Thursday, April 30, 2026
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ENTERTAINMENET : माही और गौतम की हल्दी में राही करेगी खूब तमाशा, एक और बड़े स्कैम में अनुज की वजह से फंसेगी अनुपमा

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रुपाली गांगुली के शो ‘अनुपमा’ में इन दिनों गौतम और माही की शादी की ट्रैक दिखाया जा रहा है. शादी की पहली रस्म में अंश खूब तमाशा करने वाला है. शो में देखने को मिला कि मेहंदी की रस्म के दौरान प्रार्थना का पैर मुड़ जाता है. इस दौरान प्रार्थना को गिरने से गौतम बचाता है और अंश को उल्टा-सीधा बोल भड़कने पर मजबूर कर देता है.

अंश जैसे ही गुस्से में गौतम को मारने की कोशिश करता है वसुंधरा उसके पीछे पड़ जाती है.अनुपमा में इसी बीच बड़ा धमाका होने वाला है, जिससे शो की कहानी बदल जाएगी.शो में देखेंगे कि बेइज्जती होने के बाद अंश का दिमाग खराब होने वला है. वो गौतम और माही की शादी से दूरी बनाने वाला है.

प्रेम की लाइफ में हुई दूसरी लड़की की एंट्री

वहीं, गौतम और माही की हल्दी की रस्म में राही का गुस्सा फूटने वाला है. वो बिना देर किए माही और गौतम को हल्दी लगाने से इंकार कर देगी. ऐसे में वसुंधरा खरी-खोटी सुनाने लगेगी.इसी दौरान परिवार के लोगों को पता चलेगा कि प्रेम की जिंदगी में किसी और लड़की की एंट्री हो चुकी है.दरअसल, प्रार्थना अपने भाई प्रेम के चैट को देख लेगी. वो बिना देर किए परिवार के सामने प्रेम की पोल खोल देगी.वहीं, प्रेम ये छिपाने की कोशिश करेगा कि उससे करोड़ों का नुकसान हुआ है. राही भी उससे दूर होने लगेगी.जल्द ही अनुपमा भी गौतम को एक्सपोज करने का फैसला लेगी.

अनुज के ट्रस्ट से आएगा फोन

अनुपमा को समझ आ जाएगा कि गौतम के दिमाग में कुछ तो खतरनाक चल रहा है और इसी वजह से वो माही संग शादी कर रहा है.माही संग शादी के बाद गौतम अपनी औकात दिखाएगा.गौतम कहता है कि वो अनुपमा के तीनों बच्चों की जिंदगी बर्बाद कर देगा.इसी बीच अनुज के ट्रस्ट से अनुपमा को फोन आता है. फोन पर बाद कर अनुपमा हैरान रह जाती है. अनुपमा के पास ये फोन तब आता है जब वो अनु की रसोई शुरू करने वाली होती है.

HEALTH : हर दिन हल्दी खाने से शरीर को मिलते हैं कमाल के ये 8 फायदे, जानें एक्सपर्ट्स क्या देते हैं राय?

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भारतीय रसोई में हल्दी का इस्तेमाल सदियों से होता आ रहा है. दादी-नानी के नुस्खे में हल्दी का नाम हमेशा से ही ऊपर रह रहा है. चोट लगने पर, सर्दी-जुकाम में या फिर दूध में मिलाकर हल्दी हर घर की दवा मानी जाती है. इसकी सबसे बड़ी खासियत इसमें मौजूद करक्यूमिन नामक तत्व है जो इसे सुनहरा रंग देने के साथ-साथ जबरदस्त एंटी इन्फ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण भी प्रदान करता है. रोजाना थोड़ी मात्रा में हल्दी का सेवन शरीर, दिमाग, जोड़ो और पाचन के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि हर दिन हल्दी खाने से शरीर को कौन से आठ कमाल के फायदे मिलते हैं.

दरअसल हल्दी में मौजूद करक्यूमिन सूजन कम करने और दर्द से राहत देने में मदद करता है. यह शरीर में फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान को रोकता है और बुढ़ापे की प्रक्रिया को धीमा करता है.वहीं हल्दी में भरपूर एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो शरीर में मौजूद हानिकारक फ्री रेडिकल्स को खत्म करते हैं. इससे हार्ट की बीमारियों और कैंसर जैसी बीमारियों का खतरा कम होता है और कोशिकाओं की उम्र भी बढ़ती है.हल्दी में मौजूद तत्व कैंसर सेल्स के फैलाव को भी धीमा करते हैं. वहीं नियमित रूप से हल्दी खाने में शामिल करने से लंबे समय में कैंसर का खतरा कम किया जा सकता है.

अगर पेट में जलन, गैस या ब्लोटिंग की समस्या रहती है तो भी हल्दी का सेवन फायदेमंद माना जाता है. यह पाचन तंत्र को शांत रखती है और आंतों की सूजन को काम करती है.

हल्दी लिवर को डिटॉक्स करने में भी मदद करती है. यह शरीर में जमा टॉक्सिन को बाहर निकालती है और लिवर की कार्य क्षमता को बढ़ाती है.

वहीं रोज एक चम्मच हल्दी खाने से इम्यून सिस्टम मजबूत होता है. यह सर्दी जुकाम और संक्रमणों से भी बचाव करती है. यही कारण है कि हल्दी वाला दूध भारतीय घरों में सर्दी के मौसम का सबसे फायदेमंद नुस्खा माना जाता है.

हल्दी में एंटी इन्फ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं जो स्किन को अंदर से ग्लोइंग बनाते हैं. यह मुंहासे दाग धब्बों और टैनिंग को कम करने में भी मदद करती है.

NATIONAL : बिहार में जब-जब हुई 60% से ज्यादा वोटिंग, तब सियासत ने बदली हवा! इस बार क्या?

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बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण में मतदान ने नया इतिहास रच दिया है. गुरुवार को हुए मतदान में राज्य ने अब तक की सबसे बड़ी वोटिंग दर 64.66 प्रतिशत दर्ज की है. यह बिहार के चुनावी इतिहास का सबसे ऊंचा आंकड़ा है, जिसने पिछले सभी रिकॉर्ड्स को पीछे छोड़ दिया.

चुनाव आयोग के अनुसार, यह मतदान शांतिपूर्ण और उत्सवपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ, जहां मतदाताओं में असाधारण जोश देखा गया.

चुनाव आयोग की सख्त निगरानी के बीच हुआ पहला चरण

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्तों डॉ. सुखबीर सिंह संधू व डॉ. विवेक जोशी ने पूरे मतदान की निगरानी खुद की. इस बार पहली बार राज्य के सभी 45,341 मतदान केंद्रों पर 100 प्रतिशत लाइव वेबकास्टिंग की व्यवस्था की गई थी.

आयोग के नियंत्रण कक्ष से सीधे जिलाधिकारियों और प्रेक्षकों से संवाद कर मतदान प्रक्रिया की समीक्षा की गई. इस चरण में 18 जिलों की 121 विधानसभा सीटों पर लगभग 3.75 करोड़ मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया.

पहले चरण की अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों ने की सराहना

बिहार इस बार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा में रहा. इंटरनेशनल इलेक्शन विजिटर्स प्रोग्राम (IEVP) के तहत 6 देशों दक्षिण अफ्रीका, इंडोनेशिया, थाईलैंड, फिलीपींस, बेल्जियम और कोलंबिया के 16 प्रतिनिधियों ने मतदान प्रक्रिया को प्रत्यक्ष रूप से देखा. इन विदेशी पर्यवेक्षकों ने बिहार की चुनाव व्यवस्था की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह संगठित, पारदर्शी और सहभागी लोकतंत्र का उत्कृष्ट उदाहरण है.

मतदान केंद्रों पर मतदाताओं को दी गईं नई सुविधाएं

इस चुनाव में आयोग ने मतदाताओं के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए कई नई पहल कीं. इस बार ईवीएम पर उम्मीदवारों की रंगीन तस्वीरें, मतदान केंद्रों पर मोबाइल जमा सुविधा और नई डिजाइन की गई वोटर सूचना पर्चियां (VIS) दी गईं. दिव्यांग मतदाताओं के लिए व्हीलचेयर, ई-रिक्शा सेवा और स्वयंसेवी सहायकों की भी व्यवस्था की गई थी, ताकि कोई भी नागरिक अपने अधिकार से वंचित न रहे.

जब-जब बढ़ी वोटिंग, बदला बिहार का राजनीतिक समीकरण

बिहार चुनाव में जब-जब वोटिंग की संख्या बढ़ती है तो राजनीतिक समीकरण में भी बदलाव होता है. पहले भी तीन बाहर ऐसा हो चुका है.

  1. 1990 में 62.04% मतदान- लालू प्रसाद यादव पहली बार सत्ता में आए.
  2. 1995 में 61.79% मतदान- लालू यादव ने फिर से सत्ता में वापसी की.
  3. 2000 में 62.57% मतदान- नीतीश कुमार और लालू यादव के बीच कांटे की टक्कर हुई और अंततः राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू करना पड़ा.

यह संयोग नहीं बल्कि संकेत है कि बिहार में जब जनता बड़ी संख्या में घरों से निकलती है, तो सत्ता समीकरणों में बदलाव देखने को मिलता है.

पहले चरण के बाद सियासत में बढ़ी हलचल

पहले चरण की भारी वोटिंग के बाद एनडीए और महागठबंधन दोनों ने इसे अपने पक्ष में बताया है. एनडीए का कहना है कि इतना उत्साहजनक मतदान विकास और स्थिरता पर जनता के भरोसे का प्रमाण है. वहीं महागठबंधन का कहना है कि यह वोटिंग दर बदलाव का इशारा है, जनता अब नई सरकार चाहती है.

लोकतंत्र की मिसाल पेश करेगा बिहार

इतिहास और आंकड़ों को देखें तो जब-जब बिहार में वोटिंग का प्रतिशत बढ़ा है, तब-तब सियासत में नया मोड़ आया है. इस बार तो सिर्फ पहले चरण में ही रिकॉर्ड 64.66% मतदान हुआ है. यानी आगे के चरणों में यह आंकड़ा और ऊपर जा सकता है. अब देखने वाली बात यह होगी कि यह जोश किसके पक्ष में जाता है. विकास के नाम पर भरोसा जताने वाली जनता के रूप में या फिर बदलाव की नई लहर के रूप में. पहले चरण से एक बात तय है कि आने वाले चरण में बिहार एक बार फिर लोकतंत्र की मिसाल पेश की है.

NATIONAL : गुरुग्राम: बार-बार पैसे मांगती थी गर्भवती प्रमिका, लिव-इन में रह रे ऑटो चालक ने उतारा मौत के घाट

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दिल्ली से सटे हरियाणा के गुरुग्राम में एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई थी, जब एक गर्भवती महिला का शव उसके घर में मिला था. पुलिस ने जांच करते हुए हत्या के आरोपी को पकड़ लिया है. हत्या का आरोप महिला के ही लिव-इन पार्टनर एक ऑटो चालक पर लगा है. आरोप है कि ऑटो चालक ने अपनी प्रेमिका का गला घोटकर उसकी हत्या की थी.

पुलिस की पूछताछ में सामने आया है कि महिला अपनी गर्भावस्था में आरोपी ऑटो चालक से बार-बार पैसे मांगती थी, जिस बात से परेशान होकर उसने अपनी प्रेमिका को मौत के घाट उतार दिया.

हरियाणा पुलिस ने बताया कि महिला की पहचान उत्तर प्रदेश के कन्नौज निवासी अंगूरी (28) के रूप में हुई है. उसका क्षत-विक्षत शव डूंडाहेड़ा गांव स्थित उसके किराए के कमरे से बुधवार (5 नवंबर) को बरामद किया गया था. वह सात महीने की गर्भवती थी.

हत्या के बाद महिला का शव कमरे में बंद कर के फरार
30 वर्षीय आरोपी अनुज को गिरफ्तार कर लिया गया है. पूछताछ के दौरान अनुज ने पुलिस को बताया कि 31 अक्टूबर को पैसों को लेकर उसका झगड़ा हुआ था और इस दौरान उसने अंगूरी की गला घोंटकर हत्या कर दी थी. अंगूरी की हत्या करने के बाद आरोपी शव को किराए के कमरे के अंदर बंद कर फरार हो गया था.

दो शादियां टूटने के बाद अनुज के साथ रहती थी महिला
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने बताया कि अंगूरी की साल 2023 में मोहम्मद सदरुद्दीन से शादी हुई थी. कुछ समय बाद वह अपने पति से अलग रहने लगी और 2024 में उसने विशाल से ‘कोर्ट मैरिज’ कर ली. पुलिस द्वारा मिली जानकारी के मुताबिक, विशाल से अलग होने के बाद अंगूरी अनुज के संपर्क में आ गई, जो अक्सर उसके किराए के कमरे में आता था. इस बीच वह गर्भवती हो गई.

पुलिस ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है. जल्द ही पुख्ता सबूत इकट्ठा कर आगे की कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल, आरोपी अनुज पुलिस हिरासत में है और उससे पूछताछ चल रही है.

SPORTS : BCCI और अगरकर पर भड़के मोहम्मद शमी के कोच, कहा- ‘सब बहानेबाजी…’

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मोहम्मद शमी का साउथ अफ्रिका के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए टीम इंडिया में सलेक्शन न होने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. अपने पहले तीन रणजी ट्रॉफी 2025/26 मैचों में 15 विकेट लेने के बावजूद, शमी को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की चयन समिति ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ होने वाली भारतीय टीम के लिए नजरअंदाज कर दिया. इस मामले पर अब शमी के निजी कोच मोहम्मद बदरुद्दीन ने अपनी निराशा जाहिर की है. उन्होंने आरोप लगाया कि बीसीसीआई ने शमी को चयन में नजरअंदाज करने का मन बना लिया है. बदरुद्दीन ने शमी की फिटनेस को लेकर बीसीसीआई के तर्क को बहानेबाजी करार दिया.

इंडिया टुडे को दिए एक इंटरव्यू में बदरुद्दीन ने कहा, “वे उसे (शमी को) नज़रअंदाज़ कर रहे हैं, यह साफ़ है. मुझे इसके अलावा कोई और वजह समझ नहीं आती.” बदरुद्दीन ने आगे कहा, “वह अनफ़िट नहीं है. जब कोई खिलाड़ी टेस्ट मैच खेल रहा होता है और दो मैचों में 15 विकेट ले लेता है तो वह कहीं से भी अनफ़िट नहीं लगता. चयनकर्ता बस उसे नज़रअंदाज़ कर रहे हैं. वे ऐसा क्यों कर रहे हैं, यह तो वही बता सकते हैं.”

बदरुद्दीन ने कहा कि अजीत अगरकर की अगुवाई वाली बीसीसीआई चयन समिति का दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज़ के लिए शमी को भारतीय टीम से बाहर रखने का फैसला पूर्वनिर्धारित था. 35 वर्षीय शमी को शुरुआत में दक्षिण अफ्रीका ए के खिलाफ अनौपचारिक टेस्ट या वनडे मैचों के लिए भारत ए टीम में नहीं चुना गया था और बाद में उन्हें सीनियर टीम से भी बाहर कर दिया गया.

उन्होंने कहा,”मुझे लगता है कि उन्होंने मन बना लिया है कि वे अभी उसे नहीं चुनेंगे और मेरे विचार से यह पूरी तरह से ग़लत है. जब आप टेस्ट टीम चुनते हैं तो यह रणजी ट्रॉफी के प्रदर्शन के आधार पर होना चाहिए. अगर आप टी-20 के आधार पर टेस्ट के लिए चयन कर रहे हैं तो यह सही नहीं है. लेकिन यहां ऐसा लगता है कि फ़ैसले पहले से तय हैं.”

पिछली बार मोहम्मद शमी को बाहर किए जाने का कारण फिटनेस बताया गया था. शमी अभी बंगाल टीम के लिए रणजी ट्रॉफी में खेल रहे हैं, जहां उन्होंने उत्तराखंड के खिलाफ 7 और गुजरात के खिलाफ 8 विकेट लिए थे. 2 मैचों में 15 विकेट लेने के बाद लग रहा था कि साउथ अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में शमी शामिल किए जा सकते हैं, लेकिन ऐसा नहीं हुआ.

SPORTS : बांग्लादेश की पूर्व महिला क्रिकेट कप्तान ने लगाए यौन उत्पीड़न के आरोप, बीसीबी करेगा मामले की जांच

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बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) महिला टीम की पूर्व कप्तान जहांआरा आलम की ओर से लगाए गए आरोपों की जांच के लिए एक समिति गठित करेगा. इसके साथ ही बोर्ड ने समिति को 15 कार्यदिवसों के भीतर अपने निष्कर्ष और सिफारिशें प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है. जहांआरा ने पूर्व चीफ सेलेक्टर और टीम मैनेजर मंजरुल इस्लाम पर यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं.

बीसीबी की ओर से जारी बयान में कहा गया है, “बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) ने बांग्लादेश की राष्ट्रीय महिला क्रिकेट टीम की एक पूर्व सदस्य की ओर से टीम से जुड़े कुछ व्यक्तियों द्वारा कथित कदाचार के संबंध में लगाए गए आरोपों पर चिंता व्यक्त की है. यह मामला संवेदनशील है, इसलिए बीसीबी ने आरोपों की जांच के लिए एक समिति गठित करने का फैसला लिया है. यह समिति 15 कार्यदिवसों के भीतर अपने निष्कर्ष और सिफारिशें प्रस्तुत करेगी.”

बयान में कहा गया है, “बीसीबी अपने सभी खिलाड़ियों और कर्मचारियों के लिए एक सुरक्षित, सम्मानजनक और पेशेवर वातावरण सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है. बोर्ड ऐसे मामलों को बेहद गंभीरता से लेता है और जांच के निष्कर्षों के आधार पर उचित कार्रवाई करेगा.”

जहांआरा ने पत्रकार रियासाद अजीम को दिए एक इंटरव्यू में बताया है कि टीम मैनेजर मंजरुल इस्लाम ने उनके साथ अनुचित व्यवहार किया था. वह बगैर इजाजत उनके कंधे पर हाथ रखते और ऐसी निजी बातें करते, जिससे उन्हें असहज महसूस होता. पूर्व सेलेक्टर और मैनेजर हाथ मिलाने के बजाय गले लगाने के लिए उनके पास आते थे. यह उनकी टीम की साथियों और अन्य अधिकारियों की मौजूदगी के बावजूद होता था.

जहांआरा के मुताबिक उन्होंने इसकी शिकायत बीसीबी के पूर्व निदेशक शफीउल इस्लाम नादेल और बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी निजामुद्दीन चौधरी से की थी.

भारत में महिला टी20 चैलेंज और फेयरब्रेक इनविटेशनल टी20 जैसे टूर्नामेंट्स में हिस्सा लेने वाली एकमात्र बांग्लादेशी खिलाड़ी जहांआरा आलम ने बांग्लादेश की ओर से 52 वनडे मुकाबलों में 30.39 की औसत के साथ 48 विकेट हासिल किए,

NATIONAL : देव दीपावली के बाद वाराणसी में तेजी से बढ़ा गंगा का जलस्तर, कई घाटों का टूट सकता है संपर्क

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धर्म नगरी काशी में इन दिनों प्रकृति का एक अलग ही रूप देखने को मिल रहा हैं. जहां एक तरफ नवंबर के दूसरे सप्ताह में ठंड अपने पूरे ज़ोर से शुरू  जाती थी लेकिन इस बार इससे अलग ही रंग दिख रहा है. एक तरफ़ गुलाबी सर्दी है तो वहीं दूसरी तरफ वाराणसी में गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी ने सभी को हैरान कर दिया है. 

अभी 5 नवंबर को ही काशी के गंगा घाट पर धूमधाम से देव दीपावली मनाई गई, तो वहीं अगले दिन गंगा के जलस्तर में चौंकाने वाला परिवर्तन देखा गया है. देव दीपावली के अगले दिन 6 नवंबर को वाराणसी के गंगा जलस्तर में बढ़ोतरी देखी जा रही है. घाट के स्थानीय लोग भी वर्तमान समय में गंगा के बढ़ते जलस्तर को लेकर कई तरह की चर्चाएं कर रहे हैं. 

गंगा के जलस्तर ने लोगों को किया हैरान

गंगा के आसपास रहने वाले लोगों का कहना है कि आमतौर पर नवंबर के महीने में गंगा के जलस्तर में इस प्रकार की बढ़ोतरी नहीं देखी जाती है और इसीलिए यह तस्वीर बिल्कुल हैरान करने वाली है. 5 नवंबर को वाराणसी के गंगा घाट पर भव्य रूप में देव दीपावली मनाई गई. लाखों लोगों की भीड़ गंगा घाट पर इकट्ठा हुई थी. 

बताया जा रहा है कि देव दीपावली के ठीक पहले भी गंगा के जलस्तर में बढ़ाव दर्ज किया गया था. गंगा के बढ़ते जलस्तर की वजह से पानी सीढ़ियों के ऊपर की ओर बढ़ता देखा जा रहा है. माना जा रहा है कि अगर इसी तरह से जलस्तर बढ़ता रहा तो कुछ घाटों को संपर्क भी टूट सकता है. 

कई घाटों का आपस में कट सकता है संपर्क

वाराणसी के गंगा घाट के स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर इसी तरह गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी जारी रही तो अगले 24 घंटे में वाराणसी के 84 घाट में से कई घाटों का आपसी संपर्क टूट जाएगा. इसके बाद लोगों का एक घाट से दूसरे घाट पर आवागमन बाधित हो सकता है. 

फिलहाल गंगा के बढ़ते जलस्तर की वजह से स्थानीय लोगों में भी चर्चाओं का दौर तेज हो चुका है. ऐसे में देखना होगा कि अगले 24 घंटे में गंगा के जलस्तर में क्या परिवर्तन देखने को मिलता है. लोगों का कहना है कि अक्सर इस तरह के हालात बारिश के मौसम में देखने को मिलते थे.  

HEALTH : बच्चे को बनाना है जीनियस, तो पैदा होने से लेकर तीन साल तक बिल्कुल न खिलाएं ये चीज

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बच्चों की सेहत को लेकर हमें शुरुआत से काफी ध्यान देने की जरूरत होती है. अगर हम शुरुआत में इन चीजों पर ध्यान नहीं देते हैं, तो ये चीजें हमें आगे चलकर काफी भारी पड़ती हैं.

बचपन में हमें बच्चों को लेकर तमाम चीजों पर ध्यान देने की जरूरत होती है. अगर हम इन बातों पर ध्यान नहीं देते हैं, तो उनकी सेहत पर इसका काफी असर पड़ता है. इन्हीं चीजों में एक यह है कि वे बचपन में क्या खाते-पीते हैं. हमें एक पैरेंट होने के नाते इन बातों पर काफी ध्यान देने की जरूरत होती है. यूके की एक स्टडी में यह निकल कर आया है कि प्रेग्नेंसी और बचपन में अगर चीनी का कम यूज किया जाए, तो यह हमें बाद में चलकर काफी फायदा देता है. चलिए आपको इसके बारे में विस्तार से बताते हैं.

इस रिसर्च में हैरान कर देने वाले आंकड़े निकल कर सामने आए. दरअसल, रिसर्चर ने जब 1950 के दशक की शुरुआत में ब्रिटेन में चीनी राशनिंग के दौर में रह रही मांओं से जन्में बच्चों को स्टडी किया, तो मिला कि उस समय प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं को 40 ग्राम से कम चीनी खाने को मिलती थी और जिन बच्चों की उम्र दो साल से कम होती थी, उन्हें कोई चीनी खाने को नहीं मिलती थी. उनकी सेहत पर पैनी नजर रखकर रिसर्चर को यह मिला कि शुरुआत में कम चीनी खाने के चलते उनकी सेहत में हार्ट की बीमारी के जोखिम काफी कम थे. साइंटिस्ट को मिला कि जिनके बचपन में चीनी का सेवन सीमित था, उनकी हार्ट हेल्थ बेहतर रही. नतीजों में यह भी सामने आया कि ऐसे लोगों में हृदय रोग का खतरा 20 फीसदी कम, दिल का दौरा पड़ने की संभावना 25 फीसदी कम, हृदय गति रुकने का जोखिम 26 फीसदी कम, और स्ट्रोक का खतरा 31 फीसदी कम पाया गया.

अगर बात करें कि चीनी का कम सेवन कैसे आपके बच्चे को चैंपियन बना सकता है, तो यह कुछ ऐसे है कि चीनी का सेवन कम करने से न केवल शुगर और ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियों का खतरा घटता है, बल्कि यह दिल को भी अप्रत्यक्ष रूप से सुरक्षित रखता है. ये दोनों बीमारियां अक्सर हार्ट डिजीज के पीछे की मुख्य वजह मानी जाती हैं.

रिसर्च करने वाले वैज्ञानिकों का कहना है कि यह अध्ययन किसी पक्के कारण और प्रभाव का सबूत तो नहीं देता, लेकिन इसके नतीजे साफ तौर पर दिखाते हैं कि अगर प्रेग्नेंसी और बचपन के शुरुआती सालों में चीनी की मात्रा सीमित रखी जाए, तो इसका असर लंबे समय तक सेहत पर पॉजिटिव असर देखने को मिलता है. हालांकि इन निष्कर्षों को पूरी तरह साबित करने के लिए और शोध की जरूरत है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि रिसर्च सबूत देता है कि जीवन के शुरुआती दौर में सही पोषण आगे चलकर बेहतर हृदय स्वास्थ्य की नींव रखता है.

जर्नलिज्म की दुनिया में करीब 15 साल बिता चुकीं सोनम की अपनी अलग पहचान है. वह खुद ट्रैवल की शौकीन हैं और यही वजह है कि अपने पाठकों को नई-नई जगहों से रूबरू कराने का माद्दा रखती हैं. लाइफस्टाइल और हेल्थ जैसी बीट्स में उन्होंने अपनी लेखनी से न केवल रीडर्स का ध्यान खींचा है, बल्कि अपनी विश्वसनीय जगह भी कायम की है. उनकी लेखन शैली में गहराई, संवेदनशीलता और प्रामाणिकता का अनूठा कॉम्बिनेशन नजर आता है, जिससे रीडर्स को नई-नई जानकारी मिलती हैं.

लखनऊ यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म में ग्रैजुएशन रहने वाली सोनम ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत भी नवाबों के इसी शहर से की. अमर उजाला में उन्होंने बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद दैनिक जागरण के आईनेक्स्ट में भी उन्होंने काफी वक्त तक काम किया. फिलहाल, वह एबीपी लाइव वेबसाइट में लाइफस्टाइल डेस्क पर बतौर कंटेंट राइटर काम कर रही हैं.

बच्चे को बनाना है जीनियस, तो पैदा होने से लेकर तीन साल तक बिल्कुल न खिलाएं ये चीज

ट्रैवल उनका इंटरेस्ट एरिया है, जिसके चलते वह न केवल लोकप्रिय टूरिस्ट प्लेसेज के अनछुए पहलुओं से रीडर्स को रूबरू कराती हैं, बल्कि ऑफबीट डेस्टिनेशन्स के बारे में भी जानकारी देती हैं. हेल्थ बीट पर उनके लेख वैज्ञानिक तथ्यों और सामान्य पाठकों की समझ के बीच बैलेंस बनाते हैं. सोशल मीडिया पर भी सोनम काफी एक्टिव रहती हैं और अपने आर्टिकल और ट्रैवल एक्सपीरियंस शेयर करती रहती हैं.

NATIONAL : बंद पुल पर मौत की रेस, दर्दनाक हादसे में दो लोगों की गई जान

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चेन्नई के रॉयपेट्टा इलाके में मंगलवार रात तेज रफ्तार बाइक रेसिंग मौत में बदल गई. बंद पड़े पुल पर दो बाइकों की जोरदार टक्कर में 19 साल के सुहैल और 49 साल के कुमरन की मौत हो गई, जबकि जोएल गंभीर रूप से घायल हुआ. हादसे के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और पुलिस ने जांच शुरू कर दी है.

चेन्नई में मंगलवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया. यह हादसा रॉयपेट्टा इलाके में बने एक बंद पुल पर हुआ, जहां दो युवकों की तेज रफ्तार मोटरसाइकिलें आपस में टकरा गईं. टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों बाइकें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं और पुल से धुआं उठने लगा.

जानकारी के अनुसार, मृतकों की पहचान 19 साल के सुहैल और 49 साल के कुमरन के रूप में हुई है, जबकि घायल युवक का नाम जोएल बताया जा रहा है. बताया जा रहा है कि सुहैल और जोएल दोनों अपने मोटरसाइकिलों पर रेसिंग कर रहे थे. स्थानीय लोगों ने बताया कि हादसे के बाद पुल से धुआं उठता देख उन्होंने तुरंत पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी. मौके पर पहुंची पुलिस ने तीनों को अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने सुहैल और कुमरन को मृत घोषित कर दिया.

घायल जोएल की हालत गंभीर बताई जा रही है और उसका इलाज जारी है. रॉयपेट्टा पुलिस ने बताया कि जिस पुल पर यह हादसा हुआ वो पिछले कई महीनों से मरम्मत कार्य के कारण यातायात के लिए बंद था. बावजूद इसके कुछ स्थानीय युवक वहां स्टंट और रेसिंग करने पहुंच जाते थे. पुलिस अब मामले की जांच कर रही है और यह भी पता लगा रही है कि बंद पुल पर युवकों की एंट्री कैसे हुई. स्थानीय लोगों ने मांग की है कि इस तरह के बंद पुलों पर सुरक्षा और निगरानी बढ़ाई जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके.

ENTERTAINMENT : सेट पर एक्टर्स के चलते हैं अफेयर्स, फराह खान का खुलासा, बोलीं- माहौल ही बहुत..

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कोरियोग्राफर्स और फिल्ममेकर्स की टॉप लिस्ट में शुमार फराह खान चर्चा में हैं. यूट्यूब चैनल के जरिए ये ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंच चुकी हैं. हाल ही में फराह, ट्विंकल खन्ना और काजोल के शो ‘टू मच’ में नजर आईं. यहां उन्होंने बॉलीवुड इंडस्ट्री से जुड़े कई खुलासे किए.

बॉलीवुड में अगर कोई कोरियोग्राफर और फिल्ममेकर सबसे ज्यादा मशहूर हुआ है तो वो कोई और नहीं बल्कि फराह खान हैं. इन्होंने न सिर्फ डायरेक्शन में अपना हाथ आजमाया है, बल्कि एक्टिंग भी कर चुकी हैं. साल 2012 में फराह ‘शिरीन फरहाद की तो निकल पड़ी’ में नजर आई थीं. हाल ही में ये ट्विंकल खन्ना और काजोल के शो ‘टू मच’ में दिखीं. अपने एक्टिंग करियर को लेकर फराह ने यहां शो में खुलकर बात की. साथ ही ये भी बताया कि सेट पर एक्टर्स के अफेयर चलते हैं, जिसके बारे में किसी को पता नहीं लगता.

फराह ने कहा- सच कहूं तो मुझे नहीं पता मैंने ये क्यों किया था, लेकिन मैं इतना जानती हूं कि मैं फालतू बैठी थी और मेरे पास बोमन ईरानी की कॉल आई थी. संजय लीला भंसाली साहब मेरे घर आए थे और उन्होंने मुझे कहा था कि तुम रोज पूरा दिन सेट पर होती हो और बोमन, फराह के साथ काम करना सही रहेगा.

मैं एक बार एक्ट्रेस बनी थी, उसके बाद मुझे पता चल गया था कि मेरे बस में नहीं एक्टिंग और न ही मैं कर सकती हूं. ये मेरे लिए बना ही नहीं है. मुझे एक्टिंग कुछ खास समझ नहीं आई. आप बस जाओ सेट पर और वेट करो. मैंने बोमन से कहा कि अब मुझे पता लग रहा है कि आखिर एक्टर्स के सेट पर क्यों अफेयर्स चलते हैं. क्योंकि वो बैठे-बैठे बोर हो जाते होंगे. इसलिए कुछ कर ही लो.

ट्विंकल और काजोल के शो पर काफी सारे अफेयर्स की चर्चा हुई. फराह ने ये माना कि उम्र वाले लोग अपना अफेयर छिपाने में काफी अच्छे होते हैं, लेकिन वहीं जो यंग एक्टर्स होते हैं वो अपना अफेयर छिपा नहीं पाते हैं.

बता दें कि फराह खान अपना यूट्यूब चैनल चलाती हैं. इसमें वो अपने कुक दिलीप को भी रखती हैं. रातोरात दिलीप काफी पॉपुलर हो गए. उनकी भी फैन फॉलोइंग बढ़ी है. साथ ही दिलीप को लेकर बीच में खबर आई थी कि उन्होंने यूट्यूब से इतना पैसा कमा लिया है कि वो चार मंजिला घर बनवा रहे हैं. जो कि बिहार में बन रहा है. फराह ने भी दिलीप की सैलेरी बढ़ाई है, ऐसी चर्चाएं भी हो रही थीं.

दिलीप और फराह जो यूट्यूब पर वीडियोज अपलोड करते हैं, उसमें वो एक बारी में एक सेलेब के घर जाते हैं और वहां खाना पकाते हैं. साथ ही घर भी दिखाते हैं. फैन्स को फराह का ये आइडिया काफी पसंद आ रहा है. वो उनके काम की सराहना भी कर रहे हैं.

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