Thursday, March 26, 2026
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MP : 10वीं बोर्ड परीक्षा के दौरान वॉशरूम में छात्रा ने दिया बच्चे को जन्म, घरवालों को प्रेग्नेंसी की खबर तक नहीं

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धार जिले में 10वीं की बोर्ड परीक्षा के दौरान एक नाबालिग छात्रा ने स्कूल के वॉशरूम में बच्चे को जन्म दे दिया. इस घटना से परीक्षा केंद्र में हड़कंप मच गया. जच्चा-बच्चा को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया. जहां दोनों की हालत स्थिर है. धार ASP पारुल बेलापुरकर ने बताया कि छात्रा एक प्राइवेट स्कूल में बने परीक्षा केंद्र पर पेपर देने पहुंची थी. उसने करीब डेढ़ से दो घंटे तक गणित का पेपर हल किया. अचानक छात्रा ने पेट में तेज दर्द की शिकायत की और वॉशरूम जाने की इजाजत मांगी.

वॉशरूम जाने के कुछ देर बाद वहां से नवजात बच्चे के रोने की आवाज आई. वहां मौजूद महिला कर्मचारी तुरंत मौके पर पहुंचीं और स्थिति देखकर दंग रह गई. छात्रा ने एक बच्चे को जन्म दिया था.

परीक्षा केंद्र में अफरा-तफरी मच गई. आनन-फानन में 108 एंबुलेंस को बुलाया गया और जच्चा-बच्चा को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया. शुरुआती जांच में पता चला है कि बच्चा 34 हफ्ते (करीब 8 महीने) का है. यानी यह एक प्री-मैच्योर डिलीवरी थी. वर्तमान में मां और बच्चा दोनों की स्थिति पर डॉक्टर नजर रखे हुए हैं.

पुलिस की पूछताछ में इस मामले में कई सनसनीखेज पहलू सामने आए हैं. छात्रा के परिजनों ने बताया कि उसकी सगाई हो चुकी थी और वे 18 साल की होने पर उसकी शादी करने वाले थे. हालांकि, छात्रा ने पुलिस को बताया कि बच्चा उसके मंगेतर का नहीं, बल्कि उसके प्रेमी का है. छात्रा ने बताया कि उसकी मुलाकात प्रेमी से 2024 में एक गरबा कार्यक्रम के दौरान हुई थी, जिसके बाद उनके बीच संबंध बने. वह पिछले दो साल से उसके संपर्क में थी. छात्रा की मां और पिता ने दावा किया है कि उन्हें अपनी बेटी की प्रेग्नेंसी की भनक तक नहीं थी.

पुलिस अधिकारी ने बताया, चूंकि छात्रा नाबालिग है, इसलिए पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है. पुलिस ने POCSO एक्ट के तहत जीरो पर FIR दर्ज कर ली है. प्राथमिक जांच के बाद मामले को इंदौर जिले के बेटमा पुलिस को स्थानांतरित किया जा रहा है.

NATIONAL : मधेपुरा में बुजुर्ग दंपति को घर में बंधक बनाकर मचाई 15 लाख की लूट……..

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मधेपुरा जिले के भर्राही थाना क्षेत्र में देर रात हथियारबंद अपराधियों ने एक बुजुर्ग दंपति को बंधक बनाकर करीब 15 लाख रुपये की लूट को अंजाम दिया. बदमाश नकाब पहनकर घर के पीछे से घुसे और नकदी व जेवरात समेटकर फरार हो गए. पुलिस ने मामला दर्ज कर एफएसएल और डीआईयू टीम के साथ जांच शुरू कर दी है.

बिहार के मधेपुरा जिले में अपराधियों के हौसले एक बार फिर बुलंद नजर आए. भर्राही थाना क्षेत्र अंतर्गत महेशुआ पंचायत के ब्रह्मोत्तर वार्ड संख्या 8 में बुधवार अहले सुबह करीब दो बजे बेखौफ हथियारबंद बदमाशों ने एक बुजुर्ग दंपति को बंधक बनाकर लाखों की लूट की वारदात को अंजाम दिया. घटना के बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है.पीड़ित गृहस्वामी तेजनारायण गुप्ता ने बताया कि उनका बेटा बाहर रहकर काम करता है, जबकि वे घर के सामने ही किराना दुकान चलाते हैं. रोज की तरह रात में दुकान बंद कर दंपति घर के भीतर सो रहे थे. इसी दौरान करीब छह की संख्या में नकाबपोश अपराधी घर के पीछे की ओर से अंदर घुस आए. सभी के हाथों में हथियार थे.

बदमाशों ने सबसे पहले दंपति को जगाकर हथियार सटा दिए और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी. भयभीत दंपति को एक कमरे में बिठाकर अपराधियों ने पूरे घर की तलाशी ली. अलमारी और बक्सों को खंगालते हुए बदमाश करीब पांच लाख रुपये नकद और लगभग दस लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के जेवरात समेट ले गए. वारदात को अंजाम देने के बाद अपराधी आराम से फरार हो गए.

सुबह घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग जुट गए. सूचना पर भर्राही थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच-पड़ताल शुरू की. पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने के लिए एफएसएल और डीआईयू की टीम को भी बुलाया है.मामले को लेकर एएसपी प्रवेंद्र भारती ने बताया कि पीड़ित के बयान पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और विभिन्न बिंदुओं पर जांच की जा रही है. आसपास के संदिग्ध लोगों से पूछताछ की जा रही है तथा अपराधियों की पहचान के प्रयास तेज कर दिए गए हैं. पुलिस ने जल्द ही घटना के उद्भेदन का दावा किया है. फिलहाल ग्रामीणों में भय और आक्रोश दोनों का माहौल है.

IND vs ZIM : कब कितने बजे से खेला जाएगा भारत जिम्बाब्वे का मैच……

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टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 मुकाबले में आज भारत और जिम्बाब्वे की टीमें आमने-सामने होंगी. सेमीफाइनल की उम्मीदों को जिंदा रखने के लिए टीम इंडिया को यह मैच हर हाल में जीतना होगा.

आईसीसी मेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 चरण में आज भारत का मुकाबला जिम्बाब्वे से होने जा रहा है. मौजूदा चैंपियन भारतीय टीम के लिए यह मैच बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि सेमीफाइनल की रेस में बने रहने के लिए अब हर मुकाबला ‘करो या मरो’ जैसा हो चुका है. हाल ही में भारत को साउथ अफ्रीका के खिलाफ 76 रन की बड़ी हार का सामना करना पड़ा था, जिसने टीम की लगातार जीत की लय तोड़ दी.

अब टीम इंडिया को टूर्नामेंट में वापसी के लिए जिम्बाब्वे के खिलाफ हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी. दूसरी ओर जिम्बाब्वे भी अपने पिछले मुकाबले में वेस्टइंडीज से करारी हार झेल चुकी है और वह भी जीत के साथ वापसी करना चाहेगी. ऐसे में दोनों टीमों के लिए यह मुकाबला काफी निर्णायक साबित हो सकता है.

भारत और जिम्बाब्वे के बीच यह सुपर-8 मुकाबला आज यानी 26 फरवरी को खेला जाएगा. मैच का आयोजन चेन्नई के ऐतिहासिक एम ए चिदंबरम स्टेडियम में होगा. मुकाबला भारतीय समयानुसार शाम 7:00 बजे से शुरू होगा, जबकि टॉस 6:30 बजे किया जाएगा.

अगर आप इस अहम मुकाबले का लाइव आनंद लेना चाहते हैं, तो टीवी पर इसे स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क के चैनलों पर देखा जा सकता है. वहीं डिजिटल प्लेटफॉर्म पर मैच की लाइव स्ट्रीमिंग जियोहॉटस्टार ऐप और वेबसाइट पर उपलब्ध रहेगी. यहां दर्शक लाइव स्कोर के साथ-साथ मैच की हर अपडेट भी देख सकेंगे.

भारत: सूर्यकुमार यादव (कप्तान), ईशान किशन (विकेटकीपर), अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा, हार्दिक पांड्या, शिवम दुबे, रिंकू सिंह, वॉशिंगटन सुंदर, अर्शदीप सिंह, वरुण चक्रवर्ती, जसप्रीत बुमराह, संजू सैमसन, मोहम्मद सिराज, कुलदीप यादव, अक्षर पटेल.

जिम्बाब्वे: सिकंदर रजा (कप्तान), ब्रायन बेनेट, तादिवानाशे मारुमानी (विकेटकीपर), रयान बर्ल, ताशिंगा मुसेकिवा, टोनी मुन्योंगा, डियोन मायर्स, ब्रैड इवांस, ग्रेम क्रेमर, रिचर्ड नगरावा, ब्लेसिंग मुजाराबानी, वेलिंग्टन मसाकाद्ज़ा, बेन करन, क्लाइव मदांडे, टिनोटेंडा मापोसा.

NATIONAL : पिता की हत्या के बाद फोन पर दोस्त से सबसे पहले मांगी थी मदद, भाई-बहन दोनों का इंस्टा अकाउंट लॉक

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लखनऊ के आशियाना इलाके में मानवेंद्र सिंह की हत्या के बाद जांच अब सिर्फ वारदात तक सीमित नहीं है. पुलिस घटना के बाद आरोपी बेटे अक्षत और बेटी कृति की गतिविधियों की भी पड़ताल कर रही है. खासतौर पर दोनों के इंस्टाग्राम अकाउंट अचानक प्राइवेट किए जाने और वारदात के तुरंत बाद अक्षत द्वारा अपने एक दोस्त से संपर्क करने के तथ्य को अहम माना जा रहा है.

पुलिस का कहना है कि राइफल से गोली चलाए जाने की पुष्टि तो हुई है, लेकिन हत्या के पीछे की पूरी वजह अभी जांच के दायरे में है. डिजिटल रिकॉर्ड, कॉल डिटेल और लोकेशन हिस्ट्री के आधार पर घटनाक्रम की सटीक टाइमलाइन तैयार की जा रही है. जांच एजेंसियां यह भी देख रही हैं कि क्या वारदात के बाद सबूत छिपाने या जांच को भटकाने की कोई कोशिश की गई थी.

हत्या के बाद सबसे पहले जो बदलाव सामने आया, वह था अक्षत और कृति दोनों के इंस्टाग्राम अकाउंट का प्राइवेट हो जाना. घटना के बाद दोनों ने अपने अकाउंट लॉक कर दिए. जांच एजेंसियों को शक है कि यह कदम महज संयोग नहीं हो सकता. डिजिटल एक्सपर्ट्स का मानना है कि किसी गंभीर अपराध के बाद सोशल मीडिया अकाउंट प्राइवेट करना आमतौर पर दो वजहों से होता है या तो व्यक्ति ट्रोलिंग से बचना चाहता है, या फिर वह अपनी डिजिटल गतिविधियों को सीमित कर संभावित जांच से दूरी बनाना चाहता है. पुलिस अब यह खंगाल रही है कि हत्या से पहले और बाद में दोनों के अकाउंट पर क्या गतिविधियां हुईं, किससे बातचीत हुई और क्या कोई संदेश या कॉल रिकॉर्ड जांच में अहम भूमिका निभा सकता है. वहं सूत्रों के अनुसार कृति दो अलग-अलग नामों से सोशल मीडिया पर सक्रिय थी.

सूत्रों का कहना है कि पिता को गोली मारने के बाद अक्षत ने सबसे पहले अपने एक करीबी दोस्त से संपर्क किया. उसने घटना की जानकारी दी और आत्मसमर्पण करने की बात कही. बताया जा रहा है कि बहन कृति के अकेले पड़ जाने के डर का हवाला देकर उसने अपना फैसला बदल लिया. इसी के बाद शव को ठिकाने लगाने की योजना बनी. पुलिस इस पहलू को बेहद गंभीरता से देख रही है क्या यह अचानक लिया गया निर्णय था या पहले से सोचा-समझा कदम

परिचितों के अनुसार 19 फरवरी को जब मानवेंद्र सिंह घर लौटे, तो उन्होंने घर में रखी नकद रकम करीब 50 लाख रुपये से अधिक की गिनती की. बताया जा रहा है कि यह रकम शराब के ठेके के परमिट रिन्यूअल के लिए रखी गई थी, जिसकी अंतिम तिथि 23 फरवरी थी. रकम कम पाई गई तो पिता-पुत्र के बीच तीखी बहस हुई. आरोप है कि बहस के दौरान मानवेंद्र ने अक्षत को थप्पड़ मारे और लाइसेंसी राइफल उसकी ओर तान दी. पुलिस की आधिकारिक पुष्टि है कि हत्या लाइसेंसी राइफल से की गई. लेकिन मोहल्ले और रिश्तेदारों के बीच चर्चा कुछ और है. मृतक के बहनोई एसके भदौरिया का कहना है कि हत्या की जड़ सिर्फ पढ़ाई का दबाव नहीं हो सकता. अक्षत ने शुरुआती पूछताछ में नीट परीक्षा की तैयारी का दबाव बताया, जबकि विश्वविद्यालय के रिकॉर्ड के मुताबिक वह 2025 सत्र में बीबीए प्रोग्राम में दाखिल था.

जांच में जो सबसे चौंकाने वाला तथ्य सामने आया, वह यह कि हत्या के बाद दोनों भाई-बहन उसी कमरे में सोते रहे, जहां शव के टुकड़े रखे गए थे. यह व्यवहार सामान्य मनोविज्ञान के विपरीत माना जाता है. विशेषज्ञों का कहना है कि अपराध के बाद अपराधी अक्सर घबराहट या बेचैनी में अलग व्यवहार करते हैं, लेकिन यहां बाहरी तौर पर सामान्य दिनचर्या बनाए रखने की कोशिश दिखाई देती है. 20 और 21 फरवरी को कृति ने अपनी 11वीं की परीक्षा दी. वह नियमित रूप से एपीएस स्कूल गई, ताकि किसी को शक न हो. घर के भीतर खून और साजिश का सिलसिला चलता रहा, जबकि बाहर से सब कुछ सामान्य दिखाने का प्रयास होता रहा.

करीब तीन वर्ष पहले मानवेंद्र ने अपने बेटे और बेटी के खातों में लगभग पांच लाख रुपये ट्रांसफर किए थे. इसके बाद अक्षत छह पन्नों का पत्र लिखकर घर से चला गया था. उसने खुद को बिजनेस करने वाला घोषित किया था. उस समय मामला परिवार के भीतर सुलझा लिया गया, लेकिन अब जांच एजेंसियां उस पत्र की सामग्री को फिर से खंगाल रही हैं.

मोहल्ले के लोगों के अनुसार, मानवेंद्र ने हाल के महीनों में घर में सख्ती बढ़ा दी थी. वे अक्सर कहते थे कि तुम लोगों के लिए अपनी जिंदगी बर्बाद कर रहे हैं. उन्होंने दूसरी शादी पर भी विचार किया था और एक मित्र से सलाह ली थी. सूत्रों का दावा है कि यह बात अक्षत को नागवार गुजरती थी. पुलिस इस एंगल को भी नजरअंदाज नहीं कर रही.

तकनीकी जांच में सामने आया है कि 20 फरवरी को अक्षत काकोरी गया था. वहां उसने जानबूझकर फोन ऑन किया, ताकि आखिरी लोकेशन घर की जगह काकोरी दिखे. पुलिस अधिकारियों का मानना है कि यह कदम जांच को गुमराह करने के उद्देश्य से उठाया गया हो सकता है. अक्षत की निशानदेही पर नादरगंज के पास नहर किनारे झाड़ियों से शव के कटे हाथ-पैर बरामद हुए. ट्रांसपोर्ट नगर रेलवे ट्रैक के पास कूड़े के ढेर से दो चाकू और दो आरी मिलीं. पुलिस का दावा है कि शव को ठिकाने लगाने के लिए नीला ड्रम और आरी खरीदी गई थी. 24 फरवरी को जब पुलिस अक्षत को घर लेकर आई, तो मोहल्ले में भीड़ जमा हो गई.

BHAKTI : वृंदावन में 28 फरवरी को खेली जाएगी फूल की होली! जानें इस खास होली सेलिब्रेशन के पीछे का कारण?

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ब्रज क्षेत्र में होली की शुरुआत हो चुकी है. 28 फरवरी 2026, शनिवार के दिन फूलों की होली खेली जाएगी. कभी सोचा है कि, आखिर रंगो के अलावा फूलों की होली क्यों हैं इतना खास?

ब्रज क्षेत्र में होली का नाम सुनते ही हर किसी के चेहरे पर मुस्कान दौड़ जाती है, और जब बात बांके बिहारी मंदिर में मनाई जाने वाली फूलों की होली की आती है, तो यह किसी भी परम सुख से कम नहीं है. दरअसल यह पारंपरिक होली केवल रंगों का पर्व नहीं है, बल्कि भक्त और भगवान के बीच के दिव्य प्रेम का प्रतीक है. इस साल वृंदावन में फूलों की होली 28 फरवरी 2026 को मनाई जाएगी.

आइए जानते हैं वृंदावन में फूलों से होली खेलने के पीछे का क्या खास कारण है जो इसे इतना अनोखा और दुनिया भर में इतना लोकप्रिय बना देता है. बांके बिहारी मंदिर में दिव्य फूलों की होली 28 फरवरी 2026, शनिवार के दिन मनाई जाएगी.

वृंदावन में फूलों की होली का उत्सव द्वापर युग से चलता आ रहा है, जब भगवान कृष्ण राधा रानी और प्रिय गोपियों के साथ फूलों का इस्तेमाल करके होली खेला करते थे. आज भी जब बांके बिहारी मंदिर में भक्तों पर फूल बरसाए जाते हैं, तो ऐसा लगता है मानो खुद भगवान कृष्ण उनपर अपना प्यार बरसा रहे हैं.
पुष्प होली मानने का खास कारण यह है कि, इसे पवित्र और पुण्यकारी माना जाता है. गुलाल या रसायनों के बजाए गुलाब, गेंदा और चमेली के फूलों का उपयोग रिश्तों की कोमलता को सुंगधित करने के साथ ताजगी से भर देता है. मान्यताओं के मुताबिक, इन फूलों की सुंगध और स्पर्श भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी को काफी प्रिय है.

ब्रज क्षेत्र में भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी का फूलों से श्रृंगार करना बेहद ही खास अनुष्ठान है. इसलिए ब्रज में फूलों से होली खेलने की खास परंपरा रही है. फूलों की होली के पवित्र मौके पर भक्त और गोसई जी ठाकुर श्री बांके बिहारी लाल के साथ मनमोहक होली खेलते हैं और भक्ति में लीन रहते हैं.

SHIMLA : हाई-वोल्टेज ड्रामे के बीच दिल्ली पुलिस की कार्रवाई, यूथ कांग्रेस के 3 कार्यकर्ताओं को ले गई साथ

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शिमला और दिल्ली पुलिस के बीच 3 कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिए जाने के बाद हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला. इस बीच अब दिल्ली पुलिस तीनों को लेकर रवाना हुई है.हिमाचल की राजधानी शिमला में रात भर चले ड्रामे के बाद दिल्ली पुलिस तीनों युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को लेकर दिल्ली रवाना हो गई है. हिमाचल पुलिस ने तीन बार दिल्ली पुलिस का रास्ता रोका था. आखिरकार अब पुलिस पूरी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद तड़के रवाना हुई है.

दरअसल हिमाचल प्रदेश पुलिस ने दिल्ली पुलिस की टीम को उस समय रोक लिया, जब वह आरोपियों को राष्ट्रीय राजधानी ले जा रही थी. हिमाचल प्रदेश पुलिस के सूत्रों के अनुसार दिल्ली की टीम ने शिमला में स्थानीय पुलिस को सूचना दिए बिना कार्रवाई की. आरोपी कथित तौर पर हिमाचल प्रदेश के निवासी नहीं हैं.दिल्ली पुलिस गिरफ्तार किए गए 3 आरोपी IYC(इंडियन यूथ कांग्रेस) कार्यकर्ताओं सौरव, अरबाज और सिद्धार्थ को मेडिकल जांच के लिए अंबाला सिविल अस्पताल ले आई. तीनों आरोपियों को IYC (इंडियन यूथ कांग्रेस) AI समिट विरोध मामले में दिल्ली पुलिस ने शिमला से गिरफ्तार किया है.

बता दें कि बिना बताए की गई कार्रवाई पर शिमला पुलिस में गुस्सा फूट गया. जिसको लेकर माहौल तनावपूर्ण हो गया. इस पर कार्रवाई करते हुए हिमाचल पुलिस ने तीन वाहनों को रोक लिया जिसमें आरोपी और दिल्ली पुलिस के कर्मी सवार थे.

अधिकारियों ने बताया कि सौरभ, सिद्धार्थ और अरबाज को दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ ने हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के रोहड़ू उपमंडल के एक होटल से पकड़ा. उन्हें एक स्थानीय अदालत के समक्ष पेश किया गया, जिसने उनकी ट्रांजिट रिमांड मंजूर कर ली ताकि पुलिस उन्हें आगे की पूछताछ के लिए दिल्ली ला सके. हालांकि, आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद घटनाक्रम ने नाटकीय मोड़ ले लिया.

सूत्रों के अनुसार दो वाहनों को शिमला में रोका गया, जबकि तीसरे वाहन को सोलन जिले के धर्मपुर के पास रोका गया. इस दौरान पुलिसकर्मियों समेत करीब 20 लोगों को हिरासत में लिया गया. भारत मंडपम में 20 फरवरी को शर्टलेस विरोध प्रदर्शन ने सुरक्षा को लेकर बड़े सवाल पैदा किए. इस घटना के बाद पुलिस ने पहले भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत दंगा करने और वैमनस्य फैलाने सहित विभिन्न आरोप लगाए थे.

ENTERTAINMENT : रश्मिका मंदाना-विजय देवरकोंडा की शादी आज, सादगी के साथ करेंगे नए सफर की शुरुआत, इस खास थीम पर कर रहे शादी

रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा आज शादी के बंधन में बंध रहे हैं. उनके विवाद में पुराने दौर की सादगी दिखेगी. इसके लिए कपल ने खास थीम चुनी है.विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना आज उदयपुर में शादी के बंधन में बंधने वाले हैं. कपल दो सेरेमनी करेंगे, जिसमें उनके तेलुगु और कोडवा रूट्स का सम्मान किया जाएगा. और लेटेस्ट रिपोर्ट के मुताबिक, सेरेमनी में “प्राइमल” थीम होगी, जो पुराने ज़माने का चार्म दिखाएगी. आइए इस थीम के बारे में जानते हैं ये क्या है.

रश्मिका और विजय ने अपनी शादी के लिए ‘प्राइमल’ थीम चुनी है. जो दशकों पहले शादियों को मनाने के तरीके से इंस्पायर है, जिसमें सिंपल ट्रेडिशन, पुराने रीति-रिवाज और पुराने ज़माने का चार्म खूबसूरती से फिर से बनाया जाएगा. डेकोर एक ऐसे सेलिब्रेशन को हाईलाइट करेगा जो इंटिमेट और ऑथेंटिक दोनों लगेगा.

‘प्राइमल’ का अर्थ है मूल, आदिम या वह जो शुरुआत से जुड़ा हो यानी जड़ों की ओर लौटना. इस थीम में शादी को उसी सादगी और पवित्रता के साथ रचा जाएगा, जैसे दशकों पहले विवाह होते थे, जब दिखावे से ज्यादा महत्व परंपराओं, रीति-रिवाजों और भावनाओं को दिया जाता था. सूत्रों के मुताबिक, यह विवाह उसी विचार पर आधारित होगा “जहां से सृष्टि का निर्माण हुआ” यानी प्रकृति, पंचतत्व और जीवन की मूल ऊर्जा को केंद्र में रखकर रश्मिका और विजय शादी के बंधन में बंधेंगे. सजावट में प्राकृतिक रंग, मिट्टी, लकड़ी, फूलों और पारंपरिक प्रतीकों का इस्तेमाल किया जाएगा. हर रस्म को उसके असली स्वरूप में निभाया जाएगा, ताकि शादी में पुरातन भारतीय संस्कृति की झलक साफ दिखाई दे.

इस प्राइमल थीम के जरिए रश्मिका और विजय अपनी नई जिंदगी की शुरुआत सादगी, आध्यात्मिकता और जड़ों से जुड़ाव के साथ करना चाहते हैं. यह सिर्फ एक शादी नहीं, बल्कि उस मूल भावना का उत्सव होगा, जहां रिश्ते दिखावे से नहीं, बल्कि विश्वास, संस्कार और प्रकृति के साक्षी में जुड़ते हैं.

बता दें कि विजय और रश्मिका की शादी की रस्में 24 फरवरी, 2026 को उदयपुर में शुरू हुईं. संगीत, मेहंदी और हल्दी सेरेमनी में मेहमानों ने खूब एंजॉय किया. प्री वेडिंग की फर्स्ट नाइट गेस्ट को डिनर में जापानी डिशेज सर्व की गई थीं. दोनों ने क्रिकेट और वॉलीबॉल मैच भी खेले. विजय और रश्मिका ने अपने-अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर अपनी हल्दी सेरेमनी की झलकियां शेयर की हैं. सेरेमनी उदयपुर के एकाया में ITC होटल्स के मेमेंटोस में हो रही है. शादी के बाद, विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना 4 मार्च, 2026 को हैदराबाद में एक रिसेप्शन होस्ट करने वाले हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह इवेंट ताज कृष्णा में होगा. कपल के इंडस्ट्री से दोस्तों के रिसेप्शन में आने की उम्मीद है, जिससे यह एक स्टार-स्टडेड नाइट बन जाएगी.

वर्क फ्रंट पर, विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना जल्द ही ‘राणाबली’ नाम की फिल्म में साथ काम करेंगे. दूसरी ओर, एक्ट्रेस के पास होमी अदजानिया की ‘कॉकटेल 2’ है जिसमें शाहिद कपूर और कृति सनोन हैं, जो सितंबर में रिलीज़ होने वाली है. इस बीच, विजय की ‘राउडी जनार्दन’ इस साल दिसंबर में सिनेमाघरों में आने वाली है.

NATIONAL : टूटी टांग और हाथ में हथकड़ी, नवविवाहिता को गोली मारने वाला आरोपी रोते हुए माफी मांगता दिखा…..

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तरन तारन के पट्टी में नवविवाहिता रूबी मेहरा को गोली मारने के मामले में आरोपी करण नाम के युवक को गिरफ्तार किया गया. अदालत ले जाते समय उसका माफी मांगते हुए वीडियो वायरल हो रहा है. पुलिस जांच में सामने आया है कि पिस्टल दोस्त के पिता की थी. रूबी की हालत अमृतसर के अस्पताल में नाजुक बनी हुई है.

पंजाब के जिला तरन तारन के कस्बा पट्टी में नवविवाहिता रूबी मेहरा को सिर में गोली मारने के सनसनीखेज मामले में पुलिस ने आरोपी युवक करण को गिरफ्तार कर लिया है. गिरफ्तारी के बाद जब उसे अदालत में पेशी के लिए ले जाया जा रहा था, उस दौरान की एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है. वीडियो में करण माफी मांगता हुआ नजर आ रहा है. बताया जा रहा है कि पुलिस से बचकर भागते समय उसकी टांग टूट गई थी.

एसएसपी सुरिंदर लांबा ने बताया कि जांच में सामने आया है कि करण ने जिस पिस्टल से फायरिंग की, वह उसने अपने एक दोस्त से छीनी थी. यह पिस्टल उसके दोस्त के पिता की बताई जा रही है. पुलिस ने अवैध रूप से हथियार रखने और लापरवाही बरतने के मामले में पिस्टल के मालिक के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई करने की बात कही है.

बता दें, शनिवार को पट्टी के गार्डन कॉलोनी निवासी रूबी मेहरा पर करण ने कई राउंड फायर किए थे. रूबी की दो माह पहले ही शादी हुई थी. बताया जा रहा है कि करण इस शादी से नाराज था और शादी से पहले भी वह रूबी को परेशान करता था.घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया था. गंभीर रूप से घायल रूबी को तुरंत अमृतसर के एक निजी अस्पताल में रेफर किया गया. अस्पताल सूत्रों के अनुसार उसकी हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है. पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है.

LUCKNOW : लखनऊ में 2000 किलो खराब मिठाइयां कराईं नष्ट, होली से पहले नकली पनीर और रंगीन कचरी भी जब्त

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होली से पहले यूपी के बाराबंकी, आजमगढ़, हापुड़, लखनऊ, अयोध्या, सहारनपुर और राजस्थान के अलवर फूड डिपार्टमेंट ने छापेमारी की. इस दौरान हजारों किलो मिलावटी खोया, पनीर, मिठाइयां, दूध और रंगीन कचरी जब्त की गईं. कई स्थानों पर संदिग्ध खाद्य सामग्री को मौके पर ही नष्ट कराया गया, जबकि सैंपल जांच के लिए लैब भेजे गए हैं.

होली और रमजान जैसे बड़े त्योहारों के चलते कई जिलों में खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावटखोरों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया. उत्तर प्रदेश और आसपास के इलाकों में हो रही छापेमारी में हजारों किलो मिलावटी और संदिग्ध खाद्य पदार्थ जब्त किए गए हैं, जबकि बड़ी मात्रा में सामान मौके पर ही नष्ट कराया गया. प्रशासन का साफ कहना है कि त्योहारों के दौरान लोगों की सेहत से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा.

बड़ी कार्रवाई यूपी के बाराबंकी में देखने को मिली. यहां खाद्य विभाग की टीम ने छापेमारी कर करीब 100 किलो पनीर और 200 किलो रंगीन कचरी को जब्त कर नाले में बहा दिया. इसके अलावा करीब 50 हजार रुपये मूल्य का खाद्य पदार्थ नष्ट किया गया. सहायक खाद्य आयुक्त शैलेंद्र सिंह ने कहा कि त्योहारों के दौरान मिलावटखोरी को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और यह अभियान लगातार जारी रहेगा.

वहीं आजमगढ़ में भी खाद्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक गोदाम पर छापा मारा. यहां से आगरा से लाए गए करीब 3.35 लाख रुपये मूल्य के मिलावटी खोया, काजू बर्फी, पनीर और अन्य मिठाइयों को जब्त किया गया.सभी संदिग्ध खाद्य पदार्थों के सैंपल लेकर उन्हें नष्ट कराया गया. सहायक आयुक्त सुशील कुमार मिश्र ने लोगों से अपील की कि वे चमकीले और रंगीन खाद्य पदार्थों से बचें और पैक्ड सामान खरीदते समय उसकी एक्सपायरी डेट जरूर जांचें.

इसी तरह हापुड़ में खाद्य सुरक्षा विभाग ने गढ़मुक्तेश्वर क्षेत्र के शाहपुर में एक घर में छापा मारकर 13 क्विंटल रंगीन कचरी बरामद की. यह कचरी दिल्ली और एनसीआर में सप्लाई के लिए तैयार की जा रही थी. विभाग ने सभी सैंपल जांच के लिए भेज दिए हैं और लोगों को चेतावनी दी है कि ऐसे सिंथेटिक खाद्य पदार्थ स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक हैं.

राजधानी लखनऊ में भी खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीमों ने बड़े स्तर पर कार्रवाई करते हुए 2 हजार किलो से अधिक खराब मिठाइयां, दूध और खोया मौके पर ही नष्ट कराया. यह कार्रवाई शहर के अलग-अलग इलाकों में की गई, जहां मिलावटखोरी की लगातार शिकायतें मिल रही थीं.इसी तरह अयोध्या में भी प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया. यहां एक होलसेल व्यापारी की दुकान पर छापेमारी कर लाखों रुपये के खाद्य पदार्थ सीज किए गए. टीम ने करीब 2.82 लाख रुपये कीमत के पाम ऑयल के 82 टिन और 61 हजार रुपये का रिफाइंड तेल जब्त किया. सभी सैंपल जांच के लिए लैब भेजे गए हैं.

वहीं सहारनपुर में छापेमारी के दौरान चौंकाने वाला मामला सामने आया, जहां टॉयलेट के पास 2000 लीटर दूध रखा मिला. जंग लगे कंटेनरों में दूध भरा जा रहा था, जो साफ तौर पर खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन है. विभाग ने सैंपल लेकर संबंधित लोगों को नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है.

इसके अलावा राजस्थान के अलवर में भी मिलावटखोरी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई. यहां 180 किलो नकली और सिंथेटिक पनीर को नष्ट किया गया. अधिकारियों के मुताबिक, यह क्षेत्र नकली मावा और मिठाइयों की सप्लाई के लिए कुख्यात है, जहां से एनसीआर के कई शहरों में मिलावटी सामान भेजा जाता है.

इन लगातार हो रही कार्रवाइयों से साफ है कि त्योहारों के दौरान मिलावटखोर सक्रिय हो जाते हैं और मुनाफा कमाने के लिए लोगों की सेहत से खिलवाड़ करते हैं. ऐसे में प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए पूरे राज्य में अभियान तेज कर दिया है.

खाद्य विभाग ने लोगों से भी अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध या सस्ते खाद्य पदार्थ से बचें. खासतौर पर रंगीन मिठाइयों, सिंथेटिक पनीर और खुले दूध को खरीदते समय सतर्क रहें. पैक्ड सामान लेते समय उसकी मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट जरूर जांचें. फिलहाल यह अभियान आने वाले दिनों में और तेज किया जाएगा. प्रशासन का कहना है कि जहां भी मिलावटखोरी की शिकायत मिलेगी, वहां तुरंत कार्रवाई की जाएगी.

NATIOANL : घर में पत्नी और 3 बच्चों की लाश, फरार पति… आखिर दिल्ली के इस घर में क्या हुआ था आखिरी पलों में?

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राजधानी दिल्ली में समयपुर बादली इलाके में एक महिला अनीता और उसके तीन नाबालिग बच्चों की कथित तौर पर धारदार हथियार से हत्या कर दी गई. वारदात के बाद आरोपी पति फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस छापेमारी कर रही है. पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए नजदीकी अस्पताल की मोर्चरी में सुरक्षित रखवा दिया है.

खून से रंगी दिवारें, मासूमों की चीखें… दिल्ली के चंदन पार्क में रात के अंधेरे में दर्दनाक कत्लेआम हुआ. रात के करीब नौ बजे थे. दिन भर की थकान के बाद दिल्ली का यह इलाका धीरे-धीरे सोने की तैयारी में था. गलियों में रोशनी कम हो रही थी, दुकानों के शटर गिरने शुरू रहे थे, और घरों में बच्चों को नींद आने लगी थी.

उत्तरी बाहरी दिल्ली के समयपुर बादली इलाके के चंदन पार्क में भी रात का सन्नाटा पसरने लगा था. लेकिन 60 फीट रोड, गली नंबर तीन में बने एक मकान के भीतर उस वक्त जो हो रहा था वो रात के उस अंधेरे को और भी गहरा और भयावह बना रहा था.जब पड़ोस में रहने वाली एक महिला की नज़र उस घर पर पड़ी, तो रात के धुंधलके में भी उसे कुछ असामान्य लगा. दरवाज़े की दरारों से बाहर रिसती गहरी लाल लकीर खून. हिम्मत जुटाकर जब उसने झांका, तो अंदर का मंजर देखकर उसकी चीख गले में ही घुट गई. रात के उस सन्नाटे में कांपते हाथों से उसने फोन उठाया और पुलिस को सूचना दी.

देर नहीं हुई. समयपुर बादली थाने की पुलिस टीम रात के अंधेरे को चीरते हुए मौके पर पहुंची. जब दरवाज़ा खुला, तो सामने था एक ऐसा मंजर जिसे देखकर सख्त से सख्त पुलिस अफसर की भी आंखें फटी की फटी रह गईं. कमरे में अलग-अलग जगहों पर चार शव पड़े थे. खून से लथपथ. निर्जीव. बेआवाज़. रात की खामोशी में वो खून के धब्बे और भी चीख रहे थे.

मृतक महिला की पहचान अनीता के रूप में हुई. एक मां, जिसने शायद उस रात अपने बच्चों को खाना खिलाया होगा, उन्हें सुलाने की कोशिश की होगी और फिर किसी ने उन्हें हमेशा के लिए सुला दिया. उसके साथ उसके तीन मासूम बच्चे भी इस दुनिया को अलविदा कह चुके थे. सबसे बड़ा मात्र 7 साल का, दूसरा 5 साल का, और सबसे छोटा जो अभी ठीक से दुनिया को समझना भी नहीं सीखा था महज 3 साल का. तीनों की गर्दनें रेती हुई थीं. किसी धारदार हथियार से किए गए इस रात के कत्लेआम ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया.

वो 3 साल का बच्चा, जो उस रात शायद मां की गोद में सोने की जिद कर रहा होगा, जो थका हुआ था और नींद में आंखें मींच रहा होगा उसका गला किसी ने रेत दिया. यह हत्या नहीं, यह नरसंहार था. यह दरिंदगी की हर हद को पार कर जाने वाला जुर्म था और यह जुर्म हुआ रात के उस वक्त, जब पूरी दुनिया सो रही थी.

पुलिस ने जब मौके का जायज़ा लिया, तो साफ था कि यह काम अचानक का नहीं था. रात के अंधेरे का फायदा उठाकर यह वारदात अंजाम दी गई थी. वारदात में इस्तेमाल धारदार हथियार की क्रूरता, और चारों की एक ही तरीके से की गई हत्या. यह सब एक सोची-समझी, ठंडे दिल से रची गई साज़िश की गवाही दे रहे थे. क्राइम टीम और फोरेंसिक एक्सपर्ट्स ने रात में ही मौके की बारीकी से जांच की, सबूत इकट्ठे किए, और हर कोने को खंगाला.

लेकिन सबसे बड़ा सवाल है कि आरोपी कहां है? शक की सुई घूमती है अनीता के पति की तरफ. जिस घर में उसकी पत्नी और तीन बच्चों के शव पड़े थे, वो खुद उसी रात वहां से फरार हो चुका था. रात के अंधेरे ने उसे भागने में मदद की न कोई निशान, न कोई सुराग, बस खून के धब्बे और मातम में डूबा एक घर. पुलिस ने तुरंत एक टीम गठित कर उसकी तलाश शुरू कर दी. रात भर अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की गई, नाकेबंदी की गई और जानकारों से पूछताछ जारी रही.

अनीता के परिजनों को जब रात के उस अंधेरे में इस दर्दनाक खबर की सूचना मिली, तो मातम छा गया. वो घर जो कभी हंसी-खुशी से गूंजता था, आज सिसकियों से भर गयां एक मां गई, तीन मासूम गए और पीछे छूट गया एक सवाल: क्यों?

चारों शवों को रात में ही पोस्टमार्टम के लिए नज़दीकी अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मौत का सटीक कारण और वारदात की पूरी तस्वीर पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद और साफ़ होगी.दिल्ली जो पहले से ही महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर सवालों के घेरे में है. एक बार फिर इस बर्बर घटना के बाद कठघरे में खड़ी है. चंदन पार्क की वो गली आज रात भी सन्नाटे में डूबी है.

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