Monday, May 11, 2026
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NATIONAL : ‘गजवा ए हिंद नहीं, हम भगवा हिंद चाहते हैं…’, पटना के सनातन महाकुंभ में बोले बाबा बागेश्वर

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पटना में सनातन महाकुंभ का आयोजन किया जा रहा है. इस दौरान रविवार को बाबा बागेश्वर धीरेंद्र शास्त्री भी यहां पहुंचे और उन्होंने कहा कि कुछ लोग देश में गजवा ए हिंद चाहते हैं. हम भगवा ए हिंद चाहते हैं. मैं किसी एक पार्टी का नहीं हूं, जिस पार्टी में हिंदू हैं उसी पार्टी का हूं.

पटना में सनातन महाकुंभ का आयोजन किया जा रहा है. इस दौरान रविवार को बाबा बागेश्वर भी यहां पहुंचे और उन्होंने कहा कि कुछ लोग देश में गजवा ए हिंद चाहते हैं. हम भगवा ए हिंद चाहते हैं. हम राष्ट्रवाद के लिए काम करेंगे, जातिवाद के लिए नहीं. मैं बिहार पहले भी आया हूं. आगे भी आता रहूंगा. बिहार में चुनाव के बाद पदयात्रा करूंगा ताकि सनातन को जोड़ पाऊं।

मैं किसी एक पार्टी का नहीं हूं, जिस पार्टी में हिंदू हैं उसी पार्टी का हूं. मैं किसी धर्म का विरोधी नहीं हूं. उन हिंदुओं का विरोधी हूं, जो सनातन में रहकर हमें जातियों में बताते हैं. एक पिता के चार बेटे हो सकते हैं, लेकिन सभी उसके लिए बराबर हैं. हम झुकेंगे नहीं, हम हार नहीं मानेंगे.कहीं भाषा की लड़ाई चल रही है. कहीं क्षेत्र की लड़ाई चल रही. हिंदुओं बंटना मत. हिंदुओं कटना मत. हमें मुसलमानों से दिक्कत नहीं. ईसाइयों से दिक्कत नहीं. हमें तो जाति में बांटने वाले हिंदुओं से दिक्कत है. हम राजनीति नहीं, रामनीति के चक्कर में पटना आए हैं.

आपको बता दें कि बाबा बागेश्वर सनातन महाकुंभ में शामिल होने के लिए पटना एयरपोर्ट पहुंचे और यहां से गांधी मैदान के लिए निकल गए. इस दौरान बाबा बागेश्वर ने कहा कि सनातन महाकुंभ है, मुझे आमंत्रित किया गया था. मैं उसे सनातन महाकुंभ में भाग लेने के लिए गांधी मैदान आया हूं.

NATIONAL : ‘…तो प्रकृति रौद्र रूप दिखाती रहेगी,’ आपदा से प्रभावित मंडी के लिए राज्यपाल ने भेजी राहत सामग्री

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मंडी जिले में प्राकृतिक आपदा से प्रभावित लोगों की मदद के लिए भेजे गए राहत सामग्री में कंबल, तिरपाल, कपड़े, किचन सेट और अन्य आवश्यक सामान शामिल हैं.हिमाचल के मंडी जिले में प्राकृतिक आपदा से प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए रविवार को राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने राजभवन से राहत सामग्री से भरे तीन वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. यह राहत सामग्री राज्य रेडक्रॉस सोसाइटी के माध्यम से मंडी के जिला प्रशासन को भेजी गई है.राहत सामग्री में 540 कंबल, 500 तिरपाल, 20 पेटी कपड़े, किचन सेट, बाल्टियां तथा अन्य आवश्यक घरेलू सामान शामिल हैं, जो आपदा प्रभावित परिवारों को त्वरित राहत प्रदान करने के उद्देश्य से भेजे गए हैं.

Governor sent reliefGovernor sent relief

इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि मंडी जिले के थुनाग और आसपास के क्षेत्रों में व्यापक क्षति हुई है और कई संपर्क मार्ग भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं. उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन, सेना, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें राहत एवं बचाव कार्यों में युद्धस्तर पर जुटी हुई हैं.उन्होंने आमजन से अपील की कि वे प्रशासन को सुचारू रूप से कार्य करने दें और घटनास्थल पर अनावश्यक भीड़ लगाकर बाधा न बनें. उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों को क्षेत्र की जानकारी अधिक होती है और उनके सहयोग से राहत कार्य बेहतर ढंग से किए जा सकते हैं.

इस दौरान राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने कहा कि मंडी और कुल्लू से जिस तरह लकड़ी बहकर आई है वह इस बात का प्रमाण है कि बड़े स्तर पर वनों को काटा जा रहा है और उसके बाद भी यह कहना बड़ी बात नहीं कि यह मानवता को शर्मसार करने वाला है. उन्होंने कहा कि अगर वन काटने वालों में थोड़ी भी मानवता बची है तो हिमालय को बर्बाद करना बंद करें और हिमाचल के जंगलों को बचाने का काम करें जिसके लिए हिमाचल जाना जाता है.

राज्यपाल ने कहा कि वे स्वयं भी उचित समय पर आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेंगे और पीड़ित परिवारों से मिलेंगे. उन्होंने कहा कि जब तक आवश्यकता होगी, रेडक्रॉस के माध्यम से राहत सामग्री भेजी जाती रहेगी और यदि जरूरत पड़ी तो अन्य माध्यमों से और भी सहायता उपलब्ध करवाई जाएगी. उन्होंने प्रदेशवासियों से भी इन कठिन परिस्थितियों में हरसंभव सहयोग की अपील की.

राज्यपाल ने प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में पिछले कुछ वर्षों से लगातार हो रही प्राकृतिक आपदाओं पर गहरी चिंता व्यक्त की. उन्होंने कहा कि वनों की अंधाधुंध कटाई जैसे कारण पर्यावरण को असंतुलित कर रहे हैं और यदि समय रहते चेतावनी न ली गई तो प्रकृति अपना रौद्र रूप दिखाती रहेगी.उन्होंने सुझाव दिया कि निर्माण कार्यों से जुड़े सभी विभागों और नीति निर्धारकों को इस विषय पर चिंतन करना चाहिए ताकि पर्यावरण संरक्षण के लिए एक ठोस और प्रभावी नीति बनाई जा सके.

 

NATIONAL : जमीन खरीदने के लिए शिक्षक दंपति ने घर में रखे थे 30 लाख रुपये… बाढ़ आई तो सबकुछ पानी में बह गया

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हिमाचल प्रदेश के मंडी में आई आपदा ने एक शिक्षक दंपति का जीवनभर की मेहनत और भविष्य का सपना छीन लिया. थुनाग बाजार के रहने वाले शिक्षक और उनकी पत्नी ने प्लॉट खरीदने के लिए 30 लाख रुपये एकत्र किए थे, लेकिन 30 जून की रात आई बाढ़ में उनका घर और उसमें रखा वह ट्रंक भी बह गया, जिसमें पूरी जमा पूंजी और गहने रखे थे.

हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के थुनाग बाजार से दिल को झकझोर देने वाली मार्मिक कहानी सामने आई है. यहां एक शिक्षक दंपति मुरारी लाल ठाकुर और उनकी पत्नी रोशनी देवी का जीवन भर की कमाई और भविष्य का सपना महज एक रात की आपदा में तबाह हो गया. दोनों पेशे से शिक्षक हैं और अपनी जिंदगी का सबसे बड़ा सपना यानी एक प्लॉट खरीदने की तैयारी कर रहे थे. लेकिन 30 जून की रात पानी के सैलाब ने उनका सब कुछ छीन लिया.

दरअसल, मुरारी लाल और रोशनी देवी ने 20 जून को एक जमीन का सौदा 30 लाख रुपये में तय किया था. 7 जुलाई को उसकी रजिस्ट्री होनी थी. इसके लिए दोनों ने अपनी जमा पूंजी और रिश्तेदारों से उधार लेकर पूरे 30 लाख रुपये जुटाए थे. इस रकम को गहनों समेत घर के एक ट्रंक में सुरक्षित रखा था, लेकिन जिस घर में ये ट्रंक रखा था, वह 30 जून की रात आई बाढ़ में पूरी तरह बह गया.

अब मुरारी लाल और उनकी पत्नी मलबे में अपना ट्रंक ढूंढ रहे हैं, जिसमें उनका भविष्य छिपा था. मुरारी लाल भावुक होकर बताते हैं कि बस वो एक जोड़ी कपड़े बचे हैं, जो उस रात तन पर थे. जेब में 650 रुपये थे, जो हमारे पास हैं. मुरारी लाल की पत्नी रोशनी देवी कहती हैं कि हम शिक्षक हैं, लेकिन आज खुद रास्ता खो चुके हैं. न घर है, न पैसा, न भविष्य की कोई दिशा… बस उम्मीद बची है.

यह आपदा सिर्फ एक घर नहीं बहा ले गई, बल्कि एक मध्यवर्गीय परिवार के संघर्ष, सपनों और आत्मनिर्भरता की नींव को भी तोड़ गई. अब यह दंपति सरकार और समाज से मदद की आस लगाए बैठा है, उम्मीद में कि कोई कहे कि आपका ट्रंक मिल गया… आपका घर फिर से बनेगा.

UP : झांसी रेलवे स्टेशन पर आर्मी डॉक्टर ने कराई महिला की डिलीवरी, हेयर क्लिप और पॉकेट नाइफ किया यूज

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डॉक्टर का कहना था कि स्थिति को संभालने के लिये बहुत कम वक्त था, इसलिये उन्होंने प्लेटफार्म पर ही अस्थायी प्रसव क्षेत्र बनाया और उपलब्ध सामग्रियों की मदद से बुनियादी स्वच्छता सुनिश्चित की.

पनवेल-गोरखपुर एक्सप्रेस में सफर के दौरान प्रसव पीड़ा होने के बाद झांसी रेलवे स्टेशन पर उतारी गयी एक महिला का सेना के एक युवा डॉक्टर ने प्लेटफार्म पर ही प्रसव कराया. आनन-फानन में हुई इस प्रक्रिया में ‘हेयर क्लिप’ और ‘पॉकेट नाइफ’ जैसे औजार जीवनरक्षक उपकरण साबित हुए और महिला ने एक स्वस्थ बेटी को जन्म दिया.

उत्तर मध्य रेलवे के झांसी मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने रविवार को बताया कि शनिवार को पनवेल-गोरखपुर एक्सप्रेस से पनवेल से बाराबंकी जा रही एक गर्भवती महिला को दोपहर में तेज प्रसव पीड़ा शुरू होने पर झांसी स्टेशन पर उतारा गया. सिंह ने बताया कि गंभीर स्थिति को देखते हुए एक महिला टिकट चेकिंग कर्मी और मौके पर मौजूद सेना चिकित्सा कोर के अधिकारी डॉक्टर रोहित बचवाला (31) ने मुस्तैदी दिखाते हुए स्टेशन पर ही महिला का सुरक्षित प्रसव कराया.

डॉक्टर बचवाला ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया,‘‘ शनिवार दोपहर मैं हैदराबाद जाने के लिए अपनी ट्रेन का इंतजार कर रहा था तभी मैंने देखा कि एक महिला रेल कर्मचारी लिफ्ट के निकट एक गर्भवती महिला को व्हीलचेयर पर ले जा रही है. दर्द से कराहती वह महिला अचानक गिरने लगी. यह देख मैंने तुरंत जाकर उसे संभाला और उसकी नाजुक स्थिति को देखते हुए तथा मां-बच्चे की जान सुरक्षित रखने के लिए रेलवे कर्मियों की मदद से तुरंत प्रसव कराने का निर्णय लिया और प्लेटफार्म पर ही अपने पास मौजूद उपकरणों की मदद से महिला का सुरक्षित प्रसव कराया.’’

उन्होंने बताया, ‘‘प्रसव के दौरान गर्भनाल को जकड़ने के लिये महिलाओं के बालों में प्रयोग होने वाली हेयर पिन की भी मदद ली. बच्चे की स्थिति स्थिर होने के बाद मैंने एक ‘पॉकेट नाइफ’ से गर्भनाल काटकर मां और बच्चे को अलग किया. मां और बच्चे की हालत नाजुक थी और ऐसे में हर पल मायने रखता है.’’

बचवाला का कहना था कि स्थिति को संभालने के लिये बहुत कम वक्त था, इसलिये उन्होंने प्लेटफार्म पर ही अस्थायी प्रसव क्षेत्र बनाया और उपलब्ध सामग्रियों की मदद से बुनियादी स्वच्छता सुनिश्चित की. प्रसव के बाद, मां और बच्चे दोनों को एम्बुलेंस द्वारा स्थानीय अस्पताल ले जाया गया. न्यूनतम संसाधनों का इस्तेमाल करके सेना के एक युवा डॉक्टर द्वारा आनन-फानन में सुरक्षित तरीके से की गई इस प्रक्रिया को देखकर आसपास खड़े लोग दंग रह गए. यह भी एक संयोग रहा कि जटिल चिकित्सकीय प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद मेजर बचवाला समय पर हैदराबाद के लिए अपनी ट्रेन पर सवार भी हो गए.

RAJASTHAN : जैसलमेर हादसे में अशोक गहलोत के रिश्तेदार की मौत, सड़क पर बने गड्ढे में पलटी कार

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जैसलमेर में एक सड़क दुर्घटना में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के रिश्तेदार रुद्रवीर सिंह की मृत्यु हो गई. इंडोर स्टेडियम के पास सड़क पर गड्ढे के कारण उनकी कार पलट गई.

राजस्थान के जैसलमेर में एक भीषण सड़क हादसा हुआ, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के करीबी रिश्तेदार की मौत हो गई. जैसलमेर में इंडोर स्टेडियम के पास सड़क पर बने एक गड्ढे में कार पलटने से यह दर्दनाक हादसा हुआ.

दरअसल, हादसे में जान गंवाने वाले व्यक्ति का नाम रुद्रवीर सिंह है, जो अशोक गहलोत के सगे भाई के पोते हैं. 21 साल के रुद्रवीर सिंह गहलोत चार अन्य लोगों के साथ रात को एक रिसॉर्ट से निकलकर अपने घर जा रहे थे. तभी सड़क पर गड्ढे की वजह से उनकी कार पलट गई. इस हादसे में रुद्र वीर की मौत हो गई, जबकि कार सवार चार अन्य लोग घायल हो गए. जोधपुर के पैतृक आवास पर रुद्रवीर सिंह का अंतिम संस्कार होगा.

 

NATIONAL : बलिया में दिल दहला देने वाला मामला, नाबालिग दलित किशोरी को गैंगरेप के बाद फांसी पर लटकाया

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मृतक लड़की के पिता की माने तो दस महीने पहले मेरी बहु के साथ आरोपी युवकों ने छेड़खानी किया था, जिसका मुकदमा दर्ज कराया था. उस मुकदमें में मेरी पुत्री चश्मदीद गवाह थी.यूपी के बलिया में एक नाबालिग दलित लड़की के साथ 4 युवकों द्वारा गैंगरेप कर हत्या करने का मामला सामने आया है. पुलिस ने मृतक लड़की के परिजनों की तहरीर पर गांव के ही चार युवकों के खिलाफ गैंगरेप और हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है. मामला नरही थाना क्षेत्र के एक गांव का है.

मृतक लड़की के पिता की मानें तो दस महीने पहले मेरी बहु के साथ आरोपी युवकों ने छेड़खानी किया था, जिसका मुकदमा दर्ज कराया था. उस मुकदमें में मेरी एकलौती पुत्री चश्मदीद गवाह थी. जिसको लेकर आरोपी युवक कई बार जान से मारने की धमकी दे रहे थे. आज जब हम घर पर नही थे दो बजे घर आये तो घर में मेरी लड़की का शव लटका मिला. मेरी बेटी को घर पर अकेला पाकर आरोपियों ने गैंगरेप कर फांसी के फंदे पर लटका दिया.

वहीं घटना की सूचना मिलते ही भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष के साथ सैकड़ो समर्थक मृतक बच्ची के घर पहुंच कर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के साथ दोषी पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई की मांग की है. उच्च अधिकारी को फोन पर अवगत कराते हुए कहा कि इतनी बड़ी घटना हो जाने के बावजूद भी परिवार के सुरक्षा के लिए एक होमगार्ड तक तैनात नहीं है.

घटना की सूचना पर समाजवादी पार्टी के क्षेत्रीय विधायक संग्राम सिंह यादव भी पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंच गए. सपा विधायक ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग कर पुलिस को चेतावनी दिया है कि पीड़ित को न्याय नही मिला तो हम इसके लिए आंदोलन करने को बाध्य होंगे.

 

NATIOANL : केदारनाथ धाम को लोगों ने बनाया पिकनिक स्पॉट, परिसर में क्रिकेट खेलते दिखे, वीडियो वायरल

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उतराखंड के केदारनाथ से ऐसा वीडियो सामने आया है, जिसे देखकर आप चौंक जाएंगे. यहां केदारनाथ परिसर में कुछ लोग क्रिकेट खेलते नजर आ रहे हैं. देखें वीडियो.

उत्तराखंड के पवित्र केदारनाथ धाम से एक चौंकाने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. इस वीडियो में कुछ लोग मंदिर परिसर के पास क्रिकेट खेलते नजर आ रहे हैं. यह वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है.

वीडियो में यह साफ नहीं हो पाया है कि क्रिकेट खेलने वाले लोग तीर्थ यात्री हैं या स्थानीय निवासी, लेकिन धार्मिक स्थल पर इस तरह का व्यवहार कई लोगों को गलत और अपमानजनक लगा. लोग कह रहे हैं कि केदारनाथ जैसे पवित्र तीर्थ स्थल को कुछ लोगों ने अब पिकनिक स्पॉट बना दिया है, जो आस्था का सीधा अपमान है.

केदारनाथ धाम हिंदुओं के सबसे पवित्र स्थलों में से एक है. यहां हर साल लाखों श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन के लिए आते हैं. यह स्थान लोगों की श्रद्धा, विश्वास और भावनाओं से जुड़ा हुआ है. ऐसे में मंदिर परिसर के पास क्रिकेट खेलना या किसी भी तरह की गैर-धार्मिक गतिविधि करना न केवल अनुचित है, बल्कि वहां की पवित्रता को ठेस पहुंचाने वाला है.

वीडियो वायरल होते ही सोशल मीडिया पर हजारों यूजर्स ने इस पर प्रतिक्रिया दी है. कुछ लोगों ने कहा कि धार्मिक स्थानों पर इस तरह का अनुशासनहीन और अपमानजनक व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए. कई यूज़र्स ने प्रशासन से तुरंत कार्रवाई करने और दोषियों की पहचान कर सजा देने की मांग की है.

केदारनाथ धाम में सुरक्षा और अनुशासन बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है. अगर ऐसी घटनाएं बार-बार होती हैं तो यह न केवल तीर्थ यात्रा की गरिमा को नुकसान पहुंचाती हैं, बल्कि पर्यटन और धार्मिक भावनाओं पर भी गलत असर डालती हैं.प्रशासन ने वीडियो की जांच शुरू कर दी है. उम्मीद है कि जल्द ही कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में कोई भी इस तरह की हरकत करने से पहले सौ बार सोचे. केदारनाथ जैसे पवित्र धाम की गरिमा और शांति बनाए रखना हम सबकी जिम्मेदारी है.

 

RAJASTHAN : ट्रैक्टर का टायर पंचर हो गया, सड़क के किनारे ठीक करने लगे किसान, बेकाबू कार की टक्कर से दो की मौत

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राजस्थान के जैसलमेर जिले में एक दर्दनाक हादसे में दो किसानों की जान चली गई. यहां सांगड़ क्षेत्र में उस वक्त हादसा हुआ, जब दोनों किसान सड़क किनारे अपने ट्रैक्टर का पंचर ठीक कर रहे थे, तभी पीछे से आई तेज रफ्तार कार ने उन्हें टक्कर मार दी. हादसे में दोनों की मौके पर ही मौत हो गई. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

राजस्थान के जैसलमेर जिले से एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है. यहां सड़क किनारे ट्रैक्टर का पंचर ठीक कर रहे दो किसानों को तेज रफ्तार कार ने कुचल दिया, जिससे मौके पर ही दोनों की मौत हो गई. यह हादसा शनिवार को जैसलमेर जिले के सांगड़ क्षेत्र में हुआ. इस मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर जांच-पड़ताल शुरू कर दी है.

एजेंसी के अनुसार, मृतकों की पहचान 42 वर्षीय भूरा राम और 51 वर्षीय सूरतराम के रूप में हुई है, जो बाड़मेर जिले के पचपदरा गांव के रहने वाले थे. दोनों किसान मोहंगढ़ की ओर अपने ट्रैक्टर-ट्रॉली के साथ खेतों में काम के लिए जा रहे थे. रास्ते में भेलाणी टोल पोस्ट के पास ट्रैक्टर का टायर पंचर हो गया, जिस कारण वे सड़क किनारे रुककर टायर की मरम्मत करने लगे. इसी दौरान पीछे से आ रही एक तेज रफ्तार कार ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी.

हादसे के तुरंत बाद आसपास के लोगों ने घायलों को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. दुर्घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया और हादसे की जांच शुरू कर दी है.पुलिस अधिकारियों के अनुसार, कार चालक की पहचान और वाहन की जानकारी जुटाई जा रही है. प्रथम दृष्टया लापरवाही से गाड़ी चलाने का मामला बनता है, जिसकी जांच की जा रही है. इस हादसे के बाद गांव और आसपास के किसानों में शोक की लहर है.

NATIONAL : मुहर्रम पर ईरानी लीडर खामनेई की लगीं तस्वीरें, हरिद्वार-देहरादून समेत कई शहरों में लगे बैनर

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हरिद्वार, मंगलौर, रुड़की, और देहरादून जैसे शिया बहुल इलाकों में ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई की तस्वीरें इमामबाड़ों और बस्तियों में देखी गईं.

देश भर में आज रविवार (6 जुलाई) को मुहर्रम शिया और सुन्नी मुस्लिम समुदाय द्वारा गम और इमाम हुसैन की शहादत की याद में मनाया जा रहा है. वहीं इस मौके पर हरिद्वार, मंगलौर, रुड़की, और देहरादून जैसे शिया बहुल इलाकों में ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई की तस्वीरें इमामबाड़ों और बस्तियों में देखी गईं. हाल ही में ईरान-इजरायल तनाव के बाद खामेनेई की लोकप्रियता में जबरदस्त उछाल देखा जा रहा है, जिसका असर भारत के शिया समुदाय में भी साफ दिखाई दे रहा है.

मुहर्रम का दिन मुस्लिम समुदाय, खासकर शिया समुदाय के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. इस दिन को इमाम हुसैन की शहादत को याद करने और गम के रूप में मनाया जाता है. आज देशभर में ताजिया जुलूस निकाले जा रहे हैं, और शिया समुदाय मातम के साथ इस दिन को याद करता है. शिया समुदाय में आयतुल्लाह खामेनेई की तस्वीरों का क्रेज चर्चा का विषय बना हुआ है. हरिद्वार, रुड़की, और देहरादून के इमामबाड़ों में उनकी तस्वीरें प्रमुखता से लगाई गई हैं.

शिया समुदाय के लोगों का कहना है कि आयतुल्लाह अली खामेनेई न केवल ईरान के सुप्रीम लीडर हैं, बल्कि विश्वभर के शिया समुदाय के लिए एक बड़े रहनुमा हैं. स्थानीय शिया समुदाय के एक सदस्य ने कहा कि खामेनेई साहब हमारे धर्म के सबसे सम्मानित नेताओं में से एक हैं. उनकी कद्र हिंदुस्तान के शिया धर्मगुरुओं से भी ऊपर है. हम उनके नक्शे कदम पर चलते हैं. हाल ही में ईरान और इजरायल के बीच हुए तनाव ने खामेनेई की छवि को और मजबूत किया है, जिसका असर भारत में भी देखा जा रहा है. शिया समुदाय के लोग उनकी तस्वीरों को इमामबाड़ों और जुलूसों में लगाकर उनका सम्मान व्यक्त कर रहे हैं.

मुहर्रम का दिन इमाम हुसैन की शहादत की याद में मनाया जाता है, जो शिया और सुन्नी दोनों समुदायों के लिए दुख और सम्मान का प्रतीक है. शिया समुदाय इसे साल का सबसे महत्वपूर्ण दिन मानता है, जिसमें मातम, जुलूस, और ताजिया निकाले जाते हैं. इस दिन दोनों समुदाय मिलकर इमाम हुसैन की कुर्बानी को याद करते हैं.

 

ENTERTAINMENT : अफवाहों पर लगा ब्रेक, बॉर्डर 2 के बाद भी दिलजीत दोसांझ संग काम करेगा टी सीरीज!

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T- series Controvery with Diljit Dosanjh: टी सीरीज इंडस्ट्री के एक करीबी सोर्स ने दिलजीत दोसांझ संग आगे काम न करने वाली अफवाहों को जूठा बताया है.कुछ समय से पंजाबी सिंगर और एक्टर दिलजीत दोसांझ फिल्म बॉर्डर 2 को लेकर विवादों में घिरे हुए हैं. पाकिस्तानी एक्ट्रेस हानिया आमिर के साथ काम करने के बाद से ही सोशल मीडिया पर दिलजीत को जमकर ट्रोल किया गया.

इसके बाद बात यहीं तक ही नहीं रुकी. टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक कई रिपोर्ट्स में यहां तक दावा कर दिया गया था की FWICE के दबाव में आकर भूषण कुमार ने ये वादा किया है कि दिलजीत को अपने बैनर में फिल्म इंडस्ट्री में काम नहीं करने दिया जाएगा. वहीं, कुछ लोगों ने तो सोशल मीडिया पर इस बात को लेकर टी-सीरीज को भी ट्रोल करना शुरू कर दिया था.

लेकिन अब इस पूरे मामले पर एक करीबी सूत्र ने सच्चाई से पर्दा हटा दिया है. उस सूत्र के मुताबिक, ये सारी खबरें पूरी तरह बेबुनियाद और झूठी हैं.सूत्र ने कहा, दिलजीत दोसांझ और टी-सीरीज के बीच आज भी अच्छा रिश्ता है. ऐसा कोई वादा नहीं किया गया है कि हम उनके साथ काम नहीं सबसिर्फ अफवाहें हैं.

दरअसल, FWICE ने जरूर आपत्ति जताई थी, लेकिन जब उन्हें बताया गया कि फिल्म की 80% शूटिंग पूरी हो चुकी है और दिलजीत के सभी सीन शूट हो चुके हैं, तो उन्होंने भी बैन हटा लिया. प्रोडक्शन हाउस को नुकसान न हो, इसी सोच के साथ फैसला लिया गया था. बाकि अब ये साफ हो गया है कि दिलजीत और टी- सीरीज के बीच कोई मनमुटाव नहीं है और जो बातें अब तक उड़ती रहीं, वो सिर्फ अफवाहें थीं.

एक्टर व सिंगर के वर्कफ्रंट की बात करें, तो हाल ही में 20 जून 2025 को इनकी फिल्म सरदार जी 3 रिलीज हुई थी , हालांकि जिसके वजह से ही ये सारी कॉन्ट्रोवर्सीज हुई थीं. वहीं इनकी अगली फिल्म बॉर्डर 2 26 जनवरी 2026 को रिलीज की जाएगी.

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