Wednesday, April 29, 2026
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NATIONAL : आज 5 लाख का सोना खरीदा तो 2030 में कितने का होगा, कितना बढ़ जाएगा पैसा?

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सोने के भाव ने पिछले कुछ सालों में निवेशकों को तेजी से अपनी तरफ आकर्षित किया है. पिछले चार-पांच सालों का ट्रैक रिकॉर्ड देखें तो सोने की कीमत 1.50 लाख के आसपास पहुंच चुकी है और इसकी कीमतों में रिकॉर्ड बढ़ोत्तरी अब भी जारी है. आज के भाव की बात करें तो दिल्ली में सोने की कीमत 1,25,990 रुपये प्रति 10 ग्राम है. यह 24 कैरेट सोने के भाव हैं. वहीं एक दिन पहले यानी 22 नवंबर को सोने के दाम 1,24,120 रुपये प्रति 10 ग्राम थे. यानी एक दिन में 1870 रुपये का उछाल है. 

बदलते वैश्विक और घरेलू परिवेश ने सोने के प्रति निवेशकों को लुभाया है. ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि अगर आज सोने में निवेश किया जाता है तो आने वाले 4 से 5 साल में कितना रिटर्न मिल सकता है? इस आर्टिकल में हम सोने के पिछले ट्रैक रिकॉर्ड के जरिए आने वाले दिनों में उसकी कीमतों में होने वाले उछाल को समझने की कोशिश करेंगे और यह भी जानेंगे कि अगर आज 5 लाख रुपये का सोना खरीदा जाए तो 2030 तक कितना रिटर्न मिल सकता है? 

बीते 25 सालों में दिया है तगड़ा रिटर्न

भारत जैसे देश में सोना सिर्फ निवेश का जरिया नहीं, बल्कि सनातन परंपराओं का भी हिस्सा रहा है. शादी-ब्याह जैसे रीति-रिवाजों में सोने के आभूषण जरूरी माने जाते हैं, इसके अलावा यह भी माना जाता है कि सोने की आभूषण खराब वित्तीय स्थिति में मददगार साबित होंगे. इसका सबसे बड़ा कारण है सोने के दाम में लंबे समय से हो रहा इजाफा. हालांकि, बढ़ती महंगाई और वैश्विक और घरेलू आर्थिक अनिश्चितता के चलते इसकी मांग तेजी से बढ़ी है और दाम में भी जमकर इजाफा हुआ है. अगर 2000 से 2025 का ही ट्रैक रिकॉर्ड देखें तो चक्रवृद्धि वार्षिक वृ्द्धि दर (CAGR) 14 प्रतिशत तक रहा है. इन 25 सालों में सिर्फ तीन साल यानी 2013, 2015 और 2021 ही ऐसे साल रहे हैं, जिसमें सोने के भाव ने निगेटिव रिटर्न मिला है.

हर साल बढ़ते गए दाम

आज से 25 साल पहले यानी सन 2000 में 24 कैरेट सोने की कीमत 4,400 रुपये प्रति 10 ग्राम थी, जो अब 1.25 लाख तक पहुंच चुकी है. अगर साल दर साल सोने के भाव देखे जाएं तो 2000 से 2025 के बीच इसने हर साल औसतन 25 से 35 फीसदी के आसपास रिटर्न दिया है. ऐसे में एक्सपर्ट आने वाले सालों में भी इसकी कीमतों में तगड़ा रिटर्न मिलने की संभावना जता रहे हैं. ऐसे में अगर आज के भाव पर 5 लाख का सोना खरीदते हैं तो इसपर दोगुना से ज्यादा रिटर्न कमाया जा सकता है. 

2030 में कितने बढ़ सकते हैं दाम

सोने के दाम पर नजर रखने वाले एक्सपर्ट और तमाम रिपोर्ट पॉजिटिव रिटर्न की संभावना जता रही हैं. इसका कारण बढ़ती महंगाई दर और आर्थिक अनिश्चितता है, जिसके चलते वैश्विक और घरेलू बाजार में सोने की मांग में और ज्यादा तेजी आ सकती है, जिससे कीमतों में उछाल स्वाभाविक है. कई रिपोर्ट्स बताती हैं कि अगर सोने के भाव ऐसे ही बढ़ते रहे तो 2030 तक इसकी कीमतें 2.50 लाख तक पहुंच सकती हैं. इसके अलावा कुछ रिपोर्ट 10 ग्राम सोने के भाव 7 लाख से 7.50 लाख तक पहुंचने का अनुमान जता चुकी हैं. 

BOLLYWOOD : ‘मस्ती 4’ के क्रेज में करोड़ों उड़ा ले गई 9 दिन पुरानी फिल्म, ‘120 बहादुर’ ने किया इतना कलेक्शन

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थिएटर्स में इन दिनों कई बॉलीवुड फिल्में लगी हुई हैं. ऐसे में दर्शकों के पास कॉमेडी, रोमांस से लेकर एक्शन तक का लुत्फ उठाने के ऑप्शन मौजूद हैं. हाल ही में एडल्ट कॉमेडी फिल्म ‘मस्ती 4’ और फरहान अख्तर की फिल्म ‘120 बहादुर’ रिलीज हुई थी. इससे पहले रॉम-कॉम फिल्म ‘दे दे प्यार दे 2’ दर्शकों का दिल जीत रही थी. आइए जानते हैं शनिवार को किस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर कितने करोड़ कमाए हैं. 

‘मस्ती 4’ का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन डे 2

  • ‘मस्ती 4’ लंबे इंतजार के बाद 21 नवंबर को सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है.
  • रितेश देशमुख, आफताब शिवदासानी और विवेक ओबेरॉय की फिल्म बॉक्स ऑफिस पर ठीक-ठाक कमाई कर रही है.
  • पहले दिन ‘मस्ती 4’ ने बॉक्स ऑफिस पर 2.75 करोड़ रुपए का कलेक्शन किया था.
  • वहीं दूसरे दिन फिल्म ने (रात 10 बजे तक) 2.75 करोड़ रुपए कमा लिए हैं.
  • ‘मस्ती 4’ के दो दिनों का कुल कलेक्शन 5.50 करोड़ रुपए हो गया है.
  • ‘120 बहादुर’ का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन डे 2
  • ‘120 बहादुर’ भी 21 नवंबर को रिलीज हुई है और बॉक्स ऑफिस पर ‘मस्ती 4’ से टकराई है.
  • पहले दिन तो फरहान अख्तर की फिल्म कलेक्शन की रेस में ‘मस्ती 4’ से पीछे रह गई थी.
  • लेकिन दूसरे दिन ‘120 बहादुर’ ने बढ़त बनाई है और कॉमेडी फिल्म को पीछे छोड़ दिया है.
  • ‘120 बहादुर’ ने बॉक्स ऑफिस पर 2.25 करोड़ रुपए से खाता खोला था.
  • अब दूसरे दिन फिल्म की कमाई में इजाफा हुआ है और ये (रात 10 बजे तक) 4 करोड़ रुपए कमा चुकी है.
  • इसी के साथ ‘120 बहादुर’ ने दो दिनों में कुल 6.25 करोड़ रुपए का कलेक्शन कर लिया है.
  • ‘दे दे प्यार दे 2’ बॉक्स ऑफिस कलेक्शन डे 9
  • रकुलप्रीत सिंह और अजय देवगन की फिल्म ‘दे दे प्यार दे 2’ एक रॉम-कॉम है.
  • ये फिल्म 14 नवंबर को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी और अब तक अच्छा कमा रही है.
  • कलेक्शन के मामले में ‘दे दे प्यार दे 2’ नो ‘मस्ती 4’ और ‘120 बहादुर’ को भी मात दे दी है.
  • ‘दे दे प्यार दे 2’ ने नवें दिन (रात 11 बजे तक) 4 करोड़ रुपए का कारोबार कर लिया है.

BUSINESS : गोल्ड को किराए पर देकर कमाएं हर साल 7 फीसदी तक रिटर्न, जानें गोल्ड लीजिंग का पूरा मॉडल

सोने की कीमतों में हो रही ऐतिहासिक बढ़ोतरी के बीच कुछ निवेशक अपने खाली पड़े गोल्ड बार और गोल्ड ज्वेलरी पर गोल्ड लीजिंग के जरिए सालाना तौर पर 1 से लेकर 7 फीसदी तक की आय जनरेट कर रहे हैं.धनी निवेशक, बड़े फंड अब सोने को अपनी तिजोरी में रखने की जगह पर गोल्ड लीजिंग कर रहे हैं. जिससे उन्हें अच्छा मुनाफा मिल रहा है. आइए जानते हैं, आखिर गोल्ड लीजिंग क्या होता है? साथ ही इससे कमाई कैसे की जा रही है……

क्या है गोल्ड लीजिंग?

गोल्ड लीजिंग में सोने के मालिक अपनी गोल्ड ज्वेलरी, गोल्ड बार और डिजिटल गोल्ड को जौहरियों, रिफाइनर्स या इंटरनेशनल फाइनेंशियल संस्थानों को उधार देते हैं. ऐसे लोग जिन्हें तुरंत इंवेंटरी की जरूरत होती है. लीज की अवधि कुछ हफ्तों से लेकर महीनों तक हो सकती है.

इसके ऐवज में सोने के मालिक को ब्याज, गोल्ड या कैश के रूप में भुगतान किया जाता है. इसे ही गोल्ड लीजिंग कहा जाता है. इसके तहत पूरे समय गोल्ड का मालिकाना हक निवेशक के पास ही रहता है. गोल्ड निवेशकों को सालाना 1 से 2 प्रतिशत तक का रिटर्न मिल सकता है. सोने की मांग अधिक होने पर मिलने वाले रिटर्न में बदलाव भी संभव है. यह 5 से 6 प्रतिशत तक भी पहुंच सकता है.

गोल्ड लीजिंग कहां और कैसे होती है?

गोल्ड लीजिंग का ज्यादातर कारोबार अंतरराष्ट्रीय प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से चलता है. इसमें London OTC, LBMA और COMEX जैसे बड़े प्लेटफॉर्म शामिल हैं. इन प्लेटफॉर्म पर गोल्ड की लेंडिंग और लीजिंग होती है. विदेशों के साथ-साथ अब भारत में भी गोल्ड लीजिंग प्रचलित हो रहा है.

अब कई भारतीय जौहरी और रिफाइनरी गोल्ड लीजिंग कर रहे हैं. भारत में RSBL, Gullak जैसे डिजिटल गोल्ड प्लेटफॉर्म और बैंकों की Gold Monetisation Scheme (GMS) के तहत निवेशक गोल्ड लीजिंग कर सकते हैं और अपने सोने पर नियमित आय बना सकते हैं.

NATIONAL : जौनपुर में 57 करोड़ की कोडीन सिरप सप्लाई का पर्दाफाश, 12 मेडिकल स्टोर सील, 14 पर FIR

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उत्तर प्रदेश के जौनपुर जनपद में नगर कोतवाली पुलिस ने कथित तौर पर कोडीन सिरप के अवैध कारोबार में शामिल 12 मेडिकल स्टोर संचालकों और दो अन्य लोगों (पिता-पुत्र) के खिलाफ FIR की है. एसपी डॉ. कौस्तुभ ने पूरे मामले की जांच के लिए विशेष कार्य बल (एसआईटी) का गठन किया है.

एसपी सिटी आयुष श्रीवास्तव ने बताया कि औषधि निरीक्षक रजत कुमार पांडेय की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने 12 मेडिकल स्टोर मालिकों व वाराणसी निवासी सरगना शुभम जायसवाल और उसके पिता भोला प्रसाद के विरुद्ध धोखाधड़ी, आपराधिक षड्यंत्र आदि धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है.

उन्होंने बताया कि औषधि विभाग की जांच में खुलासा हुआ है कि 12 से अधिक मेडिकल स्टोर से 37 लाख कफ सिरप की शीशियों का कारोबार किया गया, जिनका मूल्य 57 करोड़ रुपये है.

खपत अन्य राज्यों में और पूर्ति यूपी में दिखाई

इस कोडीनयुक्त कफ सिरप की कूटरचित दस्तावेजों के जरिए अवैध आपूर्ति कागजों पर दिखाई गई है. कागजों में यह आपूर्ति जौनपुर से वाराणसी, आजमगढ़, गाजीपुर और प्रतापगढ़ तक दिखाई गई, लेकिन हकीकत में इनकी खपत बिहार, रांची और पश्चिम बंगाल जैसे क्षेत्रों में हुई.

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि सभी 37 लाख बोतलें रांची की मेसर्स शैली ट्रेडर्स कम्पनी से मंगाई गईं और फर्जी बिलों के जरिए कई जिलों में खपाई गई.

गाजियाबाद में अवैध ट्रक पकडे जाने से हुआ पूरे खेल का खुलासा

उन्होंने कहा कि कोडीन युक्त सिरप की अवैध रूप से बिक्री करने का मामला तब पकड़ में आया जब गत दिनों गाजियाबाद में इस सिरप का एक अवैध ट्रक पकड़ा गया था. उस ट्रक का संबंध वाराणसी के जरिये जौनपुर से जुड़ा तो यहां खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग ने 12 से 19 नवंबर तक अभियान चलाया.

अभियान के दौरान इस काले कारोबार की परतें खुलती चली गईं. जांच में सामने आया कि जौनपुर के इन 12 मेडिकल स्टोर मालिकों ने मिलकर कागजों पर कफ सिरप की खरीदी-बिक्री का खेल करके करोड़ों रुपये की हेराफेरी की.

असल में ये दवाएं नशे के अवैध बाजार में मोटे दामों पर बेची जाती थीं. इस गिरोह में वाराणसी के शुभम जायसवाल और उनके पिता भोला जायसवाल का नाम सामने आया है, जिन्हें जौनपुर पुलिस ने आरोपी बनाया है.

एसआईटी ने शुरू की जांच

एसपी सिटी श्रीवास्तव ने बताया कि इस मामले में सभी आरोपियों की गिरफ्तारी होगी. गहनता से जांच करके गड़बड़ी पकड़ने वाले रजत कुमार पांडेय ने बताया कि जौनपुर के पुलिस अधीक्षक ने इस मामले में एसपी(नगर) के नेतृत्व में तीन सदस्यीय एसआइटी का गठन किया है, जो इस मामले की जांच करके इसमें संलिप्त लोगों की पहचान करने के साथ उन्हें गिरफ्तार करेगी.

NATIONAL : अंडों का पीला हिस्सा क्यों नहीं खाना चाहिए? जानें इससे होने वाले नुकसान और फायदे

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अंडे दुनिया भर में हर उम्र के लोगों का पसंदीदा खाना हैं. ये सिर्फ टेस्टी ही नहीं बल्कि पोषण का खजाना भी हैं. अंडे में प्रोटीन, विटामिन, खनिज और अच्छा फैट जैसे कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर को मजबूत बनाते हैं. अक्सर कहा जाता है कि अंडे की सफेदी वजन घटाने और मांसपेशियां बनाने के लिए अच्छी होती है, जबकि जर्दी यानी अंडे का पीला हिस्सा पोषक तत्वों से भरा होता है. इसमें विटामिन A, D, E, B12, कोलीन, और हेल्दी फैट होते हैं, जो दिमाग, आंखों और हड्डियों के लिए फायदेमंद हैं. लेकिन अक्सर लोगों को कंफ्यूजन रहती है कि क्या हर व्यक्ति अंडे की जर्दी खा सकता है. कुछ लोगों के लिए अंडे की जर्दी का सेवन नुकसानदायक हो सकता है. तो चलिए जानते हैं कि अंडों का पीला हिस्सा क्यों नहीं खाना चाहिए, इससे होने वाले नुकसान और फायदे क्या हैं?

अंडों का पीला हिस्सा क्यों नहीं खाना चाहिए?

  1. उच्च कोलेस्ट्रॉल और हार्ट डिजीज वाले लोग – अंडे की जर्दी में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बहुत ज्यादा होती है. एक जर्दी में लगभग 185 mg कोलेस्ट्रॉल होता है. ज्यादातर हेल्दी लोगों के लिए यह ठीक है, लेकिन जिन लोगों का कोलेस्ट्रॉल पहले से ज्यादा है या जिन्हें दिल से जुड़ी बीमारियां हैं, उनके लिए यह हानिकारक हो सकता है. ज्यादा कोलेस्ट्रॉल से ब्लड में चर्बी बढ़ सकती है, धमनियों में प्लाक जम सकता है, दिल का दौरा और स्ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है. ऐसे लोग जर्दी कम खाएं या डॉक्टर की सलाह से ही आहार तय करें.
  2. टाइप 2 डायबिटीज वाले लोग – डायबिटीज वाले लोगों में दिल की बीमारी का खतरा पहले से ज्यादा रहता है. अगर वे ज्यादा कोलेस्ट्रॉल खाते हैं, तो यह जोखिम और बढ़ सकता है. इसलिए डायबिटीज वाले लोगों को जर्दी का सेवन सीमित रखना चाहिए.
  3. गठिया के मरीज – अंडे की जर्दी में प्यूरीन नाम का तत्व होता है.प्यूरीन शरीर में यूरिक एसिड बनाता है, जो गाउट के मरीजों में समस्या बढ़ा सकता है. यूरिक एसिड बढ़ने से जोड़ों में दर्द, सूजन, अचानक तीखे दर्द के अटैक हो सकते हैं इसलिए गठिया के मरीज जर्दी बहुत सीमित मात्रा में ही खाएं.
  4. अंडे से एलर्जी वाले लोग – कई लोगों को अंडों से एलर्जी होती है, खासकर बच्चों को, हालांकि अक्सर एलर्जी सफेदी से होती है, लेकिन कुछ लोगों को जर्दी से भी समस्या हो सकती है. इससे पेट दर्द, उल्टी, स्किन पर रैश और सांस लेने में दिक्कत हो सकती है. एलर्जी वाले व्यक्ति को जर्दी पूरी तरह से छोड़ देनी चाहिए.
  5. कुछ दवाइयां लेने वाले लोग – जो लोग स्टैटिन या blood thinner दवाएं लेते हैं, उन्हें भी अपनी डाइट में बदलाव करना पड़ सकता है. जर्दी कभी-कभी दवाइयों के असर को बदल सकती है या साइड इफेक्ट बढ़ा सकती है. ऐसे लोग डॉक्टर से सलाह लिए बिना जर्दी ज्यादा न खाएं.
  6. इससे होने वाले नुकसान और फायदे
  7. बेहतरीन प्रोटीन का स्रोत: अंडे में हाई क्वालिटी वाला प्रोटीन होता है, जो मांसपेशियां बनाने, शरीर की मरम्मत और ग्रोथ में मदद करता है.
  8. दिमाग के लिए फायदेमंद: जर्दी में कोलीन पाया जाता है, जो याददाश्त, दिमागी ग्रोथ और नर्व्स के काम को बेहतर करता है.
  9. विटामिन और खनिजों से भरपूर: अंडे में विटामिन A, D, E, B12, आयरन और सेलेनियम जैसे कई पोषक तत्व होते हैं जो आंखों, हड्डियों, इम्यूनिटी के लिए जरूरी हैं.
  10. दिल की सेहत: अगर आप ज्यादा जर्दी नहीं खाते और आपके स्वास्थ्य की स्थिति ठीक है, तो जर्दी में मौजूद ओमेगा–3 फैट आपको फायदा भी दे सकती है.
  11. आंखों के लिए फायदेमंद: जर्दी में ल्यूटिन और जेक्सैन्थिन होते हैं, जो आंखों को उम्र के साथ कमजोर होने से बचाते हैं.
  12. वजन घटाने में मदद: अंडे पेट भरकर रखते हैं, जिससे भूख कम लगती है और वजन कंट्रोल में मदद मिलती है.
  13. शरीर की इम्यूनिटी बढ़ाते हैं: जर्दी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन शरीर की इम्यूनिटी क्षमता बढ़ाते हैं.

NATIONAL : बेटे दीपक प्रकाश बने मंत्री तो निशाने पर आए उपेंद्र कुशवाहा, प्रशांत किशोर की पार्टी ने कह दी बड़ी बात

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एनडीए सरकार में उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश मंत्री बनाए गए हैं. वे अभी न तो एमएलए हैं न ही एमएलसी हैं जिसके चलते उपेंद्र कुशवाहा पर भी परिवारवाद का आरोप लग रहा है. इस बीच प्रशांत किशोर की पार्टी जन सुराज के भी निशाने पर वो आ गए हैं. जन सुराज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने एक्स पर पोस्ट किया है.

मनोज भारती ने उपेंद्र कुशवाहा के उस पोस्ट पर रिएक्शन दिया है जिसमें उन्होंने (कुशवाहा) अपने बेटे को मंत्री जाने पर सफाई दी है. मनोज भारती ने कहा, “जिस प्रदेश में नौजवान पेट भरने के लिए रोज ट्रेन की छत, दरवाजे और फुटबोर्ड पर लटककर दिल्ली-मुंबई की तरफ भागते हों… वहां आपके बेटे को बिहार में ही रोजगार मिला है, तो इसे चमत्कार ही समझिए. लोग का क्या है वो कुछ दिन चीखेंगे, चिल्लाएंगे, ज्ञान बघारेंगे, उन्हें करने दीजिए, यही उनका मुख्य रोजगार है. दो दिन में उनकी आवाज बैठ जाएगी और तीसरे दिन फिर वही लोग सूरत, बेंगलुरु और मुंबई की ट्रेन का जनरल डिब्बा खोजते हुए मिलेंगे.” 

आगे मनोज भारती ने लिखा है, “…लेकिन आप चिंता मत कीजिए लेकिन चिंता मत करिए… जब वोट का मौसम आएगा, तो वही लोग बड़े सभ्य नागरिक बनकर आपकी झोली फिर से भर देंगे. इसलिए शोर-शराबा भूल जाइए… आप तो बस तैयारी शुरू कीजिए… अगले 5 साल… आने वाली पीढ़ी के लिए दो-चार और विधायकी की ‘नर्सरी’ लगा दीजिए.”उपेंद्र कुशवाहा ने सफाई में क्या कहा है?

बेटे दीपक प्रकाश को मंत्री बनाए जाने पर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है. निशाने पर आने के बाद कुशवाहा ने इसके पीछे का कारण बताया. उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर इस बारे में कहा था, “मेरा पक्ष है कि अगर आपने हमारे निर्णय को परिवारवाद की श्रेणी में रखा है, तो जरा समझिए मेरी विवशता को. पार्टी के अस्तित्व व भविष्य को बचाने व बनाए रखने के लिए मेरा यह कदम जरूरी ही नहीं अपरिहार्य था.”

उन्होंने कहा, “मैं तमाम कारणों का सार्वजनिक विश्लेषण नहीं कर सकता, लेकिन आप सभी जानते हैं कि पूर्व में पार्टी के विलय जैसा भी अलोकप्रिय और एक तरह से लगभग आत्मघाती निर्णय लेना पड़ा था. जिसकी तीखी आलोचना बिहार भर में हुई. उस वक्त भी बड़े संघर्ष के बाद आप सभी के आशीर्वाद से पार्टी ने सांसद, विधायक सब बनाए. लोग जीते और निकल लिए. झोली खाली की खाली रही. शून्य पर पहुंच गए. पुनः ऐसी स्थिति न आए, सोचना जरूरी था.”

GUJARAT : एक बेटी का विवाह पूर्व निर्धारित समय तथा स्थल पर आयोजित हो; इसके लिए मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल ने जामनगर के कार्यक्रम का स्थल बदला

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गुजरात के मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल के मानवतावादी दृष्टिकोण को दर्शाने वाली घटना प्रकाश में आई है। हुआ हूँ कि मुख्यमंत्री ने जामनगर के एक परिवार की विनती को सम्मान देकर अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम का स्थल बदल दिया, जिससे एक बेटी के विवाह का प्रसंग धूमधाम से और शांतिपूर्वक संपन्न हो सके।

बात विस्तार से। तारीख 23-11-2025 के दिन जामनगर के परमार परिवार की बेटी श्री संजना परमार का विवाह शहर के टाउन हॉल में होना निर्धारित हुआ था। परिवार में शुभ अवसर था, खुशियाँ समा नहीं रही थीं, सभी विधियाँ और तैयारियाँ पूर्णता की ओर थीं। तभी समाचार मिला कि ता. 24-11-2025 के दिन राज्य के मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल जामनगर पधारने वाले हैं। जामनगर के टाउन हॉल में मुख्यमंत्री का सार्वजनिक कार्यक्रम निर्धारित हुआ था। यह कार्यक्रम श्री संजना परमार के विवाह के ठीक एक दिन बाद होने के कारण आसपास के क्षेत्र में पुलिस बंदोबस्त तथा सुरक्षा व्यवस्थाएँ की गई थीं। मुख्यमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था के कारण विवाह समारोह में अवरोध उत्पन्न होने की आशंका थी, जिसके चलते परमार परिवार की चिंता बढ़ गई।

परिवार ने इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री तक अपनी बात पहुँचाने का प्रयास किया। बात मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुँची। बात सुनकर मुख्यमंत्री ने तुरंत कहा, “हमारे कार्यक्रम का स्थल बदलो। बेटी के परिवार की चिंता हमारी चिंता।” मुख्यमंत्री के आदेश के चलते कार्यक्रम का स्थल बदला गया।

इस घटनाक्रम के विषय में बात करते हुए श्री संजना परमार के काका श्री ब्रिजेश परमार कहते हैं, ”मुख्यमंत्री ने हमारे विवाह प्रसंग की जानकारी मिलते ही हमसे बातचीत की और आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘आप जरा भी चिंता मत करना। आपका विवाह प्रसंग जहाँ निर्धारित था, उसी टाउन हॉल में धूमधाम से ही कीजिए। हम हमारे कार्यक्रम का स्थल बदल देंगे।’” इस प्रकार मुख्यमंत्री की इस संवेदना से परमार परिवार की चिंता दूर हुई।

ब्रिजेश परमार मुख्यमंत्री का हृदयपूर्वक आभार व्यक्त करते हुए कहते हैं : *“विवाह के मौसम में तत्काल नया स्थल खोजना, मेहमानों को सूचित करना, नई व्यवस्थाएँ करना; ये सब हमारे लिए मुश्किल था, परंतु आभार मुख्यमंत्री का, जिन्होंने हमारा प्रसंग शांति एवं सुखपूर्वक आयोजित हो; इसके लिए अपने कार्यक्रम का स्थल बदला। मुख्यमंत्री साहब का एक फोन आया और उस रात हम शांति से सो सके।”

यह घटना दर्शाती है कि मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल मृदु एवं दृढ़ मुख्यमंत्री तो हैं ही, साथ ही ‘उत्तम इंसान’ भी हैं। वे जनता की छोटी से छोटी मुश्किलों के लिए भी सदा संवेदनशील हैं।

NATIONAL : पुलिस-STF के साथ मुठभेड़ में कुख्यात बदमाश घायल, 9 पिस्टल और भारी मात्रा में कैश बरामद

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बेगूसराय के साहेबपुर कमाल थाना क्षेत्र में एसटीएफ और जिला पुलिस के संयुक्त ऑपरेशन के दौरान बदमाशों से मुठभेड़ हुई, जिसमें कुख्यात बदमाश शिवदत्त राय जांघ में गोली लगने से घायल हो गया. फरार चल रहा शिवदत्त हथियार खरीदने आया था, जिस पर पुलिस को पहले से इनपुट मिला था.

बेगूसराय में एक बार फिर एसटीएफ और जिला पुलिस के ज्वाइंट ऑपरेशन में बदमाशों के साथ मुठभेड़ हुई जिसमें एक बदमाश गोली लगने से घायल हो गया. घटना साहेबपुर कमाल थाना क्षेत्र शालिग्राम और मल्हीपुर गांव के आसपास की है. घायल बदमाश तेघड़ा थाना क्षेत्र के बनहारा गांव के रहने वाले राजकिशोर राय का 27 वर्षीय पुत्र शिवदत्त राय है.

फिलहाल उसका पुलिस अभिरक्षा में सदर अस्पताल में इलाज चल रहा है. मुठभेड़ के बाद पुलिस ने भारी मात्रा में हथियार, कप सिरप और कैश बरामद किया है. जानकारी के मुताबिक, एसटीएफ को इनपुट मिला था कि फरार चल रहा आरोपी शिवदत्त राय साहेबपुर कमाल थाना क्षेत्र के मल्हीपुर के आसपास हथियार खरीदने आया है.

इनपुट मिलते ही एसटीएफ के टीम वहां पहुंच गई, जिसके बाद स्थानीय थाने को सूचना दी गई. एसटीएफ और स्थानीय थाने की पुलिस इनपुट वाली जगह पर पहुंची तो दो बाइकों पर सवार छह बदमाश पुलिस को देखते ही गोली चलाने लगे.आत्मरक्षा में पुलिस ने गोली चलाई तो एक गोली शिवदत्त राय की जांघ में लग गई और वह गिर गया. बाकी बदमाश अंधेरे का फायदा उठाकर भाग गए. पुलिस ने जब शिवदत्त राय से पूछताछ की तो उसकी निशानदेही पर एक घर से 9 पिस्टल, भारी मात्रा में कैश और कफ सिरप बरामद की गई.

2 सितंबर 2022 की रात तेघड़ा थाना क्षेत्र के धनकौल पंचायत की सरपंच मीना देवी के बनहारा स्थित घर पर बदमाशों ने ताबड़तोड़ गोलीबारी की थी, जिसमें सरपंच के छोटे बेटे अवनीश कुमार की घटनास्थल पर ही मौत हो गई थी, जबकि बड़ा बेटा रजनीश कुमार घायल हो गया था. इस मामले में शिवदत्त राय और उसकी गिरोह के सरगना सहित कई बदमाशों पर नामजद एफआईआर दर्ज कराई गई थी.

गिरफ्तारी न होने पर एसटीएफ उसके पीछे लगी हुई थी. इसी दौरान इनपुट के आधार पर शुक्रवार की देर रात जब उसकी गिरफ्तारी का प्रयास किया गया तो बदमाशों ने पुलिस पर गोली चला दी. जानकारी के अनुसार, बदमाशों ने पुलिस पर 6-7 राउंड गोली चलाई. जवाब में पुलिस ने भी तीन राउंड गोली चलाई है. एसपी मनीष ने बताया कि मुठभेड़ में एक बदमाश घायल हुआ है और हथियार बरामद हुआ है.

MAHARASHTRA : स्कूल बैग बना ढाल, 11 साल के बच्चे की बहादूरी से उल्टे पैर भागा तेंदुआ

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महाराष्ट्र के पालघर जिले में स्कूल से लौटते समय एक बच्चे पर तेंदुए ने हमला कर दिया. लेकिन बच्चे के साहस और स्कूली बैग के चलते उसकी जान बच गई और तेंदुआ भाग गया.

महाराष्ट्र के पालघर में एक 11 साल के स्कूली लड़के ने हिम्मत दिखाई और अपने दोस्त की मदद से खतरनाक तेंदुए से पत्थर मारकर व शोर मचाकर मुकाबला किया. जिससे तेंदुए को भागना पड़ा. इस बात की जानकारी एक अधिकारी ने एक न्यूज एजेंसी को दी.अधिकारी के मुताबिक अगर मयंक कुवारा अपना स्कूल बैग लेकर नहीं घूम रहा होता तो उसकी जान जा सकती थी. शुक्रवार शाम को माला पद्वीपाड़ा इलाके के पास तेंदुए ने बच्चे पर हमला कर दिया. इस दौरान बच्चे ने बैग को अपना सुरक्षा कवच बना लिया.

अधिकारियों ने कहा “एक तेंदुए ने 5वीं क्लास के स्टूडेंट कुवारा पर तब हमला किया जब वह स्कूल से लौट रहा था. उसने और एक दूसरे लड़के ने बहादुरी से चिल्लाकर व पत्थर मारकर उसका मुकाबला किया.”शोर और बच्चों के तुरंत रिएक्शन से लोग अलर्ट हो गए और मौके पर दौड़े, जिससे तेंदुआ वापस जंगल में भाग गया. कुवारा के हाथ में पंजे में चोट लगी है और उसका अभी विक्रमगढ़ रूरल हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है. एक मेडिकल ऑफिसर ने कहा कि लड़के को चोट पर टांके लगे हैं. कंचड़ के रेजिडेंट फॉरेस्ट ऑफिसर, स्वप्निल मोहिते ने बताया कि फॉरेस्ट अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे और बाद में हॉस्पिटल ले गए जहां लड़के को ले जाया गया.

फॉरेस्ट डिपार्टमेंट इस घटना को गंभीरता से ले रहा है और बचाव के कई उपाय कर रहा है. फॉरेस्ट डिपार्टमेंट ने तेंदुओं की ज़्यादा संभावना वाले इलाकों के स्कूलों को शाम 4 बजे तक बंद करने की रिक्वेस्ट की है. मोहिते ने कहा कि बड़ी बिल्ली की मूवमेंट को ट्रैक करने के लिए एक AI वाला कैमरा लगाया जा रहा है, जबकि गांवों को पारंपरिक “दावंडी” (पब्लिक अनाउंसमेंट) के ज़रिए अलर्ट किया जा रहा है.

NATIONAL : MLA के आने पर खड़े नहीं हुए डॉक्टर, सरकार ने थमा दिया शोकेस नोटिस… अब हाईकोर्ट ने फटकारा

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हरियाणा में एक ऐसा मामला सामने आया है जहां एक डॉक्टर पर इसलिए कार्रवाई की गई है क्योंकि वो अस्पताल में MLA के आने पर खड़ा नहीं हुए. यह मामला पंजाब और हरियाणा कोर्ट पहुंचा. कोर्ट ने इस पूरे में मामले में सुनवाई की और राज्य सरकार को फटकार लगाई.

हरियाणा में एक डॉक्टर पर सरकारी कार्रवाई पर हाईकोर्ट ने हैरानी और नाराजगी जताई है. यहां एक डॉक्टर को सरकार ने सिर्फ इसलिए शोकेस नोटिस थमा दिया, क्योंकि वो MLA के आने पर सम्मान में खड़ा नहीं हुआ था. इस मामले को सरकार ने प्रोटोकॉल का उल्लंघन माना और कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया. बाद में पीड़ित डॉक्टर ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की. कोर्ट ने मामले में सुनवाई करते हुए हरियाणा सरकार की आलोचना की है.

कोर्ट ने कहा, राज्य का व्यवहार बेहद असंवेदनशील और परेशान करने वाला है. कोर्ट ने हरियाणा के अधिकारियों को याचिकाकर्ता डॉक्टर की ओर से स्नातकोत्तर चिकित्सा पाठ्यक्रम करने के लिए जरूरी अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जारी करने का निर्देश दिए और राज्य पर 50,000 रुपये का जुर्माना लगाया है.

दरअसल, डॉ. मनोज हरियाणा राज्य में एक कैजुअल्टी मेडिकल ऑफिसर थे. कोविड-19 महामारी के दौरान वे एक सरकारी अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में ड्यूटी पर तैनात थे. डॉक्टर ने इस मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी. इसमें कहा गया कि जब वे ड्यूटी पर तैनात थे, तब एक विधायक निरीक्षण करने पहुंचे. लेकिन वे विधायक को पहचान नहीं पाए और उनके अभिवादन में खड़े नहीं हो पाए. इससे विधायक नाराज हो गए. और उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया.

आरोप लगाया गया कि हरियाणा सिविल सेवा (दंड एवं अपील) नियम, 2016 के नियम 8 का उल्लंघन किया गया और उन्हें नोटिस जारी किया गया. याचिकाकर्ता ने साल 2024 के जून महीने में अपना जवाब प्रस्तुत कर दिया और बताया कि वो विधायक को नहीं पहचानते थे और इसलिए अनजाने में खड़े नहीं हो पाए. जिसका उद्देश्य कोई असम्मान करना नहीं था. लेकिन अब तक इस मामले में कोई आदेश पारित नहीं किया गया.

जब यह मामला हाईकोर्ट पहुंचा तो बेंच ने इस तरह की कार्रवाई पर हैरानी जताई. जस्टिस अश्विनी कुमार मिश्रा और जस्टिस रोहित कपूर की बेंच ने कहा, हम इस तरह के कदम से बेहद दुखी हैं. इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाने की जरूरत है.

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