Saturday, September 19, 2026
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WORLD : पश्चिम एशिया संकट: ‘होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर भारतीय नाविकों की न करें तैनाती’, पढ़ें DGMA की एडवाइजरी

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पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच समुद्री प्रशासन महानिदेशाल ने जहाज मालिकों और भर्ती कंपनियों को अगले आदेश तक होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर भारतीय नाविकों की तैनाती से बचने की सलाह दी है। पढ़ें, DGMA ने और क्या निर्देश दिए हैं…

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत सरकार ने भारतीय नाविकों (सीफेयरर्स) की सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम उठाया है। महानिदेशालय समुद्री प्रशासन (डीजीएमए) ने जहाज मालिकों, जहाज प्रबंधन कंपनियों और भर्ती एजेंसियों को निर्देश दिया है कि अगले आदेश तक होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर भारतीय नाविकों की तैनाती न करें। डीजीएमए ने जारी एडवाइजरी में कहा है कि फारस की खाड़ी, होर्मुज जलडमरूमध्य और आसपास के समुद्री क्षेत्र में चलने वाले सभी जहाजों के कप्तान (मास्टर) सुरक्षा को लेकर पूरी सतर्कता बरतें। उन्हें संबंधित अधिकारियों की ओर से जारी नेविगेशन चेतावनियों, सुरक्षा सलाह और ताजा अपडेट पर लगातार नजर रखने के साथ-साथ इंटरनेशनल शिप एंड पोर्ट सिक्योरिटी (ISPS) कोड के तहत सभी सुरक्षा उपाय लागू करने होंगे।

यह सलाह हाल ही में एमटी अल बहियाह और एमटी मोम्बासा नाम के दो जहाजों पर हुए हमलों के बाद जारी की गई है। इन दोनों जहाजों पर कुल 46 चालक दल के सदस्य सवार थे, जिनमें 30 भारतीय नाविक शामिल थे। इस हमले में एमटी अल बहियाह पर तैनात एक भारतीय नाविक की मौत हो गई, जबकि एक अन्य घायल हो गया। वहीं एमटी मोम्बासा पर सवार नौ भारतीय नागरिक घायल हुए।

इन घटनाओं के बाद केंद्र सरकार ने मंगलवार को डीजीएमए को निर्देश दिया था कि वह ऐसा रियल-टाइम डैशबोर्ड तैयार करे, जिससे फारस की खाड़ी, होर्मुज जलडमरूमध्य और ओमान की खाड़ी में चल रहे हर जहाज पर मौजूद भारतीय नाविकों की जानकारी तुरंत उपलब्ध हो सके।

केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने डीजीएमए से कहा है कि जहाज किसी भी देश का क्यों न हो, यदि उस पर भारतीय नाविक मौजूद हैं तो उनकी पूरी जानकारी एक केंद्रीकृत डैशबोर्ड पर दर्ज की जाए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता पहुंचाई जा सके। सरकार का कहना है कि मौजूदा सुरक्षा हालात को देखते हुए भारतीय नाविकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और स्थिति सामान्य होने तक एहतियाती कदम जारी रहेंगे।

NATIONAL : समुद्र में बढ़ेगी भारत की ताकत, नौसेना में शामिल होगा स्वदेशी युद्धपोत ‘मालवन’; दुश्मन की पनडुब्बियों का करेगा शिकार

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भारतीय नौसेना 22 जुलाई को अत्याधुनिक एंटी-सबमरीन वारफेयर शैलो वाटर क्राफ्ट मालवन को बेड़े में शामिल करेगी। माहे श्रेणी का यह दूसरा पोत 80 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी तकनीक से लैस है। यह उथले समुद्री क्षेत्रों में पनडुब्बी रोधी अभियानों, तटीय सुरक्षा और भारत की आत्मनिर्भर रक्षा क्षमता को मजबूत करेगा।

नई दिल्ली: भारतीय नौसेना अपनी समुद्री सुरक्षा क्षमता को और मजबूत करने जा रही है। नौसेना 22 जुलाई को ‘मालवन’ नामक अत्याधुनिक एंटी-सबमरीन वारफेयर शैलो वाटर क्राफ्ट को औपचारिक रूप से अपने बेड़े में शामिल करेगी। यह माहे श्रेणी का दूसरा पोत है, जिसे उथले समुद्री क्षेत्रों में पनडुब्बी रोधी अभियानों के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया है।

मालवन के कमीशनिंग समारोह की अध्यक्षता वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह करेंगे। इस अवसर पर पश्चिमी नौसेना कमान के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ वाइस एडमिरल संजय वात्स्यायन समेत भारतीय नौसेना के कई वरिष्ठ अधिकारी, कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड (सीएसएल) के प्रतिनिधि, पूर्व नौसैनिक और अन्य विशिष्ट अतिथि मौजूद रहेंगे।

‘मालवन’ का निर्माण कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड (सीएसएल), कोच्चि में किया गया है। यह पोत आधुनिक युद्धपोत निर्माण और डिजाइन के क्षेत्र में भारत की बढ़ती आत्मनिर्भरता का प्रतीक माना जा रहा है।

इस युद्धपोत में 80 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी उपकरण और तकनीक का उपयोग किया गया है, जो भारत की घरेलू रक्षा निर्माण क्षमता और अत्याधुनिक युद्धपोत डिजाइन में बढ़ती विशेषज्ञता को दर्शाता है।

माहे श्रेणी के ये पोत विशेष रूप से उथले समुद्री क्षेत्रों में पनडुब्बियों का पता लगाने और उन्हें निष्क्रिय करने के लिए विकसित किए गए हैं। आकार में अपेक्षाकृत छोटे होने के बावजूद ‘मालवन’ तेज गति, फुर्ती, सटीक संचालन क्षमता और लंबी परिचालन क्षमता से लैस है।

‘मालवन’ के नौसेना में शामिल होने के साथ भारत को स्वदेशी रूप से विकसित नई पीढ़ी के उथले जल क्षेत्र में संचालन करने वाले युद्धपोतों की श्रृंखला में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि मिलेगी। यह पोत भारतीय नौसेना की समुद्री सुरक्षा, तटीय रक्षा और आत्मनिर्भर रक्षा निर्माण की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

NATIONAL : यूपी से BJP की केंद्रीय टीम में शामिल हो सकते हैं ये 5 नेता; नितिन नवीन का यूपी दौरा, फाइनल हो सकता है नाम

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यूपी से आने वाले कई नेताओं को भाजपा की केंद्रीय टीम में जगह मिल सकती है। माना जा रहा है कि यूपी चुनाव 2027 से पहले पार्टी प्रदेश के नेताओं को संगठन में जगह देकर बड़ा संदेश दे सकती है।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2017 को लेकर भारतीय जनता पार्टी दिया है। इस क्रम में केंद्र से लेकर प्रदेश स्तर तक पार्टी की गतिविधियों को तेज किया गया है। प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार के जरिए क्षेत्रीय और सामाजिक समीकरणों को साधने की कोशिश की गई है। इसके बाद संगठन के स्तर पर प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने अपनी टीम का ऐलान कर एक बड़े वर्ग को संदेश देने का प्रयास किया है। वहीं, अब भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की ओर से गठित होने वाली पार्टी की केंद्रीय टीम में प्रदेश के कई नेताओं को जगह मिलने की बात कही जा रही है। इसके जरिए पार्टी क्षेत्र और सामाजिक समीकरणों को साध कर यूपी चुनाव 2027 की रणनीति को अंतिम रूप देती दिखेगी।

नितिन नवीन की टीम में उत्तर प्रदेश के कई चेहरों को जगह मिलने की बात कही जा रही है। राष्ट्रीय संगठन में प्रदेश का प्रतिनिधित्व दिखेगा। उत्तर प्रदेश से स्मृति ईरानी को राष्ट्रीय टीम में जगह मिलने की बात कही जा रही है। इसके अलावा विनोद सोनकर को राष्ट्रीय टीम में शामिल किया जा सकता है। अमरपाल मौर्य को राष्ट्रीय टीम में जगह मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। महेंद्र सिंह और अशोक कटारिया के नाम की भी चर्चा है। दरअसल, 3-4 जुलाई को नितिन नवीन का लखनऊ दौरा है। इसके बाद बड़े परिवर्तन देखने को मिल सकते हैं।

स्मृति ईरानी: स्मृति ईरानी पिछले तीन चुनाव से अमेठी लोकसभा सीट पर भाजपा की उम्मीदवार रहीं। लोकसभा चुनाव 2014 में उन्हें राहुल गांधी से हार का सामना करना पड़ा। वहीं, कांग्रेस की परंपरागत सीट पर स्मृति ईरानी ने 2019 के लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी को हराकर जीत का झंडा गाड़ा। हालांकि, लोकसभा चुनाव 2024 में उन्हें कांग्रेस उम्मीदवार किशोरी लाल शर्मा से हार झेलनी पड़ी। हालांकि, भाजपा संगठन में लाकर राहुल गांधी को अमेठी से अलग किए जाने वाला संदेश देती दिख सकती है।

विनोद सोनकर: विनोद सोनकर भाजपा की अनुसूचित जाति का बड़ा चेहरा हैं। वे 2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव में कौशांबी सीट पर जीत दर्ज की थी। वे भाजपा के राष्ट्रीय संगठन में काम कर चुके हैं। उनके जरिए भाजपा विपक्ष के दलित पॉलिटिक्स को निशाना पर लेने की कोशिश करती दिखेगी। इसके अलावा प्रयागराज और आसपास के इलाकों के इस वर्ग के वोट बैंक पर भी पार्टी की नजर रहेगी।

अमरपाल मौर्य: रायबरेली से आने वाले अमरपाल मौर्य का अपने समाज में खासा प्रभाव है। ऊंचाहार सीट से वे भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ चुके हैं। हालांकि, उन्हें तत्कालीन सपा उम्मीदवार मनोज पांडेय से हार झेलनी पड़ी थी। मनोज पांडेय अब भाजपा में हैं। योगी सरकार में मंत्री बन चुके हैं। वहीं, अमरपाल मौर्य को राज्यसभा भेजा जा चुका है। ऐसे में उन्हें संगठन में लाकर मौर्य समाज को बड़ा संदेश देने का प्रयास होगा।

महेंद्र सिंह: डॉ. महेंद्र सिंह यूपी विधान परिषद के सदस्य रहे हैं। उन्हें योगी सरकार के पहले कार्यक्रम में मंत्रिमंडल में भी जगह मिली थी। महेंद्र सिंह पहले भी भाजपा के राष्ट्रीय परिषद सदस्य रह चुके हैं। प्रतापगढ़ से आने वाले महेंद्र सिंह को संगठनात्मक कौशल के कारण नितिन नवीन की टीम में जगह मिलने की बात कही जा रही है।

अशोक कटारिया: अशोक कटारिया यूपी विधान परिषद के सदस्य हैं। वे योगी सरकार के पहले कार्यकाल में मंत्री रह चुके हैं। बिजनौर से आने वाले अशोक कटारिया किसान परिवार से हैं। अशोक कटारिया गुर्जर समाज से आते हैं। पश्चिमी यूपी में जाट-गुर्जर समाज के बीच अपनी पकड़ को मजबूत करने के लिए भाजपा बड़े दांव खेल सकती है। इस कारण अशोक कटारिया का नाम भी खूब चर्चा में है।

NATIONAL : ‘दल-बदल नहीं, भरोसे का संकट’, INDI गठबंधन के आरोपों पर BJP का पलटवार, कहा-अपने कर्मों से बिखर रहा यह ब्लॉक

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भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर विपक्षी दलों को तोड़ने का आरोप लगाने के लिए कांग्रेस की आलोचना करते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि ‘तथाकथित’ ’इंडिया’ (इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस) गठबंधन अपने ’कर्मों और नेतृत्व की अक्षमता’ के कारण खुद ही बिखर रहा है। इससे पहले, कांग्रेस के संचार विभाग के प्रभारी महासचिव जयराम रमेश ने आरोप लगाया था कि गृह मंत्री ने ‘पार्टियों को तोड़ा’ है और वह ‘चालाकी’ से संसद में दो-तिहाई बहुमत जुटाने की कोशिश कर रहे हैं। रमेश ने कहा कि ऐसा करना संविधान का अपमान होगा और इस तरह हासिल किया गया बहुमत ‘लोकतंत्र पर धब्बा’ होगा।

इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि विपक्ष का ‘तथाकथित’ ‘इंडिया’ गठबंधन ‘अंतर्विरोधों, हताशा और सत्ता की लालसा’ से बनाया गया था। राज्यसभा सदस्य त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रति ‘हताशा और ईर्ष्या’ के कारण भी यह गठबंधन बनाया था। उन्होंने कहा कि ‘तथाकथित इंडिया गठबंधन’अपने कर्मों और नेतृत्व की अक्षमता के कारण खुद ही बिखरता दिखाई दे रहा है। रमेश पर निशाना साधते हुए त्रिवेदी ने पूछा, ‘क्या ‘इंडिया’गठबंधन का वास्तव में कोई अस्तित्व है? क्या आपने लोकसभा अध्यक्ष और राज्यसभा के सभापति को लिखित रूप में बताया है कि कौन-कौन से दल ‘इंडिया’ गठबंधन के सदस्य हैं और क्या आपने इसकी पुष्टि की है कि उन सभी ने मिलकर किसी व्यक्ति को अपना नेता चुना है?’

उन्होंने कहा, ‘अगर ऐसा कुछ है ही नहीं, तो जिस चीज का वास्तव में कोई अस्तित्व नहीं है, उसके बिखरने का दोष दूसरों पर लगाकर अपनी विफलताओं को छिपाने की निरर्थक कोशिश न करें। मेरा मानना है कि कांग्रेस को आत्मचिंतन करना चाहिए।’ त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि ‘इंडिया’ गठबंधन में शामिल दल और उनके नेता एक-दूसरे पर भरोसा नहीं करते।

दल-बदल कानून भी लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा-BJP
भाजपा के एक अन्य प्रवक्ता तुहिन सिन्हा ने रमेश के आरोप को ‘पूरी तरह गलत’बताते हुए कहा कि दल-बदल रोधी कानून के दायरे में हुए सभी राजनीतिक बदलाव कानूनी हैं। सिन्हा ने से कहा, ‘वे विपक्ष से अलग होकर भाजपा के साथ जुड़ना चाहते हैं। लेकिन ऐसा करते समय हमने यह सुनिश्चित किया है कि दल-बदल रोधी कानून के सभी प्रावधानों का पालन हो और उनका सम्मान किया जाए।’ उन्होंने कहा, ‘अगर दल-बदल रोधी कानून के प्रावधानों का पालन करते हुए तृणमूल कांग्रेस के 22 सदस्य अलग होकर कोई नई पार्टी बनाते हैं या किसी दूसरी पार्टी के साथ जुड़ जाते हैं, अथवा उद्धव ठाकरे की पार्टी विभाजित होकर किसी अन्य पार्टी में मिल जाती है तो इसमें हमारी क्या गलती है? यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है।’

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि एक समय कांग्रेस के पास संख्या बल था, लेकिन आज भाजपा के पास संख्या बल है। उन्होंने कहा, ‘यह कहना पूरी तरह हास्यास्पद है कि हमने यह संख्या गैर-कानूनी तरीके से जुटाई है। यह कांग्रेस की हताशा को दर्शाता है।’परिसीमन के प्रति कांग्रेस के विरोध को खारिज करते हुए सिन्हा ने आरोप लगाया कि पार्टी को डर है कि इस प्रक्रिया से राजनीतिक परिवारों का दबदबा कमजोर हो जाएगा। उन्होंने कहा, ‘जयराम रमेश कहते हैं कि वे परिसीमन का पुरजोर विरोध करेंगे। यह कांग्रेस पार्टी की विशेषाधिकार वाली मानसिकता को दर्शाता है। वे युवा-विरोधी और महिला-विरोधी हैं।’ भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि परिसीमन की प्रक्रिया काफी समय से लंबित है और इससे राजनीति में नए लोगों के लिए अवसर पैदा होंगे।

HEALTH : इलाज से बीमा क्लेम तक में होंगे सुधार, संसदीय समिति कसेगी नकेल; कंपनियों पर भी होगी सख्ती

संसद की स्वास्थ्य संबंधी स्थायी समिति ने गंभीर बीमारियों के इलाज को अधिक सुलभ और किफायती बनाने के उपायों पर विशेषज्ञों के साथ विस्तृत चर्चा की। बैठक में स्वास्थ्य बीमा दावों के निपटान में देरी और अस्वीकृति के मामलों पर भी चिंता जताई गई, जिस पर बीमा नियामक ने पारदर्शी और समयबद्ध व्यवस्था लागू करने का भरोसा दिया।

इलाज के बढ़ते खर्च से जूझ रहे करोड़ों मरीजों को राहत देने की दिशा में संसद की स्वास्थ्य संबंधी स्थायी समिति ने गहन मंथन किया है। दो दिनों तक समिति ने विशेषज्ञों से पूछा कि गरीबों को कैंसर, किडनी, लीवर, डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारियों का इलाज कम खर्च में कैसे उपलब्ध कराया जाए? साथ ही आयुष्मान भारत, सीजीएचएस और जन औषधि जैसी योजनाओं की पहुंच बढ़ाने व सरकारी अस्पतालों को मजबूत बनाने पर भी चर्चा हुई।

समिति सदस्यों ने कहा कि लाखों लोग हर साल प्रीमियम भरते हैं, लेकिन जरूरत पड़ने पर कई कंपनियां तकनीकी कारणों का हवाला देकर क्लेम खारिज कर देतीं या भुगतान में महीनों देरी करती हैं। इससे मरीजों और उनके परिवारों पर इलाज का भारी आर्थिक बोझ पड़ता है। इस मुद्दे पर आईआरडीएआई से जवाब मांगा गया।

नियामक ने समिति को भरोसा दिलाया कि क्लेम निपटान की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, समयबद्ध व जवाबदेह बनाने के लिए नए सुधार लागू किए जा रहे, ताकि पॉलिसीधारकों के साथ किसी तरह का अन्याय नहीं हो। समिति के सामने उठा कि इलाज और दवाओं का खर्च लोगों को आर्थिक संकट में डाल देता है। इस पर विशेषज्ञों ने सुझाव दिया कि जन औषधि केंद्रों का तेजी से विस्तार किया जाए, आवश्यक दवाओं की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित की जाए और जेनेरिक दवाओं को बढ़ावा दिया जाए।

समिति अब सभी से मिले सुझावों और मंत्रालय के जवाबों के आधार पर अपनी सिफारिशें तैयार करेगी। माना जा रहा कि इन सिफारिशों में आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं को और प्रभावी बनाने, सस्ती दवाओं की उपलब्धता बढ़ाने, अस्पतालों की गुणवत्ता सुधारने और गंभीर बीमारियों के इलाज का आर्थिक बोझ कम करने के लिए ठोस सुझाव शामिल हो सकते हैं। बीमा कंपनियों पर भी शिकंजा कसने की तैयारी है।

NATIONAL : वैश्विक मंच पर भारत की ताकत: फार्नबरो एयर शो में दिखेगा तेजस का दम; कोच्चि में जुटेगी 40 देशों की नौसेना

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भारत रक्षा और एयरोस्पेस क्षेत्र में अपनी बढ़ती ताकत का प्रदर्शन वैश्विक स्तर पर करने जा रहा है। एक तरफ एचएएल ब्रिटेन के फार्नबरो एयर शो में तेजस और प्रचंड जैसे स्वदेशी विमानों के साथ रणनीतिक साझेदारी तलाशेगा, वहीं दूसरी ओर भारतीय नौसेना कोच्चि में बहुराष्ट्रीय अभ्यास ‘ऑपरेशन सदर्न रेडीनेस 2026’ की मेजबानी करेगी। इसमें 40 से अधिक देशों की नौसेनाएं शामिल होकर समुद्री सुरक्षा और आधुनिक रक्षा प्रणालियों पर आपसी सहयोग मजबूत करेंगी।

हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लि. (एचएएल) 20 से 24 जुलाई तक ब्रिटेन के हैम्पशायर में होने वाले फार्नबरो इंटरनेशनल एयर शो में भारत की एयरोस्पेस और रक्षा क्षमताओं का प्रदर्शन करेगी। कंपनी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक रवि के के नेतृत्व में अंतरराष्ट्रीय आयोजन में हिस्सा लेगा।

एचएएल इस दौरान अपने स्वदेशी रक्षा प्लेटफॉर्मों का प्रदर्शन करने के साथ वैश्विक कंपनियों, सरकारों और रक्षा संस्थानों के साथ नई रणनीतिक साझेदारियां भी तलाशेगी। शो में एचएएल एलसीए तेजस, लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर प्रचंड, एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर ध्रुव, रुद्र और लाइट यूटिलिटी हेलीकॉप्टर जैसे स्वदेशी प्लेटफॉर्म प्रदर्शित करेगी। इनके जरिए भारत अपनी डिजाइन, विकास और रक्षा उत्पादन क्षमता को दुनिया के सामने रखेगा।

भारतीय रक्षा उद्योग प्रतिनिधिमंडल भी लेगा हिस्सा
कंपनी की योजना विमान प्रणालियों, एयरो इंजन, एवियोनिक्स, रखरखाव, मरम्मत और उच्च तकनीक विनिर्माण के क्षेत्र में जीई एयरोस्पेस, ईटन एयरोस्पेस, हनीवेल, सफरान, मार्टिन-बेकर और एमबीडीए जैसी वैश्विक कंपनियों के साथ सहयोग बढ़ाने की भी है। भारतीय रक्षा उद्योग की भागीदारी को मजबूत करने के लिए सोसाइटी ऑफ इंडियन डिफेंस मैन्युफैक्चरर्स (एसआईडीएम), ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय और यूके-इंडिया बिजनेस काउंसिल के सहयोग से एक भारतीय रक्षा उद्योग प्रतिनिधिमंडल भी एयर शो में हिस्सा लेगा। इसका उद्देश्य भारतीय कंपनियों को वैश्विक रक्षा उद्योग के साथ तकनीकी सहयोग और नए कारोबारी अवसर उपलब्ध कराना है।

कोच्चि में प्रशिक्षण अभ्यास, जुटेंगी 40 देशों की नौसेनाएं
नौसेना 20 जुलाई से कोच्चि स्थित दक्षिणी नौसेना कमान में चार दिवसीय बहुराष्ट्रीय प्रशिक्षण अभ्यास ऑपरेशन सदर्न रेडीनेस 2026 की मेजबानी करने जा रही है। कार्यक्रम में कंबाइंड मैरीटाइम फोर्सेज (सीएमएफ) के सदस्य 40 से अधिक देशों के नौसैनिक हिस्सा लेंगे। नौसेना ने बताया कि इस साझेदारी के माध्यम से समुद्री सुरक्षा प्रशिक्षण, व्यावहारिक अनुभव और सर्वोत्तम प्रथाओं का आदान-प्रदान किया जाएगा। प्रतिभागियों को थ्योरी और प्रैक्टिकल में प्रशिक्षित किया जाएगा। साथ ही अत्याधुनिक सिमुलेटरों और जहाजों पर व्यावहारिक अभ्यास भी शामिल होगा।

अभ्यास के दौरान समुद्री कानून और जागरूकता के तहत मैरीटाइम लॉ, मैरीटाइम डोमेन अवेयरनेस और सूचनाओं के आदान-प्रदान पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। साथ ही, सुरक्षा और खतरों से निपटने के लिए मादक पदार्थों की तस्करी पर रोक, असममित खतरों और आधुनिक तकनीक के रूप में समुद्री मानवरहित प्रणालियों पर विशेष सत्र भी आयोजित होंगे।

NATIONAL : अमित शाह का दो दिवसीय बंगाल दौरा: सीमा सुरक्षा को मजबूत करने पर रहेगा जोर, आला अधिकारियों के साथ करेंगे बैठक

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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का दो दिवसीय बंगाल दौरा सीमा सुरक्षा, नए कानूनों के क्रियान्वयन और कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने पर केंद्रित है। सिलीगुड़ी से लेकर कोलकाता तक प्रशासनिक बैठकों के साथ-साथ वे वर्ड म्यूजियम और अमूल डेयरी की नई परियोजना का तोहफा भी राज्य को देंगे।

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह का दो दिवसीय पश्चिम बंगाल दौरा बेहद सुर्खियों में है। वह शुक्रवार रात 9 बजे बागडोगरा हवाई अड्डे पहुंचेंगे। इसके बाद वे सीधे सिलीगुड़ी के कदमतला स्थित बीएसएफ फ्रंटियर मुख्यालय जाएंगे और वहीं रात्रि विश्राम करेंगे। इस हाई-प्रोफाइल दौरे का मुख्य उद्देश्य सीमा सुरक्षा को अभेद्य बनाना, नए कानूनों को लागू करना और राज्य की कानून-व्यवस्था को दुरुस्त करना है। राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में इस बात को लेकर भारी उत्सुकता है कि क्या शाह के इस कदम से राज्य की जमीनी स्थितियां बदलेंगी?

क्या है अमित शाह का बड़ा प्लान?
शनिवार की सुबह अमित शाह सीधे सीमा चौकी जुमागाछ (BSF की 18वीं बटालियन) पहुंचेंगे। वहां वे ‘प्रहरी सम्मेलन’ में हिस्सा लेकर जवानों की हौसलाअफजाई करेंगे। सीमा पर तैनात प्रहरियों के साथ सीधा संवाद होगा और वे सीमा क्षेत्र के विकास से जुड़ी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन करेंगे। इसके बाद सिलीगुड़ी के उत्तरकन्या सभागार में एक महामंथन शुरू होगा। दोपहर दो बजे होने वाली इस उच्चस्तरीय प्रशासनिक बैठक में राज्य के आला अधिकारियों के साथ नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन की गहन समीक्षा की जाएगी। शाम को जन्म और मृत्यु पंजीकरण व्यवस्था को डिजिटल और सुलभ बनाने के लिए भी खास चर्चा होनी तय है।

दौरे की पांच सबसे बड़ी बातें
सुरक्षा बलों का हौसला: सीमा चौकी जुमागाछ में बीएसएफ जवानों से सीधा संवाद और प्रहरी सम्मेलन।
कानूनी बदलावों पर नजर: देश में लागू नए आपराधिक कानूनों के जमीनी असर की उच्चस्तरीय समीक्षा।
सुरक्षा व्यवस्था पर मंथन: पश्चिम बंगाल की कानून-व्यवस्था को लेकर राज्य और केंद्र की सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय।
संस्कृति को सम्मान: राष्ट्रीय पुस्तकालय कोलकाता में आधुनिक ‘वर्ड म्यूजियम’ का भव्य उद्घाटन।
श्वेत क्रांति को बढ़ावा: अमूल बंगाल डेयरी के नए अत्याधुनिक दही संयंत्र का शिलान्यास।

विकास को नई रफ्तार देने की क्या तैयारी?
शनिवार रात को कोलकाता पहुंचने के बाद शाह अलीपुर के सौजन्य गेस्ट हाउस में रुकेंगे। रविवार का दिन पूरी तरह विकास और कानून-व्यवस्था के नाम रहेगा। शाह राष्ट्रीय पुस्तकालय परिसर में नवनिर्मित शानदार ‘वर्ड म्यूजियम’ का उद्घाटन करेंगे। यह संग्रहालय भाषा और संस्कृति के प्रेमियों के लिए एक बड़ा केंद्र बनेगा। इसके बाद वे विश्व बांग्ला कन्वेंशन सेंटर में ‘अमूल बंगाल डेयरी’ के नए दही संयंत्र की आधारशिला रखेंगे। यह परियोजना राज्य के ग्रामीण इलाकों में सहकारिता और रोजगार को एक नई मजबूती देने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।

NATIONAL : प्रधानमंत्री मोदी के विदेश दौरे का दूसरा दिन, भारत-इंग्लैंड के बीच तीसरा टी20 मुकाबला

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आज 7 जुलाई 2026 को आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की सप्तमी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीन दोशों के दौरे आज दूसरा दिन है। इसके साथ ही भारत-इंग्लैंड के बीच तीसरा टी20 मैच है।

पीएम मोदी के तीन देशों के दौरे का दूसरा दिन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन देशों के दौरे पर हैं। आज उनके इस दौरे के दूसरा दिन है। अपने दौरे के पहले चरण में प्रधानमंत्री इंडोनेशिया में हैं। प्रधानमंत्री मोदी 6 से 8 जुलाई तक इंडोनेशिया की यात्रा पर रहेंगे। इस दौरान दोनों देश कृषि, स्वास्थ्य सेवा, खाद्य सुरक्षा, डिजिटल गवर्नेंस, रक्षा समेत तमाम अहम मुद्दों पर सहयोग बढ़ाने पर चर्चा करेंगे। डिजिटल भुगतान दोनों देशों के बीच सहयोग का एक प्रमुख आधार बन रहा है। इंडोनेशिया इस क्षेत्र में भारत के अनुभव का लाभ उठा रहा है। इस पहल से पर्यटन, व्यापार और डिजिटल कॉमर्स को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इंडोनेशिया के बाद पीएम मोदी 8 से 10 जुलाई के बीच ऑस्ट्रेलिया और 10-11 जुलाई को न्यूजीलैंड के दौरे पर रहेंगे।

युवा संसद प्रतियोगिता का पुरस्कार वितरण
विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के लिए 17वीं राष्ट्रीय युवा संसद प्रतियोगिता, 2024-25 का पुरस्कार वितरण समारोह मंगलवारको दोपहर तीन बजे से जीएमसी बालायोगी सभागार आयोजित किया जाएगा। संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल समारोह की अध्यक्षता करेंगे। मेघवाल प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पुरस्कार विजेता विश्वविद्यालयों/कॉलेजों और छात्रों को पुरस्कार वितरित करेंगे।

गृह मंत्री दिल्ली में 300 नई इलेक्ट्रिक बसों को दिखाएंगे हरी झंडी
राजधानी के सार्वजनिक परिवहन बेड़े में 300 नई इलेक्ट्रिक बसें शामिल की जा रही हैं। इन बसों को 7 जुलाई को आरके पुरम में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। नई बसों को प्राथमिकता के आधार पर उन रूटों पर तैनात किया जाएगा, जहां यात्रियों की संख्या अधिक रहती है और पीक ऑवर में बसों पर सबसे ज्यादा दबाव होता है। परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, नई बसों के संचालन से यात्रियों का इंतजार कम होगा और भीड़भाड़ वाली बसों में सफर करने की मजबूरी भी घटेगी।

त्विषा शर्मा मौत मामले में अहम दिन
भोपाल के हाई-प्रोफाइल त्विषा शर्मा संदिग्ध मौत मामले में भोपाल जिला न्यायालय में अहम सुनवाई होगी। अदालत वॉइस सैंपल और पासवर्ड पर आज आदेश देगी। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने इस मामले में आरोपी पूर्व जिला एवं सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह और उनके अधिवक्ता पुत्र समर्थ सिंह के वॉइस सैंपल लेने तथा समर्थ सिंह के लैपटॉप का पासवर्ड उपलब्ध कराने की अनुमति के लिए आवेदन दिया था। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था। अब 7 जुलाई को अदालत आदेश देगी।

करूर भगदड़ मामले में सुनवाई
तमिलनाडु के करूर भगदड़ मामले में सुप्रीम कोर्ट सात जुलाई को एक अहम याचिका पर सुनवाई करेगा। इस याचिका में आरोप लगाया गया है कि मामले के कुछ आरोपी, जो वर्तमान सरकार में मंत्री हैं, गवाहों को सक्रिय रूप से प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं। वरिष्ठ अधिवक्ता हुजेफा अहमदी ने अदालत को बताया कि इस मामले की जांच पहले से सीबीआई कर रही है.

NATIONAL : देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का पूरा शेड्यूल जारी, जींद-सोनीपत के बीच कहां स्टॉपेज? सबकुछ जान लीजिए

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 जुलाई को देश की पहली हाइड्रोजन-पावर्ड ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। इसके साथ ही वे हरियाणा में कई अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स का भी उद्घाटन करेंगे। इससे पहले इंडियन रेलवे ने जींद से सोनीपति के बीच प्रस्तावित हाइड्रोजन ट्रेन का पूरा शेड्यूल जारी कर दिया है।

चंडीगढ़\जींद: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ( Narendra Modi) 17 जुलाई को जींद में देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन ( Hydrogen Train ) को झंडी दिखाएंगे। प्रधानमंत्री के जींद आगमन को लेकर हरियाणा सरकार पूरी तरह से सक्रिय है। हरियाणा के मुख्य सचिव ने शुक्रवार को दो आईएएस और चार एचसीएस अधिकारियों को जींद में तैनात किया है। हरियाणा सरकार में मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने बताया कि पीएम मोदी हरियाणा में कई अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स का भी उद्घाटन करेंगे। उधर, इंडियन रेलवे ने हाइड्रोजन-पावर्ड ट्रेन का पूरा शेड्यूल जारी कर दिया है।

जींद से सोनीपत के लिए कितने बजे चलेगी हाइड्रोजन ट्रेन?
देश में हाइड्रोजन से चलने वाली पहली ट्रेन जींद और सोनीपत के बीच 89 किलोमीटर की दूरी दो घंटे में तय करेगी और रास्ते में 12 स्टेशनों पर रुकेगी। रेलवे बोर्ड की ओर से उत्तर रेलवे को जारी एक आधिकारिक संदेश के अनुसार, हाइड्रोजन ट्रेन नंबर 74010 अपनी नियमित के दौरान सुबह 7.40 बजे जींद रेलवे स्टेशन से रवाना होगी और सुबह 9.40 बजे सोनीपत पहुंचेगी।

किन-किन स्टेशनों पर रुकेगी हाइड्रोजन ट्रेन?
रेलवे के अनुसार, हाइड्रोजन ट्रेन बीच में पड़ने वाले 12 स्टेशनों पर रुकेगी। इनमें जींद सिटी, पांडु पिंडारा, ललित खेड़ा, भम्बेवा, ईशापुर खेड़ी, बुटाना, खंदराई, गोहाना, रभड़ा, लाठ, मोहना और बड़वासनी शामिल हैं। वापसी की यात्रा में ट्रेन नंबर 74009 सोनीपत से सुबह 10.40 बजे चलेगी और दोपहर 1.00 बजे जींद पहुँचेगी। रास्ते में यह संबंधित स्टेशनों पर रुकेगी।

दुनिया की सबसे लंबी हाइड्रोजन-पावर्ड ट्रेन
इंडियन रेलवे के मुताबिक जींद-सोनीपत सेक्शन के लिए प्रस्तावित हाइड्रोजन फ्यूल सेल-बेस्ड ट्रेन 10-कोच वाली होगी। इसकी अधिकतम स्पीड 75 किमी प्रति घंटा होगी। यह 1,200 KW के हाइड्रोजन फ्यूल सेल प्रोपल्शन सिस्टम से चलेगी। इस ट्रेन को पूरी तरह से भारत में डिजाइन और डेवलप किया गया है। ब्रॉड गेज प्लेटफॉर्म पर बनी यह ट्रेन 10 कोच के साथ दुनिया की सबसे लंबी हाइड्रोजन-पावर्ड ट्रेन है।

जींद-सोनीपत रूट को क्यों चुना?
इस प्रोजेक्ट के लिए हरियाणा में जींद-सोनीपत रूट को पायलट कॉरिडोर के तौर पर चुना गया है। ऑपरेशन को सपोर्ट करने के लिए जींद में एक स्वदेशी हाइड्रोजन स्टोरेज और रीफ्यूलिंग सुविधा बनाई गई है। पेट्रोलियम एंड एक्सप्लोसिव्स सेफ्टी ऑर्गनाइज़ेशन (PESO) ने इस सुविधा केंद्र पर कंप्रेस्ड हाइड्रोजन गैस के स्टोरेज और वितरण के लिए जरूरी लाइसेंस जारी कर दिया है। रीफ्यूलिंग इंफ्रास्ट्रक्चर में हाइड्रोजन कम्प्रेशन सिस्टम के साथ-साथ जरूरी टेक्निकल सपोर्ट और अहम स्पेयर पार्ट्स शामिल हैं, ताकि भरोसेमंद और सुरक्षित ऑपरेशन सुनिश्चित किया जा सके। एक स्टैंडबाय कम्प्रेशर यूनिट भी उपलब्ध कराई जा रही है।

हाइड्रोजन ट्रेन टेक्नोलॉजी कैसे करती है काम?
हाइड्रोजन फ्यूल सेल टेक्नोलॉजी हाइड्रोजन से जुड़ी केमिकल रिएक्शन के जरिए बिजली पैदा करती है, जिसमें पानी की भाप ही एकमात्र बाय-प्रोडक्ट होती है। यह इसे पारंपरिक ट्रैक्शन सिस्टम (जो फॉसिल फ्यूल पर निर्भर होते हैं) की तुलना में एक साफ-सुथरा विकल्प बनाती है। दुनिया भर में हाइड्रोजन-पावर्ड रेल ट्रांसपोर्ट को सस्टेनेबल मोबिलिटी के लिए एक बेहतर विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है। इस पहल के साथ भारत जर्मनी, जापान, चीन और अमेरिका जैसे उन चुनिंदा देशों के समूह में शामिल हो जाएगा जो हाइड्रोजन-आधारित रेल ट्रांसपोर्ट पर काम कर रहे हैं।

BUSINESS : रेल यात्रियों के लिए खुशखबरी: IRCTC की नई बीटा वेबसाइट लॉन्च, बदला टिकट बुकिंग का अंदाज; हुए ये चार बड़े बदलाव

आईआरसीटीसी की नई वेबसाइट का लिंक मौजूदा वेबसाइट के होमपेज पर भी उपलब्ध कराया गया है। रेलवे ने बताया कि नई वेबसाइट को आसान नेविगेशन, बेहतर यूजर इंटरफेस और तेज टिकट बुकिंग को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है।

रेल मंत्री ने छात्रों से किया अपना वादा तय समय पर पूरा कर दिया है। यात्रियों को बेहतर टिकट बुकिंग अनुभव देने के लिए आईआरसीटीसी की नई वेबसाइट का बीटा वर्जन बुधवार को लॉन्च कर दिया गया। नई वेबसाइट को यूजर्स के लिए ट्रायल के तौर पर उपलब्ध कराया गया है, ताकि यात्री इसके नए डिजाइन और सुविधाओं का अनुभव लेकर अपने सुझाव दे सकें।

आईआरसीटीसी की नई वेबसाइट को यूजर एक्सपीरियंस बेहतर बनाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसमें आसान नेविगेशन, साफ-सुथरा इंटरफेस और टिकट बुकिंग प्रक्रिया को सरल बनाने पर जोर दिया गया है। वेबसाइट में किए गए सुधारों के सुझाव मालवीय राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (MNIT) के छात्रों ने रेल मंत्री के साथ बातचीत के दौरान दिए थे।]

आईआरसीटीसी वेबसाइट की शुरुआत साल 2002 में हुई थी और फिलहाल इस पर रोजाना औसतन करीब 14.5 लाख टिकट बुक होते हैं। नई वेबसाइट में चार बड़े बदलाव किए गए हैं।

यात्रियों के लिए सेव किए गए पैसेंजर डिटेल्स की सुविधा दी गई है, जिससे बार-बार जानकारी भरने की जरूरत नहीं होगी।

आईआरसीटीसी ने बताया कि बीटा वर्जन से मिलने वाले यूजर फीडबैक के आधार पर आगे और सुधार किए जाएंगे। आने वाले समय में नई वेबसाइट को नए पैसेंजर रिजर्वेशन इंजन से भी जोड़ा जाएगा।रेलवे पुराने पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम को भी अपग्रेड कर रहा है। यह सिस्टम कई ट्रेन बुकिंग प्लेटफॉर्म को सपोर्ट करता है और अपग्रेडेशन के दौरान इसे लगातार चालू रखना एक बड़ी चुनौती थी। नया रिजर्वेशन इंजन जल्द शुरू किया जाएगा। इसके बाद कुछ हफ्तों में आईआरसीटीसी का पूरी तरह नया पोर्टल यात्रियों के लिए उपलब्ध हो जाएगा।

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