Sunday, June 21, 2026
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NATIONAL : राम मंदिर में 5 जून को राम दरबार समेत 8 देवालयों की प्राण प्रतिष्ठा, निकाली जाएगी कलश यात्रा

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राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने प्रेसवार्ता में 5 जून को राम दरबार और 8 मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा की जानकारी दी. कलश यात्रा का आयोजन भी होगा.

रामनगरी अयोध्या जहां रामलला के दर्शन करने के लिए लोग देश विदेश से आते हैं. राम मंदिर निर्माण के बाद से ही अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ गई है. ऐसे में एक बार फिर से राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम होने जा रहा है. श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने प्रेसवार्ता में कहा कि 5 जून सुबह 11:25 से 11:40 के बीच राम दरबार समेत सभी 8 मूर्तियों की होगी प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी.

उन्होंने कहा कि, राम दरबार और सभी 8 मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा गंगा दशहरा पर अभिजीत मुहूर्त में संपन्न होगी. इसके लिए काशी के विद्वान पंडित जयप्रकाश को बुलाया गया है, जो 101 वैदिक आचार्य के साथ प्राण प्रतिष्ठा संपन्न कराएंगे. 3 जून से यज्ञ मंडप पूजन अग्नि स्थापना का अनुष्ठान शुरू होगा. 4 जून को विभिन्न अधिवास पालकी यात्रा का आयोजन किया जाएगा. वहीं मुख्य अतिथि के रूप में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मौजूद रहेंगे.

महासचिव चंपत राय ने कहा, प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में विभिन्न परंपराओं के संत धर्म आचार्य सहित आरएसएस, विश्व हिन्दू परिषद व राम मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारी व सदस्य मौजूद रहेंगे. 2 जून को शाम 4:00 बजे मातृ शक्तियां जल कलश यात्रा निकालेगी. जल कलश यात्रा सरयू के पुराने आरती स्थल से शुरू होगी. जल कलश यात्रा श्रृंगार हाट हनुमानगढ़ी दशरथ महल होते हुए राम मंदिर के यज्ञ मंडप पर पहुंचेगी. बता दें कि इससे पहले 22 जनवरी 2024 को भगवान राम लला की प्राण प्रतिष्ठा हुई थी. अब एक और प्राण प्रतिष्ठा 5 जून को होने जा रही है.

चंपत राय ने कहा, ‘कलश यात्रा के अगले दिन 3 दिवसीय आयोजन ज्येष्ठ शुक्ल अष्टमी (तीन जून) से शुरू होकर दशमी (पांच जून) को पूजा, भोग, आरती के साथ परिपूर्ण होगा. अनुष्ठान तीनों दिन सुबह साढ़े छह बजे प्रारम्भ होगा. 3 व 4 जून को पूजन विधि सुबह साढ़े छह बजे से शुरू होकर शाम में इसी समय तक पूर्ण होगी. ज्येष्ठ शुक्ल अष्टमी (पांच जून) को पूजन सुबह साढ़े छह बजे प्रारम्भ होकर 11:20 तक चलेगा. प्राण प्रतिष्ठा 11.25 से होगी. इसके पश्चात पूजा, भोग एवं आरती होगी. इस दिन सभी कार्यक्रम दोपहर एक बजे तक पूर्ण हो जाएंगे.’

उन्होंने कहा कि, ‘नवनिर्मित भव्य श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के नव्य आठ देवालयों में एक साथ अनुष्ठानपूर्वक प्राण प्रतिष्ठा होगी. परकोटा के ईशान कोण पर शिवलिंग, अग्नि कोण में प्रथम पूज्य श्री गणेश, दक्षिणी भुजा के बीच में महाबली हनुमान, नैऋत्य कोण में प्रत्यक्ष देवता सूर्य, वायव्य कोण में मां भगवती, उत्तरी भुजा के मध्य में अन्नपूर्णा माता के विग्रहों की प्राण प्रतिष्ठा की जानी है. मुख्य मंदिर में पहले तल पर श्रीराम दरबार तथा परकोटा के दक्षिणी पश्चिमी कोने में शेषावतार प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा होगी.’

इसके साथ ही इन मन्दिरों को श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोलने की तिथि पर अभी अंतिम निर्णय लिया जाना है. प्रथम तल पर स्थित श्रीराम दरबार के दर्शन के लिए सीमित संख्या में ही अनुमति दी जाएगी. संभवतः प्रति एक घंटे में 50 श्रद्धालुओं के लिए ही अनुमति पत्र निर्गत किए जाएंगे. विस्तृत योजना पर अभी विचार विमर्श चल रहा है.

 

MP: दो चट्टानों के बीच बुरी तरह फंसी बाघिन ने तोड़ा दम, सही-सलामत पाए गए शरीर के अंग

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8 से 10 साल की यह बाघिन मंगलवार को कान्हा वन रेंज के मुंडी दादर बीट में मृत पाई गई. घटनास्थल का मुआयना करने पर पता चला कि बाघिन दो बड़ी चट्टानों के बीच बुरी तरह फंसी हुई थी.

मध्य प्रदेश के कान्हा नेशनल पार्क में एक पहाड़ी पर दो चट्टानों के बीच फंसने से एक बाघिन की मौत हो गई. शव को मौके से निकालकर पोस्टमार्टम किया गया. साथ ही शव के नमूने फोरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं.फील्ड उयरेक्टर रवींद्र मणि त्रिपाठी ने बताया कि 8 से 10 साल की यह बाघिन मंगलवार को कान्हा वन रेंज के मुंडी दादर बीट में मृत पाई गई. उन्होंने बताया कि घटनास्थल का निरीक्षण करने पर पता चला कि बाघिन दो बड़ी चट्टानों के बीच बुरी तरह फंसी हुई थी.

वन अधिकारी ने कहा कि घटनास्थल और आसपास के क्षेत्र की जांच डॉग स्क्वॉड की मदद से की गई और दिशा-निर्देशों के अनुसार इलाके को सुरक्षित किया गया. काफी मशक्कत के बाद बाघिन के शव को मौके से निकाला गया और बाद में उसका पोस्टमार्टम किया गया.बाघिन के शरीर के सभी अंग सही-सलामत पाए गए. प्रोटोकॉल के अनुसार, शव के नमूने फोरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं. बता दें कि मध्य प्रदेश में कान्हा, बांधवगढ़, पेंच, सतपुड़ा और पन्ना सहित कई बाघ अभयारण्य हैं.

NATIONAL : कश्मीर से गुजरात-पंजाब-राजस्थान तक, पाकिस्तान से सटे बॉर्डर इलाकों में कल फिर बड़ी मॉक ड्रिल

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22 अप्रैल को हुए पहलगाम अटैक का बदला लेने के लिए भारत ने 6-7 मई की रात को ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च किया था. करीब 25 मिनट तक चले इस ऑपरेशन में भारतीय सेना ने पाकिस्तान और Pok में बने 9 आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया था. इस ऑपरेशन में भारतीय सेना ने जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हिज्बुल मुजाहिद्दीन के ठिकानों को उड़ा दिया था.

पाकिस्तान से सटे राज्यों में गुरुवार शाम को मॉक ड्रिल होगी. ये मॉक ड्रिल गुजरात, पंजाब, राजस्थान और जम्मू कश्मीर में होगी. इस दौरान लोगों को सतर्क रहने की हिदायत दी जाएगी.

सरकार ने 4 राज्यों- जम्मू-कश्मीर, पंजाब, राजस्थान और गुजरात में मॉक ड्रिल करने का आदेश दिया है. इन 4 राज्यों की सीमा ही पाकिस्तान से लगती है. भारत और पाकिस्तान के बीच 3,300 किलोमीटर से ज्यादा लंबी सीमा है. जम्मू-कश्मीर से लगने वाली सीमा को नियंत्रण रेखा यानी LoC कहा जाता है. जबकि, पंजाब, राजस्थान और गुजरात से लगनी वाली सीमा अंतर्राष्ट्रीय सीमा (IB) कहलाती है.

इससे पहले भी केंद्र सरकार ने पाकिस्तान के साथ तनाव के बीच 7 मई को देश के 244 जिलों में मॉक ड्रिल करने का ऐलान किया था. लेकिन 6-7 मई की रात भारत ने पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर सैन्य कार्रवाई की.ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारत ने पाकिस्तान के नौ आतंकी ठिकानों पर सटीक हमला किया था, जिसमें कई आतंकवादी मारे गए थे. लेकिन पाकिस्तान के 12 और आतंकी ठिकानों की लिस्ट तैयार है. पीओके से लेकर पाकिस्तान के अंदर तक आतंक की जड़ों को खत्म करने का ऑपरेशन चल रहा है.

भारत के ऑपरेशन सिंदूर से पाकिस्तान खौफजदा है. पूरा मुल्क दहशत से भर गया है. इस बीच पाकिस्तान को ऑपरेशन सिदूर की तरह एक और ऑपरेशन का डर सताए जा रहा है. भारत ने अभी सिर्फ नौ आतंकी अड्डों पर एयरस्ट्राइक किया है. ऐसे में पाकिस्तान में मौजूद 12 और आतंकी कैंपों को टारगेट किया जा सकता है.

इससे पहले भारत ने साफ कर दिया था कि आतंकवाद की बची-खुची जमीन को भी खत्म किया जाएगा. इसके लिए भारत की तैयारी पूरी है. भारत के सीमावर्ती इलाकों में एयर डिफेंस सिस्टम अलर्ट पर है. पाकिस्तान की बौखलाहट और एलओसी पर उसकी फायरिंग को देखते सेना ने कश्मीर के 10 जिलों में कंट्रोल सेंटर बनाए हैं.

बता दें कि आतंक की कमर तोड़ने के लिए भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के जरिए पाकिस्तान और पीओके में आतंकी ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की थी. भारतीय थलसेना, वायुसेना और नौसेना के संयुक्त ऑपरेशन के तहत पाकिस्तान और पीओके के जिन नौ आतंकी ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की गई थी, उनमें बहावलपुर, मुरीदके, गुलपुर, भिंबर, चाक अमरू, बाग, कोटली, सियालकोट और मुजफ्फराबाद है. बहावलपुर में प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के हेडक्वार्टर और मुरीदके में लश्कर-ए-तैयबा के हेडक्वार्टर को निशाना बनाया गया था.

22 अप्रैल को हुए पहलगाम अटैक का बदला लेने के लिए भारत ने 6-7 मई की रात को ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च किया था. करीब 25 मिनट तक चले इस ऑपरेशन में भारतीय सेना ने पाकिस्तान और Pok में बने 9 आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया था. इस ऑपरेशन में भारतीय सेना ने जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हिज्बुल मुजाहिद्दीन के ठिकानों को उड़ा दिया था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बताया था कि इस ऑपरेशन में 100 से ज्यादा आतंकी मारे गए हैं.

भारत के इस ऑपरेशन से बौखलाकर पाकिस्तान की सेना ने भारत पर हमला कर दिया था. पाकिस्तान की सेना ने भारत के सैन्य और नागरिक ठिकानों पर ड्रोन से हमला करने की कोशिश की थी, जिसे भारतीय सेना ने नाकाम कर दिया था. 7 से 10 मई तक 4 दिन तक चले सैन्य टकराव के बाद पाकिस्तान के अनुरोध पर 10 मई को सीजफायर हो गया था.

ENTERTAINMENT : सिद्धू मूसेवाला का गाना रिलीज करने के बाद एमीवे बंटाई को मिली जान से मारने की धमकी

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एमीवे बंटाई ने गाना जारी करने के बाद अपने बयान में कहा, “सिद्धू मूसेवाला एक कलाकार से कहीं बढ़कर हैं, वे एक आंदोलन हैं. उनकी आवाज़, उनका संदेश और उनकी भावना मुझे और कई अन्य लोगों को हर दिन प्रेरित करती रहती है.”

एमीवे बंटाई (Emiway Bantai) के नाम से मशहूर रैपर मुहम्मद बिलाल शेख को एक शख्स ने जान से मारने की धमकी दी है. आरोपी ने खुद को कनाडा में रहने वाले गोल्डी बरार बताया है, जो गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का करीबी सहयोगी है. शेख की कंपनी बंटाई रिकॉर्ड्स के साथ रजिस्टर्ड एक मोबाइल नंबर से 25 मई को यह संदेश आया. इसमें रैपर से 1 करोड़ रुपये की फिरौती भी मांगी गई.

पुलिस ने बताया कि मैसेज में गैंगस्टर के एक अन्य करीबी सहयोगी अमेरिका में रहने वाले रोहित गोदारा का नाम भी था. नवी मुंबई के नेरुल में रहने वाले रैपर ने बंटाई रिकॉर्ड्स के एक कर्मचारी के जरिए एनआरआई पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है.

एमीवे बंटाई ने गाना जारी करने के बाद अपने बयान में कहा, “सिद्धू मूसेवाला एक कलाकार से कहीं बढ़कर हैं, वे एक आंदोलन हैं. उनकी आवाज़, उनका संदेश और उनकी भावना मुझे और कई अन्य लोगों को हर दिन प्रेरित करती रहती है. ‘सिद्धू मूसेवाला को श्रद्धांजलि’ उस व्यक्ति के प्रति प्यार और सम्मान दिखाने का मेरा तरीका है, जिसने अपने तरीके से खेल को बदल दिया. सिद्धू और मैंने वास्तव में सहयोग करने के बारे में बात की थी. यह कुछ ऐसा था, जो हम दोनों चाहते थे. यह श्रद्धांजलि उस सपने को हकीकत बनाने का मेरा तरीका है.”

हालाकि, अभियुक्त अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बहार है. पुलिस उस नंबर को ट्रेस कर रही है, जिस नंबर से यह मेसज आया था.

BIHAR : बिहार में कोर्ट परिसर से 4 कैदी फरार, पुलिस के हाथ-पांव फूले, 5वें को खदेड़कर पकड़ा गया

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समस्तीपुर का मामला है. फरार कैदियों की गिरफ्तारी के लिए जिले के सभी थानों को अलर्ट कर दिया गया है. माना जा रहा है कि लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हो सकती है.

बिहार के समस्तीपुर में कोर्ट परिसर से बुधवार (28 मई, 2025) को पेशी के दौरान चार कैदी फरार हो गए. 5वां कैदी भी भागा था लेकिन पुलिस ने उसे खदेड़कर पकड़ लिया. चार कैदियों के फरार होने के बाद पुलिस महकमे में खलबली मच गई है. फरार कैदियों में नगर थाना क्षेत्र में बीते वर्ष हुए बहुचर्चित अनिल ज्वेलर्स लूटकांड का आरोपी राजनंदन उर्फ छोटू उर्फ हंटर भी शामिल है. अन्य फरार कैदियों पर सरायरंजन थाने में लूटकांड और अन्य मामले दर्ज हैं.

पुलिस कैदियों को कोर्ट में पेशी के लिए बुधवार को लेकर पहुंची थी. इसी दौरान कोर्ट परिसर में सिपाही से हाथ छुड़ाकर कुल पांच कैदी भागने लगे. पुलिस ने एक कैदी नागेंद्र कुमार को दबोच लिया, लेकिन चार ने पुलिस को चकमा दे दिया. चार फरार कैदियों में राजनंदन उर्फ छोटू उर्फ हंटर, अरविंद सहनी, मनीष कुमार और मंजीत कुमार शामिल हैं.

घटना की जानकारी मिलते ही एसडीपीओ संजय कुमार पांडेय मौके पर पहुंचे. जिले के सभी थानों को अलर्ट कर दिया गया है और फरार कैदियों की गिरफ्तारी के लिए सघन छापेमारी की जा रही है. माना जा रहा है कि लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हो सकती है.

घटना को लेकर एसडीपीओ संजय कुमार पांडेय ने बताया कि न्यायालय में कैदियों को पेशी के लिए लाया गया था. इस दौरान एक कैदी राजनंदन को आर्म्स एक्ट में पेशी के बाद हाजत में बंद किया जा रहा था. इसी क्रम में हाजत के अंदर बंद चार कैदी पुलिस को धक्का देते हुए भाग निकले. इनमें से एक कैदी को पकड़ा गया है. चार में से तीन कैदी सरायरंजन थाना कांड संख्या 113/24 के लूटकांड के अभियुक्त हैं. ये वैशाली और मुजफ्फरपुर के रहने वाले हैं. इसी दौरान राजनंदन भी मौके का फायदा उठाकर फरार हो गया. एसडीपीओ ने कहा कि पुलिसकर्मियों की लापरवाही की जांच की जा रही है. कंट्रोल रूम और सभी थाना को निर्देश दिया गया है. सभी की गिरफ्तारी का भी प्रयास किया जा रहा है.

 

BHOPAL : उधर बच्चा फंसा लिफ्ट में, इधर पिता को आया हार्ट-अटैक, 3 मिनट में मौत का तांडव

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भोपाल में आठ वर्षीय बेटे के लिफ्ट में फंसने से घबराए एक पिता की सदमे से मौत हो गई. महज तीन मिनट में बच्चा तो सुरक्षित निकल आया, लेकिन पिता की धड़कनें हमेशा के लिए थम गईं.

भोपाल के जतखेड़ी स्थित निरुपम रॉयल पाम कॉलोनी में सोमवार (26 मई) रात एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ. 51 वर्षीय ऋषिराज भटनागर की उस वक्त हार्ट अटैक से मौत हो गई जब उनका 8 वर्षीय बेटा लिफ्ट में बिजली जाने के कारण फंस गया.

यह घटना रात करीब 10:30 बजे की है, जब ऋषिराज टहलने निकले थे और बेटे देवांश को खेलने के बाद घर लौटने के लिए कहा. टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार देवांश लिफ्ट में चढ़ा ही था कि अचानक बिजली चली गई, जिससे वह बीच में फंस गया.

बेटे को लिफ्ट में फंसा देख ऋषिराज घबरा गए और तुरंत सुरक्षा गार्ड के पास पहुंचे. उन्होंने गार्ड से मैन्युअल जनरेटर चालू करने और लिफ्ट की चाबी देने को कहा. वे लिफ्ट की ओर लगभग 25-30 कदम ही चले थे कि वहीं गिर पड़े. चश्मदीदों के अनुसार, जनरेटर चालू होते ही 3 मिनट के भीतर बिजली वापस आ गई और देवांश सुरक्षित बाहर निकल आया, लेकिन ऋषिराज तब तक अचेत हो चुके थे. उनके बड़े बेटे हर्षित और पड़ोसियों ने उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.

पुलिस जांच अधिकारी ASI आमोद शर्मा ने बताया कि ऋषिराज पेशे से इंश्योरेंस और प्रॉपर्टी ब्रोकर थे और कॉलोनी की प्रबंधन समिति के सक्रिय सदस्य भी रहे हैं. उनका परिवार तीन मंजिला अपार्टमेंट में रहता था. उनकी पत्नी स्कूल शिक्षिका हैं और बड़ा बेटा हर्षित हाल ही में 12वीं की परीक्षा पास कर चुका है, जबकि छोटा बेटा देवांश तीसरी कक्षा में पढ़ता है. पुलिस का मानना है कि ऋषिराज को बेटे के लिफ्ट में फंसने के कारण अत्यधिक तनाव और घबराहट के चलते घातक दिल का दौरा पड़ा.

मंगलवार (27 मई) दोपहर जब ऋषिराज का पार्थिव शरीर कॉलोनी लाया गया, तो पूरे परिसर में शोक की लहर दौड़ गई. उन्हें एक सहयोगी, संवेदनशील और समाजसेवी व्यक्ति के रूप में याद किया गया. कॉलोनी के निवासियों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी और प्रशासन से कॉलोनी की सुरक्षा व्यवस्थाओं में सुधार की मांग की. यह घटना न केवल एक परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है, बल्कि शहर में आपात स्थिति प्रबंधन की तैयारियों पर भी सवाल खड़े करती है.

HEALTH : कोरोना वायरस का नया वेरिएंट कितना खतरनाक? AIIMS के पूर्व डायरेक्टर डॉ. गुलेरिया ने बताया

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दिल्ली AIIMS के पूर्व डॉयरेक्टर रणदीप गुलेरिया से कोरोना को लेकर खास बातचीत में कहा, “कोरोना वायरस का नया वेरिएंट जेएन.1 आया है. ये वेरिएंट अगस्त 2023 में रिपोर्ट किया गया था लेकिन यह अब सारी दुनिया में सबसे ज्यादा है.”

कोरोना वायरस (Covid19) ने एक बार फिर से दस्तक दे दी है. कोविड-19 को शुरू हुए अब पांच साल हो चुके हैं, लेकिन वायरस खत्म नहीं हुआ है. यह हर साल नया रूप लेकर लौटता है. कभी डेल्टा, कभी ओमिक्रॉन और अब NB.1.8.1 और LF.7 जैसे नए वेरिएंट. नए वेरिएंट JN.1 ने कई राज्यों में पैर पसार लिए हैं. महाराष्ट्र से लेकर दिल्ली तक कोविड-19 के तमाम मामले देखें जा रहे हैं. तमिलनाडु और केरल में भी कोरोना के केस मिले हैं.

दिल्ली AIIMS के पूर्व डॉयरेक्टर रणदीप गुलेरिया से कोरोना को लेकर खास बातचीत में कहा, “कोरोना वायरस का नया वेरिएंट जेएन.1 आया है. ये वेरिएंट अगस्त 2023 में रिपोर्ट किया गया था लेकिन यह अब सारी दुनिया में सबसे ज्यादा है.” उन्होंने आगे बताया कि इस वेरिएंट में कुछ म्यूटेशन है, जिस वजह से ये ज्यादा इन्फेक्शन करता है. इसमें जुकाम, नजला, बुखार, खांसी, खरास होती है. जिन लोगों को हार्ट की समस्या है, डायबिटीज है या ऐसी दवाइयों पर हैं, जिससे इम्युनिटी कम हो जाती है, उनको ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है.

रणदीप गुलेरिया ने बताया कि अभी तक जो डेटा सामने आया है, उसमें यह देखा गया है कि कुछ प्रोटेक्शन है. कुछ प्रोटेक्शन इसलिए भी है क्योंकि अगर हम यह कहें कि कोविड आने के बाद कई वेरिएंट आए, अल्फा, बीटा, गामा और अब ये आया है, जो ओमिक्रॉन का ही एक वेरिएंट है.उन्होंने आगे कहा कि ओमिक्रॉन से सबको इन्फेक्शन हुआ था. हमारे अंदर इम्यूनिटी है लेकिन वेरिएंट खुद में बदलाव करते हैं, इस वजह से इन्फेक्शन बीच-बीच में बढ़ जाता है.

डॉयरेक्टर रणदीप गुलेरिया ने कहा, “हमें यह देखना होगा कि यह वेरिएंट आगे जाकर को सीरियस रुख तो नहीं ले सकता है. बुजुर्ग और इम्युनिटी की कमी से जूझ रहे लोगों को सावधान होने की जरूरत है. बेहतर यही है कि लोग पुराना प्रोटोकॉल अपनाएं.”

Yale की रिपोर्ट के मुताबिक, कोविड वैक्सीन हर साल अपडेट हो रही है. ठीक वैसे ही जैसे फ्लू की वैक्सीन हर साल नए वेरिएंट्स के मुताबिक बदली जाती है.

2020-21: पहली बार mRNA वैक्सीन (फाइजर और मोडेर्ना) आई, जो मूल वुहान वायरस को टार्गेट करती थी.
2022: वैक्सीन को बाइवेलेंट रूप में अपडेट किया गया. मूल वायरस + ओमिक्रॉन BA.4/BA.5 वेरिएंट
2023: मोनोवेलेंट वैक्सीन आई. सिर्फ ओमिक्रॉन XBB के लिए.
2024-2025: लेटेस्ट वैक्सीन KP.2 वेरिएंट को ध्यान में रखकर तैयार की गई है.
येल यूनिवर्सिटी की संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉ. स्कॉट रॉबर्ट्स के अनुसार, हर नई वैक्सीन वायरस के बदले वेरिएंट से लड़ने के लिए डिजाइन की गई है. यह गंभीर बीमारी, अस्पताल में भर्ती और मौत को रोकने में कारगर है.

 

ENTERTAINMENT : मां बनने के लिए किया लंबा इंतजार, सहा मिसकैरेज का दर्द, डायरेक्टर ने बताया कैसे IVF से पूरा हुआ सपना

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सोशल मीडिया पर IVF के जरिए प्रेग्नेंट होने के बारे में निधि दत्ता ने बताया था. उन्होंने कहा कि ये उनके लिए चार साल लंबा सफर रहा है. उनके पास एक बढ़िया पार्टनर और परिवार है, जो उन्हें हमेशा सपोर्ट करते हैं. लेकिन फिर भी एक महिला को मुश्किल वक्त से अकेले ही गुजरना पड़ता है.

डायरेक्टर निधि दत्ता ने हाल ही में बोल्ड स्टेप उठाते हुए अपनी IVF जर्नी के बारे में सोशल मीडिया पर बात की थी. प्रेग्नेंट होने के प्रोसेस के बारे में बात करना अभी भी भारतीय समाज में खराब माना जाता है. ऐसे में निधि को उम्मीद है कि वो इस सोच को बदल पाएंगी. इंडिया टुडे/आजतक से एक्सक्लूसिव बातचीत में निधि दत्ता ने कहा कि उनका अपनी प्रेग्नेंसी के बारे में बात करने का फैसला इस प्रोसेस को आम बनाने और फर्टिलिटी इश्यू झेल रहीं महिलाओं को उम्मीद देने के लिए था.

खास बात ये है कि निधि की प्रेग्नेंसी जर्नी, फिल्म ‘बॉर्डर 2’ की तैयारी के बीच शुरू हुई थी. इसपर उन्होंने कहा, ‘ये टाइमलाइन हैरान करने वाली है. मुझे लगता है कि बेबी के पास पूरी तरह फिल्मी होने के अलावा कोई चॉइस नहीं होगी.’

सोशल मीडिया पर IVF के जरिए प्रेग्नेंट होने के बारे में निधि दत्ता ने बताया था. इस बारे में उन्होंने बातचीत के दौरान कहा कि ये उनके लिए चार साल लंबा सफर रहा है. निधि ने बताया, ‘जब मैंने TTC टर्म सुना तो मुझे भी बाकी औरतों की तरह बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि ये क्या है. इसका मतलब है- ट्राइंग टू कंसीव (प्रेग्नेंट होने की कोशिश). और हर मरीज जो फर्टिलिटी इश्यू से जूझ रहा है, अडॉप्शन या सरोगेसी का इंतजार कर रहा है, वो इस टर्म के अंदर आता है. मैंने कभी अपने एक्सपीरिएंस के बारे में बात करना प्लान नहीं किया था, न ही इसे लेकर जल्दबाजी की. ये नेचुरली मेरे साथ हुआ. ये बस बातचीत करने का तरीका था, जिसमें मैंने मेरे प्रोसीजर के बारे में बताया. हालांकि जब मैंने इस बारे में बात करना शुरू किया तब मुझे पता चला कि मेरे आसपास भी ढेरों महिलाएं हैं, जो इस सबसे गुजर रही हैं. और मैं शॉक्ड थी. मेरे दिमाग में आया कि भले ही दोस्त के तौर पर, लेकिन कभी तुमने मुझे बताया क्यों नहीं कि तुम इस सबसे गुजर रही हो? मैं समझती हूं कि ये लोगों का निजी मामला है लेकिन इसे नॉर्मल बनाने से लोगों में उम्मीद जागती है.’

निधि दत्ता ने आगे कहा कि उनके पास एक बढ़िया पार्टनर और परिवार है, जो उन्हें हमेशा सपोर्ट करते हैं. लेकिन फिर भी एक महिला को मुश्किल वक्त से अकेले ही गुजरना पड़ता है. उन्होंने कहा, ‘आपके हार्मोन हर जगह होते हैं. आपको इंजेक्शन लेने पड़ते हैं. जो आप महसूस कर रहे हैं उन्हें शब्दों में नहीं बताया जा सकता. इतनी सारी महिलाएं हैं, खासकर छोटे शहरों में, जो इन चीजों से गुजर रही हैं. मुझे ऐसी महिलाओं के बारे में भी पता है इन्हें इन चीजों के बारे में बात करने की इजाजत नहीं है, क्योंकि उनके ससुराल वालों को लगता है कि इससे परिवार को शर्मिंदा होना पड़ेगा. मेंटली हमें सपोर्ट की जरूरत है, और ये बात मुझे अपने पोस्ट के बारे आए मैसेज की वजह से समझ आई. किसी एक इंसान को भी एक ही नैया में सवार देख आपको उम्मीद मिलती है.’

फिल्ममेकर ने बच्चा चाहने की सेंसिटिव इच्छा को लेकर भी बात की. उन्होंने कहा कि उन्हें लगता है इसे लेकर भी बात होनी चाहिए. निधि दत्ता ने कहा, ‘मेरी शादी मार्च 2021 में हुई थी और मई में मैंने नेचुरली कंसीव किया था. जल्द ही मेरा मिसकैरेज हो गया, और वो फिजिकल से जैसा मेरे लिए मेंटल ट्रॉमा था. वो 6-7 हफ्ते हमारे लिए एक कपल के तौर पर बहुत उत्साहित करने वाले थे और इसी वजह से हमें समझ आया कि हमें बेबी चाहिए. फिर हमारे सफर की शुरुआत हुई- नेचुरली, IUI और IVF. लेकिन मुझे वो फीलिंग पता है, वो चाहत, वो दर्द जो मैंने 4 साल तक सहा है. कोई सोशल मीडिया पर अपनी प्रेग्नेंसी अनाउंस करता था तो मुझे बुरा लगता था. मुझे लगता है कि इनफर्टिलिटी से लड़ रही हर महिला को उसकी ताकत दूसरों से अलग बनाती है. अपने सबसे लो फेज में भी मैं उठी और काम पर गई. और मैं वही उम्मीद लोगों को अब देना चाहती हूं.’

BIHAR : बिहार में पुलिस को चकमा देकर भागे 5 बंदी, पुलिस ने एक को खदेड़कर पकड़ा, लूट के केस में हुई थी गिरफ्तारी

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बिहार के समस्तीपुर में पेशी के लिए लाए गए पांच बंदी कोर्ट परिसर से फरार हो गए, जिससे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया. हालांकि पुलिस ने एक बंदी को खदेड़कर पकड़ लिया, लेकिन चार अन्य कैदी अब भी फरार हैं. इस घटना के बाद पुलिस ने तुरंत सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है और लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई की बात कही है.

बिहार के समस्तीपुर जिले में कोर्ट परिसर से पेशी के लिए लाए गए पांच बंदी पुलिस को चकमा देकर फरार हो गए. इस घटना में एक बंदी को पुलिस ने मौके पर ही पकड़ लिया, जबकि चार अन्य की तलाश जारी है. इस पूरे मामले को लेकर पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है. सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं.

पुलिस के अनुसार, बंदियों को विभिन्न मामलों में पेशी के लिए कोर्ट लाया गया था. पेशी के बाद जब उन्हें हाजत में बंद किया जा रहा था, तभी चार बंदियों ने पुलिसकर्मियों को धक्का देकर भागने की कोशिश की. इस दौरान एक बंदी को पकड़ लिया गया, जबकि चार अन्य फरार हो गए. फरार बंदियों में से तीन लूट के मामलों में आरोपी हैं और उनके खिलाफ वैशाली और मुजफ्फरपुर जिलों में मामले दर्ज हैं.

समस्तीपुर के डीएसपी सिटी संजय पांडे ने बताया कि घटना के तुरंत बाद पुलिस ने चारों फरार बंदियों की तलाश शुरू कर दी है. उन्होंने कहा कि अगर इस घटना में किसी पुलिसकर्मी की लापरवाही पाई जाती है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. पुलिस ने फरार बंदियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमों का गठन किया है और संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है.

इस घटना ने कोर्ट परिसर और पुलिस सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. लोगों का कहना है कि पेशी के दौरान बंदियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना पुलिस की जिम्मेदारी है. इस तरह की घटनाएं न केवल पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाती हैं.

NATIONAL : विस्फोटक से भरा ट्रक लूट ले गए नक्सली, ड्राइवर को बना लिया बंधक, ओडिशा के राउरकेला में बड़ी वारदात

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यह ट्रक राउरकेला के केबलांग थाना क्षेत्र से होते हुए बांको पत्थर खदान की ओर जा रही था. सूत्रों के अनुसार नक्सलियों ने ट्रक को रोककर उसके चालक को बंधक बना लिया और ट्रक को जबरन सारंडा के घने जंगल की ओर ले गए.

ओडिशा के राउरकेला में नक्सलियों ने एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती दी है. नक्सलियों ने विस्फोटकों से भरे ट्रेन को लूट लिया है. नक्सलियों ने डेढ़ टन विस्फोटक से भरे ट्रक को लूटा है. इस घटना के बाद से झारखंड और ओडिशा पुलिस अलर्ट पर है.यह ट्रक राउरकेला के केबलांग थाना क्षेत्र से होते हुए बांको पत्थर खदान की ओर जा रही था. सूत्रों के अनुसार नक्सलियों ने ट्रक को रोककर उसके चालक को बंधक बना लिया और ट्रक को जबरन सारंडा के घने जंगल की ओर ले गए. घटना के बाद से झारखंड और ओडिशा पुलिस पूरी तरह अलर्ट पर है.

बता दें कि नक्सलवाद भारत के कई राज्यों में एक गंभीर चुनौती बना हुआ है. जिनमें विशेष रूप से छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा, और महाराष्ट्र के कुछ हिस्से शामिल हैं. हाल के वर्षों में सुरक्षा बलों ने नक्सलियों के खिलाफ कई सफल ऑपरेशन चलाए हैं, जिनमें कई बड़े नक्सली कमांडर या तो मारे गए हैं या उन्होंने आत्मसमर्पण कर दिया है.

हाल ही में, 21 मई 2025 को छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में हुए एक बड़े एनकाउंटर में नक्सली संगठन भाकपा (माओवादी) के महासचिव नंबाला केशव राव उर्फ बसवराज को मार गिराया गया, जिस पर कुल मिलाकर 10 करोड़ रुपये का इनाम था. हालांकि, माडवी हिडमा जैसे कई अन्य खूंखार नक्सली अभी भी फरार हैं और सुरक्षा बलों के लिए एक बड़ी चुनौती बने हुए हैं.

छत्तीसगढ़ में 2025 में नक्सलियों के खिलाफ कई बड़े ऑपरेशन हुए. नारायणपुर में 21 मई 2025 को हुए एनकाउंटर में 27 नक्सली मारे गए, जिनमें बसवराज जैसे बड़े नाम शामिल थे. बीजापुर और कांकेर में 113 नक्सली मारे गए, 104 गिरफ्तार हुए, और 164 ने आत्मसमर्पण किया.झारखंड में 2021 से 2025 तक 1490 नक्सली गिरफ्तार हुए हैं. सारंडा के जंगलों में नक्सलियों के खिलाफ विशेष अभियान चल रहा है, जिसका लक्ष्य 2026 तक नक्सलवाद को पूरी तरह खत्म करना है.

माडवी हिडमा नक्सलियों का एक प्रमुख कमांडर है, जिस पर 45 लाख से 1 करोड़ रुपये तक का इनाम घोषित है. उसके अलावा, झारखंड में असीम मंडल, पतिराम मांझी, और मिसिर बेसरा जैसे नक्सलियों पर 1-1 करोड़ रुपये का इनाम है, जबकि सुजाता और अन्य कमांडरों पर 25 लाख से 2 लाख रुपये तक के इनाम हैं. सुरक्षा बलों ने नक्सलवाद के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज कर दी है, और 2026 तक नक्सलवाद को खत्म करने का लक्ष्य रखा गया है. हालांकि, हिडमा जैसे नक्सलियों की गुप्त गतिविधियां और जंगलों में उनकी मौजूदगी अभी भी एक बड़ी चुनौती है.

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