Saturday, June 27, 2026
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NATIONAL : सीजफायर के बाद लौटी रौनक, जयपुर से जैसलमेर तक बढ़ी टूरिस्ट की भीड़

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पहलगाम आतंकी हमले को लेकर पाकिस्तान पर एयर स्ट्राइक किए जाने के बाद राजस्थान में पर्यटन लगभग खत्म सा हो गया था, लेकिन सीजफायर के बाद अब पर्यटकों की संख्या बढ़ रही है.

भारत-पाकिस्तान के बीच सीजफायर के कई दिन शांतिपूर्वक बीतने के बाद जहां अब जनजीवन पूरी तरह सामान्य हो चुका है, वहीं बॉर्डर से सटे हुए राजस्थान में पर्यटक भी फिर से घूमने के लिए आने लगे हैं. राजधानी जयपुर से लेकर जैसलमेर और माउंट आबू तक फिर से पर्यटकों की भीड़ नजर आने लगी है. इससे कारोबारियों के चेहरे खिल उठे हैं. पर्यटकों का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जो सुरक्षित माहौल दिया है, उसी की वजह से वह बेफिक्र होकर छुट्टियां बिताने राजस्थान पहुंचे हुए हैं.

पहलगाम आतंकी हमले के बाद सात मई को पाकिस्तान पर एयर स्ट्राइक किए जाने के बाद राजस्थान में पर्यटन लगभग खत्म सा हो गया था. सभी प्रमुख पर्यटक स्थल सूने पड़े हुए थे. लोगों ने अपनी बुकिंग कैंसिल कर दी थी. कारोबारी हाथ पर हाथ धरे बैठे हुए थे.

पाकिस्तान के साथ सीजफायर के चार दिन शांतिपूर्वक बीतने के बाद पर्यटक स्थल फिर से गुलजार होने लगे हैं. टूरिस्ट की संख्या लगभग पहले जैसी होने लगी है. राजधानी जयपुर के हवामहल, जंतर मंतर, अल्बर्ट हॉल, चिड़ियाघर और आमेर का किला समेत दूसरे पर्यटक स्थलों पर टूरिस्ट की खासी भीड़ दिखाई देने लगी है. इस वीकेंड पर राजस्थान में पर्यटन का कारोबार पूरी तरह पटरी पर आने की उम्मीद है. जयपुर के साथ ही जैसलमेर, जोधपुर, माउंट आबू और दूसरे प्रमुख टूरिस्ट प्वाइंट पर भी पर्यटकों की चहल पहल देखने को मिल रही है.

राजधानी जयपुर के पर्यटन स्थलों पर पहुंचे टूरिस्टों का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार ने जिस तरह आतंकवादियों को मुंह तोड़ जवाब दिया और शांति का माहौल कायम किया, उसके चलते उन्हें अब ना तो डर लग रहा है और ना ही उनके मन में किसी तरह की कोई शंका है. पर्यटकों का कहना है कि अगर हालात सामान्य नहीं हुए होते तो वह घूमने के लिए कतई ना आते. राजस्थान में भारत के कोने-कोने से पर्यटक सैर सपाटे के लिए पहुंचे हैं, साथ ही बड़ी संख्या में विदेशी टूरिस्ट भी घूमने के लिए आ रहे हैं. पर्यटकों की बढ़ती संख्या ने कारोबारियों को खासी राहत दी है. उनके लिए भी माहौल इतनी तेजी से सामान्य होना हैरान करने वाला है.

 

 

NATIONAL : दिल्ली में जुंटा लाहोरिया गैंग के 8 शूटर पकड़े गए, खालिस्तानी लिंक की हो रही जांच

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दिल्ली पुलिस ने राष्ट्रीय राजधानी में सक्रिय एक्सटॉर्शन गिरोह का भंडाफोड़ किया है. क्राइम ब्रांच ने आठ शूटर्स को पकड़ा है, जिनके पास से पांच पिस्टल और 70 कारतूस बरामद किए गए हैं. सभी शूटर गुरजंत सिंह उर्फ जुंटा लाहोरिया गिरोह के हैं.

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने आठ शूटर्स को गिरफ्तार किया है. पकड़े गए शूटर्स के पास से पांच पिस्टल, 70 कारतूस बरामद हुए हैं. दिल्ली पुलिस के मुताबिक पकड़े गए सभी शूटर गुरजंत सिंह उर्फ जुंटा लाहोरिया गिरोह के हैं. गुरजंत कनाडा से गिरोह चला रहा है और उसे खालिस्तानी आतंकी अर्श डल्ला का करीबी भी माना जाता है. दिल्ली पुलिस अब इन शूटर्स के खालिस्तानी लिंक की जांच कर रही है. दिल्ली पुलिस इस बात की जांच रही है कि इस एक्सटॉर्शन गिरोह और खालिस्तानियों के बीच किसी तरह का कोई समझौता तो नहीं हुआ है.

दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच के एडिशनल कमिश्नर संजय सेन ने पकड़े गए शूटर्स की जानकारी देते हुए कहा कि कुछ समय पहले आनंद विहार में एक व्यापारी के घर पर बाइक सवार बदमाशों ने फायरिंग की थी. संबंधित व्यापारी को सुरक्षा मिली हुई है और फायरिंग के वक्त भी वहां सुरक्षाकर्मी मौजूद थे. उन्होंने बताया कि इस घटना के बाद व्यापारी को यूके के नंबर से फोन कॉल आई और पांच करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई. एडिशनल कमिश्नर ने कहा कि दिल्ली पुलिस ने व्यापारी के घर के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के साथ ही करीब 200 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, जिसमें पुलिस को बदमाशों की बाइक के संबंध में जानकारी हाथ लग गई.

उन्होंने बदमाशों को पकड़ने के लिए 10 पुलिसकर्मियों की एक टीम बनाए जाने की जानकारी दी. एडिशनल कमिश्नर ने कहा कि जांच के दौरान यह पता चला की उगाही के लिए व्यापारी के घर पर गोली चलवाने वाला गुरजंत सिंह उर्फ जून्टा लाहोरिया है. गुरजंत सिंह फिलहाल विदेश में बैठा हुआ है और वहीं से वह अपना गैंग चला रहा है. उन्होंने बताया कि गुरजंत सिंह कुख्यात गैंगस्टर जसप्रीत जस्सी का भाई है. भुल्लर और जसप्रीत जस्सी को पंजाब पुलिस और पश्चिम बंगाल की एसटीएफ ने 2021 में एनकाउंटर में मार दिया था. वह एनकाउंटर कोलकाता में हुआ था.

बताया जाता है कि भुल्लर और जसप्रीत जस्सी के मारे जाने के बाद गुरजंत ने गैंग की कमान संभाल ली. गुरजंत सबसे पहले ऑस्ट्रेलिया गया और फिर कनाडा, जहां से वह गैंग चला रहा है. अब खबर है कि गुरजंत ने कनाडा में खालिस्तानियों से हाथ मिला लिया है. सूत्रों की माने तो गुरजंत खालिस्तान टाइगर फोर्स के अर्श डल्ला का करीबी बन चुका है. हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद अर्श खालिस्तान टाइगर फोर्स का चीफ बना था. दिल्ली पुलिस के मुताबिक गुरजंत सिंह पहले पंजाब के व्यापारियों को टारगेट करता था. कुछ समय से उसके निशाने पर दिल्ली के व्यापारी हैं.

PUNJAB : पंजाब की मान सरकार की बड़ी पहल… पराली जलाने पर लगाई रोक, शुरू की ये खास योजना

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पंजाब सरकार ने पराली को उद्योगों के लिए वैकल्पिक ईंधन के रूप में इस्तेमाल करने की योजना बनाई है. पराली-आधारित बॉयलरों के उपयोग से उद्योगों को सस्ता और पर्यावरण-अनुकूल ईंधन मिलेगा, जबकि किसानों को अपनी पराली बेचकर अतिरिक्त आय प्राप्त होगी.पंजाब सरकार की भगवंत मान सरकार ने पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है. सरकार ने राज्य में पराली जलाने पर रोक लगा दी है और इसे उद्योगों के लिए ईंधन के रूप में इस्तेमाल करने के लिए नई योजना शुरू की गई है.

दरअसल, पंजाब में हर साल धान की कटाई के बाद पराली जलाने की समस्या वायु प्रदूषण का प्रमुख कारण बनती है. इस समस्या से निपटने के लिए पंजाब सरकार ने पराली को उद्योगों के लिए वैकल्पिक ईंधन के रूप में इस्तेमाल करने की योजना बनाई है. पराली-आधारित बॉयलरों के उपयोग से उद्योगों को सस्ता और पर्यावरण-अनुकूल ईंधन मिलेगा, जबकि किसानों को अपनी पराली बेचकर अतिरिक्त आय प्राप्त होगी.

पंजाब सरकार के प्रवक्ता तरनप्रीत सोंद ने कहा, ‘ये कदम न केवल पर्यावरण को साफ रखने की दिशा में है, बल्कि इससे राज्य के उद्योग और किसान दोनों को जबरदस्त आर्थिक मदद मिलेगी.’पंजाब सरकार ने उद्योगों को पराली-आधारित बॉयलर स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित करने हेतु नई कैपिटल सब्सिडी योजना लागू की है. इस योजना के तहत प्रति 8 TPH (टन प्रति घंटा) बॉयलर के लिए एक करोड़ रुपये तक की सब्सिडी दी जाएगी. ये सब्सिडी उद्योगों को तेल, कोयला, या अन्य बायोमास पर निर्भरता कम करने और पराली जैसे नवीकरणीय ईंधन की ओर बढ़ने में मदद करेगी. सरकार ने उद्योगों से अपील की है कि वे इस योजना का तुरंत लाभ उठाएं और पर्यावरण संरक्षण में योगदान दें.

RAJASTHAN : सिरोही में महाप्रसादी में चूरमा खाने से 50 लोग बीमार, बेहतर इलाज के दिए गए निर्देश

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राजस्थान के सिरोही में महाप्रसादी के दौरान चूरमा खाने से 70 लोग फूड पॉइजनिंग का शिकार हो गए. उल्टियां होने के बाद सभी को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज जारी है.

राजस्थान के सिरोही में फूड पॉइजनिंग से करीब 50 लोगों की अचानक तबीयत बिगड़ने का मामला सामने आया. बताया जा रहा है कि कई बीमार लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है. पूरा मामला पिंडवाड़ा तहसील के भूला गांव का है, जहां महाप्रसादी के कार्यक्रम में चूरमा खाने के बाद कई लोगों की तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिससे हड़कंप मच गया.

ग्रामीणों की सूचना पर भूला के पूर्व सरपंच कन्हैया लाल अग्रवाल तुरंत मौके पर पहुंचे और बीमार लोगों को एंबुलेंस की सहायता सें स्वरूपगंज राजकीय अस्पताल पहुंचाया गया. जैसे ही इसकी भनक जिला प्रशासन को लगी तो मौके पर पिंडवाड़ा BCMO डॉ. भूपेंद्र प्रताप सिंह, उप तहसीलदार नैनाराम मीणा और भू-अभिलेख निरीक्षक अर्जुन सिंह सहित कई अधिकारी मौके पर पहुंचे.

महाप्रसादी के कार्यक्रम का आयोजन हो रहा था. उस प्रोग्राम में बने भोजन के खाने से फूड पॉइजनिंग के कारण लोग बीमार पड़े. भूला गांव में खाने में चूरमा खाने के बाद सें एकदम सें कई लोग बीमार होने लगे, उन्हें उल्टियां होने लगीं और एकदम सें बेहोश हो गए. बताया जा रहा है कि सोयाबीन का तेल और गुड़ का उपयोग चूरमे में होना प्रतीत हो रहा है. हालांकि, फिलहाल खाद्य विभाग टीम को सूचना देकर मौके पर बुलाया गया है. बीमार लोगों को खाट पर लेटा कर अस्पताल पहुंचाया गया है.

सिरोही CMHO डॉक्टर दिनेश खराड़ी ने बताया कि चिकित्सा विभाग को सूचना मिली थी कि पिंडवाड़ा तहसील के भूला गांव में महाप्रसादी के कार्यक्रम में चूरमा खाने से कई लोग बीमार हुए हैं. जैसे ही सूचना मिली उसके बाद मौके पर मैंने तुरंत डिप्टी CMHO डॉक्टर एसपी शर्मा पिंडवाड़ा और BCMO भूपेंद्र प्रताप सिंह को भेजा. बीमार लोगों में 39 बच्चे हैं और 11 बड़े लोग शामिल हैं, जिसमें एक महिला भी है. फिलहाल सभी की हालत ठीक है और खतरे से बाहर है.

खाद्य सामग्री की सैंपलिंग की कार्रवाई के लिए फूड इंस्पेक्टर को मौके पर भेजा गया है. सैंपलिंग की कार्रवाई की जा रही है, जो भी नियमों अनुसार रिपोर्ट आएगी उसके अनुरूप अग्रिम कार्रवाई की जाएगी. बीमार लोगो का रोहिड़ा स्वरूपगंज और निजी हॉस्पिटल में इलाज जारी है. पूरे मामले की विभागीय जांच कर रहे हैं. डॉक्टर को बेहतर इलाज के निर्देश दे दिए गए है.

 

NATIONAL : राजस्थान के श्रीगंगानगर में मिला 7 फीट लंबा संदिग्ध ड्रोन, सुरक्षा एजेंसियों ने शुरू की जांच, बॉर्डर एरिया में हाई अलर्ट

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राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में भारत-पाकिस्तान सीमा के पास एक संदिग्ध ड्रोन मिलने से सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं. करीब 7 फीट लंबा यह ड्रोन गुरुवार सुबह खेत में देखा गया. ड्रोन का कैमरा मॉड्यूल टूटा हुआ और अलग था. पुलिस और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने मौके पर पहुंचकर ड्रोन को जब्त कर जांच शुरू कर दी है.

 

राजस्थान में अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगे श्रीगंगानगर जिले के अनूपगढ़ क्षेत्र में आज सुबह एक संदिग्ध ड्रोन मिला. इसके बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गईं. स्थानीय ग्रामीणों ने खेत में पड़े इस ड्रोन को देखा और तुरंत पुलिस को सूचना दी. घटना की गंभीरता को देखते हुए बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) और पुलिस ने पूरे इलाके को घेर लिया है और जांच जारी है.

एजेंसी के अनुसार, अनूपगढ़ थाना प्रभारी ईश्वर जांगिड़ ने बताया कि सुबह करीब 9:45 बजे ग्रामीणों से सूचना मिलने पर वे पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और BSF को भी तुरंत सूचित किया. घटनास्थल पर मिले ड्रोन की लंबाई लगभग 5 से 7 फीट है. ड्रोन का कैमरा मॉड्यूल टूटा हुआ था और उससे अलग हो चुका था, जिससे उसकी निगरानी क्षमता को नुकसान पहुंचा है.

सावधानी बरतते हुए पुलिस ने बम निरोधक दस्ते को भी मौके पर बुलाया. पूरे क्षेत्र की गहनता से तलाशी ली जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि ड्रोन के साथ कोई विस्फोटक या अन्य संदिग्ध वस्तु तो नहीं है. पुलिस ने ड्रोन को कब्जे में ले लिया है और उसे फॉरेंसिक और तकनीकी जांच के लिए भेजा जाएगा.सूत्रों के मुताबिक, यह मामला काफी संवेदनशील माना जा रहा है, क्योंकि श्रीगंगानगर पाकिस्तान की सीमा से सटा हुआ जिला है. सुरक्षा एजेंसियां यह जांच कर रही हैं कि यह ड्रोन सीमा पार से भेजा गया था या किसी सैन्य अभ्यास के दौरान दिशा भटककर यहां आ पहुंचा. हाल के दिनों में भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव को देखते हुए सुरक्षा बल पहले से ही अलर्ट पर हैं.

SHO ईश्वर जांगिड़ ने कहा कि सीमा के पास इस तरह के संदिग्ध ऑब्जेक्ट का मिलना चिंता का विषय है. हम इसके मकसद का पता लगाने के लिए हर एंगल से जांच कर रहे हैं. BSF और पुलिस द्वारा इलाके में लगातार गश्त बढ़ा दी गई है और आसपास के गांवों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है.फिलहाल तकनीकी विश्लेषण की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिसके बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी. सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इस घटना को हल्के में नहीं लिया जा सकता, क्योंकि ड्रोन का उपयोग अक्सर सीमा पार से निगरानी, हथियार या ड्रग्स की तस्करी जैसे कार्यों में किया जाता रहा है. राजस्थान के सीमावर्ती जिलों में सुरक्षा एजेंसियां पहले से ही ड्रोन गतिविधियों को लेकर सतर्क हैं.

NATIONAL : 8 kg सोना और 40 kg चांदी उड़ा ले गए चोर… US में रह रहे बिजनेसमैन के महाराष्ट्र के बंगले में चोरी

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छत्रपति संभाजीनगर के एक उद्योगपति के घर में देर रात बड़ी चोरी हुई. कार से आए 6 चोर उनके बंगले से 8 किलो सोना और 40 किलो चांदी चुरा ले गए. उद्योगपति इस समय अमेरिका में हैं और यहां उनके बंगले की देखभाल सिर्फ उनका ड्राइवर करता है.

महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर के वालुज एमआईडीसी पुलिस थाना क्षेत्र में देर रात एक बंगले में छह चोरों ने बड़ी चोरी को अंजाम दिया. ये चोर कथित रूप से घर में रखा 8 किलो सोना और 40 किलो चांदी चुराकर फरार हो गए. ये बंगला उद्योगपति संतोष लड्डा का है जो फिलहाल अमेरिका में हैं और उन्होंने पुलिस को फोन पर ये शिकायत दी है.

जानकारी के अनुसार चोरी के समय लड्डा के घर में सिर्फ उनका ड्राइवर संजय झड़के ही देखभाल कर रहा था. अचानक देर रात एक कार से 6 चोर आए, और उन्होंने घर के हाल में सो रहे ड्राइवर के साथ मारपीट की. इसके बाद वे घर में रखा सोना व चांदी लेकर फरार हो गए.

संतोष लड्डा के रिश्तेदार जगदीश तोषवाणी ने कहा- लड्डा अमेरिका में हैं, और उन्होंने पुलिस को फोन पर बताया है कि उनके घर में 8 किलो सोना और 40 किलो चांदी थी. वालुज MIDC पुलिस ने उद्योगपति लड्डा के घर में पंचनामा किया तो इस दौरान पुलिस को घर में केवल 2.5 किलो सोना और 8 किलो चांदी मिली है. तोषवाणी का कहना है कि ड्राइवर ने बताया है कि जब वह सो रहा था तो चोर हॉल में आए और उसके सिर पर पिस्टल तानकर मुंह पर कपड़ा लपेटा जिसकी वजह उसको कुछ भी दिखाई नहीं दिया और चोर घर में चोरी कर के फरार हो गए.

एसीपी छत्रपति संभाजीनगर संजय सनाप ने बताया कि लड्डा के घर के सामने लगे सीसीटीवी में दिखाई दे रहा है कि 6 चोर एक कार से आए थे, और वे पहले घर के टेरिस पर गए और टेरिस पर बने रूम की छानबीन की. वहीं से घर के नीचे वाले बेडरूम में वो मंदिर में रखे सोने चांदी के आभूषण चुराकर फरार हो गए. उद्योगपति के घर में चोरी के बाद से इलाके में दहशत का माहौल है और पुलिस में सभी चोरों को पकड़ने के लिए विभिन्न टीम में बनाई हैं और घर में रह रहे ड्राइवर को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है.

Chardham Yatra 2025: चारधाम यात्रा की धूम पूरी दुनिया में, अब तक 150 देशों से हुए रजिस्ट्रेशन

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देवभूमि उत्तराखंड की चारधाम यात्रा एक बार फिर दुनियाभर के श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बन गई है. अब तक 150 से अधिक देशों के 31,581 श्रद्धालुओं ने यात्रा के लिए पंजीकरण कराया.

देवभूमि उत्तराखंड की चारधाम यात्रा एक बार फिर दुनियाभर के श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बन गई है. इस बार यात्रा की शुरुआत से ही न सिर्फ देशभर से, बल्कि विदेशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु आस्था की इस यात्रा का हिस्सा बनने के लिए पहुंच रहे हैं. पर्यटन विभाग द्वारा साझा किए गए आंकड़े बताते हैं कि अब तक 150 से अधिक देशों के 31,581 श्रद्धालुओं ने यात्रा के लिए पंजीकरण कराया है जब की देश भर से लाखों श्रद्धालु चार धाम यात्रा के लिए पहुंच रहे है.

यहां बता दें कि चारधाम यात्रा 30 अप्रैल से विधिवत शुरू हो चुकी है और 14 मई तक ही 7.18 लाख से अधिक श्रद्धालु केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धामों के दर्शन कर चुके हैं. इसके अतिरिक्त सिख श्रद्धालुओं के पवित्र स्थल हेमकुंड साहिब की यात्रा को लेकर भी गहरी उत्सुकता देखी जा रही है.

पर्यटन विभाग के मुताबिक अमेरिका से सबसे अधिक 5864 लोगों ने यात्रा के लिए पंजीकरण कराया है. इसके बाद नेपाल से 5728, यूके से 1559, ऑस्ट्रेलिया से 1259, कनाडा से 888, मॉरिशस से 837 और इंडोनेशिया से 327 श्रद्धालु पंजीकरण कर चुके हैं. यात्रा पंजीकरण के नोडल अधिकारी योगेंद्र गंगवार ने बताया कि इस बार दुनियाभर से श्रद्धालुओं का उत्साह देखने लायक है. हर दिन पंजीकरण के नए रिकॉर्ड बन रहे हैं.

धार्मिक महत्व के साथ-साथ उत्तराखंड की हिमालयी वादियों की शांति, प्राकृतिक सौंदर्य और आध्यात्मिक वातावरण विदेशी श्रद्धालुओं को भी अपनी ओर आकर्षित कर रहा है. केदारनाथ के लिए 11,576, बदरीनाथ के लिए 9,320, गंगोत्री के लिए 5,542, यमुनोत्री के लिए 4,869 और हेमकुंड साहिब के लिए 274 विदेशी श्रद्धालुओं ने पंजीकरण कराया है.

ऑनलाइन पंजीकरण के स्लॉट तेजी से भरने के कारण बड़ी संख्या में लोग ऑफलाइन पंजीकरण की ओर रुख कर रहे हैं. हरिद्वार, ऋषिकेश, हरबर्टपुर और विकासनगर जैसे स्थानों पर प्रतिदिन 18 हजार से अधिक यात्रियों का ऑफलाइन पंजीकरण किया जा रहा है. पर्यटन विभाग का मानना है कि यह रुझान न सिर्फ प्रदेश के पर्यटन को नया विस्तार देगा, बल्कि उत्तराखंड की वैश्विक पहचान को और मजबूत करेगा. साथ ही, इस बार की यात्रा में तकनीकी और व्यवस्थागत सुधारों ने श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा और अनुभव प्रदान किया है.

चारधाम यात्रा एक बार फिर यह साबित कर रही है कि श्रद्धा, प्रकृति और सांस्कृतिक विरासत का यह संगम दुनिया भर के लोगों को जोड़ने की अद्भुत ताकत रखता है.

 

NATIONAL : दुमका में बर्बर कांड… कूड़ा डालने को लेकर झगड़ा, पड़ोसी ने तलवार से अलग कर दिया महिला का सिर

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दुमका जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. एक युवक ने मामूली विवाद के चलते तलवार से एक महिला का सिर धड़ से अलग कर दिया और उसके पति को भी गंभीर रूप से घायल कर दिया.

झारखंड के दुमका जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. एक युवक ने मामूली विवाद के चलते तलवार से एक महिला का सिर धड़ से अलग कर दिया और उसके पति को भी गंभीर रूप से घायल कर दिया. घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी ने खुद को नगर थाना दुमका में पुलिस के हवाले कर दिया.

यह घटना बुधवार शाम करीब 7 बजे दुमका शहर के कब्रिस्तान रोड इलाके के केवटपाड़ा में हुई. मिली जानकारी से मुताबिक पड़ोसी रागनी झा से विमला देवी का अक्सर नव निर्मित पिसीसी रोड पर पानी और कूड़ा फेंकने को लेकर विवाद होता रहता था. बुधवार शाम विमला देवी की रागनी झा से रोड पर पानी फेंकने को लेकर बहस हो गई. उसी समय विमला के शिक्षक पति मनोज सिंह बाइक से घर की गली में पहुंचे तो देखा की पड़ोसी से पत्नी की बकझक हो रही है. वे बीच बचाव करने लगे. इस बीच आरोपी युवक फूलचंद साह अपने पिता लालचंद साह और दो भाइयों के साथ वहां पहुंचा और बुजुर्ग दम्पति से उलझ गए.

ये विवाद इतना बढ़ गया कि उसने तलवार निकाल ली और महिला पर हमला कर दिया. एक ही वार में उसने महिला का सिर धड़ से अलग कर दिया. इसके बाद उसने महिला के पति पर भी तलवार से हमला किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया. घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया, लेकिन कुछ ही देर बाद उसने खुद को नगर थाना दुमका में पुलिस के हवाले कर दिया और अपना अपराध कबूल कर लिया. पुलिस ने उसे तुरंत हिरासत में ले लिया और घायल पति को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया. पुलिस ने घटनास्थल से तलवार बरामद कर ली है और मामले की जांच शुरू कर दी है.

घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है. पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है. घटना में घायल मनोज सिंह ने बताया की उनके पत्नी विमला का पड़ोस में रहने वाली रागनी झा से रोड पर पानी और कूड़ा फेंकने को लेकर झगड़ा होता रहता था. आरोपी युवक फूलचंद साह और उसका परिवार रागिनी का साथ देता था. आज पडोसी रागनी झा से पत्नी कहा सुनी हुई. उसी समय मैं भी बाजार से वहां पहुंचा. विवाद इतना बढ़ गया की पड़ोसी फूलचंद तलवार लेकर अपने पिता और भाई के साथ वहां पहुंच गया. फूलचंद ने एक ही वार में विमला देवी का सर धड़ से अलग कर दिया. फिर आरोपी ने तलवार से मनोज सिंह पर जानलेवा हमला किया लेकिन बचाव में हाथ उठा लेने से गर्दन कटने से बच गई. तलवार के वार से मनोज का हाथ बुरी तरह से कट गया जिससे खून का काफी रिसाव हो गया. घायल शिक्षक की हालत नाजुक बनी हुई है.

वहीं मृतका विमला देवी की बेटी ने कहा की मामूली विवाद में पड़ोसी ऐसा कुछ कर देंगे, इसका हमें अंदाज नहीं था.उसने कहा वह भाग कर घर के अंदर छिप गई जिसके कारण उसकी जान बच गई. दुमका के एसडीपीओ इ. डूंगडूंग ने कहा की पुलिस को घटना की सुचना मिली की केवटपाड़ा में एक पड़ोसी ने एक महिला को तलवार से हमला कर हत्या कर दी है और उसके पति को बुरी तरह से घायल कर दिया है . घटना की सुचना मिलते ही घटनास्थल पर पुलिस पहुंच कर घायल पति को इलाज के लिए फूलों झानों मेडिकल कॉलेज भेजा गया और पत्नी की लाश को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दी गई . जबकि मामले की गहराई से जांच की जा रही है हैं.

NATIONAL : दिल्ली HC की BJP सरकार को फटकार, कंज्यूमर कोर्ट की दुर्दशा पर 21 दिन में जवाब मांगा

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दिल्ली हाईकोर्ट में दाखिल याचिका में कहा गया था कि जिला उपभोक्ता अदालतों में पीने के लिए शुद्ध पीने का पानी और शौचालय तक उपलब्ध नहीं हैं. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की सुविधा बंद है.

दिल्ली हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय राजधानी की उपभोक्ता अदालतों की खराब हालात पर बीजेपी सरकार को फटकार लगाई है. हाईकोर्ट ने गुरुवार (15 मई) को एक जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद दिल्ली सरकार से इस बारे में डिटेल रिपोर्ट जवाब दाखिल करने को कहा है.

दरअसल, एक याचिकाकर्ता ने उपभोक्ता अदालतों के खराब हालात का मसला दिल्ली के हाईकोर्ट के सामने उठाया था. याची ने हाईकोर्ट से जिला उपभोक्ता अदालतों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) की सुविधा, पेयजल और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधासं तत्काल मुहैया कराने के लिए आदेश देने की मांग की थी.

दिल्ली हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस डी.के. उपाध्याय और जस्टिस तुषार राव गेडेला की पीठ ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए दिल्ली सरकार को तीन सप्ताह में डिटेल हलफनामा दाखिल करने के निर्देश दिए दिए हैं. वहीं, याचिकाकर्ता को जवाब दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया है. अब यह मामला 17 सितंबर को दोबारा सुना जाएगा.

दिल्ली हाईकोर्ट में वकील एस.बी. त्रिपाठी ने जिला अदालतों की खस्ताहाल को ध्यान में रखते हुए एक याचिका दायर की थी. यानी ने आरोप लगाया था कि कोविड-19 के बाद से दिल्ली के 10 जिला उपभोक्ता अदालतों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सुनवाई की सुविधा पूरी तरह बंद कर दी गई है.

याची ने दिल्ली हाईकोर्ट से कहा था कि इससे न केवल अधिवक्ताओं को परेशानी हो रही है, बल्कि आम उपभोक्ता भी अदालतों तक पहुंचने में मुश्किलें झेल रहे हैं. एक आरटीआई के जवाब में तीन उपभोक्ता आयोगों ने स्पष्ट किया कि उनके पास वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की कोई सुविधा नहीं है. 5G नेटवर्क की आवश्यकता है.

दिल्ली हाईकोर्ट में दाखिल याचिका में यह भी कहा गया है कि जिला उपभोक्ता अदालतों में अधिवक्ताओं और आम जनता के लिए शुद्ध पीने का पानी और शौचालय तक उपलब्ध नहीं हैं. न्यायालय के पूर्व आदेशों के बावजूद इन बुनियादी सुविधाओं की घोर उपेक्षा की जा रही है, जिससे लोगों को अपमानजनक स्थिति का सामना करना पड़ता है. याचिकाकर्ता एस.बी. ​त्रिपाठी ने मांग की है कि सभी जिला उपभोक्ता आयोगों में न्यायिक अधिकारियों की नियुक्ति तत्काल की जाए. ताकि लंबित मामलों की सुनवाई नियमित रूप से हो सके और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो.

 

NATIONAL : फर्जी HR बनकर करते थे कॉल… Shine और Naukri की ले रखी थी रिक्रूटर एक्सेस, दिल्ली पुलिस ने नोएडा से पकड़ा ठगों का गैंग

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नौकरी तलाश रहे युवाओं को Shine.com और Naukri.com जैसी जानी-मानी जॉब साइट्स के नाम पर ठगने वाले एक फर्जी कॉल सेंटर का दिल्ली पुलिस ने पर्दाफाश किया है. नोएडा से संचालित इस हाई-टेक साइबर गिरोह में शामिल 6 महिलाओं समेत 14 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. आरोपी Shine.com की रिक्रूटर एक्सेस लेकर खुद को एचआर बताकर नौकरी का झांसा देते थे और ट्रेनिंग, डॉक्युमेंटेशन, सैलरी अकाउंट जैसे नामों पर पैसे वसूलते थे.

दिल्ली पुलिस ने साइबर ठगी के बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है. ये गिरोह Shine.com और Naukri.com जैसी जॉब वेबसाइट्स का रिक्रूटर एक्सेस लेकर देशभर में नौकरी तलाशने वालों को ठग रहा था. गिरोह का संचालन नोएडा से हो रहा था. पुलिस ने इसके मास्टरमाइंड फहीक सिद्दीकी सहित 14 लोगों को गिरफ्तार किया है. पकड़े गए आरोपियों में 6 महिलाएं भी शामिल हैं.

पुलिस के अनुसार, यह गिरोह Shine.com और Naukri.com पर अपलोड किए गए जॉब सीकर के प्रोफाइल का डेटा उठाकर खुद को प्रतिष्ठित कंपनियों का HR बताता था. पहले 500 रुपये जैसी छोटी राशि के नाम पर रिफंडेबल फीस ली जाती थी, फिर ट्रेनिंग फीस, डॉक्युमेंटेशन और सैलरी अकाउंट ओपनिंग के नाम पर धीरे-धीरे बड़ी रकम वसूली जाती थी.

दरअसल, इस संबंध में एक महिला ने शिकायत दी थी कि उसने Shine.com और Naukri.com पर मेडिकल जॉब के लिए आवेदन किया था. कुछ ही दिनों में फर्जी कॉल आने लगे और 30,000 से ज्यादा की ठगी हो गई. जब 11,000 रुपये की सैलरी अकाउंट ओपनिंग फीस की डिमांड आई, तब उसे शक हुआ और उसने पुलिस से शिकायत की.

इस पूरे मामले का खुलासा टेक्निकल सर्विलांस के जरिए हो सका. पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) निकलवाया. इसी के साथ IP एड्रेस ट्रैकिंग की गई. वहीं Shine.com से तकनीकी सहयोग मिला, तब जाकर पुलिस गिरोह तक पहुंची. इन सभी पहलुओं की जांच के बाद आरोपी फहीक सिद्दीकी को लक्ष्मी नगर से पकड़ा गया, फिर टीम ने नोएडा सेक्टर-3 के डी-15 पते पर छापा मारा, जहां एक फुली ऑपरेशनल फर्जी कॉल सेंटर चलाया जा रहा था. पुलिस ने जो सामग्री जब्त की है, उसमें 8 लैपटॉप, 47 मोबाइल फोन, 57 सिम कार्ड, 15 डेबिट कार्ड, ₹1.31 लाख कैश और 2 वाई-फाई डोंगल मिले हैं.

पुलिस का कहना है कि फर्जीवाड़े के लिए Shine.com से ली गई असली रिक्रूटर एक्सेस का इस्तेमाल किया गया. आरोपी मोहित कुमार उर्फ सुमित अन्य लोगों से 2,000 रुपये में बैंक खाते और सिम कार्ड जुटाता था, जिनका इस्तेमाल ठगी में होता था.दिल्ली पुलिस ने चेतावनी दी है कि कोई भी असली कंपनी नौकरी के बदले पैसे नहीं मांगती. अगर ट्रेनिंग, डॉक्युमेंटेशन या सैलरी अकाउंट ओपनिंग के नाम पर पैसे मांगे जा रहे हैं, तो ये साफ संकेत है कि आप ठगी के जाल में फंसे हैं.

सभी मोबाइल नंबरों और सिम कार्ड्स की जानकारी I4C (Indian Cyber Crime Coordination Centre) को भेजी गई है. देशभर में अन्य केसों से लिंक तलाशे जा रहे हैं. पुलिस को उम्मीद है कि और पीड़ित सामने आएंगे.

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