Sunday, June 21, 2026
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MP : जंगल में अवैध खनन रोका तो किया हमला, 4 वनकर्मी बुरी तरह घायल, JCB छुड़ाकर ले गया

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एक घायल वनकर्मी ने बताया कि हम रात में अवैध उत्खनन की सूचना पर मौके पर पहुंचे थे. वहां जेसीबी से खुदाई हो रही थी. हमने केस दर्ज कर जेसीबी को जब्त किया, लेकिन तभी 15-20 लोग आए और पथराव शुरू कर दिया. उन्होंने हमसे जेसीबी छुड़ाकर भाग गए.

खरगोन जिले में वन क्षेत्र में अवैध उत्खनन रोकने पहुंची वन विभाग की टीम पर खनन माफियाओं ने पथराव कर हमला किया, जिससे दो वनकर्मी और दो सुरक्षाकर्मी घायल हो गए. हमलावर जेसीबी मशीन छुड़ाकर फरार हो गए. इस घटना से वन विभाग में हड़कंप मच गया है.

जिला मुख्यालय से लगभग 40 किलोमीटर दूर कसरावद वन क्षेत्र के खमलाय गांव के पास अवैध रेत उत्खनन की सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची थी. कार्रवाई के दौरान 15-20 लोगों के समूह ने अचानक वनकर्मियों और सुरक्षाकर्मियों पर पथराव शुरू कर दिया और जेसीबी मशीन छुड़ाकर भाग गए. हमले में घायल परिक्षेत्र सहायक ओमकार सिंह डावर और बीट प्रभारी विपिन चौहान को तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया. दो सुरक्षाकर्मी भी घायल हुए हैं.

कसरावद के रेंज ऑफिसर सचिन ने बताया कि 26 मई की रात करीब 2 बजे अवैध उत्खनन की सूचना मिलने पर दो वनकर्मी और दो सुरक्षाकर्मी मौके पर पहुंचे थे. वहां जेसीबी से अवैध खुदाई की जा रही थी. वन क्षेत्र में अवैध उत्खनन के चलते प्रकरण दर्ज कर जेसीबी को जब्त किया जा रहा था, तभी 15-20 लोगों ने अचानक हमला कर दिया.

घायल वनकर्मी ओमकार सिंह डावर ने बताया, ”हम रात में अवैध उत्खनन की सूचना पर मौके पर पहुंचे थे. वहां जेसीबी से खुदाई हो रही थी. हमने प्रकरण दर्ज कर जेसीबी को जब्त किया, लेकिन तभी 15-20 लोग आए और पथराव शुरू कर दिया. उन्होंने हमसे जेसीबी छुड़ाकर भाग गए.”

NATIONAL : बाराबंकी में दोस्त बने जल्लाद.. शराब पिलाकर 40 हजार लूटे, फिर चौथी मंजिल से फेंक कर मार डाला

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बाराबंकी के कांशीराम कॉलोनी में तीन दोस्तों ने युवक मोनू को शराब पिलाई, जुए में 40 हजार रुपये हड़पे और फिर चौथी मंजिल से फेंक दिया. गंभीर हालत में भर्ती मोनू की इलाज के दौरान मौत हो गई. एक आरोपी पकड़ा गया, लेकिन भाग निकला. पीड़ित के पिता ने तहरीर दी है. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, बाकी आरोपियों की तलाश जारी है.

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में दिल दहला देने वाली एक घटना सामने आई है. नगर कोतवाली क्षेत्र की कांशीराम कॉलोनी में तीन युवकों ने अपने ही दोस्त को पहले शराब पिलाई, फिर जुए में उससे 40 हजार रुपये हड़प लिए और बाद में चौथी मंजिल से फेंक दिया. गंभीर रूप से घायल युवक मोनू (25) की इलाज के दौरान मौत हो गई.

जानकारी के मुताबिक, मोनू को उसके दोस्त महताब, सद्दाम और निहाल ने ‘एंजॉय’ करने के बहाने बिल्डिंग की छत पर बुलाया. वहां शराब पिलाने के बाद जुआ खेला गया, जिसमें मोनू के 40 हजार रुपये हार जाने के बाद आरोपियों ने उसे चौथी मंजिल से नीचे फेंक दिया. घटना को अंजाम देने के बाद तीनों आरोपी मौके से फरार हो गए.

मौके पर मौजूद लोगों ने आनन-फानन में मोनू को पहले जिला अस्पताल ले गए, लेकिन हालत गंभीर होने पर उसे लखनऊ के लोहिया ट्रामा सेंटर रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. मृतक के पिता ने नगर कोतवाली में तीनों आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है. पिता ने तहरीर देकर सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है.

मामले में पुलिस ने एक आरोपी को पकड़ भी लिया था, लेकिन वह हिरासत से हाथ छुड़ाकर फरार हो गया. इस घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है. एएसपी विकास त्रिपाठी ने बताया कि मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है और जांच जारी है. जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा. पुलिस की टीमें दबिश दे रही हैं.

ENTERTAINMENT : ’32 साल साथ काम किया…उम्मीद नहीं थी’, परेश रावल संग विवाद पर अक्षय कुमार ने तोड़ी चुप्पी

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परेश रावल ने हेरा फेरी 3 से एग्जिट क्यों लिया इसका सही जवाब हर कोई तलाश रहा है. अक्षय कुमार ने उनपर 25 करोड़ का मुकदमा तक ठोक दिया था. इसके बाद ये अनबन विवाद का रूप ले चुका है. अब इस पूरे मामले पर अक्षय ने अपनी चुप्पी तोड़ी है.

हेरा फेरी 3 पर विवाद गहरा चुका है. अक्षय कुमार और परेश रावल के बीच न सिर्फ दूरियां बढ़ी हैं बल्कि मामला कोर्ट तक भी जा चुका है. हाल ही में अक्षय की हाउसफुल 5 का ट्रेलर लॉन्च हुआ, जहां एक्टर ने इस पूरे मामले पर चुप्पी तोड़ी. हालांकि अक्षय ने साफ तौर से कुछ नहीं कहा लेकिन इतना जरूर जता दिया कि मामला बेहद गंभीर हो चुका है.

एक्टर ने अपनी बातों से जाहिर किया कि परेश रावल से हुई इस अनबन का सॉल्यूशन कोर्ट से ही मिल सकता है. अब आपसी समझ से बातों की कोई गुंजाइश नहीं है. उनके चेहरे पर इसका दुख साफ जाहिर होता दिखा. बावजूद इसके वो परेश के खिलाफ कुछ गलत बात सुनना पसंद नहीं करेंगे.

ट्रेलर लॉन्च इवेंट पर अक्षय बोले- अपने को-स्टार के लिए किसी भी बेवकूफी भरे शब्द की मैं उम्मीद नहीं करता और ना ही पसंद करता हूं. ये सही नहीं है. मैंने उनके साथ 32 साल से काम किया है. हम बहुत अच्छे दोस्त रहे हैं. वो बहुत अच्छे एक्टर हैं. मैं उन्हें बहुत पसंद करता हूं. जो भी कुछ है, मैं नहीं मानता कि ये वो जगह है जहां इस बारे में बात की जानी चाहिए. जो भी कुछ हुआ है वो बहुत सीरियस मैटर है, उसे कोर्ट में ही हैंडल किया जाना चाहिए. वही सही जगह है. तो मुझे नहीं लगता कि इस बारे में मुझे और कुछ कहना चाहिए.

बता दें, परेश ने हेरा फेरी 3 से प्रोमो शूट होने के बाद एग्जिट ले लिया था. वो साइनिंग अमाउंट भी ले चुके थे. कहा गया कि वो 25 करोड़ फीस और फिल्म की प्रॉफिट शेयरिंग में हिस्सा चाहते थे. लेकिन उनकी मांग पूरी नहीं की गई. जिसके बाद अक्षय ने उनपर 25 करोड़ का मुकदमा दायर किया. एक्टर के मुताबिक परेश के बिना जानकारी दिए अचानक बाहर हो जाने से उन्हें भारी नुकसान पहुंचा है. डायरेक्टर प्रियदर्शन ने भी रिवील किया था कि परेश के एग्जिट लेने से अक्षय बेहद इमोशनल हो गए थे. उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े थे.

खबरों के मुताबिक, परेश ने हेरा फेरी 3 छोड़ने की जानकारी टीम को नहीं दी थी, उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इसका ऐलान किया था. मामला कोर्ट तक जाने के बाद परेश ने कोई ऑफिशियल बयान न देते हुए एक पोस्ट शेयर कर सिर्फ इतना कहा कि ‘मेरे वकील अमीत नाइक ने मेरी फिल्म से बाहर निकलने के बारे में उचित जवाब भेजा है. एक बार जब वो मेरा जवाब पढ़ लेंगे तो सभी मुद्दे सुलझ जाएंगे.’ वहीं कुछ रिपोर्ट्स ऐसी भी आईं कि एक्टर ने अपनी फीस के चलते फिल्म से किनारा किया. ऐसा कहा जा रहा है कि उन्होंने अपना 11 लाख रुपये का साइनिंग अमाउंट भी 15% के इंट्रेस्ट के साथ वापस कर दिया है.

अब अक्षय और परेश के बीच की ये दूरियां कब खत्म होंगी इसके बारे में तो एक्टर्स ही बता सकते हैं. तब तक ये कहना कि हेरा फेरी 3 ठंडे बस्ते में जा चुकी है, गलत नहीं होगा. फैंस भी इस बात से काफी निराश हैं.
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Dahi Bhindi: इस बार खाने में बनाएं दही वाली भिंडी, स्वाद ऐसा कि खाते ही लोग बोलें वाह, बनाने का ये है तरीका

Dahi Bhindi Recipe: आजकल बाजारों में हरी सब्जियों की भरमार है. लौकी-तोरई की तरह भिंडी भी खूब आ रही है. लोग भिंडी को पसंद भी खूब कर रहे हैं. इसलिए भिंडी को वे कई तरह से बनाकर खाते हैं. इसमें सबसे ज्यादा लोग कुरकुरी भिंडी बनाते हैं. लेकिन, क्या आपने कभी दही वाली भिंडी खाई है? यह स्वाद के साथ सेहत के लिए भी फायदेमंद है. इस सब्जी की काफी डिमांड रहती है और खास मौकों पर दही वाली भिंडी को बनाया जाता है. यह बेहद कम समय में आसानी से बनकर तैयार हो जाती है. यदि आप भी कुछ भिंडी में कुछ अलग खाना चाहते हैं तो हमारी बताई यह रेसिपी ट्राई कर सकते हैं. तो आइए जानते हैं बेहद आसानी से दही वाली भिंडी बनाने का तरीका-

दही वाली भिंडी के लिए जरूरी सामग्री

1 किलो- भिंडी
2- बारीक कटा प्याज
2 कप- दही
1 टी स्पून- जीरा
1 टी स्पून- कसूरी मेथी
1-2- तेजपत्ता
2- फली इलायची
1 टी स्पून- अदरक-लहसुन पेस्ट
1 टी स्पून- लाल मिर्च पाउडर
2 टेबलस्पून- हरी धनिया पत्ती कटी
1 टी स्पून- हल्दी पाउडर
1 टी स्पून- जीरा पाउडर
1 टी स्पून- गरम मसाला
तेल- अंदाजानुसार
नमक- स्वादानुसार

घर पर दही वाली भिंडी बनाने के लिए भिंडी को धोकर अच्छे से पानी साफ कर लें. फिर भिंडी को बड़े-बड़े टुकड़ों में काट लें. अब प्याज और धनिया पत्ती भी काट लें. इसके बाद एक कढ़ाही में 2 बड़े चम्मच तेल डालकर मीडियम आंच पर गर्म करें. इसके बाद उस तेल में कटी भिंडी डालकर रंग बदलने तक भूनें. जब भिंडी तल जाएं तो उन्हें एक प्लेट में उतारकर अलग रख दें.

अब फिर कढ़ाही में दो चम्मच तेल डालें और जीरा, कसूरी मेथी, तेजपत्ता और फली इलायची डालकर भूनें. जब मसालों में से खुशबू आने लगे तो उसमें कटी प्याज और अदरक-लहसुन पेस्ट डालकर चलाते हुए सॉट करें. प्याज का रंग जब सुनहरा भूरा हो जाए तो उसमें हल्दी, लाल मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर, जीरा पाउडर और गरम मसाला डालकर पकाएं. इस बीच एक बाउल में दही लें और उसे अच्छी तरह से फेंट लें. मसाले जब खुशबू देने लगें तो उसमें फेंटा हुआ दही डालें और धीमी आंच पर पकाएं. जब मिश्रण तेल न छोड़ दे तब उतार लें.

अंत में दही में तली भिंडी और स्वादानुसार नमक डालकर 5 मिनट के लिए छोड़ दें. इसके बाद गैस बंद कर दें. इस तरह से दही वाली भिंडी बनकर तैयार है. आप चाहें तो ऊपर से हरी धनिया भी डाल सकते हैं. अब इसे रोटी, पराठा या पूड़ी के साथ सर्व कर सकते हैं.

 

Tikkar Roti Recipe: अहा… लाजवाब है राजस्थानी टिक्कड़ रोटी, स्‍वाद और सेहत का कॉम्बिनेशन, बनाने की ये है रेस‍िपी

Rajasthani Tikkar Roti Recipe: खाने के शौकीन हर रोज एक नई डिश ट्राई करते हैं. अगर आप भी कुछ नया खोज रहे हैं तो राजस्थानी टिक्कड़ रोटी एक शानदार ऑप्शन हो सकता है. बता दें कि, राजस्थानी टिक्कड़ रोटी पारंपरिक थाली का विशेष हिस्सा है, जो अपने अनोखे स्वाद और सेहतमंद गुणों के लिए मशहूर है. यह मोटे गेहूं के आटे, बेसन और घी के साथ हल्दी, लाल मिर्च, अजवाइन जैसे मसालों से तैयार होती है. इसलिए यह पाचन को बेहतर बनाती है और पेट में गैस या एसिडिटी जैसी समस्याओं से राहत दिलाती हैं. यही नहीं, इस रोटी में मौजूद तत्व हड्डियों में मजबूती और इम्यून बढ़ाने में भी कारगर है.

इसका मोटा और कुरकुरा स्वाद इसे बेहद स्वादिष्ट बनाता है. यह न केवल भोजन का हिस्सा है, बल्कि त्योहारों और खास अवसरों पर इसे पारंपरिक व्यंजन के रूप में परोसा जाता है. इसका स्वाद बच्चों से लेकर बड़ों तक को खूब भाता है. इसको आप घर आए मेहमानों को भी सर्व कर सकते हैं. यदि आप भी इसे घर ट्राई करना चाहते हैं तो हमारी बताई रेसिपी ट्राई कर सकते हैं. तो ये रही बनाने की आसान विधि-

राजस्थानी टिक्कड़ रोटी बनाने की सामग्री

बाजरा-गेहूं का म‍िक्‍स आटा- 2 कप
बेसन- 1 कप
घी- 2 स्पून
हल्दी- 1 स्पून
लाल मिर्च पाउडर- 1 स्पून
अजवाइन- 1 छोटा स्पून
नमक- स्वादानुसार
पानी- अंदाजानुसार

राजस्थानी टिक्कड़ रोटी बनाने की विधि

घर पर राजस्थानी टिक्कड़ रोटी बनाने के लिए एक बड़े बर्तन में आटा, बेसन, हल्दी, लाल मिर्च, अजवाइन और नमक मिलाएं. फिर इसमें घी डालकर अच्छी तरह तब तक मिलाएं, जबतक कि ताकि मिश्रण चिकना न हो जाए. इसके बाद धीरे-धीरे पानी डालते हुए सख्त आटा गूंथ लें. आटा तैयार होने के बाद इसकी लोइयां बनाएं और मोटी रोटियां बेलें. अब एक तवे पर धीमी आंच पर इस रोटी को डालें और दोनों तरफ घी लगाकर अच्छी तरह से सेंक लें. जब रोटी कुरकुरी और सुनहरी हो जाए तब किसी बर्तन में इसे निकाल लें. इसी तरह सभी आंटे की रोटियों को सेंक लेंगे. इस तरह से आपरी टिक्कड़ रोटी तैयार है. अब आप इसे रायता, लहसुन की चटनी या प्याज के साथ सर्व कर सकते हैं.

 

NATIONAL : इश्क में चोर बनी नौकरानी… जिस घर में करती थी झाड़ू-पोंछा वहीं से नकदी-ज्वेलरी कर दी पार.

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आरोपी महिला अपने प्रेमी के शौक पूरा करने के लिए जिस घर में झाड़ू पोंछा का काम करती थी, उसी घर में उसने लाखों की ज्वेलरी व नकदी पार कर दी. इन चोरी के गहनों और नकद रुपयों में से महिला ने कुछ गहने बेचकर सबसे पहले अपने प्रेमी के लिए लगभग सवा लाख रुपयों की नई राइडर मोटरसाइकिल खरीदी. बाकी सारी ज्वेलरी अपने प्रेमी के घर पर छुपा दिया, जिसे वो दोनों बाद में अपनी मौज मस्ती पर खर्च करने वाले थे.

यूपी के बहराइच में पुलिस ने घर में काम करने वाली एक बाई व उसके प्रेमी को चोरी के आरोप में जेल भेज दिया है. आरोपी महिला अपने प्रेमी के शौक पूरा करने के लिए जिस घर में झाड़ू पोंछा का काम करती थी, उसी घर में उसने लाखों की ज्वेलरी व नकदी पार कर दी. पुलिस ने महिला की तस्दीक पर प्रेमी के घर से चोरी के गहने भी बरामद किए हैं.

दरअसल, थाना कोतवाली नगर अंतर्गत काजीपुरा मोहल्ले की रहने वाली आरिवा पुत्री साबिर व उसके कथित प्रेमी अरुण सोनी की अजब प्रेम की गजब कहानी से हर कोई हैरत में है. अरुण की प्रेमिका आरिवा जो कि पास के ही घर में महज 800 रुपये महीने पर बतौर बाई घर में झाड़ू पोंछे का काम करती थी, उसने अपने प्रेमी के शौक पूरा करने के लिए घर की साफ सफाई करते-करते घर मालिक की पूरी तिजोरी ही साफ कर दी.

इन चोरी के गहनों और नकद रुपयों में से आरिवा ने कुछ गहने बेचकर सबसे पहले अपने प्रेमी के लिए लगभग सवा लाख रुपयों की नई राइडर मोटरसाइकिल खरीदी. बाकी सारी ज्वेलरी अपने प्रेमी के घर पर छुपा दिया, जिसे वो दोनों बाद में अपनी मौज मस्ती पर खर्च करने वाले थे.

 

MP : एमपी में हैवानियत की हदें पार! गैंगरेप के बाद महिला के शरीर में डाला हाथ, आंत बाहर, खून बहने से मौत

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एमपी के खंडवा जिले में आदिवासी महिला के साथ हैवानियत की सारी हदें पार हो गई. आरोपियों ने रेप के बाद महिला के शरीर में हाथ डाल दिया, जिससे उसकी आंत बाहर आ गई और मौत हो गई.

मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में एक आदिवासी महिला के साथ हुई गैंगरेप की दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है. पुलिस के अनुसार, वारदात के बाद एक आरोपी ने महिला के शरीर में हाथ डाल दिया, जिससे उसकी आंत बाहर आ गई और अत्यधिक खून बहने से उसकी मौत हो गई.

यह घटना शुक्रवार (23 मई) रात को जिले से 90 किलोमीटर दूर रोशनी पुलिस चौकी क्षेत्र में हुई. शनिवार (24 मई) दोपहर करीब 2.30 बजे महिला की मौत हो गई. पुलिस उपमहानिरीक्षक (आईजी) सिद्धार्थ बहुगुणा और जांच अधिकारी एवं कलवा थाने के प्रभारी निरीक्षक जगदीश सिंधिया ने बताया कि दो आरोपियों हरि (40) और सुनील (35) को गिरफ्तार कर लिया गया है.

जगदीश सिंधिया के अनुसार, यौन उत्पीड़न के बाद हरि ने महिला के शरीर में हाथ डाल दिया, जिससे उसकी आंत बाहर आ गई. आरोपी ने आंत को वापस डालने की कोशिश की, लेकिन विफल रहा. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि महिला के गर्भाशय को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है. फिलहाल पोस्टमार्टम की प्रारंभिक रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है.

पुलिस ने घटनास्थल से लोहे या लकड़ी की कोई छड़ बरामद नहीं की है, हालांकि, घटनास्थल से चारपाई से खून से सना हुआ ‘बेड रोल’ जब्त करने के लिए पुलिस आरोपी की रिमांड की तैयारी कर रही है. इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 66 (मौत का कारण बनना), 70(1) (सामूहिक बलात्कार) और 103(1) (हत्या की सजा) के तहत मामला दर्ज किया गया है. पीड़िता और दोनों आरोपी कोरकू आदिवासी समुदाय से संबंधित हैं.

इस हृदयविदारक घटना पर प्रदेश की सियासत भी गरमा गई है. प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस ने इस घटना को इंसानियत को शर्मसार करने वाला बताया और इसकी तुलना 2012 के दिल्ली के निर्भया कांड से की. मंदसौर की पूर्व सांसद एवं कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन ने सोशल मीडिया पर लिखा, “यह आदिवासी निर्भया जैसा मामला है. सरकार की चुप्पी शर्मनाक है.” जनता और सामाजिक संगठनों ने भी आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की है. प्रदेश में आदिवासी महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं.

 

GUJARAT : अहमदाबाद में अवैध गर्भपात रैकेट का भंडाफोड़… गेस्ट हाउस से भ्रूण समेत 3 महिलाएं गिरफ्तार

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अहमदाबाद ग्राम्य के बावला स्थित पनामा गेस्ट हाउस में अवैध गर्भपात रैकेट का पर्दाफाश हुआ. SOG और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त कार्रवाई में नर्सिंग कोर्स कर चुकी हेमलताबेन समेत तीन महिलाएं गिरफ्तार हुईं. मौके से एक भ्रूण भी बरामद हुआ है. आरोपी बिना मेडिकल अनुमति गर्भवती महिलाओं से मोटी रकम लेकर गर्भपात करवा रही थी. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

अहमदाबाद ग्राम्य के बावला क्षेत्र में स्थित पनामा गेस्ट हाउस से पुलिस ने एक अवैध गर्भपात रैकेट का भंडाफोड़ किया है. अहमदाबाद ग्राम्य की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ मिलकर गेस्ट हाउस पर छापेमारी कर तीन महिलाओं को गिरफ्तार किया. यह कार्रवाई तब हुई जब पुलिस को इनपुट मिला कि यहां बिना किसी मेडिकल प्रैक्टिस के गैरकानूनी तरीके से गर्भपात किया जा रहा है. छापे के दौरान मौके से एक भ्रूण भी बरामद हुआ है, जिससे पुष्टि हुई कि हाल ही में एक महिला का गर्भपात करवाया गया है.

गिरफ्तार महिलाओं में मुख्य आरोपी मूल रूप से धोलका के कलिकुण्ड की निवासी हेमलताबेन ने नर्सिंग का कोर्स किया हुआ है और पहले संतोकबा अस्पताल में डॉक्टर के साथ काम कर चुकी है. उसी अनुभव के आधार पर वह गर्भपात की प्रक्रिया को अंजाम देती थी. हेमलता गर्भवती महिलाओं से संपर्क कर मोटी रकम वसूलती थी और बावला स्थित गेस्ट हाउस में रूम किराए पर लेकर अवैध गर्भपात करवाती थी.

डीवाईएसपी नीलम गोस्वामी ने बताया कि एएसआई भरतसिंह खुमानसिंह को पेट्रोलिंग के दौरान सूचना मिली थी कि पनामा गेस्ट हाउस के रूम नंबर 105 में गर्भपात की प्रक्रिया चल रही है. सूचना पक्की होने के बाद SOG टीम ने स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ मिलकर छापेमारी की और महिलाओं को रंगे हाथों पकड़ लिया.

गिरफ्तार महिलाओं के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 91, 92, 54 तथा मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेगनेंसी अधिनियम 1971 की धारा 5(2) और 5(3) के तहत बावला पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई है. पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस रैकेट में और कौन-कौन शामिल हैं और क्या इसमें किसी अस्पताल या मेडिकल स्टाफ की संलिप्तता रही है.

BOPAL : भूल से निगल गया नकली दांत तो आहार नली में जा फंसे, खाना और बोलना तक हुआ मुश्किल, डॉक्टरों ने बिना सर्जरी बाहर निकाले

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54 साल का मरीज लंबे समय से भोजन निगलने में असमर्थ था और सिर्फ तरल पदार्थों के सहारे जीवन यापन कर रहा था. उसे बोलने में भी कठिनाई हो रही थी. इलाज के लिए उसने ललितपुर, झांसी, ग्वालियर और भोपाल के कई अस्पतालों में चक्कर लगाए. जांच में पता चला कि उसकी आहार नली में दांत फंसे हुए थे.

भोपाल मेमोरियल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर (BMHRC) में आया एक अनोखा मामला चर्चा में है. गैस्ट्रो मेडिसिन डिपार्टमेंट के डॉक्टरों ने मरीज की आहार नली में फंसे दांतों को बिना सर्जरी के निकाल दिया. एंडोस्कोपी के जरिए दांतों को बाहर निकाला गया, जिससे मरीज की जान गंभीर खतरे से बच गई.

उत्तर प्रदेश के ललितपुर का रहने वाला 54 वर्षीय मरीज लंबे समय से भोजन निगलने में असमर्थ था और सिर्फ तरल पदार्थों के सहारे जीवन यापन कर रहा था. उसे बोलने में भी कठिनाई हो रही थी. इलाज के लिए उसने ललितपुर, झांसी, ग्वालियर और भोपाल के कई अस्पतालों में चक्कर लगाए. जांच में पता चला कि उसकी आहार नली में एक कठोर वस्तु, संभवतः दांत, फंसी हुई थी. ग्वालियर में एंडोस्कोपी का प्रयास असफल रहा था. अन्य अस्पतालों के डॉक्टरों ने सर्जरी की सलाह दी, लेकिन मरीज की उम्र और स्थिति को देखते हुए यह जोखिमपूर्ण और जानलेवा हो सकता था.

मरीज जब राजधानी भोपाल के बीएमएचआरसी पहुंचा, तो उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उसी दिन आपातकालीन एंडोस्कोपी की गई. गैस्ट्रोएंटरोलॉजी डिपार्टमेंट की विजिटिंग कंसल्टेंट डॉ. तृप्ति मिश्रा के नेतृत्व में एंडोस्कोपी टीम ने सावधानीपूर्वक यह जटिल प्रक्रिया पूरी की और दांत को सुरक्षित निकाल लिया.

प्रक्रिया के दौरान मरीज की निरंतर निगरानी की गई, जिससे किसी भी जटिलता से बचा जा सका. अब मरीज सामान्य रूप से भोजन कर पा रहा है और बोलने में भी राहत महसूस कर रहा है.बीएमएचआरसी की निदेशक प्रभारी डॉ. मनीषा श्रीवास्तव ने कहा, ”यह मामला हमारे संस्थान की चिकित्सकीय सजगता, टीमवर्क और तकनीकी दक्षता का उत्कृष्ट उदाहरण है. गंभीर और जटिल मामलों में भी हम त्वरित और जीवनरक्षक निर्णय लेने के लिए प्रतिबद्ध हैं. यह सफलता दर्शाती है कि विशेषज्ञता और तत्परता मिलकर असंभव को संभव बना सकते हैं. बीएमएचआरसी न केवल गैस पीड़ितों, बल्कि हर जरूरतमंद मरीज के लिए एक भरोसेमंद केंद्र है.”

NATIONAL : ‘जख्मों पर कुछ मरहम लगा…,’ रेखा गुप्ता सरकार के इस कदम से 1984 सिख विरोधी दंगा पीड़ितों को राहत

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एक पीड़ित परिवार ने बताया कि कैसे आज से 40 साल पहले उनके पिता को उनकी आंखों के सामने ही मार डाला गया था. दीपक सेठी के मुताबिक उनके जख्म तब भरेंगे जब दंगे के आरोपियों को फांसी होगी.

1984 Anti Sikh Riot: दिल्ली में 1984 सिख विरोधी दंगों के 19 पीड़ित परिवारों के लिए 40 साल बाद मंगलवार को राहत और सम्मान भरा दिन रहा. दिल्ली सरकार ने आज दिल्ली सचिवालय में आयोजित कार्यक्रम में 19 पीड़ित परिवारों के सदस्यों को सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र (Appointment Letter) सौंपे. ये नियुक्ति पत्र दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने इन पीड़ित परिवारों के सदस्यों को सौंपे.

नियुक्ति पत्र पाने वाले दीपक सेठी और मनजीत सिंह ने एबीपी न्यूज़ से बातचीत में अपने परिजनों की मौत का दर्द साझा किया और बताया कि कैसे आज से 40 साल पहले उनके पिता को उनकी आंखों के सामने ही मार डाला गया था. ऐसे में दोनों के मुताबिक आज सरकारी नौकरी का नियुक्ति पत्र मिलने के बाद इनके मुताबिक उनके जख्मों पर कुछ मरहम लगा है साथ ही दीपक सेठी के मुताबिक उनके जख्म तब भरेंगे जब दंगे के आरोपियों को फांसी होगी.

दिल्ली सरकार के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा, जो दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पूर्व अध्यक्ष भी रहे हैं. उन्होंने एबीपी न्यूज़ से कहा कि 1984 के दंगा पीड़ितों की लड़ाई को वह वर्षों से कोर्ट और सड़कों पर लड़ते आ रहे हैं और अब इसका परिणाम मिला है. साथ ही दिल्ली सरकार के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने दावा किया कि ये सब आम आदमी पार्टी की 10 सालों की सरकार में भी हो सकता था जो उनकी सरकार ने 100 दिन में कर दिखाया.

बताते चलें दिल्ली सरकार ने मंगलवार को जानकारी दी कि 1984 दंगा पीड़ित कुल 125 परिवारों को चिह्नित किया है, जिनमें से 19 को आज नौकरी के लिए नियुक्ति पत्र दिए गए. बताते चलें इससे पहले नवंबर 2024 में दंगा पीड़ित 47 परिवारों के सदस्य को नौकरी का ऑफर लेटर दिया गया था और जनवरी में 57 परिवारो को लेकिन उम्र और शिक्षा जैसी शर्तों के कारण कई पीड़ित परिवार वंचित रह गए थे जिसके बाद इसी साल जनवरी में उपराज्यपाल ने उम्र और शिक्ष की इन शर्तों को हटाने का फैसला किया, जिसके बाद नौकरी पाने वाले परिवारों की संख्या में 125 और सदस्यों का इजाफा हुआ है.

1984 दंगे के पीड़ित परिवारों के सदस्यों को मिले नियुक्ति प्रमाण पत्र (Appointment Letter) के मुताबिक इनकी नौकरी दिल्ली सरकार के ऑफिस में ग्रेड 1 पे स्केल पर होगी और 2 साल का प्रोबेशन पीरियड रहेगा. बताते चलें कि राजधानी दिल्ली समेत कई हिस्सों में हुए 1984 के सिख विरोधी दंगों में 2,000 से ज्यादा लोगों की जान गई थी और हजारों परिवार उजड़ गए थे.

दंगा पीड़ित परिवारों के सदस्यों को नौकरी के नियुक्ति पत्र के अलावा आज कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक और बड़ी घोषणा की. उन्होंने कहा कि इमरजेंसी के दौरान जेल में बंद रहे लोकतंत्र समर्थकों को भी दिल्ली सरकार पेंशन देगी. साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि दिल्ली सरकार अपने सभी वादों को चरणबद्ध तरीके से पूरा करेगी.

 

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