Wednesday, May 13, 2026
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UP: लखनऊ में जहर देकर 10 से ज्यादा कुत्तों को मारने की कोशिश, 4 की मौत

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लखनऊ के तालकटोरा थाना क्षेत्र में इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है. राजाजीपुरम टैक्सी स्टैंड के पास जहर खाने से 4 बेजुबान कुत्तों की मौत हो गई जबकि कई की हालत गंभीर है. जीव आश्रय की टीम ने इलाज शुरू किया. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है.

लखनऊ में एक बार फिर इंसानियत को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है. तालकटोरा थाना क्षेत्र के राजाजीपुरम टैक्सी स्टैंड के पास 10 से ज्यादा बेजुबान कुत्तों को जहर देकर मारने की कोशिश की गई. स्थानीय लोगों ने बताया कि अचानक कई कुत्ते तड़पने लगे और देखते ही देखते चार कुत्तों की मौत हो गई. मौके पर जीव आश्रय की टीम पहुंची. टीम ने तड़पते हुए कुत्तों को तत्काल इलाज देना शुरू किया. गंभीर हालत में कुछ कुत्तों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. डॉक्टरी टीम लगातार इनकी निगरानी कर रही है.

 

NATIONAL : ‘तनु ने अंसारी को घर की चाबियां दी थी’, पति की हत्या के आरोप में महिला और प्रेमी समेत 3 गिरफ्तार

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रांची में एक महिला, उसके प्रेमी और एक सहयोगी को पति की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. महिला का प्रेमी, रमेश उरांव का पूर्व व्यापारिक साझेदार था.

झारखंड की राजधानी रांची से एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है. यहां एक विवाहित महिला और उसके प्रेमी सहित तीन व्यक्तियों को महिला के पति की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. यह जानकारी पुलिस ने बुधवार को दी. रमेश उरांव की 19 मई को कांके थाना क्षेत्र स्थित उनके घर में चाकू घोंपकर हत्या कर दी गई थी. मामले में पुलिस आरोपी पत्नी और प्रेमी समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है.

रांची के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) चंदन कुमार सिन्हा ने यहां संवाददाताओं को बताया, ‘‘उरांव की पत्नी तनु लकड़ा, उसके कथित प्रेमी शाहिद अंसारी और उसके सहयोगी सतीश बैठा को हत्या के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया है.’’

पुलिस ने अपराध में प्रयुक्त चार मोबाइल फोन, एक कार और एक चाकू भी जब्त कर लिया है. सिन्हा ने कहा कि लकड़ा का अंसारी के साथ विवाहेतर संबंध था और अपने पति से छुटकारा पाने के लिए उसने एक साजिश रची, जिसमें सतीश बैठा ने भी सक्रिय भूमिका निभाई.रांची के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मामले में प्राथमिक जांच के बाद कहा, ‘‘तनु ने अंसारी को घर की चाबियां मुहैया कराई थीं, जिसने 19 मई को सुबह करीब 4.45 बजे घर में घुसते ही रमेश की चाकू घोंपकर हत्या कर दी.’’

उन्होंने बताया कि अंसारी, रमेश उरांव का पूर्व व्यापारिक साझेदार था और जमीन के लेनदेन में शामिल था. समय के साथ, उसने रमेश की पत्नी के साथ अवैध संबंध बना लिये. उन्होंने कहा, ‘‘रमेश को दोनों के रिश्ते के बारे में पता चल गया और तनु ने उसकी हत्या की साजिश रची. पुलिस के पास तीनों की संलिप्तता के पर्याप्त सबूत हैं.’’

 

BIHAR : लापता लड़की की जली हुई लाश खेत में मिली, रेप के बाद हत्या की आशंका, पुलिस पर भी लगे गंभीर आरोप

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नवगछिया के रंगरा थाना क्षेत्र में पांच दिन से लापता 18 वर्षीय लड़की की लाश मकई के खेत में मिली है. शव के हाथ बंधे थे और शरीर जला हुआ था. परिजनों ने रेप और हत्या की आशंका जताई है और पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया है. पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है.

बिहार के नवगछिया पुलिस जिला के रंगरा थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. पांच दिन से लापता एक 18 वर्षीय लड़की की जली हुई लाश गांव के पास मकई के खेत से बरामद हुई है. शव के हाथ बंधे थे और शरीर जला हुआ था. परिजन रेप और हत्या की आशंका जता रहे हैं.

मृतका आरती कुमारी 31 मई को दोपहर में कॉलेज जाने के लिए घर से निकली थी. लेकिन वह वापस नहीं लौटी. परिजनों ने उसी दिन रंगरा थाने में शिकायत की, लेकिन एफआईआर में देरी हुई. परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने समय पर कार्रवाई नहीं की. मोबाइल ऑन था लेकिन लोकेशन ट्रेस नहीं किया गया. वे कई बार थाना और एसपी कार्यालय गए लेकिन मदद नहीं मिली.

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3 जून को गांव के पास मकई के खेत में जब कुछ लोग फसल काट रहे थे तब लड़की की लाश दिखाई दी. पास में उसकी साइकिल और कागजात भी मिले. शव की पहचान आरती के परिजनों ने की.

एसडीपीओ ओम प्रकाश ने बताया कि शव को देखकर लग रहा है कि उसकी हत्या कर पहचान छिपाने के लिए जलाने की कोशिश की गई. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है और एक विशेष टीम बनाकर जांच शुरू कर दी है. घटना के बाद गांव में डर और गुस्से का माहौल है. परिजन लगातार पुलिस की लापरवाही को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं.

 

 

NATIONAL : कृत्रिम बारिश, एंटी-स्मॉग गन, 70 लाख पेड़ लगाने की तैयारी… प्रदूषण के खिलाफ दिल्ली सरकार का मास्टरप्लान तैयार

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दिल्ली सरकार ने प्रदूषण नियंत्रण के लिए अपने मास्टप्लान का ऐलान किया है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि आईआईटी कानपुर के सहयोग से क्लाउड सीडिंग तकनीक से कृत्रिम वर्षा का पायलट प्रोजेक्ट शुरू होगा. मानसून छोड़कर पूरे साल 1000 वॉटर स्प्रिंकलर, 140 एंटी-स्मॉग गन, 70 नई मैकेनिकल रोड स्वीपर और इलेक्ट्रिक लीटर पीकर्स तैनात किए जाएंगे.

दिल्ली सरकार ने प्रदूषण नियंत्रण के लिए विस्तृत योजना की घोषणा की है. इसमें आईआईटी कानपुर के सहयोग से कृत्रिम वर्षा का पायलट प्रोजेक्ट, वर्षभर वॉटर स्प्रिंकलर व एंटी-स्मॉग गन का संचालन, और नई रोड स्वीपर मशीनें शामिल हैं. निर्माण कचरा प्रबंधन के लिए नियम, वाहनों से उत्सर्जन घटाने के उपाय, और इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशनों का विस्तार किया जाएगा. 5 जून से ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत 70 लाख वृक्षारोपण का लक्ष्य है, साथ ही कूड़े के पहाड़ों को समाप्त करने की योजना पर भी कार्य होगा. ये जानकारियां दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को प्रेस वार्ता कर दी है.

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने साफ किया है कि आने वाली सर्दियों में ऑड-इवन स्कीम लागू नहीं की जाएगी. उन्होंने बताया कि सरकार का मानना है कि यह योजना लोगों की परेशानी बढ़ाने के लिए पिछली सरकारों ने लाई थी, पर प्रदूषण कम करने पर इसका असर नहीं हुआ.मुख्यमंत्री ने इस मौके पर इस साल के वायु प्रदूषण मिटिगेशन प्लान का शुभारंभ किया. उन्होंने कहा कि दिल्ली लंबे समय से वायु प्रदूषण की समस्या से जूझ रही है. “क्लीन दिल्ली, ग्रीन दिल्ली और हेल्थी दिल्ली” के लिए सरकारी प्रयास तेज किए जाएंगे. उन्होंने बताया कि प्रदूषण कम करने के लिए लेटेस्ट इनोवेशन और तकनीकी उपाय अपनाए जाएंगे.

रेखा गुप्ता ने कहा, प्रदूषण को कम करने के लिए खत्म करने के लिए हमारे जीतने भी साइंस ऑर्गेनाइजेशन हैं हम उनके साथ MoU (एमओयू) करेंगे. जो कि अपने लेटेस्ट इनोवेशन आइडियाज उसको दिल्ली सरकार के साथ मिलकर के प्रदूषण के खिलाफ लड़ाई लड़ने में सहयोग करेंगे.

उदाहरण के लिए दिल्ली सरकार ने अभी IIT कानपुर के साथ एक एमओयू साइन किया. जो कि क्लाउड सीडिंग और आर्टिफीसियल बारिश पर आधारित है. जिसको हमने एक पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू करने की मंजूरी दी है और बहुत जल्द दिल्ली में पहली बार क्लाउड सीडिंग के द्वारा आर्टिफीसियल बारिश की जाएगी.

इसी तरीके से प्रदूषण से लड़ने के लिए हम लोगों ने अनेकों युवाओं को इसके साथ जोड़ने के लिए जो स्टार्ट अप्स है और जो इनोवेशनल चैलेंजेस दिल्ली के प्रदूषण को लेकर के हम आमंत्रित करेंगे की जो की कॉस्ट इफेक्टिव भी होंगे और इफेक्टिव सलूशन भी दिल्ली को दे पाएंगे कि किस-किस तरीके से हम इस एयर प्रदूषण के चैलेंज को कम कर पाएं.इससे पहले क्या होता था पहले की सरकारों दिल्ली गवर्नमेंट के लेवल पे कम काम हो पाता था परंतु कहीं एमसीडी के लेवल पर कहीं एमसी के लेवल पर कुछ कुछ वाटर स्प्रिंक्लर चलते हुए दिखाई देते थे. वो भी तब जब भरी सर्दी होती थी और सर्दी के समय में ये माना जाता था कि अब प्रदूषण का समय शुरू हो गया. पर सच मानिये बहुत ज्यादा डीटेल्स स्टडी करने के बाद हम लोग इस नतीजे पर हैं की प्रदूषण जो है केवल मात्र दो महीने का काम नहीं है. ये साल भर रहने वाला प्रॉब्लम है.

 

FOOD : पाकिस्तान के लोग सबसे ज्यादा खाते हैं ये नॉनवेज डिश, जानें टॉप-5 आइटम्स के नाम

भारत की तरह पाकिस्तान में भी खाने को लेकर एक अलग तरह का क्रेज देखने को मिलता है. चलिए, आपको बताते हैं कि पाकिस्तान में किस फूड का सबसे ज्यादा पसंद किया जाता है.

पाकिस्तान के लोग दुनियाभर में सबसे ज्यादा नॉनवेज खाने के लिए जाने जाते हैं. गैलप और गिलानी पाकिस्तान के एक सर्वे में यह पता चला था कि 41 प्रतिशत लोग मटन और 23 प्रतिशत लोग चिकन खाना पसंद करते हैं. बिरयानी से लेकर पाकिस्तान में मिलने वाले मुगलई फूड के दीवाने दुनियाभर में आपको देखने को मिल जाएंगे. पाकिस्तान में बनने वाले व्यंजनों की खुशबू दुनियाभर के लोगों को पाकिस्तान खींच लाती है. चलिए आपको पाकिस्तान के उन 5 टॉप फूड आइटम्स के बारे में बताते हैं जो वहां के लोग सबसे ज्यादा खाते हैं.

बिरयानी

रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तान के लोगों की पहली पसंद बिरयानी है. यहां अलग अलग तरह से इसे बनाया जाता है. बिरयानी में चिकन बिरयानी का पाकिस्तान में काफी ज्यादा क्रेज है, इसको बासमती चावल, मसालेदार चिकन, दही, पुदीना, और केसर के साथ तहों में पकाया जाता है. इससे निकलने वाली खुशबू खाने वाले को अपनी तरफ आकर्षित करती है.

निहारी

पाकिस्तान में दूसरे नंबर पर जो डिश सबसे ज्यादा पसंद की जाती है, वह है निहारी. यह सिर्फ पाकिस्तान ही नहीं बल्कि भारतीय उपमहाद्वीप के सभी देशों में बड़े ही चाव से खाई जाती है. इसमें मटन को घंटों धीमी आंच पर पकाया जाता है, जिससे इसका स्वाद लजीज हो जाता है. इसमें खुशबू बढ़ाने के लिए गुलाब जल का भी उपयोग किया जाता है.

कढ़ाही चिकन

कढ़ाही चिकन पाकिस्तान में खूब पॉपुलर है, यह स्वाद में तीखा, टमाटर बेस्ड और मसालेदार होता है. लोहे की कढ़ाही में टमाटर, हरी मिर्च, अदरक, लहसुन और मोटे मसालों में चिकन को हाई फ्लेम पर फ्राई किया जाता है और आखिर में इसमें बटर या मलाई डाली जाती है.

सीक कबाब

भारत में सीक कबाब बनाने के लिए लैंब या चिकन का इस्तेमाल किया जाता है, वहीं पाकिस्तान में सीक कबाब को बीफ से बनाया जाता है. बीफ या चिकन के कीमे में हरी मिर्च, धनिया, मसाले मिलाकर सीख पर चढ़ा कर तंदूर या कोयले पर ग्रिल किया जाता है. यह भी भारतीय उपमहाद्वीप के देशों में खूब पॉपुलर है.

हलीम

पाकिस्तान के साथ साथ हलीम भारत में भी खूब खाया जाता है. इसको दाल, अनाज और मांस से बनाया जाता है. इन्हें कई घंटों तक पकाकर पीसा जाता है, जिससे इसका टेक्सचर स्मूदी जैसा हो जाता है. आपको बता दें कि हलीम प्रोटीन, फाइबर और एनर्जी से भरपूर डिश मानी जाती है.

 

BUSINESS : Zepto के धारावी फूड सेंटर पर FDA की कार्रवाई, खराब स्थिति में मिले सामान, कंपनी ने क्या कहा?

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महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म Zepto का धारावी स्थित फूड बिजनेस लाइसेंस रद्द कर दिया है. फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड एक्ट 2006 का उल्लंघन पाया गया.

अगर आप भी Zepto कंपनी से सामान मंगाते हैं तो यह खबर आपके लिए है. Zepto के वेयर हाउस में गंदगी की भरमार देखने को मिली है. इतना ही नहीं सामान खराब और सड़ी हुई अवस्था में नजर आए. महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म Zepto की पैरेंट कंपनी किरण कार्ट टेक्नोलॉजीज का फूड बिजनेस लाइसेंस रद्द कर दिया है.

यह कार्रवाई मुंबई के धारावी स्थित उसके सेंटर पर अचानक किए गए निरीक्षण के बाद की गई है. अधिकारियों के मुताबिक इस जांच में फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 और फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स (लाइसेंसिंग एंड रजिस्ट्रेशन ऑफ फूड बिजनेस) रेगुलेशंस, 2011 के कई उल्लंघन पाए गए. FDA ने कहा है कि जब तक कंपनी पूरी तरह से नियमों का पालन नहीं करती और लाइसेंसिंग अथॉरिटी द्वारा इसकी पुष्टि नहीं हो जाती, तब तक लाइसेंस रद्द रहेगा.

धारावी सेंटर में गंदगी और फफूंदी

धारावी स्थित जेप्टो के फूड स्टोरेज सेंटर पर FDA की छापेमारी में चौंकाने वाली लापरवाहियां सामने आई हैं, जिससे खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं. कुछ खाद्य पदार्थों पर फफूंदी साफ दिखाई दी, जिसका वीडियो भी सामने आया है. साथ ही कई सामान जमे हुए या रुके हुए पानी के पास रखे हुए पाए गए. वहीं, कोल्ड स्टोरेज का तापमान भी नियमानुसार बनाए नहीं रखा गया था.

वेयर हाउस में जमीन गीली और गंदी थी- FDA

FDA के मुताबिक वेयर हाउस में जमीन गीली और गंदी थी. खाद्य सामग्री और कच्चे माल को सीधे फर्श पर अव्यवस्थित ढंग से रखा गया था, जिसे FDA ने अनहाइजेनिक बताया. इसके अलावा, एक्सपायरी डेट वाले उत्पादों को नॉन एक्सपायर स्टॉक से अलग नहीं रखा गया था, जिससे उपभोक्ताओं तक खराब सामान पहुंचने का खतरा और बढ़ गया.

महाराष्ट्र FDA के एक अधिकारी ने बताया, “संस्थान कई लाइसेंसिंग शर्तों का पालन करने में विफल रहा. ऐसी लापरवाहियां जनता की सेहत के लिए गंभीर खतरा बन सकती हैं.” निरीक्षण के बाद, सहायक आयुक्त (खाद्य) अनुपमा बालासाहेब पाटिल ने फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 की धारा 32(3) और वर्ष 2011 के रेगुलेशन 2.1.8(4) के तहत लाइसेंस निलंबन का आदेश जारी किया. आदेश में स्पष्ट किया गया है कि जब तक सभी कमियों को दूर नहीं किया जाता और नियामक संस्था द्वारा साइट को क्लीयरेंस नहीं मिल जाती, तब तक zepto का धारावी स्थित फूड बिजनेस ऑपरेशन रद्द रहेगा.

मुख्य रिपोर्ट में किस बात का जिक्र?

• कुछ खाद्य पदार्थों पर फफूंद की वृद्धि देखी गई.
• उत्पादों को बंद/स्थिर पानी के पास संग्रहित किया जाना, जो खराब स्वच्छता को दर्शाता है.
• कोल्ड स्टोरेज का तापमान नियामक मानकों के अनुसार बनाए नहीं रखा गया.
• गीले और गंदे फर्श, खाद्य पदार्थों को अव्यवस्थित और अस्वास्थ्यकर तरीके से संग्रहीत किया गया, जिसमें सीधे फर्श पर भी शामिल है.
• एक्सपायर हो चुके फूड प्रोडक्ट, एक्सपायर न हुए स्टॉक से स्पष्ट रूप से अलग नहीं पाए गए.

Zepto ने क्या कहा?

महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) की ओर से फूड बिजनेस लाइसेंस निलंबित किए जाने की खबरों पर Zepto ने एक बयान जारी किया. कंपनी ने कहा, “हम पहचानी गई खामियों को सुधारने और अपने उपभोक्ताओं को बेहतर और सबसे सुरक्षित गुणवत्ता वाले प्रोडक्ट देने करने के लिए अपनी प्रक्रियाओं को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

कंपनी ने आगे कहा, ”हम जल्द से जल्द नियामक दायित्वों और लागू कानूनों के अनुसार परिचालन फिर से शुरू करने के लिए सभी जरूरी सुधारात्मक उपाय कर रहे हैं. हमने पहले ही एक आंतरिक समीक्षा शुरू कर दी है और पूर्ण और त्वरित अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं.”

 

Thug Life Controversy: कमल हासन ने माफी मांगने से किया इनकार, ‘ठग लाइफ’ कर्नाटक में नहीं होगी रिलीज

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कर्नाटक हाई कोर्ट के निर्देश के बाद भी कमल हासन ने साफ शब्दों में कहा है कि वे माफी नहीं मांगेंगे. उन्होंने कर्नाटक में फिल्म ‘ठग लाइफ’ ना रिलीज करने का भी दावा किया है.

तमिल-कन्नड़ भाषा पर छिड़े विवाद को लेकर साउथ स्टार कमल हासन ने साफ शब्दों में कहा है कि वे माफी नहीं मांगेंगे. ऐसे में उनकी फिल्म ‘ठग लाइफ’ अब कर्नाटक में रिलीज नहीं होगी. कमल हासन की प्रोडक्शन कंपनी ने मंगलवार को कर्नाटक हाई कोर्ट को बताया है कि इसमें माफी मांगने जैसी कोई बात नहीं है.

कमल हासन ने एक लिखित स्टेटमेंट जारी करते हुए कर्नाटक फिल्म चैंबर ऑफ कॉमर्स (केएफसीसी) की माफी की मांग पर जवाब दिया है. एक्टर ने स्टेटमेंट में लिखा है- ‘हमें फिलहाल पुलिस सुरक्षा की जरूरत नहीं है क्योंकि फिल्म यहां रिलीज नहीं होगी. हम फिल्म चैंबर से बातचीत करेंगे.’

कमल हासन ने कहा- ‘मेरे शब्दों का मकसद सिर्फ ये बताना था कि हम सभी एक हैं और एक ही परिवार से हैं और किसी भी तरह से कन्नड़ को कमतर नहीं आंकना है. कन्नड़ भाषा की समृद्ध विरासत पर कोई विवाद या बहस नहीं है. तमिल की तरह, कन्नड़ की भी एक गौरवशाली साहित्यिक और सांस्कृतिक परंपरा है जिसकी मैं लंबे समय से तारीफ करता रहा हूं.’

एक्टर ने आगे कहा- ‘अपने पूरे करियर के दौरान, मैंने कन्नड़ भाषी समुदाय के मुझे दी गई गर्मजोशी और स्नेह को संजोया है, और मैं ये विश्वास के साथ कहता हूं कि भाषा के लिए मेरा प्यार सच्चा है, और कन्नड़ लोगों के अपनी मातृभाषा के लिए मेरे मन में बहुत सम्मान है. मैं हमेशा सभी भारतीय भाषाओं के समान सम्मान के पक्ष में रहा हूं और किसी एक भाषा के दूसरे पर प्रभुत्व के खिलाफ हूं, क्योंकि इस तरह का असंतुलन भारत संघ के भाषाई ताने-बाने को कमजोर करता है.’

‘ठग लाइफ’ एक्टर ने लिखा- मैं सिनेमा की भाषा जानता हूं और बोलता हूं. सिनेमा एक यूनिवर्सल लैंगवेज है जो सिर्फ और बंधन जानती है. मेरा बयान भी हम सभी के बीच उस बंधन और एकता को स्थापित करने के लिए ही था.

 

NATIONAL : किसान सम्मान निधि योजना से 866 किसानों को मिला लाभ, विकसित कृषि संकल्प अभियान 2025 में उमड़ा जोश

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उत्तर प्रदेश के लखनऊ जिले के ग्राम कसमंडी कला के 866 किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ मिल रहा है. इस योजना के तहत ग्रामसभा कसमंडी कला के किसानों को अब तक तीन करोड़ रुपये से ज्यादा की धनराशि प्राप्त हो चुकी है. यहां 65 फीसदी किसानों ने फार्मर रजिस्ट्री के तहत अपना पंजीकरण भी करवा लिया है, ताकि आने वाले समय में सरकार की अन्य योजनाओं का लाभ भी उठा सकें.

यह जानकारी विकसित कृषि संकल्प अभियान 2025 के तहत हुई बैठक में दी गई. यह अभियान प्रदेशभर के 75 जिलों में चलाया जा रहा है. पांचवें दिन तक प्रदेश के 3375 जगहों पर 5 लाख 70 हजार से ज्यादा किसानों ने इसमें हिस्सा लिया. कृषि वैज्ञानिक, कृषि विभाग के अधिकारी और जनप्रतिनिधि भी इस अभियान से जुड़े हैं. अगले कुछ दिनों में इसमें और किसानों की भागीदारी की संभावना जताई जा रही है. इस अभियान का मकसद किसानों को नई तकनीकें बताकर उनकी खेती की लागत कम करना और आमदनी बढ़ाना है.

सोमवार को प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने हापुड़ जिले के बनखण्डा गांव में किसानों से संवाद किया. उन्होंने किसानों को खेत तालाब, ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई, समन्वित कीट प्रबंधन, पॉलीहाउस जैसी योजनाओं की जानकारी दी. मंत्री ने कहा कि किसान इन योजनाओं का लाभ लेकर अपनी खेती को और बेहतर बना सकते हैं. कृषि मंत्री ने खेतों का निरीक्षण कर किसानों का हौसला बढ़ाया. मौके पर जिला पंचायत अध्यक्ष रेखा नागर, विधायक धर्मेश तोमर, जिलाधिकारी अभिषेक पांडेय समेत कई अधिकारी और कृषि वैज्ञानिक मौजूद थे.

लखनऊ के कसमंडी कला गांव में भी सोमवार को किसान सम्मेलन का आयोजन हुआ. इसमें संयुक्त कृषि निदेशक एके सिंह ने किसानों को फार्मर रजिस्ट्री, फसल बीमा और खेती की नई तकनीकें बताईं. केन्द्रीय उपोष्ण वागवानी संस्थान और कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिकों ने भी किसानों को जानकारी दी. किसानों ने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की वजह से उन्हें बड़ी मदद मिल रही है. यह योजना केंद्र सरकार द्वारा 2019 में शुरू की गई थी. इसके तहत हर साल तीन किश्तों में दो-दो हजार रुपये सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजे जाते हैं.

अभियान को सफल बनाने के लिए 38 अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है. वे 7 और 8 जून को अलग-अलग जिलों में किसानों से मिलेंगे और योजनाओं की जानकारी देंगे. मंगलवार को कृषि मंत्री कानपुर नगर के ग्राम हलपुरा में, जबकि कृषि राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख रामपुर जिले के ग्राम मानपुर ओझा में किसानों से मिलेंगे.

प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि विकसित कृषि संकल्प अभियान के जरिए ज्यादा से ज्यादा किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिले, ताकि खेती को एक फायदे का धंधा बनाया जा सके. किसानों का कहना है कि अगर सरकार इसी तरह से मदद करती रही तो उनकी जिंदगी बदल सकती है.

 

ENTERTAINMENT : अनुपमा की वजह से होगी इस शख्स की मौत, एक्सीडेंट में चली जाएगी याददाश्त , पहुंचेगी मुंबई

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स्टार प्लस के शो अनुपमा में जल्द ही लीप आने वाला है, जिसके बाद शो की कहानी पूरी तरह से बदल जाएगी. इतना ही नहीं बल्कि शो में अनुपमा की वजह से राघव की मौत भी हो जाएगी.अनुपमा में आए दिन हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिलता है. शो में आर्यन की मौत हो चुकी है, जिसका इल्जाम अनुपमा पर लगाया गया है. कोठारी हो या शाह परिवार सबने अनुपमा को हत्यारिन बताकर उससे रिश्ता तोड़ लिया है. वहीं, अब शो में लीप के बाद कई धमाकेदार ट्विस्ट देखने को मिलने वाले हैं.

परिवार से ठुकराए जाने के बाद अनुपमा बदहवास हालत में सड़कों पर घूमती रहेगी. इस दौरान उसे कुछ गुंड़े घेर लेंगे, जो उससे डांस करवाएंगे.वहीं, अनुपमा को लगता है कि ये लोग उसे आर्यन से मिलवा देंगे, ऐसे में वो रात के अंधेरे में सड़क पर डांस करेगी. हालांकि, बाद में गुंडे अनुपमा से कहते हैं कि आर्यन अब वापस नहीं आएगा और वो तो उससे बदला ले रहे थे.

शो में लीप के बाद राघव की मौत होने वाली है. दरअसल, रात के अंधेरे में अनुपमा सड़क पर इधर-उधर घूमती रहती है. अनुपमा को समझ नहीं आ रहा होता है कि उसके साथ हो क्या रहा है. ऐसे में एक गाड़ी तेज रफ्तार के साथ अनुपमा की तरफ आएगी, राघव उसकी जान बचाएगा और खुद बुरी तरह से घायल हो गाएगा.

उधर, अनुपमा अस्पताल में पहुंच गई होगी, उसे कुछ भी याद नहीं होगा. अनुपमा को बताया जाएगा कि जिसने उसे अस्पताल में भर्ती करवाया था उसकी मौत हो गई है. उसके बाद अनुपमा नए सफर की शुरुआत करेगी. अनुपमा मुंबई पहुंच जाएगी, जहां उसे तमाम तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा. लेकिन, अनुपमा हार नहीं मानेगी फिर से अपनी जिंदगी को पटरी पर लाने की कोशिश करेगी. रिपोर्ट के अनुसार प्रेम अब बड़ा बिजनेसमैन बन जाएगा और वो अनुपमा से बदला लेने की ठान लेगा.

 

DELHI : AAP विधायक अनिल झा को राउज एवेन्यू कोर्ट से बड़ी राहत, साल 2016 में दर्ज मामले में हुए बरी

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दिल्ली के AAP विधायक अनिल झा और 4 अन्य आरोपी SC/ST केस से जुड़े एक मामले में बरी हो गए. राउज एवेन्यू कोर्ट ने कहा कि दिल्ली पुलिस आरोपी के खिलाफ मामले को साबित करने में असफल रही.

दिल्ली में आम आदमी पार्टी के विधायक अनिल झा और 4 अन्य आरोपियों को राउज एवेन्यू कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. कोर्ट ने विधायक अनिल झा समेत अन्य आरोपियों को एससी-एसटी से जुड़े एक मामले से बरी कर दिया है. राहुल रिवेन्यू कोर्ट के स्पेशल जज जितेंद्र सिंह ने अपने फैसले में कहा कि इस मामले में दिल्ली पुलिस आरोपी के खिलाफ मामले को साबित करने में असफल रही.

कोर्ट ने यह भी कहा कि झूठे आरोपों से न केवल निर्दोष लोगों को कानूनी लड़ाई का सामना करना पड़ता है, बल्कि उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा और मानसिक स्थिति पर भी गंभीर असर पड़ता है. दरअसल, संजय कुमार नाम के व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई थी कि 2 फरवरी 2016 को एक प्रोग्राम के दौरान AAP के विधायक अनिल झा और 4 अन्य लोगों ने संजय कुमार के साथ मारपीट की थी और जातिसूचक गालियां देकर उन्हें लज्जित किया था. इस आधार पर आरोपियों के खिलाफ IPC की धारा 323 ,34 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था.

राउज एवेन्यू कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा, गवाहों की गवाही में बहुत ज्यादा विरोधाभास है, जिससे अभियोजन का मामला कमजोर पड़ गया और कथित जातिसूचक शब्द कहने की बात भी अभियोजन पक्ष साबित नहीं कर पाया. कोर्ट ने कहा कि अगर मान भी लें कि जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल हुआ है, तो भी यह घटना एक राजनीतिक बहस के दौरान हुई मौखिक झड़प से अधिक कुछ नहीं है. यहा जानबूझकर अपमान करने का प्रयोजन साबित नहीं होता. विशेष रूप से जब दोनों व्यक्ति एक ही राजनीतिक दल से लंबे समय से जुड़े हों.

हालांकि, कोर्ट ने दिल्ली पुलिस की जांच पर भी नाराजगी जताई. कोर्ट ने पाया कि घटना का एक महत्वपूर्ण वीडियो क्लिप रिकॉर्ड में लाने की जरूरत थी. लेकिन, दिल्ली पुलिस के जांच अधिकारी ने न तो शिकायतकर्ता का मोबाइल फोन जब्त किया और न ही उस व्यक्ति का जिसने वीडियो बनाया था. कोर्ट ने कहा कि दिल्ली पुलिस के जांच अधिकारी ने इलेक्ट्रॉनिक एविडेंस इकट्ठा करने में लापरवाही बरती है. जांच अधिकारी की गवाही के अनुसार, आरोपी अनिल झा वीडियो क्लिप में दिखाई ही नहीं दे रहे थे.

कोर्ट ने कहा कि झूठे आरोपों के हमेशा गंभीर परिणाम होते हैं. ऐसे झूठे मामलों में आरोपी व्यक्ति को समाज में कलंक, मेंटल हैरेसमेंट और सामाजिक हानि का सामना करना पड़ता है. किसी भी जांच अधिकारी को चाहिए कि वह निष्पक्ष रहकर सबूतों के आधार पर जांच करें. ताकि किसी भी निर्दोष के साथ कभी गलत न होने पाए. बहरहाल कोर्ट ने सभी आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया.

 

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