Tuesday, May 12, 2026
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AHMEDABAD : एअर इंडिया के दुर्घटनाग्रस्त विमान का Black Box बरामद… प्लेन क्रैश के आखिरी मोमेंट में क्या चल रहा था? खुलेगा राज

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डीवीआर ‘बोइंग 787 ड्रीमलाइनर’ विमान के मलबे के बीच पाया गया, जो सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरने के तुरंत बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, और पास के आवासीय परिसर में जा गिरा था.

गुजरात के आतंकवाद निरोधक दस्ते (ATS) ने अहमदाबाद हवाई अड्डे के निकट एअर इंडिया के विमान की दुखद दुर्घटना के एक दिन बाद शुक्रवार को विमान के मलबे से डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर (DVR) बरामद किया है. यह दुर्घटना के कारणों का पता लगाने में काफी महत्वपूर्ण साक्ष्य होता है. डीवीआर ‘बोइंग 787 ड्रीमलाइनर’ विमान के मलबे के बीच पाया गया, जो सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरने के तुरंत बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, और पास के आवासीय परिसर में जा गिरा था.

विमान का पिछला हिस्सा मेघानी नगर में बीजे मेडिकल कॉलेज के यूजी हॉस्टल मेस पर गिरा, जिससे इमारत को काफी क्षति पहुंची और इसमें मौजूद 24 मेडिकल छात्रों की मौत हो गई. वहीं कई मेडिकल और नर्सिंग छात्र घायल हैं, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है. घटनास्थल पर मौजूद गुजरात एटीएस के एक अधिकारी ने कहा, ‘यह एक डीवीआर है, जिसे हमने मलबे से बरामद किया है. फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की टीम जल्द ही यहां आएगी और डिवाइस की जांच करेगी, जो दुर्घटना की ओर ले जाने वाली घटनाओं के क्रम के बारे में महत्वपूर्ण सुराग दे सकती है.’

डीवीआर की बरामदगी दुर्भाग्यपूर्ण विमान दुर्घटना के अंतिम क्षणों में क्या कुछ हुआ था, उसकी जानकारी जुटाने में मदद करेगी. अहमदाबाद में गुरुवार को हुई इस भीषण विमान दुर्घटना में 265 लोगों की जान चली गई. एअर इंडिया के विमान AI-171 ने 242 यात्रियों और चालक दल के सदस्यों के साथ लंदन के गैटविक एयरपोर्ट के लिए उड़ान भरा था. यात्रियों में 169 भारतीय नागरिक, 53 ब्रिटिश नागरिक, 7 पुर्तगाली नागरिक और एक कनाडाई नागरिक शामिल थे, जबकि दो पायलट समेत कुल 12 क्रू मेम्बर्स फ्लाइट में मौजूद थे.

यहां हम आपको बता दें कि डीवीआर और ब्लैक बॉक्स दोनों में अंतर होता है और अहमदाबाद में दुर्घटनाग्रस्त हुए एअर इंडिया के विमान का ब्लैक बॉक्स अभी रिकवर नहीं हुआ है. DVR (डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर) और ब्लैक बॉक्स दोनों का काम डेटा रिकॉर्ड करना होता है, लेकिन DVR आमतौर पर सिक्योरिटी कैमरों से फ्लाइट का वीडियो रिकॉर्ड करता है, जबकि ब्लैक बॉक्स फ्लाइट डेटा और कॉकपिट ऑडियो रिकॉर्ड करता है.

डीवीआर अक्सर सर्विलांस पर्पज से सिक्योरिटी कैमरों से वीडियो फुटेज रिकॉर्ड करता है. डीवीआर से रिकॉर्ड वीडियो डेटा को आमतौर पर हार्ड ड्राइव या क्लाउड स्टोरेज पर स्टोर किया जाता है. डीवीआर मुख्य रूप से विजुअल डेटा रिकॉर्ड करता है. वहीं ब्लैक बॉक्स (फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर) में फ्लाइट डेटा जैसे- विमान की गति, ऊंचाई, इंजन का थ्रस्ट, आदि और कॉकपिट ऑडियो (पायलट की बातचीत) रिकॉर्ड होता है. ब्लैक बॉक्स में स्पेशलाइज्ड रिकार्डर का उपयोग किया जाता है जो भीषण दुर्घटना की स्थिति में भी क्षतिग्रस्त नहीं होने के लिए डिजाइन किए गए होते हैं.

NATIONAL : खुद को रेप से बचाने के लिए महिला ने उठाया चाकू, काट दिया युवक का प्राइवेट पार्ट

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मुजफ्फरपुर में एक महिला के साथ दुष्कर्म का प्रयास कर रहे एक युवक के साथ जो हुआ वह रुह कंपा देने वाला है. दरअसल, महिला ने खुद को रेप से बचाने की कोशिश में सब्जी काटने वाले चाकू से युवक का प्राइवेट पार्ट काट डाला. हल्ला सुनकर पहुंचे पड़ोसियों ने युवक को अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज जारी है.

बिहार में मुजफ्फरपुर जिले के एक गांव में देर रात एक सनसनीखेज घटना घटी. यहां दुष्कर्म का प्रयास कर रहे एक युवक पर महिला ने ऐसा वार किया कि सोचकर भी किसी भी रूह कांप जाए. महिला ने खुद को बचाने की कोशिश में सब्जी काटने वाले चाकू से युवक का प्राइवेट पार्ट काट डाला. गंभीर रूप से घायल युवक को स्थानीय पारू सीएचसी में प्राथमिक इलाज के बाद मुजफ्फरपुर के SKMCH रेफर कर दिया गया है.

प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपी युवक ने पहले महिला को कुछ रुपये उधार दिए थे. बुधवार की देर रात वह कथित रूप से उधारी वापस मांगने के बहाने महिला के घर पहुंचा. उस समय महिला घर में अकेली थी. आरोप है कि युवक ने स्थिति का फायदा उठाते हुए महिला के साथ जबरदस्ती करने की कोशिश की. महिला ने विरोध किया, लेकिन जब युवक नहीं माना और जबरदस्ती करने लगा, तो महिला ने पास ही रखे सब्जी काटने वाले चाकू से युवक के गुप्तांग पर हमला कर दिया.

महिला की चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और खून से लथपथ युवक को तुरंत पारू सीएचसी पहुंचाया. वहां प्राथमिक उपचार के बाद युवक की गंभीर हालत को देखते हुए उसे एसकेएमसीएच रेफर कर दिया गया. घायल युवक की पहचान राजा ठाकुर के रूप में हुई है. राजा ठाकुर ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि वह केवल अपना बकाया पैसा मांगने गया था और महिला ने उस पर अचानक हमला कर दिया. उसने दुष्कर्म की कोशिश के आरोपों को निराधार बताया है.

वहीं इस पूरे मामले पर ग्रामीण एसपी विद्यासागर ने बताया कि घटना की जानकारी पुलिस को मिली है. फिलहाल किसी भी पक्ष से कोई लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है. आवेदन मिलने पर पुलिस विधिसम्मत कार्रवाई करेगी. घटना के बाद इलाके में चर्चा का माहौल गर्म है. एक ओर जहां महिला की हिम्मत की सराहना हो रही है, वहीं पुलिस जांच के बाद ही सच्चाई सामने आने की उम्मीद है.

MAHARASHTRA : मुंबई के नागपाड़ा में दिनदहाड़े 2.55 करोड़ की गोल्ड लूट, पुलिस ने एक आरोपी काे हिरासत में लिया

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नागपाड़ा में डायना ब्रिज पर बाइक सवार बदमाशों ने फिल्मी अंदाज़ में 2.55 करोड़ रुपये के सोने से भरा बैग लूटकर फरार हो गए. इस मामले मे पुलिस ने एक आरोपी काे पकड़ा है.दक्षिण मुंबई के नागपाड़ा इलाके में गुरुवार सुबह उस वक्त सनसनी फैल गई जब डायना ब्रिज पर दिनदहाड़े करीब 2.55 करोड़ रुपए के सोने से भरा बैग ले जा रहे शख्स के पास से एक बाइक सवार लूट कर फरार हो गए. यह वारदात बिल्कुल फिल्मी अंदाज़ में अंजाम दी गई और पुलिस मामले में जांच कर रही है.

इस मामले में 49 वर्ष के शिकायतकर्ता शांताराम पावस्कर ने पुलिस को दिए अपने बयान ने बताया कि वो अपने भतीजे तेजस के साथ लोअर परेल स्थित एक ज्वेलरी शॉप से करीब ढाई किलो सोना लेकर कारखाने की ओर जा रहे थे.तभी सुबह 8:45 बजे जैसे ही वे डायना ब्रिज पर पहुंचे, पीछे से एक बाइक पर आए दो अज्ञात आरोपियों ने उन्हें टक्कर मारी और तेज़ी से बैग छीन लिया. यही नहीं, लुटेरे शिकायतकर्ता की स्कूटी की चाबी भी साथ ले गए ताकि वे पीछा न कर सकें.

घटना की सूचना मिलते ही नागपाड़ा पुलिस मौके पर पहुंची और अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया. मुंबई क्राइम ब्रांच भी इस मामले में पैरेलल जांच कर रही है. एक अधिकारी ने बताया कि पुलिस आसपास के CCTV फुटेज खंगाल रही है, ताकि बाइक सवार कहाँ से कहा गए उनकी पहचान या उनके बाइक का रजिस्ट्रेशन नंबर पता लगाया जा सके.

पुलिस का मानना है कि आरोपियों को शायद इनकी जानकारी पहले से हो सकती है या फिर ये लोग उन्हें लोअर परेल से ही फॉलो कर रहे थे और सुबह के समय सुनसान डायना ब्रिज पर मौका देखकर वारदात को अंजाम दिया गया. फिलहाल मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज़ कर दी गई है. 50 से ज्यादा CCTV फुटेज की जांच की जा चुकी है और नागपाड़ा पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीमें आरोपियों की तलाश में जुटी हैं.

 

AHMEDABAD : लंदन में छुट्टियां मनाने के लिए बचाए पैसे, अहमदाबाद प्लेन क्रैश में चली गई जान, दर्दनाक दास्तां पढ़कर खड़े हो जाएंगे रोंगटे

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अहमदाबाद प्लेन हादसे में कुल 169 भारतीय यात्री सवार थे, जिसमें 33 लोग आणंद जिले के रहने वाले थे, जबकि 19 यात्री वडोदरा और 17 यात्री खेड़ा से थे, जिनकी मौत हो गई.

गुजरात के अहमदाबाद में गुरुवार को एयर इंडिया को जो विमान क्रैश हुआ, उसमें क्रू मैंबर समेत कुल 242 लोग सवार थे. विमान में सवार लोगों की एयर इंडिया ने सूची जारी की है. इस सूची के मुताबिक बोइंग 787-7 एयरक्राफ्ट पर सवार यात्रियों में से 169 भारतीय हैं, इनमें से 33 यात्री गुजरात के आणंद जिले से थे. इनके अलावा 19 यात्री वडोदरा और 17 यात्री खेड़ा से थे. ये सभी यात्री उस विमान में सवार थे, जिसने लंदन के लिए उड़ान भरी थी. लेकिन, कुछ सैकेंड में ये विमान हादसे का शिकार हो गया.

इस हादसे के बाद उनके पीछे बेहद दर्दनाक कहानियां रह गई हैं. कोई अपनों से मिलने तो कोई छुट्टियां मनाने जा रहा था, लेकिन शायद ही किसी को पता होगा कि ये उनके जीवन की आखिरी यात्रा बनकर रह जाएगी. ऐसी ही एक दर्दनाक कहानी आणंद जिले में रहने वाली भावना राणा की है. परिजनों ने बताया कि भावना अपनी बहन आनंदी राणा के साथ दो महीने की छुट्टियां बिताने लंदन के लिए रवाना हुई थीं. उनके दो बच्चे लंदन में रहते थे.

करमसद के अस्पताल में काम करने वाली भावना ने इस यात्रा के लिए पैसे बचाकर रखे थे. उनके भतीजे अमित राणा ने कहा कि मेरी दोनों बुआ इस फ्लाइट में सवार थी. हमें यकीन नहीं हो रहा है कि वो अब नहीं रहीं. हम उम्मीद कर रहे हैं कि कोई चमत्कार हो और वो वापस आ जाएं.

आणंद के उत्तरसंडा में रहने वाली रूपल पटेल (44) के रिश्तेदारों ने बताया कि वो इलाज के लिए भारत आई थीं. रूपल के ब्रिटेन में दो छोटे बच्चे हैं. गुरुवार को उनके भाई पवन पटेल उन्हें एयरपोर्ट छोड़ने लगे थे. वो वापस भी नहीं लौट पाया था कि इस हादसे के बारे में पता चला. हमारा परिवार रुपल को खोज रहा है. दुर्भाग्य से, उनका पता नहीं चल पाया है. ये हमारे परिवार के लिए बेहद दर्दनाक है.

ऐसी ही एक कहानी वडोदरा में रहने वाली नैन्सी पटेल (35) की है. पड़ोसियों ने बताया कि नैंसी अपनी छोटी बेटी को वडोदरा में पति के परिवार के पास छोड़ने आई थीं और लंदन लौट रही थीं. लेकिन, इस हादसे में उनकी जान चली गई. उनके माता-पिता अपना डीएनए सैंपल देने के लिए अहमदाबाद रवाना हो गए हैं. वो अपनी बेटी को छोड़ने आई थी और कुछ दिन बाद उसे वापस लेने के लिए आने वाली थी.

खेड़ा के कलेक्टर अमित प्रकाश यादव ने भी इस हवाई दुर्घटना में यहां के 17 लोगों के मारे जाने की पुष्टि की है. इनमें महमदाबाद निवासी रुद्र पटेल (20), ठसरा से जिया परवेज वोहरा (6), परवेज वोहरा (32), नडियादड में रहने वाले महादेव पवार (75) और उनकी पत्नी आशाबेन (65), बेटी हिना पटेल, कठलाल में रहने वाले प्रशांत पटेल (49) और पीयूष पटेल (29). उत्तरसंडा से रूपल पटेल (44), महुदा से प्रवीण पटेल और रंजनबेन पटेल समेत अन्य नाम इस लिस्ट में शामिल हैं.

NATIONAL : श्रद्धालुओं से भरी बस पलटी, ब्रेक फेल होने से हुआ बड़ा हादसा, बद्रीनाथ से लौट रहे थे यात्री

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बस बदरीनाथ से 29 श्रद्धालुओं को लेकर वापस लौट रही थी. बस में घायल हुए श्रद्धालुओं को 108 सेवा वाहन की मदद से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ज्योतिर्मठ में भर्ती कराया गया. उत्तराखंड में हादसों का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है. आज फिर एक बड़ा हादसा बद्रीनाथ से लौट रही यात्री बस के साथ हुआ, जहां बस पलटने से 11 तीर्थ यात्री घायल हुए हैं. तीन की हालत नाजुक बनी हुई है जिन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया है.

जानकारी के मुताबिक बदरीनाथ धाम से तीर्थयात्रियों को लेकर लौट रही बस अणीमठ के पास बदरीनाथ हाईवे पर पलट गई. घटना बुधवार रात करीब 11 बजे की बताई जा रही है, लेकिन इस घटना की जानकारी देर से मिली दुर्घटना का कारण प्रथम दृष्टया बस का ब्रेक फेल होना बताया जा रहा है. ज्योतिर्मठ कोतवाली के थानाध्यक्ष देवेंद्र रावत ने बताया कि रात करीब 11:30 बजे पुलिस को अणीमठ के पास बस दुर्घटना की सूचना मिली.

दुर्घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची. बस बदरीनाथ से 29 श्रद्धालुओं को लेकर वापस लौट रही थी. बस में घायल हुए श्रद्धालुओं को 108 सेवा वाहन की मदद से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ज्योतिर्मठ में भर्ती कराया गया. जहां से गंभीर घायल बैकुंठी देवी, श्रीमती देवी व मीना देवी, सभी राजस्थान निवासी को प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है. उन्होंने बताया कि दुर्घटना का कारण प्रथम दृष्टया बस का ब्रेक फेल होना बताया जा रहा है. इसकी जांच की जा रही है.

घटना के बाद पुलिस ने इस जगह से गुजरने वाले वाहनों को सावधानी बरतने के लिए कहा है. वहीँ बढ़ते हादसों को देखते हुए पुलिस का निगरानी दल सतर्क हो गया है. वाहन चालकों को सावधानी बरतने के लिए कहा जा रहा है. उधर चारधाम यात्रा जारी है, सतर्कता के बावजूद उत्तराखंड में हादसे लगातार जारी है.जिससे स्थानीय पुलिस प्रशासन पर भी सवाल उठ रहे हैं, उत्तराखंड पुलिस ने ड्राइवरों को भी एडवाइजरी जारी की है.

 

NATIONAL : प्रमोशनल शूट के बहाने बुलाया, गला दबाकर कर दी हत्या… सोशल मीडिया स्टार कमल कौर केस में बड़ा खुलासा

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प्रमोशनल शूट के बहाने लुधियाना की सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर कमल कौर उर्फ कंचन कुमारी को बठिंडा बुलाया गया और फिर गला घोंटकर हत्या कर दी गई. इस मामले में बठिंडा पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि हत्या की साजिश रचने वाला मुख्य आरोपी अमृतपाल सिंह अब भी फरार है. पुलिस के मुताबिक, अमृतपाल कमल के सोशल मीडिया पर पोस्ट किए जा रहे बोल्ड और कथित आपत्तिजनक कंटेंट से नाराज था.

पंजाब के बठिंडा में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर कंचन कुमारी उर्फ कमल कौर भाभी की हत्या के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है. पुलिस ने इस सनसनीखेज केस में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि मुख्य साजिशकर्ता अमृतपाल सिंह मेहरों फिलहाल फरार है. बता दें कि कमल कौर की लाश आदेश यूनिवर्सिटी की पार्किंग में खड़ी कार की पिछली सीट पर मिली थी. जब स्थानीय लोगों ने वाहन से बदबू आने की सूचना दी, तो पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की.

जांच के दौरान सामने आया कि कमल कौर को अमृतपाल मेहरों ने एक प्रमोशनल शूट के बहाने बठिंडा बुलाया था. जैसे ही वह शहर पहुंची, पहले से साजिश रच चुके जसप्रीत सिंह और निमरतजीत सिंह ने उसकी गला दबाकर हत्या कर दी और शव को उसी कार में छोड़कर फरार हो गए. कार पर नंबर प्लेट भी फर्जी थी, ताकि पुलिस को गुमराह किया जा सके.

एसएसपी बठिंडा अवनीत कोंडल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि अमृतपाल सिंह मेहरों इस पूरे हत्याकांड का मास्टरमाइंड है. उसे कमल कौर द्वारा सोशल मीडिया पर डाले जा रहे कंटेंट को लेकर आपत्ति थी. पुलिस का कहना है कि आरोपी कमल कौर के उन वीडियोज और कंटेंट से नाखुश थे. उन्होंने इसे ‘मोरल पुलिसिंग’ के नाम पर व्यक्तिगत मामला बना लिया.

कमल कौर की हत्या के बाद शव की हालत काफी खराब हो चुकी थी, जिससे पहचान मुश्किल हो गई. पुलिस अब पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के जरिए हत्या की टाइमिंग और अन्य पहलुओं का पता लगाने में जुटी है. अमृतपाल की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं.कंचन कुमारी सोशल मीडिया पर कमल कौर भाभी नाम से मशहूर थीं. इंस्टाग्राम पर उनके 3.83 लाख फॉलोअर्स और यूट्यूब चैनल ‘फनी भाभी टीवी’ पर 2.36 लाख सब्सक्राइबर्स थे. उनका कॉन्टेंट बोल्ड होता था. इसको लेकर पहले भी उन्हें धमकियां मिल चुकी थीं, जिनमें एक पाकिस्तानी गैंगस्टर का नाम सामने आया था.

अमृतपाल मेहरों का बैकग्राउंड भी विवादों से जुड़ा रहा है. वह मोगा के मेहरों गांव का रहने वाला है और साल 2022 में शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर) के टिकट पर धर्मकोट तरनतारन से विधानसभा चुनाव भी लड़ चुका है. मेहरों 12वीं पास है. मेहरों ने साल 2014 में आईटीआई जिला मोगा से डीजल मैकेनिक के रूप में डिप्लोमा किया है. पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, उसके खिलाफ साल 2022 में लुधियाना में कांग्रेस प्रमुख राजा वारिंग को धमकाने का मामला दर्ज किया गया था. अब कमल कौर की हत्या के मामले में फरार है.

ENTERTAINMENT : अहमदाबाद प्लेन क्रैश हादसे से सदमे में अमिताभ बच्चन, पोस्ट में लिखा- ‘हे भगवान! स्तब्ध’

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अहमदाबाद में हुए दिल दहला देने वाले प्लेन क्रैश हादसे से अमिताभ बच्चन भी सदमे में हैं. बिग बी ने पोस्ट कर इस घटना पर दुख जताया है.गुजरात के अहमदाबाद में गुरुवार को हुए प्लेन क्रैश हादसे में 241 लोगों की मौत से पूरा देश सदमे में हैं. हर कोई इस दिल दहला देने वाली घटना पर शोक जता रहा है. बॉलीवुड के भी तमाम सेलेब्स ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर प्लेन हादसे पर रिएक्शन दिया है. वहीं अब अमिताभ बच्चन का भी पोस्ट में दर्द छलका है.

अमिताभ बच्चन ने अहमदाबाद प्लेन क्रैश दुर्घटना पर अपनी संवेदना और प्रार्थनाएं व्यक्त की. शुक्रवार दोपहर को,अमिताभ बच्चन ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, “टी 5410 – हे भगवान! हे भगवान! हे भगवान! स्तब्ध! सुन्न! ईश्वर कृपा! हृदय से प्रार्थनाएं!”

गुरुवार को हुईएयर इंडिया विमान दुर्घटना पर कई अन्य बॉलीवुड हस्तियों ने भी अपना रिएक्शन दिया. बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान ने एक भावुक संदेश में लिखा था, “अहमदाबाद में दुर्घटना की खबर सुनकर दिल टूट गया… पीड़ितों, उनके परिवारों और सभी प्रभावितों के लिए मेरी प्रार्थनाएं.” इस बीच, सलमान खान ने लिखा, “अहमदाबाद विमान दुर्घटना के बारे में सुनकर बहुत दुख हुआ… यात्रियों, चालक दल और सभी प्रभावितों के परिवारों के लिए हार्दिक प्रार्थनाएं.”

वहीं आमिर खान ने एयर इंडिया दुर्घटना के मद्देनजर अपने प्रोडक्शन हाउस आमिर खान प्रोडक्शंस के आधिकारिक एक्स (पूर्व में ट्विटर) हैंडल के माध्यम से अपनी संवेदनाएं जाहिक की. उन्होंने नोट में लिख, “आज हुई दुखद विमान दुर्घटना से हम बहुत दुखी हैं. इस गहरे नुकसान की घड़ी में, हमारी संवेदनाएं प्रभावित परिवारों के साथ हैंमज़बूत रहो भारत. टीम AKP.”

इन सबके बीच एयर इंडिया ने सोशल मीडिया पर एक आधिकारिक बयान में इस दुखद दुर्घटना की पुष्टि की, जिसमें लिखा था, “अपडेट: एयर इंडिया पुष्टि करता है कि 12 जून 2025 को अहमदाबाद से लंदन गैटविक के लिए उड़ान भरने वाली AI171 दुर्घटनाग्रस्त हो गई. 12 साल पुराना बोइंग 787-8 विमान 1338 बजे अहमदाबाद से रवाना हुआ था, जिसमें 230 पैसेंजर और 12 क्रू मेंबर्स सवार थे. टेक ऑफ करने के तुरंत बाद एयर क्राफ्ट क्रैश हो गया. हमें यह बताते हुए खेद है कि विमान में सवार 242 लोगों में से 241 की मौत की पुष्टि हो चुकी है. केवल एक जिंदा बचे यात्री का अस्पताल में इलाज चल रहा है.”

 

NATIONAL : ‘मैं एअर इंडिया को 2 करोड़ रुपए दूंगी, मेरे पापा वापस लाकर दो…’ हादसे में जान गंवाने वाले यात्री की बेटी का छलका दर्द

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रोते हुए फाल्गुनी ने कहा कि वह एक करोड़ देने की बात कर रहे हैं, मैं दो करोड़ दूंगी, लेकिन बदले में मेरे पापा वापस ला दो. क्या पैसे से इंसान खरीदे जा सकते हैं? फाल्गुनी आगे कहती हैं, हम उस पैसों से पलंग खरीद लेंगे, लेकिन उस पर नींद कैसे आएगी, जो सच्चा प्यार मेरे पापा मुझे देते थे, वो कहां मिलेगा.

‘आप एक करोड़ देना चाहते हो, मैं आपको दो करोड़ दूंगी, बस मेरे पापा मुझे वापस कर दो…’ ये शब्द हैं फाल्गुनी के, उस बेटी के, जिसने अपने पिता को अहमदाबाद विमान हादसे में खो दिया. फाल्गुनी ने जब आजतक के सामने अपनी बात रखी तो वहां मौजूद हर आंख नम हो गई. उसकी आवाज में क्रोध था, लाचारी थी, लेकिन सबसे अधिक था एक बेटी का प्रेम.

फाल्गुनी सवाल पूछती हैं, कोई बता दे कि मेरे पापा की क्या गलती थी जो इस फ्लाइट में बैठे. मैं बेटी हूं, मुझे मेरे पापा वापस ला कर दो. एअर इंडिया क्या मजाक बना कर बैठी है, कोई जवाब नहीं, कोई संवेदना नहीं.रोते हुए फाल्गुनी ने कहा कि वह एक करोड़ देने की बात कर रहे हैं, मैं दो करोड़ दूंगी, लेकिन बदले में मेरे पापा वापस ला दो. क्या पैसे से इंसान खरीदे जा सकते हैं? फाल्गुनी आगे कहती हैं, हम उस पैसों से पलंग खरीद लेंगे, लेकिन उस पर नींद कैसे आएगी, जो सच्चा प्यार मेरे पापा मुझे देते थे, वो कहां मिलेगा. फाल्गुनी कहती है कि मेरे पिता एक देशभक्त थे. वो खुद को एअर इंडिया का गौरवशाली यात्री मानते थे. वे अक्सर कहते थे, एअर इंडिया हमारा गर्व है, ये देश की शान है. फाल्गुनी ने सवाल किया कि क्या मिला मेरे पापा को देश प्रेम का इनाम? क्या ऐसे चलाना है देश का नाम? फाल्गुनी कहती हैं कि बंद कर दो एअर इंडिया अगर आप सुरक्षित उड़ान नहीं भरवा सकते. ये कोई मजाक नहीं है. किसी की जान से बड़ा कुछ नहीं होता.

वहीं दूसरी ओर एक ऐसी महिला भूमि भी है जिसकी यह फ्लाइट छूट गई थी. जिस वजह से उनकी जान बच गई. भूमि ने बताया, मेरी फ्लाइट की टाइमिंग दोपहर 1 बजकर 10 मिनट की थी और 12:10 से पहले एयरपोर्ट पहुंचना था. रास्ते में ट्रैफिक बहुत था, इसलिए मुझे एयरपोर्ट पहुंचने में 12 बजकर 20 मिनट हो गए थे. मैं चेक-इन नहीं कर पाई और सुरक्षा कर्मियों ने मुझे वापस जाने के लिए कह दिया. इसलिए मेरी फ्लाइट मिस हो गई. शुरुआत में मैं सोच रही थी कि थोड़ी जल्दी आ जाती तो नुकसान नहीं होता और फ्लाइट पकड़ पाती. लेकिन अब सोचती हूं कि जो हुआ अच्छा ही हुआ.

भूमि ने हादसे के बारे में कहा, ‘मैं एयरपोर्ट से घर के लिए वापस लौट रही थी, तो रास्ते में मुझे पता लगा कि जिस फ्लाइट में मैं बैठने वाली थी वही क्रैश हो गई है. मेरा शरीर सचमुच कांप रहा था. मैं बात नहीं कर पा रही थी. जो कुछ भी हुआ है उसे सुनने के बाद मैं सन्न रह गई थी. मैंने सोचा कि मेरे कुछ अच्छे कर्म रहे होंगे जो मेरी फ्लाइट मिस हो गई और मेरी जान बच गई. लेकिन और लोगों के साथ जो हुआ है वह बहुत भयावह घटना है. इतने लोगों की जान चली गई. मैं भगवान से प्रार्थना करती हूं कि वह हादसे में जान गंवाने वालों की आत्मा को शांति दे.’

गुजरात के आतंकवाद निरोधक दस्ते (ATS) ने अहमदाबाद हवाई अड्डे के निकट एअर इंडिया के विमान की दुखद दुर्घटना के एक दिन बाद शुक्रवार को विमान के मलबे से डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर (DVR) बरामद किया है. यह दुर्घटना के कारणों का पता लगाने में काफी महत्वपूर्ण साक्ष्य होता है. डीवीआर ‘बोइंग 787 ड्रीमलाइनर’ विमान के मलबे के बीच पाया गया, जो सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरने के तुरंत बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, और पास के आवासीय परिसर में जा गिरा था.

विमान का पिछला हिस्सा मेघानी नगर में बीजे मेडिकल कॉलेज के यूजी हॉस्टल मेस पर गिरा, जिससे इमारत को काफी क्षति पहुंची और इसमें मौजूद 24 मेडिकल छात्रों की मौत हो गई. वहीं कई मेडिकल और नर्सिंग छात्र घायल हैं, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है. घटनास्थल पर मौजूद गुजरात एटीएस के एक अधिकारी ने कहा, ‘यह एक डीवीआर है, जिसे हमने मलबे से बरामद किया है. फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की टीम जल्द ही यहां आएगी और डिवाइस की जांच करेगी, जो दुर्घटना की ओर ले जाने वाली घटनाओं के क्रम के बारे में महत्वपूर्ण सुराग दे सकती है.’

डीवीआर की बरामदगी दुर्भाग्यपूर्ण विमान दुर्घटना के अंतिम क्षणों में क्या कुछ हुआ था, उसकी जानकारी जुटाने में मदद करेगी. अहमदाबाद में गुरुवार को हुई इस भीषण विमान दुर्घटना में 265 लोगों की जान चली गई. एअर इंडिया के विमान AI-171 ने 242 यात्रियों और चालक दल के सदस्यों के साथ लंदन के गैटविक एयरपोर्ट के लिए उड़ान भरा था. यात्रियों में 169 भारतीय नागरिक, 53 ब्रिटिश नागरिक, 7 पुर्तगाली नागरिक और एक कनाडाई नागरिक शामिल थे, जबकि दो पायलट समेत कुल 12 क्रू मेम्बर्स फ्लाइट में मौजूद थे.

यहां हम आपको बता दें कि डीवीआर और ब्लैक बॉक्स दोनों में अंतर होता है और अहमदाबाद में दुर्घटनाग्रस्त हुए एअर इंडिया के विमान का ब्लैक बॉक्स अभी रिकवर नहीं हुआ है. DVR (डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर) और ब्लैक बॉक्स दोनों का काम डेटा रिकॉर्ड करना होता है, लेकिन DVR आमतौर पर सिक्योरिटी कैमरों से फ्लाइट का वीडियो रिकॉर्ड करता है, जबकि ब्लैक बॉक्स फ्लाइट डेटा और कॉकपिट ऑडियो रिकॉर्ड करता है.

डीवीआर अक्सर सर्विलांस पर्पज से सिक्योरिटी कैमरों से वीडियो फुटेज रिकॉर्ड करता है. डीवीआर से रिकॉर्ड वीडियो डेटा को आमतौर पर हार्ड ड्राइव या क्लाउड स्टोरेज पर स्टोर किया जाता है. डीवीआर मुख्य रूप से विजुअल डेटा रिकॉर्ड करता है. वहीं ब्लैक बॉक्स (फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर) में फ्लाइट डेटा जैसे- विमान की गति, ऊंचाई, इंजन का थ्रस्ट, आदि और कॉकपिट ऑडियो (पायलट की बातचीत) रिकॉर्ड होता है. ब्लैक बॉक्स में स्पेशलाइज्ड रिकार्डर का उपयोग किया जाता है जो भीषण दुर्घटना की स्थिति में भी क्षतिग्रस्त नहीं होने के लिए डिजाइन किए गए होते हैं.

Air India Plane Crash: पिता को जन्मदिन का सरप्राइज देने आई थी भारत, CBI अफसर की बेटी दीपांशी की मौत

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अहमदाबाद में हुए दर्दनाक विमान हादसे के बाद देश में शोक का माहौल है. इस विमान हादसे में गुजरात की रहने वाली दीपांशी की भी दर्दनाक मौत हुई है.अहमदाबाद विमान हादसे में गुजरात की रहने वाली दीपांशी की भी दर्दनाक मौत हुई है. गांधीनगर के सरगासन स्थित स्वागत फ्लेमिंगो सोसायटी में रहने वाली दीपांशी भदौरिया लंदन में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही थीं और एक महीने पहले अपने पिता को जन्मदिन पर सरप्राइज देने भारत आई थीं.

विमान में सवार 242 लोगों में से 241 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है. इस हादसे में बचने वाले एक व्यक्ति का अस्पताल में इलाज चल रहा है. हादसे में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी का भी निधन हुआ है. उनके अलावा मरने वालों में यात्रियों में 169 भारतीय, 53 ब्रिटिश, 7 पुर्तगाली और 1 कनाडाई शामिल थे.

इस दुर्घटना में बचने वाले एकमात्र व्यक्ति विश्वास कुमार रमेश ने मीडिया से बातचीत में कहा, “कुछ समझ नहीं आया. मैं जहां गिरा था, वो प्लेन के बाहर नीचे की तरफ का हिस्सा था. जैसे ही प्लेन गिरा, मेरी साइड स्पेस था और मेरी साइड का गेट टूट गया, जिससे मैं निकला. मुझे नहीं पता मैं कैसे बच गया. जब आग लगी तो मेरा बायां हाथ जल गया था.” अस्पताल में भर्ती विश्वास कुमार रमेश का कहना है कि लोग बहुत सपोर्ट कर रहे हैं.

दीपांशी गुरुवार को लंदन लौट रही थीं, लेकिन एयर इंडिया की फ्लाइट हादसे का शिकार हो गई और इस दुर्घटना में उनकी मौत हो गई. दीपांशी के पिता केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) में डीएसपी के पद पर कार्यरत हैं. बेटी को अचानक घर आया देख जो परिवार बेहद खुश था, अब उसी घर में मातम पसरा है.एयर इंडिया का विमान गुरुवार दोपहर को अहमदाबाद एयरपोर्ट से उड़ान भरने के बाद दुर्घटनाग्रस्त हुआ था. 230 यात्रियों और 12 चालक दल के सदस्यों को लेकर दोपहर 01.38 बजे विमान अहमदाबाद से लंदन के लिए रवाना हुआ था. कुछ मिनट बाद ही ये विमान एक बिल्डिंग से टकराया और उसमें आग लग गई.

 

NATIONAL : तीन कंपनी PAC, 800 पुलिसकर्मी, CCTV-ड्रोन से निगरानी… 15 जून को कैंची धाम मेला के लिए उत्तराखंड पुलिस अलर्ट

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पुलिस महानिरीक्षक (कुमाऊं रेंज) रिधिम अग्रवाल और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (नैनीताल) प्रहलाद नारायण मीना सहित वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एडीजी ने मंदिर परिसर के आसपास के प्रमुख स्थानों का दौरा किया, जिसमें प्रमुख सड़कें, पार्किंग क्षेत्र और अधिक भीड़भाड़ वाले क्षेत्र शामिल हैं. इसका उद्देश्य तैयारियों का आकलन करना और उन क्षेत्रों की पहचान करना था, जिन पर आयोजन से पहले और अधिक ध्यान देने की आवश्यकता हो सकती है.

 

15 जून को वार्षिक कैंची धाम स्थापना दिवस मेले की तैयारियां जोरों पर हैं. उत्तराखंड पुलिस के एडीजी (कानून व्यवस्था) वी. मुरुगेसन ने बुधवार को कैंची धाम क्षेत्र का निरीक्षण किया. उन्होंने सुरक्षा-व्यवस्था और तैयारियों का जायजा लिया. आपको बता दें कि कैंची धाम मेले में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु आते हैं. अधिकारियों ने कहा है कि जन सुरक्षा और कार्यक्रम का सुचारू संचालन सर्वोच्च प्राथमिकता है.

एडीजी के दौरे में सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण उपायों और आने वाले श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं की समीक्षा पर ध्यान केंद्रित किया गया.

पुलिस महानिरीक्षक (कुमाऊं रेंज) रिधिम अग्रवाल और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (नैनीताल) प्रहलाद नारायण मीना सहित वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एडीजी ने मंदिर परिसर के आसपास के प्रमुख स्थानों का दौरा किया, जिसमें प्रमुख सड़कें, पार्किंग क्षेत्र और अधिक भीड़भाड़ वाले क्षेत्र शामिल हैं. इसका उद्देश्य तैयारियों का आकलन करना और उन क्षेत्रों की पहचान करना था, जिन पर आयोजन से पहले और अधिक ध्यान देने की आवश्यकता हो सकती है. प्रांतीय सशस्त्र पुलिस बल (पीएसी) की कुल तीन कंपनियों और 800 से अधिक पुलिस कर्मियों की तैनाती का प्रस्ताव है. मेले के दौरान सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के लिए इन्हें निर्दिष्ट क्षेत्रों में तैनात किया जाएगा.

कर्मियों की व्यवस्थित तैनाती, भीड़ के बीच सुरक्षा के लिए सादे कपड़ों में अधिकारियों को नियुक्त करने और संदिग्ध वस्तुओं की नियमित जांच करने के लिए क्षेत्र को सेक्टरों में विभाजित किया जाएगा. भवाली में सरदार पटेल भवन में एक बैठक आयोजित की गई, जहां नैनीताल पुलिस ने एडीजी को तैयारियों की वर्तमान स्थिति के बारे में जानकारी दी. बैठक के दौरान, एडीजी ने एक सुरक्षित और सुव्यवस्थित आयोजन सुनिश्चित करने के लिए विशिष्ट दिशा-निर्देशों की रूपरेखा तैयार की.

पुलिस के लिए प्रमुख चुनौतियों में मंदिर प्रबंधन समिति और कार्यक्रम आयोजकों के साथ समन्वय, प्रवेश और निकास बिंदुओं का उचित प्रबंधन और भीड़ के प्रवाह में सहायता के लिए स्वयंसेवकों की तैनाती शामिल है. जिम्मेदार अधिकारियों के साथ एक केंद्रीय नियंत्रण कक्ष स्थापित करना, सीसीटीवी और ड्रोन निगरानी का उपयोग करना और गलत सूचनाओं का मुकाबला करने के लिए एक सक्रिय सोशल मीडिया निगरानी सेल बनाए रखना.

एडीजी कानून एवं व्यवस्था ने अधिकारियों को रूट डायवर्जन योजना का प्रसार करने, शटल सेवाओं का कुशलतापूर्वक प्रबंधन करने और सभी पार्किंग क्षेत्रों में कर्मचारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया. मार्गों, प्रवेश और निकास द्वारों और पार्किंग तथा प्रसाद वितरण जैसे सेवा बिंदुओं के लिए स्पष्ट संकेत. मंदिर में प्रवेश को विनियमित करने के लिए भीड़ के घनत्व की निगरानी करना. समीक्षा बैठक के दौरान यातायात, अपराध, खुफिया और स्थानीय पुलिस स्टेशनों सहित विभिन्न पुलिस इकाइयों के अधिकारी मौजूद थे.

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