Wednesday, May 13, 2026
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UP: बागपत में कर्नल ने फौजी साथियों संग मिलकर तोड़ा घर, सेना की गाड़ी में ले गए सामान, पुलिस ने भेजी रिपोर्ट

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यूपी के बागपत में सेना का कर्नल ने अपने फौजी साथियों के साथ मिलकर एक घर में तोड़फोड़ की और सेना का गाड़ी में घर का दरवाजा व अन्य सामान भरकर ले गए.

उत्तर प्रदेश के बागपत में पारिवारिक विवाद के चलते भारतीय सेना के एक कर्नल की ओर से अपने कुछ फौजी साथियों के साथ एक मकान में तोड़फोड़ करने का मामला सामने आया है. पूरा मामला बड़ौत कोतवाली क्षेत्र के वाजिदपुर गांव का है. फौजी वर्दी पहने हुए थे और अपने साथ एक गाड़ी लेकर आए थे, जो सेना की बताई जाती है. तोड़फोड़ के बाद फौजी मकान के लोहे का गेट और दूसर सामान गाड़ी में भरकर ले गए. पीड़ित पक्ष के लोगों ने मोबाइल से वीडियो बना ली और तहरीर के साथ पुलिस को वीडियो दी है. इसके बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर पूरे मामले की रिपोर्ट सेना मुख्यालय और नई दिल्ली को भेज दी है.

सूचना के मुताबिक वाजिदपुर गांव के रहने वाले धीर सिंह तोमर पुत्र कालूराम ने पुलिस को बताया कि वो सरूरपुर खेड़की गांव के इंटर कालेज से वर्ष 2012 में प्रधानाचार्य पद से सेवानिवृत्त हुए थे और वर्तमान में वह अपनी पत्नी सुशीला व नाबालिग पौत्री हिमांशी के साथ गांव में रहते हैं. उन्होंने गांव में अपनी पैतृक जमीन पर पिछले साल दिसंबर में मकान बनाना शुरू किया था, जिसे अपनी पौत्री हिमांशी को गिफ्ट कर दिया था. उनके बेटे और हिमांशी के पिता की मौत साल 2011 में हो चुकी है.

उन्होंने बताया कि जैसे ही मकान का निर्माण पूरा हुआ तो उनके छोटे भाई ऋषिपाल और उसके बेटे कर्नल तरुण कुमार ने 17 मई 2025 को उनके घर का ताला तोड़ दिया. 19 मई की दोपहर लगभग दो बजे ऋषिपाल और उसकी पत्नी व बेटा कर्नल तरुण कुमार अपने कुछ फौजी साथियों को लेकर आया, जो सेना की गाड़ी लिए हुए थे. गाड़ी की नंबर प्लेट पर सफेद कागज लगा हुआ था. उन्होंने मकान का ताला तोड़, उसमें रखा सामान खुर्द-बुर्द कर दिया. हथौड़ों से मकान का मेन और अंदर के दरवाजा तोड़ दिए. इसके बाद दोनों पक्षों में विवाद हो गया.

इस विवाद का उनकी पोती हिमांशी ने मोबाइल से वीडियो बनाया तो आरोपियों ने उसके साथ भी मारपीट और गाली-गलौज की. यहीं नहीं उन्होंने गोलियों से भूनने की भी धमकी दी. इसके बाद वो सब मकान का गेट आदि सामान सेना की गाड़ी में भरकर ले गए. इस पूरे विवाद पर बड़ौत कोतवाली इंस्पेक्टर मनोज कुमार चहल ने कहा कि धीर सिंह तोमर की तहरीर पर कर्नल तरुण कुमार और कुछ अज्ञात फौजी साथियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है, ये सभी लोग सेना की वर्दी में आए थे.

उन्होंने कहा कि ये पारिवारिक विवाद है. वीडियो के आधार पर कार्रवाई की जा रही है. पूरे मामले की रिपोर्ट तैयार कर सेना मुख्यालय, दिल्ली को भेजी गई है, जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.

इस सदंर्भ में सीओ बड़ौत विजय कुमार ने कहा कि थाना बड़ौत क्षेत्रान्तर्गत ग्राम वाजिदपुर में दो भाईयों 1-धीर सिंह व 2-ऋषिपाल पुत्रगण स्व. कालूराम के बीच पुस्तैनी जमीन को लेकर विवाद है, जिसमें न्यायालय द्वारा स्टे भी लगया गया था. 19 मई 2025 को ऋषिपाल उसकी पत्नी एवं उसके पुत्र (जो सेना में सेवारत है) द्वारा वादी पक्ष धीर सिंह तोमर से मारपीट करते हुए उसका दरवाजा उखाड़कर ले गये. इस घटना के सम्बन्ध में थाना बड़ौत पर मुकदमा पंजीकृत है. रिपोर्ट सेना मुख्यालय को भेज दी गयी है.

 

Bhilwara : भीलवाड़ा में पैंथर ने बरपाया कहर, 12 साल के बच्चे सहित तीन लोगों पर किया हमला

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राजस्थान के भीलवाड़ा के आसींद क्षेत्र में पैंथर का आतंक जारी है. नूवालिया गांव में 12 वर्षीय राजवीर भील पर हमला हुआ, जिसके बाद दो अन्य ग्रामीण भी घायल हुए. राजस्थान के भीलवाड़ा में पैंथर के हमले लगातार बढ़ते जा रहे हैं. सोमवार (2 जून) को जिले के आसींद क्षेत्र के नूवालिया गांव में एक 12 साल के बच्चे राजवीर भील पर पैंथर ने हमला किया. इसके तुरंत बाद पैंथर ने दो और ग्रामीणों को भी चोट पहुंचाई.

ग्रामीणों ने बताया कि दौलतगढ़ के थारेला निवासी नेनु पुत्र भैरू भील (उम्र 60 वर्ष) और नूवालिया निवासी पानी देवी बलाई को पैंथर ने अलग-अलग स्थानों पर निशाना बनाया. दोनों को तुरंत ही दौलतगढ़ के स्वास्थ्य केंद्र लाया गया. प्राथमिक उपचार के बाद नेनु की हालत गंभीर पाई गई और उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया.

जैसे ही घटना की सूचना मिली, वन विभाग की टीम और आसींद पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची. उन्होंने पैंथर की खोज शुरू कर दी. नुवालिया के सोनू भील ने बताया कि सोमवार सुबह 10 बजे करीब, वह अपने 12 साल के बेटे राजवीर भील के साथ खेत में था. खेत उसकी गांव से लगभग एक किलोमीटर दूर था. राजवीर भील बकरियां चराने गया था, जबकि सोनू भील खुद उस वक्त खेत में काम कर रहा था. तभी एक पैंथर ने उसके पुत्र पर अचानक हमला कर दिया.

सानू ने बताया कि पैंथर के हमला करने के तुरंत बाद ही उसके भाई के लड़के गणेश भील और सुरेश भील ने दौड़कर उसपर पत्थर फेंके और लकड़ियों से हमला किया. इसके बाद वह मौके से भाग गया. घायल को तुरंत बाइक पर बैठाकर आसींद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया. यहां पर प्राथमिक इलाज के बाद उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया.

नुवालिया के पोखर गूर्जर ने कहा कि दौलतगढ़ इलाके में जगह-जगह ग्रेनाइट का मलबा पड़ा है. इन जगहों पर पैंथर अक्सर रहते हैं. पैंथर रोजाना बकरियों को निशाना बना रहा है. आज पहली बार उसने बच्चों और महिलाओं पर हमला किया.

 

NATIONAL : ‘हिंदुओं को चिढ़ाने के लिए कुछ मुसलमान…’ बरकरीद से पहले शंकराचार्य भड़के, कहा- गंभीर परिणाम होंगे…

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शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने बकरीद के संदर्भ में दावा किया है कि कुछ मुस्लिम, हिंदुओं को चिढ़ाने के लिए गाय की बलि देते हैं. उन्होंने कहा कि इस परंपरा का परिणाम गंभीर होगा. शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कुर्बानी पर गंभीर सवाल उठाए. उत्तर प्रदेश स्थित वाराणसी में उन्होंने कहा कि हिंदुओं को चिढ़ाने के लिए कुछ मुसलमानों द्वारा गौ माता की बलि दी जाती है.

उन्होंने कहा कि अपने मजहब की परंपरा निभाने के लिए गौ माता की बलि देना ठीक नहीं है. शंकराचार्य ने पुलिस प्रशासन से इस संदर्भ में अपील की हैकि किसी भी जगह पर गाय की बलि नहीं दी जानी चाहिए. शंकराचार्य ने कहा कि सार्वजनिक तौर पर कुर्बानी होती है तो भाईचारे की परंपरा को ठेस पहुंचेगा. कुर्बानी देने वाली जैसी परंपरा का परिणाम गंभीर होगा.

वाराणसी के पातालपुरी मठ पर दर्जनों की संख्या में धर्माचार्य और प्रबुद्धजनों की एक बैठक आयोजित की गई जिसमें सबसे पहले श्री हनुमान चालीसा का पाठ किया गया. इसके बाद जगद्गुरु बालकादेवाचार्य ने एबीपी न्यूज़ से बातचीत के दौरान कहा की – वाराणसी प्राचीन शहर और एक पवित्र नगरी है. यहां से अनेक नदियों का प्रवाह होता है लेकिन अगर यहां पर त्यौहार के नाम पर पशुओं की कुर्बानी दी जाएगी और उनका रक्त नदियों में बहेगा तो यह सीधे-सीधे धार्मिक आस्था व पर्यावरण को चोट पहुंचाने वाली बात होगी. इसलिए विशेष तौर पर किसी भी त्यौहार के दौरान सार्वजनिक रूप से पशुओं की कटाई नहीं होनी चाहिए, इसका हम विरोध करते हैं.

वहीं बैठक में मौजूद BHU इतिहास के प्रोफेसर प्रो. राजीव श्रीवास्तव ने कहा कि – पूरी दुनिया में इस्लाम का सबसे पवित्र धर्म स्थल माने जाने वाले मक्का मदीना के 8 किलोमीटर परिक्षेत्र में पशुओं की कुर्बानी प्रतिबंध है. वेटिकन सिटी में भी साफ सफाई का विशेष ध्यान दिया जाता है. ऐसे में काशी भी धर्म नगरी है और यहां पर भी सार्वजनिक रूप से किसी भी त्यौहार के दौरान पशुओं की कटाई नहीं होनी चाहिए. यह परंपरा के साथ-साथ पर्यावरण को भी सीधा चुनौती देना होगा और इसीलिए आज एक बैठक आयोजित की गई थी जिसमें स्पष्ट तौर पर एक अपील की गई है कि सार्वजनिक रूप से किसी भी पशुओं की कटाई वाराणसी में ना की जाए. वहीं इस मामले में मुस्लिम धर्म गुरुओं ने अपने समुदाय से अपील की है कि कानूनी दायरे में रहकर ही बकरीद का त्यौहार मनाया जाए.

 

ENTERTAINMENT : विभु राघव के अंतिम संस्कार में फूट-फूटकर रोईं मां, इन स्टार्स ने भी नम आंखों से दी विदाई

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टीवी एक्टर विभु राघव ने हाल ही में दुनिया को अलविदा कह दिया. उनकी अंतिम यात्रा में एक्टर की फैमिली और टीवी स्टार्स आंसू बहाते नजर आए.

फेमस टीवी एक्टर विभु राघव का बीती रात मुंबई में निधन हो गया है. इस खबर से पूरी टीवी इंडस्ट्री सदमे में हैं. एक्टर स्टेज 4 के कैंसर से जूझ रहे थे. काफी दिनों से उनका इलाज भी चल रहा था. लेकिन अब वो कैंसर से जंग हार चुके हैं. एक्टर के निधन की पुष्टि ‘बिग बॉस 18’ के विनर करणवीर मेहरा ने भी की थी. अब उनके अंतिम संस्कार की कई वीडियोज भी सामने आई है.

विभु राघव के अंतिम संस्कार के इन वीडियोज में एक्टर की मां बेहद बुरी हालत में नजर आई. जो फूट-फूटकर रो रही हैं. बेटे को खोने का दर्द उनके चेहरे पर साफ नजर आ रहा था. एक्टर की फैमिली उन्हें संभालती हुई दिखाई दी. वीडियोज देख यूजर्स की भी आंखे नम हो गई।

विभु की अंतिम यात्रा में उनकी फैमिली के अलावा टीवी के भी कई बड़े स्टार्स पहुंचे. इस लिस्ट में मोहित मलिक, मोहसिन खान, अनेरी वजानी और अंजलि आनंद का नाम शामिल है. सभी के चेहरों पर इस दौरान उदासी नजर आई. स्टार्स ने नम आंखों से अपने दोस्त को विदाई दी. सोशल मीडिया पर ये वीडियोज काफी वायरल भी हो रही है. यूजर्स भी इन स्टार्स और विभु की फैमिली को सांत्वना दे रहे हैं.

विभु राघव पिछले कई सालों से टेलीविजन इंडस्ट्री में एक्टिव थे. उन्होंने ‘निशा और उसके कजिन्स,’ ‘सुवरीन गुग्गल,’ और ‘सावधान इंडिया’ जैसे सुपरहिट सीरियल्स में काम किया था. इंडस्ट्री में एक्टर के कई दोस्त थे. जो उनकी मौत से पूरी तरह टूट चुके हैं.

NATIONAL : नोएडा में थार का कहर, युवक को रौंदा; गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती

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नोएडा के सेक्टर-53 इलाके में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक हाई स्पीड थार ने एक युवक को जोरदार टक्कर मार दी. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना थाना सेक्टर 24 क्षेत्र के अंतर्गत सेक्टर-53 की है. बताया गया कि कुछ युवकों के बीच पहले कहासुनी और मारपीट हुई, जिसके बाद हमलावर युवक ने थार गाड़ी को तेजी से युवक की ओर दौड़ाया और उसे जोरदार टक्कर मार दी. टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि युवक सड़क से उछलकर नाली में जा गिरा.

घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया. स्थानीय लोगों ने तुरंत घायल युवक को अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज चल रहा है. युवक की हालत गंभीर बताई जा रही है. घटना का वीडियो सामने आने के बाद नोएडा पुलिस ने इसका संज्ञान लिया और तत्काल कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज कर लिया है.

पुलिस ने बताया कि घटना में शामिल आरोपियों की पहचान की जा रही है और उनकी गिरफ्तारी के लिए एक विशेष टीम का गठन कर दिया गया है. अधिकारियों का कहना है कि वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान में आसानी होगी और जल्द ही उन्हें हिरासत में लिया जाएगा. पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रही अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी प्रकार की जानकारी होने पर तुरंत पुलिस को सूचित करें.

 

MAHARASHTRA : महाराष्ट्र में बकरीद से पहले बंद नहीं होंगे पशु बाजार, वापस लिया गया फैसला

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विधायक रईस शेख ने कहा कि 7 जून को देशभर में बकरी ईद का त्योहार मनाया जाना है, लेकिन इससे पहले गोवंश के नाम पर पशुओं के बाजार भी बंद करने का आदेश गैरकानूनी है.महाराष्ट्र में बकरीद से पहले प्रदेश की महायुति सरकार ने 3 जून से 7 जून तक पशु बाजार बंद करने का आदेश दिया था. वहीं अब मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने ऐलान किया है कि सरकार ने अपना फैसला वापस ले लिया है और कोई पशु बाजार बंद नहीं होंगे.

दरअसल, बकरीद के मद्देनजर 3 जून से 8 जून के बीच राज्य में गोरुओं के बाजार बंद रखने को लेकर राज्य गोसेवा आयोग द्वारा कृषि उत्पन्न बाजार समितियों को भेजे गए विवादित पत्र को अब वापस लिया जा रहा है. सह्याद्री अतिथिगृह में बकरीद के अवसर पर राज्य की कानून-व्यवस्था की समीक्षा के लिए मुख्यमंत्री फडणवीस ने एक बैठक बुलाई थी.

इस संबंध में विधायक रईस शेख ने कहा कि 7 जून को देशभर में बकरीद का त्योहार मनाया जाएगा. राज्य में गोवंश वध पर पहले से ही कानूनी प्रतिबंध है. लेकिन गोवंश के नाम पर 27 मई को भेजे गए एक पत्र के जरिए राज्य के गोरुओं के बाजार बंद करने का गैरकानूनी आदेश जारी किया गया था. इससे ईद के लिए बकरों की उपलब्धता पर असर पड़ा, जिससे मुस्लिम समाज में असंतोष फैल गया. आज की बैठक मे यह फैसला पिछे लिया गया.

गौरतलब है कि गोसेवा आयोग ने मंगलवार (27 मई) को सभी एपीएमसी को पत्र जारी किया था, जिसमें कहा गया कि बकरी के दौरान बड़े स्तर पर जानवरों की कुर्बानी की जाती है, इसलिए जून की पहले हफ्ते में किसी भी गांव में पशु बाजार आयोजित न किए जाएं ताकि मवेशी वध की घटनाओं को रोका जा सके.

ENTERTAINMENT : सलमान खान अपने घर पर नहीं लगाते कभी ताला, एक्टर के इस करीबी ने खोले कई राज

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केसरी वीर एक्टर सूरज पंचोली ने सलमान खान के घर को लेकर कई खुलासे किए हैं. उन्होंने बताया कि सुपरस्टार का घर हर किसी के लिए खुला है.

सलमान खान बॉलीवुड के भाईजान हैं. वे कई एक्टर्स के गॉडफादर भी हैं. सूरज पंचोली भी उनमें से एक हैं जिन्हें सलमान खान ने हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में लॉन्च किया था. सलमान खान द्वारा प्रोड्यूस ‘हीरो’ से सूरज ने 2015 में बॉलीवुड में डेब्यू किया था. हालांकि सूरज अपने लॉन्च के समय, जिया खान आत्महत्या मामले में गंभीर आरोपों से जूझ रहे थे. विवाद के बावजूद, सलमान उनके साथ खड़े रहे. वहीं सूरज सुपरस्टार के लिए हमेशा आभार जातते रहे हैं. इन सबके बीच एक इंटरव्यू में सूरज ने सलमान खान के घर को लेकर कई राज खोले हैं.

हाल ही में इंस्टेंट बॉलीवुड को दिए एक इंटरव्यू में सूरज ने बताया कि सलमान खान काफी दयालु हैं और इसी यही वजह उन्हें इंडस्ट्री में सबसे रेस्पेक्टेबल इंसान बनाती है. सूरज ने बताया कि सलमान का घर हर किसी के लिए खुला रहता था. उन्होंने कहा, “पहले उनका घर हमेशा खुला रहता था. दरवाज़े पर ताला लगा रहता था, लेकिन उसका कभी इस्तेमाल नहीं होता था. अगर आप उनका खाना खाना चाहें या उनका फ्रिज खोलकर कुछ लेना चाहें, तो कोई आपको नहीं रोकता. यहां तक ​​कि अगर आप उनका प्रोटीन शेक या विटामिन लेना चाहें, तो भी कोई मना नहीं करता है.”

सूरज ने ये भी खुलासा किया कि सलमान खान कभी भी मेहमानों को आउटसाइडर्स जैसा महसूस नहीं होने देते. उन्होंने कहा, “कई बार ऐसा हुआ कि वह सुबह उठते, किसी को वहां देखते और बस इतना कहते, ‘ओह, तुम यहां हो, तुमने खाना खाया और फिर चुपचाप बिना किसी को परेशान किए अपने काम में लग जाते. उनका घर वास्तव में काफी छोटा है.”

सूरज ने आगे बताया कि सलमान की उदारता फिल्म सेट पर भी हमेशा दिखती है. सूरज ने बताया, “कई लोगों ने यह कहा है और यह सच है कि जब उनका लंच या डिनर अरेंज किया जाता है, तो यह केवल उनके लिए नहीं बल्कि पूरी यूनिट के लिए होता है. यह सब उनके घर से आता है और बहुत कम लोग जानते हैं कि उनका खाना सभी के लिए है, आप बस अंदर आ सकते हैं, प्लेट उठा सकते हैं और खा सकते हैं, किसी को भी मना नहीं किया जाता है.”

सूरज ने उन्होंने सलमान की इस बात के लिए भी तारीफ की कि वह अपने जिम सेटअप को कसरत करने में इंटरेस्ट रखने वाले किसी भी इंसान के साथ शेयर करते हैं. केसरी वीर एक्टर ने कहा, “यही बात सेट पर या कहीं और सेटअप किए गए जिम के लिए भी लागू होती है. कोई भी इसका इस्तेमाल कर सकता है और कसरत कर सकता है.”

इस बीच, गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई की ओर से लगातार मिल रही जान से मारने की धमकियों के बाद सलमान कड़ी सुरक्षा में रह रहे हैं. अप्रैल 2024 में उनके घर के बाहर गोलियां चलाई गईं, जिससे उनके मुंबई स्थित घर के आसपास सुरक्षा और कड़ी कर दी गई है.

NATIONAL : खाना न बनाने से भड़का पति, पत्नी को पीट- पीटकर सो गया, सुबह तक हो गई महिला की मौत

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झारखंड के चक्रधरपुर में एक शख्स ने अपनी पत्नी की पीट- पीटकर जान ले ली. हैरानी की बात है कि ये सब उसने इसलिए किया क्योंकि उसके नशे में घर आने से नाराज पत्नी ने उसे खाना बनाकर देने से इंकार कर दिया था. शख्स ने उसे डंडे से इतना पीटा कि बेहोश हो गई और सुबह तक उसकी मौत हो गई.

झारखंड के चक्रधरपुर में दिल दहला देने वाली एक घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है. यहां की लोको कॉलोनी में रहने वाले शंकर सोय ने महज इस बात पर कि उसकी पत्नी सुकुरमुनी सोय को उसे डंडे से पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया कि वह उसके लिए खाना नहीं बना रही थी.घटना बीती रात की है जब शंकर शराब के नशे में धुत होकर घर लौटा. उसने अपनी पत्नी से खाना बनाने की जिद की. नशे में अपने पति की बुरी हालत देख गुस्साई पत्नी ने खाना बनाने से मना कर दिया. इसी बात को लेकर दोनों के बीच तीखी बहस शुरू हुई, जो देखते ही देखते हिंसक झगड़े में बदल गई.

गुस्से में बेकाबू हुए शंकर ने घर में ही डंडा उठाकर पत्नी पर ताबड़तोड़ वार कर दिए. डंडे की मार की तीव्रता इतनी थी कि पत्नी मौके पर ही बुरी तरह घायल होकर गिर पड़ी. शंकर सो गया औररातभर किसी ने उसकी पत्नी के इलाज की सुध नहीं ली,तो सुबह तक उसकी मौत हो चुकी थी. सुबह जब पड़ोसियों को घटना की जानकारी मिली तो इलाके में हड़कंप मच गया. आरोपी शंकर ने खुद स्वीकार किया कि उसने पत्नी को डंडे से पीट-पीटकर मार डाला. उसका कहना है कि यह सब गुस्से और शराब के नशे में हुआ.

इस हृदय विदारक घटना के बाद शंकर को पुलिस ने मौके पर पहुंचकर गिरफ्तार कर लिया है. वहीं, मृतका के दो छोटे-छोटे बच्चे अब बेसहारा हो गए हैं. उनका भविष्य अधर में लटक गया है, क्योंकि अब न मां रही और न ही पिता उनके साथ रह सकेगा.स्थानीय लोगों ने बताया कि पति शंकर और पत्नी सुकुरमुनी कुली मजदूरी कर अपने परिवार का भरण पोषण करते थे. लेकिन शराब की लत ने सब कुछ तबाह कर दिया. सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. पुलिस के द्वारा बच्चों से जानकारी ली जा रही है और मामले की जांच कर आगे की कार्रवाई की जा रही है.

 

NATIONAL : गर्भपात कराने वाली रेप पीड़िताओं पर बड़ा अपडेट, दिल्ली हाई कोर्ट ने अस्पतालों को दिया ये निर्देष

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हाई कोर्ट ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के अस्पतालों से कहा है कि वे कोर्ट के आदेश पर गर्भपात कराने की मांग करने वाली रेप पीड़िताओं से पहचान पत्र मांगने से बचें.

दिल्ली हाई कोर्ट ने राष्ट्रीय राजधानी के अस्पतालों से कहा है कि वे कोर्ट के आदेश पर गर्भपात कराने की मांग करने वाली रेप पीड़िताओं से पहचान पत्र मांगने से बचें. जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने ऐसी पीड़िताओं, विशेषकर नाबालिगों के लिए ‘‘स्पष्ट, व्यावहारिक और संवेदनशील’’ चिकित्सा प्रोटोकॉल की महती आवश्यकता पर भी बल दिया.

कोर्ट ने कहा कि प्रक्रियाओं में स्पष्टता का अभाव, पहचान दस्तावेजों पर जोर और अल्ट्रासाउंड जैसी आवश्यक चिकित्सा जांच में देरी ने इस मामले में पीड़िता की परेशानी को और बढ़ा दिया है. हाई कोर्ट ने 29 मई को कहा, ‘‘अस्पतालों और चिकित्सा संस्थानों को इस तथ्य के प्रति संवेदनशील बनाया जाना चाहिए कि यौन उत्पीड़न की पीड़िताओं, विशेषकर नाबालिग लड़कियों से जुड़े मामलों में ज्यादा जिम्मेदार और संवेदनशील दृष्टिकोण की आवश्यकता होती है.’’

चिकित्सा प्रोटोकॉल केवल कानूनी आवश्यकताओं का पालन करने तक सीमित नहीं होने चाहिए, बल्कि उन्हें सहानुभूति, व्यावहारिक सोच, और यौन हिंसा के पीड़ित लोगों के झेली जाने वाली विशिष्ट कठिनाइयों की गहरी समझ से भी निर्देशित होना चाहिए. कोर्ट एक नाबालिग रेप पीड़िता की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसने चिकित्सीय गर्भपात की मांग की थी. इसने सभी हितधारकों को यौन उत्पीड़न के उन मामलों में स्पष्टता और एकरूपता सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न निर्देश जारी किए जिनमें पीड़िता गर्भवती हो.बता दें कि काफी मामले ऐसे आए है, जहां पर जब रेप पीड़िताएं अपना गर्भपात करवाने अस्पताल जाती है. तब वहां पर उनसे पहचान पत्र मांगे जाते है, जिसपर अब दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा है कि रेप पीडिताओं से अस्पतालों को उनके पहचान पत्र मांगने से बचना चाहिए.

 

BUSINESS : Hyundai इंडिया के नए ब्रांड एंबैसडर बने पंकज त्रिपाठी, क्या शाहरुख की जगह करेंगे रिप्लेस

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साल 1998 से ही बॉलीवुड एक्टर शाहरुख खान इसके ब्रांड एंबेसडर रहे हैं. पंकज त्रिपाठी इस कंपनी के ब्रांड एबेस्डर बनने के बाद कहा कि उनका इसक कंपनी के साथ निजी रिश्ता रहा है.

ओटीटी की दुनिया से अपनी पहचान बनाने वाले एक्टर पंकज त्रिपाठी अब आपको आने वाले दिनों में हुंडई कार का प्रचार करते हुए नजर जाएंगे. हुंडई मोटर इंडिया लिमिटेड ने पंकज त्रिपाठी को नया ब्रांड एंबैस्डर नियुक्त किया है. शुक्रवार को कंपनी की तरफ से इसका ऐलान करते हुए कहा गया कि उनकी सादगी वाली छवि और लोगों की के संपर्क करने की मजबूत क्षमता की वजह से वे देश में हुंडई की छवि को ज्यादा बेहतर तरीके से लोगों के बीच रख पाएंगे.

गौरतलब है कि भारतीय बाजार में हुंडई के काफी चाहने वाले हैं और काफी पंसद की जाती है. भारत में सबसे ज्यादा बिकने वाली एसयूवी में हुंडई क्रेटा ने अपनी खास जगह बनाई हैसाल 1998 से ही बॉलीवुड एक्टर शाहरुख खान इसके ब्रांड एंबेसडर रहे हैं. पंकज त्रिपाठी इस कंपनी के ब्रांड एबेस्डर बनने के बाद कहा कि उनका इसक कंपनी के साथ निजी रिश्ता रहा है. भारत में करीब 20 साल से हुंडई का सफर है और अब तक 37 लाख गाड़ियों के एक्सपोर्ट के साथ इसने 1 करोड़ 27 लाख गाड़ियों को बेची है.

हुंडई ने बयान में कहा कि कंपनी की तरफ से न सिर्फ गाड़ियां बनाई जाती है बल्कि ये लोगों को जिंदगी से भी जोडती है. ऐसे में कंपनी का विजन प्रोग्रेस फॉर ह्यूमेनिटी है, यानी इसका सीधा मतलब टेक्नोलॉजी के साथ लोगों की भावनाओं को महत्व देना है.हालांकि, पंकज त्रिपाठी को हुंडई का एंबेस्डर बनाए जाने के बाद अभी तक ये साफ नहीं हो पाया है कि वे अब शाहरुखा खान का रिप्लेस करेंगे या फिर दोनों ही अलग-अलग जगहों पर कंपनी के लिए कैंपेन करते हुए दिखेंगे.

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