Saturday, September 19, 2026
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NATIONAL : ‘संसद मार्च को बनाएं कामयाब…’, बिगड़ती तबीयत के बीच आया वांगचुक का पहला मैसेज, पत्नी बोलीं- सफदरजंग के डॉक्टरों पर भरोसा नहीं

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सोनम वांगचुक की बिगड़ती तबीयत के बीच अस्पताल से उनका पहला संदेश सामने आया है. उन्होंने समर्थकों से संसद मार्च को कामयाब बनाने की अपील की. जानिए उनकी सेहत से जुड़ा ताजा अपडेट और संसद मार्च को लेकर पूरा मामला.

NEET पेपर लीक मामले में भूख हड़ताल पर बैठे लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक ने नई दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल से अपने समर्थकों के लिए पहला संदेश भेजा है. जंतर-मंतर पर चल रही उनकी लंबी भूख हड़ताल के दौरान अस्पताल ले जाए जाने के बाद उन्होंने इसे ‘गैरकानूनी हिरासत’ करार दिया. साथ ही उन्होंने अपने समर्थकों से 20 जुलाई को प्रस्तावित संसद मार्च में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की. वहीं सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. आंगमो ने उन्हें प्राइवेट अस्पताल में भर्ती करवाने की मांग की है.

59 वर्षीय वांगचुक का अस्पताल से ये पहला मैसेज उनकी पत्नी गीतांजलि जे. आंगमो के माध्यम से सामने आया. यह संदेश हाथ से लिखे एक कागज पर था, जिसकी तस्वीर उनके आधिकारिक एक्स अकाउंट पर साझा की गई. अपने संदेश में वांगचुक ने कहा कि उनका आंदोलन केवल एक व्यक्ति का संघर्ष नहीं, बल्कि देश को भय और अन्याय से मुक्त बनाने की दिशा में एक व्यापक अभियान है. उन्होंने इसे ‘भारत का दूसरा आजादी आंदोलन’ बताया.

एक तरफ जहां सोनम वांगचुक ने एक्स के माध्यम से सफदरजंग अस्पताल से अपना पहला संदेश आंदोलनकारियों के लिए भेजा है तो वहीं वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. आंगमो ने अपने पति को प्राइवेट अस्पताल में भर्ती करवाने की मांग कर दी है. गीतांजलि जे. आंगमो ने कहा कि उन्हें सफदरजंग या किसी भी सरकारी अस्पताल के डॉक्टरों पर भरोसा नहीं है. अब देखना ये है कि सरकार उनकी इस मांग को पूरा करती है या इनकार करती है.

पेपर लीक समेत कई मुद्दों का किया उल्लेख
वांगचुक ने अपने मैसेज में पेपर लीक जैसे मुद्दों का भी जिक्र किया. उनका कहना है कि समाज को ऐसी व्यवस्थाओं से मुक्ति मिलनी चाहिए, जहां आम लोगों के साथ अन्याय हो. उन्होंने इस आंदोलन को न्याय, पारदर्शिता और जवाबदेही से जोड़ते हुए लोगों से इसमें सक्रिय भागीदारी की अपील की.

21वें दिन पुलिस ने अस्पताल पहुंचाया
शनिवार को भूख हड़ताल के 21वें दिन दिल्ली पुलिस वांगचुक को जंतर-मंतर से सफदरजंग अस्पताल ले गई थी. इसके बाद उन्होंने पहली बार सार्वजनिक रूप से अपनी प्रतिक्रिया दी और अस्पताल में भर्ती किए जाने की कार्रवाई पर सवाल उठाए.

डॉक्टरों की निगरानी में चल रहा इलाज
रविवार को सफदरजंग अस्पताल की ओर से जारी स्वास्थ्य बुलेटिन में बताया गया कि सोनम वांगचुक की हालत फिलहाल स्थिर है और स्पेशल डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है. अस्पताल के अनुसार, उनके जरूरी शारीरिक संकेत (वाइटल पैरामीटर) फिलहाल सामान्य हैं, लेकिन लंबे समय तक उपवास रहने की वजह से कुछ रक्त संबंधी मानकों में हल्के बदलाव देखे गए हैं. इसी कारण उन्हें लगातार चिकित्सकीय देखरेख में रखा गया है.

इलाज को लेकर भी सामने आई जानकारी
इससे पहले शनिवार को अस्पताल ने जानकारी दी थी कि डॉक्टरों की सलाह के बावजूद वांगचुक ने नसों के जरिए दिए जाने वाले तरल पदार्थ (IV Fluids), ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन (ORS) और दवाएं लेने से इनकार कर दिया था. अस्पताल का कहना था कि उपचार कर रही मेडिकल टीम और एम्स के एक स्पेशलिस्ट ने उन्हें समझाने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने ट्रीटमेंट को एक्सेप्ट नहीं किया. वहीं, अस्पताल ने यह भी बताया कि जरूरी मेडिकल प्रोसेस के लिए परिवार की इजाजत का इंतजार किया जा रहा था.

NATIONAL : संसद भवन के पास पहुंचे CJP के प्रदर्शनकारी, पुलिस ने दागे आंसू गैस के गोले

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कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शनकारी संसद भवन के पास पहुंच गए हैं. इस प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा बढ़ा दी गई है. संसद भवन के मुख्य गेट को बंद कर दिया गया है. भीड़ को काबू में करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे.

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शनकारी संसद भवन के पास पहुंच गए हैं. बड़ी संख्या में पहुंचे प्रदर्शनकारियों को देखते हुए वहां की सुरक्षा बढ़ा दी गई है. संसद भवन के मुख्य गेट को बंद कर दिया गया है. भीड़ को काबू में करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे. दिल्ली पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया. RBI के पास से इन्हें पकड़ा गया है. प्रदर्शनकारी रेल भवन और प्रेस क्लब के पास धरने पर बैठे हैं. वहीं, इस बीच खबर है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिलने पहुंचे हैं.

संसद भवन में दोनों की मुलाकात हो रही है. सीजेपी प्रोटेस्ट के बीच इस मुलाकात को काफी अहम माना जा रहा है. उधर, सरकार ने भी सीजेपी के नेताओं को मिलने के लिए बुलाया है. सूत्रों के मुताबिक, कॉकरोच जनता पार्टी की तरफ से आशुतोष रांका और सौरव दास केंदीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात करने गए हैं. CJP का दावा है कि सरकार ने सुबह बातचीत के लिए संपर्क किया था.

वहीं, इस विरोध प्रदर्शन के बीच दिल्ली के पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार संसद मार्ग थाने पहुंचे हैं. उधर, बार-बार संसद की कार्यवाही स्थगित होने और संसद गेट बंद किए जाने को लेकर सांसद जगदम्बिका पाल ने किसी भी सांसद को गेट पर नहीं रोका जा रहा है. केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने नाराजगी जताई कि ऐसा चला तो सदन कैसे चलेगा.

लाठी चार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़े जाने की घटना को लेकर दिल्ली के पूर्व सीएम और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हमारे बच्चों पर लाठी चार्ज कर रहे हैं, आंसू गैस के गोले छोड़े जा रहे हैं. ऐसा लगता है कि मोदी जी ने शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा व्यवस्था ठीक करने की बजाय देश के युवाओं पर सीधे हमला बोल दिया है. युवा मोदी जी का अहंकार कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे.

इससे पहले पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया था, जब वे जंतर-मंतर से संसद की तरफ आगे बढ़ रहे थे. दरअसल, संसद के मानसून सत्र और CJP के संसद मार्च को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने राजधानी में पहले से ही सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी थी. नयी दिल्ली में बीएनएसएस की धारा 163 लागू कर दी गई थी. CJP के प्रोटेस्ट में शामिल होने कई दलों के नेता पहुंचे थे.

आम आदमी पार्टी के मनीष सिसोदिया, संजय सिंह, आजाद समाज पार्टी के चीफ और यूपी के नगीना से सांसद चंद्रशेखर भी पहुंचे थे. इसके अलावा एक्टर प्रकाश राज, सोनम वांगचुक की पत्नि गीताजंलि भी पहुंची थीं. CJP ने 20 जुलाई को संसद तक मार्च करने का प्रस्ताव रखा था.

युवाओं के साथ अन्याय हो रहा है- चंद्रशेखर आजाद
आजाद समाज पार्टी कांशी राम के प्रमुख और सांसद चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि सरकार अपना ‘धर्म’ निभा रही है, पुलिस अपना ‘धर्म’ निभा रही है और मैं इस मिट्टी के प्रति अपना फर्ज निभाने के लिए इस संघर्ष का हिस्सा बना हूं. एक भारतीय युवा होने के नाते, मैं युवाओं का दर्द समझता हूं. मैं उनकी आवाज बनने और उनके साथ खड़े होने के लिए यहां आया हूं. उनके साथ अन्याय हो रहा है. सरकार ऐसा होने दे रही है.

पटेल चौक समेत इन स्टेशनों पर एंट्री-एग्जिट बंद
कॉकरोच जनता पार्टी के विरोध मार्च को देखते हुए दिल्ली मेट्रो रेल निगम ने पांच मेट्रों स्टेशन (राजीव चौक, जनपथ, पटेल चौक, केंद्रीय सचिवालय और सेवा तीर्थ) की एंट्री-एग्जिट अस्थायी रूप से बंद कर दी थी.

अनुमति न मिलने के बाद भी बड़ी संख्या में जुटे समर्थक
बता दें कि कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने यह मार्च (जंतर-मंतर से संसद तक) बुलाया था. दिल्ली पुलिस ने इसकी अनुमति नहीं दी थी फिर भी बड़ी संख्या में उनके समर्थक जंतर-मंतर पर जुटे थे. कई विपक्षी नेता भी वहां पहुंचे थे. मार्च के दौरान जंतर-मंतर पर भारी भीड़ थी. कॉकरोच जनता पार्टी का यह प्रोटेस्ट पेपर लीक और युवा बेरोजगारी के मुद्दों पर हो रहा है.

सीजेपी ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग की है. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बड़े पैमाने पर पेपर लीक हो रहा है. छात्र आत्महत्याएं कर रहे हैं. मगर इसकी जवाबदेही कोई नहीं ले रहा है.

WORLD : एंडी बर्नहैम बने ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री, कीर स्टार्मर की जगह संभाला पद

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लंदन: ब्रिटेन की लेबर पार्टी के नए नेता चुने गए एंडी बर्नहैम ने देश के नए प्रधानमंत्री का पद संभाल लिया है. किंग ऑफ द नॉर्थ के नाम से मशहूर एंडी बर्नहैम कीर स्टार्मर के इस्तीफे के बाद प्रधानमंत्री बनने की दौड़ में सबसे आगे थे. उनका मुख्य लक्ष्य लोकलुभावन पार्टी रिफॉर्म यूके के बढ़ते प्रभाव को रोकना है. ब्रिटेन में राजनीतिक हलचल के बीच पिछले एक दशक में देश को उसका सातवां प्रधानमंत्री मिल गया है.

लेबर पार्टी के नेता एंडी बर्नहैम को बीते सप्ताह शुक्रवार को ही पार्टी का नया मुखिया चुना गया था. लेबर पार्टी की नेशनल एग्जीक्यूटिव कमेटी (एनईसी) की चेयर शबाना महमूद ने लंदन में पार्टी के एक विशेष सम्मेलन में यह घोषणा की थी. उन्होंने कहा, सिर्फ एक ही सांसद नॉमिनेट हुआ था. इसलिए मुकाबला आसान रहा. वहीं, बर्नहैम ने लेबर पार्टी का नेता चुने जाने को पिछले 40 वर्षों में देश की राजनीति का सबसे बड़ा बदलाव बताया था.

बर्नहैम पार्टी के नए नेता बनने की दौड़ में अकेले उम्मीदवार थे, उन्होंने हाउस ऑफ कॉमन्स में लेबर पार्टी के 403 सांसदों में से 379 का नामांकन हासिल किया.

ब्रिटेन की संसदीय लोकतंत्र व्यवस्था में सत्ताधारी पार्टियों को आम चुनाव कराए बिना अपने नेता और इस तरह प्रधानमंत्री को बदलने की छूट होती है. अगले आम चुनाव 2029 तक कराने की जरूरत नहीं है, हालांकि अगर बर्नहैम चाहें तो वे पहले भी चुनाव करवा सकते हैं.

ग्रेटर मैनचेस्टर के पूर्व मेयर बर्नहैम ने राजनीति को “कम जहरीला” बनाने, लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने और “उस उम्मीद को वापस लाने, जिसे हम सब खो चुके हैं,” का वादा किया है. शुक्रवार को लेबर पार्टी का नेता बनने के बाद उन्होंने कहा, “मैं एक नई राजनीति बनाने के लिए काम करूंगा. देश को इसकी सख्त जरूरत है.” आलोचक और समर्थक जल्द ही ये जानना चाहेंगे कि बर्नहैम अपने वादों को कैसे पूरा करने की योजना बना रहे हैं.

वहीं केअर स्टार्मर ने सोमवार को ब्रिटेन के प्रधानमंत्री के रूप में 10 डाउनिंग स्ट्रीट से अपना अंतिम संबोधन दिया और कहा, ‘‘मेरा काम पूरा हो गया है.’’ स्टार्मर ने ब्रिटेन के राजा चार्ल्स तृतीय से मुलाकात करके औपचारिक रूप से अपना इस्तीफा सौंपने से पहले मीडिया को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘मैं जिम्मेदारी एंडी बर्नहैम को सौंप रहा हूं, जिन्हें मेरा पूरा समर्थन है.’’

लेबर सांसद स्टार्मर (63) ने पिछले महीने पद छोड़ने की घोषणा की थी. उनके बाद नवनिर्वाचित पार्टी नेता एंडी बर्नहैम बकिंघम पैलेस जाएंगे, जहां चार्ल्स उन्हें नयी सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करेंगे. बर्नहैम (56) इसके बाद ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री के रूप में पदभार ग्रहण करेंगे और बकिंघम पैलेस से 10 डाउनिंग स्ट्रीट लौटकर राष्ट्र के नाम अपना पहला संबोधन देंगे.

WORLD : अमेरिका का ईरान पर बड़ा अटैक, मिसाइल-ड्रोन साइट्स को बनाया निशाना… होर्मुज में कार्गो शिप पर हमले का लिया बदला

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अमेरिकी सेना ने पलटवार करते हुए ईरान के भीतर हवाई हमले किए. अमेरिकी विमानों ने ईरान की मिसाइल, ड्रोन स्टोरेज और कोस्टल रडार साइट्स को निशाना बनाया. लगी है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजर रहे कार्गो शिप पर ईरानी हमले से ट्रंप प्रशासन बौखला गया है. ताजा कार्रवाई में अमेरिका ने शुक्रवार को ईरान के मिसाइल और ड्रोन साइट्स को निशाना बनाया.

स्विट्जरलैंड में दोनों देशों के बीच हुए नाजुक समझौते (मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग) के बाद यह अमेरिका की पहली प्रत्यक्ष सैन्य कार्रवाई मानी जा रही है.

ये हमले उस समय हुए, जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इशारा किया था कि वॉशिंगटन स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ईरान के एक्शन का जवाब देने की तैयारी कर रहा है. पत्रकारों द्वारा पूछे जाने पर कि क्या अमेरिका जवाबी कार्रवाई करेगा, ट्रंप ने कहा था- आपको जल्द ही पता चल जाएगा.

अमेरिकी सेना का कहना है कि ईरान ने 25 जून को सिंगापुर के ध्वज वाले मालवाहक जहाज- M/V Ever Lovely पर ड्रोन से हमला किया था. यह शिप होर्मुज से बाहर निकलते समय ओमान के तट के पास से गुजर रहा था, तभी उस पर अटैक हुआ. अमेरिका ने ईरान की इस कार्रवाई को युद्धविराम का स्पष्ट उल्लंघन बताया था.

CENTCOM ने बयान जारी कर कहा कि अमेरिकी सेना क्षेत्र में मौजूद है. वह पूरी सतर्कता के साथ यह सुनिश्चित कर रही है कि ईरान के साथ हुए समझौते के सभी प्रावधानों का पूरी तरह पालन किया जाए. साथ ही होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षित आवाजाही हो.

इससे पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में ट्रंप ने दावा किया कि ईरान ने रणनीतिक जलमार्ग से गुजर रहे जहाजों पर चार वन-वे अटैक ड्रोन दागे. उन्होंने इस हमले को दोनों देशों के बीच संघर्ष-विराम समझौते का मूर्खतापूर्ण उल्लंघन बताया था.

ENTERTAINMENT : सलमान के बाद लारेंस बिश्नोई के निशाने पर आमिर खान, सोशल मीडिया पर दी धमकी, लिखा- लव जिहाद…

बॉलीवुड के ‘मिस्टर परफेक्शनिस्ट’ आमिर खान अपनी तीसरी शादी के बाद से ही चर्चा में हैं. पहले ही उनपर लव जिहाद का आरोप लग रहा है, जिसका वो जवाब दे चुके हैं. वहीं, एक्टर के खिलाफ फतवा भी जारी कर दिया गया है. इसी बीच वो लॉरेंस बिश्नोई गैंग के निशाने पर आ गए हैं. उन्हें सोशल मीडिया के जरिए धमकी मिली है.

बॉलीवुड के मिस्टर परफेक्शनिस्ट आमिर खान ने 5 जुलाई 2026 को तीसरी शादी की है. उन्होंने अपनी लॉन्ग-टाइम पार्टनर गौरी स्प्रैट को ही अपना हमसफर चुना, लेकिन उसके बाद से ही चर्चा में हैं. एक्टर पर कई धार्मिक संगठन और राजनेता लव जिहाद का आरोप लगाते हुए नजर आए हैं. जिसका कुछ दिनों पहले ही आमिर खान ने जवाब भी दिया था और कहा कि- उनकी किसी भी पत्नी ने इस्लाम नहीं कबूला है. यहां तक कि तीसरी पत्नी गौरी स्प्रैट हिंदू नहीं, बल्कि क्रिश्चियन हैं. पर यहीं उनकी मुश्किलें खत्म नहीं हुई हैं. सलमान खान के बाद अब आमिर खान भी लॉरेंस बिश्नोई गैंग के निशाने पर आ गए हैं. उन्हें सोशल मीडिया के जरिए धमकी मिली है. साथ ही पोस्ट में लिखा कि- ”संस्कृति के खिलाफ हमारे देश में लव जिहाद के नाम पर आमिर खान जैसे लोग इसे बढ़ावा दे रहे हैं.”

लॉरेंस बिश्नोई गैंग की तरफ से आरजू बिश्नोई और टायसन बिश्नोई का सोशल मीडिया पर पोस्ट और ऑडियो सामने आया है. जिसमें लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने आमिर खान को धमकी दी है. इसमें लिखा है- ”मैं Aarzoo Bishnoi और Tyson Bishnoi (लॉरेंस बिश्नोई ग्रुप). हमारी संस्कृति के खिलाफ हमारे देश में लव जिहाद के नाम पर आमिर खान जैसे लोग इसे बढ़ावा दे रहे हैं. इसका जवाब बहुत जल्द इसे दे दिया जाएगा. ये चीज हमारे सनातन धर्म में और देश के खिलाफ है.”

लॉरेंस बिश्नोई ग्रुप की तरफ से आए इस पोस्ट पर आगे लिखा गया- ” हमारा हमारे भाई-बहनों और देशवासियों से वादा है कि जो भी इस घटिया हरकत को बढ़ावा देगा. उसको हम अपने तरीके से जवाब देंगे. ये जो स्टारडम के नाम पर इस चीज को बढ़ावा दे रहे हैं, इनकी हम सांसें दबा लेंगे.” आगे लिखा- ”ये जो श्री गंगानगर, राजस्थान में मासूम बच्ची के साथ हुआ है. इसमें प्रशासन ने बहुत अच्छा काम किया, लेकिन कुछ राजनीतिक लोग इनमें से कुछ दरिंदों को बचा रहे हैं. हमारी पहली और आखिरी चेतावनी है, उस मासूम बच्ची के साथ जो हुआ उसमें एक परसेंट भी कोई शामिल है और कानून से बच गया. उसको तो हम सजा देंगे.” दरअसल यह पहली बार नहीं है, जब फिल्मी सितारों को लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने धमकी दी हो.

काला हिरण मामले में कई सालों से लॉरेंस बिश्नोई सलमान खान के पीछे पड़ा है. कई बार उन्हें जान से मारने की धमकी दी जा चुकी हैं. यहां तक कि उनके घर पर फायरिंग भी हुई थी. जिसके बाद उनकी सुरक्षा बढ़ा दी गई है. लेकिन सलमान खान के बाद भी कई सिंगर्स को धमकी मिली है. दरअसल आमिर खान के खिलाफ जो पोस्ट सोशल मीडिया पर लिखा है और जो ऑडियो सामने आया है, उसकी हम पुष्टि नहीं करते हैं.

NATIONAL : मेरी अनुमति के बिना सोनम वांगचुक का कोई इलाज न किया जाए: पत्नी ने कहा

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दिल्ली के जंतर मंतर पर भूख हड़ताल कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस द्वारा शनिवार को सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराए जाने के बीच उनकी पत्नी गीतांजलि जे. आंग्मो ने कहा कि उनकी अनुमति के बिना वांगचुक का किसी भी प्रकार का उपचार नहीं किया जाना चाहिए।वांगचुक को शनिवार को उनके अनशन के 21वें दिन सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया।

गीतांजलि आंग्मो ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘वह सफदरजंग अस्पताल में हैं। मैं स्पष्ट रूप से कहती हूं कि मेरी अनुमति के बिना उन्हें कोई दवा नहीं दी जाए या कोई इलाज न किया जाए। मेरी सहमति के बिना कोई उपचार शुरू नहीं होना चाहिए। यदि कुछ भी होता है, तो मैं सभी को जिम्मेदार मानूंगी।’’
उन्होंने वांगचुक को अस्पताल में भर्ती कराए जाने के फैसले पर भी सवाल उठाए और कहा कि वांगचुक शुक्रवार को ठीक दिख रहे थे।

आंग्मो ने कहा, ‘‘कल वह बिल्कुल ठीक थे। उन्हें अस्पताल ले जाने की जरूरत नहीं थी। अनुच्छेद 32 के तहत यह मेरा अधिकार है। मेरी और मेरे डॉक्टर की अनुमति के बिना उन्हें कोई उपचार नहीं दिया जाना चाहिए।’’वहीं, दिल्ली पुलिस ने कहा है कि विशेषज्ञ चिकित्सकों की सलाह और दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में सोनम वांगचुक को ‘आवश्यक चिकित्सकीय देखभाल’ के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

पुलिस ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे लोगों से आंदोलन समाप्त करने की अपील करते हुए कहा, ‘‘हम प्रदर्शनकारियों से अनुरोध करते हैं कि वे शांतिपूर्वक तरीके से और जल्द से जल्द जंतर-मंतर स्थल खाली करें।’’वहीं, शुक्रवार रात जारी एक वीडियो संदेश में वांगचुक ने कहा था कि बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति के बावजूद वह अपना अनशन जारी रखने के लिए दृढ़ हैं और कहा कि भूख हड़ताल के दौरान ‘‘मेरा 20 प्रतिशत शरीर क्षीण हो गया है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘प्याज की कीमतों पर सरकारें गिर चुकी हैं। मेरे शरीर का 20 प्रतिशत हिस्सा क्षीण हो चुका है। अब समय आ गया है कि सरकार युवाओं की आवाज सुने।’’

सोनम वांगचुक कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के 28 जून से जारी उस आंदोलन के समर्थन में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं, जिसमें नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं और इस विवाद से जुड़े छात्रों की मौतों के मामले में कार्रवाई की मांग की जा रही है।

दिल्ली उच्च न्यायालय लगातार वांगचुक के स्वास्थ्य की निगरानी कर रहा है। अदालत ने निर्देश दिया है कि उनकी स्वास्थ्य स्थिति का नियमित चिकित्सकीय आकलन किया जाए और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें उचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।

NATIONAL : 20 दिन की भूख हड़ताल के बाद सोनम वांगचुक को पुलिस ने जंतर-मंतर से हटाया, सफदरजंग अस्पताल में कराया भर्ती

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लगातार 20 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे जलवायु कार्यकर्ता और शिक्षाविद् सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस ने शनिवार तड़के जंतर-मंतर से उठाकर सफदरजंग अस्पताल में भर्ती करा दिया है। पुलिस के मुताबिक, यह कदम दिल्ली हाई कोर्ट के उस आदेश के अनुपालन में उठाया गया है, जिसमें वांगचुक के स्वास्थ्य की निरंतर निगरानी करने और जरूरत पड़ने पर तुरंत डॉक्टरी सहायता मुहैया कराने के निर्देश दिए गए थे।

सोनम वांगचुक लद्दाख की विभिन्न मांगों को लेकर बीते 28 जून से कड़े उपवास पर थे। लंबे समय से अन्न का त्याग करने के कारण उनका स्वास्थ्य लगातार गिर रहा था। शुक्रवार को सामने आई एक मेडिकल रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ था कि इस अनशन के दौरान उनका वजन लगभग नौ किलोग्राम तक कम हो गया है और उनका वजन घटकर महज 56.55 किलोग्राम रह गया है। डॉक्टरों ने उनके शरीर में आ रही इस भारी कमजोरी को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की थी, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया।

शनिवार तड़के जब पुलिस टीम उन्हें चिकित्सा सहायता देने के उद्देश्य से जंतर-मंतर पहुंची, तो वहां मौजूद कुछ प्रदर्शनकारियों ने अदालती आदेश की तामील में रुकावट डालने की कोशिश की। इस वजह से मौके पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी और हंगामे की स्थिति बन गई। हालांकि, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने बेहद संयम का परिचय देते हुए पूरी प्रक्रिया को सुरक्षित तरीके से अंजाम दिया और वांगचुक को एम्बुलेंस के जरिए सफदरजंग अस्पताल पहुंचाया।

इस कार्रवाई के बाद पुलिस ने जंतर-मंतर पर डटे अन्य आंदोलनकारियों से भी कानून-व्यवस्था बनाए रखने और शांतिपूर्ण ढंग से धरनास्थल को खाली करने की अपील की है। फिलहाल, अस्पताल में डॉक्टरों की एक विशेष टीम सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य पर नजर रख रही है और उनका उपचार किया जा रहा है।

WORLD : फ्रांस का पाकिस्तान को बड़ा झटका, कराची में अपना दूतावास हमेशा के लिए करेगा बंद

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फ्रांस ने बजट कटौती और वैश्विक स्तर पर अपने राजनयिक नेटवर्क को छोटा करने की नीति के तहत कराची स्थित अपना कॉन्सुलेट स्थायी रूप से बंद करने का फैसला किया है। हालांकि पाकिस्तान के साथ कूटनीतिक, व्यापारिक और सांस्कृतिक संबंध इस्लामाबाद दूतावास तथा अन्य…

फ्रांस ने पाकिस्तान के कराची स्थित अपने महावाणिज्य दूतावास (कॉन्सुलेट जनरल) को स्थायी रूप से बंद करने का फैसला किया है। यह निर्णय फ्रांसीसी सरकार की वैश्विक स्तर पर बजट में कटौती और विदेशों में अपने राजनयिक नेटवर्क को छोटा एवं अधिक प्रभावी बनाने की नीति के तहत लिया गया है। कराची में फ्रांस के महावाणिज्यदूत एलेक्सिस शहताहतिंस्की (Alexis Chahtahtinsky) ने फ्रांस के राष्ट्रीय दिवस बैस्टिल डे (Bastille Day) के अवसर पर आयोजित समारोह में इस फैसले की घोषणा की।

उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कदम केवल वित्तीय कारणों से उठाया गया है और इसका पाकिस्तान के साथ फ्रांस के रिश्तों पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा।महावाणिज्यदूत ने कहा कि कराची स्थित मिशन बंद होने के बाद भी फ्रांस और पाकिस्तान के बीच राजनयिक, राजनीतिक और आर्थिक संबंध पहले की तरह मजबूत बने रहेंगे। भविष्य में अधिकांश कांसुलर और राजनयिक कार्य इस्लामाबाद स्थित फ्रांसीसी दूतावास के माध्यम से संचालित किए जाएंगे। फ्रांस ने स्पष्ट किया है कि कॉन्सुलेट बंद होने का मतलब यह नहीं है कि वह कराची से पूरी तरह हट रहा है। शहर में फ्रांस की मौजूदगी तीन प्रमुख संस्थाओं के जरिए जारी रहेगी।

AHMEDABAD : अहमदाबाद में पटाखा फैक्ट्री में भीषण धमाका, 8 की मौत, 10 से ज्यादा मजदूर झुलसे

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अहमदाबाद के रामोल इलाके में शनिवार (18 जुलाई) दोपहर एक पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण धमाके ने बड़ा हादसा खड़ा कर दिया. रामोल-गताराड रोड पर टैलेंट स्कूल के सामने महमूदपुरा स्थित एक खुली पटाखा फैक्ट्री में अचानक जोरदार विस्फोट हुआ. धमाके के तुरंत बाद फैक्ट्री में भीषण आग लग गई, जिसने देखते ही देखते पूरे परिसर को अपनी चपेट में ले लिया. हादसे में अब तक 8 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 10 से ज्यादा मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए हैं.

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक धमाका इतना तेज था कि उसकी आवाज करीब एक किलोमीटर दूर तक सुनाई दी. विस्फोट के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और आसपास के लोग डर के मारे घरों और दुकानों से बाहर निकल आए. कुछ ही मिनटों में फैक्ट्री से ऊंची-ऊंची आग की लपटें और धुएं का गुबार उठने लगा.

घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का अभियान शुरू किया. साथ ही 108 एम्बुलेंस की मदद से घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया. दमकल कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाने की कोशिश शुरू की और आसपास के इलाके को भी सुरक्षित कराया.

फायर विभाग की शुरुआती जानकारी के मुताबिक आग और विस्फोट में 8 लोगों की मौत हुई है. हालांकि कई घायल गंभीर रूप से झुलसे हुए हैं, इसलिए मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है. राहत और बचाव का काम लगातार जारी है और फैक्ट्री के अंदर फंसे लोगों की तलाश की जा रही है.

फिलहाल धमाका किस वजह से हुआ, इसका पता नहीं चल पाया है. पुलिस, फायर विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियां मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई हैं. अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही हादसे की असली वजह सामने आएगी.

सीएम ने किया मुआवजे का ऐलान
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने अहमदाबाद में पटाखा फैक्ट्री में हुए हादसे में लोगों की मौत पर दुख जताया है. मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिवारों को 4-4 लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये की आर्थिक मदद देने की घोषणा की है. स्थानीय प्रशासन पीड़ितों को हर जरूरी मेडिकल मदद और इलाज मुहैया करा रहा है.

NATIONAL : ‘आतंकवाद के आकाओं तक नहीं पहुंचेगा सिंधु नदी का पानी’, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह का पाकिस्तान को दो टूक संदेश

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राजनाथ सिंह ने कहा कि दुनिया भर में भारत को ‘विश्व बंधु’ के रूप में देखा जाता है. उन्होंने कहा कि भारत के दुश्मनों को यह नहीं भूलना चाहिए कि देश के पास न केवल टीके हैं, बल्कि ब्रह्मोस मिसाइल भी है.

भारत ने एक बार फिर आतंकवाद को पालने-पोषने वाले पाकिस्तान को सिंधु नदी के पानी को लेकर दो टूक संदेश दे दिया है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आतंकवाद को पाकिस्तान के समर्थन की निंदा करते हुए शुक्रवार को कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) सरकार आतंकवाद प्रायोजित करने वालों तक सिंधु नदी का पानी नहीं पहुंचने देगी.

तेलंगाना में बीजेपी की ओर से आयोजित ‘इंटेलेक्चुअल मीट’ को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, ‘ऑपरेशन सिंदूर के जरिए सरकार ने दुनिया को दिखा दिया कि जो शांति और सद्भाव की भाषा नहीं समझते, उन्हें उन्हीं की भाषा में कैसे जवाब दिया जाता है.’

राजनाथ सिंह ने विपक्ष को घेरा

उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और सैनिकों की बहादुरी पर सवाल उठाने के लिए कांग्रेस और विपक्ष के अन्य नेताओं की आलोचना की. रक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार ने साफ़ कहा था कि अगर भारत के ख़िलाफ़ आतंकी हमले हुए, तो वह पाकिस्तान को अनाज और पानी की आपूर्ति रोक देगी.

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आतंकवाद के आकाओं तक नहीं पहुंचने देंगे सिंधु का पानी: रक्षामंत्री

राजनाथ सिंह ने कहा, ‘पहलगाम में आतंकी हमले के बाद, सिंधु जल संधि को रोकते हुए हमने कहा कि जिनकी आंखों के आंसू सूख चुके हैं, उन्हें हमसे पानी की उम्मीद नहीं करनी चाहिए. हम सिंधु का पानी आतंकवादियों के संरक्षकों और मानवता के दुश्मनों तक नहीं पहुंचने देंगे.’

उन्होंने कहा कि भारत दुनिया में एक विश्वसनीय साझेदार के रूप में उभरा है और उसने हमेशा आपदाओं का सामना करने वाले देशों की मदद की है. राजनाथ सिंह ने कोविड-19 महामारी के दौरान कई देशों को भारत द्वारा दी गई सहायता का उल्लेख करते हुए कहा कि दुनिया भर में भारत को ‘‘विश्व बंधु’’ के रूप में देखा जाता है. उन्होंने यह भी कहा कि भारत के दुश्मनों को यह नहीं भूलना चाहिए कि देश के पास न केवल टीके हैं, बल्कि ब्रह्मोस मिसाइल भी है.
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस देश को एक खास परिवार की जागीर मानती है. एक लेखक का हवाला देते हुए सिंह ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी 2014 से पहले कहा करते थे कि 2024 में उनका समय आएगा.

राजनाथ सिंह ने कहा कि इससे पता चलता है कि राहुल गांधी का मानना ​​था कि लोगों का भरोसा जीतने के लिए कड़ी मेहनत करने के बजाय उन्हें अपने समय का इंतज़ार करना चाहिए. सिंह ने कहा कि एक तरफ़ भाजपा और प्रधानमंत्री मोदी हैं, और दूसरी तरफ़ अन्य; यही दोनों के बीच का फ़र्क है.

रक्षामंत्री ने कहा कि भारत के बजट का हर रुपया देश की सुरक्षा को मजबूत करने में इस्तेमाल किया जा रहा है और सरकार पर किसी भी तरह के भ्रष्टाचार का कोई आरोप नहीं हैं. उन्होंने कहा, ‘हम अगले चुनाव (जीतने) की चिंता नहीं करते, बल्कि अगली पीढ़ी की चिंता करते हैं. हम इस बात को लेकर चिंतित नहीं हैं कि अगले चुनाव में क्या होगा-हम इस बात को लेकर चिंतित हैं कि अगली पीढ़ी के साथ क्या होगा. हमारी नीयत बिल्कुल साफ है. हमारे शब्दों और कार्यों में कोई अंतर नहीं है.’

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