Monday, May 11, 2026
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ENTERTAINMENT : 25 साल बाद भी चलेगा ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ का जादू…

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‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2’ का पहला प्रोमो आ चुका है और सोशल मीडिया पर फैन्स में इस शो की वापसी के लिए जबरदस्त उत्साह नजर आ रहा है. मगर इस उत्साह के साथ ही एक सवाल भी उठ रहा है- क्या नई शुरुआत करने जा रहा ये शो फिर से जनता को पहले की तरह इम्प्रेस कर पाएगा?

साल 2000 में वो जुलाई का ही महीना था जब स्मृति ईरानी ने हिंदी टीवी दर्शकों को पहली बार अपने आइकॉनिक अंदाज में ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ के वीरानी परिवार से मिलवाया था. इस परिवार में रूप बदलते, नए-नए सांचों में ढलते रिश्तों की कहानी ने दर्शकों के दिल में ऐसी जगह बनाई कि उनका शो एक ही साल में अमिताभ बच्चन के गेम शो ‘कौन बनेगा करोड़पति’ को पीछे छोड़कर, देश का सबसे पॉपुलर टीवी शो बन गया. 2008 में जब ये शो खत्म हुआ तो टीवी दर्शकों के लिए एक पूरा दौर खत्म हो गया.

अब अपने डेब्यू के 25 साल बाद ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ टीवी पर दूसरी पारी शुरू करने जा रहा है. स्मृति ईरानी फिर से तुलसी वीरानी बनकर स्क्रीन पर आने वाली हैं. ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2’ का पहला प्रोमो आ चुका है और सोशल मीडिया पर फैन्स में इस शो की वापसी के लिए जबरदस्त उत्साह नजर आ रहा है. मगर इस उत्साह के साथ ही एक सवाल भी उठ रहा है- क्या नई शुरुआत करने जा रहा ये शो फिर से जनता को पहले की तरह इम्प्रेस कर पाएगा?

इस सवाल का जवाब तो पॉजिटिव है. ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2’ एक बार फिर से जनता पर जादू कर सकता है और ऐसा मानने की कई बड़ी वजहें भी हैं, चलिए बताते हैं…

‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ ने 25 साल पहले जिस तरह टीवी पर राज किया, उसके सबूत लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में भी दर्ज हैं. ये भारतीय टीवी पर पहला शो था जिसने 1000 एपिसोड्स का लैंडमार्क पार किया था. लगातार सात सालों तक इस शो की टीआरपी डबल डिजिट्स में रही थी. इस शो की पीक टीआरपी 22.4 थी जबकि आजकल 2.5 टीआरपी वाले शोज नंबर वन कहलाते हैं.

टीवी पर व्यूअरशिप के रिकॉर्ड से इतर, हर घर में ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ की पैठ ही अलग थी. बड़े बजट में बने ग्रैंड सेट्स, एक ही हवेलीनुमा घर में घटती कहानी, अचानक मरते और मरकर जिंदा हो जाते किरदारों के ट्विस्ट और पारिवारिक मूल्यों के साथ अपने आत्मसम्मान को बैलेंस करती फीमेल लीड… ये टेम्पलेट भारतीय टीवी को ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ ने ही दिया था. आज की तारीख में ‘अनुपमा’ जैसे शोज इसी टेम्पलेट को फॉलो करते हैं.

इस शो के किरदार, खासकर स्मृति ईरानी के लीडिंग किरदार, तुलसी वीरानी की पॉपुलैरिटी इतनी जबरदस्त थी कि वो एक समय किसी भी फिल्म स्टार की पॉपुलैरिटी को टक्कर देती थीं. अब जब ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ फिर से लौट रहा है तो बहुत से लोगों के लिए ये उस बीते दौर को एक बार फिर से जीने का मौका लेकर आ रहा है.

तुलसी वीरानी के किरदार ने स्मृति ईरानी को घर-घर में वो पहचान दिलाई थी जो उनके राजनीतिक करियर में भी काम आई. अपने राजनीतिक करियर को पूरा वक्त देने के लिए जब उन्होंने एक्टिंग से किनारा किया था तब भी लोग उन्हें टीवी पर फिर से देखने की इच्छा जताते रहते थे. अब स्मृति 16 साल बाद टीवी पर वापिस लौट रही हैं. उनका आखिरी टीवी शो 2009 में आया शो ‘मणिबेन डॉट कॉम’ था.

इन 16 सालों में जनता स्मृति का एक बिल्कुल अलग अवतार देख चुकी है. मगर उन्हें पहले टीवी पर देख चुके दर्शक एक बार फिर से देखना चाहेंगे कि अब उनकी एक्टिंग में कितनी धार बची है. ऊपर से एकता कपूर के साथ स्मृति का कॉम्बिनेशन पहले भी आइकॉनिक रहा है. अब एकता के ही ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2’ के साथ स्मृति की वापसी भी शो देखने की एक बड़ी वजह बनेगी.

बालाजी टेलेफिल्म्स के जरिए एकता कपूर ने हिंदी टीवी को बार-बार बदला है और हर बार एक नया ट्रेंड सेट किया है. पिछले कुछ सालों में ‘जमाई राजा’ और ‘पवित्र रिश्ता’ जैसे कई पॉपुलर टीवी शोज, टीवी छोड़कर ओटीटी पर पहुंच चुके हैं. मगर ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ को एकता टीवी पर ही लेकर आ रही हैं.

इस बात में खुद ये मैसेज छुपा है कि वो फिर से दर्शकों की टीवी देखने की आदत को वापस लाना चाहती हैं. एक प्रोड्यूसर के तौर पर एकता जब भी कुछ नया लेकर आती हैं तो कभी नए एक्सपरिमेंट करने और जनता को सरप्राइज करने से नहीं चूकतीं. ऐसे में ‘क्योंकि भी कभी बहू थी 2’ अपने आप में एक एक्साइटिंग शो बन जाता है.

बार्क इंडिया की 2018 की एक रिपोर्ट में सामने आया था कि 98% भारतीय घरों में एक ही टीवी है. यानी अधिकतर घरों में टीवी साथ बैठकर देखा जाता है, इसे को-व्यूअरशिप कहा जाता है. इसी रिपोर्ट में एक डाटा यह भी था कि को-व्यूअरशिप में 52% हिस्सा जनरल एंटरटेनमेंट चैनलों का था. टीवी देखने वाले दर्शकों में अधिकतर 31 से 50 साल की उम्र वाले लोग हैं.

आज की तारीख में इस उम्र के लोगों में अभी भी ‘क्योंकि सास भी कभी बहू’ थी की यादें पाई जाती हैं. आज के मीम कल्चर में इस शो से जुड़े मीम इस्तेमाल होने की वजह भी यही है कि इसके किरदार, कहानी के ट्विस्ट और कई बड़े मोमेंट आज भी लोगों की याद्दाश्त में जिंदा हैं. ये पूरा दर्शक वर्ग ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ की वापसी को पहले एपिसोड से ही देखने के लिए तैयार बैठा मिलेगा.

बीते 5 सालों में ओटीटी ने जबरदस्त पॉपुलैरिटी के साथ ही व्यूअरशिप की कमी भी देख ली है. अब वो दौर आ गया है कि अमेजन प्राइम जैसे प्लेटफॉर्म महंगे सब्सक्रिप्शन के बावजूद दर्शकों को ऐड दिखाने लगे हैं. ऊपर से ओटीटी पर केवल गिने चुने शोज ही ऐसे हैं जो परिवार के साथ बैठकर सुकून से देखे जा सकते हैं. जबकि टीवी अभी भी कम खर्च में पूरे परिवार को मनोरंजन देने वाला साधन है.

पिछले कुछ सालों में टीवी पर ऐसे फैमिली शोज की कमी हुई है जो पूरे परिवार को एक साथ बिठा सकें. ‘अनुपमा’, ‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’ और ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ जैसे कुछ शोज ही फैमिली टीवी व्यूअरशिप बचाए हुए हैं. ये कमी ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ पूरी कर सकता है. एकता कपूर का शो पहले भी ये कमाल करके दिखा चुका है और अगर इस बार भी ये अच्छी पैकेजिंग के साथ आता है तो एक बार फिर से हर घर से इस शो का टाइटल ट्रैक सुनाई देने लगेगा.

‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ का वीरानी परिवार दर्शकों का फेवरेट परिवार रहा है. 2008 में इस परिवार का टीवी से गायब हो जाना दर्शकों के लिए एक शॉक की तरह था. शो की वापसी के साथ अब जनता में सबसे पहली जिज्ञासा ये होगी कि अब इस परिवार में क्या होगा?

25 साल बाद शो की वापसी हो रही है तो ये भी उम्मीद की जा सकती है कि शो में एक लीप आ सकता है. अबतक वीरानी परिवार में एक नई पीढ़ी बड़ी हो गई होगी. पारंपरिक पारिवारिक सेटअप में उनकी आधुनिकता का एडजस्टमेंट इस बार ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2’ देखने का एक दिलचस्प एंगल हो सकता है.

इस शो के वेलकम का माहौल भी बन चुका है और शो का पिछला रिकॉर्ड भी बहुत दमदार रहा है. अब बस ये देखना है कि 29 जुलाई रात 10 बजकर 30 मिनट पर जब ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2’ का पहला एपिसोड आएगा तो जनता का रिएक्शन इसपर कैसा होगा.

UP: सावन में कांवड़ मार्ग पर शराब की दुकानें खुली रहेंगी या बंद, आबकारी मंत्री ने दिया जवाब

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यूपी के आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल ने कहा है कि कांवड़ यात्रा के दौरान शराब की दुकानों को बंद रखना है या नहीं, इसका निर्णय संबंधित जिलाधिकारी अपने विवेक से लेंगे. इस संबंध में सभी जिलाधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं. मंत्री ने यह भी कहा कि कुछ स्थानों पर पर्दा लगाकर शराब की बिक्री की व्यवस्था की जा सकती है.

सावन में कांवड़ यात्रा को लेकर योगी सरकार ने कई अहम निर्णय लिए हैं. कांवड़ मार्ग पर स्थित सभी मीट और मुर्गे की दुकानों को बंद रखने का फैसला पहले ही किया जा चुका है लेकिन शराब की दुकानों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हुई थी. अब इस पर यूपी के आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल ने कहा है कि कांवड़ यात्रा के दौरान शराब की दुकानों को बंद रखना है या नहीं, इसका निर्णय संबंधित जिलाधिकारी अपने विवेक से लेंगे. इस संबंध में सभी जिलाधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं. मंत्री ने यह भी कहा कि कुछ स्थानों पर पर्दा लगाकर शराब की बिक्री की व्यवस्था की जा सकती है, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत न हों और कानून-व्यवस्था भी बनी रहे.

कांवड़ यात्रा से इतर आबकारी विभाग राज्य में शराब उद्योग को संगठित और निवेश योग्य क्षेत्र के रूप में विकसित करने की दिशा में बड़ा कदम उठा रहा है. उत्तर प्रदेश में पहली बार शराब उद्योग पर केंद्रित एक मेगा इन्वेस्टमेंट समिट का आयोजन हो रहा है. यह सम्मेलन लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित किया जा रहा है, जिसे आबकारी विभाग और इन्वेस्ट यूपी मिलकर आयोजित कर रहे हैं.

आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल ने बताया कि अब तक 142 निवेश प्रस्तावों में से 135 एमओयू साइन हो चुके हैं. इनमें 46 कंपनियां लगभग 7,888 करोड़ रुपये का निवेश कर चुकी हैं. 19 कंपनियों ने उत्पादन शुरू कर दिया है. वहीं 27 कंपनियों के प्लांट निर्माण कार्य प्रगति पर हैं और कई कंपनियों ने 3000 करोड़ रुपये से अधिक निवेश करते हुए प्लांट विस्तार की दिशा में कार्य किया है कुल मिलाकर, अब तक 10,888 करोड़ रुपये का निवेश उत्तर प्रदेश में आ चुका है.

आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल ने बताया कि प्रदेश सरकार ने शराब उद्योग को व्यवस्थित करने और राजस्व में वृद्धि के उद्देश्य से नई आबकारी नीति लागू की है. इसके तहत प्रदेश में 3,171 शराब की दुकानों को बंद किया गया है वहीं, बीयर की दुकानों में 3,392 और विदेशी शराब की दुकानों में 2,799 की वृद्धि हुई है 2,791 देसी शराब की दुकानों को बीयर बेचने की अनुमति दी गई है. सरकार का दावा है कि इन सुधारों के चलते आबकारी विभाग का राजस्व 2016-17 में जहां 14,000 करोड़ रुपये था, वह 2024-25 में बढ़कर 52,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है. राज्य सरकार ने यह भी बताया कि पावर अल्कोहल उत्पादन के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश अब देशभर में सबसे आगे है. जैव ईंधन नीति के तहत यह क्षेत्र राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था और रोजगार सृजन में बड़ी भूमिका निभा रहा है.

इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गाजियाबाद से बिजनौर तक कांवड मार्ग का हवाई सर्वेक्षण करने के बाद यह स्पष्ट कहा था कि कांवड़ यात्रा के दौरान किसी भी तरह का उपद्रव, झगड़ा, विवाद या अव्यवस्था फैलाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा. उन्होंने कहा कि यह राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है कि यात्रा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो और श्रद्धालुओं को कहीं कोई असुविधा न हो. मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जो भी व्यक्ति व्यवस्था में खलल डालने का प्रयास करेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए. साथ ही उन्होंने जोर दिया कि कांवड़ मार्ग पर पुलिस की सतत निगरानी और पर्याप्त बल की तैनाती हो.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिया कि सभी जिलों में कांवड़ मार्ग पर व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए जल्द से जल्द काम किया जाए. सीएम ने कहा कि टेंट, भोजन, पेयजल, स्वास्थ्य सुविधाएं, मोबाइल शौचालय, और एंबुलेंस जैसी व्यवस्थाओं को हर हाल में प्राथमिकता दी जानी चाहिए.. उन्होंने यह भी कहा कि जहां-जहां कांवड़िए रुकते हैं, वहां साफ-सफाई, साफ पेयजल और ठहरने की उचित व्यवस्था होनी चाहिए. साथ ही, यात्रा मार्ग पर उचित विद्युत व्यवस्था, स्ट्रीट लाइट, बैरिकेडिंग और साइनबोर्ड लगाए जाएं ताकि श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो.

ENTERTAINMENT : 32 साल की PAK एक्ट्रेस हुमैरा असगर अली की मौत , घर में 2 हफ्तों तक सड़ता रहा शव

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हुमैरा असगर अली की मौत की खबर ने सभी को हैरान-परेशान कर दिया है. उनकी मौत की खबर आग की तरह फैल गई है. हुमैरा को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं. हालांकि पुलिस ने लोगों को किसी भी तरह की अटकलों से बचने की सलाह दी है.

पाकिस्तानी एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है. एक्ट्रेस हुमैरा असगर अली अपने अपार्टमेंट में मृत पाई गई हैं. हुमैरा 32 साल की थीं. वो कराची स्थित डिफेंस हाउसिंग अथॉरिटी के एक अपार्टमेंट में रहती थीं, जहां उनकी लाश मिली है. माना जा रहा है कि एक्ट्रेस की मौत 2 हफ्ते पहले हो चुकी थी, लेकिन किसी को इसकी खबर नहीं लगी.

हुमैरा असगर अली पाकिस्तानी एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री का जाना-माना नाम थीं. उन्होंने कम उम्र में अपनी पहचान बना ली थी. 7 जुलाई को जब उनकी मौत की खबर आई, तो सभी शॉक्ड रह गए. Images संग बातचीत में साउथ DIG सैयद असद रजा ने बताया कि ‘अली का शव फेज-VI में इत्तेहाद कमर्शियल के एक फ्लैट से बरामद किया गया. उनकी लाश सड़ी-गली अवस्था में दिखी.’ उन्होंने ये भी कहा कि ‘उनकी मौत दो हफ्ते पहले ही हो चुकी थी, लेकिन आस-पास रहने वालों ने इस पर ध्यान नहीं दिया.’

DIG ने कहा कि ‘गिजरी पुलिस स्थानीय अदालत के आदेश पर अपार्टमेंट खाली कराने के लिए मौके पर पहुंची थी. जब पुलिस ने दोपहर 3:15 बजे दरवाजा खटखटाया, तो किसी ने जवाब नहीं दिया. उसके बाद पुलिस ताला तोड़कर अपार्टमेंट के अंदर पहुंची, जहां उनका शव पड़ा मिला. सबूत जुटाने के लिए मौके पर पुलिस की क्राइम सीन यूनिट को बुलाया गया. एक्ट्रेस अपार्टमेंट में किराए पर रह रही थीं. उन्होंने 2024 से मकान मालिक को किराया देना बंद कर दिया था, जिसके बाद अदालत ने उन्हें घर खाली करने का आदेश दिया था.’

उन्होंने आगे कहा कि ‘ऐसा लग रहा था कि शव कई दिन पुराना था. शुरुआती जांच के दौरान मौत के कारण का पता नहीं चल सका. कानूनी कार्यवाही के लिए शव को जिन्ना पोस्टग्रेजुएट मेडिकल सेंटर भेजा दिया गया है.’ पुलिस सर्जन डॉ. सुम्मैया सैयद का कहना है कि ‘शव लगभग सड़ने की एडवांस स्टेज पर था. फिलहाल इसकी जांच चल रही है.’

हुमैरा असगर अली की मौत की खबर ने सभी को हैरान-परेशान कर दिया है. उनकी मौत की खबर को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं. हालांकि पुलिस ने लोगों को किसी भी तरह की अटकलों से बचने की सलाह दी है. पुलिस का कहना है कि ‘जब तक जांच में मौत की वजह का पता नहीं चलता, किसी भी नतीजे पर ना पहुंचे.’ पुलिस एक्ट्रेस के फोन की मदद से उनके परिवार, रिश्तेदारों और दोस्तों का पता लगाने की कोशिश कर रही है.

हुमैरा असगर अली के काम की बात करें, तो उन्हें ARY के रियलिटी शो ‘तमाशा घर’ में देखा गया था. इसके अलावा उन्होंने 2015 में रिलीज हुई फिल्म ‘जलेबी’ में भी काम किया था.

AHMEDABAD : 17वीं मंजिल पर ले जाकर किया नाबालिग बच्ची से रेप , जबरन लिफ्ट में घुसा सिक्योरिटी गार्ड

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अहमदाबाद के शेला में एक नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म मामले में बोपल पुलिस ने 22 साल के सिक्योरिटी गार्ड को गिरफ्तार किया है. सिक्योरिटी गार्ड जबरदस्ती उसे टावर के 17 वी मंजिल यानी टैरेस पर ले गया था. जहां उसने उसके साथ रेप किया.

गुजरात में अहमदाबाद के शेला में 17 साल की नाबालिग के साथ दुष्कर्म मामले में बोपल पुलिस ने 22 साल के सिक्योरिटी गार्ड को गिरफ्तार किया है. राजस्थान स्थित भरतपुर के विनोद रामहरि जाटव के खिलाफ बीएनएस की धारा 64(2)(i), 64(2)(l), 74, 76, 137(2), 351(3), तथा पॉक्सो की धारा 4, 6, 8 के तहत एफआईआर दर्ज करके कानूनी कार्यवाही शुरू की गई है.

शेला में स्थित वैभवी टावर में अपनी माता के साथ 17 साल की नाबालिग घरों में काम किया करती थी लेकिन सोमवार की सुबह जब वह वैभवी टावर में काम करने पहुंची, उस समय सिक्योरिटी गार्ड के तौर पर काम करने वाला विनोद जाटव नाबालिग के साथ जबरदस्ती लिफ्ट में एंटर हो गया और उसको टावर के 17 वी मंजिल यानी टैरेस पर ले गया था. छत पर लॉक होने की वजह से सिक्योरिटी गार्ड विनोद ने लड़की के हाथ दुपट्टे से बांधकर छत की लॉबी में ही उसके साथ दुष्कर्म किया.

लड़की के साथ दुष्कर्म करके आरोपी विनोद मौके से फरार हो गया था. इस मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस वैभवी टावर पहुंची और नाबालिग को अस्पताल पहुंचाया गया. पुलिस ने दुष्कर्मी को गिरफ्तार करने के लिए आसपास के सीसीटीवी खंगालना शुरू किया गया. जिसके बाद पुलिस ने विनोद को उसके रूम से ही दबोच लिया.

अहमदाबाद रूरल के डीवायएसपी नीलम गोस्वामी ने कहा, लिफ्ट के सीसीटीवी में भी सिक्योरिटी गार्ड की हरकतें कैद हुई हैं. लिफ्ट में सिक्योरिटी गार्ड जबरदस्ती एंटर हुआ था और नाबालिग के साथ जबरदस्ती शुरू की थी. इसके अलावा लड़की को पहुंची चोटों की वजह से निकला खून सिक्योरिटी गार्ड के शर्ट पर से मिला है.

बता दें कि, अहमदाबाद के सरखेज में पीड़िता की मां उसके पति और तीन संतानों के साथ रहती है. पति मानसिक विकलांग होने की वजह से बड़ी बेटी के साथ महिला शेला में घरों में काम करके परिवार का गुजारा चलाया करती थी. उस दिन बिल्डिंग के पास भी लड़की अपनी मां के साथ ही गई थी.

BUSINESS : किश्तों के भंवर में फंसा मिडिल क्लास, महंगाई से ज्यादा लोगों को सता रही EMI, ‘ये बड़ा संकट…’

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आज के हाईटेक युग में जहां सारे फाइनेंशियल काम आपके हाथ में मौजूद मोबाइल फोन के जरिए हो जाते हैं, तो तमाम ऐसी सुविधाएं भी मौजूद हैं, जिनसे बड़ी से बड़ी चीज खरीदने के लिए लोगों को अब अपनी जेब का बजट नहीं देखना होता, फिर बात चाहे अपना घर खरीदने की हो या घर में इस्तेमाल होने वाले सामानों की और या फिर अस्पताल में इलाज की, हर चीज अब आसान किस्तों पर उपलब्ध है. लेकिन EMI का ये मददगार लगने वाला विकल्प खासतौर पर मिडिल क्लास के लिए एक बड़ी परेशानी का सबब भी बनता जा रहा है, जो साइलेंट मोड में लोगों की इनकम साफ कर रहा है और उनकी सेविंग्स तक में सेंध लगा रहा है. एक्सपर्ट्स तो यहां तक कह रहे हैं कि फिलहाल महंगाई से ज्यादा लोगों को ये ईएमआई का बोझ सता रहा है.

सिर्फ बड़ी-बड़ी चीजें ही नहीं, अब तो ट्रेन, फ्लेन में सफर की बात हो या फिर रोजमर्रा के इस्तेमाल वाला किराने का सामान आप अपने हिसाब से इसकी EMI बनवा सकते हैं और फिर हर महीने की किस्तों में इसे भर सकते हैं. फाइनेंशियल एक्सपर्ट तपस चक्रवर्ती ने पूरी कैलकुलेशन को समझाते हुए अपने लिंक्डइन पोस्ट में बताया है कि ये किसी ट्रैप से कम नहीं है, जिसके चलते भारत का मिडिल क्लास दबाव में है और ये लेकिन यह सिर्फ बढ़ती कीमतों या ज्यादा टैक्स की वजह से नहीं है, बल्कि ईएमआई के बढ़ते बोझ के चलते है, जो मध्यम वर्ग के परिवारों के लिए एक सबसे बड़ा खतरा बनता जा रहा है.

एक्सपर्ट तपस चक्रवर्ती ने EMI Debt Trap एक सिंपल फॉर्मूले के जरिए समझाया है. उन्होंने लिखा, ‘कमाएं, उधार लें, चुकाएं, फिर दोहराए, कोई बचत नहीं, फिर से स्वाइप करें.’ ये आज के समय में हकीकत भी है और यही कारण है कि देश में क्रेडिट कार्ड के जरिए शॉपिंग में भी जोरदार इजाफा हो रहा है. उन्होंने कहा कि EMI की सुविधा इसलिए शुरू हुई थी और इससे लोगों पर फाइनेंशियल बोझ थोड़ा कम हो सके और उन्हें मदद मिल सके, लेकिन अब ये जीवन का तरीका बन चुका है.

आसान भाषा में समझें, तो अब अपना Credit-Debit Card स्वाइप करें और घर में फ्रिज, एसी, फैंसी सोफा, बेड या जो चाहें ले आएं. बजट की फिक्र नहीं और न कोई वेटिंग. बस एक टैप के जरिए खरीदें और बाद में भुगतान करें. लेकिन यह ‘अभी खरीदें, बाद में भुगतान करें’ वाला जीवन चुपचाप लोगों को कर्ज के जंजाल में फंसाता चला जा रहा है.

आंकड़े भी इस गहराती समस्या की असली तस्वीर पेश करते हैं और बताते हैं कि कैसे अब ये तरीका जीवनशैली का हिस्सा बनता जा रहा है. तपस चक्रवर्ती के मुताबिक, घरेलू ऋण भारत के सकल घरेलू उत्पाद (India GDP) का 42% तक पहुंच गया है. इसमें एक बड़ा हिस्सा 32% से ज़्यादा, क्रेडिट कार्ड, व्यक्तिगत ऋण और ‘Buy Now, Pay Later’ जैसी स्कीम्स से आता है. भारत में बिकने वाले लगभग 70% iPhone EMI पर ही खरीदे जाते हैं. उन्होंने कहा कि लगभग 11% छोटे उधारकर्ता पहले ही Loan नहीं चुका पाए हैं और कई तो एक साथ कई लोन के बोझ तले दबे हुए हैं.

एक्सपर्ट की मानें तो भारत में अब हर पांच में से तीन लोगों के पास अनुमानति एक साथ 3 या उससे ज्यादा लोन हैं. इनकी मंथली EMI पर होने वाला खर्च अक्सर ऐसे लोगों का मासिक बजट गड़बड़ा देता है. ये लोगों में तनाव का स्तर भी बढ़ा रहा है.

EMI बनवाकर सामान या सुविधाएं खरीदने वाले लोगों को हर महीने की किश्तें भले ही छोटी लगें, लेकिन वे जल्दी ही बढ़ती जाती हैं. तपस चक्रवर्ती ने चेतावनी देते हुए समझाया कि मान लीजिए 2,400 रुपये की Phone EMI, 3,000 रुपये की लैपटॉप ईएमआई, 4,000 रुपये की बाइक ईएमआई और 6,500 रुपये का क्रेडिट कार्ड बिल, इन सब को एक साथ देखें, तो हर महीने 25,000 रुपये चले जाते हैं और मिडिल क्लास के लिए ये बड़ा अमाउंट हो सकता है. उन्होंने साफ कहा कि इस ट्रैप के चक्कर में अब, ‘कोई बचत नहीं… कोई सहारा नहीं.. और चीजें बिगड़ रही हैं.’

फाइनेंशियल एक्सपर्ट कहते हैं कि इन छोटी-छोटी किस्तों से बढ़ रहे वित्तीय दबावों से तनाव का स्तर बढ़ रहा है और ये खासकर मध्यम वर्ग के लोगों के लिए काम पर फोकस और प्रोडक्टिविटी को कम करने वाला साबित हो रहा है. उन्होंने कहा कि यह समस्या व्यक्तिगत परिवारों से परे संभावित रूप से देश की इकोनॉमिक ग्रोथ को भी कम कर रही है, क्योंकि कम बचत का मतलब है कम निवेश.

EMI के जाल में फंसे लोगों की इनकम का एक बड़ा हिस्सा किश्तें चुकाने में चला जाता है और वे सेविंग्स करने में नाकाम हो जाते हैं. कम बचत का मतलब है कि परिवार निवेश नहीं कर सकते या भविष्य के लिए योजना नहीं बना सकते. इसके अलावा ज्यादा कर्ज का मतलब है कि भुगतान डिफॉल्ट की अधिक संभावना. ऐसे में ये कहना गलत न होगा कि इसका असर सभी पर पड़ता है, न सिर्फ एक परिवार मात्र पर.

ईएमआई के जंजाल के बारे में विस्तार से बताते हुए एक्सपर्ट तपस चक्रवर्ती ने इससे निपटने के तरीके को भी बताया है और लोगों को सलाह दी है कि वे अपने कुल EMI बोझ का आकलन करें और सुनिश्चित करें कि यह उनकी आय का 40% से अधिक न हो. इसके अलावा एक सेफ्टी फंड भी बनां, यहां तक कि इसे 500 रुपये प्रति माह से शुरू कर सकते हैं. SIP जैसे स्कीम्स में निवेश शुरू करें, जो समय के साथ तगड़ा प्रॉफिट दे सकता है.

अपनी पोस्ट के आखिर में उन्होंने एक बड़ा संदेश देते हुए लिखा, ‘सिर्फ अमीर दिखने के लिए उधार न लें. तनाव के साथ जीना सामान्य बात नहीं है, जिन चीज़ों का भुगतान आपने नहीं किया है, उनका मालिक होना कोई सफलता बिल्कुल भी नहीं है. बेहतर जीवन का सपना कर्ज का जाल नहीं बनना चाहिए और आजादी का मतलब ज्यादा कमाना नहीं है, बल्कि कम कर्ज लेना है.

NATIONAL : तेज रफ्तार Hayabusa बाइक ने Zomato डिलीवरी बॉय को मारी टक्कर, दोनों की मौत……

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कर्नाटक के मैसूरु में 6 जुलाई को एक तेज रफ्तार Hayabusa बाइक की Zomato डिलीवरी की बाइक से भीषण टक्कर हो गई. इस हादसे में डिलीवरी बॉय कार्तिक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि Hayabusa सवार सैयद सरून बाइक में आग लगने के बाद गंभीर रूप से झुलस गया और इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई. पूरा हादसा CCTV में कैद हो गया है, पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

कर्नाटक के मैसूर में 6 जुलाई की शाम एक दर्दनाक सड़क हादसे ने दो जिंदगियां छीन लीं. एक तेज रफ्तार Hayabusa सुपरबाइक ने Zomato डिलीवरी बॉय की बाइक को टक्कर मार दी. इस भीषण हादसे में दोनों की मौके पर ही मौत हो गई. यह घटना शहर के नारसिम्हाराजा (NR) थाना क्षेत्र में हुई. जिसका CCTV फुटेज भी सामने आया है.

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा और मामले की जांच शुरू की. Zomato डिलीवरी बॉय की पहचान कार्तिक के रूप में हुई है. वहीं Hayabusa चला रहे सैयद सरून, जो चामराजनगर का रहने वाला था.बाइक टक्कर के बाद आग लग गई. इस दौरान सैयद बुरी तरह झुलस गया और अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. दोनों परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है.

पुलिस ने नारसिम्हाराजा ट्रैफिक थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. अधिकारी इस बात की जांच कर रहे हैं कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और किसकी गलती से हुआ. हादसे के बाद से इलाके में शोक और डर का माहौल है. यह घटना सड़क पर तेज रफ्तार वाहनों के खतरे को उजागर करती है.

NATIONAL : 9 वर्षीय लड़की से दुष्कर्म… स्कूल टीचर सहित 3 गिरफ्तार

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झारखंड के सिमडेगा जिले में एक 9 वर्षीय लड़की के साथ स्कूल शिक्षक द्वारा बलात्कार किए जाने का मामला सामने आया है. फिलहाल पीड़ित के परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने स्कूल शिक्षक सहित दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया है.

झारखंड के सिमडेगा जिले में एक 9 वर्षीय लड़की के साथ स्कूल शिक्षक ने बलात्कार किया. इस बात की जानकारी एक पुलिस अधिकारी ने एक न्यूज एजेंसी को दी. सिमडेगा के पुलिस अधीक्षक (एसपी) मोहम्मद अर्शी ने बताया कि मामले के सिलसिले में आरोपी सरकारी स्कूल शिक्षक और दो अन्य को गिरफ्तार किया गया है.

एसपी ने बताया कि लड़की की मां ने कुर्डेग पुलिस थाने में एक प्राथमिकी दर्ज कराई थी. जिसमें आरोप लगाया गया था कि उसकी बेटी के साथ उसके स्कूल शिक्षक ने बलात्कार किया है. जिसके बाद ये गिरफ्तारियां की गईं. घटना 27 जून को कुर्डेग पुलिस थाने के अंतर्गत एक गांव में हुई.

अर्शी ने बताया कि घटना के बाद फरार हुए शिक्षक ने स्थानीय पंचायत के माध्यम से परिवार को प्राथमिकी दर्ज करने से रोकने की भी कोशिश की. एसपी ने कहा, “आरोपी शिक्षक के अलावा, हमने दो अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया है, जिन्होंने घटना को छिपाने के लिए ग्राम पंचायत की बैठक की थी. जब यह घटना हमारे संज्ञान में आई कि पीड़ित परिवार को कुछ प्रभावशाली लोगों द्वारा पुलिस स्टेशन जाने से रोका जा रहा है, तो हमारे कर्मियों ने परिवार को एफआईआर दर्ज करने के लिए कहा.”

फिलहाल तीनों आरोपियों को सोमवार को जेल भेज दिया गया है. एक अन्य पुलिस अधिकारी ने कहा कि 7 जुलाई को पीड़िता की मेडिकल जांच कराई गई. शिक्षक कथित तौर पर लड़की को गांव में एक पुलिया पर ले गया और वहां अपराध किया. आरोपी और नाबालिग एक ही गांव के रहने वाले हैं.

NATIONAL : नशे में धुत महिला बार से निकलकर पुलिस से उलझी, जमकर किया हंगामा………..

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शहर के पॉश पाम मॉल क्षेत्र में स्थित ONC बार के बाहर रविवार देर रात जमकर बवाल हुआ. नशे में धुत युवक और युवती के एक समूह ने सार्वजनिक स्थान पर जमकर हंगामा किया.

शहर के पॉश पाम मॉल क्षेत्र में स्थित ONC बार के बाहर रविवार देर रात जमकर बवाल हुआ. नशे में धुत युवक और युवती के एक समूह ने सार्वजनिक स्थान पर जमकर हंगामा किया. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ये लोग देर रात बार से निकलने के बाद आपस में झगड़ पड़े और देखते ही देखते मामला मारपीट और गाली-गलौज तक पहुंच गया.

मौके पर मौजूद लोगों ने घटना का वीडियो भी बनाया, जिसमें देखा जा सकता है कि युवक-युवती पुलिस के सामने भी अपशब्द कह रहे हैं और बदसलूकी कर रहे हैं.सूचना मिलने पर कोरबा पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची, लेकिन महिलाओं ने पुलिस के साथ भी दुर्व्यवहार किया और झगड़ा जारी रखा. पुलिस ने हालात को नियंत्रित करने की कोशिश की, लेकिन युवतियों ने पुलिसकर्मियों से भी उलझना शुरू कर दिया.

यह पूरी घटना सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है, जिसके बाद शहर के नागरिकों और स्थानीय प्रशासन में नाराजगी देखी जा रही है. फिलहाल पुलिस ने वीडियो के आधार पर जांच शुरू कर दी है और उचित कानूनी कार्रवाई की बात कही है.

PUNJAB : होशियारपुर में मिनी बस पलटने से अब तक 9 लोगों की मौत, 33 घायल

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पंजाब के होशियारपुर में सोमवार को एक मिनी बस हादसे का शिकार हो गई जिसमें नौ लोगों की दर्दनाक मौत हो गई. वहीं हादसे में 33 लोग घायल हो गए. बस होशियारपुर के हाजीपुर से दसूया जा रही थी और सग्रान गांव के पास पलट गई. प्रशासन ने सभी घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया है. मुख्यमंत्री भगवंत मान ने घटना पर शोक व्यक्त किया है.

पंजाब के होशियारपुर में सोमवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया. एक मिनी बस के पलटने से नौ लोगों की जान चली गई, जबकि 33 अन्य लोग घायल हो गए. यह हादसा सग्रान गांव के पास हुआ, जब बस हाजीपुर से दसूया की ओर जा रही थी.

न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस ने बताया कि बस में करीब 40 यात्री सवार थे और एक अल्टो कार भी इस दुर्घटना में शामिल थी. हादसे के कारणों की अभी जांच की जा रही है. हालांकि शुरुआती जांच में बताया गया है कि चालक बस पर नियंत्रण नहीं रख सका, जिससे वाहन पलट गया.घटना की सूचना मिलते ही डीसी आशिका जैन और एसएसपी संदीप कुमार मलिक राहत-बचाव कार्यों की निगरानी के लिए मौके पर पहुंचे. डीसी जैन ने बताया कि मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी, जबकि गंभीर रूप से घायलों को 50 हजार रुपये और सभी घायलों का इलाज सरकार की ओर से मुफ्त किया जाएगा.

मृतकों में रज्जू बाला (5), मीना (30), लव कुमार (50), गुरमीत राम (65), सतविंदर कौर (55), बलबीर कौर (60), दसूया, संजीव कुमार (30) सुबग रानी (55) गांव सहोरा शामिल हैं. एक मृतक की पहचान अभी नहीं हो पाई है.33 घायलों में से तीन की हालत गंभीर बताई गई है जिन्हें उच्च चिकित्सा केंद्रों में रेफर किया गया है, जबकि छह लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है. बाकी घायलों की स्थिति स्थिर है.

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने हादसे पर शोक व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की है और अधिकारियों को जल्द से जल्द राहत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं.

NATIONAL : दिल्ली में भी दोहराया जाएगा यूपी मॉडल, कांवड़ यात्रा में मीट शॉप्स पर लगेगा ताला… रेखा गुप्ता सरकार की तैयारी

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11 जुलाई से शुरू हो रही कांवड़ यात्रा के चलते दिल्ली और उत्तर प्रदेश में मांस-मछली की दुकानों को बंद करने की मांग तेज हो गई है. यूपी में 10 जुलाई से दुकानें बंद रहेंगी जबकि दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा ने भी यात्रा के दौरान मीट दुकानों को बंद करने की बात कही है. इससे व्यापारियों में असमंजस और नाराज़गी है.

11 जुलाई से शुरू हो रही कांवड़ यात्रा से पहले मीट-मछली की दुकानों को लेकर सियासत गरमा गई है. उत्तर प्रदेश में जहां 10 जुलाई से ही कांवड़ मार्गों पर मीट की दुकानें बंद करने का ऐलान हो चुका है, वहीं अब दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा ने भी साफ कहा है कि कांवड़ यात्रा के दौरान मीट की दुकानें बंद रहेंगी.

कपिल मिश्रा का कहना है कि दिल्ली में चल रही ज़्यादातर मीट की दुकानें गैरकानूनी हैं. उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान इन दुकानों को खुला रखने की अनुमति नहीं दी जा सकती. हालांकि अभी तक दिल्ली पुलिस की ओर से कांवड़ यात्रा के रूट का नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ है, लेकिन राजधानी के लगभग हर इलाके से कांवड़िये गुजरते हैं, कुछ इलाकों से ज्यादा तो कुछ से कम संख्या में.

दुकानदारों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है. न तो उन्हें अभी तक कोई आधिकारिक नोटिस मिला है और न ही पहले कभी ऐसा कोई निर्देश आया है. दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके में बड़ी संख्या में मीट की दुकानें हैं जहां कच्चा और पका हुआ मीट बिकता है. दुकानदारों का कहना है कि अगर सरकार की ओर से कोई निर्देश आता है तो वे दुकानें बंद कर देंगे, लेकिन इसका असर पूरे महीने की रोजी-रोटी पर पड़ेगा.

दिल्ली-उत्तर प्रदेश की सीमा पर गाजीपुर की मीट मंडी NCR की सबसे बड़ी मंडी मानी जाती है. यहां से न केवल दिल्ली बल्कि नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद जैसे शहरों में मांस की आपूर्ति होती है. इसी राष्ट्रीय राजमार्ग पर कांवड़ यात्रा के लिए तैयारियां भी जोरों पर हैं. हज़ारों की संख्या में कांवड़ यात्री इस मार्ग से गुजरते हैं और मीट मंडी इस हाईवे से सटी हुई है.

दुकानदार इस संभावित कदम से नाराज़ हैं. उनका कहना है कि हमारी दुकानें अवैध नहीं हैं बल्कि नगर निगम के अंतर्गत आती हैं. फिर भी सरकार द्वारा किसी भी समय बंद कराने की संभावना बनी रहती है. अभी तक कोई लिखित आदेश नहीं मिला है लेकिन डर बना हुआ है.दिल्ली सरकार के इस प्रस्ताव को व्यापारी संगठनों का भी समर्थन मिल गया है. चेंबर ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (CII) के मुखिया ब्रजेश गोयल ने कहा है कि 13 दिनों का व्यापारिक नुकसान सहा जा सकता है, लेकिन करोड़ों हिन्दुओं की धार्मिक भावनाओं को देखते हुए कांवड़ मार्ग पर मांस की दुकानें बंद रखना जरूरी है.

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