Thursday, April 30, 2026
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BUSINESS : गिरते रुपए ने IndiGo को दिया तगड़ा झटका! सितंबर तिमाही में 2,582 करोड़ रुपए का घाटा

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देश की जानी मानी एयरलाइन कंपनी इंडिगो को सितंबर महीने की तिमाही में भारी नुकसान का सामना करना पड़ा है. कंपनी को कुल 2,582.10 करोड़ रुपए का शुद्ध घाटा हुआ है.देश की जानी मानी एयरलाइन कंपनी इंडिगो को सितंबर महीने की तिमाही में भारी नुकसान का सामना करना पड़ा है. कंपनी को कुल 2,582.10 करोड़ रुपए का शुद्ध घाटा हुआ है. पिछले साल इसी तिमाही के अवधि में भी कंपनी को 986.7 करोड़ रुपए का लॉस हुआ था. हालांकि, कंपनी को जून तिमाही में 2,176.30 करोड़ रुपए का लाभ हुआ था. इंडिगो की पैरेंट कंपनी इंटरग्लोब एविएशन के अनुसार, इस नुकसान की मुख्य वजह डॉलर के मुकाबले रुपए की कीमतों में आई गिरावट है.

रुपए में जारी उतार-चढ़ाव के कारण कंपनी का खर्च बढ़ गया. जिससे कंपनी को नुकसान उठाना पड़ा. एयरलाइन कंपनियों का मुख्य खर्च फ्यूल और एयरलाइन की मरम्मत में होता है. इन दोनों के लिए ही एयरलाइन कंपनियां डॉलर में भुगतान करती है. रुपए की कीमतों में आई गिरावट से कंपनी को अधिक भुगतान करना होता है. जिससे कंपनी का घाटा बढ़ जाता है.

इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स ने जानकारी दी है कि, कंपनी दिसंबर में अपना पहला लॉन्ग रेंज एयरबस A321 XLR विमान की शुरुआत करने वाली है. इसमें 183 इकोनॉमी सीट्स और 12 स्ट्रेच सीट्स होंगी. सीईओ ने बताया कि, इस विमान के शामिल होने से एयरलाइन को इंटरनेशनल नेटवर्क फैलाव में मदद मिलेगी.

साथ ही इंडिगो बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमान को भी डैम्प लीज पर लाने की योजना बना रही है. डैम्प लीज कहने का मतलब है कि, कंपनी आंशिक चालक दल और रखरखाव सेवाओं को लीज पर लेगी.

एल्बर्स ने जानकारी दी है कि, जुलाई के बाद इंडस्ट्री में स्थिरता आई है और अगस्त-सितंबर में रिकवरी देखने को मिली है. घरेलू बाजार में इंडिगो की हिस्सेदारी 64.3 प्रतिशत है, जो भारत में इसे नंबर वन एयरलाइन कंपनी बनाती है. अब कंपनी विदेश के नए रूट्स पर ध्यान केंद्रित कर रही है. जिससे कंपनी को लाभ हो सकता है.

WORLD : पाकिस्तान ने 12 भारतीय हिंदुओं को वाघा बॉर्डर पर रोका, नहीं दी सिखों के साथ जाने की इजाजत

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गुरु नानक देव के प्रकाश पर्व पर भारत से गया सिख श्रद्धालुओं का जत्था पाकिस्तान पहुंचा, लेकिन पाकिस्तानी अधिकारियों ने 12 हिंदू श्रद्धालुओं को वाघा बॉर्डर पर रोक दिया.

गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व के अवसर पर सोमवार (3 नवंबर 2025) को भारत से सिख श्रद्धालुओं का एक जत्था पाकिस्तान रवाना हुआ था. हर साल की तरह इस बार भी करतारपुर साहिब और ननकाना साहिब गुरुद्वारा में दर्शन के लिए यह जत्था भेजा गया था, लेकिन इस बार पाकिस्तान ने हिंदू श्रद्धालुओं को जत्थे के साथ प्रवेश की अनुमति नहीं दी.

अधिकारियों के मुताबिक, सिख जत्थे में शामिल 12 हिंदू श्रद्धालुओं को पाकिस्तानी इमिग्रेशन अधिकारियों ने रोक दिया. वाघा बॉर्डर पर तैनात पाकिस्तानी अधिकारियों ने आपत्ति जताते हुए कहा कि यह जत्था केवल सिख श्रद्धालुओं के लिए है. हिंदू नागरिकों को पाकिस्तान में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा सकती. इसके बाद भारतीय अधिकारियों को उन सभी 12 श्रद्धालुओं को बॉर्डर से वापस भेजना पड़ा.

यह यात्रा खास इसलिए भी थी क्योंकि ऑपरेशन सिंदूर के बाद यह पहला मौका था, जब भारत से सिख श्रद्धालुओं का जत्था पाकिस्तान गया था. इस ऑपरेशन के बाद भारत-पाकिस्तान संबंधों में तनाव बढ़ गया था, लेकिन बावजूद इसके भारतीय श्रद्धालुओं को गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व में शामिल होने की अनुमति दी गई थी.

भारतीय अधिकारियों ने इस घटना पर नाराजगी जताई और इसे धार्मिक भेदभाव का उदाहरण बताया. अधिकारियों ने कहा कि भारत ने कभी किसी देश के श्रद्धालुओं के साथ ऐसा व्यवहार नहीं किया है. यह घटना भारत-पाकिस्तान के धार्मिक यात्राओं के समझौते की भावना के खिलाफ है, जिसके तहत दोनों देश एक-दूसरे के तीर्थयात्रियों को आने-जाने की अनुमति देते हैं. पाकिस्तान की इस कार्रवाई ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या पाकिस्तान धार्मिक यात्राओं को भी राजनीति का हिस्सा बना रहा है?

NATIONAL : Jammu-Kashmir के ऊपरी इलाकों में ताजा बर्फबारी, मौसम विभाग की भविष्यवाणी हुई सही साबित

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मौसम विभाग की भविष्यवाणी सही साबित हुई है. कश्मीर घाटी के ऊपरी इलाकों में ताज़ा बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश हुई, जिससे ठंड बढ़ गई है.

कश्मीर घाटी में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदल गया है. मौसम विभाग (MeT) की भविष्यवाणी इस बार बिल्कुल सटीक साबित हुई है. घाटी के ऊपरी इलाकों में ताजा बर्फबारी हुई है, जबकि मैदानी हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश ने सर्दी बढ़ा दी है.पिछले 12 घंटों के दौरान गुलमर्ग, सोनमर्ग, तंगधार और गुरेज घाटियों सहित कश्मीर के कई ऊंचे इलाकों में हल्की से भारी बर्फबारी हुई. गुलमर्ग स्की रिज़ॉर्ट, जो सर्दियों में सैलानियों के लिए खास आकर्षण रहता है, वहां ताजा बर्फ ने पूरे इलाके को सफेद चादर में ढक दिया है.

रजदान टॉप और फरकिन टॉप जैसे इलाकों में 3 से 5 इंच तक बर्फ गिर चुकी है, जबकि सदनाह और गुरेज के कुछ हिस्सों में 6 इंच तक बर्फ जम गई है.

एक स्थानीय अधिकारी ने बताया कि मंगलवार रात फिसलन भरी सड़कों के कारण कई गाड़ियां फंस गईं, लेकिन राहतकर्मियों की मदद से सभी यात्रियों को सुरक्षित बचा लिया गया.लगातार बर्फबारी और फिसलन भरी सड़कों की वजह से कई रूटों पर ट्रैफिक को अस्थायी तौर पर रोका गया है. कुपवाड़ा, गुरेज और जोजिला एक्सिस में सड़कों को सुरक्षा कारणों से बंद कर दिया गया है.

जहां पहाड़ी इलाके बर्फ की चादर में लिपटे हैं, वहीं घाटी के मैदानी हिस्सों में देर शाम तक रुक-रुककर बारिश होती रही. बारिश के साथ कई जगहों पर तेज़ हवाएं भी चलीं, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई. लोगों ने बताया कि मंगलवार शाम से ही ठंडक बढ़ने लगी थी, और अब सर्दी का असर महसूस होने लगा है.

मौसम विभाग ने सोमवार को ही चेतावनी दी थी कि 4 और 5 नवंबर के बीच ऊंचे इलाकों में हल्की बारिश और बर्फबारी हो सकती है. मंगलवार शाम को विभाग ने एक एडवाइजरी जारी करते हुए कहा था कि कुछ जगहों पर गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं की संभावना है, इसलिए लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है.

MeT श्रीनगर के निदेशक मुख्तार अहमद ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के कारण यह बदलाव हुआ है. उन्होंने कहा, “बुधवार आधी रात के बाद मौसम में सुधार होगा. इसके बाद 17 नवंबर तक मौसम के सूखे और साफ रहने की उम्मीद है.”गौरतलब है कि गुलमर्ग में इस सीजन की पहली बर्फबारी 6 अक्टूबर को हुई थी. अब एक महीने बाद फिर से हुई बर्फबारी ने सैलानियों में उत्साह बढ़ा दिया है. पर्यटन कारोबारियों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में तापमान और गिरने से सर्दियों का सीजन जल्दी शुरू हो जाएगा, जिससे पर्यटन को रफ्तार मिलेगी.

ENTERTAINMENT : ‘बाहुबली: द एपिक’ उड़ा रही गर्दा, 5वें दिन राजकुमार राव और तृप्ति डिमरी की फिल्म को भी नहीं बख्शा, जानें-5 दिनों का टोटल कलेक्शन

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प्रभास, राणा दग्गुबाती, अनुष्का शेट्टी और तमन्ना भाटिया स्टारर ‘बाहुबली: द एपिक’ 31 अक्टूबर को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी. इस एडिट वर्जन की शुरुआत अच्छी हुई थी और इसने ओपनिंग वीकेंड पर भी बॉक्स ऑफिस पर अच्छा परफॉर्म किया. लेकिन वीकडेज में एंट्री करते ही इसकी कमाई को करारा झटका लगा है. जानते हैं ‘बाहुबली: द एपिक’ ने रिलीज के 5वे दिन यानी मंगलवार को कितना कलेक्शन किया है?

‘बाहुबली: द एपिक’ की कमाई में सोमवार से गिरावट देखी जा रही है. हालांकि इस फिल्म ने मजबूत शुरुआत की थी. गुरुवार के प्रीमियर शो से इसने 1.15 करोड़ रुपये और शुक्रवार को 9.65 करोड़ रुपये कमाए थे. इसके बाद दूसरे दिन शनिवार को इसकी कमाई 7.25 करोड़ रुपये रही. फिर रविवार को ‘बाहुबली: द एपिक’ ने 6.3 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया था.हालांकि, चौथे दिन (सोमवार) को ये फिल्म मंदी का शिकार हो गई और इसने बस 1.65 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया.’बाहुबली: द एपिक’ के वर्ल्डवाइड कलेक्शन की बात करें तो इसने 41.85 करोड़ की कमाई कर ली है. इस मूवी के क्रेज को देखते हुए लग रहा है कि आने वाले दिनों में ये रफ्तार पकड़ सकती है.

‘बाहुबली: द एपिक’ की कमाई वीकडेज में बेशक घट गई है लेकिन ये कई फिल्मों को मात भी दे रही है. फिलहाल इसने सिद्धांत चतुर्वेदी की धड़क 2 के लाइफटाइम नेट कलेक्शन 24.24 करोड़ को पीछे छोड़ दिया है. इसी के साथ इसने राजकुमार राव की गैंगस्टर ड्राम मालिक के 26.36 करोड़ के कलेक्शन को भी मात दे दी है. अब देखने वाली बात होगी की अपने दूसरे वीकेंड तक ये फिल्म और कितनी मूवीज को धूल चटा पाती है.

यह दोनों बाहुबली फिल्मों बाहुबली: द बिगिनिंग (2015) और बाहुबली 2: द कन्क्लूजन (2017) का कंबाइंड वर्जन है. कुल मिलाकर 5 घंटे से ज़्यादा लंबी इस फिल्म की ड्यूरेशन को घटाकर 3 घंटे 44 मिनट किया गया है. रीमास्टरिंग प्रोसेस के दौरान फिल्म में विजुअल्स और साउंड रिलेटेड सुधार भी किए गए, कुछ हिस्सों को काटा या हटाया गया है,.

SPORTS : अमनजोत कौर ने तोड़ी चुप्पी, वर्ल्ड कप जीत के बाद दादी की मौत की अफवाह पर दिया करारा जवाब

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वर्ल्ड कप फाइनल में भारत को जीत दिलाने वाली अमनजोत कौर ने अपनी दादी की मौत की अफवाह पर चुप्पी तोड़ी है. उन्होंने कहा कि मेरी दादी बिल्कुल ठीक हैं, कृपया झूठी खबरें न फैलाएं.

भारत की वर्ल्ड कप हीरो अमनजोत कौर हाल ही में एक झूठी खबर की वजह से सुर्खियों में आ गईं. सोशल मीडिया पर यह अफवाह तेजी से फैली कि वर्ल्ड कप फाइनल के बाद उनकी दादी का निधन हो गया है, लेकिन खुद अमनजोत ने आगे आकर इन सभी खबरों को पूरी तरह झूठा बताया है. उन्होंने अपने फैन्स से ऐसी गलत जानकारी पर भरोसा न करने की अपील की.

2 नवंबर को नवी मुंबई के डीवाई पाटिल स्टेडियम में खेले गए महिला वनडे वर्ल्ड कप फाइनल में भारत ने साउथ अफ्रीका को 52 रनों से हराकर इतिहास रचा. मुकाबले के दौरान एक वक्त ऐसा था जब साउथ अफ्रीका की कप्तान लौरा वूलवार्ट (Laura Wolvaardt) शानदार शतक (नाबाद 101) बनाकर मैच का रुख पलटती नजर आ रही थी.

उसी वक्त अमनजोत कौर ने सीमारेखा पर एक ऐसा कैच पकड़ा जिसने पूरे खेल का रुख बदल दिया. वूलवार्ट के शॉट पर अमनजोत ने शानदार छलांग लगाकर हवा में गेंद लपकी और भारत को वह विकेट दिलाया जिसने टीम को जीत की ओर धकेल दिया.

भारत की जीत के बाद अमनजोत के पिता भूपिंदर सिंह ने बताया कि टूर्नामेंट के दौरान परिवार के लिए मुश्किल वक्त था. उन्होंने कहा, “मेरी मां भगवंती जी को हार्ट अटैक आया था, लेकिन हमने अमनजोत को यह बात नहीं बताई ताकि वह अपने गेम पर ध्यान दे सके.”भूपिंदर सिंह ने बताया कि उनकी मां ही वो इंसान थी जिन्होंने अमनजोत के क्रिकेट सफर की शुरुआत में उनका साथ दिया. उन्होंने कहा, “जब मैं वर्कशॉप में काम पर होता था, तो मां घर के बाहर बैठकर अमनजोत को पार्क में लड़कों के साथ क्रिकेट खेलते हुए देखा करती थी.”

पिता के बयान के बाद सोशल मीडिया पर कुछ वेबसाइट्स ने गलत खबर फैला दी कि अमनजोत की दादी का निधन हो गया है. इस पर अमनजोत ने एक्स (Twitter) और इंस्टाग्राम पर पोस्ट कर लिखा, “हे, बस सभी को बताना चाहती हूं कि मेरी दादी पूरी तरह स्वस्थ हैं. कृपया इस तरह की झूठी खबरों पर विश्वास न करें या उन्हें फैलाएं नही. उन सभी का धन्यवाद जिन्होंने चिंता जताई.” उन्होंने आगे लिखा, “मेरी 90s किड दादी बिल्कुल फिट और फाइन हैं.”

UP : जिंदगी और मौत से जूझ रहा मिर्जापुर का मासूम विनायक! इलाज के लिए चाहिए ₹9 करोड़ का इंजेक्शन, परिवार ने मांगी मदद

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यूपी के मिर्जापुर निवासी आलोक द्विवेदी का 14 माह का बेटा विनायक, दुर्लभ बीमारी ‘स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी’ से जूझ रहा है. डॉक्टरों ने इलाज के लिए ₹9 करोड़ के ‘जोलगेन्स्मा’ इंजेक्शन की जरूरत बताई है. प्राइवेट नौकरी करने वाले पिता ने इतनी बड़ी रकम जुटाने के लिए सोशल मीडिया से मदद मांगी है.

उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर निवासी आलोक द्विवेदी का 14 माह का बेटा विनायक दुर्लभ बीमारी ‘स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी’ से जूझ रहा है. नई दिल्ली एम्स के डॉक्टरों ने 9 करोड़ रुपये के ‘ज़ोलगेन्स्मा’ इंजेक्शन की जरूरत बताई है. आर्थिक रूप से कमजोर परिवार ने अपने बच्चे के इलाज के लिए अब सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों से मदद की गुहार लगाई है. स्थानीय विधायक ने भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा है.

आपको बता दें कि मिर्जापुर के करजी गांव, जमालपुर के रहने वाले आलोक कुमार द्विवेदी और प्रतिभा द्विवेदी अपने बेटे विनायक के इलाज के लिए संघर्ष कर रहे हैं. विनायक को दुर्लभ स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी (SMA) बीमारी है. इस बीमारी का पता हाल ही में नई दिल्ली के एम्स (AIIMS) में चला. विनायक इस समय वाराणसी में परिवार के साथ रहता है, जबकि मूल रूप से मिर्जापुर का निवासी है. डॉक्टरों ने 9 करोड़ रुपये के महंगे Zolgensma Injection को दो साल के भीतर लगाना अनिवार्य बताया है. आर्थिक रूप से कमजोर परिवार ने यह बड़ी राशि जुटाने के लिए अब सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों से मदद मांगी है.

आलोक द्विवेदी वाराणसी में एक प्राइवेट कंपनी में काम करके परिवार का पालन-पोषण करते हैं. 2020 में शादी के तीन साल बाद विनायक का जन्म हुआ. जैसे-जैसे बच्चा बड़ा हुआ, उसमें बीमारी के लक्षण दिखने लगे. शुरुआत में आलोक ने विनायक का इलाज वाराणसी में करवाया, फिर लखनऊ के संजय गांधी पीजीआई (SGPGI) में भी दिखाया, लेकिन राहत नहीं मिली. आखिर में जब वे नई दिल्ली के एम्स पहुंचे, तब परीक्षण के बाद डॉक्टरों ने बताया कि विनायक को यह गंभीर और दुर्लभ बीमारी है, जिसके इलाज में करोड़ों का खर्च आएगा.

विनायक की मां प्रतिभा ने अपनी बात रखते हुए कहा, “हमारे बच्चे को स्पाइनल मस्कुलर बीमारी हो गई है. जिसके इलाज के लिए एम्स के डॉक्टरों ने एक इंजेक्शन लगाने की बात कही है. जिसका खर्च 9 करोड़ रुपये है. आप सब से मदद की अपील है.” डॉक्टरों के अनुसार, विनायक को ‘जोलगेन्स्मा इंजेक्शन’ नामक इंजेक्शन दो साल के भीतर लगना जरूरी है. माता-पिता ने कहा कि इतनी बड़ी धनराशि उनके पास नहीं है और उनका बच्चा आम बच्चों की तरह जीवन नहीं जी सकता है, इसलिए वे लोगों से आर्थिक सहयोग मांग रहे हैं.

वहीं, इस मामले में स्थानीय मड़िहान विधायक रमाशंकर सिंह पटेल भी मदद के लिए आगे आए हैं. उन्होंने बच्चे के इलाज हेतु मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक पत्र लिखा है. पत्र में विधायक ने बच्चे के इलाज में अनुमानित 1.7 मिलियन USD (लगभग 16 करोड़ रुपये) खर्च होने की बात कही है और मुख्यमंत्री से इस मासूम के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करने की अपील की है. फिलहाल, परिवार को अब सरकार और समाज से मदद की उम्मीद है.

ENTERTAINMENT : प्रियंका चोपड़ा ने हैदराबाद की सड़कों से शेयर की फोटोज, कैप लगाए दिखीं कूल

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प्रियंका चोपड़ा ने सोशल मीडिया पर हैदराबाद की सड़कों से फोटो शेयर की है. वो फिल्म एसएसएमबी29 में नजर आएंगी. फिल्म में महेश बाबू मेल लीड में हैं.एक्टर प्रियंका चोपड़ा इन दिनों प्रोफेशनल लाइफ को लेकर खबरों में हैं. वो फिल्म एसएसएमबी 29 में नजर आएंगी. इस फिल्म को एसएस राजामौली ने बनाया है. वहीं फिल्म में महेश बाबू लीड रोल में हैं. प्रियंका फिलहाल इंडिया में हैं.

हाल ही में एक्ट्रेस ने इंस्टा स्टोरी पर हैदराबाद की सड़कों से एक वीडियो शेयर किया है. उन्होंने फ्लाइट की झलक दिखाई. एक सेल्फी भी क्लिक की. इसमें वो ग्रे कलर के कपड़ों में दिख रही हैं. उन्होंने कैप भी लगाई हुई है और चश्मा भी लगाया है. इसके कैप्शन में उन्होंने लिखा- हैदराबाद की सड़कों से.बता दें कि बुधवार को हैदराबाद के एयरपोर्ट पर प्रियंका को कुछ लोगों से मिलते हुए देखा गया था. एक्ट्रेस ने कैजुअल कपड़े पहने थे. वो अपनी के लोगों के साथ एयरपोर्ट से निकलती दिखी थीं. बता दें कि प्रियंका इस फिल्म के लिए कई बार हैदराबाद आई हैं.

हाल ही में प्रियंका, महेश बाबू और एसएस राजामौली को एक्स पर इंटरैक्ट करते हुए देखा गया था. महेश ने लिखा था- नवंबर हो गया है एसएस राजामौली. आपने हमसे वादा किया था कि नवंबर में कुछ होगा. अपने बातों को पूरा कीजिए. इस पर एसएस राजामौली ने जवाब दिया- ये बस अभी शुरू हुआ है, महेश. हम धीरे-धीरे रिवील करेंगे. इसके बाद महेश प्रियंका को टैग करते हैं और कहते हैं कि वो हैदराबाद से कई फोटोज और वीडियोज शेयर करती रहती हैं. इस पर प्रियंका लिखती हैं- हैलो, हीरो आप चाहते हैं कि मैं सेट से वो सारी स्टोरीज लीक करूं जो आपने मेरे साथ शेयर की थी.

बता दें कि रिपोर्ट्स हैं कि 15 नवंबर को फिल्म से जुड़ा एक इवेंट होने वाला है. इस दिन राजामौली पूरी स्टारकास्ट के साथ हैदराबाद के रामोजी फिल्म सिटी में फिल्म की पहली झलक दिखाएंगे. इस इवेंट को जियो हॉटस्टार पर देख सकते हैं. ये शाम 6 बजे से लाइव होगा.बता दें कि महेश बाबू और एसएस राजामौली पहली बार साथ काम कर रहे हैं. फिल्म से जुड़ी ज्यादा कुछ डिटेल्स सामने नहीं आई हैं. बस प्रियंका इसमें फीमेल लीड निभा रही हैं. इसके अलावा प्रियंका को सिटाडेल के दूसरे सीजन में भी देखा जाएगा. वो द ब्लफ में भी नजर आएंगी.

NATIONAL : न दुल्हन की मांग में सिंदूर, न सात फेरे, फिर भी हो गई शादी… झांसी सामूहिक विवाह में रस्में बनीं दिखावा

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झांसी जिले में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 283 जोड़ों की शादी में बड़ी अनियमितता सामने आई है. सरकारी लाभ के लालच में कई जोड़ों ने न सात फेरे लिए और न ही मांग में सिंदूर भरा. नेहा राजपूत जैसी दुल्हनों ने रस्में पूरी न होने की बात कही, जबकि रुचि और राहुल जैसे जोड़े सवाल सुनते ही भाग खड़े हुए.

यूपी के झांसी में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत हुए भव्य समारोह में 283 जोड़ों की शादी कराई गई. बाहर से सब कुछ सुनियोजित दिखा, लेकिन मंडप के अंदर की हकीकत चौंकाने वाली थी. कई जोड़ों ने न सात फेरे लिए और न ही मांग में सिंदूर भरा गया. सरकारी ‘लाभ’ (1 लाख रुपये की सहायता) के लालच में कई शादियां दोबारा रचाई गईं, जबकि कुछ जोड़े मीडिया के सवाल सुनते ही भाग खड़े हुए.

सामूहिक विवाह समारोह का बाहरी दृश्य भव्य था, लेकिन अंदर का नजारा अलग था. 247 हिंदू और 36 मुस्लिम जोड़ों ने भाग लिया. कई दूल्हे-दुल्हन न तो सात फेरे ले रहे थे और न ही दुल्हन की मांग में सिंदूर भरा जा रहा था. दुल्हन नेहा राजपूत ने बताया, “पंडित जी ने न ही मांग भराई न ही फेरे लगवाए.”

सूत्रों के अनुसार, अधिकांश जोड़ों की असली शादी कुछ दिनों बाद होनी है, लेकिन वे सरकारी योजना का लाभ पाने के लिए इस समारोह में शामिल हुए. हद तो तब हुई जब अशोक और रजनी नामक एक जोड़े का 5 महीने पहले (11 मई 2025) हुई शादी का कार्ड सामने आया. सरकारी पैसे की लालच में इन्होंने दोबारा शादी रचाई. रजनी के माता-पिता ने पहले शादी कल ही होने की बात कही, लेकिन कार्ड देखने पर उनकी बोलती बंद हो गई. बताया जा रहा है कि 7 से 8 जोड़े ऐसे थे जिनकी शादी पहले हो चुकी थी.

जिला समाज कल्याण अधिकारी ललिता यादव ने इसे ‘गरीब परिवारों के लिए वरदान’ बताया. उन्होंने 1 लाख की सहायता राशि का जिक्र किया, जिसमें 60000 नकद और 25000 का सामान (कपड़े, बर्तन, गहने) मिलता है. जब उनसे रस्में पूरी न होने पर सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा, “यहां सब कुछ नियमों के अनुसार हो रहा है, सभी कन्याओं की मांग भरी जा रही है.” हालांकि, बाद में मीडिया रिपोर्ट सामने आने पर आनन-फानन में रस्में पूरी कराई गईं, लेकिन फिर भी कई जोड़े बिना रस्में पूरी किए ही चले गए.

MUMBAI : ‘मैं तुम्हारा नौकर नहीं’, खाना लाने से मना करने पर दोस्तों ने ही टैक्सी ड्राइवर को मार डाला

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मुंबई के साकीनाका में दोस्तों ने टैक्सी ड्राइवर जावेद खान की पीट-पीटकर हत्या कर दी. खाना लाने से इंकार पर बढ़े विवाद में एक आरोपी गिरफ्तार हुआ है, जबकि तीन अब भी फरार हैं.मुंबई के साकीनाका इलाके में एक टैक्सी ड्राइवर की उसके ही चार दोस्तों ने बेरहमी से हत्या कर दी. हत्या की वजह जानकर हर कोई हैरान रह गया, क्योंकि यह मामला दोस्ती जैसे भरोसेमंद रिश्ते पर एक बड़ा सवाल खड़ा करता है.

पुलिस ने एक आरोपी को मौके से गिरफ्तार कर लिया है, जबकि 3 फरार हैं. घटना 4 नवंबर तड़के उस समय हुई जब मृतक ने रोजाना की तरह खाना लाने से मना कर दिया. बस इतनी सी बात पर उसकी हत्या कर दी जाती है. सभी आरोपी और मृतक उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के रहने वाले हैं और मुंबई में साथ ही रहते थे.

पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान 42 वर्षीय जावेद अहमद खान के रूप में हुई है, जो पेशे से टैक्सी ड्राइवर था. वह साकीनाका के जरिमरी इलाके में अपने चार दोस्तों के साथ किराए के कमरे में रहता था। सभी पांचों प्रतापगढ़ के रहने वाले और टैक्सी चलाने का काम करते थे. इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान 27 वर्षीय शहबाज खान के रूप में हुई है. पूछताछ में शहबाज ने बताया कि वे लोग रोजाना पास के होटल से खाना मंगाते थे और जो भी पहले घर पहुंचता, वही खाना लाता था. पिछले तीन दिनों से जावेद ही यह काम कर रहा था.

सोमवार देर रात करीब 1 बजे सभी दोस्त कमरे पर पहुंचे तो खाना लाने को लेकर बहस शुरू हो गई. जावेद ने गुस्से में कहा, “मैं तुम्हारा नौकर नहीं हूं जो रोज खाना लाऊं, कभी तुम भी जल्दी आओ.” इसी बात पर विवाद बढ़ गया. पुलिस के मुताबिक शहबाज और उसके साथियों ने गुस्से में लकड़ी का डंडा उठाकर जावेद के सिर पर वार किया और लात-घूंसों से उसकी पिटाई कर दी.

झगड़े के दौरान जावेद बेहोश होकर गिर पड़ा और उसके सिर से खून बहने लगा. शोर सुनकर पड़ोसी जमा हुए और उसे अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. डीसीपी दत्ता नलावडे ने बताया कि पुलिस ने आरोपी शहबाज को घटनास्थल से ही गिरफ्तार कर लिया, जबकि तीन अन्य आरोपी फरार हैं. उन्हें पकड़ने के लिए चार टीमें बनाई गई हैं और रेलवे टर्मिनस सहित संभावित ठिकानों पर नजर रखी जा रही है. पुलिस तकनीकी सहायता लेकर फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है.

NATIONAL : बदरीनाथ धाम में सीजन की पहली बर्फबारी, उत्तराखंड में बढ़ी सर्दी- पर्वतीय जिलों के लिए अलर्ट

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शाम के सबमय बदरीनाथ धाम के आसपास की चोटियों पर हल्की बर्फबारी शुरू हुई,तापमान गिरने से धाम में ठिठुरन बढ़ गई.श्रद्धालुऔर यात्री धर्मशालाओं व होटलों में अलाव जलाकर खुद को गर्म रख रहे हैं.

उत्तराखंड में मौसम ने एक बार फिर करवट बदल ली है, मंगलवार को बदरीनाथ धाम की ऊंची चोटियों पर सीजन की ताजा बर्फबारी हुई, जबकि निचले क्षेत्रों में दिनभर बादल छाए रहे. मौसम में आए इस बदलाव से धाम में कड़ाके की ठंड बढ़ गई है. स्थानीय लोगों के साथ श्रद्धालु भी ठंड से राहत पाने के लिए अलाव का सहारा ले रहे हैं.

शाम के समय बदरीनाथ धाम के आसपास की चोटियों पर हल्की बर्फबारी शुरू हुई, अचानक तापमान गिरने से धाम में ठिठुरन बढ़ गई. श्रद्धालु और यात्री धर्मशालाओं व होटलों में अलाव जलाकर खुद को गर्म रख रहे हैं, बर्फीली हवाओं ने पूरे क्षेत्र में सर्दी का अहसास बढ़ा दिया है.

वहीं, मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून ने राज्य के पर्वतीय जिलों के लिए पूर्वानुमान जारी किया है. केंद्र के अनुसार, उत्तरकाशी, चमोली, टिहरी, बागेश्वर, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ जिलों के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना बनी हुई है. मौसम विभाग ने कहा कि 4000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हो सकती है.

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बारिश और बर्फबारी के चलते राज्य के पर्वतीय इलाकों में शीतलहर का असर और बढ़ सकता है. सुबह और शाम के समय लोगों को कड़ाके की ठंड परेशान कर सकती है. हालांकि, विभाग के अनुसार 6 से 8 नवंबर तक प्रदेशभर में मौसम शुष्क रहने की संभावना है. उधर, मैदानी इलाकों विशेष रूप से देहरादून और हरिद्वार में कोहरा छाने से दृश्यता प्रभावित हो सकती है और तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी.

मौसम के इस अचानक बदलाव से यात्रियों को यात्रा के दौरान सतर्क रहने और पर्याप्त गर्म कपड़े साथ रखने की सलाह दी गई है. इसके साथ ही सभी जिलों में आपदा प्रबंधन टीम को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं.

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