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है. वहीं गढ़वाल वन प्रभाग की एसडीओ आयशा बिष्ट ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग कार्रवाई में जुट गया है. क्षेत्र में टीम भेजकर गश्त बढ़ाई जा रही है. साथ ही ग्रामीणों को जागरूक किया जाएगा और सुरक्षा के उपायों के बारे में भी जानकारी दी जाएगी.

NATIOANL : संसद में कुत्ता लाने पर विवाद… कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी के बयान ने पकड़ा तूल, क्या कहते हैं नियम

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संसद के शीतकालीन सत्र के पहले दिन कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी ने अपने पालतू कुत्ते को संसद भवन में लाकर विवाद खड़ा कर दिया. भाजपा सांसदों ने इसे सुरक्षा नियमों का उल्लंघन बताया और कार्रवाई की मांग की.संसद के शीतकालीन सत्र के पहले दिन कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी अपने पालतू कुत्ते को गाड़ी में लेकर संसद भवन पहुंचीं थी, जिससे उठे विवाद ने तूल पकड़ लिया है. बीजेपी ने उनके खिलाफ एक्शन लेने की मांग की थी.

आजतक से रेणुका चौधरी ने कहा था, ‘इसमें क्या तकलीफ है? गूंगा जानवर अंदर आ गया तो क्या तकलीफ है, इतना छोटा सा तो है. यह काटने वाला नहीं है, काटने वाले तो और हैं पार्लियामेंट के अंदर.’ इस मामले पर भाजपा सांसद जगदंबिका पाल ने तीखी प्रतिक्रिया दी और रेणुका चौधरी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. पाल ने कहा कि अगर सांसद को कुछ विशेषाधिकार मिलता है, तो उसका दुरुपयोग नहीं किया जाना चाहिए.

उन्होंने कहा, “यह सदन देश की नीतियों पर चर्चा करने की जगह है… वहां पर अपने डॉग को लेकर आए और उस पर जिस तरह का बयान दे रहे हैं, देश को शर्मसार कर रहे हैं… उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए.” उन्होंने इसे लोकतंत्र पर कुठाराघात और संसद का अपमान बताया.सामने आया है कि राज्यसभा सांसद रेणुका चौधरी शीतकालीन सत्र के पहले दिन जिस Pet के साथ संसद भवन पहुंचीं थीं उसे उन्होंने रास्ते में बचाया था. यही मुद्दा विवाद का कारण बन गया और भाजपा ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई.

रेणुका चौधरी ने बताया कि रास्ते में एक स्कूटर और कार की टक्कर के बाद एक छोटा पिल्ला सड़क पर डरा हुआ घूम रहा था. उन्हें लगा कि गाड़ी से उसे चोट लग सकती है, इसलिए वह उसे अपनी कार में बैठाकर संसद तक ले आईं और बाद में घर भिजवा दिया. भाजपा द्वारा सुरक्षा के उल्लंघन का मुद्दा उठाने पर उन्होंने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा: “इस चर्चा का क्या मतलब है? असली काटने वाले तो संसद में बैठे हैं… हम एक मूक जीव की मदद करते हैं तो यह बड़ा मुद्दा बन जाता है.”

भाजपा सांसद जगदंबिका पाल ने इसे “तमाशा” करार देते हुए कहा कि बिना उचित दस्तावेज किसी भी व्यक्ति या जीव को संसद परिसर में लाना गलत है. उन्होंने इसे संसद के नियमों और गरिमा का उल्लंघन बताया और कार्रवाई की मांग की.भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने भी आरोप लगाया कि रेणुका चौधरी ने अपने बयान से सांसदों और कर्मचारियों का अपमान किया है. उनका कहना है कि कांग्रेस संसद में “नाटक” करने के नए तरीके ढूंढ रही है और उन्हें माफी मांगनी चाहिए.

क्या कहते हैं संसद के नियम?
संसद भवन उच्च सुरक्षा क्षेत्र है. लोकसभा हैंडबुक के अनुसार —

  • सूत्रों के मुताबिक ऐसी वस्तु या जीव जिसे सुरक्षा जोखिम माना जाए, उसे परिसर में लाने की इजाज़त नहीं.
  • यह IPC के तहत अपराध नहीं माना जाता, लेकिन संसदीय आचार संहिता और सुरक्षा प्रोटोकॉल का उल्लंघन जरूर माना जाता है.
  • आर्म्स और हथियार लाना अपराध है.

क्या कार्रवाई हो सकती है?

संसदीय सचिवालय या संसद सुरक्षा शाखा इस मामले पर:

  • चेतावनी जारी कर सकती है
  • इसे आधिकारिक उल्लंघन के रूप में दर्ज कर सकती है
  • विशेषाधिकार उल्लंघन पर विचार हो सकता है.

ENTERTAINMENT : सनी, बॉबी या ईशा को नहीं बल्कि इस शख्स को धर्मेंद्र दे गए अपनी पुश्तैनी जमीन, जानिए कितनी है कीमत

बॉलीवुड के दिग्गज एक्टर धर्मेंद्र 24 नवंबर को 89 साल की उम्र में इस दुनिया को छोड़कर जा चुके हैं. धर्मेंद्र इंडियन सिनेमा के पॉपुलर और सक्सेसफुल एक्टर्स में से एक हैं. उन्होंने अपनी मेहनत से इंडस्ट्री में अलग पहचान बनाई है. समय के साथ उनकी नेटवर्थ भी काफी बढ़ गई है. धर्मेंद्र के निधन के बाद उनके बच्चों में जायदाद को लेकर कोई अनबन नहीं हो रही है. हालांकि, उनके बच्चों को पंजाब में धर्मेंद्र की पुश्तैनी जायदाद नहीं मिलेगी. करोड़ों की वो जमीन एक्टर ने जिंदा रहते हुए किसी और को दे दी थी.

धर्मेंद्र का जन्म अपनी मां के गांव नसराली में हुआ था. इस गांव में ही धर्मेंद्र बड़े हुए थे. उस गांव में उनके पिता की जमीन थी लेकिन जब धर्मेंद्र सब छोड़कर 1950 में मुंबई आ गए थे तब उनके कजिन और उनके बेटों ने उनकी जमीन का ध्यान रखा. रिपोर्ट्स की मानें को इस जमीन की कीमत इस समय 5 करोड़ रुपये है.

2015 में धर्मेंद्र जब अपने गांव गए थे तो उन्होंने ये जमीन अपने भतीजे को दे दी थी क्योंकि वो कई दशकों से इसकी देखभाल कर रहे थे. उनके भतीजे भूटा सिंह देओल ने द न्यू इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में बताया कि ‘धर्मेंद्र अंकल मेरे पिता मंजीत सिंह के कजिन थे. वो आखिरी बार 2019 में गांव आए थे, जब उनके बेटे सनी देओल ने गुरदासपुर से पार्लियामेंट्री इलेक्शन लड़ा था. मैं भी उनके लिए कैंपेन करने गुरदासपुर गया था. उससे पहले, वो 2015-16 में गांव आए थे, जब उन्होंने 19 कनाल और तीन मरला जमीन मेरे पिता मंजीत सिंह और मेरे अंकल शिंगारा सिंह के नाम कर दी थी.’

भूटा ने बताया कि धर्मेंद्र ने अपनी पुश्तैनी जमीन क्यों अपने कजिन्स के बच्चों को दी और अपने बच्चों को नहीं दी. उन्होंने कहा- जब वे दशकों पहले मुंबई चले गए थे, तब से हमारा परिवार उनकी जमीन की देखभाल कर रहा है, और हम उसमें खेती करते रहे हैं.’ वे अपनी जड़ों और हमें कभी नहीं भूले.’

MAHARASHTRA : ब्रिज से नीचे गिरी छात्रों से भरी बस, नासिक के 32 छात्र घायल, 4 की हालत नाजुक

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पुलिस की जांच में पता चला है कि बस देर रात कोंकण से नासिक के लिए रवाना हुई थी. वाठार के पास पहुंचते ही ड्राइवर का अंदाज चूक गया और बस सीधे पुल से नीचे जा गिरी.नासिक के कॉलेज छात्रों को लेकर कोकण से लौट रही एक प्राइवेट बस कराड के वाठार इलाके में एक हादसे का शिकार हो गई. बस पुल से अनियंत्रित होकर नीचे जा गिरी, जिससे कम से कम 30 से 32 छात्र घायल हो गए, जबकि 4 छात्रों की हालत नाजुक बताई जा रही है.

दरअसल, पिंपलगांव (जिला नासिक) के कॉलेज छात्रों का एक कार्यक्रम कोंकण में आयोजित किया गया था. कार्यक्रम खत्म होने के बाद देर रात बस नासिक के लिए रवाना हुई.वाठार के पास पहुंचते ही ड्राइवर का चूक गया और बस सीधे ब्रिज से नीचे जा गिरी. नीचे का हिस्सा गहरा होने के कारण बस बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुई और कई छात्र घायल हो गए. चार छात्रों की हालत गंभीर बनी हुई है.

हादसे की जानकारी मिलते ही हाइवे पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची. सभी घायलों को उप जिला अस्पताल और कुछ छात्रों को कृष्णा हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है. पूर्व सहकार मंत्री बाला साहेब पाटिल की तात्कालिक मदद कराड-वाठार में हुई दुर्घटना की जानकारी मिलते ही पूर्व सहकार मंत्री बाला साहेब पाटिल ने तुरंत संज्ञान लिया. घायल छात्रों के लिए तत्काल मेडिकल सहायता, दवाइयां और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध करवाई गईं.

दिन्‍डोरी सांसद भास्कर मुरलीधर भगारे ने भी बाला साहेब पाटिल से संपर्क कर छात्रों की मदद का अनुरोध किया था. इसके बाद पाटिल ने प्रशासन से समन्वय कर सारी आवश्यक मदद तुरंत शुरू करवाई.

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