मोदी कैबिनेट ने आज यानी बुधवार को एक देश एक चुनाव (One Nation, One Election) के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। अब देश की 543 लोकसभा सीट और सभी राज्यों की कुल 4130 विधानसभा सीटों पर एक साथ चुनाव कराने की राह खुल गई। एक देश एक चुनाव पर पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में गठित कमेटी की रिपोर्ट के बाद प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूरी दी है।
इससे एक दिन पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था कि देश में वन नेशन वन इलेक्शन हर हाल में 2029 से पहले लागू होगा। इसके एक दिन बाद ही एक देश एक चुनाव के प्रस्ताव को मोदी कैबिनेट से मंजूरी मिलने के क्या मायने हैं? वन नेशन वन इलेक्शन से जुड़े 12 सवालों के जवाब यहां पढ़िए…
78 वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्रचार से पीएम मोदी ने कहा- देश में हर छह माह में कहीं न कहीं चुनाव हो रहे होते हैं। ऐसे में देश को आगे ले जाने के लिए वन नेशन, वन इलेक्शन को आगे लाना ही होगा।
मोदी सरकार के 100 दिन पूरे होने पर गृह मंत्री अमित शाह – हमारी योजना इस सरकार के कार्यकाल के दौरान ही वन नेशन वन इलेक्शन को लागू कराने की है। इसको लेकर तैयारियां की जा रही हैं।
क्या है वन नेशन वन इलेक्शन? एक देश एक चुनाव यानी (One Nation, One Election) का मतलब है कि पूरे देश में एक साथ लोकसभा और विधानसभा चुनाव हों। ऐसे समझिए, देश की सभी 543 लोकसभा सीटों और सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों की कुल 4130 विधानसभा सीटों पर एक साथ चुनाव होंगे। वोटर सांसद और विधायक चुनने के लिए एक ही दिन, एक ही समय पर अपना वोट डाल सकेंगे।
क्या है मौजूदा चुनाव व्यवस्था? देश में अभी लोकसभा चुनाव और विधानसभा चुनाव अलग-अलग समय पर होते हैं।
क्या यह चुनाव व्यवस्था देश के लिए नई है? नहीं, यह कांसेप्ट भारत के लिए नया नहीं है। देश में आजादी के बाद 1952 से लेकर 1957, 1962 और 1967 तक लोकसभा और विधानसभा के चुनाव एक साथ ही हुए थे। 1968 और 1969 में कई विधानसभाएं तय समय से पहले भंग कर दी गई थीं। 1970 में लोकसभा भी समय से पहले भंग कर दी गई थी। इसके चलते एक देश एक चुनाव की गाड़ी पटरी से उतर गई।
कमेटी ने कितने दिन में तैयार की रिपोर्ट? वन नेशन वन इलेक्शन को लेकर 2 सितंबर, 2023 को एक कमिटी गठित की गई थी। इसकी अध्यक्षता पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद कर रहे थे। कमेटी के सदस्यों ने सात देशों की चुनाव व्यवस्था का अध्ययन किया।
स्टेकहोल्डर्स-एक्सपर्ट्स से चर्चा और रिसर्च के बाद 191 दिन में 18 हजार 626 पन्नों की एक रिपोर्ट तैयार की गई। कमेटी ने यह रिपोर्ट 14 मार्च को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को सौंपी गई। रिपोर्ट में सभी विधानसभाओं का कार्यकाल 2029 तक करने का सुझाव दिया है।
राष्ट्रपति मुर्मू को रिपोर्ट सौंपते पूर्व राष्ट्रपति और कमेटी अध्यक्ष रामनाथ कोविंद, साथ में गृहमंत्री अमित शाह। फाइल फोटो
वन नेशन वन इलेक्शन कमेटी कितने और कौन-कौन है सदस्य? पूर्व राष्ट्रपति, एक वकील, तीन नेता और तीन पूर्व अफसर समेत आठ लोग कमेटी के सदस्य हैं।
रामनाथ कोविंद, अध्यक्ष (पूर्व राष्ट्रपति) हरीश साल्वे, वरिष्ठ अधिवक्ता अमित शाह, गृह मंत्री (बीजेपी) अधीर रंजन चौधरी, कांग्रेस नेता गुलाम नबी, डीपीए पार्टी इनके सिंह, 15वें वित्त आयोग पूर्व अध्यक्ष डॉ. सुभाष कश्यप, लोकसभा के पूर्व महासचिव संजय कोठारी, पूर्व मुख्य सतर्कता आयुक्त कमेटी ने क्या सुझाव दिए? सभी विधानसभाओं का कार्यकाल अगले लोकसभा चुनाव यानी 2029 तक बढ़ाया जाए। पहले चरण में लोकसभा-विधानसभा चुनाव और फिर दूसरे चरण में 100 दिन के भीतर स्थानीय निकाय चुनाव कराए जा सकते हैं। चुनाव आयोग लोकसभा, विधानसभा व स्थानीय निकाय चुनावों के लिए सिंगल वोटर लिस्ट और वोटर आईडी कार्ड बनाए। देश में एक साथ चुनाव कराने के लिए उपकरणों, जनशक्ति और सुरक्षा बलों की एडवांस प्लानिंग करने की भी सिफारिश की है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 134वें एपिसोड को संबोधित करेंगे। यह कार्यक्रम सुबह 11 बजे पूरे ऑल इंडिया रेडियो (आकाशवाणी) और सरकार के आधिकारिक डिजिटल चैनलों पर प्रसारित किया जाएगा। मन की बात कार्यक्रम से जुड़ी हर अपडेट के लिए अमर उजाला के साथ जुड़े रहें…
सैनिकों के लिए गिरिजा अम्मा ने छात्रों के साथ मिलकर जुटाए 40 लाख : पीएम मोदी पीएम मोदी ने कहा, साथियों, पिछले महीने मुझे एक बहुत अच्छा अनुभव हुआ। इसका संबंध ‘मन की बात’ से भी जुड़ा है। इसलिए आज मैं इसकी चर्चा आपसे करना चाहता हूं। तमिलनाडु के नागरकोइल में मेरी मुलाकात एक टीचर से हुई। करीब तीन दशक पहले भी मैं उनसे मिला था। मैं बात कर रहा हूं, गिरिजा अम्मा जी की। इस मुलाकात के दौरान कुछ युवा छात्र भी उनके साथ थे। गिरिजा अम्मा जी करीब 15 स्कूल चलाती हैं। इनमें चेन्नई का जयगोपाल गरोडिया हिन्दू विद्यालय बहुत प्रमुख है। उनकी देशभक्ति की भावना हर भारतवासी को प्रेरित करने वाली है। उन्होंने ‘मन की बात’ से प्रेरणा लेकर देश के अनेक सैनिकों के लिए योगदान का संकल्प लिया। इसके लिए उन्होंने अपने सभी स्कूलों के छात्रों को प्रेरित किया। उन्होंने बच्चों से कहा कि वे वीर जवानों के लिए हर दिन एक रुपया योगदान दें। यानी एक साल में हर छात्र की ओर से 365 रुपये जमा हुए। इस छोटे-छोटे योगदान से करीब 40 लाख रुपये इकट्ठा हुए। गिरिजा अम्मा जी ने इस पूरी राशि का चेक मुझे सौंपा। उनसे बातचीत के दौरान मैंने महसूस किया कि मां भारती के प्रति उनका समर्पण कितना गहरा है। पिछले वर्ष ही चेन्नई के पहले हिन्दू विद्यालय ने अपने 50 वर्ष पूरे किए हैं। देश की शिक्षा और सांस्कृतिक गौरव को आगे बढ़ाने में इस स्कूल नेटनर्क की भूमिका बहुत प्रशंसनीय है। मैं इससे जुड़े सभी लोगों को बहुत-बहुत बधाई देता हूं और उन छात्रों की भी विशेष सराहना करता हूं, जिन्होंने अपने वीर सैनिकों के लिए योगदान दिया।
मनोरमा नदी बचाने वाले आकाश गुप्ता का पीएम मोदी ने किया जिक्र मन की बात कार्यक्रम में पीएम मोदी ने कहा, साथियों, ऐसी ही यादों को बचाने की एक प्रेरक गाथा उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले से सामने आई है। बस्ती के आकाश गुप्ता अपने गांव की मनोरमा नदी को देखकर बहुत दुखी होते थे, क्योंकि जिस नदी को उन्होंने बचपन में साफ और जीवंत देखा था। समय के साथ उस नदी में प्लास्टिक जमा होने लगा था। गंदगी बढ़ती चली जा रही थी। आकाश ने तय किया कि शिकायत नहीं करेंगे, एक नई शुरुआत करेंगे। शिकायत नहीं, शुरुआत मंत्र बन गया। उन्होंने अपने दोस्तों को साथ लिया। सिर्फ जाल था, फावड़ा था, टोकरी थी और सबसे बड़ी ताकत थी, कुछ बदलने का संकल्प। ये युवा नदी में उतरते थे, जलकुंभी निकालते थे। प्लास्टिक और कचरा बाहर लाते थे। कई बार एक दिन में 50-60 किलो तक कचरा नदी से निकाला गया। धीरे-धीरे मनोरमा नदी का वह हिस्सा फिर से साफ दिखने लगा। आसपास के लोगों का ध्यान भी इस काम की तरफ गया। लोगों में स्वच्छता को लेकर जागरुकता बढ़ी।
उन्होंने कहा, साथियों, ऐसी ही एक प्रेरक कहानी गोवा से भी सामने आई है। गोवा के बालकृष्ण अड़या जी सेवानिवृत्त शिक्षक हैं। लेकिन समाज के लिए काम करने का उनका उत्साह आज भी वैसा ही है। उन्हें मड्डी-तोलाप इलाके में पानी की समस्या बहुत परेशान करती थी। उन्होंने भी समाधान के लिए काम शुरु किया। बालकृष्ण जी ने पाइपलाइन बिछाने के काम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इससे कई घरों तक पानी पहुंचा। जिन परिवारों को पानी के लिए रोज संघर्ष करना पड़ता था, उनके लिए यह बहुत बड़ी राहत बनी।
पीएम मोदी ने कहा, साथियों, ‘मन की बात’ कार्यक्रम को जो लोग टीवी पर देख रहे हैं, मैं उनसे कहूंगा – एक वीडियो जरूर देखिएगा। ये वीडियो पिछले दिनों बहुत चर्चा में रहा। इसमें कुछ लोग बहुत धैर्य से, बहुत सावधानी से एक गंगा डॉल्फिन को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। आपको ये जानकर आश्चर्य होगा, इस पूरे प्रयास में करीब 13 घंटे लगे और आखिरकार वो डॉल्फिन बच गई। उन्होंने कहा, साथियों, इसमें बहुत बड़ी भूमिका रही – भारत की पहली गंगा डॉल्फिन रेस्क्यू एंबुलेंस की। ये घटना उत्तर प्रदेश की है। वहां एक गंगा डॉल्फिन नहर में फंस गई थी | ऐसे समय में ‘नमामि गंगे अभियान’ के तहत बनी ये एंबुलेंस उसके लिए उम्मीद बनकर पहुंची। फिर बहुत सावधानी से उसे बाहर निकाला गया | उसकी जांच की गई, उसका इलाज किया गया और उसके बाद उसे सुरक्षित राप्ती नदी में छोड़ दिया गया। एक तरह से कहें, तो एक जीवन, फिर अपने घर लौट गया।
युवाओं में एस्ट्रोनॉमी को लेकर काफी उत्साह : पीएम मोदी पीएम मोदी ने कहा, साथियों, हम भारतीयों में खगोल विज्ञान यानी एस्ट्रोनॉमी को लेकर हमेशा विशेष आकर्षण रहा है। हमारे देश में आज भी सदियों पुरानी वेधशालाएं मौजूद हैं। यहां अद्भुत गणितीय खोज हुई हैं | नेविगेशन हो, पंचांग हो, या हमारे पर्व-त्योहार, इन सबका संबंध आकाश और तारों से रहा है। हमारे यहां एस्ट्रोनॉमी ने हर पीढ़ी में कौतूहल जगाया है। उसे अन्वेषण के लिए प्रेरित किया है और आज के युवाओं में भी इसे लेकर काफी उत्साह दिखाई देता है।
उन्होंने कहा, आजकल आप भी देखते होंगे, देशभर में एस्ट्रोनॉमी क्लब्स तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। बड़े शहरों से लेकर छोटे कस्बों तक, स्कूलों से लेकर पार्कों तक इनकी गतिविधियां दिखाई देती हैं। मुझे बंगलूरू एस्ट्रोनॉमिकल सोसइटी के बारे में जानकारी मिली। यहां ऑब्जर्वेशनल सेशंस आयोजित किए जाते हैं | इस संस्था ने ग्रामीण क्षेत्रों में एस्ट्रोनॉमी को लोकप्रिय बनाने का मिशन भी शुरू किया है। ‘खगोल मण्डल’ नाम की एक टीम ने 30 घंटे का एक बहुत इनोवेटिव कोर्स शुरु किया है।
नीदरलैंड्स ने लौटाईं चोला काल की ताम्र पट्टिकाएं पीएम मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में कहा, मेरे प्यारे देशवासियों, बीते दिनों मुझे यूरोप के नीदरलैंड्स जाने का अवसर मिला। वहां मैं कई बैठक में शामिल हुआ। इसी दौरान एक ऐसा क्षण आया जिसने हर भारतीय को गर्व से भर दिया। नीदरलैंड्स में आयोजित एक विशेष समारोह में चोला काल की प्राचीन ताम्र पट्टिकाएं भारत को वापस सौंपी गईं। उस कार्यक्रम में नीदरलैंड्स के प्रधानमंत्री भी मौजूद थे | इन ताम्र पट्टिकाओं को लेकर मुझे देश-विदेश से लगातार संदेश मिल रहे हैं। लोग खुशी जता रहे हैं, गर्व व्यक्त कर रहे हैं। दुनियाभर के तमिल समुदाय में भी इसे लेकर विशेष उत्साह है।
उन्होंने कहा, साथियों, इन ताम्र पट्टिकाओं को लेकर लोगों में काफी जिज्ञासा भी है। इसलिए आज मैं इससे जुड़ी कुछ बातें आपसे साझा करना चाहता हूं। इनमें 21 बड़ी और तीन छोटी ताम्र पट्टिकाएं हैं। ये मुख्य रुप से राजा राजेंद्र चोला-प्रथम द्वारा अपने पिता राजा राजराजा चोला के एक वचन को पूरा करने से जुड़ी हैं। इनमें आनइमंगलम् गांव को एक बौद्ध विहार को दान देने का उल्लेख है। इन ताम्र पट्टिकाओं में चोला वंश की उपलब्धियों का भी वर्णन मिलता है। इनसे पता चलता है कि चोला साम्राज्य की समुद्री शक्ति कितनी मजबूत थी। दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों के साथ उनके संबंधों की जानकारी भी इनमें मिलती है।
देशभर के आमों की किस्मों का किया जिक्र पीएम मोदी ने कहा, ”साथियो, गर्मी आते ही एक और चर्चा हर घर में शुरु हो जाती है और वो है आम। आम, आम चर्चा का विषय होता है, भारत में शायद ही कोई घर होगा जहां गर्मियों में आम की बात न होती हो। हर इलाके का अपना आम, अपना स्वाद, अपनी खुशबू। महाराष्ट्र और कोंकण का हापुस, अलफांसो, गुजरात का केसर, यह तो आमरस की जान है, उत्तर प्रदेश का दशहरी और मेरी काशी का लंगड़ा। वैसे, लंगड़ा आम की एक खास बात होती है – पकने के बाद भी उसका रंग कई बार हरा ही रहता है। बिहार का जर्दालू जिसकी खुशबू दूर से पहचान में आ जाए। चौसा, मालदा – हर नाम के साथ लोगों की यादें जुड़ी हुई हैं।”
उन्होंने कहा कि दक्षिण भारत जाइए, तो बंगनपल्ली, तोतापुरी, नीलम, मलगोवा, बंगाल का हिमसागर, ओडिशा और आंध्र प्रदेश का सुवर्णरखा। यानी, जगह बदलती है, आम का रूप-रंग और उसका स्वाद भी बदल जाता है। साथियो आम की ये यात्रा, अब गांव से, ग्लोबल मार्केट तक भी पहुंच रही है | आज ‘मन की बात’ के माध्यम से मैं आम की पैदावार से जुड़े अपने किसान भाई-बहनों की प्रशंसा करूंगा | आप देश की कृषि अर्थव्यवस्था के लिए आम किसान नहीं बहुत विशेष हैं। ऐसे ही छाए रहिए।
देश में बढ़ती गर्मी को लेकर पीएम मोदी ने दोहराई अपील पीएम मोदी ने देश में पड़ रही गर्मी को देखते हुए एक बार फिर से अपनी अपील को दोहराया। उन्होंने कहा कि मेरे प्यारे देशवासियों, इस समय देश के ज्यादातर हिस्सों में बहुत गर्मी पड़ रही है। तेज धूप, गर्म हवाएं, ऐसे मौसम में अपना ध्यान रखना बहुत जरूरी है। पानी पीते रहिए। धूप में अगर निकलना ही पड़े तो थोड़ा संभल कर निकलें। इस दिशा में सरकार के भिन्न-भिन्न विभाग ने जो गाइडलाइंस जारी की है वो भी भूलियेगा नहीं।
पीएम मोदी ने कहा, साथियों, हमारे यहां गर्मी से लड़ने का तरीका कई बार रसोई में भी मिलता है। आपने भी देखा होगा जैसे-जैसे गर्मी बढ़ती है, वैसे-वैसे घर की रसोई का स्वाद बदल जाता है, रसोई का प्रकार बदल जाता है। कहीं मटके का पानी निकल आता है, कहीं दही जमने लगता है, तो कहीं कच्चे आम उबलने लगते हैं – और फिर शुरु होता है देसी पेय का दौर।
उन्होंने कहा, देसी पेय से आप भी परिचित हैं, अगर आप उत्तर भारत में जाएंगे तो काफी जगह आपको मिलेगा आम पन्ना, कच्चे आम का स्वाद, और गर्मी से राहत भी। पंजाब-हरियाणा जाइए तो लस्सी मिल जाएगी, बड़े गिलास वाली लस्सी। राजस्थान और गुजरात में छाछ, जैसे हर खाने की साथी बन जाती है। बिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश में सत्तू का शरबत, उसकी तो बात ही क्या है पेट भी भरे, ताकत भी दे। कोंकण और गोवा में कोकम शरबत, सोल कढ़ी। दक्षिण भारत में पानकम, नीर मोर, सम्बारम और ओडिशा में बेल पना, वो सिर्फ पेय नहीं, भारत के अलग-अलग क्षेत्रों की परंपरा का हिस्सा है।
पीएम मोदी ने कहा, इसमें ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की भावना की झलक भी मिलती है। एक बात जरूर ध्यान रखियेगा, इनमें से ज्यादातर चीजें हमारी अपनी रसोई से निकली हैं, हमारे खेत खलिहान से निकली हैं। कोई बड़ी ब्रांडिंग नहीं है। लेकिन पीढ़ियों का अनुभव उनमें समाया हुआ है। आप भी गर्मी के दौरान देसी पेजयलों का खूब आनंद लीजिए। 11:12 AM, 31-May-2026 अनिमेष कुजूर ने साझा किए अपने विचार एथलीट अनिमेष कुजूर ने पीएम मोदी के कार्यक्रम में कहा, “नमस्ते सर, मेरा नाम अनिमेष कुजूर। मैं 200 मीटर और 400 मीटर का नेशनल रिकॉर्ड होल्डर हूं और मैं छत्तीसगढ़ से आता हूं। अभी मैं उड़ीसा से खेलता हूं। मैं पिछले साल एशियन मेडल और वर्ल्ड यूनिवर्सिटी गेम्स मेडल लेकर आया। मैं एथलेटिक्स 2021 से चालू किया जब मैं स्कूल से पास हुआ।” 11:10 AM, 31-May-2026 एथलीट गुरिंदरवीर सिंह और अनिमेष कुजूर से की बात पीएम मोदी ने कहा कि हमने संगीत में तो जुगलबंदी देखी थी, लेकिन चुनौती में अब जुगलबंदी होती है कि एक बार एक चुनौती दे फिर दूसरा उस चुनौती को उठा ले। फिर तीसरी बार कर ले। बड़ा रोचक विषय रहा है आपका। मैं चाहता हूं कि ‘मन की बात’ के श्रोताओं को पता चले कि आप लोग के विषय में उनको जानकारी हो। आपने जो पराक्रम किया है उसका पता चले।
11:08 AM, 31-May-2026 100 मीटर रेस में तीन बार टूटा नेशनल रिकॉर्ड : पीएम मोदी पीएम मोदी ने कार्यक्रम में कहा, ”साथियों, एक इवेंट जिसकी देशभर में बहुत चर्चा हो रही है, वह है – 100 मीटर रेस, सौ मीटर की दौड़। महज दो दिनों के भीतर 100 मीटर रेस के पुरुष वर्ग में नेशनल रिकॉर्ड तीन बार टूटा | जिन दो एशलीट्स ने ये कमाल दिखाया है वे हैं – गुरिंदरवीर सिंह और अनिमेष कुजूर।
अजमेर, 30 मई। वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान जिलेभर में विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही है। जिला कलक्टर श्री लोक बन्धु ने बताया कि अभियान के अन्तर्गत रविवार 31 मई (ज्येष्ठ पूर्णिमा) के दिन पंचायती राज विभाग, खेल विभाग एवं नेहरू युवा केन्द्र द्वारा स्थानीय ग्रामवासियों, जनप्रतिनिधियों एवं नेहरू युवा केन्द्र आदि अन्य स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से वंदे गंगा प्रभात फेरी एवं जागरूकता अभियान रैली का ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम पंचायत स्तर पर आयोजन, वंदे गंगा रैली तथा साइकिल रैली निकाली जाएगी। साथ ही पुलिस, सेना एवं अर्द्ध सैनिक बल द्वारा जिला प्रशासन द्वारा चिन्हित स्थानों पर श्रमदान और वंदे गंगा जल सेवा में सहयोग करेंगे।
स्वयं सेवी संस्था द्वारा जल संग्रहण संरचनाओं की गाद निकालना एवं साफ-सफाई हेतु श्रमदान, वंदे गंगा जल सेवा, पशु खेलियों, बावडियों की साफ-सफाई तथा पशुओं के लिये पीने के साफ पानी की व्यवस्था एवं पक्षियों के लिये परिंडे बांधना। इसके साथ स्वायत्त शासन विभाग द्वारा जल स्त्रोतो की साफ-सफाई एवं मरम्मत, जल स्त्रोतों पर दीप प्रज्वलन, अमृत 2.0 अंर्तगत स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा साफ-सफाई एवं रख-रखाव कार्यक्रम, शहरी रोजगार योजना अर्न्तगत्त पौधारोपण कार्य हेतु अग्रिम तैयारी, महापुरूषों की प्रतिमाओं की साफ-सफाई, प्लास्टिक कचरे का चिन्हित स्थल पर निष्पादन, नो प्लास्टिक डे, अमृत-2.0 योजना अर्न्तगत नवीन कार्यादेश जारी करना एवं पूर्ण कार्यों का अवलोकन एवं लोकार्पण तथा स्थानीय निवासियों / जनप्रतिनिधियों एवं नेहरू युवा केन्द्र आदि अन्य स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से वंदे गंगा प्रभात फेरी एवं जागरूकता अभियान रैली का नगर निकाय स्तर पर आयोजन करेंगे।
जयपुर, 30 मई (हि.स.)। राजस्थान में सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ के असर से मौसम ने अचानक करवट ले ली है। मौसम विभाग ने शनिवार को प्रदेश के 30 जिलों में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है। शुक्रवार को प्रदेश के कई हिस्सों में तेज अंधड़, बारिश और ओले गिरने से तापमान में भारी गिरावट आ गई। कई जिलों में दिन का पारा 10 डिग्री सेल्सियस तक नीचे आ गया।
प्रदेश में शुक्रवार को चूरू, हनुमानगढ़, बीकानेर, सीकर, अलवर, जयपुर, भरतपुर, झुंझुनूं और करौली सहित उत्तर-पूर्वी राजस्थान के कई जिलों में मौसम अचानक बदल गया। तेज हवाओं के साथ बारिश और ओलावृष्टि हुई। झुंझुनूं जिले के मलसीसर में सबसे अधिक 43 मिमी बारिश हुई।
दौसा जिले में आए अंधड़ ने भारी नुकसान पहुंचाया। लालसोट-दौसा बाइपास पर 220 केवी बिजली लाइन का टावर गिर गया। इस दौरान वहां से गुजर रही एक स्कॉर्पियो वाहन तारों में उलझकर पलट गई। हादसे में एक महिला सहित दो लोगों की मौत हो गई।
राजधानी जयपुर में भी शुक्रवार शाम मौसम का मिजाज बदला रहा। शाम को करीब एक घंटे तक तेज अंधड़ चला। इसके बाद रात आठ बजे के बाद फिर बारिश शुरू हुई, जो देर रात तक रुक-रुककर जारी रही।
शहर के कई इलाकों में ओले भी गिरे। मौसम विभाग के अनुसार जयपुर और आसपास के क्षेत्रों में अगले दो दिन मौसम बदला रहेगा। बीकानेर के अरजनसर क्षेत्र में दोपहर बाद धूलभरी आंधी चली और आसमान में धूल का गुबार छा गया। वहीं अलवर में अधिकतम तापमान में सबसे ज्यादा 9.8 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ गई। यहां तापमान गिरकर 36.2 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया।
मौसम विभाग का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से अगले दो दिनों तक प्रदेश में मौसम का यह बदला हुआ मिजाज बना रहेगा। कई इलाकों में तेज अंधड़, बारिश और ओलावृष्टि की संभावना है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिल सकती है।
उत्तर भारत इस समय भीषण गर्मी और लू की चपेट में है। राजस्थान के श्रीगंगानगर में 48.2 डिग्री तापमान दर्ज किया गया, जबकि यूपी का बांदा भीषण गर्मी से झुलसता रहा। मौसम विभाग ने नए पश्चिमी विक्षोभ के असर से अगले कुछ दिनों में बारिश, तेज हवाओं और तापमान में 6 से 8 डिग्री गिरावट की संभावना जताई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी गर्मी से निपटने के लिए सभी विभागों को सतर्क रहने को कहा है। आइए, विस्तार से समझते हैं…
उत्तर भारत इस समय भीषण गर्मी और लू की चपेट में है। नौतपा के दौरान आसमान से बरस रही आग ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। सुबह होते ही तेज धूप और गर्म हवाओं का असर शुरू हो जा रहा है। राजस्थान से लेकर उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा और मध्य प्रदेश तक कई राज्यों में तापमान 45 डिग्री के पार पहुंच चुका है। राजस्थान के श्रीगंगानगर में बुधवार को देश का सबसे अधिक तापमान 48.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि यूपी का बांदा 47.8 डिग्री के साथ दूसरे स्थान पर रहा। मौसम विभाग ने हालांकि आने वाले दिनों में राहत की उम्मीद जताई है। नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से कई राज्यों में बारिश, तेज हवाएं और तापमान में गिरावट की संभावना बनी है।
आखिर क्यों और खतरनाक हो गई है इस बार की गर्मी? इस बार नौतपा के दौरान गर्मी ने पिछले कई वर्षों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मैदानी इलाकों में जब तापमान 45 डिग्री से ऊपर पहुंच जाता है तो उसे लू की श्रेणी में रखा जाता है, जबकि 47 डिग्री से अधिक तापमान को भीषण लू माना जाता है। इस समय उत्तर भारत के कई हिस्से इसी स्थिति से गुजर रहे हैं। दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा और चंडीगढ़ में तापमान 44 से 46 डिग्री के बीच बना हुआ है। गर्म हवाओं और तेज धूप के कारण दोपहर में सड़कें सुनसान दिखने लगी हैं। मजदूर, रिक्शा चालक और खुले में काम करने वाले लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।
क्या पश्चिमी विक्षोभ से मिलेगी राहत? मौसम विभाग ने बताया है कि बृहस्पतिवार से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। इसके असर से शुक्रवार से उत्तर भारत के कई हिस्सों में मौसम बदल सकता है। गरज-चमक के साथ हल्की बारिश, धूल भरी आंधी और तेज हवाएं चलने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार तापमान में 6 से 8 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है। इससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिलेगी। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि यह राहत अस्थायी होगी और जून की शुरुआत में गर्मी फिर तेज हो सकती है। फिलहाल लोगों को अगले दो से तीन दिनों तक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
गर्मी को लेकर क्या बोले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भीषण गर्मी और लू की स्थिति पर चिंता जताते हुए सभी मंत्रालयों और राज्य सरकारों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री ने कहा कि इतनी बड़ी चुनौती से निपटने के लिए पूरे देश को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने स्वास्थ्य और जलशक्ति मंत्रालय को खास तौर पर मुस्तैद रहने को कहा, ताकि लू से प्रभावित लोगों को तुरंत इलाज और पानी उपलब्ध कराया जा सके। प्रधानमंत्री ने लोगों से भी अपील की कि वे बिना जरूरत तेज धूप में बाहर न निकलें और पर्याप्त मात्रा में पानी तथा तरल पदार्थों का सेवन करें।
लोगों को किन बातों का रखना होगा ध्यान? डॉक्टरों और मौसम विभाग ने लोगों को इस भीषण गर्मी में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से बचने को कहा गया है। बाहर निकलते समय सिर ढकने, पानी साथ रखने और हल्के कपड़े पहनने की सलाह दी गई है। लगातार बढ़ती गर्मी का असर बिजली और पानी की मांग पर भी दिखाई देने लगा है। कई शहरों में बिजली खपत रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है।
यूपी और दिल्ली में क्या है मौसम का अलर्ट? उत्तर प्रदेश में मौसम विभाग ने 28 से 31 मई के बीच कई जिलों में प्री-मानसून बारिश और तेज आंधी का अलर्ट जारी किया है। गाजियाबाद, हापुड़, सहारनपुर समेत कई जिलों में तेज हवाओं और ओलावृष्टि की आशंका जताई गई है। 29 मई को पश्चिमी यूपी के कुछ इलाकों में 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने का रेड अलर्ट जारी किया गया है। दिल्ली में भी तेज हवाओं और हल्की बारिश की संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग का कहना है कि अचानक मौसम बदलने से धूल भरी आंधी और बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं।
वैभव सूर्यवंशी ने हैदराबाद के खिलाफ मुकाबले में आक्रामक प्रदर्शन करते हुए क्रिस गेल का महारिकॉर्ड तोड़ दिया। वह एक सीजन में सर्वाधिक छक्के लगाने वाले बल्लेबाज बन गए। इससे पहले गेल ने आईपीएल 2012 में 59 छक्के लगाए थे। सूर्यवंशी ने 16 गेंदों में अपना अर्धशतक भी पूरा किया।
आईपीएल 2026 के एलिमिनेटर मुकाबले में आज राजस्थान रॉयल्स की टक्कर सनराइजर्स हैदराबाद से हुई। इस अहम मुकाबले में सभी की नजरें 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी पर रहीं। बिहार के इस विस्फोटक बल्लेबाज के पास टी20 क्रिकेट के महान बल्लेबाज क्रिस गेल का ऐतिहासिक रिकॉर्ड तोड़ दिया। वह एक आईपीएल सीजन में सर्वाधिक छक्के लगाने वाले बल्लेबाज बन गए।
सूर्यवंशी ने तोड़ा क्रिस गेल का रिकॉर्ड वैभव सूर्यवंशी ने हैदराबाद के खिलाफ मुकाबले में आक्रामक प्रदर्शन करते हुए क्रिस गेल का महारिकॉर्ड तोड़ दिया। वह एक सीजन में सर्वाधिक छक्के लगाने वाले बल्लेबाज बन गए। इससे पहले गेल ने आईपीएल 2012 में 59 छक्के लगाए थे। सूर्यवंशी ने 16 गेंदों में अपना अर्धशतक भी पूरा किया।
वैभव का बड़ा कारनामा इस दौरान वैभव आईपीएल में 20 से कम गेंदों में सबसे ज्यादा बार अर्धशतक पूरा करने वाले संयुक्त रूप से दूसरे बल्लेबाज बन गए। इस मामले में उन्होंने निकोलस पूरन की बराबरी कर ली। दोनों ने पांच बार आईपीएल में 20 से कम गेंदों में अर्धशतक पूरे किए हैं। वहीं, इस मामले में शीर्ष पर हैदराबाद के ओपनिंग बल्लेबाज अभिषेक शर्मा हैं, जिन्होंने छह बार यह कारनामा किया है। विज्ञापन
वैभव ने हासिल की एक और उपलब्धि 15 वर्षीय वैभव आईपीएल के मुकाबलों में पावरप्ले में सर्वाधिक बार 50 से ज्यादा का स्कोर बनाने वाले दूसरे बल्लेबाज भी बन गए। उन्होंने पांचवीं बार शुरुआती छह ओवर के भीतर 50+ स्कोर बनाया। इस मामले में उन्होंने हैदराबाद के ट्रेविस हेड को पीछे छोड़ा, जिन्होंने चार बार यह कारनामा किया। शीर्ष पर डेविड वॉर्नर हैं, जिन्होंने छह बार पावरप्ले के दौरान 50+ स्कोर बनाया। IPL 2026 RR VS SRH: Vaibhav Sooryavanshi breaks Chris Gayle record of most sixes in single season वैभव सूर्यवंशी – फोटो : PTI गेल के रिकॉर्ड को तोड़ने से चूके सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ आईपीएल 2026 के एलिमिनेटर मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी बड़ी उपलब्धि हासिल करने से महज एक गेंद से चूक गए। वह आज क्रिस गेल के सबसे तेज शतक के रिकॉर्ड को तोड़ सकते थे, लेकिन प्रफुल्ल हिंगे की गेंद पर आर स्मरण ने उन्हें कैच आउट करा दिया। आईपीएल में सबसे तेज शतक का रिकॉर्ड यूनिवर्स बॉस क्रिस गेल के नाम दर्ज है। उन्होंने 30 गेंदों में अपना शतक पूरा किया था। आज सूर्यवंशी उनके रिकॉर्ड को तोड़ने के बेहद करीब पहुंच गए थे, लेकिन आउट हो गए। वह 29 गेंदों में पांच चौके और 12 छक्के की मदद से 97 रनों की पारी खेलकर पवेलियन लौटे। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 334.48 का रहा। रैना की बराबरी की इस मैच में सूर्यवंशी ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली। वह आईपीएल नॉकआउट या प्लेऑफ मुकाबले में सबसे कम गेंदों में अर्धशतक पूरा करने वाले संयुक्त पहले बल्लेबाज बन गए। इस मामले में उन्होंने सुरेश रैना की बराबरी कर ली। दोनों ने 16 गेंदों में अर्धशतक जड़ा।
IPL नॉकआउट/प्लेऑफ में सबसे तेज अर्धशतक लगाने वाले बल्लेबाज
गेंदें बल्लेबाज विपक्षी टीम साल 16 सुरेश रैना PBKS 2014 16 वैभव सूर्यवंशी SRH 2026* 17 एडन गिलक्रिस्ट DC 2009 20 महेंद्र सिंह धोनी MI 2012 21 ड्वेन स्मिथ CSK 2013 21 वीरेंद्र सहवाग CSK 2014 21 रजत पाटीदार GT 2026 अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करें
अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष को खत्म करने के लिए दोनों देशों के बीच शांति वार्ता जारी है। इस बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी सेना ने पिछले 48 घंटों में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) के पास स्थित एक ईरानी सैन्य ठिकाने पर दूसरा हमला कर दिया है। ईरान ने इस कार्रवाई की निंदा करते हुए इसे दोनों देशों के बीच हुए संघर्षविराम का स्पष्ट उल्लंघन बताया है। वहीं, अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) द्वारा पिछले 24 घंटों में किए गए मिसाइल, ड्रोन और छोटी नावों के हमलों के सीधे जवाब में की गई है।
दोनों देशों के बीच यह टकराव ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारत में मीडिया से कहा कि युद्ध को समाप्त करने के लिए एक समझौता एक-दो दिनों में अंतिम रूप ले सकता है। उनके मुताबिक, वार्ताकार अब केवल एक शब्द या एक वाक्य के मतभेदों को सुलझाने में लगे हैं।
आपको बता दें कि दोनों देशों के बीच इस युद्ध की शुरुआत 28 फरवरी 2026 को ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल द्वारा संयुक्त रूप से किए गए हमलों से हुई थी। फिलहाल 8 अप्रैल 2026 से अस्थायी संघर्षविराम लागू है। हालांकि, दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।
अमेरिका का आरोप है कि ईरान ने अमेरिकी विमानों की मौजूदगी के दौरान कई सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें दागीं। ईरानी ड्रोन और नावें समुद्री बारूद बिछाने में सक्षम थीं, जो अमेरिकी जहाजों के लिए खतरा थीं। वहीं, IRGC और ईरानी विदेश मंत्रालय का कहना है कि अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में संघर्षविराम का उल्लंघन किया है और इस शत्रुतापूर्ण कृत्य के सभी परिणामों के लिए अमेरिकी शासन जिम्मेदार होगा। IRGC ने दावा किया कि उसने एक अमेरिकी MQ-9 ड्रोन को मार गिराया और एक F-35 लड़ाकू विमान को खदेड़ दिया।
अब्राहम अकॉर्ड्स ट्रंप ने कतर, सऊदी अरब और पाकिस्तान जैसे मुस्लिम देशों से इजरायल के साथ शांति समझौते (अब्राहम अकॉर्ड्स) में शामिल होने के लिए कहा है। हालांकि, अरब के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस पैकेज डील को खारिज करते हुए कहा कि पहली प्राथमिकता युद्ध रोकना और होर्मुज मार्ग को खोलना होना चाहिए।
यूरेनियम ट्रंप ने मांग की है कि ईरान के भीतर मौजूद संवर्धित यूरेनियम के स्टॉक को या तो अमेरिका को सौंप दिया जाए या फिर परमाणु ऊर्जा आयोग (AEC) की निगरानी में नष्ट किया जाए।
खामेनेई की धमकी अपने दिवंगत पिता की जगह लेने के बाद से सार्वजनिक रूप से न दिखने वाले ईरान के सर्वोच्च नेता मुजतबा खामेनेई ने सोशल मीडिया पर अमेरिका को चेतावनी दी। उन्होंने लिखा कि समय का चक्र अब पीछे नहीं लौटेगा और क्षेत्र के देश अब अमेरिकी सैन्य ठिकानों के लिए ढाल का काम नहीं करेंगे।
आपको बता दें कि दोनों देशों के बीच सहमति बन जाती है तो यह युद्ध समाप्त हो सकता है और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का व्यापारिक मार्ग फिर से खुल जाएगा। इसे ईरान ने बंद कर रखा है। इसके बाद पूर्ण शांति समझौते के लिए दोनों पक्षों को 60 दिनों का समय मिलेगा।
आईपीएल 2026 के एलिमिनेटर में राजस्थान ने हैदराबाद को 47 रनों से हराकर टूर्नामेंट से बाहर कर दिया। वैभव सूर्यवंशी के 97 रनों के बाद जोफ्रा आर्चर ने पावरप्ले में 3 विकेट लेकर जीत पक्की की। मैच के बाद जब आर्चर से पूछा गया कि वैभव को आउट करने के लिए कहां गेंदबाजी करनी चाहिए।
न्यू चंडीगढ़: आईपीएल 2026 के एलिमिनेटर मुकाबले में सनराइजर्स हैदराबाद को 47 रनों से करारी शिकस्त देकर राजस्थान रॉयल्स ने क्वालीफायर-2 में अपनी जगह पक्की कर ली है। बुधवार को खेले गए इस नॉकआउट मुकाबले में जहां एक तरफ 15 साल के ओपनर वैभव सूर्यवंशी ने 29 गेंदों में 97 रनों की तूफानी पारी खेलकर सनसनी मचाई, वहीं दूसरी तरफ इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर ने अपनी आग उगलती गेंदों से हैदराबाद के धाकड़ बैटिंग ऑर्डर को तहस-नहस कर दिया। मैच के बाद जोफ्रा आर्चर ने न सिर्फ टीम की जीत पर बात की, बल्कि वैभव सूर्यवंशी को लेकर एक ऐसा रहस्यमयी बयान दिया जो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।
‘आईपीएल के बाद बताऊंगा…’ आर्चर का वो जवाब जिसने सबको चौंकाया मैच खत्म होने के बाद प्रेजेंटेशन सेरेमनी में जोफ्रा आर्चर से वो सवाल पूछा गया जो इस समय दुनिया के हर क्रिकेट कप्तान और गेंदबाज के दिमाग में घूम रहा है, ‘आखिर वैभव सूर्यवंशी को गेंदबाजी कहां की जाए कि उन्हें आउट किया जा सके?’ इस सवाल पर आर्चर के चेहरे पर एक बड़ी सी मुस्कान तैर गई, लेकिन उन्होंने अपनी ही टीम के इस सिक्सर किंग का सीक्रेट खोलने से साफ मना कर दिया। आर्चर ने मुस्कुराते हुए कहा, ‘मैं आपको इसका जवाब इस आईपीएल सीजन के खत्म होने के बाद दूंगा।’ आर्चर का यह मजेदार और रहस्यमयी जवाब यह साफ दिखाता है कि वैभव की बल्लेबाजी का तोड़ फिलहाल किसी भी गेंदबाज के पास नहीं है, और राजस्थान रॉयल्स इस खुफिया रणनीति को टूर्नामेंट के अंत तक छिपाकर रखना चाहती है।
वैभव के लिए आर्चर की खास तारीफ जोफ्रा आर्चर ने वैभव सूर्यवंशी की इस अविश्वसनीय पावर-हिटिंग और टैलेंट की खुलकर तारीफ की। वैभव की इस पारी के बारे में बात करते हुए आर्चर ने कहा, ‘उसे बल्लेबाजी करते देखना बेहद रोमांचक था। वह जितने ज्यादा रन बनाएगा, हमारे पास डिफेंड करने के लिए उतना ही बड़ा स्कोर होगा। जिस तरह की उसकी फॉर्म है, वह आने वाले मैचों में 150 रन भी बना सकता है।’
मैदान पर आर्चर का भी दिखा पुराना खूंखार रूप भले ही पूरी लाइमलाइट वैभव की 12 छक्कों वाली पारी बटोर ले गई हो, लेकिन सनराइजर्स हैदराबाद जैसी खतरनाक और विस्फोटक बैटिंग लाइन-अप की कमर तोड़ने का काम अकेले जोफ्रा आर्चर ने ही किया। आर्चर ने पावरप्ले के अंदर ही हैदराबाद के तीन सबसे बड़े मैच-विनर्स को पवेलियन भेजकर मैच को पूरी तरह राजस्थान की झोली में डाल दिया था। आर्चर ने अपनी तेज रफ्तार और सटीक उछाल से अभिषेक शर्मा, ट्रेविस हेड और ईशान किशन को क्रीज पर टिकने ही नहीं दिया और तीनों को सस्ते में आउट कर दिया। हालांकि डेथ ओवरों में आर्चर थोड़े महंगे साबित हुए और उनका स्पेल 3/58 का रहा, लेकिन शुरुआती तीन झटकों ने हैदराबाद को मुकाबले से पूरी तरह बाहर कर दिया था।
पावरप्ले के खेल पर क्या बोले जोफ्रा आर्चर? अपनी इस मैच जिताऊ गेंदबाजी पर बात करते हुए आर्चर ने बेहद शांत अंदाज में कहा, ‘आमतौर पर जो टीम पावरप्ले में सबसे ज्यादा विकेट लेती है, वही मैच जीतती है और आज हमने वही किया। सनराइजर्स हैदराबाद के टॉप ऑर्डर को गेंदबाजी करते समय आपको बस अपने नर्व्स को काबू में रखना होता है। उस समय आपकी अच्छी और बुरी दोनों गेंदें बाउंड्री के बाहर जा रही होती हैं, इसलिए आपको बस अपनी लाइन पर टिके रहना होता है।’ बता दें राजस्थान रॉयल्स का अगला मुकाबला गुजरात टाइटंस के खिलाफ खेला जाएगा। इस मैच को जीतकर वह फाइनल में जाना चाहेंगे।
सोने-चांदी के दाम में आज यानी 27 मई को गिरावट है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 1 किलो चांदी की कीमत 5,296 रुपए कम होकर 2.61 लाख रुपए पर आ गई है।
10 ग्राम 24 कैरेट सोने का दाम आज 1,539 रुपए गिरकर 1.56 लाख रुपए हो गया है। चांदी की कीमत 2 दिन में 10 हजार और 2,800 रुपए कम हो चुकी है।
सोने की कीमतों का सफर: ₹1.76 लाख से ₹1.56 लाख तक
सोने में इस साल की शुरुआत में तेजी दिखी थी, लेकिन पिछले कुछ हफ्तों में मुनाफावसूली और वैश्विक कारणों से इसमें गिरावट आई है।
शुरुआती स्तर (31 दिसंबर 2025): ₹1.33 लाख ऑलटाइम हाई (29 जनवरी 2026): ₹1.76 लाख (सिर्फ एक महीने में भारी उछाल) मौजूदा स्थिति: अपने उच्चतम स्तर से सोना अब तक 20 हजार सस्ता हो चुका है। चांदी की कीमतों में क्रैश: ₹3.86 लाख से ₹2.61 लाख तक
चांदी में सोने के मुकाबले ज्यादा उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। यह अपने ऑलटाइम हाई से काफी नीचे आई है।
शुरुआती स्तर (31 दिसंबर 2025): ₹2.30 लाख ऑलटाइम हाई (29 जनवरी 2026): ₹3.86 लाख (ऐतिहासिक बढ़त) गिरावट का आंकड़ा: पिछले 118 दिन में चांदी ₹1.25 लाख सस्ती हो गई है
गिरावट के मुख्य कारण: मेटल छोड़कर ‘कैश’ पर भरोसा
आमतौर पर जंग के माहौल में सोने-चांदी के दाम बढ़ते हैं, लेकिन इस बार स्थिति थोड़ी अलग है:
कैश की बचत: मिडिल ईस्ट जंग के कारण निवेशक जोखिम नहीं लेना चाह रहे हैं। वे अपने गोल्ड और सिल्वर को बेचकर ‘कैश’ इकट्ठा कर रहे हैं ताकि अनिश्चितता के समय उनके पास लिक्विड मनी रहे। प्रॉफिट बुकिंग: जनवरी में कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थीं, इसलिए बड़े निवेशकों ने ऊंचे दामों पर अपनी होल्डिंग बेचना शुरू कर दिया, जिससे बाजार में सप्लाई बढ़ गई और कीमतें गिर गईं। ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान
सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है।
कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें।
सुप्रीम कोर्ट ने ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों को तगड़ा झटका देते हुए केवल प्लेटफॉर्म फीस या ग्रॉस गेमिंग रेवेन्यू पर टैक्स लगाने की दलील को खारिज कर दिया है. अदालत ने साफ किया कि जीएसटी (GST) यूजर्स द्वारा दांव पर लगाई गई पूरी शुरुआती रकम पर ही वसूला जाएगा. कोर्ट के मुताबिक जब खेल में पैसा दांव पर लगता है तो वह सट्टेबाजी के दायरे में आ जाता है. इसके साथ ही पिछली तारीख से टैक्स वसूलने का फैसला भी बरकरार रहेगा.
सुप्रीम कोर्ट ने ऑनलाइन गेमिंग, कसीनो और फैंटेसी स्पोर्ट्स पर 28% जीएसटी (GST) लगाने के सरकार के फैसले को पूरी तरह बरकरार रखा है. कोर्ट ने इसके खिलाफ दायर सभी याचिकाओं को खारिज करते हुए साफ किया कि जब अनिश्चित नतीजों पर पैसा लगाया जाता है तो ‘स्किल-बेस्ड’ (कौशल आधारित) गेम भी सट्टेबाजी और जुए जैसा ही रूप ले लेते हैं. इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने इसे पिछली तारीख से लागू करने की मंजूरी दे दी है और कर्नाटक हाई कोर्ट के गेम्सक्राफ्ट वाले पुराने फैसले को पूरी तरह रद्द कर दिया है.
ऑनलाइन रियल-मनी गेमिंग इंडस्ट्री ने केंद्र सरकार द्वारा भेजे गए भारी-भरकम जीएसटी (GST) टैक्स नोटिस को चुनौती दी गई थी. कोर्ट ने केंद्रीय माल और सेवा कर (CGST) अधिनियम के प्रावधानों, राज्य जीएसटी कानूनों और इससे जुड़े नियमों की संवैधानिक वैधता को पूरी तरह बरकरार रखा है. जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस आर महादेवन की पीठ ने ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों द्वारा दायर की गई सभी याचिकाओं को सिरे से खारिज कर दिया.
इस पूरे कानूनी विवाद में गेमिंग कंपनियों का सबसे मुख्य और मजबूत तर्क यह था कि टैक्स का आकलन केवल उनके ‘ग्रॉस गेमिंग रेवेन्यू’ (GGR) यानी प्लेटफॉर्म फीस पर होना चाहिए. प्लेटफॉर्म फीस वह मामूली कमीशन होता है जो कंपनियां गेम आयोजित करने के बदले यूजर्स से वसूलती हैं. कंपनियों का कहना था कि यूजर्स द्वारा गेम खेलने के लिए पूल में जमा की गई पूरी रकम पर टैक्स लगाना उनके कारोबार को पूरी तरह तबाह कर देगा. लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस दलील को पूरी तरह अस्वीकार कर दिया. कोर्ट ने साफ कहा कि टैक्स पूरी दांव राशि पर ही लगेगा.
सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में एक बेहद महत्वपूर्ण कानूनी व्यवस्था दी. कोर्ट ने कहा कि कोई खेल कौशल आधारित है या किस्मत आधारित, इस बात से सट्टेबाजी और जुए की परिभाषा तय नहीं होती. अगर किसी भी खेल में किसी अनिश्चित परिणाम के ऊपर पैसा दांव पर लगाया जा रहा है तो जीएसटी के नजरिए से वह लेन-देन पूरी तरह सट्टेबाजी और जुए के चरित्र जैसा ही माना जाएगा. इसके अलावा कोर्ट ने साल 2023 के जीएसटी संशोधनों को पिछली तारीख से लागू करने के सरकार के अधिकार को भी सही माना, जिससे कंपनियों की मुश्किलें और ज्यादा बढ़ गई हैं.
ऑनलाइन गेमिंग फैसले की 5 मुख्य बातें
कंपनियों की मुख्य दलील खारिज: कोर्ट ने कंपनियों की उस मांग को ठुकरा दिया जिसमें केवल ग्रॉस गेमिंग रेवेन्यू (GGR) या प्लेटफॉर्म फीस पर टैक्स लगाने की बात कही गई थी.
पूरी रकम पर लगेगा 28% टैक्स: सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब गेम खेलने के लिए यूजर्स द्वारा दांव पर लगाई गई पूरी शुरुआती रकम (Full Amount Staked) पर 28% जीएसटी देना होगा.
पैसा लगते ही खेल बना ‘जुआ’: अदालत ने साफ किया कि अगर किसी भी अनिश्चित नतीजे पर पैसा दांव पर लगाया जाता है, तो टैक्स के उद्देश्य से वह खेल सट्टेबाजी और जुए की श्रेणी में ही आएगा.
पिछली तारीख से टैक्स वसूलने को मंजूरी: कोर्ट ने साल 2023 के जीएसटी संशोधनों को ‘स्पष्टीकरण’ मानते हुए इसे पिछली तारीख (Retrospective) से लागू करने की वैधता पर मुहर लगा दी है.
कानून पूरी तरह संवैधानिक: सुप्रीम कोर्ट ने CGST एक्ट के प्रावधानों, राज्यों के जीएसटी कानूनों और नियमों को संवैधानिक रूप से पूरी तरह वैध और सही ठहराया है. गेमिंग इंडस्ट्री पर बुरा असर सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला भारत के तेजी से बढ़ते ऑनलाइन रियल-मनी गेमिंग सेक्टर के लिए एक बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित होने वाला है. कंपनियों का पूरा बिजनेस मॉडल ग्रॉस गेमिंग रेवेन्यू (GGR) पर आधारित था, जहां वे कुल जमा राशि का एक छोटा हिस्सा (लगभग 10% से 15%) प्लेटफॉर्म फीस के रूप में कमाती थीं. अब पूरी दांव राशि पर 28% जीएसटी लगने से गेमिंग कंपनियों का प्रॉफिट मार्जिन पूरी तरह खत्म होने की कगार पर पहुंच जाएगा. इसका सीधा असर यूजर्स पर पड़ेगा क्योंकि अब उन्हें गेम खेलने के लिए ज्यादा पैसे खर्च करने होंगे और जीतने वाली इनामी राशि में भी कमी आ सकती है. कानूनी दृष्टिकोण से देखें तो कोर्ट ने गेम ऑफ स्किल और गेम ऑफ चांस के बीच के पुराने अंतर को टैक्स के मोर्चे पर धुंधला कर दिया है. अब तक कंपनियां कोर्ट के पुराने फैसलों का हवाला देकर खुद को सट्टेबाजी से अलग बताती थीं, लेकिन नए फैसले ने साफ कर दिया है कि जहां वित्तीय जोखिमऔर अनिश्चित परिणाम जुड़े हैं, वहां टैक्स की दरें जुए के समान ही होंगी. इसके अलावा, पिछली तारीख से टैक्स लागू होने की मंजूरी मिलने के बाद कंपनियों के ऊपर पहले से जारी अरबों रुपये के टैक्स डिमांड नोटिस का भूत फिर से जी उठा है, जिससे कई स्टार्टअप्स के बंद होने या विदेशी निवेश के रुकने का खतरा पैदा हो गया है. आनलाइन गेमिंग पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला, सवाल-जवाब : ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों की सुप्रीम कोर्ट में टैक्स को लेकर क्या मुख्य मांग थी?
गेमिंग कंपनियों की मुख्य मांग थी कि जीएसटी (GST) केवल उनके ग्रॉस गेमिंग रेवेन्यू (GGR) या प्लेटफॉर्म फीस पर ही वसूला जाना चाहिए. उनका तर्क था कि यूजर्स द्वारा दांव पर लगाई गई कुल राशि उनकी कमाई नहीं है, इसलिए उस पर टैक्स लगाना गलत है.
सुप्रीम कोर्ट ने कंपनियों की इस दलील को किस आधार पर खारिज कर दिया?
सुप्रीम कोर्ट ने इस दलील को खारिज करते हुए कहा कि जब किसी अनिश्चित परिणाम वाले खेल में पैसा दांव पर लगाया जाता है, तो वह लेन-देन जीएसटी के दायरे में सट्टेबाजी और जुए जैसा ही माना जाता है. इसलिए टैक्स पूरी दांव राशि पर ही देय होगा.
इस फैसले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट की किस बेंच ने की और किन कानूनों को वैध माना?
इस मामले की सुनवाई जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस आर महादेवन की बेंच ने की. कोर्ट ने केंद्रीय माल और सेवा कर (CGST) अधिनियम के प्रावधानों, विभिन्न राज्यों के जीएसटी कानूनों और इससे जुड़े नियमों की संवैधानिक वैधता को सही ठहराया.
कोर्ट ने ‘गेम ऑफ स्किल’ (कौशल का खेल) को लेकर क्या अहम टिप्पणी की है?
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि कोई खेल स्किल-बेस्ड है या नहीं, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता. टैक्स के नजरिए से महत्वपूर्ण बात यह है कि क्या उस खेल के पीछे पैसा दांव पर लगाया जा रहा है. पैसा लगते ही वह सट्टेबाजी के चरित्र का हो जाता है.
साल 2023 के जीएसटी संशोधनों को पिछली तारीख से लागू करने पर कोर्ट का क्या रुख रहा?
सुप्रीम कोर्ट ने 2023 के जीएसटी संशोधनों (नियम 31B और 31C) को पिछली तारीख (Retrospective) से लागू करने के फैसले को बरकरार रखा है. कोर्ट ने कहा कि ये संशोधन केवल स्पष्टीकरण और व्याख्या के रूप में थे, इसलिए इन्हें पहले से लागू माना जाएगा.
डिजिटल पत्रकारिता में खबरों की गहरी समझ रखने वाले संदीप गुप्ता वर्तमान में News18 इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. 16 वर्षों से सुदीर्घ पत्रकारीय सफर में इन्होंने अपनी कलम से जटिल विषयों को …और पढ़ें