Sunday, September 20, 2026
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NATIONAL : ‘PAK से बात हो…’, मणिशंकर-हुमायूं कबीर समेत 117 ने लिखी मोदी-शहबाज को चिट्ठी

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भारत और पाकिस्तान की 117 प्रमुख हस्तियों ने दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों को चिट्ठी लिखकर बातचीत बहाल करने, राजनयिक रिश्ते सामान्य करने, वीजा सेवाएं शुरू करने और शांति की दिशा में ठोस कदम उठाने की अपील की है.

भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्तों को सामान्य बनाने की मांग को लेकर दोनों देशों की 117 प्रमुख हस्तियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को संयुक्त रूप से चिट्ठी लिखी है. इस चिट्ठी में भारत के 61 और पाकिस्तान के 56 लोगों ने हस्ताक्षर किए हैं. यह पहल सेंटर फॉर पीस एंड प्रोग्रेस के अध्यक्ष ओपी शाह की तरफ से की गई है.

भारत की तरफ से पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला, महबूबा मुफ्ती, मीरवाइज उमर फारूक, कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर, राज्यसभा सांसद मनोज झा, रॉ के पूर्व प्रमुख एएस दुलत समेत कई एकेडमिशियन, पत्रकार, वकील और सोशल एक्टिविस्ट ने इस अपील का समर्थन किया है. वहीं पाकिस्तान की तरफ से पूर्व विदेश मंत्री खुर्शीद महमूद कसूरी, पूर्व राजनयिक अशरफ जहांगीर काजी, वैज्ञानिक परवेज हूदभॉय और कई सोशल एक्टिविस्ट ने हस्ताक्षर किए हैं.

चिट्ठी में कहा गया है कि भारत और पाकिस्तान दुनिया की करीब एक-पांचवीं आबादी का प्रतिनिधित्व करते हैं. दोनों देशों में बड़ी युवा आबादी है, लेकिन लगातार तनाव उनके बेहतर भविष्य, रोजगार और विकास के अवसरों में बाधा बन रहा है.

सिग्नेटरी ने दोनों सरकारों से नई दिल्ली और इस्लामाबाद में उच्चायुक्तों की नियुक्ति के साथ पूर्ण राजनयिक संबंध बहाल करने, आम नागरिकों के लिए वीजा सेवाएं फिर से शुरू करने और सीमा पार धार्मिक और सांस्कृतिक यात्राओं को आसान बनाने की मांग की है. साथ ही कश्मीरी पंडितों के पवित्र शारदा पीठ को श्रद्धालुओं के लिए खोलने की भी अपील की गई है.

चिट्ठी में दोनों देशों के मीडिया पर लगी पाबंदियां हटाने और पत्रकारों को स्वतंत्र रूप से रिपोर्टिंग की अनुमति देने की भी मांग की गई है. अंत में कहा गया है कि यह किसी राजनीतिक पक्ष का समर्थन नहीं, बल्कि करीब दो अरब लोगों के भविष्य, शांति और क्षेत्रीय स्थिरता के हित में की गई अपील है.

आरजेडी सांसद मनोज झा ने भारत-पाकिस्तान के बीच बातचीत और लोगों के आपसी संपर्क की वकालत करते हुए कहा कि आज जो लोग संवाद का विरोध कर रहे हैं, वे तब कहां थे जब दुबई में भारत-पाकिस्तान के क्रिकेट मैच हो रहे थे या श्रीलंका में दोनों देशों के बीच बातचीत की खबरें सामने आ रही थीं. उन्होंने कहा कि उनकी मांग सिर्फ “पीपल-टू-पीपल कॉन्टैक्ट” बहाल करने की है. सरकार चाहे तो सिंधु जल संधि और सुरक्षा जैसे मुद्दों पर अपने स्तर पर फैसला ले, लेकिन कला, संगीत और आम लोगों के रिश्तों को वीजा और राजनीतिक तनाव का बंधक नहीं बनाया जाना चाहिए.

NATIONAL : अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में 8 लोग हिरासत में, सबके नाम जानिए

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राम मंदिर चंदा चोरी मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने आठ लोगों को हिरासत में लिया है। जांच एजेंसियों का मानना है कि इस मामले में और भी लोग शामिल हो सकते हैं।

अयोध्या: अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में एसआईटी की सिफारिश के बाद रामजन्मभूमि कोतवाली में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। यह एफआईआर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से दर्ज कराई गई है। अब तक मामले की जांच एसआईटी कर रही थी, लेकिन एफआईआर दर्ज होने के बाद बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है।

राम मंदिर चंदा चोरी मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने आठ लोगों को हिरासत में लिया है। इनके नाम रमाशंकर यादव टिन्नू, अनुकल्प मिश्र, अविनाश शुक्ला करुणेश पांडेय, लवकुश मिश्र, रमा शंकर मिश्र, सुभाष श्रीवास्तव, मनीष यादव हैं। जिन आरोपियों के पास से चंदे की रकम बरामद हुई, उनके नाम एफआईआर में दर्ज किए गए हैं। पुलिस ने कुल 8 लोगों को हिरासत में लिया है। जांच एजेंसियों का मानना है कि इस मामले में और भी लोग शामिल हो सकते हैं, जिसके चलते आने वाले दिनों में गिरफ्तारियों का दायरा बढ़ सकता है।

6 दिनों तक SIT राम मंदिर चंदा चोरी की जांच की थी
बता दें कि, राम मंदिर चंदा चोरी मामले में गठित एसआईटी ने जांच पूरी कर रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है। सरकार ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की मांग पर 3 सदस्यीय एसआईटी बनाई थी। एसआईटी ने अयोध्या में 6 दिन तक कैंप कर जांच की। इस दौरान ट्रस्ट के पदाधिकारियों और सदस्यों से गहन पूछताछ की गई। अब रिपोर्ट के आधार पर शासन आगे का फैसला लेगा।

WORLD : वेनेजुएला में मारे गए भारतीय नाविक के ब्रेन, फेफड़े-दिल निकाले:पोस्टमॉर्टम में शरीर पर 22 कट मिले, 55 दिन पहले शिप पर मौत हुई थी

वेनेजुएला में ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले भारतीय नाविक राकेश चौहान (33) की बॉडी से दिमाग, फेफड़े, दिल, लीवर, किडनी समेत कई अंग गायब मिले हैं। यह आरोप चौहान की फैमिली ने लगाया है।

फॉरवर्ड सीमेन यूनियन ऑफ इंडिया (FSUI) ने यह जानकारी सोशल मीडिया पोस्ट में दी। पीड़ित परिवार का आरोप है कि शव का दोबारा पोस्टमॉर्टम हुआ तो शरीर पर 22 टांके मिले। बॉडी से तिल्ली (प्लीहा या स्प्लीन), अग्न्याशय (पैंक्रियास), आंतें, थायरॉयड ग्लैंड, पैंक्रियास, गॉल ब्लेडर, वॉइस बॉक्स और श्वास नली भी गायब थे।

राकेश चौहान उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के रहने वाले थे। उन्होंने नवंबर 2025 में मर्चेंट नेवी जॉइन की थी और वेनेजुएला में मरीन फिटर के रूप में काम कर रहे थे।

राकेश का शव भारत पहुंचने के बाद उनके परिवार को सौंपा गया था। FSUI ने सोशल मीडिया पर यह फुटेज जारी की।
राकेश का शव भारत पहुंचने के बाद उनके परिवार को सौंपा गया था। FSUI ने सोशल मीडिया पर यह फुटेज जारी की।

55 दिन पहले शिप पर गिरने से मौत हुई

परिवार के मुताबिक 7 मई को कंपनी ने फोन कर बताया कि राकेश जहाज पर गिर गए हैं और उन्हें गंभीर चोटें आई हैं। अगले दिन परिवार से कहा गया कि उनके बचने की संभावना सिर्फ 5% है।

उसी शाम कंपनी ने राकेश की मौत की सूचना दी। कंपनी का दावा था कि चक्कर आने से गिरने के बाद इलाज के दौरान हार्ट अटैक से उनकी मौत हुई।

एक कान से दूसरे कान तक कुल 22 टांके, कई अंग गायब

परिवार ने कहा कि राकेश का शव भारत पहुंचने के बाद डॉक्टरों की टीम ने उसका परीक्षण किया, लेकिन पोस्टमॉर्टम नहीं किया। कहा गया कि वेनेजुएला में पहले ही पोस्टमॉर्टम हो चुका था। इसके बाद देवरिया के कलेक्टर मधुसूदन हुलगी के निर्देश पर दूसरा पोस्टमॉर्टम कराया गया।

परिवार के अनुसार, जांच में पता चला कि राकेश के शरीर से ब्रेन समेत अंदरूनी अंग गायब थे। विसरा भी नहीं मिला। इस कारण फोरेंसिक जांच भी संभव नहीं हो सकी।

दूसरे पोस्टमॉर्टम की रिपोर्ट के मुताबिक, राकेश के शरीर पर गर्दन से नीचे तक एक कान से दूसरे कान तक 22 टांके थे। परिवार को इस बारे में पहले कोई जानकारी नहीं दी गई थी।

पत्नी का दावा- मेरे पति की हत्या हुई

राकेश की पत्नी 6 महीने के बेटे के साथ मायके में रहती है। राकेश के पिता-भाई मुंबई में रहते हैं। ये फोटो FSUI ने ही जारी की है।
राकेश की पत्नी 6 महीने के बेटे के साथ मायके में रहती है। राकेश के पिता-भाई मुंबई में रहते हैं। ये फोटो FSUI ने ही जारी की है।
पत्नी रंजना सिंह ने बताया- मेरे पति मर्चेंट नेवी में थे। उनकी तैनाती वेनेजुएला में थी। हमें 7 मई को उनके निधन की सूचना दी गई। उस समय बताया गया कि हाई ब्लड प्रेशर और शुगर की वजह से उनकी मौत हुई है, लेकिन हमें इस पर भरोसा नहीं है। वहां उनकी सोची-समझी साजिश के तहत हत्या कर अंग चोरी कर लिए गए।

रंजना सिंह ने मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर सख्त कार्रवाई और परिवार को बीमा राशि जल्द देने की मांग की है। उन्होंने बताया कि छह महीने के बच्चे और बीमार ससुर की जिम्मेदारी अब उन पर है, इसलिए परिवार के पालन-पोषण के लिए सरकारी नौकरी देने की मांग की है।

FSUI बोला- शव प्राप्ति की रसीद पर पत्नी का नाम गलत

फॉरवर्ड सीमेन यूनियन ऑफ इंडिया (FSUI) ने कहा, ‘परिवार की सहमति के बिना राकेश के शरीर से सभी महत्वपूर्ण अंग क्यों निकाले गए। परिवार को तब तक अंधेरे में क्यों रखा गया, जब तक उन्होंने भारत में दोबारा पोस्टमॉर्टम की मांग नहीं की।’

यूनियन ने यह भी आरोप लगाया कि शव प्राप्ति की रसीद में पत्नी रंजना चौरसिया की जगह ‘अंजना चौरसिया’ के नाम से हस्ताक्षर दर्ज किए गए। इसके अलावा एम्प्लॉयमेंट एग्रीमेंट में जिस जहाज का नाम था, राकेश की तैनाती उससे अलग जहाज पर दिखाई गई। ये सभी बातें मामले में गड़बड़ी और संभावित साजिश की ओर इशारा करती हैं।

राकेश के परिवार ने आरोप लगाया है कि कंपनी ने मौत से जुड़ी अहम जानकारी छिपाई। परिवार ने पूरे मामले की विस्तृत जांच, दोषियों पर कार्रवाई और आर्थिक मुआवजे की मांग की है।

परिवार ने बताया कि राकेश की मां की कोविड के दौरान मौत हो गई थी। राकेश को वेनेजुएला भेजने में लाखों रुपए खर्च किए थे। उसकी पत्नी रंजना 6 महीने के बेटे के साथ मायके में रहती है।

परिवार ने कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। FSUI ने भी कहा कि नाविकों की जान और सम्मान के साथ इस तरह का व्यवहार स्वीकार नहीं किया जा सकता।


BUSINESS : जून में GST कलेक्शन में 14% का बंपर उछाल, सरकार की जेब में आए ₹1.95 लाख करोड़…..

जून में GST कलेक्शन में 14% का बंपर उछाल, सरकार की जेब में आए ₹1.95 लाख करोड़GST collection in June 2026: टैक्स कलेक्शन के मामले में महाराष्ट्र, गुजरात और कर्नाटक देश के टॉप राज्यों में रहे.

GST Collection June 2026: देश की अर्थव्यवस्था और टैक्स कलेक्शन के मोर्चे पर आज बुधवार को एक बेहद शानदार खबर आई है. जून के महीने में देश का GST कलेक्शन 13.9% यानी करीब 14 फीसदी की धमाकेदार बढ़त के साथ ₹1.95 लाख करोड़ पर पहुंच गया है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, देश के भीतर होने वाले व्यापार और विदेशों से होने वाले आयात (Import) दोनों में आई मजबूती की वजह से टैक्स कलेक्शन में यह बड़ा उछाल देखने को मिला है.

घरेलू बिजनेस और इंपोर्ट से हुई ताबड़तोड़ कमाई
इस बार जून के कलेक्शन में सबसे बड़ी छलांग विदेशों से आने वाले सामान यानी आयात से मिलने वाले टैक्स में देखी गई है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, इंपोर्ट से मिलने होने रेवेन्यू 34.6 प्रतिशत बढ़कर ₹60,038 करोड़ पर पहुंच गया है.वहीं, देश के भीतर होने वाले घरेलू ट्रांजैक्शन से ग्रॉस जीएसटी कलेक्शन 6.5 प्रतिशत की बढ़त के साथ लगभग ₹1.35 लाख करोड़ रहा है.

रिफंड के बाद भी सरकार की जेब रही भारी
सरकार ने जून के महीने में व्यापारियों और कंपनियों का कुल रिफंड भी तेजी से निपटाया है, जो पिछले साल के मुकाबले 29.1 प्रतिशत बढ़कर ₹32,436 करोड़ रहा. राहत की बात यह है कि इस भारी-भरकम रिफंड को वापस लौटाने के बाद भी सरकार का नेट जीएसटी कलेक्शन जून में 11.2 प्रतिशत की शानदार ग्रोथ के साथ ₹1.62 लाख करोड़ से अधिक दर्ज किया गया है.

वहीं, अगर पूरे वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) की बात करें, तो कुल सकल जीएसटी कलेक्शन 8.4% की बढ़त के साथ ₹6,31,699 करोड़ पर पहुंच गया है.

WORLD : कनाडा में मौसम का ”ट्रिपल” अटैकः भीषण गर्मी और बाढ़ ने मचाई तबाही, एयर क्वालिटी की भी वार्निंग जारी

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कनाडा इस समय दोहरी मौसमीय मार झेल रहा है। मध्य और पूर्वी हिस्सों में भीषण हीटवेव ने लोगों का जीवन प्रभावित कर दिया है, जबकि पश्चिमी प्रांतों में भारी बारिश, बाढ़ और जंगलों की आग से हालात गंभीर बने हुए हैं। कई क्षेत्रों में चेतावनियां और निकासी अलर्ट…

International Desk: कनाडा इस समय चरम मौसम (Extreme Weather) की दोहरी मार झेल रहा है। देश के मध्य और पूर्वी हिस्सों में भीषण गर्मी और उमस ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है, जबकि पश्चिमी प्रांतों में भारी बारिश, बाढ़ और जंगलों की आग से हालात गंभीर बने हुए हैं। मौसम विभाग ने कई इलाकों में हीट वार्निंग, बाढ़ अलर्ट और एयर क्वालिटी वार्निंग जारी की है।

ओंटारियो और क्यूबेक में 37 डिग्री तक पहुंचेगा तापमान
कनाडा की सरकारी मौसम एजेंसी Environment Canada के अनुसार, ओंटारियो और क्यूबेक के कई इलाकों में बुधवार और गुरुवार को तापमान 34 से 37 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। अधिक नमी के कारण लोगों को महसूस होने वाला तापमान 42 डिग्री सेल्सियस तक हो सकता है। विशेष रूप से टोरंटो में गर्मी का असर बेहद गंभीर बताया गया है। यहां Canada Day (1 जुलाई) और FIFA World Cup Fan Festival के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की संभावना है।भीषण गर्मी को देखते हुए टोरंटो प्रशासन ने किए विशेष इंतजाम किए हैं । मौसम विभाग का अनुमान है कि रविवार से तापमान में कुछ राहत मिलेगी और अधिकतम तापमान लगभग 28 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है।

पार्कों में मोबाइल पीने के पानी के स्टेशन लगाए गए।
सार्वजनिक स्विमिंग पूलों के समय को बढ़ा दिया गया।
बुजुर्गों, अकेले रहने वाले लोगों और बीमार व्यक्तियों का विशेष ध्यान रखने की अपील की गई।
नागरिकों से धूप में कम निकलने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी गई।

अल्बर्टा में भारी बारिश से बाढ़
दूसरी ओर पश्चिमी कनाडा के अल्बर्टा प्रांत में लगातार भारी बारिश ने बाढ़ जैसी स्थिति पैदा कर दी है। लोकप्रिय पर्यटन क्षेत्र Kananaskis में सड़कें पानी में डूब जाने के कारण लगभग 1,500 कैंपर अस्थायी रूप से फंस गए। प्रशासन ने कई क्षेत्रों में Evacuation Alerts (निकासी चेतावनी) जारी की हैं। Calgary Stampede उत्सव शुक्रवार से शुरू होने वाला है, लेकिन इससे पहले शहर की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।

Bow River और Elbow River का जलस्तर लगातार ऊंचा बना हुआ है। अधिकारियों का कहना है कि बुधवार तक नदी का बहाव खतरनाक स्तर पर रह सकता है। मौसम विभाग ने पूर्वी Saskatchewan और पश्चिमी Manitoba में अगले कुछ दिनों तक भारी वर्षा का अनुमान जताया है। Manitoba प्रशासन ने चेतावनी दी है कि झीलों और जलाशयों का जलस्तर 0.3 से 0.9 मीटर तक बढ़ सकता है। कई क्षेत्रों में खेतों और सड़कों पर पानी भरने (Overland Flooding) की आशंका है।

उत्तरी Saskatchewan में लगी जंगलों की आग का धुआं Calgary सहित अल्बर्टा के बड़े हिस्से तक पहुंच गया है। इस कारण Air Quality Warning जारी की गई है। प्रभावित क्षेत्रों में कैलगरी, एडमंटन, रेड डियर, बैंफ, कैनमोर और फोर्ट मैकमरे शामिल हैं । स्वास्थ्य अधिकारियों ने लोगों को सलाह दी है कि

WORLD : अमेरिका में भी भीषण गर्मी से झुलसे लाखों लोग: हीट इंडेक्स 100°F के पार, मौसम विभाग ने कहा-‘हालात बेहद खतरनाक’

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अमेरिका के मध्य-पश्चिम और ग्रेट लेक्स क्षेत्र में भीषण गर्मी और उमस ने लाखों लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। राष्ट्रीय मौसम सेवा ने हालात को “खतरनाक” बताते हुए हीट इंडेक्स 100°F (37.8°C) से ऊपर रहने की चेतावनी दी है। कई राज्यों में हीट अलर्ट और…

International Desk: अमेरिका के मध्य-पश्चिम एवं ग्रेट लेक्स क्षेत्र के राज्यों में लाखों लोग मंगलवार को भीषण गर्मी एवं उमस से परेशान रहे और इससे फिलहाल राहत मिलने की संभावना नहीं है। राष्ट्रीय मौसम सेवा ने हालात को स्पष्ट रूप से ”खतरनाक” बताया और कुछ इलाकों में तापमान एवं आर्द्रता को मिलाकर मापा जाने वाला ‘ताप सूचकांक’ 100 डिग्री फारेनहाइट (37.8 डिग्री सेल्सियस) से अधिक रहा। मौसम सेवा ने खासकर उन लोगों के लिए गर्मी से जुड़ी बीमारियों के खतरे की चेतावनी दी है जिनके पास वातानुकूलन की सुविधा नहीं है।

मौसम सेवा ने बताया कि डेट्रॉयट में तापमान 90 डिग्री फारेनहाइट से अधिक रहा और बृहस्पतिवार को इसके 100 डिग्री फारेनहाइट तक पहुंचने की आशंका है। मिशिगन के बड़े हिस्से के साथ-साथ इलिनॉय, ओहायो, इंडियाना, केंटकी और आयोवा के अधिकतर हिस्सों में भीषण गर्मी की चेतावनी जारी की गई है। न्यूयॉर्क शहर और बोस्टन समेत पूर्वोत्तर क्षेत्र में चार जुलाई तक भीषण गर्मी पड़ने की संभावना है। पेंसिल्वेनिया के नॉरिस्टाउन में मौसम के कारण शनिवार को होने वाली परेड रद्द कर दी गई। फिलाडेल्फिया ने बुधवार से शनिवार तक गर्मी संबंधी आपातकाल की घोषणा की है।

WORLD : इजरायल ने हिजबुल्लाह पर दिखाई सख्ती; भारत का दिया उदाहरण, कहा- “India जानता है आतंकवाद का दर्द’

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इजरायल की उप विदेश मंत्री शैरन हास्केल ने कहा कि लेबनान में स्थायी शांति तभी संभव है जब हिजबुल्लाह जैसे सशस्त्र समूहों का निरस्त्रीकरण हो। उन्होंने कहा कि भारत आतंकवाद की चुनौती को समझता है। साथ ही ईरान को लेकर भी चिंता जताई। ये इजरायल सरकार के…

इजरायल की उप विदेश मंत्री शैरन हास्केल ने कहा है कि लेबनान में स्थायी शांति और स्थिरता तभी संभव है, जब हिजबुल्लाह जैसे सशस्त्र समूहों का प्रभाव समाप्त हो और उनका निरस्त्रीकरण किया जाए। उन्होंने कहा कि भारत भी सीमा पार आतंकवाद का सामना कर चुका है, इसलिए वह इस वास्तविकता को अच्छी तरह समझता है। बातचीत में शैरन हास्केल ने कहा, “हम हमेशा शांति और स्थिरता की उम्मीद करते हैं। लेकिन स्थायी शांति का एकमात्र रास्ता आतंकवादी समूहों को समाप्त करना है। भारत के लोग भी इसे अच्छी तरह समझते हैं।” यह टिप्पणी उन्होंने अमेरिका की मध्यस्थता में घोषित इजरायल-लेबनान त्रिपक्षीय ढांचे (Trilateral Framework) के संदर्भ में की।

जब उनसे पूछा गया कि क्या इस समझौते के बावजूद इजरायल लेबनान में सैन्य अभियान जारी रखेगा, तो उन्होंने कहा कि यह ढांचा सहयोग का माध्यम है, लेकिन यदि लेबनानी सेना हिजबुल्लाह के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने में सक्षम नहीं होती, तो इजरायल अपनी सुरक्षा के लिए कदम उठाएगा। उनके अनुसार, यह समझौता सहयोग की रूपरेखा देता है। लेकिन यदि सुरक्षा खतरे बने रहते हैं, तो इजरायल कार्रवाई करने का अधिकार सुरक्षित रखेगा। शैरन हास्केल ने स्वीकार किया कि सहयोगी देशों के बीच नीतिगत मतभेद होना असामान्य नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू इजरायल के हितों की रक्षा कर रहे हैं, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका के हितों को प्राथमिकता दे रहे हैं। हालांकि, उनके अनुसार दोनों देशों का व्यापक उद्देश्य समान है। ईरान और अमेरिका के बीच जारी तकनीकी वार्ता पर टिप्पणी करते हुए हास्केल ने कहा कि उन्हें इस प्रक्रिया से अधिक उम्मीद नहीं है। उन्होंने ईरान को “हिंसक और आक्रामक शासन” बताते हुए कहा कि भारत को भी इस स्थिति पर सतर्क रहना चाहिए।

इजरायली उप विदेश मंत्री ने कहा कि इजरायल की सैन्य कार्रवाई का लक्ष्य लेबनान की सरकार या उसकी सेना नहीं, बल्कि हिजबुल्लाह के मुख्यालय, रॉकेट लॉन्चर और हथियार भंडार हैं। उन्होंने कहा कि युद्ध किसी के लिए अच्छा नहीं होता, लेकिन इजरायल अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाता रहेगा।अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, हाल ही में घोषित त्रिपक्षीय ढांचे के तहत लेबनान अपनी पूरी भूमि पर सरकारी नियंत्रण स्थापित करने का प्रयास करेगा। लेबनानी सशस्त्र बल देश की सुरक्षा की प्राथमिक जिम्मेदारी संभालेंगे। हिजबुल्लाह सहित सभी गैर-राज्य सशस्त्र समूहों के सत्यापित निरस्त्रीकरण का लक्ष्य रखा गया है। इसके बदले सुरक्षा परिस्थितियां अनुकूल होने पर इजरायल चरणबद्ध तरीके से अपनी सेनाओं की वापसी करेगा।

Weather: दिल्ली-एनसीआर में दो-तीन दिन में मानसून की उम्मीद, असम और अरुणाचल में बाढ़-बारिश से जनजीवन प्रभावित

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चिलचिलाती गर्मी से राहत देते हुए दक्षिण-पश्चिम मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है। रफ्तार पकड़ते हुए मानसून ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश व लद्दाख में दस्तक दे दी। हालांकि भीषण गर्मी झेल रहे दिल्ली-एनसीआर में मानसून के दो-तीन दिनों में पहुंचने की संभावना है। पूर्वोत्तर भारत में मानसून पूरी तरह छा गया है। अरुणाचल प्रदेश व असम में मूसलाधार बारिश हो रही है, जिससे दोनों राज्यों का बड़ा हिस्सा बाढ़ की चपेट में आ गया है। करीब दो लाख लोग प्रभावित हुए हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के ताजा बुलेटिन के अनुसार, मानसून ने मंगलवार को मध्य प्रदेश के कुछ और हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के बचे इलाकों को कवर कर लिया है।

वहीं, नौ दिन की देरी से पूर्वी उत्तर प्रदेश में प्रवेश करने के साथ ही मानसून पूर्वांचल समेत लगभग आधे उत्तरी हिस्से में छा गया है। अभी मानसून की उत्तरी रेखा गुजरात के सूरत, मध्य प्रदेश के इंदौर, सागर, सीधी, और उत्तर प्रदेश के आजमगढ़, अयोध्या व बरेली से होते हुए उत्तराखंड के देहरादून और हिमाचल प्रदेश के मंडी तक पहुंच चुकी है। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड के बचे इलाकों, हिमाचल प्रदेश व लद्दाख के बाकी हिस्सों, पूरे जम्मू-कश्मीर, हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली व पंजाब और राजस्थान में मानसून के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं।

आईएमडी के अनुसार, 2 जुलाई से उत्तर-पश्चिम भारत में नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। इसके प्रभाव से हिमाचल, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित, बाल्टिस्तान, मुजफ्फराबाद, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और एनसीआर में 6 जुलाई तक तेज हवाएं चलने के साथ ही गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश हो सकती है। इसके अलावा, पूर्वी उत्तर प्रदेश में 3-5 जुलाई तक भारी बारिश होने की संभावना है। उत्तराखंड में बुधवार को बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है।

यूपी में मंगलवार को कई हिस्सों में बारिश होने से किसानों को बड़ी राहत मिली। बरेली में सर्वाधिक 157 मिमी और ललितपुर में 106 मिमी वर्षा दर्ज की गई। लखीमपुर खीरी में 99.4 मिमी, अयोध्या में 69 मिमी, अंबेडकरनगर में 66 मिमी बारिश हुई। इससे कई जिलों में तापमान में 5 से 7 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आई। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जून में प्रदेश में सामान्य से 54 प्रतिशत कम बारिश हुई। पूर्वी यूपी में वर्षा 58 प्रतिशत और पश्चिमी यूपी में 47 प्रतिशत कम रही।

IND vs ENG: भारत के खिलाफ पहले टी20 के लिए इंग्लैंड ने घोषित की प्लेइंग-11, जोफ्रा आर्चर को नहीं मिली जगह

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इंग्लैंड और भारत के बीच बुधवार को पांच मैचों टी20 सीरीज का पहला मुकाबला होना है। इंग्लैंड ने इसके लिए प्लेइंग-11 की घोषणा कर दी है। जोफ्रा आर्चर को पहले मैच से आराम दिया गया है।

इंग्लैंड ने भारत के खिलाफ बुधवार को होने वाले पांच मैचों की टी20 सीरीज के पहले मुकाबले के लिए अपनी प्लेइंग-11 घोषित कर दी है। 2026 टी20 विश्व कप के सेमीफाइनल में भारत से हारने वाली इंग्लैंड टीम की तुलना में इस बार अंतिम एकादश में दो बड़े बदलाव किए गए हैं। साकिब महमूद को जेमी ओवरटन की जगह शामिल किया गया है, जबकि जोफ्रा आर्चर की जगह ल्यूक वुड की टीम में वापसी हुई है। जोफ्रा आर्चर और तेज गेंदबाज जोश टंग को हाल ही में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले गए आखिरी टेस्ट मैच में शामिल होने के कारण इस सीरीज के लिए आराम दिया गया है।

हैरी ब्रूक के लिए बड़ी परीक्षा
इस सीरीज में स्टार बल्लेबाज हैरी ब्रूक टीम की कमान संभाल रहे हैं, जो उनके अब तक के कप्तानी करियर की सबसे कठिन चुनौतियों में से एक होने वाली है। टी20 विश्व कप के सेमीफाइनल में टीम को पहुंचाकर ब्रूक ने अपनी साख मजबूत की है और उन्हें इंग्लैंड के अगले टेस्ट कप्तान के रूप में भी देखा जा रहा है। ब्रूक ने कहा, मैंने खुद को पूरी तरह से इंग्लैंड क्रिकेट के लिए समर्पित कर दिया है। मैंने साफ कर दिया है कि मैं द हंड्रेड को छोड़कर किसी भी अन्य फ्रेंचाइजी क्रिकेट में नहीं खेलना चाहता। मैं जो कुछ भी करना चाहता हूं, वह इंग्लैंड के लिए क्रिकेट खेलना है। मैदान पर या मैदान से बाहर मेरा हर कदम सिर्फ इसलिए होता है ताकि मैं इंग्लैंड के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर सकूं।

SPORTS : स्वीडन के खिलाफ 3-0 से जीता फ्रांस, एमबाप्पे ने दागे दो गोल; राउंड-16 में बनाई जगह

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फ्रांस ने फीफा विश्व कप 2026 के राउंड ऑफ 32 मुकाबले में स्वीडन को 3-0 से हराकर अंतिम-16 में जगह बना ली। टीम की जीत के नायक किलियन एमबाप्पे रहे, जिन्होंने दो गोल दागे। फ्रांस की ओर से तीसरा गोल ब्रैडली बारकोला ने किया। ग्रुप चरण के सभी मुकाबले जीतने के बाद फ्रांस ने नॉकआउट में भी अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखा।

पहले हाफ में फ्रांस का दबदबा
मैच के पहले हाफ में फ्रांस ने पूरी तरह दबदबा बनाए रखा और लगातार स्वीडन के गोल पर हमले किए। पहले 45 मिनट में फ्रांस ने 15 शॉट लगाए। एमबाप्पे का एक गोल ऑफसाइड के कारण रद्द हो गया, जबकि उनका एक और प्रयास पोस्ट से टकरा गया। माइकल ओलीसे की शानदार ओवरहेड किक भी गोलपोस्ट से टकराकर बाहर चली गई।

एमबाप्पे ने दो गोल कर फ्रांस को दिलाई बढ़त
लगातार दबाव के बीच पहले हाफ के अतिरिक्त समय में एमबाप्पे ने शानदार गोल कर फ्रांस को बढ़त दिलाई। दूसरे हाफ के 53वें मिनट में बारकोला ने बढ़त दोगुनी कर दी। इसके बाद 74वें मिनट में एमबाप्पे ने अपना दूसरा गोल कर फ्रांस की 3-0 की जीत सुनिश्चित कर दी।

मैच में फ्रांस से आगे नहीं निकल सका स्वीडन
दूसरे हाफ की शुरुआत के बाद भी स्वीडन पर फ्रांस का दबदबा कायम रहा। फ्रांस लगातार स्वीडन के गोल पर हमले करता रहा। माइकल ओलीसे के शानदार पास पर ब्रैडली बारकोला ने पेनाल्टी बॉक्स के अंदर से बेहतरीन फिनिश करते हुए टीम की बढ़त दोगुनी कर दी। इसके बाद स्वीडन के गोलकीपर जैकब विडेल ज़ेटरस्ट्रॉम ने जूल्स कुंडे और लगातार आक्रामक खेल दिखा रहे ओलीसे के कई प्रयासों को रोककर अपनी टीम को और बड़े अंतर से हारने से बचाया।
मैच के 74वें मिनट में माइकल ओलीसे ने एक और शानदार असिस्ट दिया, जिस पर कप्तान किलियन एमबाप्पे ने शानदार गोल कर अपना दूसरा गोल पूरा किया। इस गोल के साथ एमबाप्पे के विश्व कप इतिहास में कुल 18 गोल हो गए, जबकि विश्व कप 2026 में यह उनका छठा गोल है। अब फ्रांस अंतिम-16 में 4 जुलाई को फिलाडेल्फिया स्टेडियम में पराग्वे का सामना करेगा, जहां एमबाप्पे के पास अपने गोलों की संख्या और बढ़ाने का मौका होगा।

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