Saturday, September 19, 2026
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WORLD : जॉर्डन में अमेरिकी सैनिकों की मौत के बाद ईरान में बमबारी, खामेनेई ने दिया ट्रंप की धमकी का जवाब, 10 बड़े अपडेट

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ईरान और अमेरिका के बीच चल रही लड़ाई पूरे पश्चिम एशिया में फैल गई है। ईरानी हमले में अमेरिकी सैनिकों की मौत के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने गुस्सा दिखाया है तो ईरान ने भी पीछे नहीं हटने का साफ संकेत दिया है।

तेहरान: ईरान और अमेरिका के बीच लड़ाई तेज हो गई है। अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान ने जॉर्डन में अमेरिका की सेना के बेस को मिसाइलों से निशाना बनाया है। इस हमले में दो अमेरिकी सैनिकों की मौत हुई है और एक लापता है। इसके जवाब में अमेरिका ने ईरान पर भीषण हवाई हमले किए हैं। शनिवार को अमेरिका ने ईरान के बुनियादी ढांचे और पानी की पाइपलाइन और प्लांट को भी निशाना बनाया है। ईरान ने कुवैत, बहरीन और जॉर्डन में अमेरिकी हितों को निशाना बनाया है। इससे युद्ध भीषण रूप लेता दिख रहा है। लड़ाई के 10 ताजा घटनाक्रम हम आपको बता रहे हैं।

  1. जॉर्डन में दो अमेरिकी सैनिकों की मौत
    यूएस सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया है कि जॉर्डन में ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमलों में दो अमेरिकी सैनिकों की मौत हो गई है। हमारा एक तीसरा सैनिक अभी भी लापता है। चार अन्य सैनिकों को मेडिकल कारणों से वहां से निकाला गया, जिन्हें बाद में छुट्टी दे दी गई। मामूली रूप से घायल अन्य सैनिक ड्यूटी पर लौट आए हैं।

2.अमेरिका के ईरान पर नए हमले
अमेरिकी सैनिकों की मौत के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार रात ईरान के खिलाफ अमेरिकी हवाई हमलों का निर्देश दिया। इसके बाद अमेरिकी सेना ने ईरान पर बड़े पैमाने पर हमबारी की है। अमेरिकी सेना ने कहा है कि इन हमलों का मकसद ईरान की सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना और जॉर्डन में सैनिकों पर हमले का बदला लेना है।

  1. लगातार आठवें दिन ईरान पर हमला
    अमेरिका के ईरान पर हमले बीते हफ्ते से ही जारी है। शनिवार को लगातार आठवीं रात है, जब अमेरिकी सेना ने ईरानी ठिकानों पर हमले किए हैं। अमेरिका के निशाने पर खासतौर से होर्मुज के आसपास के द्वीप रहे हैं।
  2. अमेरिका के 16 सैनिकों की मौत
    जॉर्डन में हुई दो मौतों के साथ इस संघर्ष में अमेरिकी सेना में मरने वालों की कुल संख्या 16 हो गई है। इस हफ्ते की शुरुआत में एक लापता अमेरिकी नौसेना पायलट को आधिकारिक तौर पर मृत घोषित किए जाने के बाद यह आंकड़ा बढ़ा था।

Iran US News

  1. ईरान का आरोप- अमेरिका ने सीजफार तोड़ा
    ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने अपने एक बयान में कहा है कि अमेरिका जून में हुए संघर्ष-विराम समझौते का बार-बार उल्लंघन कर रहा है। खामेनेई ने कहा कि अमेरिका ने पहले ही बातचीत के बीच में हमले किए और फिर यही कर रहा है। ईरान इसका जोरदार जवाब देगा।
  2. जॉर्डन ने ईरानी मिसाइलों को रोका
    जॉर्डन की सेना ने बताया कि उसने रात के समय अपने हवाई क्षेत्र में दस ईरानी मिसाइलों को रोका है। जॉर्डन के अधिकारियों ने बताया कि इन हमलों में कोई हताहत नहीं हुआ और न ही कोई नुकसान हुआ है।
  3. ईरान का अमेरिकी एयर बेस पर हमला
    ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने दावा किया कि उसने जॉर्डन के अल-अजराक एयर बेस पर कम से कम दो अमेरिकी लड़ाकू विमानों को नष्ट कर दिया है। अमेरिका ने इस दावे की अब तक पुष्टि नहीं की है।
  4. होर्मुज स्ट्रेट में संकट गहराया
    ईरान और अमेरिका के बीच तेज होती लड़ाई से होर्मुज जलडमरूमध्य पर संकट बढ़ रहा है। ईरान ने इस जलमार्ग को बंद कर दिया है और अमेरिका ने भी ब्लॉकेड की बात कही है। इससे पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर असर हो रहा है।
  5. अमेरिका ने ईरानी बंदरगाह घेरे
    अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों और समुद्री गतिविधियों पर प्रतिबंध फिर से लागू कर दिए हैं। CENTCOM ने कहा कि कई कमर्शियल जहाजों का रास्ता पहले ही बदल दिया गया था, अब इसे और सख्ती से लागू किया जा रहा है।
  6. वैश्विक सुरक्षा अलर्ट जारी
    अमेरिकी विदेश विभाग ने एडवाइजरी जारी कर अरब देशों में रहने वाले अमेरिकियों से ज्यादा सावधानी बरतने का आग्रह किया है। अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि क्षेत्रीय सुरक्षा स्थिति बेहद अस्थिर है। ऐसे में चीजें बिना किसी पूर्व सूचना के बिगड़ सकती है।

NATIONAL : ‘MP में वही रहेगा जो एक शादी करेगा’, UCC का जिक्र कर CM मोहन यादव का बड़ा बयान

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मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि सबका एक कानून होना चाहिए. राम एक शादी करेगा रहीम दो तीन चार तक क्यों जाएगा. जो एक शादी करेगा उसी को प्रदेश में रहने का अधिकार मिलेगा.मध्य प्रदेश में यूसीसी को लेकर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शुक्रवार को बड़ा बयान दिया. कटनी में मंच से सीएम मोहन यादव ने कहा कि जब एक देश एक विधान एक निशान तो हिन्दू का कानून अलग मुस्लिम का कानून अलग क्यों होना चाहिए.

मुख्यमंत्री ने कहा कि सबका एक कानून होना चाहिए. राम एक शादी करेगा रहीम दो तीन चार तक क्यों जाएगा. जो एक शादी करेगा उसी को प्रदेश में रहने का अधिकार मिलेगा.भाषण में सीएम मोहन यादव ने आगे कहा कि इस कानून के पास करने के लिए विधानसभा में भी लाने से पहले भोपाल की पुरानी राजधानी थी. जगदीशपुर उसका नाम बदलकर इस्लामपुर कर दिया था, अब हमने फिर जगदीशपुर कर दिया. वहीं हम इस कानून को पास करेंगे.

वहीं सीएम मोहन यादव ने ऐलान किया है कि कैबिनेट की अगली बैठक भोपाल के करीब स्थित जगदीशपुर में होगी. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्लीमनाबाद में सांदीपनि विद्यालयों के लोकार्पण अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि भगवान श्रीराम के आशीर्वाद से मध्यप्रदेश एक देश, एक विधान, एक निशान और एक कानून लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है.

उन्होंने कहा कि विधानसभा के आगामी मानसून सत्र में प्रदेश में सभी धर्मावलंबियों के लिए समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक लाया जाएगा. मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि भोपाल के पास जगदीशपुर स्थित है, इसका नाम विदेशी आक्रांताओं ने बदलकर इस्लामनगर कर दिया था. विधानसभा के सत्र से पहले जगदीशपुर में मंत्रिपरिषद की बैठक कर समान नागरिक संहिता के ड्राफ्ट को अनुमोदन प्रदान किया जाएगा.

NATIONAL : हाइड्रोजन ट्रेन के साथ भारत की नई उड़ान, PM मोदी ने दिखाई हरी झंडी; दुनिया के चुनिंदा देशों में शामिल हुआ भारत

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भारत ने स्वच्छ और आधुनिक रेल परिवहन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की पहली हाइड्रोजन ईंधन सेल आधारित ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। यह ट्रेन उत्तरी रेलवे के तहत हरियाणा के 89 किलोमीटर लंबे जिंद-सोनीपत रेलमार्ग पर संचालित होगी।

इस परियोजना के साथ भारत उन चुनिंदा देशों की सूची में शामिल हो गया है, जहां रेल परिवहन में हाइड्रोजन तकनीक का उपयोग शुरू हो चुका है। यह पहल भविष्य में पर्यावरण के अनुकूल और शून्य-उत्सर्जन वाली रेल सेवाओं का रास्ता खोल सकती है।

यह ट्रेन डीजल इंजन के बजाय हाइड्रोजन फ्यूल सेल तकनीक पर आधारित है। हाइड्रोजन और ऑक्सीजन की रासायनिक प्रक्रिया से बिजली उत्पन्न होगी, जिससे ट्रेन संचालित होगी। इस तकनीक से कार्बन उत्सर्जन में भारी कमी आएगी और रेलवे के हरित ऊर्जा मिशन को नई गति मिलेगी। परियोजना के तहत हाइड्रोजन भंडारण और रीफ्यूलिंग की विशेष व्यवस्था भी विकसित की गई है।

हाइड्रोजन ट्रेन 10 कोचों वाली है और इसमें 1200 किलोवाट क्षमता का फ्यूल सेल प्रोपल्शन सिस्टम लगाया गया है। इसकी अधिकतम परिचालन गति 75 किलोमीटर प्रति घंटा है, जबकि डिजाइन स्पीड 110 किलोमीटर प्रति घंटा रखी गई है। ट्रेन में लगभग 2,600 यात्रियों के सफर की क्षमता है। यह जिंद जंक्शन, गोहाना जंक्शन और सोनीपत सहित कई मध्यवर्ती स्टेशनों पर भी रुकेगी।

हाइड्रोजन ट्रेन तकनीक अपनाने वाले देशों में अब भारत भी शामिल हो गया है। इससे पहले जर्मनी, जापान, चीन और अमेरिका इस दिशा में काम कर चुके हैं। जर्मनी ने 2022 में दुनिया की पहली हाइड्रोजन यात्री ट्रेन Alstom Coradia iLint का सफल संचालन किया था। वहीं जापान 2027 तक अपनी पहली हाइड्रोजन हाइब्रिड ट्रेन शुरू करने की तैयारी में है और अमेरिका ने भी कैलिफोर्निया में हाइड्रोजन आधारित यात्री ट्रेन सेवा शुरू कर दी है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना फिलहाल एक पायलट के रूप में शुरू की गई है, लेकिन इसके सफल होने पर भविष्य में देश के अन्य रेलमार्गों पर भी हाइड्रोजन ट्रेनों का विस्तार किया जा सकता है। इससे पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। भारतीय रेलवे स्वच्छ, टिकाऊ और आधुनिक परिवहन व्यवस्था की दिशा में एक बड़ा कदम आगे बढ़ाएगा।

NATIONAL : राम मंदिर चढ़ावा चोरी की अंतरिम रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को सौंपेगी SIT, योगी सरकार से मांगा समय

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राम मंदिर में दान चोरी से जुड़े मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में अपनी अंतरिम रिपोर्ट सौंपेगी. SIT ने अंतिम रिपोर्ट के लिए यूपी सरकार से समय मांगा है.

अयोध्या में स्थित राम मंदिर में चढ़ावा चोरी से जुड़े मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) सोमवार (20 जुलाई) को सुप्रीम कोर्ट में अपनी अंतरिम रिपोर्ट सौंपेगी. सूत्रों के मुताबिक एसआईटी ने अपनी अंतिम रिपोर्ट तैयार करने के लिए राज्य सरकार से मांगा है. बताया जा रहा है कि जांच अभी जारी है और कुछ बिंदुओं पर विस्तृत पड़ताल के बाद ही अंतिम रिपोर्ट दाखिल की जाएगी.

इससे पहले बीते सोमवार को राम मंदिर मामले पर सुप्रीम कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता में तीन जजों की खंडपीठ में इस मामले की सुनवाई हुई थी, कोर्ट ने चढ़ावा चोरी की स्वतंत्र जाँच कराने की मांग वाली जनहित याचिकाओं पर सुनवाई की और श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट को नोटिस जारी किया था. सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार द्वारा गठित की गई एसआईटी की जांच को लेकर स्टेटस रिपोर्ट मांगी है. इस मामले पर 20 जुलाई सोमवार को सुनवाई होनी है. ऐसे में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर एसआईटी की टीम सुप्रीम कोर्ट में अंतरिम जांच रिपोर्ट दाखिल करेगी.

बता दें कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में गठित की गई एसआईटी की टीम को जांच के लिए दिया गया अतिरिक्त 15 दिनों का समय बुधवार 15 जुलाई को ही खत्म हो गया है. इस अवधि के खत्म होने के बाद इसे अब आगे और नहीं बढ़ाया गया है और ना ही ऐसी कोई संभावना हैं. हालांकि एसआईटी ने अंतिम रिपोर्ट के लिए यूपी सरकार से और समय मांगा है.

माना जा रहा है कि एसआईटी की रिपोर्ट में मंदिर में दान चोरी प्रकरण और वहां की व्यवस्थागत कमियों को लेकर कई अहम बातें सामने आ सकती हैं. इसके साथ ही ट्रस्ट के जिम्मेदारी लोगों की भूमिका को लेकर भी खुलासे हो सकते हैं. ऐसे में सबकी नजरें इस पर टिकी हुई हैं. राम मंदिर से जुड़े होने की वजह से ये मामला काफी हाईप्रोफ़ाइल हैं और करोड़ों हिन्दुओं की आस्था से भी जुड़ा हुआ है.

WORLD : भारत पर अमेरिका का दोहरा दबाव?: रूसी तेल पर 100% टैरिफ की तैयारी, वीजा नियमों से छात्रों की भी बढ़ीं मुश्किलें

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रूस से कच्चा तेल खरीदने वाले देशों पर अमेरिका अब सख्ती की तैयारी कर रहा है। इसी कड़ी में अमेरिकी संसद में एक ऐसा विधेयक पेश किया गया है, जिसके तहत भारत, चीन समेत कुछ देशों पर 100 फीसदी तक टैरिफ यानी एक तरह का आयात शुल्क लगाया जा सकता है। भारत सरकार ने कहा है कि वह इस पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को साप्ताहिक प्रेस वार्ता में कहा कि सरकार को इस प्रस्तावित विधेयक की जानकारी है और उससे जुड़े सभी घटनाक्रमों पर नजर रखी जा रही है।यह विधेयक डेमोक्रेट सीनेटर रिचर्ड ब्लूमेंटल और रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम की पहल पर तैयार किया गया है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, इसे करीब 60 अमेरिकी सीनेटरों का समर्थन मिल चुका है। प्रस्ताव का मकसद रूस की तेल बिक्री से होने वाली कमाई पर रोक लगाना है।

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का मानना है कि इसी धन का इस्तेमाल रूस यूक्रेन के खिलाफ जारी युद्ध में कर रहा है। यदि यह कानून लागू होता है, तो रूस से बड़ी मात्रा में तेल खरीदने वाले भारत, चीन, स्लोवाकिया, हंगरी और अजरबैजान जैसे देशों पर 100 फीसदी तक टैरिफ लगाया जा सकता है।

भारत ने साफ किया है कि उसकी ऊर्जा नीति पूरी तरह राष्ट्रीय हितों पर आधारित है। रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत अपनी जरूरतों के अनुसार दुनिया के अलग-अलग देशों से कच्चा तेल खरीदता है। ऊर्जा सुरक्षा देश की प्राथमिकता है और इसी आधार पर फैसले लिए जाते हैं।

इस बीच अमेरिका ने विदेशी छात्रों, एक्सचेंज विजिटर्स और विदेशी पत्रकारों के लिए वीजा नियमों में भी बड़ा बदलाव किया है। अब F (स्टूडेंट), J (एक्सचेंज विजिटर) और I (विदेशी पत्रकार) वीजा धारकों को पहले की तरह अनिश्चित समय तक अमेरिका में रहने की अनुमति नहीं मिलेगी। उनके ठहरने की अवधि तय होगी।

इसके अलावा, एफ वीजा पर पढ़ाई पूरी करने वाले छात्रों के लिए अमेरिका छोड़ने या किसी दूसरे कॉलेज में दाखिला लेने की समय-सीमा भी घटा दी गई है। पहले इसके लिए 60 दिन मिलते थे, लेकिन अब यह अवधि सिर्फ 30 दिन रह गई है।

नए नियमों का असर बड़ी संख्या में भारतीय छात्रों और अमेरिका में रहने वाले अन्य भारतीय नागरिकों पर पड़ सकता है। ऐसे में भारत सरकार ने कहा है कि वह अमेरिकी प्रशासन के संपर्क में है और भारतीय नागरिकों को होने वाली परेशानियों को कम करने की कोशिश कर रही है।विदेश मंत्रालय का कहना है कि वीजा और आव्रजन नियम बनाना हर देश का संप्रभु अधिकार है। लेकिन जब भारतीय छात्रों या यात्रियों को किसी तरह की व्यावहारिक परेशानी होती है, तो भारत सरकार उसे अमेरिकी अधिकारियों के सामने उठाती है।

ENTERTAINMENT : थलपति विजय की लास्ट फिल्म से भिड़ेगी, बेटे की डेब्यू फिल्म? या ‘जन नायगन’ को मिलेगा खुला मैदान!

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और सुपरस्टार थलपति विजय की आखिरी फिल्म ‘जन नायगन’ आखिरकार रिलीज के लिए तैयार है. टिकट बुकिंग प्लेटफॉर्म्स और ओवरसीज डिस्ट्रिब्यूटर्स ने 24 जुलाई की रिलीज डेट के साथ इसकी एडवांस बुकिंग शुरू कर दी है. मगर इस डेट से विजय के बेटे की पहली फिल्म ‘सिग्मा’ खतरे में आ गई है.

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बन चुके सुपरस्टार थलपति विजय की आखिरी फिल्म जन नायकन इस साल जनवरी में रिलीज होने वाली थी. मगर CBFC (सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन) के पंगे में फंसने के कारण ये फिल्म अटक गई थी.

अब ये फिल्म रिलीज के लिए तैयार है और मेकर्स की ऑफिशियल अनाउंसमेंट से पहले ही टिकट बुकिंग प्लेटफॉर्म्स और कई थिएटर्स ने 24 जुलाई की रिलीज डेट के साथ एडवांस बुकिंग शुरू कर दी है. लेकिन इस रिलीज डेट के साथ एक पंगा ये है कि विजय की फिल्म उनके ही बेटे, जेसन संजय की पहली फिल्म के लिए मुसीबत बन सकती है.

विजय की फिल्म को कुछ बदलावों के साथ CBFC ने ‘A’ रेटिंग के साथ सर्टिफिकेट दे दिया है, जिससे इसकी रिलीज का रास्ता साफ हो गया है. सर्टिफिकेट मिलने के बाद मेकर्स ने अभी तक जन नायकन की ऑफिशियल रिलीज डेट नहीं अनाउंस की है. लेकिन यूके और कई ओवरसीज मार्केट में फिल्म के डिस्ट्रिब्यूटर्स ने फिल्म की रिलीज डेट 24 जुलाई अनाउंस कर दी है और एडवांस बुकिंग लेनी शुरू कर दी है.

इंडिया में टिकट बुकिंग प्लेटफॉर्म डिस्ट्रिक्ट ने भी हाल ही में जन नायकन की डेट 24 जुलाई अनाउंस कर दी है. ऑफिशियल हैंडल से डेट अनाउंस करने की पोस्ट में डिस्ट्रिक्ट ने लिखा, ‘डिस्ट्रिक्ट जल्द ही इसके टिकट लॉन्च करने वाला है, जुड़े रहें, रिमाइंडर सेट कर लें.’ सोशल मीडिया पर एक कयास ये भी लगाया जा रहा है कि जन नायकन 23 जुलाई की शाम को पेड प्रीमियर्स के साथ रिलीज हो सकती है.

कैसे बेटे की फिल्म के लिए खतरा बनी विजय की फिल्म?
विजय के बेटे जेसन संजय कई पॉपुलर स्टारकिड्स की तरह एक्टिंग न चुनकर, बतौर डायरेक्टर फिल्मों में एंट्री लेने जा रहे हैं. उन्होंने यंग तमिल स्टार संदीप किशन को लीड रोल में लेकर फिल्म सिग्मा बनाई है, जिसकी रिलीज डेट काफी पहले ही 31 जुलाई अनाउंस कर दी गई थी.

इधर विजय के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते वक्त, उनकी पत्नी और बेटे का मौजूद न रहना इन अफवाहों की वजह बना कि इस पिता-पुत्र के रिश्ते में कुछ तनाव है. इस बीच अगर विजय की जन नायकन एक हफ्ते पहले थिएटर्स में पहुंचकर, उनके बेटे की फिल्म सिग्मा को नुकसान पहुंचा सकती है. एक तो जन नायकन, राजनीति में बड़ी जगह बना चुके विजय की आखिरी फिल्म है, ऊपर से इसकी रिलीज रुकना और लंबे समय बाद अब फाइनली रिलीज होना तमिल सिनेमा फैंस के लिए एक इवेंट बन चुका है.

ऐसे में जन नायकन बहुत बड़ी फिल्म बन चुकी है. 31 जुलाई को आ रही सिग्मा का बॉक्स ऑफिस पर जगह बना पाना इस फिल्म के लिए मुश्किल है. चर्चाएं ये भी हैं कि जेसन संजय की फिल्म सिग्मा के मेकर्स इसे अगस्त के लिए टालने पर विचार कर रहे हैं. इससे विजय को बड़े पर्दे पर उनका फाइनल ‘बिग-स्क्रीन’ मोमेंट सेलिब्रेट करने का मौका मिल जाएगा.

हालांकि, दोनों फिल्मों की टीम की तरफ से अभी कोई ऑफिशियल स्टेटमेंट सामने नहीं आया है. लेकिन इतना तय है कि विजय की इतनी बड़ी फिल्म के सामने पड़ने वाली किसी भी फिल्म का बॉक्स ऑफिस पर टिक पाना बहुत मुश्किल होगा. इसलिए फैंस बहुत जिज्ञासा के साथ इसपर नजरें लगाए बैठे हैं कि सिग्मा और जन नायकन में से कोई अपनी डेट बदलता है या इस महीने के अंत में जनता को बॉक्स ऑफिस पर बाप-बेटे का क्लैश देखने को मिलेगा.

NATIONAL : ‘हमारा चंडीगढ़’; PM मोदी ने दिखाया जुड़ाव, बोले-यह शहर देश के लिए डेवलपमेंट मॉडल, PGI में MBBS कॉलेज की मंजूरी

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शुक्रवार को चंडीगढ़ पहुंचे तो उम्मीद के मुताबिक बड़ी घोषणा कर गए। उन्होंने पीजीआई में एमबीबीएस कॉलेज को मंजूरी दी। इससे चंडीगढ़ उत्तर भारत में एकमात्र ऐसा शहर बन जाएगा, जहां दो मेडिकल कॉलेज होंगे। अभी सेक्टर-32 स्थित गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (जीएमसीएच) में एमबीबीएस की पढ़ाई हो रही है।

पीएम मोदी दोपहर 1 बजकर 50 मिनट पर चंडीगढ़ पहुंचे। पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (पेक) में आयोजित कार्यक्रम से ट्राईसिटी के लिए 6,600 करोड़ की 10 परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इससे स्वास्थ्य, शिक्षा और सड़क नेटवर्क को नया विस्तार मिलेगा।

पीएम ने करीब 23 मिनट तक संबोधित किया। चंडीगढ़ से जुड़ी यादें ताजा करते हुए अपना जुड़ाव दिखाया। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ की पहचान मां चंडी के आशीर्वाद से है। यह केवल एक शहर नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए एक डेवलपमेंट मॉडल है।

यहां का विकास केवल शहरवासियों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा लाभ हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, पंजाब और जम्मू-कश्मीर के लाखों लोगों को भी मिलता है। यह शहर सुनियोजित विकास, आधुनिक सुविधाओं और बेहतर जीवनशैली का प्रतीक हैप्रधानमंत्री ने अपने पुराने दिनों को याद करते हुए कहा कि जब वे चंडीगढ़ में रहता थे, तब अक्सर पीजीआई आना पड़ता था। उन्होंने बताया कि वर्ष 2015 में पीजीआई के दीक्षांत समारोह में आने का अवसर मिला था और पिछले एक दशक में संस्थान की स्वास्थ्य सेवाओं एवं बुनियादी ढांचे में उल्लेखनीय विस्तार हुआ है।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार लगातार स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने और आधुनिक चिकित्सा सेवाओं का विस्तार करने के लिए कार्य कर रही है, जिसका बड़ा लाभ चंडीगढ़ सहित पूरे उत्तरी भारत को मिल रहा है। पीजीआई में एमबीबीएस पाठ्यक्रम को मंजूरी मिलने से देश के मेधावी छात्रों को देश के शीर्ष संस्थानों में पढ़ने का अवसर मिलेगा और यह संस्थान भविष्य में चिकित्सा अनुसंधान तथा नवाचार के बड़े केंद्र बनेंगे।

उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के लिए व्यापक स्तर पर काम किया गया है। 15 नए एम्स को मंजूरी दी गई, अनेक नए मेडिकल कॉलेज और कैंसर अस्पताल बनाए गए तथा होमी भाभा कैंसर अस्पताल जैसे संस्थान लोगों की सेवा कर रहे हैं।आयुष्मान भारत योजना, आयुष्मान आरोग्य मंदिर, ई-संजीवनी टेलीमेडिसिन सेवा और क्रिटिकल केयर ब्लॉक जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि अब स्वास्थ्य सेवाएं गांवों तक पहुंच रही हैं।

प्रधानमंत्री ने बताया कि आज देश में 90 प्रतिशत से अधिक प्रसव संस्थागत हो रहे हैं। पहले डॉक्टर बनने के लिए सीटें बहुत कम थीं, लेकिन अब मेडिकल सीटों की संख्या लगभग दोगुनी हो चुकी है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन शुरू होने के बाद चंडीगढ़ ने लगातार बेहतर प्रदर्शन किया है। उन्होंने स्वच्छता अभियान से जुड़े रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी इंद्रजीत सिंह के योगदान का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने झाड़ू को जन आंदोलन का प्रतीक बनाया और उनकी सेवाओं के सम्मान में केंद्र सरकार ने उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के दौरे से पहले शहर में चलाया गया “स्वच्छता से स्वागत” अभियान सराहनीय है। स्वच्छता केवल सफाई का विषय नहीं बल्कि अनेक बीमारियों की रोकथाम का प्रभावी माध्यम भी है। इसके लिए उन्होंने चंडीगढ़ के नागरिकों और प्रशासन को बधाई दी।

कोरोना का जिक्र, स्वास्थ्य क्षेत्र में बदलाव गिनाए
प्रधानमंत्री ने कहा कि कभी भारत की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाए जाते थे, लेकिन कोरोना महामारी के दौरान पूरी दुनिया ने भारत की क्षमता देखी। उन्होंने कहा कि भारत मदद मांगने वाला देश नहीं रहा, बल्कि दुनिया के अनेक देशों तक दवाइयां और वैक्सीन पहुंचाने वाला देश बना। यह पिछले 12 वर्षों की ईमानदार कोशिशों का परिणाम है।

चंडीगढ़ बना डिजिटल गवर्नेंस का मॉडल
प्रधानमंत्री ने कहा कि चंडीगढ़ देश में अनेक आधुनिक व्यवस्थाओं की शुरुआत का केंद्र रहा है। भारतीय न्याय संहिता लागू करने की प्रक्रिया हो, इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी), स्मार्ट ट्रैफिक प्रबंधन या डिजिटल गवर्नेंस इन क्षेत्रों में चंडीगढ़ ने नई पहचान बनाई है। उन्होंने बताया कि इन परियोजनाओं पर 2,500 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए गए हैं।

रेल और परिवहन परियोजनाओं का भी किया उल्लेख
प्रधानमंत्री ने कहा कि क्षेत्रीय संपर्क बढ़ाने के लिए जालंधर में रेल परियोजनाओं पर तेजी से काम किया जा रहा है, जिसका लाभ पंजाब के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों को भी मिलेगा। उन्होंने बताया कि हरियाणा से देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन शुरू की है, जो हरित परिवहन की दिशा में बड़ा कदम है।

कार्यक्रम के अंत में प्रधानमंत्री ने कहा कि भाजपा और एनडीए सरकार विकास, आधुनिक बुनियादी ढांचे, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं और कनेक्टिविटी को मजबूत करने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है तथा चंडीगढ़ इस विकास यात्रा का महत्वपूर्ण केंद्र बना रहेगा।

पीएम ने पहले केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कार्यक्रम को संबोधित किया। मंच पर पंजाब के राज्यपाल एवं यूटी प्रशासक गुलाब चंद कटारिया और चंडीगढ़ के सांसद मनीष तिवारी भी मौजूद रहे। पीएम मोदी ने मनीष तिवारी से हाथ मिलाया और उनसे बातचीत की।एडवांस मदर एंड चाइल्ड सेंटर: पीजीआई में बने 300 बेड वाले इस अत्याधुनिक केंद्र में हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी, नवजात शिशुओं और बच्चों के लिए विशेष चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
एडवांस न्यूरोसाइंस सेंटर: पीजीआई में बने इस केंद्र में न्यूरोलॉजी, न्यूरोसर्जरी, न्यूरो-क्रिटिकल केयर और आधुनिक जांच सुविधाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगी पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (पेक) के कुरुक्षेत्र बॉयज हॉस्टल एवं मेस: इससे छात्रों को बेहतर आवासीय सुविधाएं मिलेंगी और शैक्षणिक माहौल मजबूत होगा।

गवर्नमेंट कॉलेज सेक्टर-46 के नया हॉस्टल ब्लॉक : नए हॉस्टल से छात्राओं और छात्रों के लिए आवासीय क्षमता बढ़ेगी।मोहाली आईटी सिटी–कुराली 6-लेन ग्रीनफील्ड हाईवे: करीब 31 किलोमीटर लंबे इस हाईवे से मोहाली, खरड़ और कुराली के बीच यात्रा समय कम होगा तथा पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर की कनेक्टिविटी बेहतर होगी।

पीजीआई में 150 बेड के क्रिटिकल केयर ब्लॉक: प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के तहत बनने वाला यह ब्लॉक आपातकालीन और गहन चिकित्सा सेवाओं को मजबूत करेगा।पेक में रिसर्च स्कॉलर्स हॉस्टल: यह परियोजना शोधार्थियों के लिए आधुनिक आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराएगी।
जीरकपुर 6-लेन ग्रीनफील्ड बाईपास: करीब 19.2 किलोमीटर लंबा यह प्रोजेक्ट जीरकपुर-पंचकूला मार्ग पर ट्रैफिक दबाव कम करेगा और सफर को तेज व सुरक्षित बनाएगा।अंबाला-चंडीगढ़ ग्रीनफील्ड हाईवे (एनएच-205ए) के पीआर-7 स्पर: 10.3 किलोमीटर लंबा यह कॉरिडोर जीरकपुर बाईपास को सीधे एयरोसिटी से जोड़ेगा और शहर के भीतर ट्रैफिक दबाव कम करेगा।

इन परियोजनाओं के पूरा होने से स्वास्थ्य सुविधाएं आधुनिक होंगी, उच्च शिक्षा संस्थानों की क्षमता बढ़ेगी और ट्राईसिटी में वर्षों से चली आ रही ट्रैफिक समस्या को काफी हद तक राहत मिलने की उम्मीद है। साथ ही पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के बीच सड़क संपर्क भी मजबूत होगा। उद्योग, व्यापार और आवागमन को बड़ा लाभ मिलेगा।

NATIONAL : भोजशाला परिसर में नमाज पर रोक जारी, राज्य सरकार को परिसर के पास नई जगह देने का निर्देश

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सुप्रीम कोर्ट ने भोजशाला में नमाज पर रोक जारी रखी है और साथ ही राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि भोजशाला परिसर के बराबर में मुस्लिमों को अलग जगह दी जाए, जहां वे जुमे की नमाज अदा कर सकें। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया कि ये निर्देश अंतिम फैसले तक अस्थायी रहेगा।

सुप्रीम कोर्ट ने भोजशाला मामले पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ विभिन्न मुस्लिम पक्षों द्वारा दायर याचिकाओं पर मंगलवार को सुनवाई की। मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी मोहना की पीठ ने याचिकाओं पर फिलहाल कोई अंतरिम आदेश जारी करने से इनकार कर दिया और हाईकोर्ट के फैसले से पूर्व की स्थिति बहाल करने से इनकार कर दिया। जिसके चलते अभी भोजशाला परिसर में नमाज पर रोक जारी रहेगी। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई), हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस तथा अन्य हिंदू पक्षकारों को नोटिस जारी किया।

अदालत ने क्या दिया निर्देश?
पीठ ने हालांकि राज्य सरकार को निर्देश दिया कि मुस्लिम पक्ष को भोजशाला के पास ही अलग जगह दी जाए, जहां मुस्लिम शुक्रवार को दोपहर 1 बजे से 3 बजे के बीच नमाज अदा कर सकें। पीठ ने साफ किया कि अंतिम फैसले तक यह निर्देश अस्थायी है। मुस्लिम पक्ष के वकील हुजैफा अहमदी की याचिका को स्वीकार करते हुए पीठ ने निर्देश दिया कि एएसआई, बिना अदालत की मंजूरी के भोजशाला परिसर में ढांचागत बदलाव नहीं करेगा।

अदालत ने यह भी कहा कि मामले को अंतिम सुनवाई के लिए शीघ्र सूचीबद्ध किया जाएगा। पीठ ने कहा कि वे इस मामले पर जुलाई के तीसरे हफ्ते में अंतिम सुनवाई कर सकते हैं। सुनवाई के दौरान मुस्लिम पक्ष के वकील हुजैफा अहमदी ने कहा कि हाईकोर्ट ने उन्हें सुप्रीम कोर्ट में अपील का मौका भी नहीं दिया। साल 2003 में एएसआई ने आदेश दिया था कि हफ्ते में एक दिन शुक्रवार को नमाज अदा की जाएगी और एक दिन मंगलवार को पूजा होगी। आज हमें पूरी तरह से बाहर कर दिया गया है? ये बहुत गलत है।
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मुस्लिम पक्ष के वकील ने कहा कि एएसआई की रिपोर्ट करने वाले लोगों से पूछताछ भी नहीं की गई। हुजैफा ने हाईकोर्ट के आदेश पर रोक की मांग की। वरिष्ठ वकील सिंघवी ने कहा कि कुछ जगहों पर मंदिर हो सकते हैं, लेकिन इतिहास में पीछे जाने की जरूरत नहीं है। सिंघवी ने कहा, यहां 700 वर्षों से यहां नमाज हो रही है। 1927 -28 के सर्वे में कहा गया कि ये एक मस्जिद है। एमपी वक्फ एक्ट का नोटिफिकेशन भी यही कहता है। साल 1977 से यहां नमाज के साथ बसंत पंचमी की पूजा भी हो रही है, लेकिन हिंदू पक्ष की रिट याचिका पर आदेश पारित कर दिया गया।

सॉलिसिटर जनरल ने क्या कहा?
इस पर सरकार का पक्ष रख रहे सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने भोजशाला परिसर में नमाज का विरोध किया और कहा कि आदेश को दिए हुए दो महीने बीत चुके हैं। काफी कुछ हो चुका है। अगर फिर से नमाज का निर्देश दिया जाता है तो इससे प्रशासनिक परेशानी हो सकती है।

सीजेआई ने कहा- ये बेहद संवेदनशील मुद्दा, सोच-समझकर आगे बढ़ने की जरूरत
सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि ये बहुत संवेदनशील मुद्दा है। इसमें बहुत सोच समझ कर आगे बढ़ने और टिप्पणी करने की जरूरत है, वर्ना जनता में गलत संदेश जाएगा और गलत प्रभाव पड़ेगा। बेहतर होगा कि हम इसे अगले 10-20 दिनों के भीतर एक सुविधाजनक तारीख पर सुनवाई के लिए तय करते हैं।

सीजेआई ने कहा कि हमें बहुत ज्यादा सावधान रहना चाहिए। ऐसा ऑर्डर पास नहीं करना चाहिए जिसका प्रभाव लॉ एंड ऑर्डर पर पड़े। एएसआई के इंतजाम करने के बावजूद, वहां पर दिक्कतें रही हैं। यह एक ऐसा मामला है जहां दोनों पक्षों को धैर्य रखना चाहिए। इसमें दो से तीन सप्ताह लग सकते हैं। सभी को तैयार रहना चाहिए।

ENTERTAINMENT : ‘हम वांगचुक को जानते तक नहीं थे’, आमिर ने किया बड़ा खुलासा; दूर की यह गलतफहमी

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गुरुवार को आमिर खान लंदन इंडियन फिल्म फेस्टिवल में मौजूद रहे, जहां उनकी फिल्म ‘लगान’ की स्क्रीनिंग रखी गई थी। इसी दौरान आमिर खान ने ‘3 इडियट्स’ को लेकर बड़ा खुलासा किया। एक्टर आमिर खान ने आखिरकार शिक्षाविद और एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक के अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर अपनी चुप्पी तोड़ी। इस बीच उन्होंने एक बड़ा खुलासा भी किया, जिसे सुनकर सब हैरान रह गए।

गुरुवार को आमिर खान लंदन इंडियन फिल्म फेस्टिवल में शामिल हुए, जहां ‘लगान’ की स्क्रीनिंग हुई। आमिर ने फिल्म की रिलीज के 25 साल पूरे होने पर उससे जुड़ी यादें भी साझा कीं और दर्शकों के सवालों के जवाब दिए।इसी बातचीत के दौरान उनसे सोनम वांगचुक के बारे में पूछा गया, जिनके बारे में अक्सर कहा जाता है कि ‘3 इडियट्स’ का किरदार ‘रैंचो’ उनसे प्रेरित था। साथ ही उनके चल रहे अनशन पर भी आमिर से राय मांगी गई।

इस पर आमिर खान ने कहा, ‘नहीं, यह सच नहीं है। यह एक गलतफहमी है। जब हम ‘3 इडियट्स’ बना रहे थे, तब मैं सोनम जी के बारे में नहीं जानता था। मैंने हाल ही में ‘चतुर’ का एक वीडियो देखा, जिसमें उन्होंने ऐसा कहा, लेकिन वह गलत हैं।हो सकता है वह ऐसा सोचते हों, लेकिन मैं साफ करना चाहता हूं कि न तो राजू और न ही अभिजात (राजकुमार हिरानी और अभिजात जोशी), हममें से कोई भी उस समय सोनम जी को नहीं जानता था।

लेकिन सोनम जी जो काम कर रहे हैं, वह बहुत अच्छा है। हमें उनका सम्मान करने के लिए यह जरूरी नहीं है कि वह किसी फिल्म के किरदार से जुड़े हों। मैं बस यह बात सच के तौर पर बताना चाहता था।’

इसके बाद आमिर से सोनम वांगचुक की सेहत को लेकर बढ़ती चिंता पर भी सवाल किया गया, क्योंकि वह दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। इस पर आमिर ने कहा, ‘हम सभी उनकी सेहत और जिंदगी को लेकर बहुत चिंतित हैं। हम दुआ करते हैं कि सब कुछ ठीक हो। हम सभी उम्मीद कर रहे हैं कि वह अपना अनशन खत्म कर दें।’

लद्दाख के जाने-माने इंजीनियर, इनोवेटर और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक सीजेपी के प्रोटेस्ट से जुड़े हुए हैं। वे 28 जून से दिल्ली के जंतर मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। ‘आइस स्तूप’ बनाने के लिए मशहूर वांगचुक, रेमन मैगसेसे अवॉर्ड विजेता भी हैं। वांगचुक का कहना है कि जब तक शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय नहीं होती, वे अपना अनशन जारी रखेंगे।

NATIONAL : होटल की लिफ्ट में फंसे शशि थरूर, रेस्क्यू टीम ने स्प्रेडर से कांग्रेस सांसद को बाहर निकाला-वीडियो

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पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के लोकसभा सदस्य शशि थरूर को शुक्रवार को थाेड़ी देर तक लिफ्ट में फंसे रहना पड़ा। वह रोटरी क्लब ऑफ त्रिवेंद्रम ईस्ट के इंस्टॉलेशन समारोह में शामिल होने के लिए एक प्राइवेट होटल पहुंचे थे। वहीं पर उनके साथ यह वाकया हुआ।

तिरुवनंतपुरम: कांग्रेस के नेता और तिरुवनंतपुरम के सांसद शशि थरूर शुक्रवार को केरल में एक लिफ्ट में फंस गए। कांग्रेस नेता को सुरक्षित निकालने के लिए फायर एंड रेस्क्यू सर्विस को बुलाया, गया। रोटरी क्लब ऑफ त्रिवेंद्रम ईस्ट के इंस्टॉलेशन समारोह में शामिल होने के लिए एक प्राइवेट होटल पहुंचे कांग्रेस सांसद शशि थरूर कुछ देर के लिए लिफ्ट में फंस गए। बाहर निकलने पर शशि थरूर ने का कि उन्होंने (दमकल कर्मचारियों) हमें बाहर निकाला। चिंता न करें, हम सब ठीक हैं। कांग्रेस सांसद शशि थरूर तिरुवनंतपुरम के एक निजी होटल में लगभग 15 से 20 मिनट तक लिफ्ट में फंसे रहे।

फायर एंड रेस्क्यू सर्विस के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और हाइड्रोलिक स्प्रेडर का इस्तेमाल करके लिफ्ट का दरवाज़ा खोला और उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला। बाद में शशि थरूर ने फायर एंड रेस्क्यू सर्विस के कर्मचारियों की तत्परता के लिए उन्हें सम्मानित किया। बाद में कांग्रेस नेता ने मीडिया से कहा कि लिफ्ट फंस गई थी, हमने बाहर निकलने की हर कोशिश की लेकिन कुछ काम नहीं आया। हमने फायर एंड रेस्क्यू सर्विस को बुलाया, उन्होंने हमें बाहर निकाला।

होटल के कर्मचारियों और लिफ्ट मैकेनिक के प्रयास असफल रहने पर दमकल विभाग (फायर एंड रेस्क्यू सर्विस) को सूचना दी गई। दमकल कर्मियों ने हाइड्रोलिक स्प्रेडर की मदद से लिफ्ट का दरवाजा खोलकर उन्हें और उनके साथ मौजूद 7 अन्य लोगों को सकुशल बाहर निकाला। सुरक्षित बाहर आने के बाद शशि थरूर ने मुस्कुराते हुए बचाव दल की तारीफ की और उनका आभार व्यक्त किया।

लिफ्ट क्यों बंद हुई? इस सवाल पर शशि थरूर ने कहा है मुझे नहीं पता आप एक्सपर्ट से पूछिए। उन्होंने कहा कि मैंने सभी प्रयास किए लेकिन असफल रहा। बाद में दमकल की टीम पहुंची और उन्होंने मुझे निकाला। ग्रेट स्टोरी! शशि थरूर ने घटना पर मीडिया के संज्ञान लेने पर आभार व्यक्त किया और कहा मैं बिल्कुल ठीक हूं। इसके बाद कांग्रेस सांसद दूसरे एक अन्य कार्यक्रम के लिए निकल गए। रोटरी क्लब ऑफ त्रिवेंद्रम ईस्ट के इंस्टॉलेशन समारोह में शशि थरूर को विशेष तौर पर आमंत्रित किया गया था। शशि थरूर केरल कांग्रेस में सीनियर लीडर हैं। वे 2024 में चौथी बार तिरुवनंतपुरम से सांसद बने थे।

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