Wednesday, April 29, 2026
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NATIONAL : कार चलाते हुए ड्राइवर को अचानक आया हार्ट अटैक और चंद मिनटों में खत्म हो गई चार जिंदगियां

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अंबरनाथ फ्लाईओवर पर हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे शहर को सदमे में डाल दिया. चुनाव प्रचार के दौरान ड्राइवर को अचानक हार्ट अटैक आने से कार अनियंत्रित हो गई और कई वाहनों को रौंदते हुए चार लोगों की जान ले ली. हादसे की भयावह तस्वीरें और सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद लोग हैरान हैं. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है.

महाराष्ट्र के अंबरनाथ में हुए भीषण हादसे ने पूरे शहर को हिलाकर रख दिया. चुनाव प्रचार के दौरान कार चालक को अचानक हार्ट अटैक आने से वाहन अनियंत्रित हो गया और कई वाहनों को टक्कर मारते हुए चार लोगों की जान ले ली. हादसे में शिवसेना उम्मीदवार किरण चौबे सहित चार लोग घायल हुए हैं. घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसे देखकर लोग हैरान और परेशान हैं.

जानकारी के मुताबिक हादसा शहर के व्यस्त फ्लाईओवर पर हुआ, जहां ड्राइवर को अचानक हार्ट अटैक आ गया जिससे कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर पार करते हुए कई वाहनों को टक्कर मार दी. यह भयावह घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है.शिवसेना की महिला उम्मीदवार किरण चौबे अपने ड्राइवर लक्ष्मण शिंदे के साथ चुनाव प्रचार के लिए बुवा पाडा क्षेत्र जा रही थीं. फ्लाईओवर पर पहुंचते ही ड्राइवर को अचानक हार्ट अटैक आ गया जिससे कार उसके नियंत्रण से बाहर हो गया.

इस दुर्घटना में ड्राइवर लक्ष्मण शिंदे की मौके पर ही मौत हो गई. इसके अलावा अंबरनाथ नगर परिषद के कर्मचारी चंद्रकांत अनारके, स्थानीय निवासी सुमित चेलानी और शैलेश जाधव की भी जान चली गई. चंद्रकांत अनारके मोटरसाइकिल से जा रहे थे और टक्कर लगने के बाद फ्लाईओवर के बीचोंबीच गिर पड़े. उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.

हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने कार का कांच तोड़कर किरण चौबे को बाहर निकाला. उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है. घायल हुए अन्य लोगों की पहचान अमित चौहान और अभिषेक चौहान के रूप में हुई है. किरण चौबे ने पुलिस को बताया कि ‘अचानक ड्राइवर की हरकत बंद हो गई, उससे पहले कि मैं कुछ समझ पाती, कार अनियंत्रित होकर कई वाहनों में जा घुसी.’

स्थानीय पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है, शुरुआती जांच में सामने आया है कि हादसे का कारण ड्राइवर को आया अचानक हार्ट अटैक था. पुलिस घटनास्थल का मुआयना कर रही है और सभी वाहनों के क्षतिग्रस्त हिस्सों और सीसीटीवी फुटेज को इकट्ठा कर रही है ताकि उसका विश्लेषण किया जा सके.

MAHARASHTRA : 8वीं की छात्रा ने किया सुसाइड, स्कूल में तीसरी मंजिल से कूदी

महाराष्ट्र के जालना में 8वीं में पढ़ने वाली छात्रा ने सुसाइड कर लिया. बताया जाता है कि छात्रा स्कूल की तीसरी मंजिल से कूद गई. जिससे उसकी मौत हो गई. छात्रा के सुसाइड पर परिजनों ने स्कूल प्रशासन पर प्रताड़ना और मानसिक रूप से परेशान करने का आरोप लगाया है.

महाराष्ट्र के जालना में एक नामी स्कूल में आठवीं कक्षा में पढ़ने वाली एक 13 वर्षीय छात्रा ने स्कूल की तीसरी मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली. मृत छात्रा का नाम आरोही दीपक बिडलान है. बताया जाता है कि सुबह लगभग 7:30 बजे यह घटना घटी, जिसके बाद पूरे परिसर में खलबली मच गई.

जानकारी के मुताबिक आरोही रोज की तरह सुबह स्कूल पहुंची थी. लेकिन कुछ ही देर में स्कूल प्रशासन ने उसके पिता दीपक बिडलान को फोन कर बताया कि आपकी बेटी ने तीसरी मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली है. परिजन तुरंत स्कूल पहुंचे और घायल अवस्था में आरोही को पहले एक निजी अस्पताल में ले जाया गया. वहां प्राथमिक जांच के बाद डॉक्टरों ने उसे जिल्हा सामान्य अस्पताल भेज दिया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.घटना की सूचना मिलते ही सदर बाजार पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा कर जांच शुरू की. शुरुआती जानकारी के आधार पर आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज किया गया है. पुलिस का कहना है कि आत्महत्या के असली कारणों की सखोल जांच जारी है.

इसी दरम्यान, मृत छात्रा के पिता दीपक बिडलान ने गंभीर आरोप लगाया है कि शिक्षकों के निरंतर मानसिक उत्पीड़न से तंग आकर उनकी बेटी ने यह चरम कदम उठाया. उनका कहना है कि बेटी कई दिनों से परेशान थी, लेकिन उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था कि वह ऐसा कदम उठाएगी.दीपक बिडलान ने स्कूल प्रशासन पर लापरवाही और मानसिक दबाव डालने का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि — “हमें न्याय चाहिए और दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कारवाई की जाए. मेरी बेटी की मृत्यू के लिये स्कूल प्रशासन जिम्मेदार हैं.”

नोट:- (अगर आपके या आपके किसी परिचित के मन में आता है खुदकुशी का ख्याल तो ये बेहद गंभीर मेडिकल एमरजेंसी है. तुरंत भारत सरकार की जीवनसाथी हेल्पलाइन 18002333330 पर संपर्क करें. आप टेलिमानस हेल्पलाइन नंबर 1800914416 पर भी कॉल कर सकते हैं. यहां आपकी पहचान पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएगी और विशेषज्ञ आपको इस स्थिति से उबरने के लिए जरूरी परामर्श देंगे. याद रखिए जान है तो जहान है.)

ENTERTAINMENT : क्रिकेटर दीपक चाहर पहुंचे बिग बॉस, बहन मालती की उड़ाई खिल्ली, गौरव ने किया रिएक्ट

बिग बॉस के घर में क्रिकेटर दीपक चाहर की सरप्राइज एंट्री हुई है, जहां उन्होंने अपनी बहन मालती चाहर के साथ मजाकिया पल बिताए. दीपक की एंट्री से घर के माहौल में नई एनर्जी आई और शो के फैन्स ये देखकर बेहद खुश हैं.

ये हफ्ता बिग बॉस कंटेस्टेंट के लिए प्यार और इमोशन्स से भरा रहा. कुनिका अपने बेटे से मिल कर इमोशनल हुईं. गौरव को उनकी पत्नी आकांक्षा से प्यार की झप्पी मिली. अमाल भाई अरमान से मिलकर गदगद दिखे. अब घर में शहबाज के पिता और मालती चाहर के भाई क्रिकेटर दीपक चाहर की एंट्री होने वाली है. शो का नया प्रोमो रिलीज किया गया है, जिसमें दीपक चाहर बहन से मिलने बिग बॉस हाउस के अंदर पहुंचे.

प्रोमो में दीपक बिग बॉस हाउस में सरप्राइज एंट्री लेते नजर आए. मालती सोफे पर आंख बंद करके लेटी होती हैं. दीपक आकर उन पर हल्ला बोल देते हैं और वो चौंक जाती हैं. फिर बिग बॉस कहते हैं कि मालती के भाई दीपक का स्वागत करते हैं.

दीपक के आते ही सभी घरवाले उनके स्वागत सत्कार में जुट जाते हैं. वो कहते हैं कि मैं इस घर में एक ही मकसद से आया हूं. मेरी बहन ने जिंदगी में एक रोटी का टुकड़ा बनाकर नहीं खिलाया. इस पर कुनिका और अशनूर जोर जोर से हंसने लगती हैं. मालती भाई की बात का जवाब देते हुए कहती हैं कि क्या झूठा आदमी है.

दीपक ने कहा कि खान यही बनाएगी और मैं खान खाकर जाऊंगा. फिर कुनिका उन्हें पानी लाकर देती हैं. दीपक उन्हें शुक्रिया कहते हैं. उन्होंने इस पर मालती की खिल्ली उड़ाई. उन्होंने कहा कि पानी मांगा इसने पानी भी नहीं दिया. गौरव क्रिकेटर की बातों पर रिएक्ट करते हुए कहते हैं कि मालती सोच रही होगी कि घर से कोई क्यों आया.

शो का प्रोमो देखकर फैन्स बेहद एक्साइटेड नजर आए. उन्होंने लिखा कि फाइनली मालती की फैमिली से कोई आया. एक ने लिखा कि बिग बॉस के घर में दीपक चाहर को देखकर अच्छा लगा. अन्य ने लिखा कि हमारा फेवरेट प्लेयर बिग बॉस में. हम मालती के लिए खुश हैं. शो के फैन्स पूरा एपिसोड ऑन एयर होने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं.

National : कनाडा जा रही थी सांसद अमृतपाल सिंह की मां, दिल्ली एयरपोर्ट पर रोका गया

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दिल्ली एयरपोर्ट पर तैनात भारतीय इमीग्रेशन अधिकारियों ने उन्हें रोकने की कार्रवाई अमृतसर के एसएसपी के आदेश पर की. अधिकारियों ने सांसद अमृतपाल की मां को बोर्डिंग से पहले रोक लिया और वापस पंजाब भेज दिया.

दिल्ली एयरपोर्ट पर शुक्रवार को खालिस्तानी समर्थक और खडूर साहिब से निर्दलीय सांसद अमृतपाल सिंह की मां बीबी बलविंदर कौर को कनाडा जाने से रोक दिया गया. सूत्रों के अनुसार, बलविंदर कौर अपनी बेटी से मिलने के लिए कनाडा जा रही थीं, लेकिन इमीग्रेशन अधिकारियों ने उन्हें बोर्डिंग से पहले रोक लिया और वापस पंजाब भेज दिया.

जानकारी के मुताबिक, दिल्ली एयरपोर्ट पर तैनात भारतीय इमीग्रेशन अधिकारियों ने उन्हें रोकने की कार्रवाई अमृतसर के एसएसपी के आदेश पर की. अधिकारियों ने बताया कि बलविंदर कौर का नाम एक ऐसी लिस्ट में दर्ज है, जिन पर विदेश यात्रा के लिए अतिरिक्त निगरानी और अनुमति की जरूरत होती है. चूंकि लोकल पुलिस ने उनकी यात्रा को लेकर आपत्ति दर्ज की थी, इसलिए उन्हें हवाई अड्डे से आगे बढ़ने की मंजूरी नहीं दी गई.

अधिकारियों के अनुसार, अमृतपाल सिंह की गतिविधियों और उनके समर्थकों के नेटवर्क को लेकर सुरक्षा एजेंसियां पहले से ही सतर्क हैं. कई बार खुफिया रिपोर्ट में उनके परिवार के सदस्यों की विदेश यात्राओं पर समीक्षा की जरूरत बताई गई है, ताकि किसी तरह की संभावित फंडिंग, समन्वय या प्रचार गतिविधि विदेश में न हो.

अमृतपाल सिंह वर्तमान में राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत असम के डिब्रूगढ़ जेल में बंद हैं. उन्हें अप्रैल 2023 में एक महीने से अधिक लंबे पीछा अभियान के बाद मोगा के रोडे गांव से गिरफ्तार किया गया था. अगस्त 2023 में अजनाला थाने पर हमला और उससे जुड़े मामलों के बाद पंजाब पुलिस ने उन पर कड़ी कार्रवाई की थी.

आज शुक्रवार को ही पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने अमृतपाल सिंह की संसद के शीतकालीन सत्र में भाग लेने के लिए अस्थायी रिहाई की याचिका पर सुनवाई करते हुए पंजाब सरकार और अमृतसर डीसी को एक सप्ताह के भीतर निर्णय लेने का निर्देश भी दिया है.

NATIONAL : 4 साल की मासूम के साथ दरिंदगी के बाद हत्या, मालेगांव में जन आक्रोश, भारी प्रदर्शन के बीच पुलिस फोर्स तैनात

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मालेगांव बंद का ऐलान किया गया. इसमें खासकर शहर का पूर्वी हिस्सा, जो मुस्लिम बहुल और संवेदनशील इलाका माना जाता है, पूरी तरह ठप रहा. दुकानें, बाजार, व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे.

महाराष्ट्र के नासिक जनपद के मालेगांव तालुका स्थित डोंगराले गांव में 4 साल की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद बेरहमी से हत्या करने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर काफी गुस्सा और गम है. गुरूवार रात आक्रोशित लोगों ने सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया और पुतला भी फूंका.

लोगों ने पुलिस को ज्ञापन सौंपकर आरोपी को जल्द से जल्द फांसी देने की मांग की गयी है. यही नहीं आज मालेगांव बंद का आह्वान किया गया है, जिसके बाद चप्पे-चप्पे पर पुलिस फोर्स तैनात है.

बच्ची की रेप और हत्या के विरोध में शुक्रवार को मालेगांव बंद का ऐलान किया गया. इसमें खासकर शहर का पूर्वी हिस्सा, जो मुस्लिम बहुल और संवेदनशील इलाका माना जाता है, पूरी तरह ठप रहा. दुकानें, बाजार, व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे. सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा. प्रशासन की ओर से सुरक्षा के मद्देनजर शहर के सभी प्राथमिक व हाई स्कूलों में आज अवकाश घोषित कर दिया गया.

बता दें कि डोंगराले गांव में बीते दिनों 4 साल की बच्ची के साथ बलात्कार के बाद बेरहमी से हत्या कर दी गयी थी, जिसके बाद से इलाके में तनाव का माहौल है. लोगों का गुस्सा इसलिए भी बढ़ रहा है कि पुलिस अभी तक आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर पायी है. लोगों ने विरोध प्रदर्शन में मां की है कि इस पूरे मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में ले जाया जाए और आरोपी को जल्द फांसी की सज़ा मिले. इसके अलावा पीड़ित परिवार के लिए 50 लाख मुआवजे की मांग भी की गयी है.

मामले की संवेदनशीलता देखते हुए पुलिस ने पूरे इलाके में हिया अलर्ट कर रखा है. अतिरिक्त फ़ोर्स तिनात है और खुद सीनियर अफसर इलाके में कैम्प कर रहे हैं. अधिकारियो ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है.

वहीं इस मामले में विपक्ष ने सत्तारूढ़ बीजेपी सरकार को निशाने पर लिया है और आरोप लगाया अहि कि बीजेपी सरकारों में महिलायेना उर बच्चिंयाँ कहीं भी सुरक्षित नहीं हैं.

NATIONAL : ‘काश! उसे स्कूल न भेजा होता…’, प्रेस कॉन्फ्रेंस में फूट-फूटकर रोई अमायरा की मां, सिस्टम की चुप्पी पर सवाल

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अमायरा के पिता ने स्कूल को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि उन्होंने मेरी बच्ची की जान ले ली. यही नहीं, बिलखती मां पूछ रही थी कि इतना महंगा स्कूल एक नन्ही बच्ची की जिंदगी कैसे निगल गया.

जयपुर के नीरजा मोदी स्कूल में कक्षा 4 की मासूम अमायरा के सुसाइड के बाद उसके परिवार की पूरी दुनिया उजाड़ दी है. गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मां का दर्द शब्दों में ढल गया, लेकिन हर वाक्य में एक टीस, एक कसक, और एक अपूरणीय खो का एहसास साफ झलकता रहा. लेकिन अब अपनों की चुप्पी और सिस्टम की लापरवाही से टूटा परिवार इंसाफ की लड़ाई सड़क पर उतरकर लड़ेगा. 22 नवंबर को जयपुर में कैंडल मार्च निकाला जाएगा, जिसमें परिजन और अभिभावक चार घंटे का मौन-व्रत रखकर न्याय की मांग करेंगे.

पीसी में बिलखती मां ने बेहद टूटे हुए स्वर में कहा, ”हर सुबह यही सोचकर आंख खुलती है कि काश! उस दिन उसे स्कूल नहीं भेजा होता…काश! जयपुर शिफ्ट होने के बाद उसका एडमिशन नीरजा मोदी स्कूल में न कराया होता…’ आज हमारे जीवन में बस ‘काश’ ही बचे हैं.उनकी आंखों से बहते आंसू जैसे हर ‘काश’ के साथ यह सवाल भी पूछ रहे थे कि आखिर एक सुरक्षित माहौल देने का दावा करने वाला स्कूल एक नन्ही बच्ची की जिंदगी कैसे निगल गया.

अमायरा के पिता विजय ने स्कूल प्रशासन को सीधा जिम्मेदार ठहराते हुए कहा. ”स्कूल की लापरवाही ने मेरी बच्ची की जान ले ली. जब तक नीरजा मोदी स्कूल की मान्यता रद्द नहीं होगी, हमारी अमायरा के लिए न्याय अधूरा रहेगा.” उन्होंने बताया कि न तो शिक्षा विभाग और न ही पुलिस दोनों से किसी भी तरह का स्पष्ट जवाब नहीं मिला है.

मृत बच्ची के पिता ने एक हैरान करने वाला खुलासा करते हुए कहा, ”एक अधिकारी ने मुझसे पूछा कि क्या बच्ची ने हेलोवीन पर कुछ देखा था? कोई सपना आया था?”उन्होंने कहा, ”क्या यही जांच का तरीका है? क्या ऐसे सवाल एक पिता से पूछे जाते हैं जिसकी बच्ची अब इस दुनिया में नहीं है.” विजय ने कहा कि FIR होने के बावजूद पुलिस मामले की प्रगति बताने को तैयार नहीं.

LIFESTYLE : क्या अदरक वाली चाय सच में घटाती है वजन, जानें इस दावे को लेकर क्या कहती है रिसर्च?

नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन में पब्लिश एक रिव्यू और मेटा एनालिसिस के अनुसार अदरक के सेवन से वजन पर पॉजिटिव इफेक्ट देखा गया है. इस एनालिसिस में कुल 14 स्टडीज शामिल थी.

भारत में अदरक वाली चाय बहुत पसंद की जाती है. अदरक वाली चाय न सिर्फ स्वाद बढ़ाती है, बल्कि इसे सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद माना जाता है. वहीं वजन घटाने के लिए लोग कई तरह के ड्रिंक पीते हैं, जिनमें ग्रीन टी, कॉफी और कई चीजें शामिल होती है. वहीं कई लोगों के मन में यह भी सवाल उठता है कि क्या अदरक वाली चाय भी वजन घटाने में मददगार होती है. इसे लेकर अब एक नई रिसर्च भी सामने आई है. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि क्या अदरक वाली चाय सच में वजन घटाती है और इस दावे को लेकर रिसर्च क्या कहती है.

नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन में पब्लिश एक रिव्यू और मेटा एनालिसिस के अनुसार अदरक के सेवन से वजन पर पॉजिटिव इफेक्ट देखा गया है. इस एनालिसिस में कुल 14 स्टडीज शामिल थी, जिनमें 473 लोग शामिल हुए थे. रिपोर्ट के अनुसार अदरक के नियमित सेवन से बॉडी वेट में कमी, वेस्ट टू हिप रेशियों में सुधार, फास्टिंग ग्लूकोज और इंसुलिन रेजिस्टेंस में कमी देखी गई है. साथ ही अदरक ने गुड कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाने में भी मदद की है. हालांकि इसका इंसुलिन, बीएमआई, ट्राइग्लिसराइड्स, टोटल और एलडीएल कोलेस्ट्रॉल पर कोई खास प्रभाव नहीं पाया गया. वहीं इस रिसर्च का रिजल्ट यह भी बताता है कि अदरक के प्रभाव भले ही बहुत बड़े न हो लेकिन वजन से जुड़े पैमाने पर इसका असर पॉजिटिव है.

रिपोर्ट में सिग्निफिकेंट यानी महत्वपूर्ण कमी का जिक्र जरूर है. लेकिन यह रिसर्च अभी भी सीमित है. फिर भी अगर आप रोजाना चाय बनाते समय अदरक मिलाते हैं तो यह न सिर्फ स्वाद बढ़ाएगा, बल्कि हेल्थ को भी हल्का सा बूस्ट दे सकता है.

अदरक वाली चाय से वजन घटाने का दावा भले ही पूरी तरह साबित न हुआ हो. लेकिन अदरक के कई अन्य फायदे भी होते हैं. एक्सपर्ट्स के अनुसार अदरक पाचन सुधारने में मदद करता है, उल्टी और मतली से राहत देता है. घटिया, सूजन और कई प्रकार के संक्रमणों से भी बचाव में मदद करता है. वहीं मधुमेह और कैंसर के खतरों को कम करने में भी मददगार होता है. अदरक में एंटीऑक्सीडेंट के साथ पोटेशियम, फास्फोरस और मैग्नीशियम जैसे पोषक तत्व भी पाए जाते हैं. हालांकि इन्हें पूरा करने के लिए सिर्फ अदरक पर निर्भर नहीं हुआ जा सकता है, लेकिन यह एक अच्छा सप्लीमेंट्री ऑप्शन भी माना जाता है.

यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

MP : पैरों में जंजीरें और जंजीरों में ताला, सड़क पर रेंगता दिखा बुजुर्ग व्यक्ति, किसने की हैवानियत?

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दमोह के मड़ियादो में एक युवक को पैरों में जंजीरें बांधकर छोड़ दिया गया. घंटों बाद लोगों ने पुलिस को सूचना दी. पुलिस ने बुजुर्ग को मुक्त कराया और मामले की जांच जारी है.

मध्य प्रदेश के दमोह जिले से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जिसने मानवता को फिर कटघरे में खड़ा कर दिया. मड़ियादो कस्बे के बस स्टैंड पर एक युवक व्यक्ति को पैरों में जंजीरें से जकड़ा हुआ पाया गया. पैरों में बांधी गई इन जंजीरों पर ताला लगा हुआ था और यह बूढ़ा शख्स मजबूरी में सड़क पर घिसटता हुआ मदद तलाश रहा था.मड़ियादो पुलिस अब मामले को मानवाधिकार और क्रूरता के नजरिए से देख रही है. उम्मीद है कि जल्द ही इस अमानवीय घटना के पीछे छिपे आरोपी पुलिस की गिरफ्त में होंगे.

कई घंटे तक लोग उसके पास से गुजरते रहे लेकिन किसी ने उसकी पीड़ा को समझने के बजाय सिर्फ वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करने में दिलचस्पी दिखाई. यह भयावह दृश्य देखकर भी लोग चुप रहे, जबकि बुजुर्ग बेबस होकर जमीन पर रेंगता हुआ अपनी तकलीफ झेलता रहा. लेकिन इसी भीड़ के बीच कुछ संवेदनशील लोगों की नजर इस बुजुर्ग पर पड़ी. उन्होंने तुरंत इंसानियत दिखाते हुए मड़ियादो थाना पुलिस को इसकी सूचना दी.

खबर मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और बुजुर्ग के पैरों में बंधी जंजीरों का ताला खोलकर उसे आजाद किया. पुलिस की मदद मिलते ही बुजुर्ग ने राहत की सांस ली.जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि यह बुजुर्ग व्यक्ति पास के गांव विनती का रहने वाला हीरालाल प्रजापति है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह था कि उसके पैरों में जंजीरें किसने और क्यों बांधीं? पुलिस ने जब उससे पूछताछ करने की कोशिश की, तो वह साफ जवाब देने में असमर्थ रहा.

थाना प्रभारी शिवांगी गर्ग के अनुसार, पहली नजर में बुजुर्ग मानसिक रूप से कमजोर प्रतीत हो रहा है, जिसके कारण वह यह बताने में सक्षम नहीं है कि उसके साथ यह अमानवीय व्यवहार किसने किया. फिलहाल पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर रही है. आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है और सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं, ताकि इस क्रूरता को अंजाम देने वाले आरोपियों का पता लगाया जा सके.

यह पूरा मामला समाज की उस संवेदनहीनता को भी उजागर करता है, जहां लोग किसी की मदद करने से पहले कैमरा उठाना ज्यादा जरूरी समझते हैं. जंजीरों में जकड़े इस बुजुर्ग की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, लेकिन असली जरूरत इस बात की है कि ऐसे मामलों के पीछे की सच्चाई सामने आए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो.

BIHAR : महागठबंधन में बड़ी टूट के आसार! NDA के साथ जाने को तैयार ये पार्टी, बस रखी ये शर्त


बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल बढ़ गई है. इस बार महागठबंधन के भीतर से बड़े राजनीतिक उलटफेर के संकेत मिल रहे हैं. सहरसा से विधायक और इंडियन इंक्लूसिव पार्टी (IIP) के अध्यक्ष आईपी गुप्ता ने खुलकर कहा है कि उन्हें NDA की ओर से कॉल आया है और वे NDA में शामिल होने को तैयार हैं, लेकिन एक महत्वपूर्ण शर्त के साथ. गुप्ता का यह बयान महागठबंधन की पहले से कमजोर होती स्थिति को और चुनौती देता दिखाई दे रहा है.

IP गुप्ता ने कहा कि वे NDA में जाने के लिए तैयार हैं, पर उनकी साफ शर्त है कि तांती-ततवा समाज को SC कैटेगरी में शामिल किया जाए. उनका कहना है कि यह निर्णय केंद्र सरकार ही ले सकती है और अगर उनकी यह मांग मान ली जाती है तो वे बिना देर किए NDA का दामन थाम लेंगे. उन्होंने बताया कि बिहार में तांती-ततवा समाज की जनसंख्या 80 लाख से 1 करोड़ के बीच है, लेकिन इन्हें उचित प्रतिनिधित्व नहीं मिला है.

IIP प्रमुख ने दावा किया कि विधानसभा चुनाव के दौरान उनकी पार्टी ने अपना पूरा वोट महागठबंधन के घटक दलों को ट्रांसफर कराया. उनके मुताबिक, NDA को यह वोटबैंक की ताकत पता है और इसी वजह से उन्हें NDA में आने का ऑफर मिल रहा है. IP गुप्ता ने यह भी कहा कि तांती समाज पहले से ही आर्थिक और सामाजिक तौर पर पिछड़ा है, इसलिए SC कैटेगरी में शामिल करना आवश्यक है.

महागठबंधन की करारी हार पर टिप्पणी करते हुए IP गुप्ता ने कहा कि गठबंधन दलों को बैठकर यह समीक्षा करनी चाहिए कि आखिर चूक कहां हुई. उन्होंने साफ कहा कि जनता ने जो संदेश दिया है, उसे समझने और आत्ममंथन करने की जरूरत है.

IP गुप्ता ने यह भी घोषणा की कि यदि NDA उनकी शर्त मान लेता है, तो NDA में शामिल होने से पहले वे महागठबंधन के वोटरों और दलों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगेंगे. उनका कहना है कि NDA में जाकर भी वे तांती-ततवा समाज और अपने क्षेत्रों के वोटरों के लिए लगातार काम करते रहेंगे.

बिहार की राजनीति में यह बयान आने वाले दिनों में एक बड़े राजनीतिक बदलाव की भूमिका तैयार कर सकता है. महागठबंधन के लिए यह चुनौती है, जबकि NDA के लिए एक बड़ा अवसर है.

ENTERTAINMNET : मिस यूनिवर्स 2025 बनीं मेक्सिको की फीतिमा बॉश, जानें- कितनी मिली प्राइज मनी

मेक्सिको की फातिमा बॉश ने मिस यूनिवर्स 2025 का खिताब अपने नाम कर लिया है. इसके साथ ही उन्हें मोटी प्राइज मनी और कई दूसरे बेनिफिट्स भी मिले हैं.मिस यूनिवर्स पेजेंट, मिस यूनिवर्स ऑर्गेनाइजेशन द्वारा हर साल आयोजित किया जाता है. ये दुनिया के सबसे आइकॉनिक ब्यूटी पेजेंट में से एक है. मिस यूनिवर्स 2025 का 74वां एडीशन थाईलैंड के बैंकॉक में आयोजित किया गया, जहां मेक्सिको की फ़ातिमा बॉश ने खिताब अपने नाम कर लिया.

मिस यूनिवर्स 2025 की थीम “पावर ऑफ लव’ थी और इसमें 121 देशों के कंटेस्टेंट्स ने हिस्सा लिया था. . इस साल सऊदी अरब, फ़िलिस्तीन और मोज़ाम्बिक सहित कई देशों ने पहली बार इस प्रतियोगिता में भाग लिया. भारत की मनिका विश्वकर्मा टॉप 12 से आगे नहीं बढ़ पाईं.

हालांकि मिस यूनिवर्स ऑर्गेनाइजेशन ने इस साल की सटीक प्राइज मनी की ऑफिशियल अनाउंसमेंट नहीं की है, लेकिन रिपोर्टों से पता चलता है कि विनर को लगभग 250,000 डॉलर मिलेंगे, जो 2024 की विनर विक्टोरिया केयर की गई प्राइज मनी के समान हैं. पुरस्कार राशि के अलावा, विनर को 50,000 डॉलर की मंथली सैलरी मिलेगी, जो आमतौर पर ट्रैवल, पब्लिक अपीयरेंस और मिस यूनिवर्स ब्रांड के तहत की जाने वाली एक्टीविटीज को कवर करता है.

मिस यूनिवर्स 2025 को मोटी प्राइज मनी के साथ ही न्यूयॉर्क शहर में स्थित आलीशान अपार्टमेंट भी मिलता है, जो विनर रहने के दौरान उनका ऑफिशियल रेजीडेंस बन जाता है. और, ज़ाहिर है, मिस यूनिवर्स की कोई भी कहानी ताज के बिना पूरी नहीं होती. इस साल के जटिल कारीगरी से जगमगाते ताज की कीमत 5 मिलियन डॉलर आंकी गई है.

मिस यूनिवर्स विनर को पूरे साल स्टाइलिंग असिस्टेंस भी प्रोवाइड की जाएगी. फ़ातिमा बॉश को लीडिंग फैशन डिज़ाइनरों, मेकअप आर्टिस्ट और हेयर स्टाइलिस्टों के साथ कॉन्टेक्ट में रखा जाएगा ताकि उन्हें मीटिंग्स, फ़ोटोशूट और इंटरनेशनल इवेंट्स के लिए हमेशा तैयार रखा जा सके.

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