Saturday, June 20, 2026
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NATIONAL : हरियाणा सरकार रोहतक में मनाएगी भव्य परशुराम जन्मोत्सव, दो तरह से होगा खास, जानें कैसे?

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हरियाणा में 30 मई को भगवान परशुराम जन्मोत्सव मनाया जा रहा है, जो रोहतक के पहरावर गांव में आयोजित होगा. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी मुख्य अतिथि होंगे. यह सर्वजातीय कार्यक्रम होगा.

हरियाणा में 30 मई को भगवान परशुराम का जन्मोत्सव मनाया जा रहा है. महोत्सव रोहतक जिले के पहरावर गांव में आयोजित किया जा रहा है. यहा उत्सव सर्वजातीय होगा और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी इसमें मुख्य अतिथि होंगे. इतना ही नहीं, मंत्रिमण्डल के सदस्य और विधायकगण भी यहां मौजूद होंगे. बीजेपी के वरिष्ठ नेतागण और कई राज्यों के नेता भी इसमें शामिल होंगे.

हरियाणा सरकार के कैबिनेट मंत्री ने जानकारी दी है कि इस बार हरियाणा में आयोजित किया जाने वाला परशुराम जन्मोत्सव बेहद खास है. यह दो तरह से खूबसूरती होगा. पहला तो यह कि परशुराम जन्मोत्सव सर्वजातीय होगा. इसके अलावा, यह कार्यक्रम हमारे सैनिकों और शहीदों को समर्पित होगा. कहा जा रहा है कि परशुराम जन्मोत्सव के जरिए बीजेपी की नायब सिंह सैनी सरकार भाईचारे और देशभक्ति का संदेश देना चाहती है. इसी के साथ यह संदेश भी देना चाहती है कि आने वाले समय में महापुरुषों की सभी जयंती सर्वसमाज के लोग मिलकर मनाएं.

आगामी 30 मई को हम भगवान परशुराम जी के जन्मोत्सव पर राज्य स्तरीय समारोह मनाएंगे।

दिनांक: 30 मई 2025 (शुक्रवार)
समय: सुबह 10:00 बजे
स्थान: गाँव पहरावर, जिला रोहतक

 

 

ENTERTAINMENT : ‘भूल चूक माफ’ कर रही उम्मीद से बढ़कर कमाई, मंगलवार को किया सोमवार से ज्यादा कलेक्शन

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पहले ही दिन ऑडियंस से पॉजिटिव वर्ड ऑफ माउथ मिलने का फायदा फिल्म को वीकेंड में जमकर हुआ. सॉलिड वीकेंड कलेक्शन के बाद मंडे टेस्ट में भी फिल्म ने दमदार परफॉरमेंस दी और दिखा दिया कि वर्किंग डेज में भी ये दमदार कमाई करने वाली है. अब फिल्म ने पांचवें दिन बॉक्स ऑफिस पर एक और बड़ा कमाल किया है.

राजकुमार राव और वामिका गब्बी स्टारर फिल्म ‘भूल चूक माफ’ शुक्रवार को जब थिएटर्स में रिलीज हुई, तब शायद ही किसी को इससे बहुत ज्यादा कमाई की उम्मीद रही होगी. मगर ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर जिस तरह परफॉर्म कर रही है उसने सभी को सरप्राइज कर दिया है.

पहले दिन टिकट पर भारी डिस्काउंट ऑफर्स के साथ आई ‘भूल चूक माफ’ को पहले ही दिन ऑडियंस से पॉजिटिव वर्ड ऑफ माउथ मिलने लगा. इसका फायदा फिल्म को वीकेंड में जमकर हुआ. सॉलिड वीकेंड कलेक्शन के बाद मंडे टेस्ट में भी फिल्म ने दमदार परफॉरमेंस दी और दिखा दिया कि वर्किंग डेज में भी ये दमदार कमाई करने वाली है. अब फिल्म ने पांचवें दिन बॉक्स ऑफिस पर एक और बड़ा कमाल किया है.

28 करोड़ रुपये से ज्यादा वीकेंड कलेक्शन करने के बाद ‘भूल चूक माफ’ ने मंडे को भी बॉक्स ऑफिस पर दमदार की थी. चौथे दिन फिल्म का कलेक्शन 4.60 करोड़ रहा, जो फिल्म के ओपनिंग कलेक्शन के मुकाबले करीब 35% ही कम था. बॉक्स ऑफिस ट्रेंड्स में सोमवार को, ओपनिंग डे के मुकाबले कलेक्शन आधा या उससे भी कम हो जाता है.

अब मंगलवार की ट्रेड रिपोर्ट्स बता रही हैं कि ‘भूल चूक माफ’ ने पांचवें दिन और भी बेहतर कमाई की है. मंगलवार को फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर एक सरप्राइज जंप लिया और 5 करोड़ से ज्यादा कलेक्शन किया. अब 5 दिन में ‘भूल चूक माफ’ का टोटल नेट कलेक्शन 38 करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया है. राजकुमार और वामिका की फिल्म की रिलीज से जुड़े विवाद का हल इस बात पर निकला था कि ये थिएटर्स में रिलीज होने के दो हफ्ते बाद ओटीटी पर रिलीज हो जाएगी. यानी बॉक्स ऑफिस पर धमाकेदार कमाई करने के लिए फिल्म के पास सिर्फ दो हफ्ते का वक्त है.

जिस हिसाब से ‘भूल चूक माफ’ आगे बढ़ रही है, ये पहले हफ्ते में ही 45 करोड़ रुपये कमाने के लिए तैयार लग रही है. फिल्म का रिपोर्टेड बजट 50 करोड़ रुपये है. ये ट्रेंड कहता है कि दूसरे वीकेंड के बाद इसका टोटल बॉक्स ऑफिस कलेक्शन 60-62 करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगा.

‘भूल चूक माफ’ ओटीटी रिलीज से पहले थिएटर्स में बिताए अपने दो हफ्तों में लगभग 70 करोड़ का कलेक्शन कर सकती है. पिछले साल ‘श्रीकांत’, ‘मिस्टर एंड मिसेज माही’ और ‘स्त्री 2’ जैसी कामयाब फिल्में डिलीवर कर चुके राजकुमार राव के के खाते में ‘भूल चूक माफ’ एक और हिट फिल्म बनकर दर्ज होने वाली है.

NATIONAL : पूर्व केंद्रीय मंत्री सुखदेव सिंह ढींडसा का निधन, 89 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस

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शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री सुखदेव सिंह ढींडसा का बुधवार शाम निधन हो गया. वे 89 वर्ष के थे और उम्र संबंधी स्वास्थ्य समस्याओं के चलते मोहाली के एक निजी अस्पताल में भर्ती थे. सुखदेव ढींडसा पंजाब की राजनीति में बड़ा नाम थे.

शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री सुखदेव सिंह ढींडसा का बुधवार शाम निधन हो गया. वे 89 वर्ष के थे और उम्र संबंधी स्वास्थ्य समस्याओं के चलते मोहाली के एक निजी अस्पताल में भर्ती थे. ढींडसा निमोनिया और हृदय संबंधी बीमारियों से पीड़ित थे, जो उम्र से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के चलते और भी गंभीर हो गई थीं.

अस्पताल प्रशासन के मुताबिक उन्हें कार्डिएक एरिदमिया और हार्ट अरेस्ट के चलते बचाया नहीं जा सका. डॉक्टरों की पूरी टीम ने उन्हें बचाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन वे जीवन की जंग हार गए.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक परिवार के एक सदस्य ने बताया कि उन्हें मंगलवार को अस्पताल में भर्ती कराया गया था. उपचार के दौरान बुधवार शाम को उन्होंने अंतिम सांस ली.

सुखदेव ढींडसा पंजाब की राजनीति में एक बड़ा नाम थे. वे संगरूर से लोकसभा सांसद रहे थे. अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में उन्होंने केंद्रीय खेल, रसायन और उर्वरक मंत्री के रूप में भी अपनी सेवाएं दी थीं. उनके बेटे परविंदर सिंह ढींडसा भी पंजाब की राजनीति में सक्रिय हैं और पूर्ववर्ती अकाली सरकार में वित्त मंत्री के रूप में कार्य कर चुके हैं.

ढींडसा के निधन से पंजाब की राजनीति को एक बड़ी क्षति हुई है. वे न केवल एक अनुभवी राजनेता थे, बल्कि एक प्रभावशाली वक्ता और जनसेवक के रूप में भी जाने जाते थे. उनकी राजनीतिक यात्रा और योगदान को लंबे समय तक याद किया जाएगा.

MAHARASHTRA : मामा के बेटे से प्यार…, घर वालों ने किया विरोध तो 16 साल की लड़की ने दे दी जान

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महाराष्ट्र के ठाणे में एक 16 साल की लड़की ने घर के भीतर सुसाइड कर लिया. लड़की के परिवार वाले ममेरे भाई के साथ उसके रिश्ते के खिलाफ थे. इसी के चलते लड़की ने ये खौफनाक कदम उठा लिया.

महाराष्ट्र के ठाणे जिले में एक 16 साल की लड़की की आत्महत्या का मामला सामने आया है. यहां आत्महत्या का कारण काफी हैरान करने वाला है. दरअसल, लड़की के परिवार वाले ममेरे भाई के साथ उसके रिश्ते के खिलाफ थे. इसी के चलते लड़की ने ये खौफनाक कदम उठा लिया. पुलिस ने गुरुवार को ये जानकारी दी है.

ठाणे में तिलक नगर पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी ने कहा कि यह घटना मंगलवार को डोंबिवली इलाके के खंबलपाड़ा में हुई. अधिकारी ने कहा कि लड़की ने अपने परिवार को बताया था कि वह अपने मामा के 25 साल के बेटे से प्यार करती है, जो ठाणे के उल्हासनगर इलाके में रहता है. लड़की के माता-पिता इस रिश्ते से पूरी तरह असहमत थे.

पुलिस ने बताया कि उन्होंने लड़की को समझाने की कोशिश की कि वह इस रिश्ते को खत्म कर दे, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ. अधिकारी ने कहा कि मंगलवार दोपहर को लड़की ने कथित तौर पर अपने घर की छत से लटक कर आत्महत्या कर ली. उन्होंने कहा कि परिवार के सदस्य बाद में किशोरी को पास के अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. बाद में शव को पोस्टमार्टम के लिए सरकारी अस्पताल भेज दिया गया. अधिकारी ने कहा कि पुलिस ने आकस्मिक मौत का मामला दर्ज किया है.

MP : ग्वालियर से बेंगलुरु के लिए अब डायरेक्ट ट्रेन, रेल मंत्रालय ने दी मंजूरी, आईटी प्रोफेशनल्स के लिए खुशखबरी

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अभी तक ग्वालियर से बेंगलुरु के लिए राजधानी एक्सप्रेस, कर्नाटक एक्सप्रेस और यशवंतपुर कर्नाटक संपर्क क्रांति एक्सप्रेस चलती हैं, लेकिन नई सीधी ट्रेन सेवा से यात्रियों को और बेहतर सुविधा मिलेगी. यह कदम क्षेत्र के लोगों, खासकर युवा आईटी प्रोफेशनल्स, के लिए बड़ी राहत लेकर आएगा.

मध्य प्रदेश के गुना और ग्वालियर से देश के आईटी हब बेंगलुरु के लिए जल्द ही नई सीधी ट्रेन सेवा शुरू होगी. रेल मंत्रालय ने ट्रेन संख्या 11085/11086 एसएमवीटी बेंगलुरु-ग्वालियर एक्सप्रेस के संचालन को मंजूरी दे दी है. केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसकी जानकारी गुना सांसद व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और ग्वालियर सांसद भारत सिंह कुशवाह को पत्र के माध्यम से दी. नई ट्रेन का शेड्यूल जल्द जारी होगा.

ग्वालियर सांसद भारत सिंह कुशवाह ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ज्योतिरादित्य सिंधिया का आभार व्यक्त करते हुए कहा, “यह ट्रेन ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के लिए एक बड़ी सौगात है. इससे स्टूडेंट्स और आईटी प्रोफेशनल्स को बेंगलुरु आने-जाने में आसानी होगी.” उन्होंने बताया कि उन्होंने व्यापारियों के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ रेल मंत्री से मुलाकात कर यह मांग उठाई थी, जिसे अब पूरा कर लिया गया है.

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी इस मंजूरी पर खुशी जताते हुए सोशल मीडिया पर लिखा, “मेरे विशेष अनुरोध पर गुना से बेंगलुरु के लिए नई रेलगाड़ी के परिचालन को मंजूरी मिली है. इसके लिए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव जी का हृदय से आभार. गुना क्षेत्र के यात्री, खासकर बेंगलुरु में कार्यरत युवा, जल्द इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे.”

सिंधिया ने बताया कि गुना लोकसभा क्षेत्र (गुना, शिवपुरी और अशोकनगर) की जनसंख्या करीब 40 लाख है और यहां केवल एक रेलवे लाइन है, जो ग्वालियर से गुना होते हुए कोटा और बीना जंक्शन की ओर जाती है. इस कारण लोगों को बेंगलुरु जाने के लिए बीना, भोपाल या ग्वालियर से ट्रेन बदलनी पड़ती है, जिससे 8 से 10 घंटे की अतिरिक्त यात्रा करनी पड़ती है. उन्होंने कहा कि क्षेत्र के करीब 25 प्रतिशत युवा इंजीनियर और आईटीआई जैसे कोर्स करके बेंगलुरु में नौकरी करते हैं. अब तक उन्हें ट्रेन बदलने में एक दिन का समय और अतिरिक्त खर्च वहन करना पड़ता था. इस नई ट्रेन से उनकी यह समस्या खत्म हो जाएगी.

वर्तमान में ग्वालियर से बेंगलुरु के लिए राजधानी एक्सप्रेस, कर्नाटक एक्सप्रेस और यशवंतपुर कर्नाटक संपर्क क्रांति एक्सप्रेस चलती हैं, लेकिन नई सीधी ट्रेन सेवा से यात्रियों को और बेहतर सुविधा मिलेगी. यह कदम क्षेत्र के लोगों, खासकर युवा आईटी प्रोफेशनल्स, के लिए बड़ी राहत लेकर आएगा.

NATIONAL : मेघालय में लापता MP के मैरिड कपल का अब तक सुराग नहीं, दोनों राज्यों के CM एक्टिव, तलाश में ड्रोन और खोजी कुत्ते लगाए

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मेघालय के CM कॉनराड के संगमा ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव से बात की और लापता कपल का पता लगाने के लिए पुलिस और सभी संबंधित पक्षों से हर संभव मदद का आश्वासन दिया.मेघालय पुलिस ने पूर्वी खासी हिल्स जिले के सोहरा इलाके में लापता इंदौर के नवविवाहित जोड़े की तलाश के लिए ड्रोन और खोजी कुत्तों को तैनात किया है. मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने मंगलवार की रात मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव से बात की और हर संभव सहायता का आश्वासन दिया.

मेघालय गृह विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि रविवार की शाम से लापता कपल की तलाश के लिए ड्रोन और विशेष K9 डॉग स्क्वॉड को लगाया गया है. कपल जिस लिविंग रूट ब्रिज पर एक रात रुके थे, वहां तलाशी के लिए तीन खोजी दलों की सहायता के लिए ड्रोन और K9 इकाइयों को तैनात किया गया.पुलिस के अनुसार, राजा रघुवंशी और उनकी पत्नी सोनम 22 मई को मावलखियात गांव पहुंचे और सोहरा पुलिस थाने के तहत नोंग्रियात गांव में लिविंग रूट ब्रिज देखने के लिए एक स्कूटर किराए पर लिया. कपल ने एक रात होमस्टे में बिताई और अगले दिन मावलखियात लौटने के लिए चेक-आउट किया.

मेघायल पुलिस के अधिकारी ने एक न्यूज एजेंसी को बताया कि 24 मई को उनका स्कूटर शिलांग-सोहरा सड़क के किनारे एक कैफे के पास लावारिस हालत में मिला, जिसके बाद स्थानीय ग्रामीणों की मदद से प्रारंभिक तलाशी अभियान शुरू किया गया.तलाशी और बचाव अभियान में शामिल एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, ”अभी तक कपल की गतिविधियों की पुष्टि करने वाली कोई सत्यापित जानकारी नहीं मिली है और उनका फोन भी बंद है.”

मुख्यमंत्री के करीबी सूत्र ने बताया, ”संगमा ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री से बात की और लापता दंपत्ति का पता लगाने के लिए मेघालय पुलिस और सभी संबंधित पक्षों से हर संभव मदद का आश्वासन दिया.”

पुलिस ने बताया कि तीन टीमें सुबह 9 बजे से सूर्यास्त तक नोंग्रियात, मावसाहेव और वेइसाडोंग इलाकों में तैनात रहीं. तलाशी अभियान को शिलांग-सोहरा सड़क के किनारे की घाटियों तक चलाया जाएगा.

MP : 48 घंटे में 4 छात्रों ने की आत्महत्या, हर साल लगातार बढ़ रहे केस… क्यों ‘सुसाइड कैपिटल’ बनता जा रहा इंदौर?

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एनसीआरबी के आंकड़ों पर नजर डालें तो पाएंगे कि इंदौर में आत्महत्या के मामले साल दर साल बढ़ते जा रहे हैं. इंदौर में साल 2019 में 618 लोगों ने आत्महत्या की. ये आंकड़ा 2020 में बढ़कर 644 तक पहुंच गया. साल 2021 में 737 लोगों ने आत्महत्या की तो वहीं 2022 में यह आंकड़ा बढ़कर 746 आत्महत्या तक पहुंच गया.

मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी कहे जाने वाले इंदौर में आत्महत्या के मामले तेज़ी से बढ़ रहे हैं. यहां महज 48 घंटे में 4 छात्रों ने आत्महत्या कर ली है. इनमें से 3 नर्सिंग और विज्ञान के छात्र हैं और एक लॉ का स्टूडेंट है. सभी मृतक अन्य शहरों और कस्बों से पढ़ाई के लिए इंदौर आए थे. दरअसल, इंदौर की पवन पुरी कॉलोनी में लॉ की तैयारी कर रहे 21 साल के छात्र बलिराम ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. खरगोन का रहने वाला बलिराम यहां दोस्त के साथ किराये का रूम लेकर रहता था.

दूसरी तरफ होल्कर साइंस कॉलेज से बीएससी कर रहे लक्की ने भी फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. लक्की मूल रूप से अलीराजपुर का रहने वाला था. रविवार-सोमवार दरमियानी रात संयोगितागंज इलाके में नर्स यसमित्रा ने आत्महत्या कर ली जो एक निजी मेडिकल कॉलेज से पढ़ाई भी कर रही थी. सबसे ज्यादा हैरान नर्स आशा कानूनगो की आत्महत्या ने किया जो मूल रूप से सिवनी की रहने वाली थी.

रविवार को ही आशा ने कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. जब उसका रूम खोला गया तो वहां दीवारों पर ढेर सारे कागज चिपके थे जिसमें वो मोटिवेशनल कोट्स लिखती थी. आत्महत्या से पहले उसने अपनी बहन से फोन पर बात भी की थी. दीवारों पर लिखे कागज़ों में जो बातें लिखी थीं, उससे यही प्रतीत हो रहा है कि आशा पढ़ाई को लेकर बेहद तनाव में थी. पुलिस के मुताबिक चारों आत्महत्याएं डिप्रेशन और पढ़ाई में तनाव की वजह से हुई है. सभी को यह डर सता रहा था कि पढ़ाई की इस दौड़ में वो पीछे रह गए हैं.

एनसीआरबी के आंकड़ों पर नजर डालें तो पाएंगे कि इंदौर में आत्महत्या के मामले साल दर साल बढ़ते जा रहे हैं. इंदौर में साल 2019 में 618 लोगों ने आत्महत्या की. ये आंकड़ा 2020 में बढ़कर 644 तक पहुंच गया. साल 2021 में 737 लोगों ने आत्महत्या की तो वहीं 2022 में यह आंकड़ा बढ़कर 746 आत्महत्या तक पहुंच गया.

एमपी के मशहूर मनोचिकित्सक, मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉक्टर सत्यकांत त्रिवेदी ने इंदौर में बढ़ते आत्महत्या के मामलों पर आजतक से बात की. डॉक्टर त्रिवेदी एमपी सुसाइड प्रिवेंशन टास्क फोर्स के सदस्य भी है. उन्होंने बताया, ‘इंदौर मध्य भारत के सबसे तेजी से बढ़ते शहरों में से एक है, जिसमें आईआईटी और आईआईएम जैसे कई प्रीमियम शैक्षणिक संस्थान और प्रसिद्ध कोचिंग सेंटर हैं. इसके अलावा इंदौर में कई अन्य निजी कॉलेज भी स्थित हैं. इस वजह से कई छात्र पढ़ाई के मामले में बेहतर भविष्य का सपना लेकर इंदौर आते हैं, लेकिन हाल ही में सामने आए इन 4 आत्महत्या मामलों की तरह, इंदौर में आत्महत्याओं का एक बड़ा कारण पढ़ाई और परीक्षा का दबाव है.”

उन्होंने आगे कहा कि माता-पिता की उम्मीदों पर खरा न उतरने के बाद खुद को संभालना और एक छोटे शहर या गांव से इंदौर जैसे बड़े शहर में आने वाले छात्र की स्थिति ऐसी होती है कि वे खुद को दूसरे छात्रों के साथ बराबरी बनाए रखने में विफल पाते हैं और इसलिए कभी-कभी वे यह घातक कदम उठा लेते हैं. पढ़ाई से जुड़ा तनाव हो या सबंधों से जुड़ा तनाव, परीक्षा में उम्मीद मुताबिक नंबर नहीं आने की निराशा या एकाग्रता की कमी, आजकल के छात्र इन चीज़ों से बहुत जल्दी घबरा जाते हैं.

आत्महत्या अब केवल छात्रों के बारे में नहीं है, एक बढ़ते आईटी हब होने के नाते, इंदौर में कई आईटी कंपनियां भी हैं. निजी क्षेत्र में नौकरी की असुरक्षा भी आत्महत्या के बढ़ते जोखिम का एक बड़ा कारण है. तनावपूर्ण नौकरी, लक्ष्य पूरा न करना, कम छुट्टियाँ और परिवार के साथ बिताने के लिए कम समय कुछ ऐसे कारण हैं जो हमने मेट्रो शहरों या इंदौर जैसे किसी अन्य बड़े शहर में आत्महत्या की वजहों में देखे हैं.

 

MP : क्या MP बन रहा है ‘लव जिहाद’ की नर्सरी? एक ही पैटर्न में सामने आ रहे हिंदू लड़कियों से रेप और ब्लैकमेलिंग के मामले

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2021 में तत्कालीन शिवराज सरकार ने ‘लव जिहाद’ के मामलों के लिए धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम लागू किया था, जिसमें दोषी को 10 साल की सजा और 1 लाख रुपए जुर्माने का प्रावधान है. लेकिन लगातार सामने आ रहे मामलों से लगता है कि आरोपियों में इसका कोई खौफ नहीं है.

मध्य प्रदेश में हाल के दिनों में हिंदू युवतियों और महिलाओं के साथ रेप और ब्लैकमेलिंग के संगठित मामले सामने आ रहे हैं. न केवल राजधानी भोपाल, बल्कि छोटे शहरों में भी एक ही पैटर्न पर आधारित रेप के मामले उजागर हो रहे हैं. सभी मामलों में आरोपियों के मुस्लिम और पीड़िताओं के हिंदू होने के कारण इन घटनाओं को कथित तौर पर ‘लव जिहाद गैंग’ का नाम दिया जा रहा है, जिससे प्रदेश की सियासत गरमा गई है.

पिछले एक महीने में मुस्लिम युवकों द्वारा हिंदू युवतियों को प्रेम जाल में फंसाकर उनका शारीरिक शोषण करने और अंतरंग पलों के वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने के मामले सामने आए हैं. पुलिस ने अब तक विभिन्न शहरों में 12 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया है.

भोपाल में एक 35 साल की तलाकशुदा महिला, जो अपने 14 वर्षीय बेटे के साथ रहती है, ने कमला नगर थाने में मुस्लिम युवक नदीम के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई. महिला ने आरोप लगाया कि नदीम ने शादी का झांसा देकर कई बार उसका रेप किया और बाद में धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया. उसने कहा कि नदीम ने शादी के लिए शर्त रखी कि उसे और उसके बेटे को इस्लाम कबूल करना होगा, साथ ही बेटे का खतना करवाने का दबाव भी डाला.

पीड़िता ने  बताया कि 12 साल पहले उसका तलाक हो गया था और वह तब से अपने बेटे के साथ रहती है. तीन साल पहले उसकी मुलाकात नदीम से हुई, जो उससे बात करने की कोशिश करता था. नदीम ने कहा कि वह परेशानी में उसका साथ देगा. इसके बाद नदीम का उसके घर आना-जाना शुरू हो गया. जून 2022 में नदीम ने उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए और शादी का वादा किया. कई बार संबंध बनने के बाद भी जब वह शादी की बात करती, नदीम टालमटोल करता. बाद में पता चला कि नदीम शादीशुदा है. उसने बताया कि उसकी शादी परिवार की मर्जी के खिलाफ हुई थी और वह अब अपनी पत्नी के साथ नहीं रहता.

13 मई 2025 को नदीम ने बेटे की अनुपस्थिति में महिला के घर आकर जबरन रेप किया और उसके फोटो-वीडियो बना लिए. उसने कहा कि शादी के लिए उसे और उसके बेटे को इस्लाम कबूल करना होगा और बेटे का खतना करवाना होगा. जब महिला ने इनकार किया, तो नदीम ने फोटो-वीडियो वायरल करने की धमकी दी. उसने महिला को बुर्का पहनने, तिलक न लगाने, गुरुवार का व्रत न रखने और बिना बताए कहीं न जाने का दबाव डाला. बिना अनुमति बाहर जाने पर नदीम हिंसक होकर गाली-गलौज करता था. परेशान होकर और बेटे की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए महिला ने कमला नगर थाने में एफआईआर दर्ज कराई. पुलिस ने नदीम के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 69, 352(2) और मध्यप्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम की धारा 3 व 5 के तहत मामला दर्ज किया है.

भोपाल के बागसेवनिया थाने में एक युवती ने फरहान नामक शख्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई, जिसके बाद संगठित गिरोह का खुलासा हुआ. पुलिस ने फरहान को गिरफ्तार किया और उसके मोबाइल की जांच में एक दर्जन से अधिक युवतियों के अश्लील वीडियो मिले, जिनमें वह रेप और मारपीट करता दिखा. अब तक पांच पीड़िताएं सामने आ चुकी हैं और पांच आरोपियों—फरहान, साहिल, अली, साद और नबील—को गिरफ्तार किया गया है, जबकि छठा आरोपी अबरार फरार है.

गिरोह का मास्टरमाइंड फरहान हिंदू युवतियों को प्रेम जाल में फंसाकर रेप करता और वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करता. वह पीड़िताओं को अन्य युवतियों से दोस्ती करवाने का दबाव डालता.

फरहान ने साहिल, अली, साद, नबील, अबरार और हामिद के साथ मिलकर गैंग बनाया.

साहिल अशोक गार्डन में डांस क्लास चलाता था, जहां वह हिंदू युवतियों को फंसाकर रेप करता और वीडियो बनाकर फरहान को भेजता.

अली ने भी एक छात्रा को प्रेम जाल में फंसाकर रेप किया और वीडियो फरहान को भेजा.

साद मैकेनिक था और युवतियों को फरहान के कमरे तक लाने-ले जाने का काम करता, साथ ही उन्हें गांजे का नशा करवाता.

नबील और अबरार अपना कमरा रेप के लिए उपलब्ध कराते थे.

हामिद ने पिछले साल आत्महत्या कर ली, लेकिन पुलिस अब उसकी भूमिका की भी जांच कर रही है.

गिरोह का हर सदस्य रेप के वीडियो बनाकर फरहान को भेजता, जो उन्हें ब्लैकमेलिंग के लिए इस्तेमाल करता.

यह गैंग केवल हिंदू युवतियों को निशाना बनाता, खासकर उनको जो छोटे शहरों या गांवों से भोपाल पढ़ाई के लिए आई थीं.

युवतियों को हुक्का लाउंज और पब में ले जाकर नशा करवाया जाता और फिर रेप किया जाता.

पुलिस पूछताछ में फरहान ने बेशर्मी से कहा कि उसे अपने कृत्यों का कोई पछतावा नहीं है और उसने हिंदू युवतियों के साथ संबंध बनाकर ‘सवाब’ का काम किया. यदि उसे पकड़े जाने की जानकारी होती, तो वह वीडियो पहले ही वायरल कर देता. इस बयान पर भोपाल के बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने तीखी प्रतिक्रिया दी, कहा, “जो सवाब की बात करते हैं, उन्हें पता होना चाहिए कि आगे कब्रिस्तान ही मिलता है. मध्य प्रदेश में लव जिहाद और लैंड जिहाद को पनपने नहीं देंगे.”

भोपाल के टीटी नगर थाना क्षेत्र में भी ऐसा ही मामला सामने आया, जहां नाबालिग हिंदू छात्रा के साथ रेप हुआ. तत्कालीन टीटी नगर थाना प्रभारी सुधीर अरजरिया ने बताया कि बैरागढ़ की 16 वर्षीय छात्रा की जावेद नामक युवक से दोस्ती थी. दो महीने पहले जावेद उसे बाणगंगा झुग्गी में अपने भाई फैजान के घर ले गया, जहां फैजान की पत्नी जोया और शाहरुख मौजूद थे. शाहरुख ने छात्रा का नंबर लिया और मिलने का दबाव बनाया. बाद में जावेद ने उसे फिर से फैजान के घर ले जाकर शाहरुख के पास छोड़ दिया. शाहरुख ने नाबालिग के साथ रेप किया. यह सिलसिला कई दिनों तक चला. जब पीड़िता ने जावेद को बताया, तो उसने उसे चुप रहने को कहा. जोया और फैजान ने भी बदनामी का डर दिखाकर चुप रहने का दबाव बनाया. हिम्मत जुटाकर पीड़िता ने अपनी मां को सब बताया, जिसके बाद टीटी नगर थाने में एफआईआर दर्ज की गई. मामला श्यामला हिल्स थाने में स्थानांतरित कर दिया गया. पुलिस ने शाहरुख, जावेद, जोया और फैजान को रेप, पॉक्सो और आपराधिक साजिश के आरोप में गिरफ्तार किया.

सागर में फरहान मकरानी ने खुद को हिंदू बताकर युवती को प्रेम जाल में फंसाया और कई बार शारीरिक संबंध बनाए. बाद में उसने धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया. पीड़िता को जब उसकी असली पहचान पता चली, तो उसने महिला थाने में शिकायत की. पुलिस ने फरहान को BNS की धारा 64(2)(M), 351(3), 3(5) और मध्यप्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 2021 की धारा 3/5 के तहत गिरफ्तार किया.

छतरपुर में एक मुस्लिम युवक ने हिंदू बनकर पहले से शादीशुदा महिला का तलाक करवाया और हिंदू रीति-रिवाज से शादी की. बाद में उसकी असली पहचान उजागर होने पर उसने निकाह किया और मारपीट शुरू कर दी. उसने महिला को मांस खाने और पूजा-पाठ छोड़ने का दबाव डाला. पीड़िता ने बताया कि उसकी पहली शादी 2015 में दमोह के कुलुआ गांव में हुई थी. 13 दिसंबर 2023 को उसकी मुलाकात समीर तिवारी उर्फ समीर खान से हुई, जिसने प्रेम जाल में फंसाकर तलाक दिलवाया और जटाशंकर धाम में शादी की. निकाह के बाद समीर ने मारपीट शुरू की, तीन लाख रुपये और जेवर छीने. 26 अप्रैल 2025 को उसे कमरे में बंद कर दिया. अगले दिन वह नंगे पैर 14 किलोमीटर पैदल चलकर छतरपुर पहुंची और मातगुवां थाने में शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने समीर खान को दहेज, धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम और मारपीट की धाराओं में गिरफ्तार किया.

रायसेन जिले में मंडीदीप में पदस्थ महिला सब-इंस्पेक्टर कथित लव जिहाद का शिकार बनी. इश्तिहाक अहमद ने अमन बनकर उससे शादी की. दो साल बाद पोस्ट के जरिए उसकी असली पहचान उजागर हुई. पीड़िता ने शिकायत की कि इश्तिहाक ने मारपीट शुरू की. पुलिस ने उसे धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम के तहत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया.

2021 में तत्कालीन शिवराज सरकार ने लव जिहाद के मामलों के लिए धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम लागू किया, जिसमें दोषी को 10 साल की सजा और 1 लाख रुपए जुर्माने का प्रावधान है. लेकिन लगातार सामने आ रहे मामलों से लगता है कि आरोपियों में इसका कोई खौफ नहीं है.

ENTERTAINMENT : रेचल गुप्ता ने छोड़ा या छीना गया मिस ग्रैंड इंटरनेशनल 2024 का ताज? एक पोस्ट से कंट्रोवर्सी शुरू, जानें क्या है पूरा मामला?

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मॉडल रेचल गुप्ता ने मिस ग्रैंड इंटरनेशनल 2024 का खिताब जीतकर इतिहास रच दिया था. लेकिन अब इस टाइटल को जीतने के लगभग सालभर बाद उनसे क्राउन वापस ले लिया गया है. इस बात का ऐलान ब्यूटी पेजेंट की तरफ से किया गया है. हालांकि रेचल गुप्ता का दावा है कि ये फैसला उन्होंने खुद ये फैसला लिया है.

जालंधर की रेचल गुप्ता ने मिस ग्रैंड इंटरनेशनल 2024 का खिताब जीतकर इतिहास रच दिया था. लेकिन अब इस टाइटल को जीतने के लगभग सालभर बाद उनसे क्राउन वापस ले लिया गया है. इस बात का ऐलान ब्यूटी पेजेंट की तरफ से किया गया है. हालांकि रेचल गुप्ता का दावा है कि ये फैसला उन्होंने खुद बेहद भारी मन से लिया है. रेचल ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर की है, इसमें उन्होंने ब्यूटी पेजेंट के टॉक्सिक माहौल को क्राउन वापस करने का कारण बताया.

रेचल गुप्ता ने अपनी पोस्ट में लिखा, ‘दुनियाभर में मेरे सभी सपोर्टर के लिए, अगर इस खबर से आपको निराशा हुई है, तो मुझे सही में खेद है. मेरे साथ खड़े रहने के लिए धन्यवाद. कृपया समझिए कि ये फैसला लेना आसान नहीं था, लेकिन मेरे लिए ये सबसे सही निर्णय था. सच बहुत जल्द सबके सामने आ जाएगा. मैं आप सभी से शब्दों से कहीं ज्यादा प्यार करती हूं. ये खबर आपके साथ शेयर करते हुए मुझे बेहद अफसोस हो रहा है कि मैंने मिस ग्रैंड इंटरनेशनल 2024 के पद से इस्तीफा देने और अपना ताज लौटाने का फैसला किया है.’

उन्होंने आगे लिखा, ‘ताज पहनना मेरे जीवन के सबसे प्यारे सपनों में से एक था, और मैं आशा और गर्व से भर गई थी कि मैं अपने देश का प्रतिनिधित्व करूंगी और इतिहास रचूंगी. लेकिन ताज पहनने के बाद के महीनों में मेरा अनुभव टूटी हुई उम्मीदों, गलत व्यवहार और एक जहरीले माहौल से भरा रहा, जिसे अब मैं चुपचाप सहन नहीं कर सकती. ये फैसला मैंने हल्के में नहीं लिया है. आने वाले दिनों में, मैं एक पूरा वीडियो शेयर करूंगी, जिसमें इस मुश्किल यात्रा के पीछे की सारी बातें बताऊंगी. मैं आपसे दया, खुले दिल, और अपने इस अगले कदम पर लगातार मिलने वाले सपोर्ट की प्रार्थना करती हूं. आपका प्यार मेरे लिए कल्पना से भी कहीं अधिक मायने रखता है.’

रेचल गुप्ता ने अपनी तरफ की कहानी तो बयां कर दी, लेकिन ऑर्गनाइजेशन का कहना कुछ और ही है. ब्यूटी पेजेंट का कहना है कि उन्होंने खुद रेचल को इस पद से हटाया है. वो अब इस टाइटल के इस्तेमाल की हकदार नहीं हैं. एक ऑफिशियल अनाउंसमेंट कर मिस ग्रैंड इंटरनेशनल ऑर्गनाइजेशन ने क्लियर किया कि वो अभी इसी वक्त से मिस रेचल गुप्ता टर्मिनेट कर रहे हैं. ये निर्णय उनके सौंपे गए कर्तव्यों को पूरा न कर पाने, संगठन की पूर्व अनुमति के बिना बाहरी परियोजनाओं में शामिल होने, और तय की गई Guatemala की जर्नी में भाग लेने से इनकार करने के कारण लिया गया है. इसलिए संगठन ने ये निर्णय लिया है कि उनके टाइटल को तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाए. मिस रैचल गुप्ता अब मिस ग्रैंड इंटरनेशनल 2024 की टाइटल का उपयोग करने या ताज पहनने की पार्ट नहीं हैं.

MAHARASHTRA : नाले में बहने से मां, बेटी और भतीजी की मौत, घटनास्थल से करीब आधा km दूर मिले तीनों के शव

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महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले के वरवट गांव में बाढ़ वाले नाले में बहने से मां, बेटी और भतीजी की मौत हो गई. मूसलाधार बारिश के बीच खेत से घर लौटते समय तीनों पानी में बह गए. शव घटनास्थल से आधा किलोमीटर दूर मिले. हादसे से गांव में शोक की लहर है. विधायक ने आर्थिक मदद की बात कही है.

महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले से एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है. यहां मूसलाधार बारिश के कारण एक दर्दनाक हादसा हुआ. हदगांव तहसील के वरवट गांव में मां, बेटी और भतीजी की नाले में बहने से मौत हो गई. यह हादसा मंगलवार को हुआ जब तीनों खेत से घर लौट रही थीं. गांव के पास अचानक नाले में पानी आ गया और तीनों उसमें बह गईं.

मृतकों की पहचान अरुणा बलवंत शकरगे (35), उनकी बेटी दुर्गा बलवंत शकरगे (10) और भतीजी समीक्षा विजय शकरगे (7) के रूप में हुई है. घटना की जानकारी मिलते ही हदगांव की तहसीलदार सुरेखा नांदे, पुलिस निरीक्षक उमाकांत पुणे और अन्य प्रशासनिक अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे. ग्रामीणों और प्रशासन ने मिलकर तलाश शुरू की और घटनास्थल से करीब आधा किलोमीटर दूर तीनों के शव मिले.

समीक्षा तीसरी कक्षा की छात्रा थी और श्री गणेश गिरि शिक्षा महोत्सव की तैयारी के लिए आंगनवाड़ी जाती थी. गांव में इस हादसे से मातम पसरा हुआ है. लोगों का कहना है कि यह घटना इतनी अचानक हुई कि किसी को संभलने का मौका नहीं मिला. इस घटना के बाद गांव में मातम पसर गया, मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. हदगांव के शिवसेना विधायक बाबूराव कदम ने इस घटना पर दुख व्यक्त किया है. उन्होंने कहा कि वे इस घटना की जानकारी मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री को देंगे और पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दिलाने का प्रयास करेंगे. यह घटना न केवल दुखद है बल्कि प्रशासन के लिए भी चेतावनी है.

 

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