Saturday, June 27, 2026
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MEERUT : मेरठ में स्कूल बस बिजली के तारों में लिपटी, सवार थे 18 बच्चे, फिर जो हुआ…

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बिजली विभाग की लापरवाही 18 से अधिक मासूमों की जान पर बन आई थी, लोगों की सक्रियता ने बड़ा हादसा टाल दिया. दरअसल एक स्कूल की बस बिजली के खम्भे से लटके तारों से उलझ गयी.

मेरठ में बुधवार को एक बड़ा हादसा होते-होते रह गया, यहां बिजली विभाग की लापरवाही 18 से अधिक मासूमों की जान पर बन आई थी, गनीमत ये रही कि समय पर स्थानीय लोगों की सक्रियता ने बड़ा हादसा टाल दिया. दरअसल एक स्कूल की बस बिजली के खम्भे से लटके तारों से उलझ गयी, इससे पहले कुछ होता स्टाफ और वहां मौजूद लोगों ने 18 बच्चों को तेजी से बाहर निकाला. जबकि बिजली विभाग के अधिकारी बस ड्राईवर की गलती बता रहे हैं. फिलहाल मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं.

मामला मेरठ के ब्रहमुपरी थाना इलाके के सेक्टर एक का है. एक निजी स्कूल की बस छुट्टी के बाद बच्चों को घर छोड़ ने वापिस जा रही थी. बताया जा रहा है कि तभी सेक्टर में नीचे झूल रहे तारों में बस उलझ गई और झटका लगने के बाद खंभा टूटकर भी बस पर गिर गया. बस में 18 छोटे बच्चे और स्टाफ था. चीख पुकार मचनी शुरू हो गई. स्थानीय लोग शुरू में दूर खड़े रहे, लेकिन फिर बच्चों को बचाने के लिए दौड़ पड़े. चालक ने भी बस से छलांग लगा दी और स्थानीय लोगों की मदद से एक-एक करके बच्चों को बाहर निकाला गया. कुछ बच्चे रो भी रहे थे और स्कूल का जो बाकी स्टाफ था उसके चेहरे पर भी खौफ साफ नजर आ रहा था.

तारों में उलझी निजी स्कूली बस और बिजली का खंभा टूटकर बस पर गिरने से अफरा-तफरी मची रही. वहां मौजूद लोग बस यही कहते रहे कि भगवान तेरा लाख लाख शुक्रिया तूने बड़ा हादसा टाल दिया. जिस वक्त बस तारों में उलझी थी और ख्ंाभा टूटकर बस पर गिरा था उस वक्त यदि करंट उतर आता तो क्या होता. हादसा कितना बड़ा हो सकता था. कई लोगों की आंखों में आंसू भी थे कि जिंदगी बचाना भगवान के हाथ में है, जाको राखे साइयां मार सके न कोय. बिजली विभाग कितना लापरवाह है, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि कई बार लोगों ने बिजली विभाग से तारों को उंचा करने के लिए कहा था, लेकिन किसी ने इस पर ध्यान ही नहीं दिया. नतीजा सबके सामने है कि आज मेरठ में एक बड़ा हादसा होते-होते रह गया.

सूचना मिलते ही ब्रहमपुरी थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची और मामले की छानबीन की. इसके बाद बिजली विभाग की टीम को फोन किया गया तो टीम मौके पर पहुंची. बस पर सीढ़ी लगाकर बिजली विभाग की टीम उपर पहुंची और घंटों की मशक्कत के बाद खंभा हटाया गया, कई तार काटे गए और तब जाकर बस को तारों के जंजाल और खंभा हटाकर बाहर निकाला गया. इसके लिए शटडाउन भी लेना पड़ा.

बस के तारों में उलझने और बिजली का खंभा टूटकर बस पर गिरने के मामले में बिजली महकमें ने बस चालक की बड़ी लापरवाही बताते हुए ब्रहमपुरी थाना इलाके की माधवपुरम चौकी में तहरीर दी है. एसडीओ रामलीला ग्राउंड संजय कुमार ने बताया कि बस चालक रॉंग साइड बस लेकर जा रहा था और बस नेट के केबिल तारों में उलझी और फिर बिजली का खंभा टूटकर गिरा है. बिजली विभाग की लापरवाही नहीं है. हमारे जेई गोपी चंद ने मुकदमा कायम कराने को तहरीर दे दी है और हम खुद भी जांच करा रहें हैं.

 

ENTERTAINMENT : दो पत्नियों वाले अरमान मलिक को चाहिए आर्म्स लाइसेंस, बोले- मुझे धमकियां मिल रही, जिंदगी खतरे में

अरमान मलिक ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर करके बताया कि उन्हें और उनके परिवार को धमकियां मिल रही हैं. अरमान मलिक ने पंजाब पुलिस से रिक्वेस्ट की है.

यूट्यूबर अरमान मलिक अक्सर खबरों में रहते हैं. अरमान मलिक की दो पत्नियां और चार बच्चे हैं. दो पत्नियों की वजह से ही अरमान मलिक चर्चा में आए थे. अरमान पंजाब में अपनी फैमिली के साथ रहते हैं. अब उन्होंने बताया कि उन्हें और उनके परिवार को धमकियां मिल रही हैं.

अरमान मलिक ने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘मैं सालों से सोशल मीडिया पर सक्रिय हूं. लेकिन अफसोस के साथ कहना पड़ रहा है कि पिछले कुछ समय से मुझे लगातार धमकियां मिल रही हैं. जान से मारने की, मेरे परिवार को नुकसान पहुंचाने की और हर उस चीज को छीन लेने की जो मेरी ज़िंदगी का हिस्सा हैं.’

आगे उन्होंने लिखा, ‘इन धमकियों के बावजूद मैंने कानून में विश्वास रखा. मैंने हर जरूरी कानूनी कदम उठाया. शिकायतें दर्ज करवाईं. मदद मांगी. लेकिन खतरा अब भी मेरे और मेरे परिवार पर मंडरा रहा है. मैंने अपनी सुरक्षा के लिए आर्म्स लाइसेंस हेतु भी आवेदन किया, ताकि मैं कम से कम अपने परिवार की हिफ़ाज़त खुद कर सकूं. लेकिन प्रशासन की ओर से मुझे हर बार ये कह कर रोका गया कि मेरे ऊपर कोई मामला चल रहा है. जबकि वो मामला पूरी तरह से झूठा और आधारहीन है. इसकी सच्चाई माननीय न्यायालय के समक्ष चल रही है. मुझे हमारी न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है कि अंततः सच की जीत होगी. मेरी अपील है, कृपया मेरी परिस्थिति की गंभीरता को समझें.’

अरमान ने वीडियो शेयर कर अपील की. वीडियो में उनकी दूसरी पत्नी कृतिका मलिक नजर आ रही हैं. अरमान ने बताया कि कुछ दिन पहले एक गाड़ी उनके पीछे लग गई थी. उन्होंने इसे लेकर शिकायत भी दर्ज करवाई थी. अब दोबारा फिर उनके साथ ऐसा हुआ है.

NATIONAL : ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की खुशी में जामिया में तिरंगा मार्च का AISA ने किया विरोध, जानें क्या कहा?

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जम्मू कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के खिलाफ भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाया था. इस ऑपरेशन की सफलता की खुशी में 13 मई 2025 को जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय में कुलपति प्रोफेसर मजहर आसिफ और रजिस्ट्रार प्रोफेसर महताब आलम रिजवी ने ‘तिरंगा मार्च’ निकाली गई, यह मार्च शिक्षा मंत्रालय के “राष्ट्र प्रथम” अभियान के अंतर्गत ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता का जश्न मनाने के लिए निकली गई थी,

जामिया में तिरंगा मार्च सेंटेनरी गेट से शुरू होकर डीएसडब्ल्यू लॉन पर समाप्त हुआ. कुलपति ने प्रधानमंत्री के नेतृत्व की तारीफ की और युवाओं से देश के लिए समर्पण की अपील की,

जामिया के ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA JMI) ने तिरंगा मार्च की आलोचना करते हुए कहा, “यह जामिया प्रशासन की युद्धोन्मादी सोच को दर्शाता है, सैन्य कार्रवाई का जश्न मनाना उन निर्दोष लोगों का अपमान है जो युद्ध में मारे जाते हैं, भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव से आम नागरिकों की जान और शांति खतरे में पड़ जाती है.”

AISA ने बताया कि पहलगाम हमले के बाद मुस्लिमों और कश्मीरियों पर देशभर में नफरत फैलाने वाली घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं, APCR की रिपोर्ट के अनुसार ऐसे 184 मामलों की पुष्टि हुई है, इसके लिए AISA ने बीजेपी आईटी सेल और कॉरपोरेट मीडिया को जिम्मेदार बताया और आरोप लगाते हुए कहा कि इनके द्वारा झूठी खबरें फैलाकर युद्ध की भावना को भड़काया जा रहा है,

जामिया के ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन का कहना है कि सरकार शांति की आवाजों को दबा रही है. स्वतंत्र पत्रकारिता पर हमला कर रही है. AISA के अनुसार, “कश्मीर लंबे समय से सैन्य दबाव, मानवाधिकार उल्लंघनों और राजनीतिक उपेक्षा का शिकार रहा है, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भी कई निर्दोष नागरिक मारे गए और घायल हुए,”

AISA के अनुसार आगे कहा गया है कि प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए भाषण में भी कई अहम सवालों को नजरअंदाज कर दिया गया. पीएम मोदी ने अपने भाषण में पहलगाम हमले के दोषियों का क्या हुआ, सीमा पर मारे गए नागरिकों को मुआवजा क्यों नहीं मिला और अमेरिका द्वारा युद्ध विराम की पेशकश पर भारत की क्या स्थिति है, के बारे में पीएम ने कोई जिक्र नहीं किया.

AISA का मानना है कि विश्वविद्यालय लोकतंत्र, बहस और असहमति का मंच होना चाहिए, न कि सरकार की भक्ति और डर की जगह, जब छात्रों की आवाजें दबाई जा रही हैं, कैंपस पर निगरानी और दमन बढ़ रहा है, तो प्रशासन का ऐसा मार्च गलत संदेश देता है. AISA ने सभी छात्रों और जामिया समुदाय से अपील की है कि वे युद्ध, नफरत और अन्याय की राजनीति का विरोध करें और शांति, न्याय और लोकतंत्र के समर्थन में आवाज उठाएं.

NATIONAL : दिल्ली के पीतमपुरा में गुरु गोविंद सिंह कॉलेज ऑफ कॉमर्स में लगी भीषण आग, कूलिंग ऑपरेशन जारी

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दिल्ली के पीतमपुरा स्थित श्री गुरु गोविंद सिंह कॉलेज ऑफ कॉमर्स के लाइब्रेरी में अचानक आग लग गई. फिलहाल किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है.

दिल्ली के पीतमपुरा स्थित श्री गुरु गोविंद सिंह कॉलेज ऑफ कॉमर्स के लाइब्रेरी में अचानक आग लग गई. आग सुबह 8:55 पर लगी. सूचना मिलते मौके पर दमकल की 11 गाड़ियां मौके पर पहुंची हैं. सुबह करीब 9.40 बजे आग पर काबू पा लिया गया. आग सबसे पहले लाइब्रेरी में लगी. कूलिंग ऑपरेशन जारी है.दिल्ली फायर सर्विस (डीएफएस) विभाग के अधिकारियों के मुताबिक आग सबसे पहले कॉलेज की लाइब्रेरी में लगी. डीएफएस के अनुसार आग सुबह करीब 8.55 बजे लगी और कॉलेज की पहली, दूसरी और तीसरी मंजिल को कुछ ही पलों में अपनी चपेट में ले लिया.

आग बुझाने के लिए 11 फायर टेंडर को मौके पर भेजा गया और सुबह करीब 9.40 बजे आग पर काबू पा लिया. वीडियो में कॉलेज की खिड़कियों से आग की लपटें निकलती दिख रही हैं और आग से काले धुएं का गुबार निकल रहा है. अभी तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है. कूलिंग ऑपरेशन चल रहा है.

बता दें कि दिल्ली के उत्तम नगर स्थित बीएम गुप्ता हॉस्पिटल में एक दिन पहले आग लगी थी. हॉस्पिटल में आग लगने के बाद इलाके में अफरातफरी मच गई. कुछ ही पलों में आग ने भयानक रूप ले लिया और वो दूसरी मंजिल तक फैल गई. बाद में आग ने तीसरी मंजिल को भी चपेट में ले लिया, जहां मेडिकल रिकॉर्ड सेक्शन और डेंटल यूनिट था. इस हादसे में भी किसी कोई हताहत नहीं हुआ.

 

UP : मंडप से सीधे हवालात पहुंचा दूल्हा… चोरी-छिपे कर रहा था दूसरी शादी, तभी 8 साल के बेटे को लेकर आ गई पहली पत्नी, मचा बवाल

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इस शादी में बैंड-बाजा तो बजा, बाराती भी खूब नाचे-गाए, लेकिन दूल्हा मंडप की जगह थाने पहुंच गया. रात भर समझाने-बुझाने का दौर चला लेकिन बात नहीं बनी. आखिर में शादी कैंसल हो गई.

यूपी के बस्ती जिले में हो रहे एक शादी समारोह में हैरान करने वाला मामला सामने आया. दरअसल, इस शादी में बैंड-बाजा तो बजा, बाराती भी खूब नाचे-गाए, लेकिन दूल्हा मंडप की जगह थाने पहुंच गया. रात भर समझाने-बुझाने का दौर चला लेकिन बात नहीं बनी. आखिर में शादी कैंसल हो गई.

हुआ यूं कि दूल्हा अपनी पहली शादी को छिपाकर दूसरी गृहस्थी बसाने के सपने देख रहा था. लेकिन जैसे ही अपने पति की शादी की भनक उसकी पहली पत्नी को हुई तो उसने आव देखा न ताव पुलिस को साथ लेकर बारात में जा धमकी. जिसके बाद शादी के मंडप में कई घंटे तक हाईवोल्टेज ड्रामा चला. आखिर में पुलिस शेरवानी पहने दूल्हे को गिरफ्तार कर थाने ले गई.

आपको बता दें कि पूरा मामला बस्ती के कलवारी थाना क्षेत्र के एक गांव से सामने आया है, जहां बीती रात एक बारात आई थी. अभी बारातियों का लड़की पक्ष स्वागत-सत्कार कर ही रहा था कि तभी रंग में भंग डालने पुलिस फोर्स आ धमकी. पुलिस अकेली नहीं थी बल्कि उसके साथ दूल्हे राजा की पहली पत्नी और 8 साल का बच्चा भी था.

अपनी पहली पत्नी को देख दूल्हा भौचक्का रह गया. पत्नी के तेवर इस कदर तल्ख थे कि कई घंटे तक मंडप में हाईवोल्टेज ड्रामा चलता रहा. काफी मशक्कत के बाद भी जब दूल्हा अपनी पहली पत्नी को मना नहीं पाया तो पुलिस ने शेरवानी पहने दूल्हे को गिरफ्तार कर लिया और उसे थाने ले आई. इस घटना ने दूल्हे की दूसरी शादी और घोड़ी चढ़ने के अरमानों को चकनाचूर कर दिया. घटना इलाके में चर्चा का विषय है.

SURAT : महिला टीचर ने 13 साल के छात्र के साथ बनाए संबंध, गर्भवती होने पर कोर्ट ने दिया ये आदेश

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सूरत में 23 वर्षीय शिक्षिका ने 13 साल के छात्र से संबंध बनाए और गर्भवती हो गई. कोर्ट में अर्जी देने के बाद डॉक्टर की रिपोर्ट के आधार पर 20 सप्ताह के गर्भ का गर्भपात कराने की अनुमति दी गई. शिक्षिका जेल में बंद है. उसके खिलाफ POCSO समेत BNS की धाराओं में केस दर्ज किया गया है.

गुजरात के सूरत में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है जहां एक 23 वर्षीय शिक्षिका ने अपने ट्यूशन में पढ़ने वाले 13 वर्षीय छात्र के साथ कई बार शारीरिक संबंध बनाए. शिक्षिका ने छात्र का अपहरण भी किया था. पुलिस ने दोनों को गुजरात-राजस्थान बॉर्डर से गिरफ्तार किया था.सूरत लौटने पर दोनों की मेडिकल जांच कराई गई. जांच में शिक्षिका के गर्भवती होने की पुष्टि हुई. गर्भ 20 सप्ताह और 3 दिन का था. रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि छात्र पिता बनने में सक्षम है. डीएनए जांच के लिए सैंपल भेजे गए हैं.

शिक्षिका ने कोर्ट में गर्भपात की अर्जी लगाई थी. पुलिस और डॉक्टर की राय के आधार पर कोर्ट ने मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी (MTP) एक्ट के तहत गर्भपात की अनुमति दी.शिक्षिका की वकील ने बताया कि शुरू में शिक्षिका ने गर्भपात से इनकार किया था. लेकिन बाद में समझाने पर वह मान गई. डॉक्टर की रिपोर्ट में बताया गया कि गर्भ में पल रहे बच्चे का विकास नहीं हो रहा और गर्भावस्था माँ या बच्चे दोनों के लिए खतरा बन सकती है.

पुलिस ने शिक्षिका के खिलाफ BNS की धारा 137(2) और POCSO एक्ट की धारा 4, 8, 12 के तहत केस दर्ज किया है. फिलहाल शिक्षिका जेल में है और मामला कोर्ट में चल रहा है.

NATIONAL : हरियाणा के पानीपत में पाकिस्तानी जासूस गिरफ्तार, भेज रहा था खुफिया जानकारी

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हरियाणा के पानीपत में एक निजी सुरक्षा गार्ड नौमान इलाही को पाकिस्तान को संवेदनशील जानकारी भेजने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. पुलिस ने उसका मोबाइल जब्त कर जांच शुरू कर दी है. यह गिरफ्तारी भारत-पाक तनाव के बीच हुई है, जब दोनों देशों ने हाल ही में सैन्य कार्रवाई रोकने का समझौता किया है.

हरियाणा पुलिस ने पानीपत जिले से एक संदिग्ध जासूस को गिरफ्तार किया है, जो कथित रूप से पाकिस्तान में कुछ लोगों को संवेदनशील जानकारी भेज रहा था. पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए युवक का नाम नौमान इलाही (24 वर्ष) है, जो उत्तर प्रदेश के कैराना का रहने वाला है और पानीपत में प्राइवेट सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी कर रहा था.

करनाल के पुलिस अधीक्षक गंगा राम पुनिया ने बताया कि इलाही पाकिस्तान में कुछ लोगों के संपर्क में था और उन्हें महत्वपूर्ण जानकारियां पहुंचा रहा था. पुनिया ने बताया, ‘हमने उसके मोबाइल फोन को जब्त कर लिया है और मामले की जांच जारी है. वह किन-किन लोगों के संपर्क में था, इसका पता लगाया जा रहा है.’

गौरतलब है कि पिछले दिनों पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य तनाव चरम पर पहुंच गया था. इस हमले में 26 लोग मारे गए थे, जिनमें अधिकतर पर्यटक थे. इसके जवाब में भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और पीओके में आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई की थी.
इसके बाद दोनों देशों ने 10 मई को एक आपसी समझौते के तहत सभी सैन्य गतिविधियां—जमीन, हवा और समुद्र—पर रोक लगाने का निर्णय लिया. यह फैसला तब लिया गया जब चार दिनों तक ड्रोन और मिसाइल हमलों का सिलसिला चला था.

इससे पहले पंजाब पुलिस ने भी दो लोगों को जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया था, जिनमें एक महिला भी शामिल थी. इन दोनों पर दिल्ली स्थित पाकिस्तानी उच्चायोग में तैनात एक अधिकारी के लिए जासूसी करने का आरोप है. हरियाणा पुलिस अब इलाही के संपर्कों और उसके द्वारा दी गई जानकारी की गहन जांच कर रही है.

जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में बुधवार को उस समय हड़कंप मच गया जब एक गांव में दो संदिग्ध व्यक्तियों की मौजूदगी की सूचना मिली. इसके बाद सुरक्षा बलों ने घघवाल और उसके आसपास के इलाकों में सघन सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया.पुलिस के अनुसार, एक स्थानीय महिला ने बताया कि दो लोग सेना की वर्दी में उसके घर आए थे और पानी मांगा. पानी पीने के बाद उन्होंने यह कहकर घर छोड़ा कि वे अपने ‘कैम्प’ लौट रहे हैं. महिला को उनकी हरकतें संदिग्ध लगीं, जिससे सतर्क होकर उसने तुरंत पुलिस को जानकारी दी.

UP : प्रेमी के साथ मिलकर पीट- पीटकर ले ली पति की जान, शव को खेत में फेंककर भागे

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आगरा में एक शख्स की मार- मारकर हत्या से हड़कंप मच गया. यहां पत्नी और प्रेमी ने मिलकर पति की हत्या कर दी और लाश को खेत में फेंक कर अपने-अपने घर चले गए. पुलिस ने दोनों आरोपियों को पकड़ लिया है.

उत्तर प्रदेश के आगरा में एक शख्स की मार- मारकर हत्या से हड़कंप मच गया. यहां पत्नी और प्रेमी ने मिलकर पति की हत्या कर दी और लाश को खेत में फेंक कर अपने-अपने घर चले गए. यह सनसनीखेज वारदात थाना शमशाबाद इलाके की है. मृतक के भाई की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.

जानकारी के अनुसार, दिनांक 13 मई 2025 को पीड़ित पप्पू ने थाना शमसाबाद में तहरीर दी कि उसके भाई भीमसेन की हत्या कर दी गई है. उसने आरोप लगाया कि इस हत्या में भीमसेन की पत्नी भी शामिल है जिसका गांव के ही दीपक उर्फ दीपू पुत्र लक्ष्मण सिंह के साथ अवैध संबंध था.पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच टीम का गठन किया और मुखबिर की सूचना पर दिनांक 14 मई 2025 को ग्राम भवन के पास बने मंदिर के पास से दीपक और मृतक की पत्नी सुनीता (काल्पनिक नाम) को गिरफ्तार कर लिया.

पूछताछ के दौरान आरोपी दीपक ने बताया कि उसका मृतक की पत्नी के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था. इसकी जानकारी जब भीमसेन को हुई तो उसने पत्नी के साथ गाली-गलौज और झगड़ा किया. इस बात की जानकारी आरोपी दीपक को हुई तो उसने भीमसेन से बात की और मामले को रफा दफा कर दिया. मामले को रफा-दफा करने पर दीपक ने अपने खेत में बने कमरे में दारू पार्टी की.दारू पार्टी में दीपक और भीमसेन थे. दारू पार्टी चल रही थी तभी भीमसेन की पत्नी वहां आ गई.

पत्नी के आ जाने पर भीमसेन और दीपक में लड़ाई हो गई और मारपीट शुरू हो गई. दीपक ने लाठी से भीमसेन को पीटना शुरू कर दिया और तब तक मारता रहा जब तक कि वह मर नहीं गया. दोनों शव को खेत में ही छोड़कर भाग गए थे. अब पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने अभियुक्तों के विरुद्ध थाना शमशाबाद में मुकदमा संख्या 030/2025, धारा 121/25 व 103(1) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया है.

NATIONAL : ‘आंख बांधकर ले गए, टॉर्चर किया, एयरबेस के पास…’, PAK के कब्जे से लौटे BSF जवान शॉ ने बताई 20 दिन की आपबीती

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पाकिस्तान ने भारत के बीएसएफ जवान पूर्णम कुमार शॉ को 14 मई को भारत को सौंप दिया. पाकिस्तानी रेंजर्स ने अटारी वाघा सीमा के रास्ते बीएसएफ कॉन्स्टेबल को वापस भेजा. वे पिछले करीब बीस दिनों से पाकिस्तान के कब्जे में थे.

पहलगाम में हुए आतंकी हमले के एक दिन बाद बीएसएफ के जवान पूर्णम कुमार शॉ गलती से इंटरनेशनल बॉर्डर क्रॉस कर पाकिस्तान पहुंच गए थे. बीस दिन बाद पाकिस्तानी रेंजर्स ने भारत को उन्हें सौंप दिया. अब कॉन्स्टेबल शॉ पर पाकिस्तान में हुई बर्बरता की कहानी सामने आई है.सूत्रों का कहना है कि पीके शॉ ने पाकिस्तान की कस्टडी में काफी बर्बरता सही. सूत्रों का कहना है कि उन्हें ब्रश नहीं करने दिया गया. उन्हें सोने नहीं दिया गया. उन्हें शारीरिक तौर पर प्रताड़ना नहीं दी गई बल्कि मानसिक तौर पर भी उन्हें यातना दी गई. उन्हें कस्टडी में रहने के दौरान तीन जगह ले जाया गया. उन्हें एयरबेस के पास भी ले जाया गया ताकि वह विमानों के उड़ने की आवाज सुन सके.

सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तानी अधिकारी जब शॉ से पूछताछ करने आते थे तो वे अधिकतर सिविलियन कपड़े पहनते थे. शॉ बीएसएफ में 16 साल से हैं. उनकी पोस्टिंग हाल ही में फिरोजपुर में हुई थी. उनसे आईबी पर तैनात वरिष्ठ अधिकारियों के बारे में भी पूछताछ की गई.

बता दें कि पाकिस्तान ने भारत के बीएसएफ जवान पूर्णम कुमार शॉ को 14 मई को भारत को सौंप दिया. पाकिस्तानी रेंजर्स ने अटारी वाघा सीमा के रास्ते बीएसएफ कॉन्स्टेबल को वापस भेजा. वे पिछले करीब बीस दिनों से पाकिस्तान के कब्जे में थे. कॉन्स्टेबल पूर्णम कुमार कल सुबह 10:30 बजे वतन वापस लौटे थे.

पूर्णम कुमार गलती से इंटरनेशनल बॉर्डर क्रॉस करके पाकिस्तान पहुंच गए थे, जिसके बाद पाकिस्तान रेंजर्स ने उन्हें हिरासत में ले लिया था. वे पंजाब के फिरोजपुर सेक्टर में तैनात थे. भारत ने 7 मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए. पाकिस्तान ने भी जवाबी हमले किए, जिससे तनाव बढ़ गया. ऐसे में पूर्णम के परिवार की चिंता और भी बढ़ गई थी.

LUCKNOW : धू-धू कर जलती बस, चीखते-चिल्लाते यात्री, 1 KM तक दिखीं लपटें… लखनऊ के किसान पथ पर हुए हादसे की पूरी कहानी

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लखनऊ में किसान पथ पर स्लीपर बस में आग लगने से दो बच्चों समेत पांच लोगों की मौत हो गई. ये बस बिहार के बेगूसराय से दिल्ली जा रही थी. आग लगने के बाद ड्राइवर और कंडक्टर कूदकर मौके से भाग गए, जबकि यात्री बस में फंस गए. घटना का वीडियो भी सामने आया है.

यूपी की राजधानी लखनऊ में गुरुवार तड़के किसान पथ पर एक दर्दनाक हादसा हो गया, जहां चलती एसी स्लीपर बस में अचानक आग लग गई. इस हादसे में 2 बच्चों, 2 महिलाओं और 1 पुरुष की जलकर मौत हो गई. बस में करीब 80 यात्री सवार थे और यह बस बिहार से दिल्ली जा रही थी. जानकारी के मुताबिक, यह भीषण हादसा सुबह करीब 5 बजे हुआ, जब बस मोहनलालगंज के पास किसान पथ पर थी. चश्मदीद यात्रियों के मुताबिक, बस में पहले धुंआ भरने लगा और कुछ ही पलों में आग की तेज लपटें उठने लगीं. उस समय अधिकतर यात्री नींद में थे, जिससे अफरा-तफरी मच गई.

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि जैसे ही आग लगी, बस का ड्राइवर और कंडक्टर बस से कूदकर फरार हो गए. ड्राइवर की सीट के पास एक अतिरिक्त सीट लगी थी, जिससे यात्रियों के नीचे उतरने में दिक्कत हुई. कई यात्री फंसकर नीचे गिर गए और बाहर नहीं निकल सके. आग लगते ही आसपास के लोगों ने पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी. दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और करीब 30 मिनट की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया. जब बचाव दल अंदर पहुंचा, तो उन्हें 5 यात्रियों के जले हुए शव मिले.

सहायक पुलिस आयुक्त (मोहनलालगंज) रजनीश वर्मा ने बताया कि बस बिहार के बेगूसराय से दिल्ली जा रही थी, तभी उसमें अचानक आग लग गई. शुरुआती जांच से पता चलता है कि बस के गियरबॉक्स में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी होगी. आग लगने के समय ज्यादातर यात्री सो रहे थे. आग तेजी से फैली और पांच यात्री- दो महिलाएं, दो बच्चे और एक पुरुष- समय पर बाहर नहीं निकल पाए और उनकी मौत हो गई.

पुलिस ने बताया कि कई अन्य यात्री घायल हो गए और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है. पुलिस ने पाया कि बस का आपातकालीन निकास द्वार नहीं खुला, जिसके कारण पीछे बैठे यात्री बस के अंदर फंस गए. फिलहाल, आग लगने के सही कारण का पता लगाने के लिए जांच चल रही है. वहीं, प्रत्यक्षदर्शियों ने दावा किया कि बस में लगी आग की लपटें करीब एक किलोमीटर दूर से दिखाई दे रही थीं और आग लगने के तुरंत बाद बस रुकी नहीं.

लखनऊ में हुए इस हादसे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गहरा शोक जताया है. उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की और अधिकारियों को तत्काल राहत व बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं. साथ ही घायलों के समुचित उपचार की व्यवस्था करने के आदेश भी दिए गए हैं.

फिलहाल, पुलिस मामले की जांच कर रही है और फरार बस ड्राइवर व कंडक्टर की तलाश में जुट गई है. प्रशासन ने मृतकों की पहचान और उनके परिजनों को सूचित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. हादसे की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं जो इसकी भयावहता को बयां कर रही हैं.

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