Wednesday, June 17, 2026
Home Blog Page 6

NATIONAL : दिल्ली-यूपी समेत उत्तर भारत के लोगों को मिलने वाली है भीषण गर्मी से राहत, आंधी और गरज-चमक से साथ बारिश का अलर्ट

0

उत्तरी और मध्य भारत भीषण गर्मी की चपेट में हैं। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, मध्य और उत्तर-पश्चिम भारत के बड़े हिस्सों में अगले 4-5 दिनों तक लू की स्थिति जारी रहेगी। उत्तरी और मध्य क्षेत्रों में करोड़ों लोग झुलसा देने वाली गर्मी झेल रहे हैं और उन्हें तुरंत कोई राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। हालांकि अगले 4 दिन के बाद मौसम का मिजाज बदलने वाला है।

28 मई से बदलेगा मौसम

मौसम विभाग के पुर्वानुमान के अनुसार, 28 मई से एक ‘पश्चिमी विक्षोभ’ (Western Disturbance) एक्टिव हो रहा है। इसकी वजह से 28 और 29 मई को पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ , दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। इसके साथ 60-70 किमी की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी। कुछ जगहों पर 80 किमी की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। पूर्वी यूपी में 28 मई से 31 मई तक खराब मौसम बना रह सकता है।

इन राज्यों में बारिश के आसार

मौसम विभाग ने मंगलवार को बताया कि 27-30 मई के दौरान पश्चिम बंगाल में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। बिहार, झारखंड और ओडिशा में अगले 7 दिनों के दौरान, गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। इस दौरान 40-50 किमी की रफ्तार से हवाएं भी चल सकती हैं। बिहार में 29 मई को 60-80 किमी रफ्तार से आंधी चल सकती है। इस दौरान गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है। जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में 28-30 मई के दौरान हल्की से मध्यम बारिश होने की काफी संभावना है।

27-28 मई के दौरान केरल माहे, लक्षद्वीप में गरज, बिजली और तेज़ हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की काफी संभावना है। 27-30 मई के दौरान तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल, आंतरिक कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश और यनम, तेलंगाना और रायलसीमा में गरज, बिजली और तेज़ हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की छिटपुट संभावना है।

दिल्ली में बुधवार को आसमान ज़्यादातर साफ़ रहेगा। कुछ जगहों पर लू चलने की स्थिति रहेगी। दिन के समय 40 किमी की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। दिल्ली में अधिकतम और न्यूनतम तापमान क्रमशः 44°C से 46°C और 27°C से 29°C के बीच रहने की संभावना है।

28 मई को आसमान आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। शाम/रात के समय गरज/बिजली कड़कने और 40-50 किमी की तेज़ हवाओं के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है। दिल्ली में अधिकतम और न्यूनतम तापमान क्रमशः 42°C से 44°C और 28°C से 30°C के बीच रहने की संभावना है। 29 मई आसमान आम तौर पर बादल छाए रहेंगे। सुबह या दोपहर के समय हल्की बारिश का एक दौर आ सकता है। इस दौरान 40-50 किमी की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी। दिल्ली में अधिकतम और न्यूनतम तापमान क्रमशः 35°C से 37°C और 25°C से 27°C के बीच रहने की संभावना है।

BUSINESS : कॉटन इंपोर्ट पर ड्यूटी छूट से MSME टेक्सटाइल यूनिट्स को मिलेगा बड़ा फायदा, सस्ता होगा कच्चा माल

केंद्र सरकार द्वारा 30 अक्टूबर 2026 तक कॉटन इंपोर्ट पर सभी कस्टम ड्यूटी हटाने के फैसले का टेक्सटाइल इंडस्ट्री ने स्वागत किया है। टेक्सटाइल मंत्रालय ने कहा कि यह कदम घरेलू इंडस्ट्री के लिए कॉटन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करेगा, प्रोडक्शन कॉस्ट को कम करेगा और इंडियन टेक्सटाइल प्रोडेक्ट्स की ग्लोबल प्रतिस्पर्धात्मकता को मजबूत बनाएगा। वित्त मंत्रालय के नोटिफिकेशन के अनुसार यह ड्यूटी छूट 1 जून 2026 से प्रभावी होगी। मंत्रालय ने कहा कि कपास के ऑफ-सीजन के दौरान लागू किया गया यह फैसला टेक्सटाइल इंडस्ट्री, विशेष रूप से MSME इकाइयों को राहत देगा। इससे कच्चे माल की उपलब्धता बढ़ेगी, इनपुट कॉस्ट पर दबाव कम होगा और किसानों के हितों की रक्षा के साथ बाजार में स्थिरता बनी रहेगी।

अपैरल एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (AEPC) ने इसे अपैरल इंडस्ट्री के लिए बड़ी राहत बताया है। AEPC के चेयरमैन ए. शक्तिवेल ने कहा कि कपास और यार्न की बढ़ती कीमतों से जूझ रही छोटी और मध्यम इकाइयों को इस फैसले से बड़ा फायदा होगा। उन्होंने स्पिनिंग मिलों से भी अपील की कि वे सस्ती कॉटन का लाभ यार्न की कीमतों में कमी के रूप में आगे बढ़ाएं, ताकि पूरी टेक्सटाइल वैल्यू चेन को फायदा मिल सके और निर्यातक अधिक प्रतिस्पर्धी दरों पर ऑर्डर हासिल कर सकें।

इंडस्ट्री के लिए क्या थी बड़ी बाधा
वहीं कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन टैक्सटाइल इंडस्ट्री के चेयरमैन अश्विन चंद्रन ने कहा कि ग्लोबल अनिश्चितताओं के बीच कपास पर 11 फीसदी आयात शुल्क भारतीय टेक्सटाइल और अपैरल इंडस्ट्री की प्रतिस्पर्धात्मकता के लिए बड़ी बाधा बन गया था, जबकि एशिया के कई प्रतिस्पर्धी देशों को ड्यूटी-फ्री कपास उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि आयात शुल्क के कारण पूरी वैल्यू चेन में लागत बढ़ रही थी और भारत के टेक्सटाइल निर्यात को बढ़ाने के प्रयास प्रभावित हो रहे थे।

भारत का टेक्सटाइल एक्सपोर्ट मुख्य रूप से कपास आधारित है और देश ने वर्ष 2030 तक 100 अरब डॉलर के टेक्सटाइल एवं अपैरल एक्सपोर्ट का लक्ष्य रखा है। इंडस्ट्री का मानना है कि कॉटन इंपोर्ट पर अस्थायी ड्यूटी छूट से भारतीय निर्यातक विभिन्न मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) से मिलने वाले अवसरों का बेहतर लाभ उठा सकेंगे और ग्लोबल बाजार में अपनी स्थिति मजबूत कर सकेंगे।

NATIONAL : दिल्ली साकेत में 5 मंजिला इमारत ढही, 4 की मौत और कई घायल

0

नई दिल्ली के साकेत इलाके में शनिवार शाम हुआ हादसा राजधानी के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं था, जब एक पांच मंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। कुछ ही सेकंड में पूरा ढांचा मलबे में बदल गया और वहां मौजूद लोग उसकी चपेट में आ गए। शुरुआती जानकारी के अनुसार इस दर्दनाक हादसे में चार लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि करीब दस लोग घायल हैं जिन्हें तुरंत एम्स ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। इनमें से तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है और डॉक्टर लगातार उनकी निगरानी में जुटे हैं।

हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जो लोग पास में मौजूद थे, उन्होंने सबसे पहले शोर सुना और फिर धूल का बड़ा गुबार उठता देखा। कुछ ही देर में स्थानीय लोगों ने पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी। मौके पर पहुंची टीमों ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया। दक्षिणी दिल्ली के डीसीपी अनंत मित्तल के अनुसार जिस जगह इमारत गिरी वहां एक मेडिकल संस्थान से जुड़ी कैंटीन भी संचालित हो रही थी, जिससे हादसे के वक्त वहां मौजूद लोगों की संख्या अधिक होने की आशंका जताई जा रही है।

बताया जा रहा है कि मलबे के नीचे अभी भी कुछ लोगों के फंसे होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। इसी वजह से राहत कार्य बेहद सावधानी के साथ किया जा रहा है। एनडीआरएफ, दिल्ली फायर सर्विस, दिल्ली पुलिस और डीडीएमए की टीमें संयुक्त रूप से मौके पर काम कर रही हैं। भारी मशीनों की मदद से मलबा हटाया जा रहा है और सर्च ऑपरेशन लगातार जारी है। देर रात तक कई बार रुक-रुक कर काम किया गया, ताकि फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।

अब तक की जानकारी के मुताबिक लगभग 12 लोगों को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है। इनमें से कुछ को मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया, जबकि गंभीर रूप से घायल लोगों को तुरंत एंबुलेंस के जरिए एम्स ट्रॉमा सेंटर भेजा गया। मरीजों की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने ग्रीन कॉरिडोर बनाया, जिससे एंबुलेंस को बिना किसी रुकावट के अस्पताल तक पहुंचाया जा सके।

अस्पताल में डॉक्टरों की विशेष टीम घायलों के इलाज में जुटी है। आईसीयू में भर्ती गंभीर मरीजों की हालत पर लगातार नजर रखी जा रही है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि कई घायलों को गंभीर चोटें आई हैं, लेकिन समय पर इलाज मिलने से स्थिति को संभालने की कोशिश की जा रही है।

घटनास्थल पर मौजूद लोगों के अनुसार हादसा इतना अचानक हुआ कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। कुछ लोग जो इमारत के पास मौजूद थे, उन्होंने बताया कि पहले हल्की आवाज आई और फिर देखते ही देखते पूरी बिल्डिंग गिर गई। आसपास के इलाके में धूल और मलबा फैल गया, जिससे कुछ देर के लिए दृश्यता भी बेहद कम हो गई।

पुलिस और प्रशासन ने तुरंत पूरे इलाके को घेर लिया और आम लोगों की आवाजाही रोक दी गई। आसपास के भवनों को भी एहतियातन खाली कराया गया है, ताकि किसी और दुर्घटना की आशंका को रोका जा सके। प्रशासन का कहना है कि स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में रखने के लिए हर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।

फिलहाल इमारत गिरने के कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन प्रारंभिक जांच में निर्माण संबंधी कमजोरी या संरचनात्मक खामी की संभावना पर विचार किया जा रहा है। विशेषज्ञों की टीम को भी मौके पर बुलाया गया है, जो यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर इतनी बड़ी इमारत अचानक कैसे गिर गई।

इस हादसे ने एक बार फिर राजधानी में भवन सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय पर मरम्मत और निरीक्षण किया गया होता, तो शायद यह हादसा टाला जा सकता था। वहीं प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद जिम्मेदारी तय की जाएगी और यदि किसी तरह की लापरवाही सामने आती है तो सख्त कार्रवाई होगी।

राहत और बचाव कार्य अभी भी जारी है और टीमों को आशंका है कि मलबे के नीचे कुछ और लोग फंसे हो सकते हैं। इसी वजह से ऑपरेशन को धीमी लेकिन बेहद सावधानीपूर्ण तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है। रातभर मशीनों की आवाज और राहत दलों की गतिविधियां घटनास्थल पर जारी रहीं। स्थानीय लोग भी घटनास्थल के आसपास जमा हैं, हालांकि पुलिस उन्हें सुरक्षित दूरी पर रखने की कोशिश कर रही है। माहौल में चिंता और डर साफ देखा जा सकता है। कई लोग अपने परिचितों की जानकारी के लिए लगातार प्रशासन से संपर्क कर रहे हैं।

यह हादसा न सिर्फ जान-माल का नुकसान लेकर आया है, बल्कि शहरी निर्माण व्यवस्था और सुरक्षा मानकों पर भी गंभीर सवाल छोड़ गया है। अब सभी की नजरें राहत कार्य और आगे की जांच पर टिकी हैं, जिससे यह पता चल सके कि इस दर्दनाक घटना के पीछे असली वजह क्या थी और भविष्य में ऐसे हादसों को कैसे रोका जा सकता है।

नई दिल्ली के साकेत इलाके में शनिवार शाम हुआ हादसा राजधानी के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं था, जब एक पांच मंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। कुछ ही सेकंड में पूरा ढांचा मलबे में बदल गया और वहां मौजूद लोग उसकी चपेट में आ गए। शुरुआती जानकारी के अनुसार इस दर्दनाक हादसे में चार लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि करीब दस लोग घायल हैं जिन्हें तुरंत एम्स ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। इनमें से तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है और डॉक्टर लगातार उनकी निगरानी में जुटे हैं।

हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जो लोग पास में मौजूद थे, उन्होंने सबसे पहले शोर सुना और फिर धूल का बड़ा गुबार उठता देखा। कुछ ही देर में स्थानीय लोगों ने पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी। मौके पर पहुंची टीमों ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया। दक्षिणी दिल्ली के डीसीपी अनंत मित्तल के अनुसार जिस जगह इमारत गिरी वहां एक मेडिकल संस्थान से जुड़ी कैंटीन भी संचालित हो रही थी, जिससे हादसे के वक्त वहां मौजूद लोगों की संख्या अधिक होने की आशंका जताई जा रही है।

बताया जा रहा है कि मलबे के नीचे अभी भी कुछ लोगों के फंसे होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। इसी वजह से राहत कार्य बेहद सावधानी के साथ किया जा रहा है। एनडीआरएफ, दिल्ली फायर सर्विस, दिल्ली पुलिस और डीडीएमए की टीमें संयुक्त रूप से मौके पर काम कर रही हैं। भारी मशीनों की मदद से मलबा हटाया जा रहा है और सर्च ऑपरेशन लगातार जारी है। देर रात तक कई बार रुक-रुक कर काम किया गया, ताकि फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।

अब तक की जानकारी के मुताबिक लगभग 12 लोगों को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है। इनमें से कुछ को मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया, जबकि गंभीर रूप से घायल लोगों को तुरंत एंबुलेंस के जरिए एम्स ट्रॉमा सेंटर भेजा गया। मरीजों की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने ग्रीन कॉरिडोर बनाया, जिससे एंबुलेंस को बिना किसी रुकावट के अस्पताल तक पहुंचाया जा सके।

अस्पताल में डॉक्टरों की विशेष टीम घायलों के इलाज में जुटी है। आईसीयू में भर्ती गंभीर मरीजों की हालत पर लगातार नजर रखी जा रही है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि कई घायलों को गंभीर चोटें आई हैं, लेकिन समय पर इलाज मिलने से स्थिति को संभालने की कोशिश की जा रही है।

घटनास्थल पर मौजूद लोगों के अनुसार हादसा इतना अचानक हुआ कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। कुछ लोग जो इमारत के पास मौजूद थे, उन्होंने बताया कि पहले हल्की आवाज आई और फिर देखते ही देखते पूरी बिल्डिंग गिर गई। आसपास के इलाके में धूल और मलबा फैल गया, जिससे कुछ देर के लिए दृश्यता भी बेहद कम हो गई।

पुलिस और प्रशासन ने तुरंत पूरे इलाके को घेर लिया और आम लोगों की आवाजाही रोक दी गई। आसपास के भवनों को भी एहतियातन खाली कराया गया है, ताकि किसी और दुर्घटना की आशंका को रोका जा सके। प्रशासन का कहना है कि स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में रखने के लिए हर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।

फिलहाल इमारत गिरने के कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन प्रारंभिक जांच में निर्माण संबंधी कमजोरी या संरचनात्मक खामी की संभावना पर विचार किया जा रहा है। विशेषज्ञों की टीम को भी मौके पर बुलाया गया है, जो यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर इतनी बड़ी इमारत अचानक कैसे गिर गई।

इस हादसे ने एक बार फिर राजधानी में भवन सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय पर मरम्मत और निरीक्षण किया गया होता, तो शायद यह हादसा टाला जा सकता था। वहीं प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद जिम्मेदारी तय की जाएगी और यदि किसी तरह की लापरवाही सामने आती है तो सख्त कार्रवाई होगी।

राहत और बचाव कार्य अभी भी जारी है और टीमों को आशंका है कि मलबे के नीचे कुछ और लोग फंसे हो सकते हैं। इसी वजह से ऑपरेशन को धीमी लेकिन बेहद सावधानीपूर्ण तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है। रातभर मशीनों की आवाज और राहत दलों की गतिविधियां घटनास्थल पर जारी रहीं। स्थानीय लोग भी घटनास्थल के आसपास जमा हैं, हालांकि पुलिस उन्हें सुरक्षित दूरी पर रखने की कोशिश कर रही है। माहौल में चिंता और डर साफ देखा जा सकता है। कई लोग अपने परिचितों की जानकारी के लिए लगातार प्रशासन से संपर्क कर रहे हैं।

यह हादसा न सिर्फ जान-माल का नुकसान लेकर आया है, बल्कि शहरी निर्माण व्यवस्था और सुरक्षा मानकों पर भी गंभीर सवाल छोड़ गया है। अब सभी की नजरें राहत कार्य और आगे की जांच पर टिकी हैं, जिससे यह पता चल सके कि इस दर्दनाक घटना के पीछे असली वजह क्या थी और भविष्य में ऐसे हादसों को कैसे रोका जा सकता है।

NATIONAL : देश के 166 जलाशयों में मात्र 24.75% पानी, एक महीने में 21.411 बिलियन क्यूबिक मीटर पानी कमा, 15 बांधों में स्टॉक सामान्य से आधा

0

गर्मियों के चरम पर पहुंचते ही देश के तालाबों में संकट गहराने लगा है। केंद्रीय जल आयोग द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार मई की शुरुआत से लेकर अंत तक देश के प्रमुख जलाशयों से पानी का स्तर बहुत तेजी से नीचे गिरा है। देश के 166 प्रमुख जलाशयों में मई के अंतिम सप्ताह तक कुल लाइव भंडारण घटकर 45.419 बिलियन क्यूबिक मीटर रह गया है, जो इनकी कुल क्षमता का मात्र 24.75% है। मई के शुरुआती हफ्ते में इन जलाशयों में 66.830 बिलियन क्यूबिक मीटर पानी था, जो कुल क्षमता का 36.41% था। इसका सीधा मतलब यह है कि इस एक महीने के भीतर ही गर्मी और भारी खपत के कारण देश के मुख्य जल स्रोतों से करीब 21.411 बिलियन क्यूबिक मीटर पानी कम हो चुका है। एक दिन पहले ही मौसम विभाग ने अल नीनो के चलते सूखे की आशंका जताई है। ऐसे में यह एक नई चिंता है क्योंकि 15 बांधों में स्टॉक सामान्य से आधा रह गया है। राहत की बात यह है कि यह वर्तमान स्टॉक पिछले साल की इसी अवधि और पिछले दस साल के औसत से थोड़ा बेहतर बना हुआ है, लेकिन तेजी से खाली हो रहे बांध आने वाले हफ्तों के लिए बड़ी चुनौती खड़ा कर रहे हैं।

गंभीर संकट वाले बांधों की संख्या 11 से बढ़कर 15 मई के महीने में पारा चढ़ने के साथ ही जलाशयों से पानी का ग्राफ तेजी से नीचे गिरा है। महीने की शुरुआत में जल भंडारण की स्थिति काफी नियंत्रण में दिख रही थी और देश के 112 बांधों में पानी का स्तर सामान्य से अधिक था। लेकिन भीषण गर्मी के कारण महीने के अंत तक आते-आते अत्यधिक खाली हो चुके और गंभीर संकट वाले बांधों की संख्या 11 से बढ़कर 15 तक पहुंच गई है। दक्षिण भारत न्यूनतम स्तर पर जल पानी की कमी की सबसे भयावह तस्वीर दक्षिण भारत के राज्यों में देखने को मिल रही है, जहां जल स्तर न्यूनतम स्तर पर है। मई की शुरुआत में इनमें कुल क्षमता का 26.83% पानी बचा हुआ था, जो मई के अंतिम सप्ताह की रिपोर्ट में गिरकर केवल 17.55% रह गया है। कर्नाटक और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में किल्लत बढ़ गई है। कई जलाशय पूरी तरह सूख चुके देश के कुछ हिस्सों में हालात इतने खराब हो चुके हैं कि वहां के बड़े बांध पूरी तरह मैदान में तब्दील हो चुके हैं। महाराष्ट्र का भीमा उज्जैनी बांध और बिहार का चंदन बांध जैसे जलाशय मई की शुरुआत से लेकर महीने के अंत तक लगातार पूरी तरह सूखे रहे और वहां पानी का स्तर शून्य प्रतिशत दर्ज किया गया है। 6 जल विद्युत प्रोजेक्ट पर असर पानी की इस भारी गिरावट का सीधा असर देश के बिजली उत्पादन पर भी पड़ सकता है। देश की 20 जल विद्युत परियोजनाओं से जुड़े जलाशयों में से मई की शुरुआत में जहां 8 परियोजनाओं में पानी का स्टॉक सामान्य से नीचे था, वहीं अब 6 बड़े जलाशयों की स्थिति नाजुक है।

NATIONAL : डीके शिवकुमार कर्नाटक के 24वें CM होंगे:सिद्धारमैया ने नाम बढ़ाया, उनका बेटा भी मंत्री बनेगा, राज्य को 4 डिप्टी सीएम भी मिलेंगे

0

कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार अब राज्य के 24वें मुख्यमंत्री बनेंगे। बेंगलुरु में शनिवार को कांग्रेस विधायक दल की बैठक में उन्हें विधायक दल का नेता चुना गया। 28 मई को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने वाले सिद्धारमैया ने उनके नाम प्रस्ताव रखा। इसे सर्वसम्मति से पारित किया गया।कांग्रेस संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने बताया कि 3 जून की शाम डीके शिवकुमार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। बैठक में बाद शिवुकमार ने राज्यपाल थावरचंद गहलोत से मुलाकात की।

सूत्रों के मुताबिक CM के साथ-साथ कैबिनेट भी बदलेगी। मौजूदा कैबिनेट से 10 मंत्री हटाए जा सकते हैं। नई कैबिनेट में सिद्धारमैया और मल्लिकार्जुन खड़गे के बेटे भी शामिल होंगे। 4 डिप्टी CM भी बनाए जा सकते हैं।शिवकुमार ‘सीएम रोटेशनल फॉर्मूला’ के तहत मुख्यमंत्री बनाए गए हैं। सिद्धारमैया 20 मई 2023 से 28 मई 2026 तक मुख्यमंत्री रहे हैं। आज की बैठक में कर्नाटक कांग्रेस इंचार्ज रणदीप सुरजेवाला, पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल भी मौजूद थे। दोनों को पर्यवेक्षक बनाया गया है।

सभी विधायकों ने मिलकर प्रस्ताव पास किया, इसमें यह तय किया गया कि नए नेता का फैसला कांग्रेस की केंद्रीय लीडरशिप करेगी।
इसके बाद सिद्धारमैया ने खुद डीके शिवकुमार का नाम नए CLP नेता के तौर पर पेश किया। गृह मंत्री डॉ. जी परमेश्वर ने प्रस्ताव का समर्थन किया, सभी विधायकों ने एकमत से इसका समर्थन किया।
शिवकुमार ने एक प्रस्ताव रखकर सिद्धारमैया का शुक्रिया अदा किया।
बैठक के दौरान सिद्धारमैया, वेणुगोपाल और सुरजेवाला अलग कमरे में चले गए और आपस में बात की। इसके बाद बैठक फिर शुरू हुई और शिवकुमार को नेता चुना गया।

कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री बनने जा रहे डीके शिवकुमार देश के सबसे अमीर नेताओं में हैं। उनके पास ₹1413 करोड़ से अधिक की संपत्ति है। वह रियल एस्टेट, खनन, होटल कारोबारी भी हैं। दिलचस्प ये है कि इतनी संपत्ति के बावजूद उनके चुनावी हलफनामे में एक टोयोटा क्वालिस कार दर्ज है। 263 करोड़ का कर्ज भी है।

1962 में बेंगलुरु के पास कनकपुरा में जन्मे डीके वोक्कालिगा समुदाय से हैं। वह कनकपुरा से ही विधायक हैं। कांग्रेस में उनकी पहचान ऐसे नेता की है जो पार्टी विधायकों को टूटने से बचाते हैं। किसी भी बड़े ऑपरेशन, चुनाव मैनेजमेंट, प्रचार या गुप्त रणनीतियों के लिए जिस वित्तीय और लॉजिस्टिक्स सपोर्ट की जरूरत होती है, उसे वे बखूबी मैनेज कर लेते हैं।

डीके पर 19 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। ईडी उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के दो केस में जांच कर रही है। 2017 में आयकर विभाग के छापे में इनके घर 8.5 करोड़ रु. मिले थे। इसी केस में वह 2019 में गिरफ्तार हुए। उन्हें 50 दिन तिहाड़ में बिताने पड़े थे। सीबीआई आय से अधिक संपत्ति के एक मामले में जांच कर रही है।

ज्योतिषी का दावा- शिवकुमार लंबे समय तक सीएम रहेंगे

डिप्टी सीएम शिवकुमार के ज्योतिषी द्वारकानाथ गुरुजी ने भविष्यवाणी की है कि शिवकुमार लंबे समय तक सीएम रहेंगे। उन्होंने कहा- मैंने शिवकुमार को शपथ के लिए 31 मई, 5 जून और 6 जून की तारीखें दी हैं। उन्होंने यह भी कहा कि शिवकुमार 2028 के विधानसभा चुनावों के बाद सत्ता में वापसी करेंगे।

ज्योतिषी ने कहा, वह कोई एक दिन के मुख्यमंत्री या एक बार के CM नहीं हैं। वह एक लंबे समय तक इस पद पर बने रहेंगे। उनकी कुंडली बहुत अच्छी है। वह कर्नाटक के लिए लंबे समय तक काम करेंगे।

NATIONAL : ‘भगवान मंत्रियों का इंतजार नहीं करते, सब बराबर हैं’, मद्रास हाई कोर्ट ने मंदिरों में VIP दर्शन पर उठाए सवाल

0

मद्रास हाई कोर्ट ने शुक्रवार को टिप्पणी करते हुए कहा कि हिंदू मंदिरों में सशुल्क वीआईपी दर्शन गलत और भेदभावपूर्ण है। न्यायालय ने कहा कि गिरजाघरों और मस्जिदों में ऐसी कोई प्रथा नहीं अपनाई जाती है।

लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक, न्यायमूर्ति जीआर स्वामीनाथन और जस्टिस वी लक्ष्मीनारायणन की अवकाशकालीन पीठ ने टिप्पणी की , “मंत्रियों और विधायकों को यह नहीं सोचना चाहिए कि वे जब चाहें मंदिर में जा सकते हैं और भगवान उनका इंतजार कर रहे होंगे। हमें वीआईपी दर्शन की आवश्यकता ही क्यों है? भगवान के समक्ष सभी समान हैं।”

पीठ ने राज्य के एडिशनल एडवोकेट जनरल पी.वी. बालासुब्रमण्यम की तरफ से दिए गए इस तर्क को खारिज कर दिया कि सशुल्क वीआईपी दर्शन को वापस लेने से मंदिरों को राजस्व का नुकसान होगा।

पीठ एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी जिसमें वरिष्ठ नागरिकों, विकलांगों और संवैधानिक अधिकारियों को छोड़कर मंदिरों में ‘वीआईपी दर्शन’ और ‘विशेष दर्शन’ को पूरी तरह से खत्म करने की मांग की गई थी।

विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारी पी. चोकलिंगम की तरफ से दायर की गई याचिका में मानव संसाधन एवं पर्यावरण संरक्षण विभाग के अधीन मंदिरों में प्रचलित ‘वीआईपी दर्शन’ की प्रथा को खत्म करने की मांग की गई है। उनके वकील बी. जगन्नाथ ने बताया कि बांके बिहारी मंदिर मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि विशेष दर्शन और वीआईपी सिस्टम को खत्म करने के लिए एक समिति का गठन किया जाना चाहिए। इस संबंध में समिति ने पिछले हफ्ते सर्वोच्च न्यायालय में एक रिपोर्ट प्रस्तुत की थी।

पिछली सुनवाई के दौरान अवकाशकालीन पीठ ने यह जानने की कोशिश की कि क्या तिरुप्पारनकुंड्रम मंदिर के अधिकारियों ने नए मंत्री आर निर्मलकुमार और उनके सहयोगियों को दर्शन सुनिश्चित करने के लिए मंदिर को निर्धारित समय से अधिक खुला रखकर नियमों का कोई उल्लंघन किया था।

शुक्रवार को सरकार ने बताया कि मंत्री के दौरे के दौरान किसी भी नियम का उल्लंघन नहीं हुआ। इस दलील को दर्ज करते हुए पीठ ने टिप्पणी की कि मंत्रियों को यह नहीं सोचना चाहिए कि वे कानून से ऊपर हैं और देवता उनका इंतजार कर रहे होंगे। इसके बाद अदालत ने मामले की आगे की सुनवाई के लिए छह हफ्ते का समय स्थगित कर दिया।

तमिल फिल्म ‘करप्पू’ पर प्रतिबंध लगाने को लेकर मद्रास हाईकोर्ट में याचिका लगाई गई थी। इसमें आरोप लगाए गए थे कि फिल्म में न्यायपालिका की छवि खराब करने की कोशिश हुई है। इसको लेकर कोर्ट ने कहा है कि इस बात से कोई इनकार नहीं कर सकता है कि न्यायपालिका में भी भ्रष्टाचार है, और जज कोई पवित्र गाय नहीं है। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर…

NATIONAL : ‘शासक ही हत्यारे बन गए…’, भतीजे अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले को लेकर ममता बनर्जी का रिएक्शन

0

पश्चिम बंगाल के सोनारपुर में शनिवार को तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी पर हमला हुआ। वे चुनाव के बाद हुई हिंसा के पीड़ितों के परिवारों से मिलने वहां गए थे। हमले को लेकर अब बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने प्रतिक्रिया दी है। पश्चिम बंगाल की पूर्व सीएम ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर लिखा, “शासक हत्यारे बन गए। भाजपा पर शर्म आती है।”

तृणमूल कांग्रेस ने भी इस हमले की निंदा की। पार्टी ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, “अपने वादे पर कायम रहते हुए, अभिषेक बनर्जी ने संजू कर्मकार के शोकाकुल परिवार को अकेला छोड़ने से साफ इनकार कर दिया। बंगाल बीजेपी-समर्थित गुंडों के जानलेवा हमले के बाद भी, हमारे राष्ट्रीय महासचिव ने पीछे हटना मंजूर नहीं किया। इसके बजाय, वे उस परिवार के साथ खड़े रहे, जो कथित तौर पर बीजेपी-समर्थित गुंडों द्वारा पहुंचाए गए एक अकल्पनीय सदमे से टूट चुका था।”

पार्टी ने आगे लिखा, “यही फर्क है करुणा से प्रेरित राजनीति और नफरत से प्रेरित राजनीति के बीच। शुभेंदु अधिकारी ने, आज की घटनाओं ने एक बार फिर उस तरह की राजनीति का असली चेहरा बेनकाब कर दिया है, जिसका आप नेतृत्व करते हैं। एक ऐसी राजनीति जिसकी बुनियाद ही डराने-धमकाने, हिंसा और बदले की भावना पर टिकी है।”

टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी ने शनिवार को आरोप लगाया कि चुनाव के बाद हुई हिंसा से प्रभावित परिवारों से मिलने के लिए सोनारपुर की यात्रा के दौरान उन पर हमला किया गया।

इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए अभिषेक बनर्जी ने कहा, “अगर मेरे साथ तैनात दो सुरक्षा अधिकारी इस घटना की जानकारी अपने सीनियर अधिकारियों को दे रहे हैं, फिर भी कोई फोर्स नहीं आ रही है, तो यह साफ है कि ऊंचे अधिकारी चाहते हैं कि यह पूरी घटना चलती रहे और राज्य सरकार की तरफ से इसे रोकने की कोई कोशिश नहीं हो रही है। इससे साफ पता चलता है कि जिस तरह यहां एक मौत हुई, उसी तरह 2-4 और मौतें होनी चाहिए, तभी उन्हें कुछ चैन मिलेगा। उन्हें जो करना है, करने दो। हमारे पास सब कुछ रिकॉर्ड है। हम कोर्ट जाएंगे। मैं इस केस को लड़ने के लिए सुप्रीम कोर्ट तक जाऊंगा।”

अभिषेक बनर्जी ने आगे कहा, “उन्होंने ईंट फेंकी, अंडा फेंका और पत्थर बरसाए। कृपया मुझे बताएं कि यह क्या है और आस-पास खड़े सभी लोग, उस इलाके के लोग। वे अब भी हमसे मिल रहे हैं और अब भी प्यार और इज्जत से हमारा स्वागत कर रहे हैं। जाकर उनसे पूछो जो यहां गुंडागर्दी कर रहे हैं। हमारे पास सभी वीडियो सबूत हैं। पास में ही एक कम्युनिटी हॉल है। सुबह 11 बजे से ही, उस कम्युनिटी हॉल में गुंडों को पत्थर फेंकने के लिए रखा गया था।”

तृणमूल कांग्रेस सांसद ने कहा, “देखो मेरे चश्मे का क्या हाल हो गया है। उन्होंने मेरी आंख पर ईंट मारी और मैं अपनी आंख खोल नहीं पा रहा हूं। उसने मेरी पीठ, छाती, बांह और पैर पर घूंसे मारे हैं। मैंने हेलमेट पहना हुआ था, वरना मेरा सिर दो टुकड़ों में बंट गया होता। तुम मेरे शरीर को गिरा सकते हो, लेकिन मेरा इरादा मजबूत है, मेरा जुनून और जोश अब भी कायम है और यह सिर कभी नहीं झुकेगा।” यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर…

NATIONAL : अभिषेक बनर्जी पर हमले के बाद ममता बनर्जी बोलीं- ‘जान भी जा सकती थी’

0

तृणमूल कांग्रेस प्रमुख और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भतीजे अभिषेक बनर्जी पर हमले के बाद कहा कि अगर वो हेलमेट नहीं पहने होते तो उनकी मौत भी हो सकती थी.ममता बनर्जी ने कहा कि पश्चिम बंगाल में ये क्या हो रहा है पता नहीं. क्या वो ऐसे देश में रह रही हैं, जहां मारने के बाद इलाज भी नहीं कराया जाता है?

उन्होंने दावा किया कि अभिषेक बनर्जी पर हमले के बाद भी उनका ढंग से इलाज नहीं कराया गया. उन्हें अस्पताल में भर्ती कराने में देरी की गई और इसके लिए आला अधिकारियों से अनुमति मांगी गई.पुलिस के मुताबिक़ अभिषेक पर शनिवार को उस वक़्त हमला किया गया जब वो सोनारपुर में चुनाव बाद हुई हिंसा से प्रभावित परिवारों से मिलने जा रहे थे. रास्ते में उन पर अंडे फेंके गए और धक्का-मुक्की की गई.

अभिषेक बनर्जी ने इस घटना के लिए बीजेपी को ज़िम्मेदार ठहराया है जबकि राज्य में बीजेपी के नेता और केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि ‘पश्चिम बंगाल की जनता में टीएमसी को लेकर आक्रोश है.’पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने टीएमसी की ओर से पोस्ट किए गए हमले का एक वीडियो साझा करते हुए एक्स पर लिखा, “शासक ही हत्यारे बन गए हैं. बीजेपी पर शर्म आती है.”

उन्होंने कहा, ”अभिषेक पर हमले के बाद उन्हें आई चोटों की जांच नहीं कराई गई. उन्हें भर्ती करने से इनकार किया जाता रहा और इलाज करने में देरी की गई.उनके लिए घर पर अस्पताल सेट-अप करना पड़ा.”

NATIONAL : ‘आमदनी का मीटर बंद, महंगाई का ब्रेक फेल’, ऑटो-रिक्शा चालकों की समस्या को लेकर राहुल ने सरकार को घेरा

0

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शनिवार को ऑटो-रिक्शा चालकों की स्थिति को लेकर नरेंद्र मोदी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि ‘आमदनी का मीटर’ बंद हो गया है, महंगाई पर लगाम लगाने के दावे विफल हो गए हैं और सरकार बहरी बनी हुई है। राहुल गांधी ने यह टिप्पणी एक्स पर एक वीडियो साझा करते हुए की। एक दिन पहले उन्होंने ऑटो-रिक्शा चालकों से मुलाकात की थी।

उन्होंने लिखा, हम बर्बाद हो गए हैं और सुनने वाला कोई नहीं है। एक ऑटो चालक ने यह बात दोपहर के भोजन के दौरान कही थी। उसी एक वाक्य में देश के लाखों गरीबों की पूरी कहानी छिपी है। राहुल गांधी ने लिखा, आय का मीटर थम गया है, महंगाई के ब्रेक फेल हो गए हैं और सरकार जो सुनने के लिए बनी है, वह बहरी बनी हुई है।

उन्होंने आगे लिखा, सीएनजी से एलपीजी तक। बच्चों की पढ़ाई से इलाज तक। दूध से लेकर खाने के तेल तक। हर बढ़ता रुपया इनके बजट पर, इनकी रसोई पर सीधा हमला है। महंगाई मानव मोदी जी सलाह देते हैं- सार्वजनिक परिवहन इस्तेमाल कीजिए। जो लोग सार्वजनिक परिवहन की रीढ़ हैं वो आज महंगाई के बोझ तले टूट रहे हैं। आज इनकी थाली में रोटी-दाल के साथ एक सवाल भी है- कल की रोटी कहां से आएगी?

इससे पहले शुक्रवार को उन्होंने दिल्ली के टोडरमल पार्क में ऑटो-रिक्शा चालकों से मुलाकात की थी और उनकी समस्याएं सुनी थीं। इस दौरान उन्होंने ऑटो चालक की वर्दी भी पहनी और बच्चों के साथ सेल्फी ली। बाद में वह स्वयं ऑटो रिक्शा में बैठकर वहां से रवाना हुए।

NATIONAL : दिल्ली पुलिस का बड़ा एक्शन: ISI के इशारे पर आतंक फैलाने आए शहजाद भट्टी के 8 गुर्गे गिरफ्तार

0

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के इशारे पर चल रहे एक बड़े मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है. पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी के नेतृत्व में काम कर रहे 8 गुर्गों को गिरफ्तार किया गया है. ये आरोपी दिल्ली में टारगेट किलिंग और बम धमाकों जैसी बड़ी आतंकी वारदातों को अंजाम देने की फिराक में थे. पुलिस ने इनके पास से कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बरामद किए हैं.

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक बहुत बड़े ऑपरेशन में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के नापाक इरादों को नाकाम कर दिया है. पुलिस ने पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी के मॉड्यूल पर स्ट्राइक करते हुए अलग-अलग शहरों से 8 लोगों को गिरफ्तार किया है. ये सभी आरोपी सोशल मीडिया के जरिए सीधे पाकिस्तान में बैठे भट्टी और उसके आकाओं के संपर्क में थे. ये सभी यूपी, दिल्ली, जम्मू कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश से पकड़े गए हैं. पुलिस की शुरुआती जांच में खुलासा हुआ है कि ये लोग दिल्ली में किसी बड़ी आतंकी वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे. इनके निशाने पर कुछ वीवीआईपी और महत्वपूर्ण स्थान भी शामिल थे, जिनकी इन्होंने पहले ही रेकी कर ली थी. गिरफ्तार आरोपियों से मिले इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस में कई चौंकाने वाले सबूत मिले हैं, जो सीधे तौर पर सीमा पार बैठे आतंकियों से जुड़े हैं.

दिल्ली में बड़ी तबाही मचाने का था प्लान
पकड़े गए आरोपियों ने पूछताछ में कबूल किया है कि उन्हें दिल्ली के भीड़भाड़ वाले इलाकों में हमले का टास्क दिया गया था. शहजाद भट्टी ने ISI के निर्देश पर इन लोगों को भारत में एक्टिव किया था. ये मॉड्यूल न सिर्फ धमाके बल्कि दिल्ली में टारगेट किलिंग की प्लानिंग भी कर रहा था. आरोपियों ने शहर के कई महत्वपूर्ण और संवेदनशील ठिकानों की रेकी पूरी कर ली थी. स्पेशल सेल अब इनके बाकी नेटवर्क और मददगारों की तलाश में जुटी हुई है.

कैसे ऑपरेट हो रहा था शहजाद भट्टी का यह मॉड्यूल?
शहजाद भट्टी पाकिस्तानी जेलों और सुरक्षित ठिकानों से बैठकर सोशल मीडिया के जरिए इन युवकों को रिक्रूट कर रहा था. गिरफ्तार किए गए 8 आरोपी अलग-अलग शहरों से ताल्लुक रखते हैं, जो आपस में डिजिटल माध्यमों से जुड़े थे. पुलिस ने इनके पास से भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स और संदिग्ध दस्तावेज जब्त किए हैं. इन डिवाइस की एनालिसिस से पता चला है कि भट्टी इन्हें हथियारों और फंड्स की सप्लाई करने वाला था. पुलिस को अंदेशा है कि इस मॉड्यूल के तार अन्य बड़े अंडरवर्ल्ड गैंग्स से भी जुड़े हो सकते हैं.

क्या इन आरोपियों के तार दूसरे गैंग्स से भी जुड़े हैं?
दिल्ली पुलिस को जांच के दौरान यह भी पता चला है कि ISI अब गैंगस्टर्स का इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों के लिए कर रही है. गिरफ्तार आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस अब उन बड़े गैंग्स पर भी एक्शन ले रही है जो परोक्ष रूप से इनकी मदद कर रहे थे. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह एक हाइब्रिड मॉडल है, जहां अपराधियों को आतंक फैलाने का काम सौंपा गया है.

दिल्ली पुलिस ने राजधानी में गैंग्स के खिलाफ बड़ा ऑपरेशन चलाया. इस अभियान को “ऑपरेशन गैंग्स बस्ट पार्ट-2” नाम दिया गया. पुलिस ने 48 घंटे के भीतर तय टारगेट पर एक साथ कार्रवाई की. स्पेशल सेल और सभी जिलों की टीमों ने मिलकर गैंगस्टरों, शूटरों, फाइनेंसरों और सोशल मीडिया संभालने वाले बदमाशों की पहचान की.

कुल 483 टारगेट चिन्हित किए गए. इसके बाद दिल्ली भर में 1014 ठिकानों पर रेड डाली गई. पुलिस ने 481 लोगों को गिरफ्तार किया. कार्रवाई में 130 हथियार, 214 कारतूस और 73 चाकू बरामद हुए. कई लाख रुपये, 24 गाड़ियां और दर्जनों मोबाइल फोन भी जब्त किए गए. पुलिस ने 30 गैंगस्टरों के गुर्गों को भी दबोच लिया.

- Advertisement -