Tuesday, April 28, 2026
Home Blog Page 299

ENTERTAINMENT : तान्या मित्तल को मारना पड़ा भारी, सलमान खान ने फिनाले से पहले अशनूर कौर को किया Bigg Boss 19 से बाहर?

इस हफ्ते शो से अशनूर कौर के बाहर होने की चर्चा है. बताया जा रहा है कि टास्क के दौरान तान्या मित्तल संग हिंसक होने पर मेकर्स और सलमान ने अशनूर को शो से बाहर करने का फैसला लिया है. प्रोमो में सलमान गुस्से में अशनूर की क्लास लगाते हुई भी दिखाई दे रहे हैं.

बिग बॉस 19 फिनाले के बेहद करीब है. शो खत्म होने वाला है, मगर घरवालों की बदतमीजियां अभी भी खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं. टास्क में तान्या मित्तल को मारने पर इस बार सलमान खान का अशनूर कौर पर गुस्सा फूट पड़ा है. सलमान ने अशनूर की जमकर फटकार लगाई. शो का प्रोमो देख फैंस भी हैरान हो गए हैं.

दरअसल, हाल ही में बिग बॉस हाउस में टिकट टू फिनाले टास्क हुआ. टास्क के दौरान तान्या ने अशनूर का गेम बिगाड़कर उन्हें टिकट टू फिनाले जीतने की रेस से बाहर कर दिया. तान्या की इस हरकत से चिढ़कर अशनूर ने टास्क में यूज होने वाला लकड़ी का बोर्ड तान्या पर ही फेंक दिया. इसी बात को लेकर सलमान इस हफ्ते वीकेंड का वार में अशनूर को फटकारते दिखे.

शो का प्रोमो वीडियो सामने आ चुका है. प्रोमो में देख सकते हैं कि सलमान गुस्से में अशनूर से कहते हैं- बिग बॉस हाउस में किसी के ऊपर हाथ उठाना, किसी को चोट पहुंचाना कूल नहीं है. इनका एग्रेशन इस लेवल का था कि उन्होंने जानबूझकर पूरे फोर्स के साथ वुडन प्लैंक तान्या की तरफ घुमाया और ये साफ दिखा कि इन्होंने जानकर गुस्से में तान्या को मारा.\

सलमान की फटकार सुन अशनूर ने माफी भी मांगी. उन्होंने अपनी सफाई में कहा- तान्या को मारने का मेरा कोई इरादा नहीं था. उन्हें गलती से लग गई. इसपर सलमान ने गुस्से में कहा- लग गई है क्या होता है? आपने वुडन प्लैंक निकालकर मारा है. सलमान ने आगे अशनूर से कहा- हमारे घर के कुछ नियम हैं, जो हमें फॉलो करने होंगे.

सलमान की बात सुन हर किसी को यही लग रहा है कि अशनूर को घर से बाहर कर दिया गया है. कई रिपोर्ट्स में भी ये बात सामने आई है कि बिग बॉस हाउस में अशनूर का सफर खत्म हो गया है. फिनाले से पहले वो शो से बाहर हो गई हैं.

ऐसी भी चर्चा है कि अशनूर के अलावा शहबाज भी शो से बाहर हो गए हैं. हालांकि, अभी शहबाज के एलिमिनेशन को लेकर ऑफिशियल जानकारी सामने नहीं आई है. अशनूर और शहबाज का एलिमिनेशन देखने के लिए आपको बिग बॉस 19 का वीकेंड का वार एपिसोड देखना होगा.

BIHAR : बेतिया में ऑरकेस्ट्रा डांसर ने लहराई सिपाही की सरकारी पिस्टल, पुलिस जवान ने भी लगाए ठुमके

0

बेतिया के रामपुर बैरागी गांव में छठियार समारोह के दौरान नर्तकी द्वारा मंच पर सरकारी पिस्टल लहराने का वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया. जांच में पिस्टल के दुरुपयोग की पुष्टि होने पर सिपाही अमित चौधरी सहित तीन लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई. तीनों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है.

बेतिया के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के रामपुर बैरागी गांव में आयोजित छठियार समारोह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में एक डांसर, डांस फ्लोर पर कट्टा लहराते हुए डांस करती दिखाई दे रही है. मामला सामने आते ही पुलिस प्रशासन हरकत में आया और समारोह में मौजूद संबंधित पुलिसकर्मी सहित तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी गई है.

यह घटना बुधवार की रात की बताई जा रही है, जब गांव में छठियार समारोह के दौरान डांस कार्यक्रम चल रहा था. इसी दौरान कुचायकोट थाने में तैनात सिपाही अमित चौधरी अपने कुछ साथियों के साथ कार्यक्रम में पहुंचा. स्थानीय लोगों के अनुसार, कार्यक्रम के दौरान उसने अपनी सरकारी पिस्टल नर्तकी को पकड़ा दी. नर्तकी पिस्टल को हाथ में लेकर मंच पर खुलेआम लहराते हुए डांस करती रही. मंच के आसपास कुछ युवक भी उसके साथ डांस करते नजर आए.

जैसे ही नर्तकी के हाथ में पिस्टल लहराने की घटना सामने आई, ग्रामीण आक्रोशित हो उठे. कई लोग सिपाही से भिड़ गए और मौके पर हल्की अफरातफरी की स्थिति बन गई. ग्रामीणों का कहना था कि सरकारी हथियार का इस तरह का इस्तेमाल बेहद खतरनाक है और किसी भी समय गंभीर हादसा हो सकता था.

वीडियो वायरल होने के बाद एसडीपीओ विवेक दीप ने तुरंत जांच का आदेश दिया. जांच में यह साफ हो गया कि सरकारी पिस्टल का दुरुपयोग किया गया है. इसके बाद सिपाही नंबर 415 अमित चौधरी, उसके भाई मिश्र चौधरी और अग्निशमन विभाग के सिपाही नंबर 390 अनमोल तिवारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई. पुलिस ने बताया कि तीनों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है.

पुलिस अधिकारियों ने कहा कि सरकारी हथियार का मनोरंजन कार्यक्रम में इस्तेमाल गंभीर अनुशासनहीनता है. इसमें आर्म्स एक्ट और अन्य धाराओं के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी. घटना के बाद ग्रामीणों में दहशत और नाराजगी दोनों बनी हुई है. वहीं प्रशासन का कहना है कि दोषियों पर सख्ती से कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों.

ENTERTAINMENT : टली पलाश-स्मृति की शादी, जेमिमा ने छोड़ा WBBL, सुनील शेट्टी बोले- दिल भर आया…

सुनील शेट्टी ने जेमिमा रोड्रिग्स और स्मृति मंधाना के लिए एक भावुक पोस्ट शेयर की है. जिसमें जेमिमा ने WBBL छोड़कर स्मृति के साथ रहने का फैसला किया है.

सुनील शेट्टी उन एक्टर्स में शुमार हैं, जो सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहते हैं. उन्हें उनके आसपास हो रही घटनाओं के बारे में भी पूरी जानकारी रहती है. अब उन्होंने भारतीय क्रिकेटर जेमिमा रोड्रिग्स और उनकी दोस्त स्मृति मंधाना के लिए दिल छू लेने वाली पोस्ट शेयर की है. आइए जानते हैं कि सुनील शेट्टी ने जेमिमा और स्मृति मंधाना के लिए क्या कहा है.

स्मृति मंधाना इन दिनों लाइफ के मुश्किल फेज से गुजर रही हैं. स्मृति, पलाश मुच्छल से शादी करने वाली थीं, लेकिन शादी से पहले उनके पिता बीमार पड़ गए. पिता की तबीयत बिगड़ने की वजह से उन्हें अपनी शादी टालनी पड़ी. शुक्रवार को सुनील ने अपने एक्स (पहले ट्विटर) हैंडल पर एक अखबार की कटिंग शेयर की. हेडलाइन थी, जेमिमा ने WBBL से हटने का फैसला किया मंधाना के साथ रहने के लिए.सुनील शेट्टी ने कटिंग के साथ एक भावुक नोट लिखा, सुबह-सुबह ये आर्टिकल देखा और दिल भर आया. जेमिमा का WBBL छोड़कर स्मृति के पास जाना. कोई बड़ा बयान नहीं, बस चुपचाप साथ निभाना है. यही असली टीममेट्स करते हैं. सीधा, सादा, सच्चा.

23 नवंबर को क्रिकेटर स्मृति मंधाना और म्यूजिक कंपोजर-फिल्ममेकर पलाश मुचछल की शादी अनिश्चितकाल के लिए टाल दी गई, क्योंकि शादी से कुछ घंटे पहले स्मृति के पिता बीमार हो गए. जल्द ही पलाश के मुंबई में अस्पताल में भर्ती होने की खबरें भी सोशल मीडिया पर फैल गई थीं. स्मृति ने प्री-वेडिंग की सारी फोटो-वीडियो सोशल मीडिया से हटा लीं.

पलाश की मां का कहना है कि जल्द ही शादी की नई तारीख का ऐलान होगा. पलाश और स्मृति के पिता पहले से ठीक हो रहे हैं. इस बीच पलाश को लेकर कई अफवाहें भी उड़ीं, लेकिन अब तक दोनों की ओर से कोई स्टेटमेंट सामने नहीं आया है.

BIHAR : ‘गाय का मांस खिलाया, कलमा और नमाज पढ़ने का दबाव’, महिला ने सुनाई जबरन धर्म परिवर्तन की खौफनाक कहानी

0

अररिया में एक महिला को अगवा कर दिल्ली तक बंधक बनाने और जबरन धर्म परिवर्तन कराने का मामला सामने आया है. पीड़िता ने नरपतगंज क्षेत्र के मो. आलम सहित आठ लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं. महिला किसी तरह बचकर पति के साथ अररिया कोर्ट पहुंची. अदालत ने मामले की गंभीरता देखते हुए फारबिसगंज थानाध्यक्ष को FIR दर्ज कर जांच का आदेश दिया है.

बिहार के अररिया जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक महिला ने आरोप लगाया है कि उसे कार से अगवा कर कई महीनों तक दिल्ली और बिहार के अलग-अलग क्षेत्रों में बंधक बनाकर रखा गया. पीड़िता ने नरपतगंज थाना क्षेत्र के पलासी गांव के मो. आलम समेत आठ लोगों पर उसे जबरन मुस्लिम धर्म अपनाने के लिए शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना देने का आरोप लगाया .

पीड़िता के अनुसार, उसे कार से अगवा कर सबसे पहले भीमपुर और वीरपुर ले जाया गया. इसके बाद उसे सहरसा और फिर दिल्ली में बंधक बनाकर रखा गया. इस दौरान उसे प्रताड़ित किया गया और धर्म परिवर्तन करने के लिए दबाव बनाया गया. महिला ने कहा कि सीमा क्षेत्र में ऐसे लोग सक्रिय हैं जो जबरन धर्म परिवर्तन कराने के लिए काम करते हैं. पीड़िता ने बताया जबरन उसके साथ सबंध बनाए और गाय का मीट खिलाया. इतना ही नहीं कलमा और नवाज पढ़ने के लिए दबाव डाला जाता था. साथ ही उसके बच्चों को जान से मारने की धमकी दी जाती थी और उसके गहने भी रख लिए गए.

महिला किसी तरह आरोपियों के चंगुल से निकलकर अपने पति के साथ अररिया पहुंची और सीधे कोर्ट में परिवाद पत्र दायर किया. कोर्ट में पेश होकर उसने न्यायाधीश के सामने पूरा घटनाक्रम बताया. पीड़िता ने कहा कि कई महीनों की प्रताड़ना के बाद किसी तरह मौका मिला और वह वहां से भागकर पति के पास पहुंच सकी.

मामले की सुनवाई के दौरान पीड़िता के अधिवक्ता के. एन. विश्वास ने बताया कि महिला ने आठ लोगों पर अगवा कर रखने, प्रताड़ित करने और जबरन धर्म परिवर्तन कराने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि कोर्ट ने घटनाक्रम की गंभीरता को देखते हुए फारबिसगंज थानाध्यक्ष को तुरंत प्राथमिकी दर्ज कर आगे की जांच शुरू करने का निर्देश दिया है. पीड़िता का कहना है कि वह चाहती है कि आरोपियों पर सख्त कार्रवाई हो ताकि किसी और महिला के साथ ऐसा न हो. मामला सामने आने के बाद स्थानीय लोगों के बीच भी चर्चा का माहौल है.

SURAT : स्मार्ट वॉच में ChatGPT से नकल करते पकड़े गए छात्र और छात्रा, यूनिवर्सिटी ने लगाया दस हजार का जुर्माना

0

सूरत की वीर नर्मद दक्षिण गुजरात यूनिवर्सिटी में बीसीए परीक्षा के दौरान एक छात्र और छात्रा स्मार्ट वॉच में चैट जीटीपी और अन्य एआई टूल्स से जवाब ढूंढकर लिखते पकड़े गए. सुपरवाइजर ने दोनों को रंगे हाथों पकड़ लिया. यूनिवर्सिटी ने दोनों पर दस हजार रुपये का जुर्माना लगाया और आगे से परीक्षा हॉल में सभी स्मार्ट डिवाइस लाने पर प्रतिबंध लगा दिया है.

सूरत में परीक्षा के दौरान तकनीक का गलत इस्तेमाल करते हुए एक छात्र और छात्रा पकड़े गए. वीर नर्मद दक्षिण गुजरात विश्वविद्यालय के अधीन बीसीए की परीक्षाएं चल रही थीं. इन्हीं में से एक परीक्षा केंद्र पर दोनों छात्र हाई टेक उपकरणों का इस्तेमाल कर नकल कर रहे थे. यह मामला सामने आने के बाद विश्वविद्यालय ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी .

जानकारी के अनुसार कंप्यूटर साइंस की परीक्षा में एक छात्रा ने स्मार्ट वॉच का इस्तेमाल करते हुए चैट जीटीपी में पूछे गए सवालों के जवाब ढूंढकर लिखना शुरू कर दिया था. उसने कई सवालों के उत्तर इसी तरीके से लिखे थे, लेकिन परीक्षा कक्ष में मौजूद स्टाफ की नजर उस पर पड़ गई. संदेह होने पर उसे जांचा गया और नकल करते हुए पकड़ लिया गया.इस घटना के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने तुरंत जांच कराई. जांच में यह स्पष्ट हुआ कि दोनों छात्र आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर गैरकानूनी तरीके से नकल कर रहे थे. इसके बाद विश्वविद्यालय ने दोनों पर दस हजार रुपये का जुर्माना लगाया है. पहले पांच हजार रुपये जुर्माने का प्रावधान था, लेकिन अब इसे दोगुना कर दिया गया है.

कुलपति डॉक्टर किशोर सिंह चावड़ा ने बताया कि इस घटना ने विश्वविद्यालय को चौंका दिया है. उन्होंने कहा कि परीक्षा के दौरान अब स्मार्ट वॉच, स्मार्ट रिंग, स्मार्ट पेन और किसी भी तरह के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को ले जाने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा. सुपरवाइजरों को भी परीक्षा हॉल में मौजूद सभी छात्रों की निगरानी के लिए स्मार्ट वॉल स्क्रीन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं. उन्होंने यह भी कहा कि आने वाली परीक्षाओं के लिए और कड़े नियम बनाए जा रहे हैं ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके.

MAHARASHTRA : ट्रक पलटा तो सड़क पर बिखर गईं बीयर की बोतलें… लूट की होड़ मच गई, उधर ड्राइवर केबिन में फंसा रहा

0

छत्रपती संभाजीनगर में बीयर से भरा ट्रक पलट गया. हादसे में चालक ट्रक के केबिन में फंस गया, लेकिन सड़क पर बिखरी बीयर की बोतलों को उठाने के लिए भीड़ उमड़ पड़ी. कुछ ही मिनटों में लूट जैसी स्थिति बन गई. सूचना के बाद स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और भीड़ को काबू करते हुए चालक को सुरक्षित बाहर निकाला.

महाराष्ट्र के छत्रपती संभाजीनगर के वालूज इलाके में हैरान कर देने वाला मामला सामने आया. यहां रांजणगाव रोड पर बीयर से भरा ट्रक डिलीवरी के लिए जा रहा था कि अचानक पलट गया. रास्ते में एक व्यक्ति को बचाने की कोशिश में ड्राइवर ने स्टीयरिंग टर्न की, लेकिन कंट्रोल नहीं रहा और ट्रक पलट गया. इससे सड़क पर बीयर की बोतलें बिखर गईं.

हादसे के समय ट्रक का केबिन दबने से चालक उसमें फंस गया. इसके बावजूद कुछ लोग चालक को बाहर निकालने की बजाय बीयर के बॉक्स उठाने के लिए दौड़ पड़े. सड़क पर कुछ ही मिनटों में ऐसा दृश्य बन गया, जैसे लूट मच गई हो. आसपास से गुजर रहे लोग भी बोतलों को उठाने में लग गए और ट्रक के पास अफरा-तफरी का माहौल बन गया.

इस घटना की सूचना कुछ लोगों ने तुरंत पुलिस को दी. जानकारी मिलते ही वालूज एमआईडीसी पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस ने तुरंत भीड़ को काबू किया और घायल चालक को ट्रक की केबिन से बाहर निकालने की कोशिश शुरू की. अधिकारियों ने कहा कि चालक को सुरक्षित बाहर निकालने में कुछ समय लगा.

पुलिस ने कहा कि इस तरह की घटनाओं में सड़क पर अफरा-तफरी मचाने वाले लोग खुद खतरे में पड़ सकते हैं. किसी भी सड़क हादसे में प्राथमिकता हमेशा घायल या फंसे हुए व्यक्ति की सुरक्षा और मदद होनी चाहिए, न कि सामान की लूट. हादसे की वजह से रास्ते में कुछ समय के लिए यातायात बाधित रहा. स्थानीय लोग और वाहन चालक सड़क किनारे खड़े होकर पुलिस की कार्रवाई देख रहे थे. इस घटना के बाद वालूज इलाके में अफरा-तफरी का माहौल रहा. पुलिस इस पूरे मामले को लेकर जांच-पड़ताल में जुटी है.

Entertainment : 252 કરોડ રૂપિયાના હાઈપ્રોફાઈલ ડ્રગ્સ કેસમાં ઓરીની 7 કલાક પૂછપરછ, જાણો સમગ્ર મામલો

ઓરી ઉર્ફ ઓરહાનને બુધવારે મુંબઈ ક્રાઇમ બ્રાન્ચની એન્ટી નાર્કોટિક્સ સેલ (ANC) ના ઘાટકો પર યુનિટ પહોંચ્યો હતો. ઓરીને ડ્રગ્સ કેસમાં પૂછપરછ માટે યુનિટ પર બોલાવવામાં આવ્યા હતા.

બોલિવૂડના હિરો હિરોઈન સાથેના ફોટામાં એક શખ્સ હંમેશા લોકોનું ધ્યાન ખેંચે છે. આ શખ્સનું નામ ઓરહાન છે જે ઇન્ડસ્ટ્રીમાં ઓરી તરીકે જાણીતો છે. ઓરી ઉર્ફ ઓરહાનને બુધવારે મુંબઈ ક્રાઇમ બ્રાન્ચની એન્ટી નાર્કોટિક્સ સેલ (ANC) દ્વારા ડ્રગ્સ કેસમાં તેની 7 કલાક પૂછપરછ કરવામાં આવી હતી. 252 કરોડ રૂપિયાનો આ હાઇ-પ્રોફાઇલ ડ્રગ્સ કેસ સતત ગતિ પકડી રહ્યો છે. ઇન્ડસ્ટ્રી અને ડી ગેંગ વચ્ચે સાંઠગાંઠ હોવાને લઈને હંમેશા ચર્ચાઓ તેજ રહે છે.

મુંબઈ પોલીસના એન્ટી-નાર્કોટિક્સ સેલ (ANC) એ આ મોટા ડ્રગ કેસની તપાસના સંદર્ભમાં ઓરીને બીજું સમન્સ જારી કર્યું. પહેલું સમન્સ 20 નવેમ્બરે મોકલવામાં આવ્યું હતું, પરંતુ ઓરીએ જણાવ્યું હતું કે તે 25 નવેમ્બર સુધી ઉપલબ્ધ રહેશે નહીં. ત્યારબાદ ANC એ 21 નવેમ્બરે બીજું સમન્સ જારી કર્યું, જેમાં તેને 26 નવેમ્બરે ઘાટકોપર યુનિટમાં હાજર થવાનો આદેશ આપવામાં આવ્યો. ઓરી બુધવારે સમયસર પહોંચ્યો, અને કેસના સંદર્ભમાં તેનું નિવેદન નોંધવામાં આવ્યું. તાજેતરમાં જયારે ઓરીની પૂછપરછ કરાઈ ત્યારે સહયોગ ના કર્યો હોવાનો અધિકારી દ્વારા માહિતી આપવામાં આવી.

ડ્રગ કેસની તપાસ ટીમે દાવો કર્યો છે જયારે પણ ડ્રગ સંબંધિત કોઈ કેસ હોય તેમાં તેની સંડોવણી અથવા પાર્ટીઓમાં હાજરી હોવાનું અવારનવાર સામે આવ્યું છે. છતાં પણ અત્યારે ડ્રગના ઉપયોગની જાણકારી ના હોવાનો ઓરીએ ઇનકાર કર્યો હતો. આ અંગે ઓરીએ અધિકારીઓને જવાબ આપતા કહ્યું તે ભારત અને વિદેશમાં અનેક કાર્યક્રમોમાં હાજરી આપે છે. આ કાર્યક્રમોમાં સેલેબ્સથી લઈને અનેક લોકો સાથે મુલાકાત કરે છે એટલે તેને યાદ નથી કે દરેક કાર્યક્રમમાં કોણ હાજર હતું અથવા શું થયું હતું.

એન્ટી-નાર્કોટિક્સ સેલના અધિકારીઓની પૂછપરછમાં ઓરીએ મુખ્ય આરોપી અલીશાહ પારકર સાથે કોઈ પણ પ્રકારના સંબંધ હોવાનો ઇનકાર કર્યો હતો અને કહ્યું હતું કે તેનો કોઈ પણ ડ્રગ સપ્લાય ચેઇન સાથે કોઈ સંબંધ નથી. જો કે અધિકારીઓ તેના જવાબથી સંતુષ્ટ થયા નથી. અને ફરી ઓરીને સમન્સ મોકલી કડક રીતે પૂછપરછ કરવા બોલાવી શકે છે. જણાવી દઈએ કે ઓરી ઇન્સ્ટાગ્રામ પ્રમોશન અને સહયોગ માટે ૫૦ લાખથી ૧ કરોડ રૂપિયા સુધી કમાય છે. ઓરીને જિયોમાં તેની નોકરીમાંથી માસિક ૩.૫ લાખ રૂપિયાનો પગાર મળે છે.

NATIONAL : रेप-मर्डर कर अर्धनग्न फेंका, 15 साल बाद नेहा अहलावत को मिला न्याय… एक गलती से ऐसे फंसा मोनू कुमार

0

चंडीगढ़ पुलिस ने 15 साल पुराने रेप और मर्डर मामलों की गुत्थी डीएनए की मदद से सुलझा ली. 38 वर्षीय टैक्सी ड्राइवर मोनू कुमार को तीन महिलाओं के हत्या और रेप के मामलों में जोड़ा गया. पुलिस ने 100 से अधिक डीएनए नमूने जांचे और लगातार प्रयासों के बाद 2024 में आरोपी को पकड़ा. 2010 के नेहा अहलावत केस में कोर्ट ने उसे दोषी ठहराया है.

चंडीगढ़ पुलिस ने एक ऐसी अपराध कहानी का पता लगाया है, जो 15 साल तक शहर को चुपचाप दहशत में रखे हुए थी. 38 साल का टैक्सी ड्राइवर मोनू कुमार, जो सेक्टर 38 वेस्ट की शाहपुर कॉलोनी का रहने वाला है, पिछले कई वर्षों से नशे की बुरी लत में था और इसी के चलते वह शहर की सुनसान, जंगल जैसी जगहों पर अकेली महिलाओं को निशाना बनाता था. चंडीगढ़ जिला अदालत ने मोनू कुमार को दोषी करार दिया है

पुलिस को हर बार उसके हाथ खाली लगते थे, क्योंकि वह इतनी सावधानी से वार करता था कि कोई डिजिटल निशान नहीं छोड़ता था. न मोबाइल फोन, न आधार, न बैंक खाता. लेकिन उसने एक गलती कर दी, जो उसे पकड़वा गई. उसने अपने पीड़ितों के शरीर और कपड़ों पर डीएनए के निशान छोड़ दिए थे.

यह कहानी शुरू होती है 2010 के एक दर्दनाक मामले से. जब 21 साल की एमबीए छात्रा नेहा अहलावत 30 जुलाई 2010 की शाम करीब 6 बजे अपने घर सेक्टर 38 वेस्ट से स्कूटर लेकर अंग्रेजी बोलने की क्लास के लिए निकली थी. लेकिन वह घर वापस नहीं लौटी. उसी रात भारी बारिश के बीच, उसका अर्धनग्न, खून से सना शव करन टैक्सी स्टैंड के पास झाड़ियों में मिला.

शव पर चोटों के निशान थे और गला घोंटकर उसकी हत्या की गई थी. बाद में सीएफएसएल ने उसके कपड़ों पर मौजूद वीर्य के नमूनों से रेप की पुष्टि की थी. इस केस में उस समय कोई सुराग नहीं मिला और 2020 में यह केस अनसुलझा मानकर बंद कर दिया गया. लेकिन यह केस बंद हुआ जरूर, पर खत्म नहीं हुआ. क्योंकि उसी डीएनए के जरिए पुलिस को 15 साल बाद सच्चाई तक पहुंचना था.

इस दौरान चंडीगढ़ के जंगलनुमा क्षेत्रों में इसी तरह के दो और मामले हुए. सभी महिलाओं को अकेला देखकर निशाना बनाया गया. बारिश के मौसम का फायदा उठाया गया. हमलावर उन्हें सुनसान इलाके में ले जाता, उन पर हमला करता, गला घोंटता और फिर झाड़ियों में शव फेंक देता. कई मामलों में हत्या के बाद भी रेप के संकेत मिले. तीनों मामलों में डीएनए मिला, जो एक ही व्यक्ति का था.

पुलिस के लिए यह एक लंबी और धैर्य की परीक्षा थी. कई बार पुलिस ने आरोपियों के स्केच बनाए, कई संदिग्धों से पूछताछ हुई. 2009 में हिमाचल प्रदेश के एक पॉक्सो केस में आरोपी को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया था. उसी दौरान पुलिस को शक हुआ कि शायद वही आरोपी चंडीगढ़ में सक्रिय हो सकता है. लेकिन कोई ठोस प्रमाण नहीं था.

टर्निंग पॉइंट आया 2022 में, जब पुलिस को एक और महिला की लाश मिली. डीएनए प्रोफाइलिंग की गई और यह उसी डीएनए से मेल खाया जो नेहा और दूसरी महिला के केस से मिला था. यानी हत्यारा वही था. लेकिन वह कौन था, यह अब भी रहस्य था.इसके बाद पुलिस ने एक बड़ा दांव खेला. नवंबर और दिसंबर 2023 में, चंडीगढ़ पुलिस ने प्रशासन के साथ मिलकर एक रक्तदान शिविर आयोजित किया. इस दौरान अनुमति लेकर खून के नमूने भी एकत्र किए गए ताकि डीएनए मैच किया जा सके. एफएसएल टीम ने सैकड़ों डीएनए नमूनों की जांच की. यह मेहनत चल ही रही थी कि इसी दौरान आरोपी ने अपनी तीसरी वारदात को अंजाम दिया.

इस बार शिकार बनी मोहाली की रहने वाली शनीचरा देवी. आरोपी ने उसी तरह हमला किया, जैसा वह पहले करता था. सिर पर वार कर उसकी हत्या कर दी और उसे सेक्टर 54 के जंगल क्षेत्र में घसीटकर ले गया. लेकिन इस बार वह इतना नशे में था कि रेप नहीं कर पाया. फिर भी उसके वीर्य के अंश महिला की साड़ी में मिले. यही डीएनए, जो पहले दो मामलों का भी था, आखिरकार पुलिस को करीब ले आया.

एफएसएल की टीम ने तुरंत पुलिस को सूचित किया कि डीएनए मैच हो चुका है. पुलिस ने जब अपने रिकॉर्ड खंगाले तो शक शाहपुर कॉलोनी के टैक्सी ड्राइवर मोनू कुमार पर गया. पुलिस जब उसके घर पहुंची, तो वह वहां नहीं था. वह अपने टैक्सी वाहन के साथ अमृतसर निकल गया था. इसके बाद पुलिस ने उसके घर के बाहर सादे कपड़ों में जवान तैनात कर दिए.

6 मई 2024 को जब मोनू वापस आया, तो पुलिस ने उसे पकड़ लिया. पहले तो उसने सब कुछ नकार दिया. लेकिन जब पुलिस ने बताया कि उसका डीएनए तीनों केस से मैच हुआ है, तो उसने तीनों हत्याओं की बात कबूल कर ली. इस बार उसके पास उसका मोबाइल फोन भी था. मोबाइल फोन की लोकेशन ट्रैकिंग से पता चला कि वह सेक्टर 54 के उसी इलाके में मौजूद था, जहां शनीचरा देवी का शव मिला था.

पूरी जांच एसआईटी ने की, जिसकी अगुवाई एसएसपी कनवदीप कौर ने की. उन्होंने बताया कि इस केस में तकनीक और पुलिस की लगातार मेहनत सबसे बड़ा हथियार बनी. उन्होंने टीम को धन्यवाद देते हुए कहा कि 100 से ज्यादा डीएनए नमूने जांचे गए और हर सुराग को बारीकी से देखा गया. लेकिन पुलिस का कहना है कि चूंकि आरोपी एक इंटर-स्टेट टैक्सी ड्राइवर था, इसलिए हो सकता है कि उसने पड़ोसी राज्यों में भी ऐसे अपराध किए हों. इसलिए पुलिस ने अन्य राज्यों से भी संपर्क किया है.

इस बीच, 2010 को नेहा अहलावत के परिवार ने कई साल तक पुलिस की नाकामी पर सवाल उठाए थे. लेकिन इस गिरफ्तारी और अब कोर्ट के फैसले के बाद उन्हें राहत मिली है. गुरुवार को चंडीगढ़ की जिला अदालत ने मोनू कुमार को आईपीसी की धारा 302 और 376 के तहत दोषी करार दिया. सजा का ऐलान 28 नवंबर 2025 को किया जाएगा.

इसमें आजीवन कारावास या फांसी की सजा दी जा सकती है. अन्य दो मामलों में भी आरोप तय किए जा चुके हैं और मुकदमे जारी हैं. नेहा के परिवार की आंखों में आंसू थे, लेकिन इस बार यह आंसू राहत के थे. अदालत में मौजूद कई लोग भी भावुक हो गए. 15 साल की यह जांच बताती है कि अपराध कितना भी छुपा हो, सच कभी नहीं छुपता. डीएनए ने वह कर दिखाया, जो इंसानी आंखें और हाथ नहीं कर पाए थे.

UP : बजरी से भरा डंपर कार पर पलटा, परिवार के 7 लोगों की मौत; जा रहे थे अंतिम संस्कार में शामिल होने

0

एसपी सिटी व्योम बिंदल ने बताया कि डंपर पलटने की सूचना पर पुलिस ने रेस्क्यू कर शवों को निकाला. अभियोग पंजीकृत हो गया है, जांच लापरवाही, ओवरलोड और नशे पर केंद्रित है. ग्राम प्रधान ने बताया कि ट्रक तेज रफ़्तार और ओवरलोड था, लोगों के अनुसार ड्राइवर ने शराब पी रखी थी.

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में शुक्रवार सुबह एक भीषण सड़क हादसे में एक ही परिवार के सात लोगों की मौत हो गई. बजरी से भरा एक तेज रफ्तार डंपर अनियंत्रित होकर एक कार पर पलट गया. मृतक परिवार सैयद माजरा गांव से गंगोह में एक अंतिम संस्कार में शामिल होने जा रहा था, तभी गांव से 1 किलोमीटर दूर मौत उनका रास्ता रोककर खड़ी हो गई. पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जांच जारी है.

हादसा इतना भीषण था कि बजरी के नीचे दबने से 5 फीट की कार मात्र 2 फीट की रह गई. प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि ड्राइवर ने ब्रेक तो लगाए, लेकिन तेज रफ्तार के कारण नियंत्रण खो बैठा. परिवार कार में ही फंसकर तड़पता रहा. तीन क्रेन की मदद से डंपर हटाया गया, फिर कार की छत काटकर शवों को बाहर निकाला गया.

मृतकों में 4 साल का मासूम बच्चा भी शामिल था. ये सभी परिवार में हुई एक मौत के अंतिम संस्कार में शामिल होने जा रहे थे. वहीं , ग्राम प्रधान (सोना माजरा) ने बताया कि स्थानीय लोगों के अनुसार ट्रक ओवरलोड था और चालक ने शराब भी पी रखी थी. एसपी सिटी व्योम बिंदल ने कहा कि सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और बचाव कार्य शुरू किया गया. उन्होंने पुष्टि की कि अभियोग पंजीकृत कर लिया गया है. पुलिस अब इस बात की गहन जांच कर रही है कि हादसा सिर्फ लापरवाही से हुआ या इसमें ओवरलोडिंग और नशे की भी भूमिका थी.

NATIONAL : ‘चेहरे पर शिकन या पछतावा तक नहीं था…’, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पेश हुई सोनम रघुवंशी, राजा के भाई ने की शिनाख्त

0

राजा रघुवंशी के बड़े भाई विपिन ने जज को बताया कि जब वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग पर सोनम का चेहरा दिखाया गया, तो उसके चेहरे पर किसी प्रकार की शिकन या पछतावे का कोई भाव नहीं था.

इंदौर के राजा रघुवंशी की शिलांग में हुई हत्या के मामले सुनवाई के दौरान एक महत्वपूर्ण मोड़ आया, जब मृतक राजा रघुवंशी के भाई विपिन रघुवंशी के बयान कोर्ट में दर्ज किए गए. इस दौरान मुख्य आरोपियों में से एक सोनम को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया, जहां मजिस्ट्रेट ने विपिन से सोनम की शिनाख्ती करवाई जहां विपिन ने सोनम की पहचान की है.

सोहरा कोर्ट में मजिस्ट्रेट के सामने विपिन रघुवंशी ने अपनी गवाही में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश हुई सोनम की पहचान की और पुष्टि की कि वही कोर्ट के सामने मौजूद है.विपिन ने हत्याकांड से जुड़े घटनाक्रमों के बारे में अपनी बात रखी. हालांकि, गवाही का सबसे चौंकाने वाला पहलू वह था जो विपिन रघुवंशी ने सोनम के हाव-भाव को लेकर कोर्ट को बताया.

विपिन रघुवंशी ने जज को बताया कि जब वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग पर सोनम का चेहरा दिखाया गया, तो उसके चेहरे पर किसी प्रकार की शिकन या पछतावे का कोई भाव नहीं था.गवाह के इस बयान को अभियोजन पक्ष के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यह आरोपी के मानसिक स्थिति और घटना में उसकी कथित संलिप्तता को बल देता है.

इससे पहले भी विपिन रघुवंशी ने पूछताछ में कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की थीं, जो राजा सोनम की बातचीत से संबंधित थीं, और उन्होंने बताया था कि राजा रघुवंशी ने दम तोड़ने से पहले कुछ संकेत दिए थे.

इस हत्याकांड में यह पहचान कार्यवाही बेहद अहम मानी जा रही है. कोर्ट ने सभी पक्षों के बयान दर्ज करने के बाद मामले की अगली सुनवाई की तारीख तय कर दी है. हालांकि विपिन के बयान आज भी दर्ज किए जाएंगे, वहीं शिलोंग पुलिस द्वारा सौंपे गए सबूतों और गवाहों के बयानों के आधार पर अब आगे की न्यायिक कार्यवाही पूरी की जाएगी.

- Advertisement -

News of the Day