Saturday, June 27, 2026
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AGRA : सुहागरात के दिन दूल्हा बिस्तर पर करता रहा इंतजार, दुल्हन दरवाजा बंद कर बाइक पर बैठकर हो गई फरार

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आगरा में दुल्हन बनकर आई महिला असली जीवनसाथी नहीं थी. सुहागरात पर ही दुल्हन ने दूल्हे के सारे अरमान तोड़ दिए. सज-धज कर दूल्हा अपने कमरे में बिस्तर पर बैठकर दुल्हन का इंतजार करता रहा, लेकिन उसकी नई नवेली दुल्हन घर से सारा सामान समेटकर फरार हो गई. पुलिस मामले में जांच में जुट गई है.

शादी के अगले दिन की रात यानी सुहागरात पर ही दुल्हन ने दूल्हे के सारे अरमान तोड़ दिए. आगरा जिले में रहने वाला एक नवविवाहित युवक के लिए यह रात एक ऐसा धोखा बनकर आई, जिसे वह जिंदगी भर नहीं भूल पाएगा. सज-धज कर दूल्हा अपने कमरे में बिस्तर पर बैठकर दुल्हन का इंतजार करता रहा, लेकिन उसकी नई नवेली दुल्हन घर से सारा सामान समेटकर फरार हो गई.

यह घटना एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा निकली, जिसमें दुल्हन बनकर आई महिला असली जीवनसाथी नहीं, बल्कि एक ‘लुटेरी दुल्हन’ थी. शादी का पूरा आयोजन और दुल्हन की एंट्री किसी फिल्मी सीन से कम नहीं थी, लेकिन इसके पीछे जो योजना थी, वह सिर्फ पैसे और गहनों की लूट थी. बताया जा रहा है कि इस शादी के लिए लड़के वालों से 1.20 लाख रुपये की मांग की गई थी. रकम अदा करने के बाद तय तारीख पर विवाह सम्पन्न हुआ. शादी के बाद सब कुछ सामान्य लग रहा था . रस्में, बधाइयां, और रिश्तेदारों का आशीर्वाद. लेकिन परिवार को नहीं पता था कि उनके घर आई ‘बेटी’ अगले ही दिन उन्हें गहरे सदमे में छोड़ने वाली है.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक शादी के दूसरे दिन रात को दुल्हन ने घरवालों के लिए दूध में नशीली दवा मिला दी. यह दूध उसने सास और पति को पीने के लिए दिया. नशे के असर से सास बेहोश हो गई. पति कमरे में बैठा था. रात के अंधेरे में जब सब कुछ शांत था, तभी दुल्हन ने घर का दरवाजा बंद किया और बाहर पहले से इंतजार कर रहे एक व्यक्ति की बाइक पर बैठकर फरार हो गई. जब सुबह दूल्हा और उसकी मां की आंख खुली तो उन्होंने पाया कि घर के गहने, नकदी और दुल्हन सब गायब हैं.

घर की तलाशी लेने पर सामने आया कि लगभग 1.30 लाख रुपये की नकदी और सोने-चांदी के आभूषण भी गायब हैं. सगाई की अंगूठी से लेकर चांदी के पायल और चेन तक कुछ भी नहीं बचा. जिस घर में एक दिन पहले शहनाइयां गूंजी थीं, वहां अब सन्नाटा पसरा था.घटना के बाद घरवालों ने पुलिस को सूचना दी. पुलिस ने घर के आसपास की गलियों में लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले तो एक फुटेज में बाइक पर सवार होकर जाती हुई एक महिला दिखी. जांच में सामने आया कि वही दुल्हन थी, जो किसी व्यक्ति के साथ फरार हो रही थी. बाइक का नंबर भी कैमरे में कैद हो गया है, जिसकी मदद से पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है.

सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि शादी के वक्त दिया गया आधार कार्ड भी फर्जी निकला. यहां तक कि शादी में जो ‘मामा-मामी’ बनकर आए थे, वो भी नकली रिश्तेदार थे. पूरा खेल बेहद सधे हुए अंदाज़ में रचा गया था, ताकि लड़के वालों को किसी भी तरह से शक न हो.

शुरुआत में मामला थाने तक तो पहुंचा, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं हो पा रही थी. बाद में पीड़ित परिवार ने एक स्थानीय जनप्रतिनिधि से संपर्क किया, जिनके हस्तक्षेप के बाद पुलिस ने संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज की. फिलहाल पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है और अनुमान है कि यह कोई संगठित गिरोह हो सकता है जो शादी के नाम पर लोगों को लूटता है.

इस घटना के बाद पुलिस यह भी आशंका जता रही है कि यह पहला मामला नहीं है. इससे पहले भी ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं, जहाँ दुल्हन बनकर आई महिलाओं ने शादी के कुछ ही दिनों में पति और ससुराल को चूना लगाया और फरार हो गईं. पुलिस अब यह जांच कर रही है कि यह महिला किसी गैंग का हिस्सा तो नहीं, जो फर्जी दस्तावेज़ों के सहारे गरीब या मध्यमवर्गीय परिवारों को टारगेट करता है.

NATIONAL : पत्नी का मर्डर किया और जलाकर आंगन में गाड़ दी लाश, थाने में बोला- बीवी लापता है

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शिमला में एक व्यक्ति को अपनी पत्नी की हत्या करने और उसके शव को जलाकर अपराध छिपाने की कोशिश करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. कथित तौर पर इसके बाद उसने पुलिस में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी.

हिमाचल प्रदेश के शिमला में एक व्यक्ति को अपनी पत्नी की हत्या करने और उसके शव को जलाकर अपराध छिपाने की कोशिश करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. पुलिस ने गुरुवार को ये जानकारी दी है.

गणपेरी गांव के सुरक्षा गार्ड तोता राम ने कथित तौर पर अपनी 26 साल की पत्नी गुलशन की हत्या कर दी. दिलचस्प बात यह है कि राम ने कथित तौर पर अपनी पत्नी की हत्या करने के बाद शोघी पुलिस में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी. पुलिस ने बताया कि राम पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103 (हत्या के लिए सजा) और 238 (अपराध के सबूतों को गायब करना या अपराधी को बचाने के लिए गलत जानकारी देना) के तहत मामला दर्ज किया गया है और उसे आज अदालत में पेश किया जाएगा.

गुलशन से कॉन्टैक्ट की कोशिश में लगा उसका परिवार बुधवार को गांव पहुंचा. तब राम के पड़ोसियों ने उन्हें उसके आंगन में संदिग्ध गतिविधि की सूचना दी. गुलशन के भाई अक्षय ने कहा, ‘तोता राम का व्यवहार संदिग्ध था और बाद में, हमें आंगन में एक गड्ढा खोदा हुआ मिला, जिसमें एक आधा जला हुआ शरीर था.’

गुलशन के परिवार ने तुरंत पुलिस को सूचित किया, जिसने उसके शव को कब्जे में ले लिया. इसके बाद अपराध स्थल से नमूने फोरेंसिक लैब भेजे गए और पोस्टमॉर्टम भी किया गया. पुलिस ने कहा कि प्रारंभिक जांच से पता चला है कि उसके शरीर को जलाने के लिए पेंट और लकड़ी का इस्तेमाल किया गया था, ताकि उसकी पहचान न हो सके. दंपति की शादी 2020 में हुई थी और उनका तीन साल का बेटा है. उसके परिवार के सदस्यों ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि राम दहेज के मुद्दे पर गुलशन को आए दिन प्रताड़ित करता था.

NATIONAL : जैश के आतंकियों के हाथ में बंदूक, चेहरे पर दहशत… सामने आया त्राल एनकाउंटर का ड्रोन फुटेज

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इस ड्रोन वीडियो में आतंकियों को छिपे हुए देखा जा सकता है. एक अन्य फुटेज में एक आतंकी को ढेर होते देखा जा सकता है. माना जा रहा है कि अभी और भी आतंकी छिपे हो सकते हैं.

जम्मू-कश्मीर के अवंतीपोरा के त्राल में आज सुरक्षाबलों और आतंकियों की मुठभेड़ हुई. इस मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने जैश-ए-मोहम्मद के तीन आतंकियों को मार गिराया. त्राल में फायरिंग अभी भी जारी है. छिपे हुए आतंकियों की तलाश की जा रही है. इस बीच त्राल एनकाउंटर का ड्रोन वीडियो सामने आया है.इस ड्रोन वीडियो में आतंकियों को छिपे हुए देखा जा सकता है. एक अन्य फुटेज में एक आतंकी को ढेर होते देखा जा सकता है. माना जा रहा है कि अभी और भी आतंकी छिपे हो सकते हैं.

इससे पहले आज जैश के जिन तीन आतंकियों को ढेर किया गया है. वे सभी त्राल के रहने वाले हैं. इनके नाम आसिफ अहमद शेख, आमिर नजीर वानी और यावर अहमद बट्ट हैं.

इन आतंकियों को ढेर करने के बाद भारतीय सेना ने बताया कि खुफिया जानकारी मिलने के बाद 15 मई को अवंतीपोरा के त्राल के नादेर में तलाशी अभियान चलाया गया. भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ ने त्राल के नादेर को चारों ओर से घेर लिया. जवानों को कुछ संदिग्ध गतिविधियों का पता चला, जिसके बाद आतंकियों पर फायरिंग की गई. ऑपरेशन अभी जारी है.

शोपियां में सुरक्षाबलों के विशेष ऑपरेशन के तहत मंगलवार को लश्कर-ए-तैयबा के तीन आतंकियों को ढेर कर दिया गया था. इन आतंकियों को सुरक्षाबलों ने जिनपथेर केलर इलाके में घेर लिया था. इस ऑपरेशन को ऑपरेशन केलर नाम दिया गया था.

इस ऑपरेशन में मारे गए लश्कर के एक आतंकी का नाम शाहिद कुट्टे था, जो शोपियां का रहने वाला था. वह आठ मार्च 2023 को लश्कर में शामिल हुआ था. वह 18 मई, 2024 को हीरपोरा, शोपियां में बीजेपी सरपंच की हत्या में शामिल था. वहीं, दूसरे आतंकवादी की पहचान अदनान शफी डार के रूप में हुई है, जो वंडुना मेलहोरा, शोपियां का रहने वाला है. वह 18 अक्टूबर, 2024 को लश्कर में शामिल हुआ था. वह 18 अक्टूबर, 2024 को शोपियां में गैर स्थानीय मजदूर की हत्या में शामिल था.​

पहलगाम हमले में शामिल आतंकियों के पोस्टर शोपियां के कई इलाकों में लगाए गए थे. सुरक्षाबलों ने आतंकियों की सूचना देने वाले को 20 लाख रुपये इनाम देने का भी ऐलान कर रखा है. सेना ने पहलगाम में मासूम पर्यटकों की मौत के गुनहगार पाकिस्तानी आतंकियों की तलाश तेज कर दी है.

 

ENTERTAINMENT : 3 इडियट्स-पीके के बाद Aamir Khan और Rajkumar Hirani फिर करेंगे धमाका, लेकर आ रहे ये फिल्म

सुपरस्टार एक्टर आमिर खान इन दिनों फिल्म सितारे जमीन पर को लेकर चर्चा में हैं. इसी बीच आमिर खान की नई फिल्म को लेकर अनाउंटमेंट हो गई है. आमिर खान फिल्ममेकर राजकुमार हिरानी संग दादा साहेब फाल्के की बायोपिक लेकर आ रहे हैं.

ट्रेड एनालिस्ट तरण आदर्श ने लिखा, ‘आमिर खान और राजकुमार हिरानी दादा साहेब फाल्के की बायोपिक के लिए साथ आए हैं. आमिर और राजकुमार हिरानी फिर से एक साथ काम करेंगे और इस बार वो इंडियन सिनेमा के जनक दादा साहेब फाल्के की बायोपिक लेकर आ रहे हैं. भारत के स्वतंत्रता संग्राम के बैकड्रॉप पर बेस्ड ये फिल्म उस व्यक्ति की जर्नी को दर्शाएगी जिसने भारतीय सिनेमा की नींव रखी.’

फिल्म की स्क्रिप्ट पर चार साल से काम हो रहा था. आमिर खान जल्द ही सितारे जमीन पर की रिलीज के बाद इसकी तैयारी शुरू करेंगे. शूट अक्टूबर 2025 से शुरू होगा.बता दें कि इससे पहले आमिर खान ने 2 बार राजकुमार हिरानी के साथ काम किया है. दोनों जब भी साथ आए हैं उन्होंने बॉक्स ऑफिस पर धमाल ही किया है. आमिर 2009 में आई फिल्म 3 इडियट्स में दिखे थे. ये फिल्म सुपरडूपर हिट हुई थी. फिल्म में शरमन जोशी और आर माधवन जैसे स्टार्स थे.

इसके बाद राजकुमार हिरानी और आमिर खान फिल्म पीके लेकर आए. ये फिल्म 2014 में रिलीज हुई थी. इस फिल्म ने भी सारे रिकॉर्ड ब्रेक कर दिए थे. फिल्म में अनुष्का शर्मा, सुशांत सिंह राजपूत और संजय दत्त जैसे स्टार्स थे.अब आमिर खान फिल्म सितारे जमीन पर में नजर आने वाले हैं. फिल्म का ट्रेलर रिलीज हो गया है. फिल्म के ट्रेलर को फैंस ने बहुत पसंद किया. सितारे जमीन पर 20 जून पर रिलीज होने वाली है.

 

NATIONAL : हत्या या आत्महत्या? बैरक की छत से लटका मिला महिला जेल प्रहरी का शव

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जहानाबाद में एक महिला जेल प्रहरी का शव बुधवार को जेल के अंदर छत से लटका मिला. पुलिस अधीक्षक अरविंद प्रताप सिंह ने बताया कि मृतका जहानाबाद जिला जेल में तैनात थी और वह बैरक की छत से लटकी हुई मिली, जहां जेल कर्मचारी रहते थे.

जेल के भीतर आत्महत्या और हत्या के कई मामले सामने आते हैं जो सनसनी फैला देते हैं. ताजा मामला बिहार के जहानाबाद का है. यहां एक महिला जेल प्रहरी का शव बुधवार को जेल के अंदर छत से लटका मिला. पुलिस अधीक्षक अरविंद प्रताप सिंह ने बताया कि मृतका जहानाबाद जिला जेल में तैनात थी और वह बैरक की छत से लटकी हुई मिली, जहां जेल कर्मचारी रहते थे. पुलिस ने बुधवार को ये जानकारी दी है.

एसपी ने बताया, ‘मृतका की पहचान कटिहार जिले की निवासी शिवानी कुमारी के रूप में हुई है. हमने उसके परिवार के सदस्यों को सूचित कर दिया है. शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जाएगा और वीडियोग्राफी के निर्देश दिए गए हैं. आगे की जांच जारी है.’पुलिस ये जानने की कोशिश कर रही है कि ये हत्या है या फिर आत्महत्या? बता दें कि इससे पहले कई ऐसे मामले सामने आते रहे हैं जब जेल के भीतर किसी कैदी ने आत्महत्या की हो या संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई हो.

बीते साल समस्तीपुर में एक महिला पुलिसकर्मी को उसके बैरक के बाथरूम में लटका हुआ पाया गया था. उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया,जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया. शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया.मृतक की पहचान वैशाली जिले की रहने वाली चांदनी कुमारी के रूप में की गई थी.

‘हमें लगा था बेटा फेल हो जाएगा लेकिन पासिंग मार्क्स ले आया…’, छात्र के 35% अंक आने पर लोगों ने मनाया जश्न
शिवम का यह परिणाम अपने आप में एक संदेश देता है कि सफलता के विभिन्न आयाम होते हैं, और कभी-कभी किसी की मेहनत और परिश्रम को स्वीकार करना भी एक बड़ी उपलब्धि होती है. अब शिवम ITI की पढ़ाई के लिए आगे कदम बढ़ाने का विचार कर रहे हैं, और इस बार उन्होंने अपनी सफलता को एक नई दिशा देने का लक्ष्य रखा है.

ENTERTAINMENT : 10 हजार रुपये ठुकराकर सड़क पर सोना था मंजूर, अम‍िताभ बच्चन की ज‍िंदगी का वो मुश्किल वक्त

अमिताभ बच्चन ने शुरुआत दिनों में कई ऐसे रूल फॉलो किए थे, जिनकी वजह से उन्हें काफी तकलीफ भी उठानी पड़ी. अमिताभ बच्चन ने इसे लेकर खुलासा भी किया था. जिसमें उन्होंने कहा था कि उनका पूरा फोकस एक्टर बनने का था.

बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन भारतीय सिनेमा के सबसे बड़े और सफल सितारों में से एक हैं. उनकी सफलता का सबसे बड़ा राज उनका वक्त के साथ उसके हिसाब से बदलते रहने का है. हालांकि अपने करियर की शुरुआत में उन्होंने कई ऐसे रूल फॉलो किए थे, जिनकी वजह से उन्हें काफी तकलीफ भी उठानी पड़ी. अमिताभ बच्चन ने इसे लेकर खुलासा भी किया था. जिसमें उन्होंने कहा था कि उनका पूरा फोकस एक्टर बनने का था.

बता दें कि अपने करियर के शुरुआती दिनों में एक्टर अमिताभ बच्चन हमेशा ब्रांड विज्ञापन के विचार से सहमत नहीं थे. इतना ही नहीं जब वे 1960 के दशक में रेडियो स्पॉट्स के लिए सिर्फ 50 रुपये कमा रहे थे, तब भी उन्होंने एक विज्ञापन के लिए 10,000 रुपये लेने से मना कर दिया था. उस समय बच्चन को लगा कि विज्ञापनों में मॉडलिंग करना उनके लिए सही नहीं होगा. इसलिए वो 10 हजार रुपये तक छोड़ देने के लिए तैयार थे.

वीर सांघवी के साथ 1999 के एक पुराने इंटरव्यू में अमिताभ बच्चन ने इस मुद्दे पर खुलकर बात की थी. उन्होंने कहा था कि शुरुआती दिनों में कई विज्ञापन एजेंसियों ने उनसे कॉन्टेक्ट किया था. लेकिन मॉडलिंग करने के मामले में उनका रुख काफी अलग था. मुझे एक विज्ञापन के लिए 10,000 रुपये का ऑफर मिला. जो मेरे लिए बहुत बड़ी रकम थी, क्योंकि मैं रेडियो स्पॉट्स के जरिए 50 रुपये महीने कमा रहा था. लेकिन मुझे लगा कि विज्ञापन करने से मेरा कुछ हिस्सा छिन जाएगा.

यह इंटरव्यू उस समय आया जब बच्चन की कंपनी ABCL (अमिताभ बच्चन कॉर्पोरेशन लिमिटेड) मुश्किल दौर से गुज़र रही थी. उन्होंने यह भी स्वीकार किया था कि वे कुछ ब्रैंड्स का प्रचार करके अपनी कंपनी के लिए पैसे कमा रहे थे. बच्चन ने बताया कि वे विज्ञापन करने के बजाय शहर में कैब चलाने के लिए तैयार थे. उन्होंने कहा- ‘मैं ड्राइविंग लाइसेंस लेकर बॉम्बे आया था और अगर मैं एक्टर नहीं बना तो मैं कैब चलाऊंगा.’ उन्होंने आगे कहा- मेरा पूरा इरादा एक्टिंग करने का था. लेकिन समय बीतने के साथ स्थिति गंभीर होती गई और उन्हें अपने सिर पर छत रखना मुश्किल हो गया.

अमिताभ बच्चन ने कहा एक समय ऐसा आया जब उन्हें सड़कों पर सोना पड़ा, लेकिन तब भी उन्हें यकीन था कि वे विज्ञापनों में नहीं दिखेंगे. उन्होंने कहा मेरे पास रहने के लिए कोई जगह नहीं थी. इसलिए मैंने मरीन ड्राइव की बेंच पर कुछ दिन बिताए, जहां मैंने अपनी जिंदगी में अब तक देखे गए सबसे बड़े चूहे भी देखे. हालांकि जब अमिताभ बच्चन सुपरस्टार बन गए तो उन्होंने कई तरह के बड़े ब्रांड्स के साथ विज्ञापनों में काम किया. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आज अमिताभ बच्चन विज्ञापनों के जरिए करोड़ों रुपये कमा रहे हैं.

 

UP : यूपी के एटा में खौफनाक कांड… 10 साल के बच्चे को पत्थर से कुचला, आंखें निकालीं और काट दिया प्राइवेट पार्ट

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एटा के मिरहची थाना क्षेत्र के आलमपुर गांव में एक 10 साल के दलित मासूम की बेरहमी से हत्या कर दी गई. जिस रूप में बच्चा मिला, उसने पूरे गांव को दहला कर रख दिया.

उत्तर प्रदेश के एटा जिले से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहां मिरहची थाना क्षेत्र के आलमपुर गांव में एक 10 साल के दलित मासूम की बेरहमी से हत्या कर दी गई. जिस रूप में बच्चा मिला, उसने पूरे गांव को दहला कर रख दिया. पोस्टमार्टम के बाद आक्रोषित परिजनों ने न्याय मिलने तक बच्चे का अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया है. मौके पर पहुंचे जिले के वरिष्ठ अधिकारियों ने पीड़ित परिजनों को काफी समझाया बुझाया, तब जकार कहीं न्याय का आश्वासन पाकर पीड़ित परिवार के लोग अंतिम संस्कार करने को राजी हुए हैं.

दरअसल, सुबह करीब 7 बजे अनुज नाम का यह बच्चा अपने दो दोस्तों के साथ शौच के लिए निकला था. गांव से कुछ दूरी पर आम के बाग के पास अचानक एक युवक ने उस पर हमला कर दिया. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमलावर मक्का के खेत से निकला और धारदार हथियार से अनुज पर वार करने लगा.

बताया जा रहा है कि हमले के बाद मासूम की आंखें निकाल ली गईं, उसके गुप्तांग काटे गए और फिर पत्थर से सिर कुचलकर उसकी हत्या कर दी गई. अनुज के दोनों दोस्त किसी तरह वहां से भागकर गांव पहुंचे और परिजनों को पूरी घटना की जानकारी दी.घटना के बाद अनुज के चाचा ऋषिपाल उसे अस्पताल ले जाने के लिए सड़क किनारे खड़े रहे, लेकिन मासूम ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया. पिता सुनील, जो दो दिन पहले ही दिल्ली से लौटे थे, बेसुध हो गए. उन्होंने बताया कि उनके बेटे की बॉडी इतनी क्षत-विक्षत थी कि पहचानना भी मुश्किल था.

परिजनों ने गांव के बाग के रखवाले पर हत्या का आरोप लगाया है. बताया गया कि वह पहले भी गांव के युवक पर खुरपी से हमला कर चुका है. मौके से एक चाकू और सफेद गमछा बरामद किया गया है.

पुलिस ने मृतक के दो दोस्तों को हिरासत में लिया है. परिजनों का आरोप है कि मासूमों को थाने में बैठा कर दबाव डाला जा रहा है. वहीं पुलिस पुरानी रंजिश और एक साल पुराने मुकदमे की भी जांच में जुटी है. पोस्टमार्टम के बाद पीड़ित परिजनों ने गांव में जाकर बच्चे का अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया और कहा कि जब तक कि हत्यारे को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर लेती तब तक वह अपने बच्चों का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे. घटना की सूचना पाकर जिले के वार्षिक अधिकारी गांव पहुंच गए और पीड़ित परिजनों को काफी समझाया बुझाए, तब कहीं जाकर पीड़ित पर अपने बच्चों के अंतिम संस्कार करने को राजी हुए.

बच्चे के पिता सुनील ने कहा- मेरे बच्चे की बॉडी बहुत ही दर्दनाक हालत में मिली. उसकी आंखें फोड़ दी गई थीं, गुप्तांग काट दिए गए थे, और सिर को पत्थर से कुचल दिया गया. वो घूमने गया था, किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी. बच्चे की हालत देखी नहीं जा रही थी, पहचान पाना भी मुश्किल था.

एटा के एसडीएम जगमोहन गुप्ता ने कहा- यह घटना आलमपुर में हुई है 10 साल के बच्चे के साथ उसमें FIR दर्ज कर दी गई है. जांच शुरू है और इसमें दोषियों के विरुद्ध जल्दी से जल्द कार्रवाई शुरू की जाएगी हमारी तरफ से जो भी आर्थिक सहायता है या जो भी संभव मदद है वह हम पीड़ित परिवार की अपनी तरफ से करेंगे.

RAJASTHAN : रणथंभौर टाइगर रिजर्व में बढ़ा बाघों का कुनबा… बाघिन RBT 2302 बनी मां, तीन नन्हें शावकों की तस्वीरें आईं सामने

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रणथंभौर टाइगर रिजर्व से जहां हाल ही में बाघिन कनकटी के हमलों की वजह से लगातार चिंताजनक खबरें सामने आ रही थीं, वहीं अब उसी जंगल से बाघों का कुनबा बढ़ने की खबर आई है. फलौदी रेंज के देवपुरा वन क्षेत्र में बाघिन RBT 2302 ने तीन शावकों को जन्म दिया है. बाघिन और उसके नवजात शावकों की तस्वीरें भी सामने आ चुकी हैं, जिन्हें देखकर वन विभाग ने पुष्टि कर दी है कि रणथंभौर की यह युवा बाघिन पहली बार मां बनी है.

सवाई माधोपुर स्थित रणथंभौर टाइगर रिजर्व से बीते दिनों लगातार बाघिन कनकटी के आतंक की वजह से दुखद खबरें सामने आ रही थीं, लेकिन अब वन्यप्रेमियों के लिए एक सुखद और राहत भरी खबर सामने आई है. रणथंभौर की फलौदी रेंज में घूमने वाली बाघिन RBT 2302 ने तीन शावकों को जन्म दिया है.

बाघिन और उसके तीन शावकों की तस्वीरें भी सामने आ गई हैं, जिनकी वन विभाग ने पुष्टि कर दी है. इन तस्वीरों में बाघिन अपने शावकों के साथ देवपुरा वन क्षेत्र में नजर आ रही है. स्थानीय ग्रामीणों ने बाघिन और शावकों को एक साथ देखा और तुरंत इस बारे में वन विभाग को जानकारी दी.

बाघिन के मां बनने की खबर के बाद वन विभाग सतर्क हो गया है. बाघिन और उसके नवजात शावकों की निगरानी और ट्रैकिंग के लिए देवपुरा वन क्षेत्र में कैमरा ट्रैप लगाए गए हैं. वन अधिकारियों के अनुसार, इन कैमरा ट्रैप के जरिए बाघिन की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है, ताकि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.

बाघिन RBT 2302, रणथंभौर की चर्चित बाघिन T-114 नूरजहां और बाघ T-108 जय की बेटी है. लगभग ढाई साल की उम्र की इस बाघिन ने पहली बार शावकों को जन्म दिया है. यह रणथंभौर में बाघों की संख्या में वृद्धि के लिहाज से सकारात्मक संकेत है.

जहां एक ओर बाघिन कनकटी के हमलों से वन्यजीवों और ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ था, वहीं RBT 2302 के शावकों के जन्म ने इस टाइगर रिजर्व में नए जीवन की दस्तक दी है. यह न केवल जैव विविधता के संरक्षण की दिशा में एक शुभ संकेत है, बल्कि रणथंभौर की पारिस्थितिकी और पर्यटन दोनों के लिए उत्साहजनक खबर है. अभी शावकों की उम्र बहुत कम है, इसलिए वन विभाग इनकी सुरक्षा और निगरानी को लेकर पूरी तरह सतर्क है. किसी भी मानवीय हस्तक्षेप से बचने की अपील की गई है. रणथंभौर टाइगर रिजर्व से यह खबर एक नई शुरुआत की तरह है, जो न सिर्फ वन्यजीव प्रेमियों बल्कि पूरे राजस्थान और देश के लिए गर्व की बात है.

ENTERTAINMENT : पवित्र रिश्ता से हुईं फेमस, लेकिन ऑडिशन में एक्ट्रेस हो गई थीं गुस्सा, इस वजह से किया चुपचाप काम

टीवी इंडस्ट्री में कई ऐसे कलाकार हैं जो सालों से काम करते आ रहे हैं, साथ ही उनकी एक्टिंग को भी काफी पसंद किया गया है. फिर भी नए शो के दौरान जब उन्हें ऑडिशन देना पड़ा है तो बहुत बुरा महसूस होता है.

अंकिता लोखंडे और सुशांत सिंह राजपूत का शो पवित्र रिश्ता आज भी दर्शकों के बीच काफी पॉपुलर है.इस शो से अंकिता और सुशांत ने खूब पॉपुलैरिटी हासिल की थी. लेकिन एक एक्ट्रेस और थीं जिन्होंने इस शो के जरिए खूब नाम कमाया. वो कोई और नहीं बल्कि शो में अंकिता लोखंडे की सास सविता ताई की भूमिका में नजर आने वालीं ऊषा नाडकरणी हैं.

हाल ही में पिंकविला को दिए इंटरव्यू में ऊषा नाडकरणी ने बताया कि उन्हें पवित्र रिश्ता के ऑडिशन के दौरान गुस्सा आ गया था. ऊषा नाडकरणी ने बताया कि उन्हें ऑडिशन देना पड़ रहा था इसलिए गुस्सा आया था. एक्ट्रेस ने बताया कि इससे पहले उन्होंने उस प्रोडक्शन हाउस के तीन शोज में काम किया था. फिर भी उन्हें ऑडिशन इसलिए देना पड़ा क्योंकि काम की सख्त जरूरत थी.

ऊषा नाडकरणी ने बताया कि शो में उन्हें ऐसा रोल दिया गया जो बिल्कुल मिक्स था. सविता ताई का किरदार गरीब, घमंडी, भावुक, अपने बच्चों से प्यार करने वाली और लालची का था. ये बेहद ही शानदार कैरेक्टर था. मुझे दिल से काम करना पसंद है और कहीं ना कहीं इसी वजह से ये कैरेक्टर हर किसी को काफी पसंद किया था.

 

NATIONAL : तुर्की और अजरबैजान में खूब पैसे लुटाते हैं भारतीय सैलानी… सालभर में खर्च किए 4 हजार करोड़ रुपये!

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इस युद्ध में पाकिस्तान ही नहीं, उसके दोस्तों ने भी अपनी असलियत दिखा दी, इसीलिए सरकार ने भारत में तुर्किए के सरकारी न्यूज चैनल TRT WORLD का एक्स अकाउंट बंद करवा दिया है, ताकि वो भ्रम ना फैला पाए. इस कदम को भारत की नाराजगी के तौर पर देखा गया है. भारत सरकार ने अपने स्तर पर तुर्किए और अजरबैजान को एक संदेश देने की कोशिश कर रही है.

भारत-पाकिस्तान के 4 दिन के युद्ध में दुश्मन देशों के चेहरे उजागर हो गए हैं. इस युद्ध में तुर्की, अजरबैजान और चीन ने खुलकर पाकिस्तान का समर्थन किया है. इन तीनों देशों ने पाकिस्तानी आतंकवाद पर अपने दोहरे चरित्र का प्रदर्शन किया. सबसे ज्यादा शर्मनाक हरकत तो तुर्किए ने की. तुर्किए ने अपने ड्रोन्स से पाकिस्तान की मदद की और भारत के खिलाफ बड़ी साजिश की है. हालांकि, भारतीय सैलानियों और ट्रैवल एजेंसियों ने तुर्किए और अजरबैजान पर ‘टूरिज़्म स्ट्राइक’ कर दी है.

आंकड़े देखें तो इन दोनों देशों में जाकर भारतीय पर्यटक हर साल करोड़ों रुपए लुटाते हैं. पिछले साल ही तुर्किए और अजरबैजान में भारतीय सैलानियों ने 4 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च किए थे. प्रति व्यक्ति के लिहाज से देखें तो इन दोनों देशों में भारतीय सैलानियों ने 1 लाख रुपये खर्च किया है.दरअसल, इस युद्ध में पाकिस्तान ही नहीं, उसके दोस्तों ने भी अपनी असलियत दिखा दी, इसीलिए सरकार ने भारत में तुर्किए के सरकारी न्यूज चैनल TRT WORLD का एक्स अकाउंट बंद करवा दिया है, ताकि वो भ्रम ना फैला पाए. इस कदम को भारत की नाराजगी के तौर पर देखा गया है. भारत सरकार ने अपने स्तर पर तुर्किए और अजरबैजान को एक संदेश देने की कोशिश कर रही है, इधर, भारत के लोग भी पाकिस्तान के दोस्तों पर हमला बोल चुके हैं.

इस वक्त सोशल मीडिया पर बायकॉट तुर्किए और बायकॉट अजरबैजान टॉप ट्रेंडिंग में चल रहा है. यानी लोगों ने तय कर लिया है कि वो भारत के दुश्मनों का साथ देने वाले देशों में पैसा बर्बाद नहीं करेंगे. ट्रैवल एजेंसीज ने भी तुर्किए और अजरबैजान के लिए बुकिंग बंद कर दी है.

ट्रैवल एजेंसियों का कहना है कि भारतीयों का पैसा एक ऐसे देश पर खर्च नहीं होना चाहिए, जो भारत के खिलाफ हैं. तुर्किए, अजरबैजान के बजाए भारतीय सैलानियों को ग्रीस, और अर्मेनिया जैसे देशों की सैर करने की सलाह दी गई है और इसके अच्छे ऑफर्स भी दिए जा रहे हैं.

भारतीयों के बीच तुर्किए और अजरबैजान को लेकर पनपा गुस्सा इन देशों के लिए कितना घाटे का सौदा साबित होने वाला है. बड़ी संख्या में भारतीय सैलानी तुर्किए और अजरबैजान घूमने के लिए जाते हैं और अपने लाखों रुपये इन देशों में खर्च करते हैं.

साल 2024 में 3 लाख 30 हजार से ज्यादा भारतीय, तुर्किए में छुट्टियां मनाने गए थे. जबकि साल 2023 में ये संख्या 2 लाख 74 हजार थी. यानी 1 साल में तुर्किए जाने वाले भारतीय सैलानियों की संख्या में करीब 21 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई.इसी तरह से पिछले साल 2 लाख 43 हजार से ज्यादा भारतीय अजरबैजान घूमने गए थे. जबकि 2023 में ये संख्या करीब 1 लाख 20 हजार थी. यानी एक साल में अजरबैजान जाने वाले सैलानियों की संख्या में करीब 108 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई थी. तुर्किए और अजरबैजान जाने वाले भारतीय घूमने फिरने पर लाखों रुपये खर्च करते हैं# एक डेटा बताता है कि तुर्किए और अजरबैजान में भारतीय सैलानी औसतन 1 लाख रुपये प्रति व्यक्ति खर्च तक करते हैं और इस तरह से पिछले साल इन दोनों देशों में भारत के लोगों ने करीब 4 हजार करोड़ रुपये खर्च किए हैं.

तुर्किए और अजरबैजान को भारत के लोग टूरिज्म के नाम पर 4 हजार करोड़ रुपये सालाना दे रहे हैं और ये दोनों देश पाकिस्तान की मदद कर रहे हैं और पाकिस्तान, उनकी मदद के दम पर भारतीयों का खून बहा रहा है, लेकिन भारत के लोगों के इस कदम से तुर्किए और अजरबैजान के टूरिज्म को झटका लगा है.

7 मई के बाद से तुर्किए जाने वाले पर्यटकों में 22 से 60 प्रतिशत तक और अजरबैजान जाने वाले पर्यटकों में 30 प्रतिशत तक की कमी आई है. सिर्फ यही नहीं जिन लोगों ने तुर्किए और अजरबैजान की ट्रैवल बुकिंग करवा ली थी, वो इसे कैंसिल करवाने लगे हैं. 7 मई के बाद अब तक तुर्किए और अजरबैजान की बुकिंग कैंसिलेशन में 250 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है.

यानी भारतीयों ने ठान लिया है कि वो अब अपने पैसे तुर्किेए और अजरबैजान से भारत विरोधी देशों पर खर्च नहीं करेंगे. तुर्किए और अजरबैजान पर केवल टूरिज्म स्ट्राइक ही नहीं हुई है, बल्कि अब तैयारी है उसे बड़ी आर्थिक चोट पहुंचाने की. भारतीय ट्रेडर्स ने तुर्किए और अजरबैजान के प्रोडक्ट्स का बायकॉट करना शुरू कर दिया है.

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