Saturday, September 19, 2026
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NATIONAL : 17 जुलाई को जींद आएंगे पीएम मोदी, देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को दिखाएंगे हरी झंडी, मेडिकल कॉलेज का करेंगे लोकार्पण

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जींद: हरियाणा के जींद में 17 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का प्रस्तावित दौरा तय हो गया है. इस दौरान प्रधानमंत्री देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को जींद से हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे. इसके साथ ही जींद रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास कार्य और मेडिकल कॉलेज का लोकार्पण करेंगे. प्रधानमंत्री एक विशाल जनसभा को भी संबोधित करेंगे. उनके दौरे को लेकर जिला प्रशासन और सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं. ये हाइड्रोजन ट्रेन जींद से सोनीपत रूट पर चलेगी.

आज CM सैनी करेंगे तैयारियों की समीक्षा: प्रधानमंत्री के प्रस्तावित दौरे की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए सोमवार को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी जींद पहुंचेंगे. मुख्यमंत्री अधिकारियों के साथ तैयारियों की समीक्षा बैठक करेंगे. बैठक में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता भी मौजूद रहेंगी. प्रशासन को सभी विभागों की तैयारियों का विस्तृत खाका प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं.

17 जुलाई को जींद आएंगे पीएम मोदी (ETV Bharat)
पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में हुई समीक्षा बैठक: दरअसल, पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में रविवार देर शाम हरियाणा विधानसभा के उपाध्यक्ष डॉ. कृष्ण लाल मिड्डा ने जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की. बैठक में उपायुक्त डॉ. विशाली शर्मा, अतिरिक्त उपायुक्त प्रदीप कुमार, सभी एसडीएम, नगर निगम और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे. बैठक में प्रधानमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम से जुड़ी विभागवार जिम्मेदारियों की समीक्षा की गई और समयबद्ध तरीके से सभी कार्य पूरे करने के निर्देश दिए गए.

“यह पूरे जिले के लिए गौरव का विषय”: डॉ. कृष्ण लाल मिड्डा ने अधिकारियों से कहा कि, “17 जुलाई को प्रधानमंत्री का प्रस्तावित दौरा पूरे जिले के लिए गौरव का विषय है. सभी विभाग अपनी जिम्मेदारी पूरी गंभीरता से निभाएं और तैयारियों में किसी भी प्रकार की कमी न रहने दें. प्रत्येक अधिकारी यह सोचकर कार्य करे कि उसका विभाग इस आयोजन को सफल बनाने में अपनी सर्वोत्तम भूमिका निभाए. जिस विभाग को जो जिम्मेदारी सौंपी गई है, वह उसे पूरी जवाबदेही के साथ निभाए. किसी भी स्तर पर लापरवाही या ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी.”

सुरक्षा से लेकर यातायात तक हर व्यवस्था पर जोर: बैठक में कार्यक्रम स्थल, हेलीपैड, पार्किंग, वीआईपी मूवमेंट, यातायात व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंध, बैरिकेडिंग, पेयजल, बिजली, साफ-सफाई, सार्वजनिक शौचालय, चिकित्सा सुविधाएं, अग्निशमन और आपातकालीन सेवाओं की विस्तृत समीक्षा की गई. अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी व्यवस्थाएं तय समय सीमा के भीतर पूरी कर ली जाएं ताकि प्रधानमंत्री के दौरे के दौरान किसी भी प्रकार की परेशानी न हो.

बारिश को देखते हुए जलभराव रोकने के निर्देश: डॉ. मिड्डा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यक्रम स्थल, मुख्य मार्गों, हेलीपैड और पार्किंग स्थलों की विशेष सफाई कराई जाए. उन्होंने कहा कि, “नालों और सीवरों की सफाई समय पर पूरी की जाए ताकि बारिश की स्थिति में कहीं भी जलभराव की समस्या उत्पन्न न हो. प्रशासन को मानसून के मद्देनजर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश भी दिए गए.”

सड़क और बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने के आदेश: लोक निर्माण विभाग को प्रधानमंत्री के संभावित रूट पर आने वाली सभी सड़कों की तत्काल मरम्मत करने के निर्देश दिए गए. अधिकारियों से कहा गया कि कहीं भी गड्ढे, टूटी सड़क, क्षतिग्रस्त डिवाइडर या रेलिंग नहीं रहनी चाहिए. वहीं, बिजली विभाग को निर्देश दिए गए कि कार्यक्रम स्थल, वीआईपी रूट और शहर के प्रमुख स्थानों पर सभी स्ट्रीट लाइटें पूरी तरह कार्यशील रहें. नीचे लटक रहे बिजली के तारों और अन्य तकनीकी खामियों को भी तुरंत दूर करने को कहा गया.

हर विभाग को रोजाना समीक्षा के निर्देश: डॉ. मिड्डा ने कहा कि, “सभी विभाग अपने-अपने स्तर पर प्रतिदिन कार्यों की समीक्षा करें. यदि किसी प्रकार की समस्या आती है तो उसे तत्काल प्रशासन के संज्ञान में लाया जाए. अंतिम समय तक किसी प्रकार की कमी नहीं रहनी चाहिए.पार्किंग, भीड़ प्रबंधन, यातायात संचालन और सुरक्षा व्यवस्था की विस्तृत योजना पहले से तैयार रखी जाए ताकि आम नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े.”

साइट निरीक्षण कर परखी तैयारियां: समीक्षा बैठक के बाद डॉ. कृष्ण लाल मिड्डा ने जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ प्रस्तावित हेलीपैड, कार्यक्रम स्थल, पार्किंग स्थल, वीआईपी रूट और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों का निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और तय समय के भीतर सभी तैयारियां पूरी करें.

NATIONAL : राजस्थान में मानसून पड़ा सुस्त, 15 जुलाई के बाद फिर सक्रिय होने की संभावना

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जयपुर, 13 जुलाई (हि.स.)। राजस्थान में मानसून का पहला दौर कमजोर पड़ने के बाद बारिश की गतिविधियां लगभग थम गई हैं। रविवार को प्रदेश के अधिकांश जिलों में मौसम शुष्क रहा और केवल बूंदी जिले में पिछले 24 घंटों के दौरान पांच मिमी बारिश हुई।

मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी राजस्थान के किसी भी जिले में अगले 24 घंटे तक बारिश की संभावना नहीं है, जबकि केवल नौ जिलों में कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है।

मौसम विभाग के मुताबिक खैरथल-तिजारा, अलवर, डीग, भरतपुर, धौलपुर, सिरोही, डूंगरपुर, बांसवाड़ा और प्रतापगढ़ जिलों में आंशिक रूप से बारिश होने की संभावना है। प्रदेश में मानसून की गतिविधियां फिलहाल कमजोर बनी हुई हैं और अब 15 जुलाई के बाद नया मौसम तंत्र बनने पर बारिश का दौर दोबारा तेज होने की उम्मीद है।

बारिश का सिलसिला थमने के साथ ही प्रदेश में गर्मी और उमस फिर बढ़ने लगी है। रविवार को फलोदी प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 29.2 डिग्री सेल्सियस मापा गया। इसके अलावा बीकानेर में 38.1, चूरू में 38.5, अलवर में 38, श्रीगंगानगर में 38 तथा झुंझुनूं के पिलानी में 37.7 डिग्री सेल्सियस तापमान मापा गया।

मौसम विभाग के अनुसार 13 से 15 जुलाई के बीच जयपुर और सीकर जिले में कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है, जबकि 14 और 15 जुलाई को बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और चूरू संभाग के कुछ क्षेत्रों में भी हल्की वर्षा की संभावना बनी हुई है। वहीं सोमवार और मंगलवार को जोधपुर तथा बीकानेर संभाग में तेज हवा चलने का अनुमान है।

फिलहाल प्रदेश में मौसम शुष्क बना रहेगा, हालांकि अगले दो-तीन दिनों में कुछ स्थानों पर छिटपुट बारिश और बूंदाबांदी देखने को मिल सकती है।

मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि 15 जुलाई के बाद नया मौसमी तंत्र बनने पर मानसून एक बार फिर सक्रिय होकर प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश करा सकता है।

WORLD : अमेरिका का दक्षिणी ईरान पर हमला, प्रमुख बंदरगाह शहरों और केशम द्वीप में धमाके

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तेहरान/वाशिंगटन, 13 जुलाई (हि.स.)। होर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिका और ईरान के बीच छिड़ी वर्चस्व की जंग से पश्चिम एशिया में फिर स्थिति गंभीर हो गई है। अमेरिकी सेना ने दक्षिणी ईरान पर ताजा हमले किए हैं। बंदर अब्बास, सिरिक और जास्क जैसे बंदरगाह शहरों के साथ-साथ केशम द्वीप पर भी जोरदार धमाके हुए हैं। एक दिन पहले अमेरिकी सेना ईरान में कम से कम 140 ठिकानों पर हमला कर चुकी है। इसके जवाब में तेहरान ने बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर और जॉर्डन पर जवाबी हमले किए।

सीएनएन, अल जजीरा और इरना की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का दावा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य खुला हुआ है। ईरान के फारस की खाड़ी जलडमरूमध्य प्राधिकरण ने कहा है कि जब तक स्थिरता और शांति बहाली नहीं होती तब तक वहां से आवाजाही की अनुमति नहीं है।

इस सप्ताहांत से शुरू ताजा टकराव से दोनों देशों के बीच कूटनीतिक तनाव और बढ़ गया है।

अमेरिकी सेना के प्रवक्ता ने कहा कि ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने जलमार्ग में एक और कमर्शियल जहाज पर हमला किया। इसलिए ताजा हमला किया गया। अमेरिका के सहयोगी देशों ने कहा कि सप्ताहांत के दौरान उन्हें ईरानी हमलों का सामना करना पड़ा। इन देशों में कुवैत, ओमान, जॉर्डन और संयुक्त अरब अमीरात प्रमुख हैं। अमेरिका का दावा है कि आईआरजीसी लगातार होर्मुज में जहाजों पर गोलीबारी कर रहा है।

अमेरिकी मध्य कमान के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिन्स ने कहा कि ईरान की एक क्रूज मिसाइल और एक वन-वे अटैक ड्रोन को मार गिराया गया है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी हमलों का मकसद ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करना है। ईरान के खुजेस्तान प्रांत के डिप्टी गवर्नर वलीओल्लाह हयाती ने कहा है कि आज सुबह माहशहर में एक खेत पर बने सिंचाई पंप केंद्र पर मिसाइल गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई और चार अन्य घायल हो गए।

NATIONAL : पाकिस्तान से आ रहीं सूखी हवाओं ने बारिश रोकी, अब प्रशांत महासागर के सिस्टम से उम्मीद

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उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में जहां मानसून की रफ्तार थमी है, वहीं पहाड़ी राज्यों में बारिश के चलते नदियों का जलस्तर बढ़ने लगा है। शनिवार रात जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में बादल फटने के बाद बाढ़ आई। कई खेत बर्बाद हो गए, सड़क बह गई।

उत्तराखंड के विकासनगर में भारी बारिश के कारण लखवाड़ हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट के पास लैंडस्लाइड हुआ। कई गाड़ियां और मशीनें मलबे में दब गईं।इधर, देश के लगभग 70% हिस्से से मानसून के बादल गायब हो गए हैं। इसका कारण पाकिस्तान की ओर से आ रही सूखी हवाएं बताई जा रही हैंमौसम की वेबसाइट ऑल इंडिया वैदर की रिपोर्ट के अनुसार ये सूखी हवाएं अरब सागर, मध्य भारत और दक्षिण भारत तक फैल गई हैं।इनकी वजह से राजस्थान, दिल्ली-NCR, पश्चिमी मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र में अगले 5 दिन तक बारिश की संभावना भी कम है।बारिश रुकने से मध्य प्रदेश, दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में तापमान बढ़ गया। राजस्थान के श्रीगंगानगर में तापमान 42°C दर्ज किया गया।

मौसम विभाग का अनुमान है कि प्रशांत महासागर में 3 नए सिस्टम बन रहे हैं, अगर इनमें से एक भी बंगाल की खाड़ी तक पहुंच गया तो मानसून फिर से एक्टिव हो सकता है।

मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, देश के 70% हिस्से से मानसून के बादल गायब होने के पीछे सबसे बड़ी वजह मानसून को सक्रिय रखने वाले सिस्टम का कमजोर पड़ना है। 9 जुलाई के बाद बंगाल की खाड़ी में कोई नया मजबूत लो-प्रेशर सिस्टम नहीं बना, जिससे मानसूनी हवाओं को पर्याप्त नमी नहीं मिल सकी।

इसके साथ ही मानसून ट्रफ भी अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर खिसक गई है। इसकी वजह से मध्य, पश्चिम और दक्षिण भारत के बड़े हिस्से में बादल और बारिश की गतिविधियां काफी कम हो गई हैं।

फिलहाल बारिश मुख्य रूप से उत्तर भारत, पूर्वी राज्यों और पूर्वोत्तर तक सीमित है। IMD का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों तक देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून के फिर से एक्टिव होने की संभावना कम है।

IND vs ENG: आइसलैंड क्रिकेट ने फिर उड़ाया भारतीय टीम के कोच गौतम गंभीर का मजाक; इस बार क्या कहा?

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इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज हारने के बाद आइसलैंड क्रिकेट ने सोशल मीडिया पर भारतीय टीम और मुख्य कोच गौतम गंभीर का मजाक उड़ाया। एक्स पर किए गए दो व्यंग्यात्मक पोस्ट तेजी से वायरल हो गए। वहीं भारत अब लगातार दूसरी टी20 सीरीज हारने के बाद क्लीन स्वीप से बचने की चुनौती का सामना कर रहा है।

इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज गंवाने के बाद टीम इंडिया के खराब प्रदर्शन का असर अब सोशल मीडिया पर भी देखने को मिल रहा है। भारत की नौ विकेट से हार के बाद आइसलैंड क्रिकेट के आधिकारिक एक्स (पूर्व ट्विटर) अकाउंट ने मुख्य कोच गौतम गंभीर और भारतीय टीम पर तंज कसते हुए दो पोस्ट किए, जो देखते ही देखते वायरल हो गए।

ब्रिस्टल टी20 से पहले आइसलैंड क्रिकेट टीम ने पोलैंड-ए के खिलाफ 20 ओवर में 158/7 का स्कोर बनाया था। संयोग से भारत ने भी इंग्लैंड के खिलाफ ठीक 158/7 रन बनाए। इस पर आइसलैंड क्रिकेट ने एक्स पर लिखा, ‘आज हमने पोलैंड-ए के खिलाफ 158/7 रन बनाए। अब भारत ने भी इंग्लैंड के खिलाफ बिल्कुल यही स्कोर बनाया है। आखिर इसका मतलब क्या है?’

फिर गौतम गंभीर पर कसा तंज
भारत की हार के करीब एक घंटे बाद आइसलैंड क्रिकेट ने एक और पोस्ट किया, जिसमें गौतम गंभीर का मजाक उड़ाया गया। पोस्ट में लिखा गया, ‘ब्रिस्टल में चौके-छक्कों की बारिश हो रही है। इस बीच गौतम गंभीर का कोई पता नहीं है। हालांकि, इतना जरूर जानते हैं कि वह पोलैंड में हमारी पुरुष टीम के साथ नहीं हैं।’ आइसलैंड क्रिकेट के दोनों पोस्ट को हजारों लोगों ने देखा और पसंद किया। इन पर कई यूजर्स ने भी मजेदार प्रतिक्रियाएं दीं।

लगातार दूसरी टी20 सीरीज हार चुका है भारत
टी20 विश्व कप चैंपियन भारत के लिए यह दौरा अब तक बेहद निराशाजनक रहा है। टीम पहले आयरलैंड के खिलाफ पहली बार टी20 द्विपक्षीय सीरीज 0-2 से हारी और अब इंग्लैंड के खिलाफ भी सीरीज गंवा चुकी है। ब्रिस्टल में खेले गए चौथे टी20 में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 158/7 रन बनाए। कप्तान श्रेयस अय्यर ने नाबाद 80 रन की पारी खेली, लेकिन अन्य बल्लेबाज बड़ी पारी नहीं खेल सके। जवाब में इंग्लैंड ने हैरी ब्रूक (नाबाद 79) और फिल सॉल्ट (नाबाद 59) की शानदार बल्लेबाजी की बदौलत लक्ष्य सिर्फ 13.5 ओवर में एक विकेट खोकर हासिल कर लिया।

भारत के सामने क्लीन स्वीप का खतरा
पांच मैचों की सीरीज में इंग्लैंड 3-0 की अजेय बढ़त बना चुका है। अब शनिवार को साउथम्प्टन में होने वाले आखिरी टी20 मुकाबले में भारत की नजर हार का सिलसिला रोकने पर होगी। यदि टीम यह मैच भी हारती है तो इंग्लैंड सीरीज 4-0 से अपने नाम कर लेगा।

कई खिलाड़ियों का प्रदर्शन सवालों के घेरे में
इस दौरे पर ईशान किशन और तिलक वर्मा जैसे बल्लेबाज बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे हैं। युवा वैभव सूर्यवंशी भी तीन मैचों में सिर्फ 42 रन ही बना सके हैं। वहीं शिवम दुबे ने पिछले तीन मुकाबलों में सिर्फ 29 रन बनाए हैं। गेंदबाजी में भी अर्शदीप सिंह को छोड़कर बाकी गेंदबाज प्रभाव नहीं छोड़ सके।

FIFA World Cup 2026: क्वार्टर फाइनल में अब किससे होगा हालैंड के नॉर्वे का मुकाबला? आसान नहीं होगा सेमीफाइनल में पहुंचना

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फीफा वर्ल्ड कप 2026 के क्वार्टर फाइनल में नॉर्वे का सामना इंग्लैंड से होगा। ब्राजील को 2-1 से हराकर पहली बार क्वार्टर फाइनल में पहुंची नॉर्वे की भिड़ंत इंग्लैंड से तय हुई है, जिसने मेक्सिको को 3-2 से हराया।

मियामी: फीफा वर्ल्ड कप 2026 के राउंड ऑफ 16 में पांच बार की चैंपियन ब्राजील को 2-1 से हराकर पूरी दुनिया को हैरान करने वाली नॉर्वे की टीम को अपना अगला प्रतिद्वंद्वी मिल गया है। रविवार, 5 जुलाई को न्यू जर्सी में ब्राजील पर मिली ऐतिहासिक जीत के बाद वाइकिंग्स के नाम से मशहूर नॉर्वे की टीम इतिहास में पहली बार वर्ल्ड कप के क्वार्टर फाइनल में पहुंची थी। अब क्वार्टर फाइनल के इस ब्लॉकबस्टर मुकाबले में नॉर्वे का सामना यूरोप की दिग्गज टीम इंग्लैंड से होने जा रहा है। इंग्लैंड की टीम ने सोमवार सुबह खेले गए एक बेहद रोमांचक और हाई-स्कोरिंग नॉकआउट मुकाबले में मेक्सिको को 3-2 से शिकस्त देकर क्वार्टर फाइनल का टिकट पक्का किया। इस तरह अब टूर्नामेंट के पहले सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए दो यूरोपीय देशों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिलेगी।

तय हो गई महामुकाबले की तारीख और समय
फुटबॉल फैंस इस ऐतिहासिक क्वार्टर फाइनल भिड़ंत के शेड्यूल को अपनी डायरी में नोट कर सकते हैं। नॉर्वे और इंग्लैंड के बीच होने वाला यह ब्लॉकबस्टर क्वार्टर फाइनल मैच शनिवार, 12 जुलाई 2026 को खेला जाएगा। मैच की शुरुआत भारतीय समयानुसार देर रात 2:30 बजे से होगी। यह मैच फ्लोरिडा के मियामी गार्डन्स स्थित ऐतिहासिक हार्ड रॉक स्टेडियम में खेला जाएगा, जिसे इस वर्ल्ड कप के दौरान मियामी स्टेडियम के नाम से जाना जा रहा है।

ब्राजील को 36 सालों के बाद मिली ऐसी हार
नॉर्वे के लिए यह मुकाबला इसलिए भी खास है क्योंकि वे जबरदस्त आत्मविश्वास के साथ मैदान पर उतरेंगे। उनके स्टार स्ट्राइकर एर्लिंग हालैंड कमाल के फॉर्म में हैं, जिन्होंने ब्राजील के खिलाफ मैच के आखिरी पलों में दो लेट गोल दागकर अपनी टीम को पहली बार क्वार्टर फाइनल का टिकट दिलाया था। वहीं ब्राजील इस हार को सालों तक नहीं भूल सकेगा।

इस हार ने ब्राजील के फुटबॉल इतिहास में एक काला अध्याय जोड़ दिया है। साल 1990 के बाद यह पहला मौका है जब ब्राजील की टीम वर्ल्ड कप के क्वार्टर फाइनल में भी जगह नहीं बना सकी, जिससे उनका पिछले छह वर्ल्ड कप से लगातार क्वार्टर फाइनल तक पहुंचने का सिलसिला टूट गया। इसके साथ ही, वर्ल्ड कप के नॉकआउट मैचों में यूरोपीय टीमों के खिलाफ ब्राजील का खराब रिकॉर्ड जारी रहा, जहां वे लगातार 7वां नॉकआउट मैच हारे हैं। अब देखना दिलचस्प होगा कि क्या हालैंड की नॉर्वे की टीम इंग्लैंड के चक्रव्यूह को भेदकर सेमीफाइनल में कदम रख पाती है या नहीं।

WORLD : बच्चों की मौत का लेंगे बदला… युद्ध किस ओर जाएगा ईरान के सुप्रीम लीडर ने दिए 5 संकेत

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ईरान अब अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है. सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई ने देश के नाम संदेश में ये क्लियर कर दिया. जाहिर है अगर बात अस्तित्व की हो और लड़ने के लिए लोग तैयार हों तो कोई युद्ध तब तक नहीं समाप्त हो सकता, जब तक दुश्मन हार न मान ले.

पिता और पत्नी सहित अपनों की मौत के तुरंत बाद युद्ध के दौरान ईरान का नया सुप्रीम लीडर बनने वाले अयातुल्ला मुजतबा खामेनेई ने आज देश के नाम पहला संदेश जारी किया. संदेश क्लियर था ‘बदला’. बदला ईरान के एक स्कूल में पढ़ने वाली बच्चियों की मौत का, सेना और शासन से जुड़े अधिकारियों की मौत का, अपने पिता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत का. मुजतबा की लिस्ट लंबी है और जाहिर है इसीलिए उन्होंने साफ कर दिया है कि जब तक बदला पूरा नहीं हो जाता, ये युद्ध नहीं रुकने वाला. ये ईरान के अस्तित्व की लड़ाई है.

दूसरा मैसेज-एकजुटता
मुजतबा खामेनेई के भाषण के संकेतों को समझने की कोशिश करें तो वो ‘अपनों’ को खोने के बाद भी खुद को पूरी तरह संतुलित कर चुके हैं. इसका साफ संकेत उनके भाषण में ईरान के लोगों की एकता पर जोर बताता है. अयातुल्ला अली खामेनेई के जिंदा रहते और मौत से कुछ दिनों पहले ही ईरान में धरने-प्रदर्शन हो रहे थे. मगर आज जब मुजतबा ने भाषण दिया तो उन्होंने ईरानी लोगों की एकता पर जोर दिया. मैसेज क्लियर था कि आपस के विवाद चाहे कोई भी हों, वो बाद में सुलझा लिए जाएंगे. अभी समय दुश्मन से एकजुट होकर लड़ने का है. क्योंकि ये ईरान के होने और कई टुकड़ों में बंटने का सवाल है.

तीसरा मैसेज-मुआवजा लेंगे
नये सुप्रीम लीडर खामेनेई ने ये भी साफ-साफ बता दिया कि ईरान को इस युद्ध में जितना भी नुकसान होगा, उसका मुआवजा दुश्मन से ही वसूला जाएगा. इससे ईरान की जनता में लड़ने का नया जज्बा पैदा करने की कोशिश की गई है. अमेरिका और इजरायल लगातार ईरान के बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा रहे हैं. खासकर तेल सप्लाई वाले बुनियादी ढांचे को. मुजतबा ने मुआवजे की बात कहकर अपनी जनता के साथ दुश्मनों के साथ दुनिया को भी संदेश दिया है कि बदला पूरा होने के बाद भी बगैर मुआवजा दिए युद्ध समाप्त नहीं होने वाला.

चौथा मैसेज-लड़ाकों की तारीफ
मुजतबा ने सेना के साथ लड़ाकों का जिक्र किया. इसका साफ मतलब था कि वो हिजबुल्लाह और हुती विद्रोहियों का जिक्र कर रहे थे. मुजतबा ने कहा कि इस युद्ध में लड़ाकों ने बहुत अच्छा काम किया है. इसके जरिए मुजतबा ने क्लियर मैसेज दिया कि वो भी अपने पिता की तरह हिजबुल्लाह और हुती विद्रोहियों का सपोर्ट करते रहेंगे और हौसला बढ़ाकर उनका मनोबल भी बढ़ा दिया.

पांचवा मैसेज-होर्मुज और खाड़ी
इसके साथ ही एक लीडर के रूप में मुजतबा ने रणनीति भी तय कर दी. उन्होंने साफ किया कि युद्ध समाप्त होने तक होर्मुज बंद रहेगा. उन्होंने इसको बंद रखने और इसका फायदा उठाने का भी सेना और लड़ाकों को विजय मंत्र दे दिया. इसके साथ ही उन्होंने अरब देशों पर तब तक हमले जारी रखने का निर्देश दे दिया जब तक वे अपने अमेरिकी सैन्य अड्डे बंद नहीं करते हैं.

WORLD : होर्मुज स्ट्रेट फिर बंद हो गया? इजरायली हमलों के बाद ईरान की सफाई, जहाजों के लिए 48 घंटे का आदेश

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ईरान ने कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट बंद नहीं है लेकिन उसने जहाजों के लिए 48 घंटे का नया आदेश जारी किया है। ईरान के समुद्री प्राधिकरण ने शुक्रवार को कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले सभी जहाजों को ’48 घंटे पहले’ गुजरने की मंजूरी के लिए आवेदन करना होगा।

तेहरान: ईरान के विदेश मंत्रालय ने उन खबरों को खारिज कर दिया है जिनमें कहा गया था कि दुनिया के सबसे अहम एनर्जी कॉरिडोर में से एक ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ को फिर से बंद कर दिया गया है। यह खबर लेबनान पर इजरायल के रात भर चले हमले के बाद आई जिससे अमेरिका और तेहरान के बीच युद्धविराम पर खतरा मंडराने लगा था। ‘न्यूयॉर्क पोस्ट’ ने पहले खबर दी थी कि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ को फिर से बंद करने का आदेश दिया है।

उनका आरोप है कि अमेरिका ने युद्ध खत्म करने के लिए दोनों देशों के बीच हुए उस समझौते (मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग) का उल्लंघन किया है जिस पर बुधवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने इलेक्ट्रॉनिक रूप से हस्ताक्षर किए थे।

ईरान ने होर्मुज को फिर बंद करने वाली रिपोर्ट को खारिज किया
ईरान ने कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट बंद नहीं है लेकिन उसने जहाजों के लिए 48 घंटे का नया आदेश जारी किया है। ईरान के समुद्री प्राधिकरण ने शुक्रवार को कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले सभी जहाजों को ’48 घंटे पहले’ गुजरने की मंजूरी के लिए आवेदन करना होगा। पर्सियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी ने ‘X’ पर कहा ‘होर्मुज जलडमरूमध्य में प्रवेश या निकास के समय में लगने वाली देरी से बचने के लिए यह जरूरी है कि जलडमरूमध्य क्षेत्र में पहुंचने से कम से कम 48 घंटे पहले सभी जरूरी जानकारी के साथ गुजरने के लिए आवेदन जमा किए जाएं।’

बारूदी सुरंगों ने होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ाई परेशानी
इंडिपेंडेंट टैंकर ओनर ट्रेड बॉडी का कहना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य का बीच का हिस्सा लगभग 80 माइन्स (बारूदी सुरंगों) से ब्लॉक है जिन्हें सामान्य शिपिंग फिर से शुरू करने के लिए हटाना जरूरी होगा। अमेरिका और ईरान के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर होने के बाद गुरुवार को कई जहाजों ने खाड़ी से उस अहम समुद्री रास्ते से निकलना शुरू कर दिया है। हालांकि माइन्स और दूसरी रुकावटों की वजह से कुछ समय तक शिपिंग के सामान्य होने की उम्मीद नहीं है भले ही युद्धविराम बना रहे। टैंकर मालिकों के संगठन ‘इंटरटैंको’ के मरीन डायरेक्टर फिल बेल्चर ने कहा ‘होर्मुज जलडमरूमध्य के बीच से गुजरने वाला मुख्य रास्ता बंद है और वह खतरनाक है।’

इसने कहा है कि ‘हमारे पास जो ताजा जानकारी है उसके मुताबिक होर्मुज जलडमरूमध्य में 80 माइन्स (समुद्री बारूदी सुरंगें) हैं। यह बहुत बड़ी संख्या है और इन्हें हटाने में कुछ समय लगेगा।’ युद्ध के दौरान चैनल के दोनों तरफ करीब 20,000 नाविक फंस गए थे हालांकि कुछ जहाज रात के समय ओमान के तट के पास से अपने ट्रांसमीटर बंद करके और अमेरिकी मदद से चुपके से निकलने में कामयाब रहे। वहीं कुछ अन्य जहाजों ने ईरानी जलक्षेत्र से गुजरने के लिए पैसे दिए।

NATIONAL : पंजाब कांग्रेस में कलह: चन्‍नी की बगावत, 5 द‍िन से भूपेश बघेल का डेरा, अब प्र‍ियंका कूदीं

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पंजाब कांग्रेस में अध्यक्ष राजा वड़िंग की नियुक्ति के बाद पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी गुट और पार्टी प्रभारी भूपेश बघेल के बीच तनातनी काफी बढ़ गई है, जिसे सुलझाने और डैमेज कंट्रोल के लिए अब प्रियंका गांधी ने खुद मोर्चा संभाल लिया है. चुनाव से पहले कांग्रेस की यह कलह आलाकमान के ल‍िए मुसीबत बन गई है.

पंजाब कांग्रेस में इन दिनों सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है. पार्टी के भीतर एक बार फिर से बगावत के सुर तेज हो गए हैं और गुटबाजी खुलकर सामने आ गई है. पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और प्रदेश अध्‍यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग आमने-सामने हैं. बघेल दावा तो कर रहे हैं क‍ि ऑल इज वेल है, लेकिन ऐसा नजर नहीं आ रहा है. दरअसल, हाल ही में पंजाब कांग्रेस में जो संगठनात्मक बदलाव हुए हैं, उससे चन्नी और उनके समर्थक नेता काफी खफा हैं. खासकर अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को दोबारा पंजाब कांग्रेस का अध्यक्ष बनाए जाने को लेकर काफी गुस्‍सा है. नाराजगी इस कदर बढ़ गई कि चन्नी गुट ने पार्टी की अहम बैठकों से दूरी बना ली और अपनी शिकायत लेकर दिल्ली तक पहुंच गए. अब इस बढ़ती खटपट और बागी सुरों को शांत करने के लिए कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी को खुद मैदान में उतरना पड़ा है.

राहुल गांधी इस समय अपने विदेश दौरे पर हैं, इसलिए प्रियंका गांधी ने सीधे मोर्चा संभालते हुए हालात का अपडेट लिया है और चरणजीत सिंह चन्नी से फोन पर लंबी बातचीत की है. प्रियंका की एक विशेष टीम भी चंडीगढ़ में डेरा डाले हुए है. हालांक‍ि, कांग्रेस आलाकमान का मैसेज बिल्कुल क्‍ल‍ियर है. हाईकमान ने चन्नी को स्पष्ट कर दिया है कि कांग्रेस में आंतरिक लोकतंत्र है और पार्टी नेतृत्व हमेशा अपने नेताओं की बात सुनने के लिए तैयार रहता है. भविष्य में भी नेतृत्व चन्नी सहित किसी भी नेता से मिलने के लिए उपलब्ध रहेगा. लेकिन साथ ही यह सख्त हिदायत भी दे दी गई है कि पंजाब के मामलों को देखने के लिए प्रभारी भूपेश बघेल को नियुक्त किया गया है, इसलिए चन्नी गुट को अपनी सारी बातें और शिकायतें पहले बघेल के सामने ही रखनी होंगी. पार्टी इस विवाद को ज्यादा लंबा नहीं खींचना चाहती है.

प्रियंका गांधी से फोन पर हुई बातचीत के बाद चरणजीत सिंह चन्नी ने गुरुवार सुबह चंडीगढ़ में अपने समर्थक नेताओं की एक अहम बैठक बुलाई. इस बैठक में सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा, विधायक परगट सिंह, विधायक राणा गुरजीत, भारत भूषण आशु, गुरकीरत सिंह कोटली और बरिंदरमीत सिंह पाहड़ा जैसे दिग्गज कांग्रेसी नेता शामिल हुए. हालांकि, प्रियंका से उनकी क्या बात हुई, इसका खुलासा चन्नी ने नहीं किया है, लेकिन इस बैठक में यह रणनीति जरूर तय की गई कि चन्नी गुट के दो प्रमुख नेता पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल से मुलाकात करेंगे और उनके सामने अपनी आपत्तियां खुलकर दर्ज कराएंगे. चन्नी गुट यह संदेश देने की कोशिश कर रहा है कि वे आलाकमान के खिलाफ नहीं हैं, बल्कि राज्य स्तर पर लिए गए कुछ फैसलों से उनकी असहमति है.

विवाद को शांत करने के लिए भूपेश बघेल को पांच दिनों के लिए चंडीगढ़ भेजा गया है. उन्हें सभी नाराज नेताओं से बात करके हाईकमान को एक विस्तृत रिपोर्ट सौंपनी है. बघेल खुद पहल करते हुए नाराज नेताओं के घर-घर जाकर उनसे मिल रहे हैं. उन्होंने चन्नी गुट के समर्थक और पूर्व मंत्री ब्रह्म मोहिंद्रा से उनके पटियाला आवास पर जाकर मुलाकात की. इसके बाद शुक्रवार को बघेल विधायक राणा गुरजीत के घर भी पहुंचेंगे, जहां रंधावा और परगट सिंह भी अपनी बात रख सकते हैं. हालांकि, चंडीगढ़ दौरे को चार दिन बीत जाने के बावजूद चरणजीत सिंह चन्नी ने अब तक बघेल से दूरी बनाए रखी है. पहले दोनों की मुलाकात शुक्रवार को होनी थी, लेकिन अब यह अहम बैठक एक दिन आगे खिसककर शनिवार सुबह 11 बजे तय की गई है. भूपेश बघेल कह रहे हैं क‍ि पार्टी में सब ठीक है और ऑल इज वेल की स्थिति है. उन्होंने कहा कि हम सभी एक परिवार के सदस्य हैं, हमारे एकमात्र नेता राहुल गांधी हैं और इस पूरे विवाद का तिल का ताड़ बनाया जा रहा है.

आलाकमान की सख्ती और बघेल की सक्रियता को देखते हुए अब चन्नी गुट भी डैमेज कंट्रोल में जुट गया है और एकजुटता का संदेश देने की कोशिश कर रहा है. बैठक के बाद सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा कि विचारों में मतभेद होने का मतलब यह नहीं है कि पार्टी टूट रही है, कांग्रेस पूरी तरह से एकजुट है. विधायक परगट सिंह ने भी साफ किया कि पार्टी हाईकमान को सारी बातों की जानकारी है और हम बातचीत के जरिए चीजों को सुलझा रहे हैं. राणा गुरजीत ने तो यहां तक कहा कि पार्टी में कोई गतिरोध नहीं है, कोई भी नेता हाईकमान के दायरे से बाहर नहीं है और समय आने पर सब ठीक हो जाएगा. उन्होंने कहा कि आज की बैठक से उनका मनोबल बढ़ा है और इसमें लोकतंत्र को बचाने के साथ-साथ आगे की कानूनी रणनीतियों पर चर्चा हुई है.

पंजाब कांग्रेस के भीतर की यह कलह ऐसे समय में सामने आई है, जब पार्टी को साल 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए खुद को मजबूत करना है. वर्तमान में पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार है. मुख्य विपक्षी दल होने के नाते कांग्रेस को सड़क पर उतरकर सरकार की नीतियों को घेरना चाहिए, लेकिन इसके बजाय पार्टी के बड़े नेता आपस में ही उलझे हुए नजर आ रहे हैं. अब पंजाब की सियासत से जुड़े हर व्यक्ति की नजरें शनिवार को चरणजीत सिंह चन्नी और भूपेश बघेल के बीच होने वाली महत्वपूर्ण मुलाकात पर टिकी हैं. यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि प्रियंका गांधी का हस्तक्षेप और भूपेश बघेल की कोशिशें क्या सच में पंजाब कांग्रेस के इन बागी सुरों को हमेशा के लिए शांत कर पाती हैं, या फिर यह विवाद आने वाले दिनों में कोई नया सियासी रूप लेगा.

NATIONAL : महाराष्ट्र सरकार को जनता के मामने ‘बेनकाब’ कर देंगे : सुप्रीम कोर्ट

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सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार से कहा कि आपको जनता के सामने ‘बेनकाब’ कर देंगे। शीर्ष अदालत जमानत याचिका का विरोध करने और आपराधिक मामलों की सुनवाई में तेजी नहीं लाने के लिए राज्य सरकार को चेतावनी दी। न्यायमूर्ति अहसानुद्दीन अमानुल्ला और न्यायमूर्ति शील नागू की पीठ एक विदेशी नागरिक की जमानत याचिका पर सुनवाई कर रही थी। पीठ ने कहा कि हमारे पास हर दिन महाराष्ट्र से इस तरह के मामले आते हैं। आप जमानत का पुरजोर विरोध तो करते हैं, लेकिन मुकदमे की सुनवाई में तेजी लाने के लिए कोई कदम नहीं उठाते। जब हम मामले की पड़ताल करते हैं, तो सबूत कमजोर निकलते हैं। पीठ ने कहा कि हम जनता के बीच आपको (राज्य सरकार को) बेनकाब कर देंगे। अपहरण और हत्या के मामले में गिरफ्तार आरोपी ने पीठ के समक्ष दलील दी कि वह चार साल से जेल में है और उसका मामला निचली अदालत में 86 तारीखों पर सूचीबद्ध किया गया था। उसने शीर्ष अदालत को बताया कि उसे 53 बार अदालत में पेश नहीं किया गया।

आरोपी को निचली अदालत में पेश न करना गंभीर चूक
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार की ओर से आरोपी को निचली अदालत में पेश न करना एक गंभीर चूक है। आरोपी के शीघ्र सुनवाई के मौलिक अधिकार पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का जिक्र करते हुए पीठ ने कहा कि ‘हमें शर्मिंदगी महसूस हो रही है। चार साल में 34 में से केवल दो गवाहों से पूछताछ हुई। यह बात कुछ समय से इस अदालत को परेशान कर रही है।’

कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में नाकाम राज्य
पीठ ने कहा कि जब राज्य सरकार जमानत याचिकाओं का पुरजोर विरोध करती है, तो उसकी यह जिम्मेदारी भी बनती है कि वह मुकदमे की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाए, लेकिन ऐसा करने में वह नाकाम रही है।

सुनवाई में तेजी के लिए नीति बनाएं राज्य
महाराष्ट्र सरकार की ओर से पेश वकील ने पीठ को बताया कि वह (राज्य सरकार) अब सुनवाई की हर तारीख पर सभी आरोपियों को मामले की सुनवाई पर अदालत में पेश कर रही है। हालांकि, अदालत ने कहा कि राज्यों को सुनवाई में तेजी लाने के लिए एक खास नीति बनानी चाहिए।

‘हर हफ्ते चार गवाहों के बयान दर्ज हों’
पीठ ने कहा, ”हर हफ्ते कम से कम चार गवाहों के बयान दर्ज किए जाएं और इस आदेश का रिकॉर्ड मामले की सुनवाई कर रही अदालत के समक्ष रखा जाए। अगर भविष्य में ऐसे मामले सामने आते हैं, तो इसी तरह के कड़े आदेश दिए जाएंगे।

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