Thursday, February 5, 2026
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NATIONAL : हिस्ट्रीशीटर विनय त्यागी की ऋषिकेश AIIMS में मौत, कोर्ट ले जाते समय बदमाशों ने मारी थी गोली

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हरिद्वार के लक्सर कोर्ट में पेशी के दौरान पुलिस कस्टडी में हुए हमले में घायल हिस्ट्रीशीटर विनय त्यागी की शनिवार सुबह मौत हो गई. हमले में दो पुलिसकर्मी भी घायल हुए थे. सभी को एम्स ऋषिकेश के ट्रॉमा सेंटर में इलाज के लिए भर्ती कराया गया था, जहां विनय त्यागी ने दम तोड़ दिया.

हरिद्वार के लक्सर इलाके में 24 दिसंबर को कोर्ट में पेशी के दौरान ले जाते समय पुलिस कस्टडी में हुए हमले में गंभीर रूप से घायल मेरठ के हिस्ट्रीशीटर विनय त्यागी की एम्स ऋषिकेश में इलाज के दौरान शनिवार सुबह मौत हो गई. ट्रॉमा सेंटर के डाक्टरों ने उसे सुबह 7 बजे मृत घोषित कर दिया. वह हमले में घायल होने के बाद से ही वेंटिलेटर पर था. लक्सर कोर्ट में पेशी के लिए ले जाते समय रास्ते में पहले से घात लगाए बैठे हमलावरों ने पुलिस काफिले पर अचानक गोलीबारी शुरू कर दी. इस हमले में विनय त्यागी के साथ-साथ दो पुलिस कांस्टेबल भी गोली लगने से घायल हो गए थे.

गंभीर हालत में सभी को एम्स ऋषिकेश के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया था. बाइक सवार दो बदमाशों ने पुलिस की गाड़ी का पीछा किया और लक्सर फ्लाईओवर के पास जाम के दौरान अचानक गोलियां चला दी थीं. इस मामले में पुलिस ने खानपुर थाना क्षेत्र के गांव सिकंदरपुर के जंगल और बिजनौर हाईवे से विनय त्यागी की हत्या करने वाले दोनों बदमाशों को 2 दिसंबर को गिरफ्तार कर लिया. उनकी पहचान 28 वर्षीय सन्नी यादव उर्फ शेरा और 24 वर्षीय अजय सैन के रूप में हुई है. दोनों ऊधम सिंह नगर जिले के काशीपुर, के रहने वाले हैं. पुलिस के मुताबिक दोनों हार्डकोर क्रिमिनल हैं, जिन पर कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं.

विनय त्यागी की मौत के बाद उसके परिजनों ने उत्तराखंड पुलिस पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं. विनय की बेटी तन्वी त्यागी और बहन सीमा त्यागी का आरोप है कि यह हमला उत्तराखंड पुलिस की मिलीभगत से किया गया. उन्होंने दावा किया कि इस पूरे मामले में गाजियाबाद का एक ठेकेदार भी शामिल है. विनय त्यागी की बहन सीमा त्यागी ने कहा कि यह मामला करीब 750 करोड़ रुपये की चोरी से जुड़ा हुआ है और पूरी साजिश ठेकेदार सुभाष त्यागी ने रची है. सीमा त्यागी ने बताया कि देहरादून से कुल 750 करोड़ की चोरी हुई, जिसमें नकदी, आभूषण और बेनामी प्रॉपर्टी के कागजात शामिल थे.

ये पूरा माल ठेकेदार सुभाष त्यागी का था. उसने ईडी की कार्रवाई से बचने के लिए देहरादून के एक डॉक्टर के यहां ये पूरा माल छिपाया था. विनय त्यागी को इस बात की जानकारी हुई. विनय और ठेकेदार की पुरानी रंजिश थी. इसलिए विनय ने पूरा माल चुराया और ईडी को सौंपने जा रहा था. सीमा के मुताबिक देहरादून पुलिस ने रास्ते में ही विनय को पत्नी सहित पकड़ लिया और सारा माल बरामद किया. उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तराखंड पुलिस ने ठेकेदार सुभाष त्यागी के साथ मिलीभगत करके विनय को कोर्ट में पेशी पर ले जाते वक्त जान से मारने की साजिश रची, ताकि वह ED या किसी और एजेंसी के सामने मुंह न खोल पाए.

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनके पूरे परिवार को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है और उन्हें जान का खतरा बना हुआ है. विनय त्यागी का संबंध गैंगस्टर बदन सिंह बददो, भूपेंद्र बाफर, नीरज भाटी से रहा है. साल 2015 में मेरठ के दो युवकों का अपहरण करके उनकी हत्या कर दी गई थी. इस मामले में पहली बार विनय त्यागी का नाम सामने आया और उसके खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया. उसके खिलाफ मर्डर, डकैती, अपहरण जैसे संगीन अपराधों के लिए उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में 58 से अधिक मामले दर्ज थे. मेरठ के ब्रह्मपुरी थाने में दर्ज एक मुकदमे में वह लंबे समय से वांछित चल रहा था.

फरारी काटी और दुबई में रहा. फिर चोरी छिपे भारत पहुंचा और दिल्ली में एक किराये के फ्लैट में रहने लगा. मेरठ पुलिस को इसकी भनक लगी और जून-2024 में उसे स्पेशल ऑपरेशन ग्रुपकी टीम ने गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया. उसकी पत्नी मुजफ्फरनगर से जिला पंचायत सदस्य भी रह चुकी है. विनय त्यागी की मौत के बाद उसके परिवार ने उत्तराखंड सरकार से मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है.

ENTERTAINMENT : ‘मौत दिखे तो सलाम कर’, रोंगटे खड़े कर देगा सलमान खान की ‘बैटल ऑफ गलवान’ का दमदार टीजर

‘बैटल ऑफ गलवान’ के टीजर में सलमान खान अपने अब तक के सबसे दमदार अवतार में नजर आ रहे हैं. वह एक भारतीय सेना के अफसर की भूमिका में हैं. उनके चेहरे पर दिखती सख्ती, गुस्सा और शांत लेकिन मजबूत अंदाज बिना कुछ कहे बहुत कुछ कह रहा है.

बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान ने अपने 60वें जन्मदिन पर फैंस को बड़ा गिफ्ट दिया है. उनकी सबसे ज्यादा इंतजार की जाने वाली फिल्म ‘बैटल ऑफ गलवान’ का दमदार टीजर रिलीज हो गया है. यह सिर्फ एक बर्थडे रिवील नहीं है, बल्कि देश की सीमाओं पर डटे भारतीय जवानों और उनके अटूट साहस को समर्पित एक दिल से दी गई श्रद्धांजलि भी है.

‘बैटल ऑफ गलवान’ के टीजर में सलमान खान अपने अब तक के सबसे दमदार अवतार में नजर आ रहे हैं. वह एक भारतीय सेना के अफसर की भूमिका में हैं. उनके चेहरे पर दिखती सख्ती, गुस्सा और शांत लेकिन मजबूत अंदाज बिना कुछ कहे बहुत कुछ कह रहा है. खासतौर पर वीडियो के आखिरी पलों में उनकी सीधी नजर दर्शकों से जैसे बात करती है, उसका गहरा असर छोड़ रही है.

टीजर की सादगी भरी लेकिन ताकतवर झलक सीधे दिल और दिमाग पर असर छोड़ती हैं. ऊंचाई पर लड़ी जाने वाली जंग की मुश्किल जमीन और उसकी सच्ची हकीकत को भी ये टीजर साफ दिखाता है. इसकी शुरुआत में सलमान खान की आवाज सुनी जा सकती है. वो अपने साथी जवानों से कहते हैं, ‘जवानों याद रहे, जख्म लगे तो मेडल समझना और मौत दिखे तो सलाम करना.’

इसके बाद सभी ‘बिरसा मुंडा’ और बजरंग बलि की जय कहते हैं. फिर आप स्क्रीन पर सलमान खान को भारी भीड़ में भागकर आती दुश्मन की फौज के सामने एक मोटी लट्ठ लिये खड़े देखते हैं. उनके चेहरे पर कोई डर, माथे पर कोई शिकन नहीं है. जैसे-जैसे भीड़ पास आ रही होती है, टीजर ब्लैकआउट हो जाता है. सलमान की आवाज फिर आती है और वो कहते हैं- ‘मौत से क्या डरना, उसे तो आना है.’

‘बैटल ऑफ गलवान’ के टीजर को और असरदार बनाती हैं स्टेबिन बेन की आवाज, जो खामोशी को चीरते हुए अलग-अलग भावनाओं का एहसास आपको कराती है. हिमेश रेशमिया का दमदार बैकग्राउंड स्कोर अपनी धड़कन बढ़ा देने वाली धुनों से विजुअल्स की सच्चाई को और भी गहराई देता है. ये सिर्फ एक वॉर फिल्म नहीं है, बल्कि यह टकराव की कीमत, सरहद पर डटे जवानों के साहस और इस सच्चाई की याद दिलाती है कि बहादुरी भले ही हमेशा अमर रहे, लेकिन असली जीत आखिरकार शांति में ही होती है.

अपूर्व लाखिया के डायरेक्शन में बनी ‘बैटल ऑफ गलवान’, बहादुरी, बलिदान और जज्बे की एक सच्ची और बेबाक कहानी पेश करने का वादा करती है. सलमान के अलावा फिल्म में चित्रांगदा सिंह भी अहम भूमिका में नजर आएंगी. फिल्म को सलमा खान ने सलमान खान फिल्म्स के बैनर तले प्रोड्यूस किया है. ये 17 अप्रैल 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी.

BUSINESS : H-1B वीजा इंटरव्यू में देरी पर भारत ने जताई चिंता, अमेरिका से कहा – ‘महीनों से फंसे…’

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H-1B वीजा इंटरव्यू और अपॉइंटमेंट में हो रही देरी पर भारत सरकार ने अमेरिका के सामने चिंता जताई है. नए स्क्रीनिंग नियमों से भारतीय आवेदक सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं.

अमेरिका के H-1B वीजा को लेकर भारतीय नागरिकों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं. इंटरव्यू और कांसुलर अपॉइंटमेंट की शेड्यूलिंग में हो रही लंबी देरी को लेकर अब भारत सरकार ने औपचारिक रूप से अपनी चिंता दर्ज कराई है. विदेश मंत्रालय का कहना है कि इस स्थिति के कारण बड़ी संख्या में भारतीय पेशेवर, छात्र और उनके परिवार महीनों से अनिश्चितता में फंसे हुए हैं.

साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साफ कहा कि H-1B वीजा से जुड़े अपॉइंटमेंट बार-बार टलने से लोगों की निजी और पेशेवर ज़िंदगी बुरी तरह प्रभावित हो रही है. उन्होंने बताया कि कई आवेदक लंबे समय से इंटरव्यू या री-शेड्यूलिंग का इंतजार कर रहे हैं, जिससे परिवारों को भी गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. भारत सरकार ने इस मुद्दे को नई दिल्ली और वॉशिंगटन डीसी दोनों स्तरों पर अमेरिकी प्रशासन के सामने उठाया है.

H-1B वीजा प्रणाली में हाल के महीनों में किए गए बदलावों का असर सबसे अधिक भारतीय नागरिकों पर पड़ा है. अमेरिका में H-1B वीजा धारकों में भारतीयों की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा है, खासकर टेक्नोलॉजी, आईटी और सर्विस सेक्टर में. ऐसे में नियमों में थोड़ी सी सख्ती भी सीधे हजारों भारतीय पेशेवरों की योजनाओं को प्रभावित कर देती है.

इस महीने की शुरुआत में ट्रंप प्रशासन ने वीजा प्रक्रिया में एक नया नियम लागू किया, जिसके तहत H-1B, H-4 और F, M, J कैटेगरी के आवेदकों को अपने सभी सोशल मीडिया अकाउंट्स की प्राइवेसी सेटिंग सार्वजनिक करनी अनिवार्य कर दी गई. अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि इससे आवेदकों की ऑनलाइन गतिविधियों की जांच आसान होगी. हालांकि इस अतिरिक्त जांच के कारण वीजा प्रोसेसिंग और इंटरव्यू शेड्यूलिंग में और देरी देखने को मिल रही है.

नए नियम लागू होने के बाद कई H-1B आवेदकों को अमेरिकी अधिकारियों की ओर से ई-मेल मिले, जिनमें बताया गया कि उनके इंटरव्यू आगे के महीनों के लिए टाल दिए गए हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कई इंटरव्यू अब मई 2025 तक के लिए शिफ्ट कर दिए गए हैं. इस अचानक बदलाव से भारतीय प्रोफेशनल्स, छात्रों और उनके परिवारों की यात्रा, नौकरी और पढ़ाई से जुड़ी योजनाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं.

विदेश मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि वीजा से जुड़े नियम किसी भी देश का संप्रभु अधिकार होते हैं, लेकिन भारत ने अपने नागरिकों की परेशानियों को अमेरिका के सामने मजबूती से रखा है. रणधीर जायसवाल ने उम्मीद जताई कि इस देरी और अव्यवस्था का कोई व्यावहारिक समाधान निकाला जाएगा. उन्होंने यह भी कहा कि सोशल मीडिया स्क्रीनिंग का नियम सिर्फ भारत पर नहीं, बल्कि सभी देशों के आवेदकों पर समान रूप से लागू किया गया है.

NATIONAL : बंद कमरे में अंगीठी जलाकर सोया था परिवार… चार लोगों की दर्दनाक मौत, चार की हालत गंभीर

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बिहार के छपरा में ठंड से बचने के लिए कमरे में अंगीठी जलाकर सोना चार लोगों के लिए जानलेवा साबित हो गया. भगवान बाजार थाना इलाके में दम घुटने से तीन नाबालिग बच्चों और एक बुजुर्ग महिला की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि चार अन्य लोगों को गंभीर हालत में भर्ती कराया गया है.

बिहार के छपरा जिले से एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है. यहां ठंड से बचने के लिए कमरे में अंगीठी जलाकर सोने से चार लोगों की मौत हो गई. इस घटना में चार अन्य लोगों की हालत गंभीर है, जिन्हें इलाज के लिए छपरा सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है. मृतकों में तीन बच्चे और एक 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला शामिल हैं.

जानकारी के अनुसार, यह घटना भगवान बाजार थाना क्षेत्र के अम्बिका भवानी मोहल्ले की है. यहां ठंड के कारण एक परिवार के लोग रात में एक बंद कमरे में अंगीठी जलाकर सो गए थे. देर रात अंगीठी से निकलने वाली जहरीली गैस कमरे में भर गई, जिससे सभी लोग बेहोश हो गए. सुबह जब काफी देर तक दरवाजा नहीं खुला तो आसपास के लोगों को अनहोनी की आशंका हुई. इसके बाद घर का दरवाजा खोला गया तो अंदर का नजारा देखकर लोग सन्न रह गए.

स्थानीय लोगों की मदद से सभी को तुरंत सदर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने चार लोगों को मृत घोषित कर दिया. वहीं चार अन्य की हालत गंभीर बताई जा रही है और उनका इलाज जारी है.

घटना की सूचना मिलते ही सदर SDPO रामपुकार सिंह और सदर SDM नितेश कुमार मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया. पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और पूरे मामले की जांच की जा रही है. इस घटना से मोहल्ले में मातम पसरा हुआ है और मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.

प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की गई है कि ठंड के मौसम में बंद कमरे में अंगीठी, अलाव या कोयले का इस्तेमाल बेहद खतरनाक हो सकता है. थोड़ी सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है.

ENTERTAINMENT : ‘धुरंधर’ में आयशा खान के आगे फीकी पड़ी मशहूर एक्ट्रेस, ट्रोलिंग पर तोड़ी चुप्पी, बोली- दुख हुआ…

‘धुरंधर’ मूवी के शरारत सॉन्ग ने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है. क्रिस्टल डिसूजा और आयशा खान की परफॉर्मेंस को फैन्स खूब पसंद कर रहे हैं. गाने का हुक स्टेप इंस्टाग्राम रील्स पर वायरल हो गया है और इसे साल का बेस्ट डांस नंबर माना जा रहा है.

‘धुरंधर’ मूवी के ‘शरारत’ सॉन्ग का क्रेज फैन्स के सिर चढ़कर बोल रहा है. पार्टी हो या सोशल मीडिया हर जगह ‘शरारत’ गाने की धूम है. ‘धुरंधर’ के हिट गाने में क्रिस्टल डिसूजा और आयशा खान हैं. गाने का हुक स्टेप इंस्टाग्राम रील्स पर वायरल हो गया है. कई लोग इसे साल का बेस्ट डांस नंबर बता रहे हैं, लेकिन कुछ लोग बहस छेड़ रहे हैं कि लाइमलाइट किसने चुराई – क्रिस्टल या आयशा.

अब न्यूज18 शोशा को दिए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में क्रिस्टल कहती हैं कि ‘शरारत’ को सेलिब्रेट करना चाहिए, जो महिलाओं को सेलिब्रेट करता है. जैसे वो, आयशा, जैस्मिन और मधुबंती. वो कहती हैं, 4 महिलाएं एक साथ आई हैं, ये ‘शरारत’ की बेस्ट बात है. ट्रोल्स कहते हैं, उसने उससे बेहतर किया, लेकिन बात ये नहीं है. किसे फर्क पड़ता है?

आगे वो कहती हैं कि सॉन्ग एंजॉय करो और मजे लो. ये दुख की बात है कि किसी की तारीफ करने के लिए दूसरे को नीचे खींचते हो. ऐसे लोगों के लिए मुझे दुख होता है. वो समझते नहीं कि हर किसी के अपने टैलेंट और स्ट्रगल्स हैं. हम सब साल दर साल मेहनत करते हैं और कंसिस्टेंट रहने की कोशिश करते हैं. ऐसे कमेंट्स से वो नहीं रुकने वालीं. मैंने खुद कई महिलाओं को ये कमेंट्स करते देखा. हम महिलाएं कम से कम एक-दूसरे को सपोर्ट तो करें. अगर सपोर्ट न कर सको तो चुप रहो. हम अपनी जिंदगी में एक मुकाम तक पहुंचे हैं, ऐसे कमेंट्स से पूरी रेस सालों पीछे चली जाती है.

क्रिस्टल हमेशा सिस्टरहुड की बात करती हैं. वो कहती हैं, हमें एक-दूसरे को पुश करना और बिल्ड करना चाहिए. सपोर्टिव महिलाओं वाली दुनिया खूबसूरत है. जब मैंने आयशा और खुद को डांस करते और जैस्मिन-मधुबंती को गाते देखा, तो सोचा वाह, मुझे अपनी दुनिया पसंद है. क्रिस्टल ने आयशा की खूब तारीफ की. उन्होंने कहा कि आयशा कमाल की थी. वो इतनी खूबसूरत है. इतनी अच्छी डांसर है. उसे शाइन करते देखना प्रोसेस का खूबसूरत हिस्सा था.

‘शरारत’ की खासियत ये भी है कि डांस नंबर होने के बावजूद महिलाओं को सेक्शुअलाइज नहीं करता. क्रिस्टल कहती हैं, जब महिलाएं आइटम सॉन्ग सेन्सुअली करती हैं तो मजा आता है. पता नहीं मैं कभी इतनी बोल्ड हो पाऊंगी. वो भी एस्थेटिकली शूट हो तो, अभी मेरे में हिम्मत नहीं. इसलिए खुश हूं कि ये वैसा ही बना.

ENTERTAINMENT : इस एक्टर ने एक साथ साइन की थीं 40 फिल्में, लुक्स में शाहरुख-सलमान को देता था टक्कर, फिर ऐसे डूब गया करियर

आज हम आपको एक ऐसे एक्टर के बारे में बताने वाले हैं जिसने एक समय पर अपने लुक्स से सबका दिल जीत लिया था. वो शाहरुख-सलमान को टक्कर देता था, लेकिन बाद में फिल्मों से हो गया दूर.

बॉलीवुड में स्टार बनना आसान नहीं है. कई एक्टर्स ने दमदार शुरुआत की, लेकिन सफलता मिलने में सालों लग गए. ऐसा ही एक एक्टर था, जिसने 1983 में डेब्यू किया, लेकिन असली पहचान 2000 में मिली. अपनी सुपरहिट फिल्म से पहले उन्होंने 10 फिल्मों में काम किया, लेकिन तब भी लोग उन्हें ज्यादा नहीं जानते थे. इतना ही नहीं, उनके नाम के सामने लोग सलमान और शाहरुख को भूल जाते थे. फिर अचानक वो हीरो कुछ समय के लिए गायब भी हो गया.

अगर आप सोच रहे हैं कि हम किसकी बात कर रहे हैं, तो वो कोई और नहीं बल्कि जुगल हंसराज हैं. एक समय था जब इस जुगल हंसराज ने शाहरुख खान और सलमान खान जैसे सितारों को कड़ी टक्कर दी थी. जुगल ने 1983 में फिल्म ‘मासूम’ से अपने करियर की शुरुआत की और इसके बाद ‘झूठा सच’, ‘लोहा’, ‘द डॉन’ जैसी कई फिल्मों में नजर आए. अपने लुक और स्टाइल से उन्होंने दर्शकों को हमेशा मोहित किया.

जुगल को बड़ी सफलता शाहरुख खान और अमिताभ बच्चन के साथ फिल्म ‘मोहब्बतें’ में अभिनय करने के बाद मिली. जुगल हंसराज जब फिल्मों में आए तब लोगों को लगा था कि उन्हें अगला सुपरस्टार मिल गया है. लेकिन बाद में उनकी किस्मत ने ऐसी पलटी मारी कि फिल्म इंडस्ट्री के लोग उन्हें मनहूस बुलाने लगे.

दरअसल, कहते हैं कि जब जुगल हंसराज का करियर सही चल रहा था तब उनके पीछे डायरेक्टर्स और प्रोड्यूसर्स की लाइन लगी थी. हर कोई उन्हें अपनी फिल्म में साइन करना चाहता था. आलम ये रहा कि जुगल हंसराज ने एक साथ 40 फिल्में साइन कर ली, जिसमें से कुछ बनी और कुछ बन ही नहीं पाईं. इन फिल्मों में जुगल हंसराज उलझकर रह गए और फिर उनके हाथ से कई अच्छे मौके निकल गए और उनका करियर डूब गया.

जुगल हंसराज ने एक इंटरव्यू में कहा था कि उन्हें ‘जिंक्स’ करार दिया गया था और जब वो फिल्म इवेंट्स में जाते तो लोग उनका मजाक उड़ाया करते थे जुगल ने बताया कि कई लोगों ने उन्हें मनहूस तक कहा. उन्होंने कहा कि यह उनके लिए बहुत कठिन समय था. हालांकि अब वो धर्मा प्रोडक्शन के साथ क्रिएटिव टीम में काम कर रहे हैं.

NATIONAL : ‘भगवान ने सैकड़ों मासूमों को बचा लिया’, बिहार के रोहतास रोपवे हादसे पर RJD का बड़ा हमला

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रोहतास रोपवे हादसे पर राष्ट्रीय जनता दल ने राज्य की नीतीश कुमार सरकार पहर हमला बोला है, राजद ने कहा कि ईश्वर ने सरकार में बैठे भ्रष्ट भूखे भेड़ियों से सैकड़ों मासूम जानों को बचा लिया.

बिहार के रोहतास जिले में शुक्रवार (26 दिसंबर) को हुए रोपवे हादसे पर अब प्रदेश की सियासत गरमा गई है, प्रदेश के प्रमुख सियासी दल राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने एक्स पोस्ट (पूर्व में ट्वीटर) के जरिये राज्य की नीतीश कुमार सरकार पर बड़ा हमला बोला है. राजद ने सरकार पर कमीशनखोरी जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं.

राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के ऑफिशियल एक्स हैंडल से रोहतास रोपवे हादसे को लेकर सरकार पर हमला बोला गया है. राजद ने एक्स पोस्ट में लिखा, “भाजपा नीतीश सरकार की कमीशनखोरी की भेंट चढ़ा एक और परियोजना. रोहतास में नवनिर्मित रोप वे हुआ ध्वस्त.”

आरजेडी ने आगे कहा कि, “ट्रायल रन में ही करोड़ों स्वाहा. 1 जनवरी को आम जनता के लिए यह रोप वे खोला जाने वाला था. ईश्वर ने सरकार में बैठे भ्रष्ट भूखे भेड़ियों से सैकड़ों मासूम जानों को बचा लिया.

दरअसल, बीते 26 दिसंबर को रोहतास जिले में रोहतासगढ़ किला और रोहितेश्वर धाम को जोड़ने वाले नवनिर्मित रोपवे का परीक्षण के दौरान हिस्सा ध्वस्त हो गया. चार ट्रॉलियां और एक टावर क्षतिग्रस्त हुए है. हालांकि, गनीमत की बात यह रही है कि इस घटना में कोई जानमाल का नुकसान नहीं हुआ.

वहीं इस हादसे को लेकर अधिकारियों ने कहा कि ट्रायल के समय रोपवे से जुड़ा एक टावर भी क्षतिग्रस्त हो गया. इस हादसे में चार ट्रॉलियाों को भी नुकसान पहुंचा है. अधिकारियों ने कहा कि मौके पर मौजूद मजदूरों ने समय रहते सावधानी दिखाते हुए खुद को सुरक्षित बचा लिया.

बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड के वरिष्ठ अभियंता खुर्शीद करीम ने कहा कि मामले की जांच के लिए कोलकाता से विशेषज्ञों की एक टीम आ रही है. यह भी कहा है कि जब तक सभी ट्रायल सफल नहीं हो जाते और अधिकारी पूरी तरह संतुष्ट नहीं होते है. तब तक रोपवे को आम लोगों के लिए संचालित नहीं किया जाएगा.

HEALTH : सुबह खाली पेट सौंफ का पानी पीने से मिलते हैं ये जबरदस्त फायदे, गिनते-गिनते जाओगे थक

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सुबह खाली पेट सौंफ का पानी पीने से पाचन बेहतर होता है, वजन कम करने में मदद मिलती है और पेट की समस्याओं से राहत मिलती है. जानिए सौंफ के पानी के नियमित सेवन से मिलने वाले फायदे.

आज के समय में सौंफ का पानी एक पावरफुल और हेल्दी ड्रिंक के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है, जो शरीर को फिट और तंदुरुस्त रखने में मददगार साबित हो रहा है. अक्सर हम सौंफ को सिर्फ एक माउथ फ्रेशनर की तरह इस्तेमाल करते थे, लेकिन सौंफ इससे कहीं ज्यादा उपयोगी है, जो कई बीमारियों में और शरीर के लिए काफी ज्यादा फायदेमंद साबित होती है.अगर आप सौंफ को रातभर पानी में भिगोकर सुबह खाली पेट इसका सेवन करते हैं, तो यह पेट से जुड़ी बीमारियों को दूर करने का काम करता है और हमारे पाचन को भी दुरुस्त रखता है.

अगर कोई व्यक्ति सुबह खाली पेट सौंफ के पानी का सेवन करता है, तो शरीर में कई सकारात्मक बदलाव देखने को मिलते हैं. सौंफ का पानी पीने से वजन कम करने में भी मदद मिलती है, क्योंकि यह शरीर में जमा फालतू फैट को बाहर निकालने में सहायक होता है.सौंफ के पानी के नियमित सेवन से पेट भी बीमारियों से दूर रहता है. यह पेट में एसिडिटी जैसी समस्याओं से राहत दिलाने में मदद करता है और पेट में हो रही जलन को कम करने के साथ पेट को ठंडा रखने में भी सहायक होता है.

आज के समय की सबसे बड़ी समस्या है भरा पेट होने के बावजूद बार-बार खाने की क्रेविंग होना, जो सेहत के लिए हानिकारक है. अगर आप सौंफ का पानी पीते हैं, तो बेवजह खाने की क्रेविंग को शांत करने में मदद मिलती है.रोज सुबह सौंफ का पानी पीने से शरीर में कई सकारात्मक बदलाव देखने को मिलते हैं. सौंफ का पानी शरीर को डिटॉक्स करने और कई तरह की पेट संबंधी बीमारियों और दिक्कतों को दूर करने में मदद करता है.

सौंफ के पानी के सेवन से ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में मदद मिलती है, क्योंकि सौंफ में मौजूद पोटैशियम और मैग्नीशियम जैसे पोषक तत्व दिल को स्वस्थ रखने में सहायक होते हैं.सौंफ का पानी महिलाओं को पीरियड्स के दौरान होने वाले दर्द को कम करने में मदद करता है और स्तनपान कराने वाली महिलाओं में दूध बढ़ाने में भी सहायक होता है.

SPORTS : जिस गेंदबाज ने झटका विकेट, विराट कोहली ने उसे दिया शानदार गिफ्ट, विजय हजारे का ये VIDEO जीत लेगा दिल

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गुजरात के स्पिनर विशाल जायसवाल ने विजय हज़ारे ट्रॉफी 2025–26 में विराट कोहली का अहम विकेट लेकर यादगार दिन जिया और उनसे मैच बॉल पर साइन भी हासिल किया. कोहली ने 61 गेंदों पर 77 रनों की शानदार पारी खेली और प्लेयर ऑफ द मैच बने. जायसवाल ने 4/42 का बेहतरीन प्रदर्शन किया, लेकिन गुजरात 7 रन से मुकाबला हार गई.

गुजरात के बाएं हाथ के स्पिनर विशाल जायसवाल के लिए शुक्रवार का दिन किसी सपने से कम नहीं था, जब उन्होंने विजय हज़ारे ट्रॉफी 2025–26 के दौरान भारत के स्टार बल्लेबाज़ विराट कोहली का विकेट हासिल किया. लेकिन उनके लिए ये पल तब और भी खास हो गया जब उन्होंने कोहली से मैच बॉल पर साइन भी हासिल किया.

दिल्ली के लिए टूर्नामेंट में अपने दूसरे मुकाबले में खेलते हुए विराट कोहली शानदार फॉर्म में नज़र आए और उन्होंने 61 गेंदों पर 77 रनों की बेहतरीन पारी खेली. ऐसा लग रहा था कि वह लगातार दूसरी शतकीय पारी की ओर बढ़ रहे हैं, लेकिन तभी विशाल जायसवाल की एक खूबसूरत गेंद ने उन्हें चकमा दे दिया.

कोहली जब बाएं हाथ के स्पिनर पर आक्रमण करने के इरादे से क्रीज़ से बाहर निकले, तो जायसवाल ने उन्हें अपनी फ्लाइट और टर्न से मात दी और विकेटकीपर ने उन्हें स्टंप कर दिया. इस बहुमूल्य विकेट को हासिल करने के बाद विशाल जायसवाल बेहद खुश नजर आए. लेकिन उनकी खुशी यहीं खत्म नहीं हुई, क्योंकि उन्हें विराट कोहली से मैच बॉल पर साइन भी मिला और उन्होंने स्टार बल्लेबाज़ के साथ एक तस्वीर साझा की, जिसे उन्होंने अपने सोशल मीडिया हैंडल्स पर पोस्ट किया.

जायसवाल ने कैप्शन में लिखा, ‘दुनिया भर में उन्हें क्रिकेट पर राज करते देखना और फिर उसी मैदान पर उनके साथ खेलते हुए उनका विकेट लेना. यह एक ऐसा पल है जिसकी मैंने कभी कल्पना भी नहीं की थी. विराट भाई का विकेट लेना मेरे लिए हमेशा यादगार रहेगा. इस मौके, इस सफर और इस खूबसूरत खेल ने मुझे जो कुछ दिया है, उसके लिए मैं आभारी हूं.’

जायसवाल ने न सिर्फ विराट कोहली को आउट किया, बल्कि उन्होंने ऋषभ पंत को क्लीन बोल्ड, और अर्पित राणा तथा नीतीश राणा को भी पवेलियन भेजा. उन्होंने अपने 10 ओवरों में 4/42 के शानदार आंकड़े दर्ज किए.उनकी बेहतरीन गेंदबाज़ी की बदौलत दिल्ली की टीम 50 ओवरों में 254/9 के स्कोर पर सिमट गई. हालांकि, यह लक्ष्य गुजरात के लिए भी आसान साबित नहीं हुआ और टीम 47.4 ओवरों में 247 रन बनाकर 7 रनों से मुकाबला हार गई.

अपनी शानदार पारी के लिए विराट कोहली को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया, जिसकी बदौलत दिल्ली ने टूर्नामेंट में अपनी लगातार दूसरी जीत दर्ज की. कोहली को पारी की शुरुआत में ही बल्लेबाज़ी के लिए उतरना पड़ा, जब प्रियांश आर्य दूसरे ओवर में ही सीटी गजा की गेंद पर आउट हो गए. क्रीज़ पर आते ही कोहली ने आक्रामक रुख अपनाया और मैदान के चारों ओर आकर्षक शॉट लगाए.

उन्होंने महज़ 16 गेंदों में 30 से अधिक रन बना लिए और उनका स्ट्राइक रेट 190 से ऊपर रहा. कोहली ने सिर्फ 29 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया, जबकि दूसरे छोर पर अर्पित राणा संघर्ष करते नजर आए.

NATIONAL : पत्नी को पेट्रोल डालकर जिंदा जलाया… मां को बचाने आई बेटी को भी आग में धकेला, हैदराबाद में युवक की बर्बरता

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ये कहानी बेहद दर्दनाक और सनसनीखेज है. हैदराबाद के नल्लाकुंटा में रहने वाला एक व्यक्ति पत्नी पर शक करता था. इसी के चलते उसने पेट्रोल डालकर पत्नी को आग के हवाले कर दिया. इस वारदात को आरोपी ने बच्चों के सामने अंजाम दिया. बेटी मां को बचाने आई तो उसे भी आग की ओर धकेल दिया गया.

हैदराबाद के नल्लाकुंटा इलाके से दहला देने वाली वारदात सामने आई है. पति ने शक के चलते अपनी पत्नी की बेरहमी से हत्या कर दी. इस वारदात को आरोपी ने अपने बच्चों के सामने अंजाम दिया, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई. पुलिस का कहना है कि आरोपी ने पत्नी पर पेट्रोल डालकर उसे आग के हवाले कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई.

यह वारदात नल्लाकुंटा इलाके के एक मकान में हुई. मृतका की पहचान त्रिवेणी के रूप में हुई है, जबकि आरोपी पति का नाम वेंकटेश बताया गया है, जो मूल रूप से नलगोंडा के हुजूराबाद का रहने वाला है. दोनों ने लव मैरिज की थी. उनके दो बच्चे हैं… एक बेटा और एक बेटी. वेंकटेश लंबे समय से अपनी पत्नी के चरित्र पर शक करता था.इसी को लेकर दोनों के बीच अक्सर झगड़े होते रहते थे.

पुलिस का कहना है कि आरोपी पत्नी को लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करता था. कुछ समय पहले त्रिवेणी अपने मायके चली गई थी. बाद में वेंकटेश ने उससे माफी मांगते हुए अपने व्यवहार में सुधार का भरोसा दिलाया और उसे वापस हैदराबाद ले आया. इसके बाद कुछ ही दिनों में उसने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दे दिया.

आरोपी ने घर के अंदर पत्नी पर पेट्रोल डाला और आग लगा दी. जब बेटी ने मां को बचाने की कोशिश की तो आरोपी ने उसे भी धक्का देकर आग की लपटों की ओर धकेल दिया. बेटी मामूली रूप से जल गई. इस दौरान महिला की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और मां-बेटी को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने त्रिवेणी को मृत घोषित कर दिया. बेटी का इलाज जारी है और उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है.

घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया. नल्लाकुंटा पुलिस ने मामला दर्ज कर तुरंत जांच शुरू की और इलाके में तलाशी अभियान चलाया. पुलिस ने 12 घंटे के भीतर आरोपी वेंकटेश को गिरफ्तार कर लिया. अधिकारियों का कहना है कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.

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