Saturday, June 27, 2026
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NATIONAL : साजिश या हादसा? अमेरिका-ईरान जंग के बीच भारत समेत 5 देशों की रिफाइनरी में कैसे लगी आग

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राजस्थान की पचपदरा रिफाइनरी में उद्घाटन से पहले लगी आग ने न सिर्फ एक बड़े प्रोजेक्ट को झटका दिया, बल्कि वैश्विक स्तर पर तेल रिफाइनरियों में हो रही लगातार आग की घटनाओं के एक पैटर्न की ओर भी ध्यान खींचा है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को राजस्थान के पचपदरा में एक रिफाइनरी का उद्घाटन करने वाले थे. करीब 13 साल पहले देखे गए इस प्रोजेक्ट का सपना अब पूरा होने जा रहा था. लेकिन उद्घाटन से ठीक एक दिन पहले भीषण आग ने रिफाइनरी के मेन प्रोसेसिंग यूनिट्स को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे इसका उद्घाटन टालना पड़ा.

हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) की इस रिफाइनरी में लगी भीषण आग के कारणों का पता लगाने के लिए जांच जारी है. हैरानी की बात यह है कि दुनिया भर में ऑयल एसेट्स, खासकर रिफाइनरियों में आग लगने की घटनाओं का एक पैटर्न नजर आ रहा है. यह सब ऐसे समय हो रहा है, जब पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के बीच तेल और गैस जैसे प्राकृतिक संसाधनों को को एक हथियार की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है.

अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी 2026 से ईरान पर हवाई हमले शुरू किए और पश्चिम एशिया में व्यापक संघर्ष की शुरुआत हुई, उसके बाद से भारत सहित छह देशों की तेल रिफाइनरियों में आग लगने की घटनाएं सामने आई हैं. ये सभी रिफाइनरियां युद्ध क्षेत्र से बाहर हैं. इन घटनाओं को लेकर अब यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या रिफाइनरियों में लग रही आग महज संयोग है या इसके पीछे कोई पैटर्न है.

बीते दो महीने में अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, मेक्सिको, इक्वाडोर और रूस की रिफाइनरियों में आग के कारण व्यवधान देखा गया है. रूस का मामला अलग है, क्योंकि वहां के तेल संयंत्रों पर यूक्रेन ने हमले किए हैं. रूस और यूक्रेन फरवरी 2022 से एक दूसरे के खिलाफ युद्ध में हैं. हालांकि बाकी सभी देशों की रिफाइनरियों में आग की घटनाएं प्लांट के भीतर तकनीकी खामियों या आंतरिक समस्याओं के कारण हुई बताई गई हैं.

भारत में भी दो ऑयल एसेट्स में आग की घटनाएं सामने आई हैं. हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) की राजस्थान रिफाइनरी के अलावा मुंबई तट के पास ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन (ONGC) के ऑयल फील्ड में भी हादसा हुआ. ओएनजीसी की इस फैसिलिटी में 12 अप्रैल को आग लगी थी, जिसे काबू में कर लिया गया था.

राहत की बात यह रही कि राजस्थान की पचपदरा रिफाइनरी के इंफ्रास्ट्रक्चर को कोई गंभीर नुकसान नहीं पहुंचा है. पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने बताया कि घटना के मूल कारणों की जांच करने के लिए एक हाई लेवल कमेटी का गठन किया गया है. एचपीसीएल ने कहा कि प्रारंभिक जांच से पता चला है कि हीट एक्सचेंजर सर्किट में वाल्व/फ्लैंज में से किसी एक के जरिए हाइड्रोकार्बन लीक होने के कारण आग लगी थी.

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HPCL​

अब तक की जानकारी के मुताबिक तेल रिफाइनरियों में आग की ये सभी घटनाएं, दुर्घटनाएं हो सकती हैं, लेकिन एक पैटर्न नजर आ रहा है. अमेरिका में दो ऑयल एसेट्स- वैलेरो एनर्जी (Valero Energy) के पोर्ट आर्थर रिफाइनरी और मैराथन पेट्रोलियम (Marathon Petroleum) के एल पासो रिफाइनरी में भी विस्फोट और आग की घटनाएं सामने आई हैं. ऑस्ट्रेलिया की सबसे बड़ी रिफाइनरियों में से एक में आग लगने की घटनाएं हुई हैं, और यह अभी तक पूरी तरह से चालू नहीं हुई है. इक्वाडोर और मेक्सिको की तेल रिफाइनरियों में भी आग लगने की घटनाएं हुई हैं.

म्यांमार के सागाइंग क्षेत्र में 20 अप्रैल को स्थित मॉबी रिवर पोर्ट (Hmawbi River Port) पर एक शक्तिशाली विस्फोट हुआ, जिसने 10 से अधिक ईंधन टैंकरों और जहाजों को अपनी चपेट में ले लिया. आग तेजी से फैल गई और टैंकर धू-धू कर जलने लगे. इमरजेंसी टीमें आग पर पूरी तरह काबू पाने में नाकाम रहीं, और मंगलवार तक भी आग धधकती रही. एक X यूजर ने पोस्ट किया, ‘भारत की तेल रिफाइनरी में आग लगे अभी 24 घंटे भी नहीं हुए हैं, और अब म्यांमार के सागाइंग क्षेत्र के होमालिन बंदरगाह पर हुए एक बड़े विस्फोट के बाद 10 से अधिक ईंधन टैंकरों को आग ने अपनी चपेट में ले लिया. यह अब हद से ज्यादा हो रहा है.’

अरविंद नाम के एक वेरिफाइल यूजर ने 16 अप्रैल को X पोस्ट पर किया था, ‘भारतीय तेल रिफाइनरियों को सुरक्षा के लिहाज से अतिरिक्त कदम उठाने चाहिए, खासकर अंदरूनी साजिश को लेकर.’ यह राजस्थान रिफाइनरी में आग लगने से चार दिन पहले का पोस्ट है. अरविंद ने अपने पोस्ट में कहा कि उन्हें एक बुरा अंदेशा था कि विरोधी देश में किसी तेल रिफाइनरी को निशाना बना सकते हैं. उन्होंने लिखा, ‘भूराजनीतिक कारणों से तेल की कीमतें बढ़ाने और भारत की अर्थव्यवस्था को प्रभावित करने के लिए विरोधी रिफाइनरी में आग लगा सकते हैं.’ इसके ठीक चार दिन बाद, 20 अप्रैल को एचपीसीए की रिफाइनरी में आग लगने की घटना सामने आई.

अमेरिका-इजरायल-ईरान युद्ध से सबसे बड़ा सबक यह सामने आया है कि दुनिया भर के देश कच्चे तेल, प्राकृतिक गैस और पेट्रोकेमिकल उत्पादों पर कितने ज्यादा निर्भर हैं. अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर हमले के बाद तेहरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए खाड़ी क्षेत्र में कई अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए, साथ ही इजरायल के प्रमुख शहरों को भी निशाना बनाया.

ईरान ने खाड़ी देशों की तेल रिफाइनरियों पर भी हमले किए और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के जरिए तेल और गैस की आपूर्ति को बाधित कर दिया. दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से गुजरता है. मध्य पूर्व में जारी इस संघर्ष ने वैश्विक तेल और गैस बाजार को प्रभावित कर दिया है. फरवरी में कच्चे तेल की कीमत करीब 66 डॉलर प्रति बैरल थी, जो मार्च में बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल से अधिक हो गई. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा घोषित दो हफ्तों के युद्धविराम के दौरान कीमतों में मामूली गिरावट देखने को मिली, जो इस हफ्ते खत्म होने वाला है.

इस बीच, अमेरिका-ईरान युद्ध के 45 दिनों के भीतर पांच अलग-अलग देशों की रिफाइनरियों में आग की घटनाएं सामने आईं. रिपोर्ट के मुताबिक ये घटनाएं ड्रोन या मिसाइल हमलों के कारण नहीं, बल्कि तकनीकी खामियों या छोटे लीक की वजह से हुईं, क्योंकि ये रिफाइनरियां युद्ध क्षेत्र से दूर स्थित थीं. टेक्सास में 23 मार्च को वैलेरो एनर्जी के पोर्ट आर्थर प्लांट में विस्फोट की घटना सामने आई. डीजल हाइड्रोट्रीटर में आग लगने के बाद यह विस्फोट हुआ. शुरुआत में ईरान की संलिप्तता को लेकर अटकलें लगीं, लेकिन अधिकारियों ने इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की. मामले की जांच के लिए उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए गए.

मुंबई हाई में 4 अप्रैल को ओएनजीसी के एसएचपी प्लेटफॉर्म पर आग लगने से 10 कर्मचारी मामूली रूप से घायल हो गए. इमरजेंसी टीमों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आग पर काबू पा लिया. ओएनजीसी ने आग लगने के कारणों का खुलासा नहीं किया है. 10 अप्रैल को अमेरिका के टेक्सास में एक और बड़ी आग की घटना सामने आई, जब मैराथन पेट्रोलियम की एल पासो रिफाइनरी में तकनीकी खामी के कारण आग लग गई, जिसे जल्द ही बुझा लिया गया.

ऑस्ट्रेलिया में 16 अप्रैल को आग की घटना हुई. विवा एनर्जी की कोरियो ऑयल रिफाइनरी (जीलॉन्ग, मेलबर्न के दक्षिण-पश्चिम) में आग बुझाने के लिए आपातकालीन टीमें पहुंचीं. यह रिफाइनरी विक्टोरिया के करीब 50% और देश के 10% ईंधन का उत्पादन करती है, लेकिन घटना के बाद से यह अभी तक पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाई है. सरकार ने पेट्रोल उत्पादन पर असर पड़ने की चेतावनी दी है. इसके बाद 20 अप्रैल को राजस्थान में एचपीसीएल की रिफाइनरी में आग लग गई, जो इसके उद्घाटन से ठीक एक दिन पहले की घटना थी. आग पर काबू पाने के लिए दर्जनों फायर टेंडर्स को तैनात किया गया और बाद में स्थिति नियंत्रित कर ली गई.

एक नॉर्थ अमेरिकन एक्स (X) अकाउंट ने दावा किया कि दुनियाभर के ऑयल एसेट्स में आग लगने की ये घटनाएं सिर्फ संयोग नहीं, बल्कि तेल आपूर्ति को बाधित करने का पैटर्न हो सकता है. एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी की घटना के बाद एक्स पर लिखते हुए अरविंद ने भी कहा कि अलग-अलग देशों में रिफाइनरियों में लग रही आग की घटनाएं वैश्विक स्तर पर रिफाइंड ऑयल सप्लाई को प्रभावित करने का संकेत हो सकती हैं. उन्होंने अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध का हवाला देते हुए कहा, ‘एक पक्ष तेल की कमी पैदा करना चाहता है और इसके लिए पहले से तैयारी कर चुका है, जबकि दूसरा पक्ष तेल की भरपूर आपूर्ति बनाए रखकर दूसरे पर दबाव बनाना चाहता है.’

अमेरिका-ईरान युद्ध में तेल सबसे बड़ा हथियार बनकर उभरा है. सैन्य ताकत के लिहाज से अमेरिका और ईरान की तुलना नहीं की जा सकती. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भी शुरुआत में लगा था कि यह युद्ध कुछ हफ्तों में खत्म हो जाएगा. लेकिन जब ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बाधित किया- जो फारस की खाड़ी से तेल-गैस एक्सपोर्ट का मुख्य समुद्री मार्ग है, और खाड़ी देशों के तेल ठिकानों पर हमले किए, तो हालात बदल गए. इससे वैश्विक आपूर्ति पर बड़ा असर पड़ा और तेल की कीमतों में तेज उछाल आया, जिससे दुनिया भर के उद्योग प्रभावित हुए.

अगर विभिन्न देशों की रिफाइनिंग क्षमता प्रभावित होती है, तो इसका फायदा युद्ध में शामिल या बड़े भंडार रखने वाले देशों को मिल सकता है. वेनेजुएला के पास दुनिया का सबसे बड़ा तेल भंडार (303.2 अरब बैरल) है, जबकि ईरान तीसरे स्थान पर है (208.6 अरब बैरल). ऐसे में यदि वैश्विक सप्लाई बाधित होती है और रिफाइनरियां ठप पड़ती हैं, तो बड़े तेल भंडार वाले देशों को रणनीतिक बढ़त मिल सकती है. दिलचस्प बात यह है कि दुनिया का सबसे बड़ा कच्चा तेल आयातक चीन अब तक आग की ऐसी घटनाओं से अछूता रहा है. कुल मिलाकर, आधिकारिक तौर पर इन घटनाओं को तकनीकी कारणों या दुर्घटनाओं से जोड़कर देखा जा रहा है, लेकिन लगातार हो रही घटनाओं ने ‘ग्लोबल पैटर्न’ की आशंका को भी जन्म दे दिया है. (रिपोर्ट: अविनाश कातील)

NATIONAL : उत्तराखंड चारधाम यात्रा के पहले दिन 2 श्रद्धालुओं की मौत, दूसरे दिन कड़े इंतजामों के बीच हालात रहे काबू

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उत्तराखंड के लिए आर्थिक और धार्मिक रूप से बेहद अहम मानी जाने वाली चारधाम यात्रा 2026 का आगाज हो चुका है. अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट खोल दिए गए. यात्रा के पहले ही दिन से श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देवभूमि की ओर उमड़ पड़ी. इस बार यात्रा को लेकर गजब उत्साह देखने को मिल रहा है. जिसकी तस्दीक रजिस्ट्रेशन के आंकड़े कर रहे हैं.

अभी तक 19 लाख से ज्यादा श्रद्धालु चारधाम यात्रा के लिए पंजीकरण करा चुके हैं. जो इस यात्रा की व्यापक भक्ति और धार्मिक महत्ता को दर्शा रहा है. धामों के बाहर लंबी कतारें, पहाड़ी रास्तों पर लगातार बढ़ता दबाव और प्रमुख पड़ावों पर यात्रियों का सैलाब, ये संकेत दे रहा है कि इस बार यात्रा अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच सकती है.

जहां यह राज्य की आर्थिकी को मजबूती देने वाला कारक है, तो वहीं इतनी विशाल भीड़ की सुरक्षा और व्यवस्थापन प्रशासन के लिए एक कठिन परीक्षा बन चुका है. पहले ही दिन हुई दो मौत ने भी इस यात्रा को चर्चा में ला दिया है.

पहले दिन की दो यात्रियों की मौत, चिंता और संवेदनशीलता बढ़ी: यात्रा के पहले ही दिन यमुनोत्री मार्ग पर सामने आई दो दुखद घटनाओं ने पूरे सिस्टम को झकझोर दिया और व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति को उजागर कर दिया. मध्यप्रदेश के इंदौर से आई एक महिला श्रद्धालु की मौत हुई. जबकि, महाराष्ट्र से आए एक बुजुर्ग यात्री ने पैदल मार्ग पर सांस लेने में दिक्कत के चलते दम तोड़ दिया.

ये घटनाएं केवल दुर्घटनाएं भर नहीं हैं, बल्कि इस कठिन और चुनौतीपूर्ण यात्रा के जोखिमों को सामने लाया है. ऊंचाई वाले इलाकों में ऑक्सीजन की कमी, थकान, बदलता मौसम और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं ऐसे कारक हैं, जो थोड़ी सी चूक को भी गंभीर बना सकते हैं. इन हादसों ने ये सवाल भी खड़ा कर दिया कि क्या मौके पर पर्याप्त और त्वरित चिकित्सा सहायता उपलब्ध थी या नहीं?

स्वास्थ्य सुविधाओं की तैयारियों पर उठे गंभीर सवाल: उत्तराखंड स्वास्थ्य विभाग की मानें तो चारधाम यात्रा को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने 1,350 डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती, 25 मेडिकल रिलीफ पोस्ट, 33 हेल्थ स्क्रीनिंग केंद्र और 177 एंबुलेंस सेवाओं को तैनात किया है. इसके बावजूद पहले ही दिन हुई दो मौतों ने इन व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं.

पहाड़ी इलाकों में समय पर चिकित्सा सहायता न मिलना अक्सर जानलेवा साबित होता है. ऐसा पहली बार नहीं है, जब यमुनोत्री मे मौत हुई हो. इससे पहले भी पिछले साल यात्रा के शुरुआत में ही ये धाम मौत और भीड़ की वजह से चर्चाओं में था.

यही स्थिति इस बार इन मामलों में भी देखने को मिली. हाई एल्टीट्यूड सिकनेस, हृदय संबंधी समस्याएं और श्वसन संबंधी आपात स्थितियों से निपटने के लिए ज्यादा विशेषज्ञ डॉक्टरों और मोबाइल मेडिकल यूनिट्स की तैनाती आवश्यक है. ताकि, जरूरत के समय तत्काल इलाज उपलब्ध कराया जा सके.

प्रशासन का त्वरित एक्शन और सख्त निगरानी व्यवस्था: पहले दिन की घटनाओं के बाद प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया और तत्काल प्रभाव से कई सख्त कदम उठाए गए. उत्तरकाशी जिला अधिकारी प्रशांत आर्य की मानें तो पहले दिन यात्रा में ज्यादा भक्त आए हैं और दोनों ही केस में सांस लेने की दिक्कत हुई है.

उन्होंने कहा कि होटल एसोसिएसन के साथ मिलकर बैठक की गई है. जिसमें ये सुनिश्चित किया गया है कि होटल वाले भी देखेंगे कि कौन यात्री स्वास्थ्य जांच के बाद सही है या नहीं. उनसे संवाद किया जाएगा. इसके लिए जानकीचट्टी से अन्य जगहों पर भक्तों की स्क्रीनिंग कर रहे हैं. डॉक्टरों की टीम को खासकर यमुनोत्री में तैनात किया गया है.

पिछले साल भी हुई थी ऐसी घटना: बता दें कि पिछले साल भी अचानक यमुनोत्री धाम में शुरुआती दिनों में भक्तों का हुजूम उमड़ पता था. जिससे एकाएक व्यवस्थाएं प्रभावित हो गई थी. हालांकि, इसके बाद प्रशासन ने कई तरह की व्यवस्था की थी, लेकिन पिछले साल यमुनोत्री धाम में 6,45,000 श्रद्धालुओं ने मां यमुना के दर्शन कर पूजा अर्चना किए थे.

इससे यमुनोत्री मंदिर समिति को करीब 50 लाख रुपए की आय हुई थी, लेकिन इसके साथ ही 29 लोगों की मौत भी हुई थी. वहीं,. गंगोत्री धाम में 23 लोगों की जान गई थी. जबकि, केदारनाथ में करीब 90 लोगों की मौत और 46 लोगों ने बदरीनाथ की यात्रा में दम तोड़ा. अमूमन सभी मामलों में सांस की समस्या के कारण ही मौत हुई थी.

ये भी हुआ बदलाव: उत्तरकाशी डीएम प्रशांत कुमार आर्य की मानें तो यमुनोत्री और गंगोत्री धाम में संवेदनशील एवं भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में पुलिस व आपदा प्रबंधन टीमों की तैनाती बढ़ा दी गई है. यमुनोत्री और गंगोत्री मार्ग पर लगातार निगरानी रखी जा रही है. साथ ही जोखिम वाले स्थानों पर विशेष सतर्कता बरती जा रही है.

घोड़ा-खच्चर संचालन पर नियंत्रण कड़ा किया गया है और उनकी हेल्थ जांच अनिवार्य पहले से ही थी, लेकिन इस पर और निगरानी रखी जा रही है. ताकि, दुर्घटनाओं को रोका जा सके. इसके अलावा यात्रियों की हेल्थ स्क्रीनिंग को और सख्त किया गया है. भीड़ नियंत्रण के लिए नए ट्रैफिक प्लान लागू किए गए हैं, जिससे यात्रा को सुचारु और सुरक्षित बनाया जा सके.

ये भी हैं चुनोती: इसके अलावा गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्गों पर अभी भी कई ऐसे हिस्से हैं, जहां यात्रा जोखिम भरी बनी हुई है. यमुनोत्री हाईवे पर सिलाई बैंड जैसे संकरे और खतरनाक मोड़ों पर पत्थर गिरने का खतरा लगातार बना रहता है.कई स्थानों पर सड़क चौड़ीकरण का काम अधूरा है, जिससे वाहनों और पैदल यात्रियों दोनों को कठिनाई का सामना करना पड़ता है. वहीं, गंगोत्री मार्ग पर धरासू से नालूपानी के बीच भूस्खलन की आशंका बनी हुई है और कुछ हिस्सों में मलबा गिरने से रास्ता बाधित होने की स्थिति भी उत्पन्न हो जाती है.

दूसरे दिन बेहतर प्रबंधन, नहीं हुई कोई अप्रिय घटना: प्रशासन की ओर से उठाए गए कदमों का असर दूसरे ही दिन स्पष्ट रूप से देखने को मिला. यात्रा मार्गों पर स्थिति काफी हद तक नियंत्रण में रही और किसी भी प्रकार की दुर्घटना या मौत की सूचना सामने नहीं आई.

श्रद्धालुओं ने भी बेहतर व्यवस्थाओं के चलते राहत महसूस की और यात्रा अपेक्षाकृत सुचारु ढंग से आगे बढ़ती दिखाई दी. हालांकि, भीड़ का दबाव अब भी बना हुआ है, खासकर यमुनोत्री धाम में, लेकिन प्रशासन का मानना है कि भक्तों की सीमा हटाने से भी भीड़ अचानक आई है. फिलहाल, सभी व्यवस्थाएं सही है और सुरक्षा एवं चिकित्सा सुविधाओं में सुधार लगातार हो रहे हैं.

श्रद्धालुओं के लिए सरकार की अहम सलाह: प्रशासन और सरकार ने अलग-अलग माध्यम से यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को सतर्क रहने एवं आवश्यक सावधानियां बरतने की अपील की है. पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि यात्रा से पहले स्वास्थ्य परीक्षण कराना, ऊंचाई वाले क्षेत्रों में धीरे-धीरे चढ़ाई करना, पर्याप्त पानी और जरूरी दवाइयां साथ रखना अत्यंत आवश्यक है.

इसके साथ ही मौसम के बदलते मिजाज को ध्यान में रखते हुए यात्रा की योजना बनाना भी जरूरी है. विशेष रूप से बुजुर्ग और पहले से बीमार लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है. इसके साथ ही मंत्री ने सफाई व्यवस्था पर भी भक्तों से अपील की है कि वो धामों में साफ सफाई का ध्यान रखें.अब तक केदारनाथ धाम में 6 लाख 80 हजार 092 श्रद्धालुओं ने अपना रजिस्ट्रेशन करवाया है. साथ ही 19 लाख 52 हजार 809 श्रद्धालुओं ने चारों धामों में पंजीकरण करवाया है. बदरीनाथ धाम में 5,75,997, यमुनोत्री धाम में 3,33,689, गंगोत्री धाम में 3,43,359 श्रद्धालुओं ने अपना पंजीकरण करवाया है.

WORLD : संघर्ष विराम दो दिन बढ़ा, इस्लामाबाद वार्ता का दूसरा दौर ईरान के रुख पर निर्भर

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अमेरिका और ईरान के बीच आज खत्म होने वाला संघर्ष विराम (युद्ध विराम/सीज फायर) दो दिन और बढ़ा दिया गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह घोषणा खुद की। इस समय पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान वार्ता का दूसरा चरण शुरू कराने के कूटनीतिक प्रयास जोर-शोर से किए जा रहे हैं। अब तक ईरान ने ऐसा कोई पक्का संकेत नहीं दिया कि वह इस्लामाबाद अपना प्रतिनिधिमंडल भेज रहा है। ठीक इसके उलट अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल स्वदेश से पाकिस्तान रवाना हो चुका है।

सीएनएन, सीबीएस न्यूज, अल जजीरा और जियो न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने बातों-बातों में संकेत दिया है कि ईरान के साथ सीज फायर को असल में लगभग दो दिन और बढ़ा दिया गया है और अब यह वाशिंगटन के समय के अनुसार बुधवार शाम तक जारी रहेगा। ब्लूमबर्ग के साथ एक फोन इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि यह संघर्ष विराम समझौता जो पहले 21 अप्रैल को रात 8 बजे पूर्वी समय पर खत्म होने वाला था अब हफ्ते के मध्य तक चलेगा। उन्होंने चेतावनी भी दी कि अगर नई समय सीमा से पहले कोई समझौता नहीं हो पाता है तो इसकी अवधि को और आगे बढ़ाना बहुत ही मुश्किल है।

ट्रंप ने सोमवार को यह भी कहा कि पाकिस्तान में होने वाली दूसरे दौर की संभावित बातचीत से पहले ईरान के शीर्ष नेतृत्व से चर्चा की जाएगी। एक कंजर्वेटिव रेडियो प्रोग्राम द जॉन फ्रेडरिक्स शो पर एक छोटे फोन इंटरव्यू में ट्रंप ने भरोसा जताया कि तेहरान बातचीत की मेज पर जरूर आएगा। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो इसके गंभीर नतीजे होंगे। ट्रंप ने उम्मीद जताई, “ईरान समझौता करेगा। वह अपने देश को फिर खड़ा करेगा। और जब वह ऐसा करेगा तो उसके पास कोई परमाणु हथियार नहीं होगा।”

इंटरव्यू खत्म करने से पहले ट्रंप ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के अपने औचित्य को सही ठहराया। उन्होंने कहा कि अमेरिका के पास कोई दूसरा विकल्प नहीं था। उन्होंने ईरान के खिलाफ चल रही नाकेबंदी का भी बचाव किया। राष्ट्रपति ने इससे ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ा है। वह इसे जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि ईरान में दबाव महसूस होने पर ही बातचीत की मेज पर वापस लौटेगा। अमेरिका उसे इसके लिए मजबूर कर देगा।

ईरान के विदेशमंत्री अब्बास अराघची ने अपने पाकिस्तानी समकक्ष इशाक डार से फोन पर कहा कि उनका देश सभी पहलुओं पर विचार कर रहा है और आगे कैसे बढ़ना है इस पर फैसला करेगा। ईरानी विदेश मंत्रालय ने कहा कि अमेरिका के उकसाने वाले कदम और लगातार संघर्ष विराम का उल्लंघन करने से स्थितियां खराब हुई हैं। प्रमुख वार्ताकार और ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद गालिबफ ने कहा कि ट्रंप बातचीत की मेज को समर्पण की मेज में बदलने या नए सिरे से युद्ध भड़काने को सही ठहराने की कोशिश कर रहे हैं।

इस बीच तेहरान के शीर्ष नेतृत्व ने साफ कर दिया है कि धमकियों के साये में बातचीत नहीं होगी। ट्रंप भी जिद पर अड़ गए हैं। उन्होंने भी कह दिया है कि ईरानी बंदरगाहों पर नाकाबंदी तब तक जारी रहेगी, जब तक तेहरान किसी समझौते पर सहमत नहीं हो जाता। लेबनान और इजराइल जरूर दुश्मनी खत्म करने के लिए गुरुवार को वाशिंगटन में बातचीत करने वाले हैं। यह तब है जब इजराइल दक्षिणी लेबनान पर लगातार बमबारी कर रहा है।

WORLD : अमेरिकी उपराष्ट्रपति कुछ देर में पाकिस्तान रवाना होंगे:कल ईरान के साथ बातचीत, ईरानी डेलिगेशन के आने पर अभी भी सस्पेंस

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उपराष्ट्रपति जेडी वेंस कुछ देर बाद पाकिस्तान के लिए रवाना होंगे। वे ईरान के साथ बातचीत करेंगे, ताकि युद्ध खत्म करने के लिए कोई समझौता हो सके। अमेरिकी वेबसाइट एक्सियोस के मुताबिक उनकी ईरानी डिलेगेशन के साथ अब मंगलवार नहीं बल्कि बुधवार को बातचीत होगी। वेंस के साथ विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और ट्रम्प के दामाद जेरेड कुशनर भी होंगे। वे ऐसे समय में पाकिस्तान पहुंचेंगे, जब सीजफायर खत्म होने के कगार पर है।

यह सीजफायर 22 अप्रैल को खत्म होने वाला था जिसे ट्रम्प 1 दिन के लिए बढ़ा दिया है। वहीं, ईरानी मीडिया के मुताबिक, अभी तक पाकिस्तान में अमेरिका के साथ बातचीत के लिए कोई भी ईरानी प्रतिनिधिमंडल रवाना नहीं हुआ है। ईरान के संसद अध्यक्ष और मुख्य वार्ताकार गालिबाफ, विदेश मंत्री अरागची और उनके डिप्टी अभी ईरान में ही मौजूद हैं। ईरान के सरकारी टीवी ने मंगलवार को उन खबरों को खारिज कर दिया, जिनमें कहा जा रहा था कि ईरानी टीम बातचीत के लिए रवाना हो चुकी है। पाकिस्तान जाने की तैयारी में ईरानी डेलिगेशन ईरान का डेलिगेशन अमेरिका के साथ बातचीत के लिए पाकिस्तान जाने की तैयारी कर रहा है।

न्यूयॉर्क टाइम्स ने दो ईरानी अधिकारियों के हवाले से बताया है कि यह डेलिगेशन आज इस्लामाबाद पहुंच सकता है। हालांकि इस बातचीत से पहले ईरानी संसद स्पीकर मोहम्मद बाकर गालिबाफ ने शर्त रखी है कि वह तभी शामिल होंगे, जब अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस भी मौजूद हों। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स आखिरी समय करीब: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि ईरान के साथ युद्धविराम बुधवार शाम 8 बजे (अमेरिकी समय) तक ही रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि अगर उससे पहले कोई समझौता नहीं होता है, तो इसे आगे बढ़ाने की संभावना बहुत कम है। दूसरे दौर की वार्ता: उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और अमेरिका के बड़े अधिकारी मंगलवार को पाकिस्तान रवाना हो सकते हैं, जहां बातचीत का दूसरा दौर होने की संभावना है। इससे पहले ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा था कि बातचीत की कोई प्लानिंग नहीं है।

धीमी आवाजाही: सोमवार को होर्मुज स्ट्रेट से सिर्फ 16 जहाज गुजरे। मरीन ट्रैफिक डेटा के मुताबिक, सोमवार को 9 जहाज होर्मुज में दाखिल हुए, जिनमें 2 ईरानी झंडे वाले जहाज थे, जिनमें से एक तेल टैंकर था। वहीं 7 जहाज बाहर निकले, जिनमें एक ईरानी कार्गो जहाज शामिल था। लेबनान-इजराइल वार्ता: इजराइल और लेबनान के बीच बातचीत का दूसरा दौर 23 अप्रैल को तय किया गया है। इससे पहले 16 अप्रैल को दोनों देशों की बातचीत हुई थी जिसमें दोनों देशों ने 10 दिनों के लिए सीजफायर पर सहमति जताई थी। ईरानी जहाज सीज: अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की कोशिश कर रहे टूस्का नाम के एक ईरानी जहाज को पकड़ लिया। यह चीन से लौट रहा था। ईरान ने इस पर नाराजगी जताई और अंजाम भुगतने की चेतावनी दी।

US : ट्रंप बोले- ईरान के साथ नए समझौते से दुनिया में आएगी शांति, ओबामा-बाइडन की गलतियों को सुधारा जाएगा

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ संभावित नया समझौता पूर्व राष्ट्रपतियों बराक ओबामा-जो बाइडन के कार्यकाल में तेहरान के साथ किए गए सौदे से बेहतर होगा। उन्होंने पुराने समझौते को देश की सुरक्षा के लिए खतरनाक बताया और दावा किया कि इससे ईरान को परमाणु क्षमता बढ़ाने का मौका मिला।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच जो समझौता किया जा रहा है, वह (पूर्व राष्ट्रपति) बराक ओबामा और जो बाइडन की ओर से किए गए संयुक्त व्यापक कार्य योजना (जेसीपीओए) से कहीं बेहतर होगा। यहां जेसीपीओए का मतलब ओबामा और बाइडन के कार्यकाल में ईरान के साथ किए गए परमाणु समझौते से है।

उन्होंने उस पुराने समझौते को अमेरिका की सुरक्षा के लिए बेहद खतरनाक और सबसे खराब समझौतों में से एक बताया। ट्रंप ने दावा किया कि उस समझौते से ईरान को परमाणु हथियार बनाने का रास्ता मिल सकता था, जिसे उनकी सरकार ने रोका। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उस समय ईरान को अरबों डॉलर नकद में दिए गए और यह पैसा अमेरिकी बैंकों से निकाला गया।

ट्रंप के अनुसार, अगर वह समझौता खत्म नहीं किया गया होता, तो पश्चिम एशिया और इस्राइल समेत कई क्षेत्रों में परमाणु हथियारों का खतरा बढ़ सकता था। उन्होंने कहा कि अगर उनके नेतृत्व में कोई नया समझौता होता है, तो वह पूरी दुनिया में शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करेगा और पिछली सरकारों की गलतियों को सुधारेगा।

इससे पहले, ट्रंप ने एक साक्षात्कार के दौरान घोषणा की कि ईरान के साथ जारी दो सप्ताह का संघर्षविराम बुधवार शाम को समाप्त हो जाएगा। उन्होंने बहुत स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस बात की अत्यधिक संभावना नहीं है कि वह इस समय सीमा को आगे बढ़ाएंगे। ट्रंप ने ब्लूमबर्ग को फोन पर दिए इंटरव्यू में बताया कि यह संघर्ष विराम सात अप्रैल की शाम को शुरू हुआ था और इसकी मियाद अब खत्म होने वाली है। ट्रंप के इस बयान से साफ है कि वह ईरान पर दबाव बनाने की रणनीति अपना रहे हैं और बिना किसी ठोस नतीजे के इस अस्थायी शांति को जारी रखने के पक्ष में बिल्कुल नहीं हैं।

राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट किया कि वह किसी भी खराब समझौते के लिए जल्दबाजी नहीं दिखाएंगे। उन्होंने कहा, मुझ पर किसी समझौते के लिए दबाव नहीं डाला जा सकता। हमारे पास दुनियाभर का समय है। ट्रंप का मानना है कि अमेरिका को ईरान की शर्तों पर झुकने की कोई जरूरत नहीं है। जब उनसे पूछा गया कि क्या समझौता न होने पर युद्ध फिर से शुरू हो जाएगा, तो उन्होंने स्पष्ट जवाब दिया कि अगर कोई ठोस नतीजा नहीं निकलता है, तो वह निश्चित रूप से संघर्ष के फिर से शुरू कर सकते हैं। उनके इस रुख ने शांति वार्ता की मेज पर बैठे राजनयिकों की चुनौतियों को और बढ़ा दिया है।

BUSINESS : एपल को मिला नया सीईओ: टिम कुक पद से देंगे इस्तीफा, कंपनी के हार्डवेयर प्रमुख जॉन टर्नस संभालेंगे कमान

दिग्गज तकनीकी कंपनी एपल को नया मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) मिल गया है। इसके साथ ही टिम कुक जल्द ही सीईओ के पद से इस्तीफा देंगे। हालांकि, वह कंपनी में सीमित भूमिका में बने रहेंगे। उनकी जगह कंपनी की कमान जॉन टर्नस संभालेंगे, जो अब तक कंपनी में हार्डवेयर इंजीनियरिंग प्रमुख रहे हैं।

इस दौरान कंपनी का बाजार मूल्य बहुत तेजी से बढ़ा। आईफोन के दौर में एपल का मूल्य 3.6 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा हो गया। टिम कुक (65 वर्षीय) एक सितंबर से सीईओ के पद से हट जाएंगे। उनकी जगह कंपनी के हार्डवेयर इंजीनियरिंग प्रमुख जॉन टर्नस नए सीईओ बनेंगे।
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हालांकि, टिम कुक कंपनी से पूरी तरह नहीं हटेंगे। वह एपल में कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में जुड़े रहेंगे और कंपनी के कामकाज में भूमिका निभाते रहेंगे। यह बदलाव अमेजन के जेफ बेजोस और नेटफ्लिक्स के रीड हेस्टिंग्स की तरह है। उन्होंने भी सीईओ पद छोड़ने के बाद कंपनी में सीमित भूमिका निभाई थी।

टिम कुक को स्टीव जॉब्स जैसी दूरदर्शिता वाला तकनीकी दिग्गज नहीं माना गया। लेकिन उन्होंने जॉब्स द्वारा बनाए गए आईफोन और अन्य तकनीकी नवाचारों का उपयोग किया। इसके जरिए उन्होंने एपल को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। एपल कंपनी 1990 के दशक में लगभग दिवालिया होने की स्थिति में थी। कुक के नेतृत्व में दुनिया की सबसे बड़ी और सबसे मूल्यवान कंपनियों में शामिल हो गई।

उधर, आईफोन एप्स मार्केट में दबदबे वाली स्थिति का गलत इस्तेमाल करने के मामले में भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने एपल के खिलाफ जांच तेज करते हुए अंतिम सुनवाई की तारीख 21 मई तय कर दी है। यह कदम एपल की ओर से वित्तीय डाटा देने से लगातार इन्कार करने और जांच के निष्कर्षों पर उसकी आपत्तियों के बाद उठाया गया है। मामले में दोषी पाए जाने पर एपल पर 38 अरब डॉलर (करीब 3.56 लाख करोड़ रुपये) तक का भारी-भरकम जुर्माना लग सकता है।

भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग ने 8 अप्रैल के एक आदेश में कहा, एंटीट्रस्ट मामले में जांच के लिए एपल से कुछ वित्तीय जानकारियां मांगी गई थीं। लेकिन, अमेरिकी कंपनी अक्तूबर, 2024 से अब तक ये विवरण जमा करने में नाकाम रही। साथ ही, उसने दिल्ली हाई कोर्ट में भारत के एंटीट्रस्ट जुर्माना कानून को चुनौती दी है। सूत्रों का कहना है कि एंटीट्रस्ट जुर्माना कानून को चुनौती देने सहित एपल का रुख सीसीआई को तेजी से आगे बढ़ने के लिए मजबूर कर रहा है। नियामक एपल के इन कदमों को जांच में देरी करने की कोशिश के तौर पर देख रहा है।

यह मामला 2021 में तब शुरू हुआ था, जब मैच ग्रुप्स और कई भारतीय स्टार्टअप्स ने एपल के कारोबारी तरीकों का विरोध किया था। मामले की जांच के बाद सीसीआई के जांचकर्ताओं ने 2024 में एक रिपोर्ट में कहा, एपल ने ऐप्स मार्केट में अपनी दबदबे वाली स्थिति का गलत फायदा उठाया। डेवलपर्स को अनिवार्य इन-एप पर्चेज (आईएपी) सिस्टम इस्तेमाल करने के लिए मजबूर किया। ये कदम बाजार में प्रतिस्पर्धा कम करते हैं।

मामले से जुड़े वकीलों का कहना है कि अंतिम सुनवाई की तारीख तय होना इस बात का संकेत है कि सीसीआई अपना रुख सख्त कर रहा है। दुआ एसोसिएट्स में एंटीट्रस्ट पार्टनर गौतम शाही ने कहा, एपल के पास अब भी मौका है कि वह ऑडिटर के सर्टिफिकेट के साथ अपने वित्तीय विवरण जमा करे और सुनवाई के दौरान इन डाटा के आधार पर जुर्माने की रकम पर बहस करे, जिसे कंपनी के वैश्विक टर्नओवर के आधार पर तय किया गया है। अगर वह ऐसा करने में नाकाम रहती है, तो जुर्माने की रकम पर उसकी दलीलें सीमित हो जाएंगी।

SPORTS : आईपीएल में मुंबई की चौथी सबसे बड़ी जीत, अपने दूसरे सबसे छोटे स्कोर पर ऑलआउट हुई गुजरात

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तिलक वर्मा की विस्फोटक बल्लेबाजी के बाद अश्विनी कुमार की घातक गेंदबाजी के दम पर मुंबई इंडियंस ने गुजरात टाइटंस को 99 रनों के अंतर से मात दी। सोमवार को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी मुंबई ने तिलक की 101 रनों नाबाद पारी की मदद से 20 ओवर में पांच विकेट पर 199 रन बनाए। जवाब में गुजरात की टीम 15.5 ओवर में सिर्फ 100 रन ही बना सकी और ऑलआउट हो गई। बता दें कि, यह मुंबई की रनों के अंतर से आईपीएल में उनकी चौथी सबसे बड़ी जीत है। वहीं, गुजरात दूसरी बार अपने सबसे छोटे स्कोर पर ऑलआउट हुई।

लगातार चार मैचों में हार के बाद यह मुंबई की पहली जीत है। वहीं, मौजूदा सत्र की दूसरी जीत के साथ हार्दिक पांड्या के नेतृत्व वाली टीम ने चार अंकों के साथ अंक तालिका में छलांग लगाकर सातवां स्थान हासिल कर लिया है। उनका नेट रन रेट भी +0.067 हो गया। वहीं, गुजरात फिलहाल छह अंकों के साथ छठे पायदान पर बनी हुई है।

आईपीएल 2026: अंक तालिका का हाल
टीम मैच जीते हारे टाई बेनतीजा अंक नेट रन रेट
पंजाब किंग्स 6 5 0 0 1 11 1.420
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु 6 4 2 0 0 8 1.171
राजस्थान रॉयल्स 6 4 2 0 0 8 0.599
सनराइजर्स हैदराबाद 6 3 3 0 0 6 0.566
दिल्ली कैपिटल्स 5 3 2 0 0 6 0.310
गुजरात टाइटंस 6 3 3 0 0 6 -0.821
मुंबई इंडियंस 6 2 4 0 0 4 +0.067
चेन्नई सुपर किंग्स 6 2 4 0 0 4 -0.780
लखनऊ सुपर जाएंट्स 6 2 4 0 0 4 -1.173
कोलकाता नाइट राइडर्स 7 1 5 0 1 3 -0.879

गुजरात की शुरुआत ही इस मुकाबले में खराब रही। पारी की पहली ही गेंद पर यह टीम साई सुदर्शन (0) का विकेट गंवा चुकी थी। अगले ओवर में उसे जोस बटलर (5) के रूप में दूसरा झटका लगा। यहां से वाशिंगटन सुंदर ने शुभमन गिल के साथ तीसरे विकेट के लिए 20 गेंदों में 35 रन की साझेदारी की, लेकिन इस जोड़ी के टूटते ही टीम फिर से लड़खड़ा गई। वाशिंगटन 17 गेंदों में 26 रन बनाकर पवेलियन लौटे, जबकि शाहरुख खान ने 17 रन का योगदान टीम के खाते में दिया। कप्तान शुभमन गिल ने 14 रन की पारी खेली। मुंबई की तरफ से ‘इम्पैक्ट प्लेयर’ के रूप में उतरे अश्विनी कुमार ने 24 रन देकर चार विकेट हासिल किए, जबकि गजनफर और मिचेल सेंटनर ने दो-दो विकेट निकाले। जसप्रीत बुमराह और हार्दिक पांड्या को एक-एक सफलता हाथ लगी।
IPL 2026 MI vs GT Result: Mumbai Indians vs Gujarat Titans Key Highlights Analysis Points Table Update

इससे पहले, गुजरात के खिलाफ मुंबई की शुरुआत बेहद खराब रही थी और रबाडा ने पावरप्ले में ही मुंबई को तीन झटके दे दिए थे। रबाडा ने क्विंटन डिकॉक (13), दानिश मालेवर (2) और कप्तान सूर्यकुमार यादव (15) को आउट कर मुंबई की पारी लड़खड़ा दी थी। तिलक ने इसके बाद नमन धीर के साथ मिलकर मुंबई की पारी को संभाला। इन दोनों बल्लेबाजों ने चौथे विकेट के लिए 40 गेंदों पर 52 रनों की साझेदारी की। नमन धीर के आउट होने के बाद तिलक और कप्तान हार्दिक पांड्या ने मुंबई के लिए बड़ी साझेदारी की। इन दोनों के बीच पांचवें विकेट के लिए 38 गेंदों पर 81 रन जोड़े जिसमें सबसे ज्यादा योगदान तिलक का ही रहा। हार्दिक अपना विकेट गंवा बैठे, लेकिन तिलक टिके रहे।

तिलक को मैच के दौरान चोट भी लग गई थी और फिजियो ने मैदान पर आकर उनका हालचाल जाना था। तिलक ने बल्लेबाजी जारी रखी। उन्होंने हालांकि शुरुआत धीमी की थी और शुरुआती 22 गेंदों पर 19 रन ही बनाए थे। लेकिन इसके बाद तिलक ने गियर बदला और अगले 23 गेंदों पर 82 रन ठोक डाले। तिलक ने 45 गेंदों पर अपने आईपीएल करियर का पहला शतक पूरा किया। यह मुंबई इंडियंस के लिए आईपीएल में किसी बल्लेबाज का संयुक्त रूप से सबसे तेज शतक है। इससे पहले सनथ जयसूर्या ने 2008 में चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ इतने ही गेंदों पर मुंबई के लिए शतक लगाया था। तिलक ने कैमरन ग्रीन को पीछे छोड़ा जिन्होंने 2023 में सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ 47 गेंदों पर शतक लगाया था। गुजरात की तरफ से रबाडा ने तीन विकेट लिए जबकि सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा को एक-एक सफलता हाथ लगी।

NATIONAL : पीएम मोदी का कल का राजस्थान दौरा स्थगित, पचपदरा रिफाइनरी में आग की वजह से टला लोकार्पण

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राजस्थान के बालोतरा में पचपदरा रिफाइनरी में भीषण आग लगने के कारण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मंगलवार का राजस्थान दौरा स्थगित हो गया है. पीएम को रिफाइनरी का लोकार्पण करना था और एक जनसभा को संबोधित करना था.पीएम मोदी का कल का राजस्थान दौरा स्थगित, पचपदरा रिफाइनरी में आग की वजह से टला लोकार्पण

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मंगलवार को प्रस्तावित राजस्थान दौरा स्थगित कर दिया गया. राजस्थान सरकार की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार पीएम मोदी को मंगलवार को राजस्थान के बालोतरा जिले में स्थित पचपदरा रिफाइनरी का लोकार्पण करना था, लेकिन रिफाइनरी में आज दोपहर अचानक भीषण आग लग गई. फायर ब्रिगेड की दो दर्जन से ज्यादा गाड़ियां आग बुझाने के काम में लगी हुई है. 3 घंटे बाद भी आग को अभी बुझाया नहीं जा सका है. आग बुझाने की कोशिश लगातार जारी है.

सरकार के सूत्रों का कहना है कि प्रधानमंत्री मोदी को रिफाइनरी का लोकार्पण करने के साथ ही एक जनसभा को भी संबोधित करना था. आग लगने की घटना की वजह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लोकार्पण कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया है. राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के कार्यालय ने प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के स्थगित होने की पुष्टि कर दी है .

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को भी आज शाम पचपदरा पहुंचना था. प्रधानमंत्री का कार्यक्रम स्थगित होने की वजह से उनका दौरा भी रद्द हो गया है .मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को शाम 4:00 बजे जयपुर से पचपदरा के लिए रवाना होना था, लेकिन वह अब भी जयपुर में ही अपने आवास पर हैं.दूसरी ओर, पेट्रोलियम मंत्रालय की ओर इसकी सूचना सोशल मीडिया एक्स पर दी गई है. पोस्ट में कहा गया है कि आज HRRL रिफाइनरी में क्रूड डिस्टिलेशन यूनिट के पास आग लगने की एक बुरी घटना के कारण 21 अप्रैल को प्रधानमंत्री द्वारा रिफाइनरी का उद्घाटन करने का तय कार्यक्रम टाल दिया गया है.

बयान में कहा गया है किआग पर काबू पा लिया गया है. किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है. घटना के कारणों का पता लगाने और ज़रूरी सुधार के उपाय करने के लिए जांच शुरू कर दी गई है. उद्घाटन की नई तारीख जल्द ही बताई जाएगी.यह रिफाइनरी, बालोतरा के पचपदरा में भारत का पहला ग्रीनफील्ड इंटीग्रेटेड रिफाइनरी-कम-पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स है, जो हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) और राजस्थान सरकार के बीच एक जॉइंट वेंचर है.

ऐसा माना जा रहा था कि यह इंपोर्ट पर निर्भरता कम करके और घरेलू प्रोडक्शन क्षमताओं को बढ़ाकर भारत की एनर्जी सिक्योरिटी को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगा, लेकिन अचानक ही आग लगने की वजह से पूर्व निर्धारित सभी कार्यक्रम स्थगित कर दिए गये. आग लगने की वजह से भारी नुकसान की आशंका जताई जा रही है.

ENTERTAINMENT : गले में तुलसी माला और माथे पर बिंदी, एयरपोर्ट पर पति Virat Kohli संग स्पॉट हुईं Anushka Sharma, सादगी भरे अंदाज ने जीता दिल

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एक्ट्रेस अनुष्का शर्मा और क्रिकेटर विराट कोहली को हाल ही में एयरपोर्ट पर स्पॉट किया गया. इस कपल का ये वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.

क्रिकेटर विराट कोहली पिछले कुछ दिनों से इंस्टाग्राम पर जर्मन मॉडल लिजलैज की एक फोटो लाइन करने पर चर्चा में हैं. सोशल मीडिया पर उन्हें खूब ट्रोल किया गया. अब इस बीच विराट कोहली को अपनी पत्नी और बॉलीवुड एक्ट्रेस अनुष्का शर्मा के साथ एयरपोर्ट पर स्पॉट किया गया. इस कपल का ये वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.

एयरपोर्ट से बाहर निकलते हुए अनुष्का शर्मा और विराट कोहली का वीडियो सामने आया है. वीडियो में देखा जा सकता है कि विराट बार-बार पलटकर अनुष्का को देख रहे हैं और उन्हें आगे आने के लिए कहते हैं. इस दौरान कपल ने पैप्स को इग्नोर किया और बिना फोटो दिए जल्दी से जाकर अपनी कार में बैठ गए.

सोशल मीडिया यूजर्स को लग रहा है कि विराट कोहली और अनुष्का शर्मा वृंदावन जा रहे हैं. वो दोनों प्रेमानंद महाराज के आश्रम में जा सकते हैं. एक यूजर ने लिखा, ‘पक्का प्रेमानंद महाराज से मिलने जा रहे हैं.’ एक लिखते हैं, ‘ये दिल्ली प्रेमानंद महाराज से ही मिलने आते हैं.’ एक ने लिखा, ‘मेरा फेवरेट कपल.’ बता दें कि अनुष्का और विराट इससे पहले भी कई बार प्रेमानंद महाराज की शरण में पहुंच चुके हैं.

वीडियो में अनुष्का शर्मा को लाइट क्रीम कलर का सूट पहने देखा जा सकता है. उन्होंने गले में तुलसी की माला पहनी हुई है. माथे पर बिंदी लगाए अनुष्का का ये सादगी भरा लुक लोगों को पसंद आ रहा है. वहीं, विराट कोहली ब्लैट र्शट और जीन्स में बेहद डैशिंग लग रहे हैं.

बता दें कि अनुष्का शर्मा और विराट कोहली ने 11 दिसंबर, 2017 को इटली के टस्कनी में एक निजी समारोह में शादी रचाई. इस कपल ने 2021 में अपने बटी वामिका का वेलकम किया, वहीं 2024 में ये कपल दूसरी बार पेरेंट्स बना. अनुष्का ने बेटे अकाय को जन्म दिया. अनुष्का और विराट अपने बच्चों की प्राइवेसी को लेकर काफी प्रोटेक्टिव रहते हैं. उन्होंने अभी तक अपने बच्चों का फेस रिवील नहीं किया है.

Tamil Nadu: तमिलनाडु के विरुधुनगर में पटाखा फैक्टरी में धमाका, 23 लोगों की मौत; CM स्टालिन ने जताया दुख

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तमिलनाडु के विरुधुनगर जिले के पास कट्टानारपट्टी स्थित ‘वनजा पटाखा फैक्ट्री’ में रविवार को धमाके से भीषण हादसा हो गया। इस हादसे में 23 लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए। मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने इस घटना पर दुख जताया है। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा कि विरुधुनगर जिले में पटाखा कारखाने में हुए विस्फोट में कई लोगों की मृत्यु की दुखद खबर से गहरा दुख हुआ है। मृतकों के परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं।

जानकारी के मुताबिक, इस फैक्ट्री का मालिकाना हक गोविंदनाल्लूर निवासी मुथु मानिकम के पास है और यह एक वैध आरडीओ लाइसेंस के तहत संचालित हो रही थी। फैक्ट्री परिसर में 30 से अधिक कमरे बने हुए हैं और यहां 50 से ज्यादा कर्मचारी कार्यरत हैं। रविवार को जब लगभग 30 कर्मचारी अपनी ड्यूटी पर मौजूद थे, तभी अचानक एक जोरदार विस्फोट हुआ। इस धमाके से फैक्ट्री के कम से कम चार कमरों को भारी नुकसान पहुंचा और देखते ही देखते वहां अफरा-तफरी मच गई।

घटना की सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद करीब एक घंटे से अधिक समय तक आग पर काबू पाने का प्रयास किया। कड़ी मशक्कत के बाद आग को बुझा लिया गया, लेकिन तब तक नुकसान काफी गंभीर हो चुका था। हादसे के समय फैक्ट्री में 30 से अधिक लोग मौजूद थे, जिनमें से कई मलबे के नीचे दब गए। बचाव दल ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया और मलबे में फंसे लोगों को निकालने की कोशिश जारी रखी।

अब तक लगभग 23 शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि अन्य लापता लोगों की तलाश जारी है। इस दर्दनाक घटना के बाद प्रशासन और पुलिस विभाग भी हरकत में आ गया है। पुलिस अधीक्षक (एसपी) श्रीनाथ स्वयं मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा ले रहे हैं और पूरे मामले की गहन जांच के आदेश दिए गए हैं।

फायर और रेस्क्यू विभाग के अनुसार, अब तक कई शव बरामद किए जा चुके हैं और बाकी लोगों को खोजने का काम जारी है। घायलों को तुरंत अस्पताल भेजा गया है। प्रशासन ने पूरे इलाके को सील कर दिया है और जांच शुरू कर दी है कि विस्फोट कैसे हुआ। प्रारंभिक आशंका है कि विस्फोट फैक्ट्री में रखे ज्वलनशील पदार्थों के कारण हुआ हो सकता है, हालांकि वास्तविक कारणों का पता जांच पूरी होने के बाद ही चल पाएगा। इस हादसे ने एक बार फिर पटाखा फैक्ट्रियों में सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए राज्य के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने कहा कि यह घटना बेहद दुखद है और उन्हें इससे गहरा आघात पहुंचा है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं और कहा कि सरकार इस कठिन समय में उनके साथ खड़ी है। साथ ही प्रशासन को राहत और सहायता कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि मैंने मंत्री केकेएसएसआर रामचंद्रन और थंगम थेन्नारासु से तत्काल घटनास्थल पर पहुंचकर बचाव कार्यों में तेजी लाने और उनकी निगरानी करने तथा प्रभावित परिवारों को सांत्वना देने का अनुरोध किया है। इस घटना की सूचना मिलते ही मैंने जिला कलेक्टर से संपर्क किया और उन्हें सभी आवश्यक सहायता समन्वय करने का निर्देश दिया है।

राष्ट्रपति ने भी इस हादसे को बेहद दुखद बताते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। साथ ही प्रधानमंत्री मोदी ने भी घटना पर शोक जताते हुए कहा कि यह हादसा बेहद पीड़ादायक है। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। दोनों नेताओं ने इस कठिन समय में प्रभावित परिवारों के साथ खड़े रहने का भरोसा दिया और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की।

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