Thursday, February 5, 2026
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NATIONAL : उड़ान भरते ही गिरा पैराग्लाइडर, अनुभवी पायलट की मौत… हिमाचल की बीड़-बिलिंग साइट पर हादसा

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हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में स्थित बीड़-बिलिंग पैराग्लाइडिंग साइट पर एक दर्दनाक हादसा हो गया. टेकऑफ के कुछ ही देर बाद तकनीकी खराबी के चलते टैंडम पैराग्लाइडर असंतुलित होकर नीचे गिर गया, जिसमें अनुभवी पायलट की मौत हो गई. वहीं साथ में उड़ान भर रहा टूरिस्ट घायल हो गया है.

हिमाचल में बीड़-बिलिंग पैराग्लाइडिंग साइट पर दर्दनाक घटना सामने आई है. यहां टेकऑफ के कुछ ही देर बाद तकनीकी खराबी के चलते एक टैंडम पैराग्लाइडर नीचे गिर गया. इस हादसे में अनुभवी पायलट की जान चली गई, जबकि एक पर्यटक घायल हो गया है.

एजेंसी के मुताबिक, हादसा कांगड़ा के बीड़-बिलिंग क्षेत्र में उस वक्त हुआ, जब टैंडम पैराग्लाइडर ने बिलिंग लॉन्च साइट से उड़ान भरी थी. तकनीकी खराबी आने के बाद हवा में बैलेंस नहीं बना, जिसके बाद पैराग्लाइडर नीचे गिरा.

मृतक पायलट की पहचान मोहन सिंह के रूप में हुई है, जो मंडी जिले के बरोट क्षेत्र का रहने वाला था और एक अनुभवी पैराग्लाइडिंग पायलट था. हादसे के बाद स्थानीय लोग और रेस्क्यू टीमें मौके पर पहुंचीं और पायलट व टूरिस्ट दोनों को अस्पताल ले जाया गया. हालांकि, पायलट मोहन सिंह ने अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ दिया. वहीं, टूरिस्ट को भर्ती कराया गया है.

इस हादसे के बाद बीड़-बिलिंग पैराग्लाइडिंग एसोसिएशन और प्रशासन ने शोक जताते हुए एक दिन के लिए सभी पैराग्लाइडिंग एक्टिविटीज को रोक दिया. अधिकारियों का कहना है कि जब तक हादसे की पूरी जांच नहीं हो जाती, तब तक सिक्योरिटी स्टैंडर्ड्स की समीक्षा की जाएगी.

पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. शुरुआती जांच में तकनीकी खराबी को हादसे की संभावित वजह माना जा रहा है, लेकिन पुलिस और प्रशासन यह भी जांच कर रहे हैं कि कहीं यह मानवीय चूक, उपकरणों की सही जांच न होना या मौसम से जुड़ा कोई कारण तो नहीं था. जांच के दौरान पैराग्लाइडिंग इक्विपमेंट्स की स्थिति, पायलट की उड़ान से पहले की तैयारी और मौसम की परिस्थितियों की भी पड़ताल की जा रही है.

कांगड़ा के जिला पर्यटन विकास अधिकारी विनय कुमार ने बताया कि हादसे से जुड़े सभी दस्तावेज और जानकारियां मौके पर तैनात मार्शल और तकनीकी सलाहकारों से मांगी गई हैं. उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. सुरक्षा मानकों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

बीड़-बिलिंग साइट दुनिया के प्रमुख पैराग्लाइडिंग डेस्टिनेशन्स में शुमार है. हर साल यहां देश-विदेश से हजारों पर्यटक पैराग्लाइडिंग के लिए पहुंचते हैं. ऐसे में इस तरह की घटनाएं पर्यटन सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि एडवेंचर स्पोर्ट्स में नियमित उपकरण जांच, पायलटों का सही प्रमाणन और सुरक्षा प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन बेहद जरूरी है.

RAJASTHAN : महिला के कपड़े पहने पहाड़ियों में छिपा था बदमाश… लेडी सिंघम ने दबिश देकर पकड़ा, निकाला जुलूस

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राजस्थान के कोटपूतली में पुलिस ने गैंगवार और फायरिंग के मामले में फरार चल रहे 25 हजार के इनामी बदमाश महिपाल उर्फ एमपी गुर्जर को पकड़ा है. पुलिस से बचने के लिए आरोपी एक महीने से महिला के वेश में पहाड़ियों में छिपा हुआ था, लेकिन ‘लेडी सिंघम’ के नेतृत्व में की गई कार्रवाई ने उसकी यह चाल नाकाम कर दी.

राजस्थान के कोटपूतली में गैंगवार और सरेआम फायरिंग के मामले में फरार 25 हजार के इनामी कुख्यात बदमाश महिपाल उर्फ एमपी गुर्जर को गिरफ्तार कर लिया गया है. चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि पुलिस से बचने के लिए बदमाश पिछले एक महीने से महिला के वेश में पहाड़ियों में छिपकर फरारी काट रहा था. यह कार्रवाई लेडी सिंघम के नेतृत्व में पुलिस ने पूरी की. लेडी सिंघम ने बदमाशों को साफ शब्दों में संदेश दिया है कि या तो अपराध छोड़ दो, या इलाका छोड़ दो.

पुलिस के अनुसार, 26 नवंबर की शाम करीब 6 बजे बानसूर के हरसौरा रोड पर विनोद पोसवाल और महिपाल गुर्जर के बीच पुरानी रंजिश और गैंगवार को लेकर खूनी संघर्ष हुआ था. यह घटना उस वक्त और गंभीर हो गई, जब इसका सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हो गया.

फुटेज में साफ दिखाई दिया कि महिपाल अपने साथियों के साथ एक होटल से बाहर निकल रहा था, तभी विनोद पोसवाल और उसके गुट ने थार गाड़ी से उन्हें कुचलने की कोशिश की. इस दौरान महिपाल गुर्जर ने सरेआम फायरिंग कर दी, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई.

इसके बाद से ही महिपाल गुर्जर पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ था. डीएसपी मेघा गोयल ने बताया कि घटना के तुरंत बाद पुलिस ने उसकी तलाश शुरू कर दी थी. उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था. गिरफ्तारी से बचने के लिए महिपाल लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था. कभी गांव, तो कभी जंगल और पहाड़ी इलाकों में छिपता रहा. इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी हमीरपुर की पहाड़ियों में छिपा हुआ है.

सूचना मिलते ही पुलिस ने इलाके की घेराबंदी की. जब टीम मौके पर पहुंची तो पुलिस भी कुछ पल के लिए चौंक गई, क्योंकि बदमाश महिला के कपड़े पहनकर पहचान छिपाने की कोशिश कर रहा था. हालांकि पुलिस की सतर्कता और मुस्तैदी के आगे उसकी यह चाल काम नहीं आई और उसे मौके से दबोच लिया गया.

डीएसपी मेघा गोयल ने बताया कि महिपाल गुर्जर आदतन अपराधी है और उसके खिलाफ हत्या के प्रयास, लूट, अवैध हथियार रखने समेत करीब आठ संगीन आपराधिक मामले दर्ज हैं. इस गैंगवार मामले में पुलिस पहले ही उसके तीन साथियों को गिरफ्तार कर चुकी थी, जबकि मुख्य आरोपी महिपाल अब गिरफ्त में आया है.

गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने बदमाश का पूरे बानसूर क्षेत्र में जुलूस निकाला. इस दौरान आरोपी महिला के कपड़ों में ही नजर आया, जिसे देखकर लोग हैरान रह गए. जुलूस के दौरान स्थानीय लोगों ने उसके वीडियो और फोटो बनाए, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं. फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है, ताकि वारदात में इस्तेमाल किए गए हथियारों, नेटवर्क और फरारी के दौरान उसे पनाह देने वालों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके.

KANPUR : पहली पत्नी ने खुदकुशी कर ली, पति जेल गया, बाहर आकर दूसरी शादी की, एक साल में उसकी हत्या कर दी

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कानपुर के रेवना इलाके में एक व्यक्ति ने अपनी दूसरी पत्नी रोशनी को तवे से बेरहमी से पीटकर मार डाला. रोशनी का भाई घर पहुंचा तो देखा कि दरवाजे पर ताला लगा है. घर के अंदर उसकी बहन का शव पड़ा था. सूचना पर पहुंची पुलिस ने जांच शुरू की. पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी है, जो पहली पत्नी के आत्महत्या मामले में जेल जा चुका था.

कानपुर के रेवना इलाके में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. एक व्यक्ति ने अपनी दूसरी पत्नी की बेरहमी से हत्या कर दी. पुलिस का कहना है कि मृतका रोशनी की शादी करीब एक साल पहले संजय कुमार से हुई थी. संजय की पहले भी शादी हो चुकी थी. उसकी पहली पत्नी ने प्रताड़ना के चलते आत्महत्या कर ली थी, जिसके मामले में संजय जेल जा चुका था. जेल से छूटने के बाद उसने रोशनी से दूसरी शादी की थी.

जानकारी के मुताबिक, रोशनी का भाई राहुल अपनी बहन से मिलने गया था, क्योंकि बहन फोन नहीं उठा रही थी. घर पहुंचा तो गेट पर ताला पड़ा था. राहुल ने रिश्तेदारों और पुलिस को सूचना दी. सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जायजा लिया. दरवाजा खोलने पर देखा तो अंदर रोशनी का शव पड़ा था. रोशनी को तवे से पीट-पीटकर गंभीर चोटें पहुंचाई गई थीं.

रोशनी के चाचा के अनुसार, शादी के बाद से ही संजय पत्नी को परेशान कर रहा था. संजय की पहले शादी हो चुकी थी. पहली पत्नी ने सुसाइड कर लिया था. उसकी बेटी भी थी.

रोशनी कई बार अपने भाई के घर रहने चली जाती थी, लेकिन चार दिन पहले संजय फिर रोशनी के पास पहुंचा और चलने का आग्रह किया. संजय रोशनी से कहने लगा कि मैं तुम्हारे साथ रहना चाहता हूं. इस पर राहुल ने बहन को जाने दिया, ताकि वह पति के साथ रह सके, लेकिन इसके चार दिन बाद संजय ने उसे बेरहमी से मार डाला.

इस घटना को लेकर डीसीपी डीएन चौधरी ने कहा कि हत्या का आरोपी संजय फरार है. उसकी तलाश जारी है. मोहल्ले के लोगों ने भी उसे भागते हुए देखा है. पुलिस ने रोशनी के भाई की शिकायत पर हत्या का मामला दर्ज कर लिया है और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए टीमें लगी हुई हैं. पड़ोसियों ने कहा कि संजय अक्सर रोशनी को प्रताड़ित करता था. पुलिस मामले की छानबीन कर रही है. फरार आरोपी की पहचान के लिए सीसीटीवी खंगाले जा रहे हैं.

NATIONAL : अफेयर के शक में महिला से बर्बरता, ग्रामीणों ने बुरी तरह पीटा, फिर पहनाई जूतों की माला

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त्रिपुरा के एक गांव में ग्रामीणों ने अफेयर के शक में एक महिला की बुरी तरह पिटाई कर दी. साथ ही उसे जूतों की माला भी पहनाई. इस पिटाई से महिला घायल हो गई. जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

त्रिपुरा के धलाई जिले में एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर के शक में एक महिला के साथ बर्बरता का मामला सामने आया है. बताया जाता है कि ग्रामीणों ने महिला को बुरी तरह पीटा और उसे जूतों की माला भी पहनाई. इसका एक वीडियो भी सामने आया है. इस बात की जानकारी एक पुलिस अधिकारी ने एक न्यूज एजेंसी को दी.

पुलिस अधिकारी ने बताया कि दो बेटों की मां पीड़ित महिला को शनिवार सुबह कमलपुर पुलिस स्टेशन के तहत हरेरखोला गांव में उसके घर से बाहर खींचकर लाया गया और उसे पीटा गया. साथ ही गांव वालों ने महिला को जूतों की माला पहनने के लिए भी मजबूर किया.

अधिकारी ने बताया कि सूचना मिलने के बाद पुलिस की एक टीम मौके पर पहुंची और सड़क पर पड़ी महिला को बचाया. बाद में उसे अंबासा के जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका सीटी स्कैन हुआ. फिलहाल महिला इस वक्त खतरे से बाहर है.

अधिकारी ने बताया कि मामले में शनिवार को कमलपुर पुलिस स्टेशन में कुछ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है और जांच चल रही है. इस मामले में अब तक एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है. त्रिपुरा महिला आयोग (TCW) की चेयरपर्सन झरना देबबर्मा ने रविवार को इस घटना की कड़ी निंदा की.

झरना देबबर्मा ने कहा कि हम महिला पर हुए अत्याचार और अपमान की कड़ी निंदा करते हैं. लोगों को कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं है. मैं पुलिस से इस घटना में शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का आग्रह करती हूं.

देबबर्मा ने आगे कहा कि हम कल पीड़ित से मिलने के लिए कमलपुर एक टीम भेजेंगे क्योंकि ऐसे मामलों में TCW की भूमिका होती है. TCW महिला को न्याय दिलाने की पूरी कोशिश करेगा.

RAJASTHAN : ‘अरावली बचाओ’ के नारों के बीच छलनी होती रामगढ़ की पहाड़ियां, रात में माफिया का कहर

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रामगढ़ की अरावली पहाड़ियों में अवैध खनन का बेखौफ जारी है. यहां रात के अंधेरे में माफियाओं का तांडव रहता है. जबकि प्रशासन की चुप्पी पर्यावरण और कानून पर गंभीर सवाल खड़े करती है.

एक ओर पूरे प्रदेश में ‘सेव अरावली’ के नारे गूंज रहे हैं नेताओं के मंचों पर पर्यावरण बचाने की कसमें खाई जा रही हैं. वहीं दूसरी ओर अलवर जिले के रामगढ़-नौगांवा क्षेत्र की पहाड़ियां रात दर रात बेरहमी से काटी जा रही हैं. हालात ये हैं कि डाबरी पंचायत और आसपास के इलाकों की पहाड़ियां खनन माफिया के लिए खुले खदान-मैदान में तब्दील हो चुकी हैं और प्रशासन खामोश तमाशबीन बना हुआ है.

ग्रामीणों का कहना है कि जैसे ही अंधेरा होता है, पहाड़ों पर धमाकों का सिलसिला शुरू हो जाता है. भारी ब्लास्टिंग से पूरी घाटी कांप उठती है लेकिन न तो खनन विभाग की गाड़ियां दिखती हैं, न पुलिस की मौजूदगी. ब्लास्टिंग के बाद निकले पत्थरों से भरी सैकड़ों ट्रैक्टर-ट्रोलियां खुलकर हरियाणा की ओर रवाना होती हैं. मानो इस इलाके में कानून नाम की कोई चीज बची ही न हो.

सम्मन बास निवासी सचिन मेघवाल बताते हैं कि कई बार उन्होंने अवैध खनन की सूचना प्रशासन को दी. उम्मीद थी कि कार्रवाई होगी लेकिन हुआ वही, जो हमेशा होता है- कागजों में गश्त और जमीन पर माफिया की बादशाहत. वही ग्रामीण सुरेश कुमार का आरोप है कि लीज की आड़ में कई गुना ज्यादा अवैध खनन किया जा रहा है और जिम्मेदार विभागों की चुप्पी अपने आप में सबसे बड़ा सवाल है.

उन्होंने कहा कि माफिया अवैध खनन में सिर्फ पहाड़ नहीं काट रहा है. यह आने वाले समय में हमारी पीढ़ियों के लिए बड़े पर्यावरण संकट की चेतावनी बन रहे है. स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां भू-जल स्तर लगातार गिर रहा है. जंगल उजड़ रहे हैं और पहाड़ों की तरह सरकारी दावे भी दरक रहे हैं.

शनिवार को सम्मन बास में ग्रामीणों ने ‘अरावली बचाओ अभियान’ के तहत विरोध प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा कि अब बयानबाजी नहीं, कार्रवाई चाहिए. उन्होंने मांग रखी कि खनन माफिया पर तत्काल शिकंजा कसा जाए और उन अधिकारियों की जिम्मेदारी तय हो जो आंख मूंदकर इस लूट को संरक्षण दे रहे हैं. इस विरोध प्रदर्शन में मनोहरी लाल मेघवाल, बुद्ध सिंह, राजेंद्र, गुड्डू, बिजेंद्र, पूरन, सुरेश राजपूत, सचिन गुर्जर, करण गुर्जर, नेतराम सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल रहे.

स्थानीय ग्रामीण सचिन मेघवान ने कहा कि अब बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन जागेगा और पहाड़ों को उनकी मौत से बचाएगा या फिर डाबरी की अरावली यूं ही माफिया के हथौड़ों के नीचे दम तोड़ती रहेगी.

ENTERTAINMENT : जंगल ट्रैक पर गईं मौनी रॉय ने सुनी तेंदुए की आवाज, जान बचाकर भागीं

मौनी रॉय हाल ही में जंगल ट्रैक पर गई थीं. उन्होंने सोशल मीडिया पर भी इसकी फोटोज शेयर की थी. अब एक्ट्रेस ने इससे जुड़ी घटना के बारे में जिक्र किया है.एक्ट्रेस मौनी रॉय इन दिनों वेकेशन पर हैं. हालांकि, वेकेशन पर उन्होंने एक डरावना एक्सपीरियंस भी फेस किया. दरअसल, मौनी रॉय जंगल में ट्रैक पर गईं. शनिवार को उन्होंने इंस्टाग्राम पर इसकी कई सारी फोटोज शेयर कीं. फोटोज के साथ मौनी ने बताया कि उन्होंने तेंदुए की आवाज सुनी.

फोटोज के साथ कैप्शन में उन्होंने कहा, ‘आज जंगल में ट्रैकिंग के लिए गए. हमने पहाड़ों पर भी ट्रैक की. वाटरफॉल से निकले. तेंदुआ की आवाज सुनी और फिर अपनी जान बचाकर भागे. सभी को हैप्पी हॉलिडे.’

फोटोज में मौनी रॉय को स्वेटर और पायजामे में देखा गया. वो पहाड़ों के बीच एंजॉय करती दिखीं. उन्होंने काला चश्मा लगाया हुआ था और बन बनाया हुआ था. ट्रैक पर जाने से पहले मौनी ने अपने घर से भी फोटोज शेयर की थीं. उन्होंने अपने किचन से पिक्स शेयर की थी और अपने फॉलोअर्स से पूछा था कि वो क्या कुक कर रही हैं. इसके बाद उन्होंने बताया कि वो Deemar Jhaal बना रही थीं.

प्रोजेक्ट के बारे में बात करते हुए सोर्स ने IANS से कहा था, ‘ये बहुत प्रॉमिसिंग प्रोजेक्ट है. निमृत इसका हिस्सा हैं. उनकी ऑनस्क्रीन प्रेजेंस ऑडियंस को अपनी इमोशनल डेप्थ से हिट करती है. शाहीर शेख, मौनी रॉय और संजय कपूर की कास्टिंग की वजह से काफी बज है. शूटिंग पूरी हो चुकी है. इसकी शूटिंग पंजाब और मुंबई में हुई थी.’

इसके अलावा मौनी रॉय को है जवानी तो इश्क होना है में भी नजर आएंगी. फिल्म को डेविड धवन डायरेक्ट कर रहे हैं. इस फिल्म में वरुण धवन, मृणाल ठाकुर, पूजा हेगड़े, कुब्रा सेत, मनीष पॉल, रोहित श्रॉफ, राजीव खंडेलवाल, नितिश निर्मल और श्रीलीला जैसे स्टार्स हैं.
इसके अलावा मौनी के पास मधुर भंडारकर की द वाइव्स भी है.

ENTERTAINMENT : ‘ताऊ, कंट्रोल में रहो’, लाइव शो में हुई बदतमीजी तो भड़की हरियाणवी स्टार प्रांजल दहिया

अपनी खूबसूरती और डांस से करोड़ों दिलों पर राज करने वाली हरियाणवी एक्ट्रेस प्रांजल दहिया एक बार फिर चर्चा में हैं. हालांकि, इस बार चर्चा उनके किसी नए गाने की नहीं, बल्कि उनके गुस्से की हो रही है. हाल ही में एक लाइव परफॉर्मेंस के दौरान जब दर्शक बेकाबू हुए और कुछ लोगों ने लाइन क्रॉस करने की कोशिश की, तो प्रांजल ने अपनी चुप्पी तोड़ी और मंच से ही करारा जवाब दिया.

प्रांजल दहिया एक स्टेज शो में परफॉर्म कर रही थीं. मंच के ठीक सामने मौजूद भीड़ में कुछ लोग लगातार शोर मचा रहे थे और एक्ट्रेस के साथ बदतमीजी की कोशिश कर रहे थे. ऐसे में उनके सब्र का बांध टूट गया और उन्होंने स्टेप पर से ही वहां मौजूद दर्शकों जिसमें बुजुर्ग भी शामिल थे को खरीखोटी सुनाई और अब उनका ये वीडियो इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है.

वीडियो में प्रांजल ये कहते हुए सुनाई दे रही हैं आपकी भी बहू-बेटी है. और ताऊ तू, तेरी छोरी की उम्र की हूं मैं. मुंह ना फेर जैकेट वाले तुम्हें ही से कह रही हूं मैं. थोड़ा कंट्रोल में रहें. और सर आप कृप्या स्टेज पर ना आएं. आप थोड़ा पीछे रहेंगे, हमारी परफॉर्मेंस अभी बची हुई है. आग्रह है कि खुलकर एंजॉय करें, लेकिन हमारे साथ सहयोग भी करें.

प्रांजल दहिया का ये वीडियो इंटरनेट पर जैसे ही सोशल मीडिया पर वायरल हुआ फैन्स उनके सपोर्ट में उतर आए. जहां प्रांजल के कुछ फैंस उनके स्टैंड की तारीफ कर रहे हैं और कह रहे हैं, वहीं कुछ लोग इसे एक्ट्रेस का ‘घमंड’ बता रहे हैं. एक यूजर ने लिखा, ‘प्रांजल ने बिल्कुल सही किया, कलाकार को खिलौना नहीं समझना चाहिए.’ वहीं दूसरे यूजर ने कहा, ‘इंडिया में कैसे लोग हैं? कॉन्फ्रंट करना भी गलत लगता है. इन लोगों की ये मानसिकता है.’

बता दें, प्रांजल दहिया टिक-टॉक पर वीडियोज बनाती थी, जहां से वो काफी फेमस हुईं. इसके बाद उन्हें हरियाणवी गानों के ऑफर मिले. उन्होंने ’52 गज का दामन’ से म्यूजिक इंडस्ट्री में कदम रखा. उनका ये सॉन्ग सुपरहिट रहा. इसके बाद उनके ‘बालम थानेदार’ गाने ने भी तहलका मचाया. उनके ‘जिप्सी’, ‘नाचूंगी डीजे फ्लोर पर’, ‘चमक धूप की’ जैसे गाने भी खूब पॉपुलर हुए.

UP : सऊदी से लौटा पति, पत्नी आशिक संग दो बच्चों को लेकर फरार, पुलिस भी बैठी खामोश!

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सिद्धार्थनगर ज़िले में एक व्यक्ति अपने परिवार के लिए साऊदी अरब में मजदूरी करता था. जिसके बाद उसकी पत्नी, पती की गैरमौजूदगी में अपने प्रेमी के साथ फरार हो गई.

सिद्धार्थनगर ज़िले में सऊदी अरब कमाने गए एक व्यक्ति की पत्नी अपने आशिक के साथ फरार हो गई. महिला के तीन बच्चे हैं, जिसमें सबसे बड़े 14 वर्षीय बेटे को छोड़ बाकी 2 छोटे बच्चों को वे अपने साथ ले गई. सूचना मिलने पर पति तत्काल सऊदी अरब से अपने घर लौटा और अब अपने बच्चों की वापसी के लिए थाना कोतवाली सिद्धार्थनगर का चक्कर लगा रहा है. जहां उसकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है.

यह मामला सिद्धार्थनगर जिले के सदर थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम खलवा, ग्राम पंचायत पटनी जंगल से जुड़ा हुआ है. यहां के रहने वाले अमरेश पाल की शादी 2011 में हिंदू रीति-रिवाजों से जया के साथ हुई थी. शादी के बाद परिवार में एक बेटी और दो बेटों का जन्म हुआ था. बच्चों के जन्म के बाद अमरेश पाल अपने परिवार के बेहतर भविष्य को लेकर रोजगार की तलाश मे सऊदी अरब चला गया था.

परिजनों के अनुसार, अमरेश विदेश में दिन-रात मेहनत कर अपने परिवार को संवारने के लिए मेहनत करता था. इसी दौरान अचानक एक दिन अमरेश पाल को उनके बड़े बेटे ने फोन कर बताया कि मां जया, छोटे भाई और बहन को लेकर बिना कुछ बताए घर से चली गई है. सूचना मिलते ही अमरेश पाल जल्दबाजी में विदेश से वापस आकर पत्नी की तलाश में गांव और आसपास के इलाकों में खोजबीन करने लगा. लेकिन पत्नी और दोनों बच्चों का कोई सुराग नहीं मिला. वहीं अमरेश पाल का कहना है कि बाद में उन्हें जानकारी मिली कि उनकी पत्नी किसी अन्य युवक के साथ भाग गई है. परिवार की मांग है कि छोटे बच्चे की सुरक्षा की जाए और उन्हें सुरक्षित वापस लाया जाए. पीड़ित अमरेश पाल ने इस संबंध में सदर थाने में लिखित शिकायत भी दर्ज कराई है.

अमरेश पाल का यह भी कहना है कि मुझे यह पता है कि मेरी पत्नी जया अपने प्रेमी के साथ कहीं चली गई है. जब 21 नवंबर को मेरे बड़े बेटे ने मुझे फोन करके बताया की ऐसा हुआ है तो मैं सऊदी अरब से परेशान होकर अपने घर 14 दिसंबर को चलाया आया था. जब मैं यहां आया और अपनी पत्नी जया को फोन करके बुलाने लगा तो वे आने से इनकार करने लगी और मेरे बड़े बेटे ने भी उसे वापस चले आने को कहा लेकिन उसने साफ इनकार कर दिया. मैं 2019 में सऊदी अरब अपने बच्चों और अपनी पत्नी को अच्छी सुविधा देने के लिए कमाने चला गया था. जहां पर मैं मजदूरी का काम करता था. जिसके बाद 2023 में मैं अपने घर चला आया. यहां पर चार महीने रहने के बाद मैं फिर सऊदी अरब चला गया था. मेरे बड़े बेटे ने बताया कि मां कहीं चली गई है और उसके बाद में फिर अपने घर चला आया. यहां तक कि मैं ने अपनी पत्नी के नाम से दो मंडी जमीन भी ले रखी है. मैं यह चाहता हूं कि वह मेरे दोनों बच्चों को मुझे सोंप दें. इसलिए मैं थाने में प्रार्थना पत्र देने गया था जहां पर पुलिस वालों ने कहा की तलाश की जा रही है और आश्वासन देकर मुझे भेज दिया.

RAJASTHAN : कोटा में स्लरी के दलदल में फंसे 3 बच्चे, दो घंटे की मशक्कत के बाद लोगों ने बचाई जान

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कोटा के रामगंजमंडी में स्टोन फैक्ट्रियों की स्लरी से बने खतरनाक दलदल में खेलते समय तीन मासूम बच्चे फंस गए. करीब दो घंटे तक वे जिंदगी से जूझते रहे लेकिन प्रशासन नहीं पहुंचा.

राजस्थान के कोटा जिले में औद्योगिक लापरवाही का एक बेहद खतरनाक मामला सामने आया है. रामगंजमंडी क्षेत्र के अमरपुरा इंडस्ट्रीज एरिया में कोटा स्टोन फैक्ट्रियों से निकलने वाली पॉलिश स्लरी को खुले में डंप किया जा रहा है. इसी स्लरी से बना एक जानलेवा दलदल शनिवार (27 दिसंबर) को तीन मासूम बच्चों के लिए मुसीबत बन गया. खेलते-खेलते बच्चे इस दलदल में फंस गए और करीब दो घंटे तक जिंदगी और मौत के बीच जूझते रहे.

जानकारी के अनुसार, तीनों बच्चे अमरपुरा इंडस्ट्रीज एरिया के आसपास खेल रहे थे. इस दौरान वे एक ऐसी जगह पहुंच गए, जो ऊपर से देखने में ठोस जमीन जैसी लग रही थी. लेकिन असल में वहां नीचे गहरी स्लरी जमा थी. जैसे ही बच्चों ने वहां कदम रखा, वे तेजी से धंसने लगे. कुछ ही पलों में उनके शरीर का आधे से ज्यादा हिस्सा दलदल में समा गया.

बच्चों ने खुद को बचाने के लिए हाथ-पैर मारने शुरू किए, लेकिन हर कोशिश के साथ वे और गहराई में धंसते चले गए. डर और घबराहट के बीच बच्चे मदद के लिए चीखते रहे. आसपास फैक्ट्रियों और मशीनों के शोर की वजह से काफी देर तक किसी का ध्यान उनकी आवाज पर नहीं गया.

बाद में बच्चों की चीख-पुकार सुनकर पास में काम कर रहे मजदूर और ग्रामीण मौके पर पहुंचे. हालात की गंभीरता को समझते हुए तुरंत रस्सियों और लकड़ियों का इंतजाम किया गया. करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद लोगों ने एक-एक कर तीनों बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला.

चौंकाने वाली बात यह रही कि इतने लंबे समय तक प्रशासन या किसी आपात सेवा की ओर से कोई मदद नहीं पहुंची. बच्चों को बाहर निकालने के बाद वे बुरी तरह घबराए हुए थे और पूरे शरीर पर स्लरी व कीचड़ लगा हुआ था. ग्रामीणों की सूझबूझ और हिम्मत से बड़ा हादसा टल गया. लोगों का कहना है कि अगर थोड़ी सी भी देर हो जाती, तो बच्चों की जान जा सकती थी.

ENTERTAINMENT : शर्मिला टैगोर ने की सैफ अली खान की पेरेंटिंग की तारीफ, बोलीं- हमले के वक्त वो जेह-तैमूर के साथ रियल थे

सैफ अली खान ने चार बच्चे हैं, वो अपने चारों बच्चों के साथ काफी अच्छा बॉन्ड शेयर करते नजर आते हैं. वहीं हाल ही में शर्मिला टैगोर ने सैफ पेरेंटिंग पर बात की है.

बॉलीवुड कपल सैफ अली खान और अमृता सिंह जब अलग हुए, तब सारा अली खान सिर्फ 9 साल की थीं. इसके बाद सारा अपनी मां के साथ बड़ी हुईं, लेकिन इसके बावजूद वो हमेशा अपने पापा सैफ के बहुत करीब रहीं. हाल ही में एक इंटरव्यू में सारा ने बताया कि उन्होंने अपना बचपन मां के साथ बिताया और वो एक पारंपरिक परिवार में नहीं रहीं, जहां दोनों माता-पिता साथ हों. इस बातचीत में सारा अकेली नहीं थीं, बल्कि उनकी दादी शर्मिला टैगोर भी उनके साथ मौजूद थीं और दोनों से सोहा अली खान ने सवाल किए.इस बातचीत में शर्मिला टैगोर ने अपने बेटे सैफ की परवरिश को लेकर बात की. उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने बच्चों को माता-पिता बनते देखकर बहुत कुछ सीखा है.

शर्मिला ने बताया कि अपने समय में वो बच्चों की परवरिश के लिए घर के बड़े-बुजुर्गों पर ज्यादा निर्भर रहती थीं, जबकि आज की पीढ़ी किताबों और दोस्तों से सलाह लेती है. सैफ की पेरेंटिंग पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि सारा के छोटे होने के दौरान सैफ ने काम और जिम्मेदारी के बीच अच्छा संतुलन बनाया और एक जिम्मेदार पिता की भूमिका निभाई.

शर्मिला टैगोर ने सैफ अली खान की तारीफ करते हुए कहा कि वो एक बेहतरीन पिता रहे हैं. उन्होंने बताया कि उन्होंने सैफ को सारा के साथ बहुत करीब से देखा है. शर्मिला के मुताबिक, कई बार जब सैफ को देर रात किसी फिल्म प्रीमियर में जाना होता था, तो सारा भी उनके साथ जाती थीं, लेकिन इसका उस पर कोई गलत असर नहीं पड़ा. सारा वापस आकर अपना होमवर्क भी पूरा करती थीं. इसके बाद शर्मिला ने इब्राहिम अली खान के बचपन से जुड़ा एक किस्सा याद किया, जिसने पेरेंटिंग को लेकर उनकी सोच बदल दी.

पटौदी में हुए एक क्रिसमस सेलिब्रेशन का किस्सा शेयर करते हुए शर्मिला टैगोर ने बताया कि वो क्रिसमस ट्री को बिल्कुल परफेक्ट तरीके से सजाना चाहती थीं, जबकि छोटे इब्राहिम खुशी-खुशी जहां मन हुआ वहां सजावट लगा रहे थे. तभी सैफ ने प्यार से कहा कि बच्चों को भी इसमें हिस्सा लेने देना चाहिए. उस पल से शर्मिला को यह सीख मिली कि हर चीज परफेक्ट होना जरूरी नहीं है, बच्चों को अपनी रफ्तार से आगे बढ़ने देना चाहिए.

उन्होंने कहा कि सैफ इस मामले में हमेशा बहुत समझदार और अच्छे पिता रहे हैं. शर्मिला टैगोर ने यह भी बताया कि सैफ आज भी अपने छोटे बेटों तैमूर और जेह के साथ काफी मस्ती करते हैं. उन्होंने कहा कि जब चाकू से हमसे वाला हादसा हुआ था उस समय भी सैफ बच्चों के साथ बहुत सच्चे और सहज रहे.

वहीं सारा अली खान ने बातचीत में बताया कि उन्होंने अपने दोनों माता-पिता से बहुत कुछ सीखा है. उन्होंने हंसते हुए कहा कि जब कभी उनका दिन खराब होता है, तो वो किसी से सलाह नहीं लेना चाहतीं, क्योंकि एक कहता है कि तुम अपने पिता जैसी हो और दूसरा कहता है कि तुम मां पर गई हो. सारा ने कहा कि यह तो डीएनए की वजह से होना ही है.

सारा ने आगे बताया कि उन्हें अलग-अलग चीजें पसंद करने की आदत अपने पिता से मिली है, जबकि खुद को बिना झिझक अपनाने की सीख उन्हें अपनी मां अमृता सिंह से मिली. उन्होंने कहा कि उनकी मां ने उन्हें सिखाया कि कैसे हर हाल में सच्चा और बेबाक रहना चाहिए, खासकर ऐसी दुनिया में जहां ऐसा होना आसान नहीं है.

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