Saturday, September 19, 2026
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IND vs ENG: बारिश में धुला भारत-इंग्लैंड के बीच पहला टी20, अभिषेक और श्रेयस ने लगाए अर्धशतक; सैमसन फिर फ्लॉप

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भारत और इंग्लैंड के बीच पहला टी20 मैच बेनतीजा रहा। बारिश के कारण इंग्लैंड की पारी शुरू नहीं हो सकी और अंतत: मैच को रद्द करना पड़ा। भारत ने इस मैच में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला लिया। भारत ने अभिषेक शर्मा और कप्तान श्रेयस अय्यर के अर्धशतकों की मदद से 20 ओवर में सात विकेट पर 189 रन बनाए। भारत की पारी जब खत्म होने वाली थी तभी बारिश शुरू हो गई थी, लेकिन इंग्लैंड की पारी शुरू होने से पहले बारिश तेज हो गई जिससे मैच दोबारा शुरू नहीं हो सका और मैच का नतीजा नहीं निकल सका। दोनों टीमों के बीच दूसरा टी20 चार जुलाई को मैनचेस्टर में खेला जाएगा।

वैभव को नहीं मिला मौका

भारत ने इस मैच में भी 15 साल के वैभव सूर्यवंशी को डेब्यू करने का मौका नहीं दिया। आयरलैंड के खिलाफ 0-2 से मिली हार के बाद ऐसी संभावना जताई जा रही थी कि वैभव को मौका मिलेगा, लेकिन श्रेयस अय्यर ने कोर टीम पर भरोसा बरकरार रखा। आयरलैंड के खिलाफ दूसरे मैच से डेब्यू करने वाले तेज गेंदबाज प्रिंस यादव और सूर्यांश शेडगे को इस मैच में मौका नहीं मिला था। भारत ने इस मैच के लिए तीन स्पिनरों अक्षर पटेल, रवि बिश्नोई और वरुण चक्रवर्ती को प्लेइंग-11 में शामिल किया था।

शुरुआती झटकों के बाद अभिषेक-श्रेयस का दिखा दम

इससे पहले, भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। भारत की शुरुआत अच्छी नहीं रही और टीम ने दूसरे ओवर में ही संजू सैमसन और ईशान किशन के विकेट गंवा दिए। सैमसन को जहां साकिब महमूद ने आउट किया तो वहीं ईशान रन आउट होकर पवेलियन लौटे। इसके बाद अभिषेक ने कप्तान श्रेयस अय्यर के साथ मिलकर पारी को संभाला। अभिषेक ने विस्फोटक बल्लेबाजी करते हुए 20 गेंदों पर अर्धशतक पूरा किया। अभिषेक शानदार बल्लेबाजी कर रहे थे, लेकिन सैम करन ने उन्हें अपना शिकार बनाया। अभिषेक और श्रेयस के बीच तीसरे विकेट के लिए 82 रनों की साझेदारी हुई।

अभिषेक ने इस मैच के दौरान बड़ी उपलब्धि अपने नाम दर्ज की। अभिषेक टी20 अंतरराष्ट्रीय (फुल मेंबर टीमों में) में सबसे कम गेंदों पर 100 छक्के पूरे करने वाले खिलाड़ी बन गए। उन्होंने इस मामले में वेस्टइंडीज के एविन लुईस और न्यूजीलैंड के फिन एलन जैसे दिग्गज बल्लेबाजों को पीछे छोड़ दिया। अभिषेक शर्मा ने केवल 785 गेंदों में टी20 अंतरराष्ट्रीय 100 छक्के पूरे किए। इस प्रारूप में अभिषेक से पहले किसी बल्लेबाज ने इतनी कम गेंदों पर टी20 अंतरराष्ट्रीय में 100 छक्के पूरे नहीं किए थे।

भारत की पारी

भारत के लिए श्रेयस ने 47 गेंदों पर छह चौकों और एक छक्के की मदद से 68 रन बनाए। वहीं, अभिषेक ने 24 गेंदों पर छह चौकों और चार छक्कों की मदद से 59 रन की पारी खेली। इन दोनों के अलावा शिवम दुबे 21 गेंदों पर दो चौकों और तीन छक्कों की मदद से 42 रन बनाकर नाबाद रहे। तिलक वर्मा 13 और अक्षर पटेल तीन रन बनाकर आउट हुए। इंग्लैंड की ओर से साकिब महमूद ने सबसे ज्यादा तीन विकेट झटके, जबकि आदिल राशिद और सैम करन को एक-एक विकेट मिला।

NATIONAL : 35 करोड़ का ऑफर, रडार पर थे 15 विधायक, तमिलनाडु में विजय की सरकार गिराने की साजिश में तीन अरेस्ट

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तमिलनाडु पुलिस ने टीवीके विधायक के आरोपों के बाद थलपति विजय की सरकार को गिरने की साजिश और हॉर्स-ट्रेडिंग के सिलसिले में तीन लोगों को अरेस्ट किया है। पुलिस के अनुसार आराेपियाें के तार डीएमके विधायक और पूर्व मंत्री वी सेंथिल बालाजी से जुड़ रहे हैं। इस खुलासे के बाद तमिलनाडु की राजनीति गरमा गई है।

चेन्नई: तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में करिश्माई जीत हासिल करके मुख्यमंत्री बने सीएम सी जोसेफ विजय 10 जुलाई को दो महीने पूरे करेंगे। इस पहले तमिलनाडु में विजय की सरकार को अस्थिर करने की साजिश सामने आई है। तमिलनाडु पुलिस ने तीन लोगों को विधायकों को 35 करोड़ रुपये ऑफर करने और हॉर्स ट्रेडिंग के आरोपों में अरेस्ट किया है। इस पूरे मामले में डीएमके के कद्दावर और पूर्व मंत्री वी सेंथिल बालाजी का नाम उछलने से राजनीति गरमा गई है। दावा किया जा रहा है कि पुलिस के इंटेलीजेंस विभाग ने इस मामले की भनक लगते ही सरकार गिराने की साजिश को विफल कर दिया। दावा किया जा रहा है कि करीब 15 विधायकों से विपक्ष में वोट दिलवाने की साजिश रची जा रही थी।

पुलिस ने यह कार्रवाई तमिलगा वेट्री कझगम (टीवीके) के विधायक एन. इलैयाराजा के आरोपों के बाद की गई है। उन्होंने दावा किया कि उन्हें विधानसभा स्पीकर के खिलाफ प्रस्तावित प्रस्ताव पर अपना वोट प्रभावित करने के लिए 35 करोड़ रुपये का ऑफर दिया गया था। बुधवार को जारी पुलिस प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार जांच में पूर्व डीएमके मंत्री वी सेंथिल बालाजी और उनके भाई वी अशोक कुमार का नाम भी कथित तौर पर इस साजिश से जुड़ा पाया गया है। 29 जून को चेन्नई पुलिस कमिश्नर के पास इलैयाराजा द्वारा शिकायत दर्ज कराई गई थी। तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में विजय की पार्टी टीवीके बहुमत से चूक गई थी। विजय डीएमके के सहयोगी दलों से मिले समर्थन से सरकार चला रहे हैं।

टीवीएके एमएलए इलैयाराजा की शिकायत के अनुसार, थिरुनावुक्करसु नाम के एक व्यक्ति ने उनसे संपर्क किया। उसने दावा किया कि वह ‘इंडियन पॉलिटिकल डेमोक्रेटिक स्ट्रैटेजीज़’ (IPDS) नाम की एक ओपिनियन पोलिंग संस्था का प्रमुख है और एक बड़ी राजनीतिक पार्टी के सदस्यों की ओर से बात कर रहा है। कॉलर ने कथित तौर पर टीवीके विधायक से कहा कि तमिलनाडु विधानसभा के स्पीकर के खिलाफ एक प्रस्ताव लाया जाएगा और उनसे कहा कि वे सत्ताधारी पार्टी का सदस्य होने के बावजूद एक खास तरीके से वोट करें। इसके बदले में उसने कथित तौर पर इलैयाराजा को 35 करोड़ रुपये तक का ऑफर दिया।

NATIONAL : टॉयलेट जेट से मुंह में पानी, फ्रंटलोड वॉशिंग मशीन में किया बंद, बेंगलुरु के डे-केयर में बच्चों संग खौफनाक करतूत, 5 अरेस्ट

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बेंगलुरु के एक डेकेयर सेंटर में छोटे बच्चों के साथ कथित दुर्व्यवहार और मारपीट का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। बच्चों के साथ मारपीट के कथित वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने पांच स्टाफ सदस्यों के खिलाफ FIR दर्ज की है। बच्चों को टॉइलेट सीट पर बिठाकर उनके मुंह में जेट लगाकर पानी चलाया गया।

बेंगलुरु: IT कंपनी कैपजेमिनी (Capgemini) के HAL कैंपस बेंगलुरु से एक डरा देने वाली खबर सामने आई है। यहां पर बने डेकेयर सेंटर में छोटे बच्चों के साथ मारपीट के कथित वीडियो सामने आए हैं। इन वीडियो के आधार पर पांच महिला केयरगिवर्स के खिलाफ FIR दर्ज की गई है और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। यह शिकायत सेंटर के अंदर रिकॉर्ड किए गए वीडियो के आधार पर की गई है। शिकायतकर्ता के अनुसार, फुटेज में बच्चे रोते हुए दिख रहे हैं और केयरगिवर्स उन्हें शारीरिक रूप से प्रताड़ित और डरा-धमका रही हैं।

पुलिस के अनुसार, वीडियो में दो से तीन साल के बच्चों को फ्रंट-लोडिंग वॉशिंग मशीन के अंदर रखते हुए, उनके मुंह में टॉयलेट जेट स्प्रे से पानी की बौछार करते हुए और रोने से रोकने के लिए टॉयलेट के अंदर बंद करते हुए दिखाया गया है। जांचकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि बच्चों को वेस्टर्न-स्टाइल कमोड पर बैठने के लिए मजबूर किया गया और चुप रहने के लिए धमकाया गया।

बहुत खतरनाक है वीडियो
पुलिस ने बताया कि वीडियो में नैनी (देखभाल करने वाली महिलाएं) दो से तीन साल के बच्चों को तब डराती-धमकाती दिख रही हैं जब वे रोते हैं या शोर मचाते हैं। शिकायत के मुताबिक, केयरगिवर्स ने कथित तौर पर बच्चों को फ्रंट-लोडिंग वॉशिंग मशीन के अंदर डाला, उन्हें वेस्टर्न-स्टाइल टॉयलेट पर बैठाया, टॉयलेट जेट स्प्रे से उनके मुंह में पानी की बौछार की, उन्हें बाथरूम में बंद कर दिया और चुप रहने के लिए डराया-धमकाया।

वॉट्सऐप पर आया वीडियो, फिर हुआ वायरल
पुलिस का कहना है कि उन्हें अभी पूछताछ के लिए संदिग्ध नैनी को बुलाना बाकी है। पुलिस ने बताया कि ये कथित घटनाएं एक चाइल्डकेयर सेंटर में हुईं, जहां IT कंपनी के कर्मचारी काम पर जाते समय अपने छोटे बच्चों को छोड़ते हैं। यह मामला सोमवार को तब सामने आया जब दुर्व्यवहार के कथित वीडियो WhatsApp पर वायरल हुए और चाइल्ड हेल्पलाइन को इसकी सूचना दी गई, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई की।
टॉयलेट जेट से मुंह में पानी, फ्रंटलोड वॉशिंग मशीन में किया बंद, बेंगलुरु के डे-केयर में बच्चों संग खौफनाक करतूत, 5 अरेस्ट
Curated by: शशि मिश्रा|टाइम्स न्यूज नेटवर्क•2 Jul 2026, 12:33 pm IST
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बेंगलुरु के एक डेकेयर सेंटर में छोटे बच्चों के साथ कथित दुर्व्यवहार और मारपीट का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। बच्चों के साथ मारपीट के कथित वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने पांच स्टाफ सदस्यों के खिलाफ FIR दर्ज की है। बच्चों को टॉइलेट सीट पर बिठाकर उनके मुंह में जेट लगाकर पानी चलाया गया।

बेंगलुरु: IT कंपनी कैपजेमिनी (Capgemini) के HAL कैंपस बेंगलुरु से एक डरा देने वाली खबर सामने आई है। यहां पर बने डेकेयर सेंटर में छोटे बच्चों के साथ मारपीट के कथित वीडियो सामने आए हैं। इन वीडियो के आधार पर पांच महिला केयरगिवर्स के खिलाफ FIR दर्ज की गई है और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। यह शिकायत सेंटर के अंदर रिकॉर्ड किए गए वीडियो के आधार पर की गई है। शिकायतकर्ता के अनुसार, फुटेज में बच्चे रोते हुए दिख रहे हैं और केयरगिवर्स उन्हें शारीरिक रूप से प्रताड़ित और डरा-धमका रही हैं।

बेंगलुरु के एक डेकेयर सेंटर में छोटे बच्चों के साथ कथित दुर्व्यवहार और मारपीट का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। बच्चों के साथ मारपीट के कथित वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने पांच स्टाफ सदस्यों के खिलाफ FIR दर्ज की है। बच्चों को टॉइलेट सीट पर बिठाकर उनके मुंह में जेट लगाकर पानी चलाया गया।

बेंगलुरु: IT कंपनी कैपजेमिनी (Capgemini) के HAL कैंपस बेंगलुरु से एक डरा देने वाली खबर सामने आई है। यहां पर बने डेकेयर सेंटर में छोटे बच्चों के साथ मारपीट के कथित वीडियो सामने आए हैं। इन वीडियो के आधार पर पांच महिला केयरगिवर्स के खिलाफ FIR दर्ज की गई है और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। यह शिकायत सेंटर के अंदर रिकॉर्ड किए गए वीडियो के आधार पर की गई है। शिकायतकर्ता के अनुसार, फुटेज में बच्चे रोते हुए दिख रहे हैं और केयरगिवर्स उन्हें शारीरिक रूप से प्रताड़ित और डरा-धमका रही हैं।

पुलिस के अनुसार, वीडियो में दो से तीन साल के बच्चों को फ्रंट-लोडिंग वॉशिंग मशीन के अंदर रखते हुए, उनके मुंह में टॉयलेट जेट स्प्रे से पानी की बौछार करते हुए और रोने से रोकने के लिए टॉयलेट के अंदर बंद करते हुए दिखाया गया है। जांचकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि बच्चों को वेस्टर्न-स्टाइल कमोड पर बैठने के लिए मजबूर किया गया और चुप रहने के लिए धमकाया गया।

बहुत खतरनाक है वीडियो
पुलिस ने बताया कि वीडियो में नैनी (देखभाल करने वाली महिलाएं) दो से तीन साल के बच्चों को तब डराती-धमकाती दिख रही हैं जब वे रोते हैं या शोर मचाते हैं। शिकायत के मुताबिक, केयरगिवर्स ने कथित तौर पर बच्चों को फ्रंट-लोडिंग वॉशिंग मशीन के अंदर डाला, उन्हें वेस्टर्न-स्टाइल टॉयलेट पर बैठाया, टॉयलेट जेट स्प्रे से उनके मुंह में पानी की बौछार की, उन्हें बाथरूम में बंद कर दिया और चुप रहने के लिए डराया-धमकाया।

वॉट्सऐप पर आया वीडियो, फिर हुआ वायरल
पुलिस का कहना है कि उन्हें अभी पूछताछ के लिए संदिग्ध नैनी को बुलाना बाकी है। पुलिस ने बताया कि ये कथित घटनाएं एक चाइल्डकेयर सेंटर में हुईं, जहां IT कंपनी के कर्मचारी काम पर जाते समय अपने छोटे बच्चों को छोड़ते हैं। यह मामला सोमवार को तब सामने आया जब दुर्व्यवहार के कथित वीडियो WhatsApp पर वायरल हुए और चाइल्ड हेल्पलाइन को इसकी सूचना दी गई, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई की।
के अनुसार, वीडियो में दो से तीन साल के बच्चों को फ्रंट-लोडिंग वॉशिंग मशीन के अंदर रखते हुए, उनके मुंह में टॉयलेट जेट स्प्रे से पानी की बौछार करते हुए और रोने से रोकने के लिए टॉयलेट के अंदर बंद करते हुए दिखाया गया है। जांचकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि बच्चों को वेस्टर्न-स्टाइल कमोड पर बैठने के लिए मजबूर किया गया और चुप रहने के लिए धमकाया गया।

NATIONAL : अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में खरगे की जगह सलमान खुर्शीद जाएंगे ईरान, कांग्रेस की तरफ से देंगे संदेश

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अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में खरगे की जगह सलमान खुर्शीद जाएंगे ईरान, कांग्रेस की तरफ से देंगे संदेश कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे इतने शॉर्ट नोटिस पर ईरान जाने में असमर्थ हैं. ऐसे में उनकी जगह पार्टी के विदेश विभाग के प्रमुख ईरान की यात्रा पर जाएंगे.

अमेरिका और इजरायल के 28 फरवरी, 2026 को किए गए संयुक्त हमले में ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई का राजकीय अंतिम संस्कार समारोह शुक्रवार (3 जुलाई, 2026) से लेकर अगले हफ्ते गुरुवार (9 जुलाई, 2026) तक आयोजित है, जिसमें शामिल होने के लिए ईरान ने भारत की दोनों मुख्य पार्टियों- भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस- के राष्ट्रीय अध्यक्षों को निमंत्रण दिया है.

सूत्रों के हवाले से खबर है कि ईरान के न्योते पर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की तरफ से पार्टी के विदेश विभाग के प्रमुख सलमान खुर्शीद शुक्रवार (3 जुलाई, 2026) के कार्यक्रम में शामिल होंगे. चूंकि, 3 जुलाई को कार्यक्रम है, ऐसे में इतने शॉर्ट नोटिस पर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे जाने में असमर्थ हैं.

ईरान में कांग्रेस का संदेश देंगे खुर्शीद

सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस के विदेश विभाग के प्रमुख सलमान खुर्शीद ईरान में अपनी पार्टी का पक्ष रखते हुए आधिकारिक संदेश देंगे. हालांकि, अभी तक सलमान खुर्शीद के जाने को लेकर फ्लाइट बुक नहीं हो पाई है. ऐसे में उनकी यात्रा के लिए चार्टर्ड विमान से भी संभावना तलाशी जा रही है.

ईरानी राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री मोदी को भी दिया निमंत्रण

वहीं, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने अपने दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार समारोह में शामिल होने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी निमंत्रण दिया था. ऐसे में भारतीय विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा और बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन अगले हफ्ते ईरान में भारत की ओर से शामिल हो सकते हैं.

ईरान में कब से कब तक होंगे कार्यक्रम?

दिवंगत ईरानी सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार का कार्यक्रम 3 जुलाई से लेकर 9 जुलाई, 2026 तक आयोजित है. इसमें 4 और 5 जुलाई को राजधानी तेहरान में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया जाएगा. इसके बाद 6 और 7 जुलाई को तेहरान के साथ-साथ मध्य ईरानी शहर कोम में खामेनेई की अंतिम यात्रा निकाली जाएगी और आखिरी दिन यानी 9 जुलाई, 2026 को देश के उत्तर-पूर्वी शहर मशहद में स्थित इमाम रजा दरगाह में अली खामेनेई को दफनाया जाएगा.

Ali Khamenei Funeral: कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे इतने शॉर्ट नोटिस पर ईरान जाने में असमर्थ हैं. ऐसे में उनकी जगह पार्टी के विदेश विभाग के प्रमुख ईरान की यात्रा पर जाएंगे.

अमेरिका और इजरायल के 28 फरवरी, 2026 को किए गए संयुक्त हमले में ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई का राजकीय अंतिम संस्कार समारोह शुक्रवार (3 जुलाई, 2026) से लेकर अगले हफ्ते गुरुवार (9 जुलाई, 2026) तक आयोजित है, जिसमें शामिल होने के लिए ईरान ने भारत की दोनों मुख्य पार्टियों- भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस- के राष्ट्रीय अध्यक्षों को निमंत्रण दिया है.

सूत्रों के हवाले से खबर है कि ईरान के न्योते पर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की तरफ से पार्टी के विदेश विभाग के प्रमुख सलमान खुर्शीद शुक्रवार (3 जुलाई, 2026) के कार्यक्रम में शामिल होंगे. चूंकि, 3 जुलाई को कार्यक्रम है, ऐसे में इतने शॉर्ट नोटिस पर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे जाने में असमर्थ हैं.

ईरान में कांग्रेस का संदेश देंगे खुर्शीद

सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस के विदेश विभाग के प्रमुख सलमान खुर्शीद ईरान में अपनी पार्टी का पक्ष रखते हुए आधिकारिक संदेश देंगे. हालांकि, अभी तक सलमान खुर्शीद के जाने को लेकर फ्लाइट बुक नहीं हो पाई है. ऐसे में उनकी यात्रा के लिए चार्टर्ड विमान से भी संभावना तलाशी जा रही है.

ईरानी राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री मोदी को भी दिया निमंत्रण

वहीं, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने अपने दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार समारोह में शामिल होने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी निमंत्रण दिया था. ऐसे में भारतीय विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा और बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन अगले हफ्ते ईरान में भारत की ओर से शामिल हो सकते हैं.

ईरान में कब से कब तक होंगे कार्यक्रम?

दिवंगत ईरानी सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार का कार्यक्रम 3 जुलाई से लेकर 9 जुलाई, 2026 तक आयोजित है. इसमें 4 और 5 जुलाई को राजधानी तेहरान में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया जाएगा. इसके बाद 6 और 7 जुलाई को तेहरान के साथ-साथ मध्य ईरानी शहर कोम में खामेनेई की अंतिम यात्रा निकाली जाएगी और आखिरी दिन यानी 9 जुलाई, 2026 को देश के उत्तर-पूर्वी शहर मशहद में स्थित इमाम रजा दरगाह में अली खामेनेई को दफनाया जाएगा.

BUSINESS :बाइल नंबर छिपाकर होगी चैट, WhatsApp का username फीचर लॉन्च से पहले जांच के दायरे में, बिना नंबर चैट की सुविधा पर सरकार सतर्क

WhatsApp पर जल्द आने वाले Username (यूजरनेम) फीचर को लेकर केंद्र सरकार सतर्क हो गई है। सूत्रों के मुताबिक, सरकार इस नए फीचर के संभावित प्रभावों का विस्तृत आकलन कर रही है।

आशंका जताई जा रही है कि यदि यूजर किसी सरकारी संस्था, कंपनी या प्रसिद्ध व्यक्ति से मिलता-जुलता यूजरनेम बना लेते हैं तो इसका इस्तेमाल फर्जी पहचान बनाकर साइबर ठगी और धोखाधड़ी के मामलों में किया जा सकता है।

Meta से जवाब भी मांग सकती है सरकार
जानकारी के अनुसार, सरकार इस संबंध में WhatsApp की मूल कंपनी Meta से जवाब भी मांग सकती है। अधिकारियों का मानना है कि किसी भी नए डिजिटल फीचर को लागू करने से पहले यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि उससे राष्ट्रीय सुरक्षा, सार्वजनिक सुरक्षा और आम नागरिकों के हित प्रभावित न हों।

फर्जी पहचान बनाकर ठगी का बढ़ सकता है खतरा
सरकारी सूत्रों का कहना है कि यूजरनेम फीचर लागू होने के बाद कोई भी व्यक्ति ऐसा नाम चुन सकता है जो किसी सरकारी विभाग, बैंक, कंपनी या प्रतिष्ठित संस्था से मिलता-जुलता हो। ऐसी स्थिति में साइबर अपराधी लोगों को भ्रमित कर आर्थिक धोखाधड़ी, फिशिंग या अन्य ऑनलाइन अपराधों को अंजाम दे सकते हैं। इसी वजह से सरकार संभावित जोखिमों की समीक्षा कर रही है।

क्या है WhatsApp का नया Username फीचर?
WhatsApp ने हाल ही में घोषणा की है कि वह अपने प्लेटफॉर्म पर Username सुविधा लाने जा रहा है। इस फीचर के जरिए यूजर्स बिना अपना मोबाइल नंबर साझा किए भी दूसरे लोगों से संपर्क कर सकेंगे। कंपनी का कहना है कि इसका उद्देश्य यूजर्स की प्राइवेसी को पहले से अधिक सुरक्षित बनाना है, खासकर ग्रुप चैट और नए लोगों से बातचीत के दौरान।

WhatsApp ने यूजरनेम रिजर्वेशन की प्रक्रिया शुरू कर दी है और कंपनी की योजना इसे इस वर्ष के अंत तक सभी यूजर्स के लिए उपलब्ध कराने की है।

भारत में क्यों अहम है यह फीचर?
भारत में मोबाइल नंबर केवल बातचीत का माध्यम नहीं है, बल्कि यह बैंकिंग, यूपीआई, आधार से जुड़ी सेवाओं, ई-कॉमर्स, डिलीवरी प्लेटफॉर्म, नौकरी के आवेदन, शैक्षणिक रिकॉर्ड और कई अन्य डिजिटल सेवाओं से जुड़ा होता है। ऐसे में यदि किसी व्यक्ति का मोबाइल नंबर अनावश्यक रूप से साझा होता है तो उसकी निजता और सुरक्षा दोनों प्रभावित हो सकती हैं।

निजी नंबर सार्वजनिक किए बिना संपर्क स्थापित कर सकेंगे
विशेषज्ञों का मानना है कि महिलाओं, छात्रों, पत्रकारों, फ्रीलांसरों, डॉक्टरों, कंटेंट क्रिएटर्स, छोटे कारोबारियों और गिग वर्कर्स के लिए यह फीचर काफी उपयोगी साबित हो सकता है, क्योंकि वे अपना निजी नंबर सार्वजनिक किए बिना लोगों से संपर्क स्थापित कर सकेंगे।

Username फीचर लागू होने के बाद यूजर्स को हर बार अपना मोबाइल नंबर साझा करने की जरूरत नहीं होगी। इससे अस्थायी या सीमित संपर्कों के साथ बातचीत अधिक सुरक्षित और निजी हो सकेगी। उदाहरण के तौर पर छात्र प्रोजेक्ट ग्रुप में बिना नंबर बताए शामिल हो सकेंगे, पत्रकार अपने स्रोतों से सुरक्षित तरीके से संपर्क कर पाएंगे और कारोबारी ग्राहक संवाद को निजी नंबर से अलग रख सकेंगे।

हालांकि, इस फीचर को भारत में लागू करने से पहले सरकार सुरक्षा और साइबर फ्रॉड से जुड़े सभी पहलुओं की समीक्षा करेगी। इसके बाद ही इसके इस्तेमाल को लेकर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

NATIONAL : जम्मू-कश्मीर के डोडा में बादल फटने से आई बाढ़, सड़कें प्रभावित, कई गांवों का टूटा संपर्क

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जम्मू कश्मीर के डोडा इलाके में बादल फटने से जनजीवन प्भावित हो रहा है. यहां सुबह से ही बारिश हो रही है. हालांकि, बादल फटने से फिलहाल किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं है

जम्मू कश्मीर के डोडा जिले में बादल फटने से आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है. यहां सुबह से ही भारी बारिश हो रही है और बादल फटने से इलाके में अचानक बाढ़ आ गई. हालांकि, बादल फटने से फिलहाल किसी बड़े नुकसान की कोई खबर नहीं है.

मंगलवार (30 जून) की देर रात से ही समूचे जम्मू संभाग में भारी बारिश देखने को मिल रही है. जानकारी के अनुसार, भारी बारिश के कारण जम्मू समेत संभाग के सभी 10 जिलों में नदी नाले उफान पर हैं. वहीं, डोडा जिले में बादल फटने के बाद आई बाढ़ के कारण कई गावों का संपर्क टूट गया है, सड़कों को नुकसान पहुंचा है.

बादल फटने से सभी नदी-नाले उफान पर
दरअसल, जम्मू के डोडा जिले से बादल फटने की खबरें सामने आ रही है. प्रशासन के मुताबिक जम्मू के गंदोह जिले में बादल फटने के बाद आई बाढ़ के कारण कुछ इलाकों में नुकसान की खबरें सामने आई है. डोडा के गंदोह इलाके में पहाड़ों पर बादल फटने से यहां के सभी नदी-नाले उफान पर हैं. वहीं, कई इलाकों में कीचड़ भरा पानी भर जाने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.

सड़कें प्रभावित, राहत बचाव कार्य जारी
बादल फटने से आई बाढ़ के कारण कई गांवों को जोड़ने वाली सड़कें टूट गई हैं और मलबा भर गया है. इससे स्थानीय लोगों की आवाजाही प्रभावित हो रही है. स्थानीय प्रशासन राहत और बचाव कार्य में लगा हुआ है. सड़कों की सफाई का काम तेजी से किया जा रहा है. इसके साथ ही लोगों से अपील की जा रही है कि वो बहुत आवश्यक होने पर ही घर से निकलें.

वहीं, पहाड़ों पर हुई भारी बारिश के चलते पहाड़ों से चट्टानें और मिट्टी भी रिहायशी इलाकों की तरफ खिसक रही है. पहाड़ों से मिट्टी और चट्टानें खिसकने के चलते गंदोह इलाके में कुछ घरों और वाहनों को हल्का नुकसान हुआ है. स्थानीय प्रशासन का दावा है कि वो पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है. बादल फटने की खबरें जरूर आई हैं, लेकिन फिलहाल किसी बड़े नुकसान की कोई खबर नहीं आई है.

5 जुलाई तक बारिश के आसार
बता दें कि भारतीय मौसम विभाग (IMD) का अनुमान है कि 5 जुलाई तक पूरे केंद्र शासित प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ बारिश की संभावना बनी रहेगी. मौसम विभाग ने जम्मू संभाग में कुछ जगहों पर भारी बारिश, तेज हवाएं, अचानक बाढ़, भूस्खलन और संवेदनशील इलाकों में मिट्टी धंसने को लेकर चेतावनी भी जारी की है. मौसम विभाग के मुताबिक, बारिश के कारण अचानक बाढ़ और भूस्खलन, कीचड़ का खतरा हो सकता है. ऐसे में खतरे वाले इलाकों से दूर रहने की चेतावनी जारी की है.

NATIONAL : गले की हड्डी टूटी, खाने की नली में हुआ चोक, 3 मिनट में मौत, जगन गुर्जर की पोस्टमार्टम रिपोर्ट जानिए

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जगन गुर्जर की मौत के कारणों को लेकर पोस्टमार्टम में खुलासा हुआ है। जगन गुर्जर की मौत गले और गर्दन पर अत्यधिक गंभीर दबाव पड़ने की वजह से हुई। रिपोर्ट में गले की हड्डी टूटने की पुष्टटि हुई है।

धौलपुर/ अजमेर: अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में मारे गए कुख्यात डकैत जगन गुर्जर का आज (बुधवार) उसके पैतृक गांव में भारी पुलिस सुरक्षा के बीच अंतिम संस्कार किया जाएगा। इससे पहले डकैत जगन गुर्जर के शव का पोस्टमार्टम हुआ है, जिसमें चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा
जगन गुर्जर की मौत के कारणों को लेकर मेडिकल बोर्ड की प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बेहद चौंकाने वाली है। छह सदस्यीय मेडिकल बोर्ड की शुरुआती जांच के अनुसार, जगन गुर्जर की मौत गले और गर्दन पर अत्यधिक गंभीर दबाव पड़ने की वजह से हुई।

मेडिकल बोर्ड ने निकाला ये निष्कर्ष
हमले के दौरान गर्दन को इतनी बेरहमी और ताकत से दबाया गया कि जगन की गर्दन की मुख्य प्रमुख गले की हड्‌डी टूट गई। अत्यधिक दबाव के कारण गर्दन के बीच वाले हिस्से में भारी अंदरूनी ब्लीडिंग होना पाया गया है। इसके अलावा सांस की नली और भोजन नली के आसपास भी गंभीर चोट के निशान मिले हैं। डॉक्टरों के अनुसार, गला घोंटे जाने के मात्र 3 मिनट के भीतर ही जगन की सांसें पूरी तरह थम गई थीं।

अजमेर से भारी सुरक्षा में लाया गया शव
इससे पहले, जेल में हुई इस हत्या के बाद आक्रोशित परिजनों और प्रशासन के बीच लंबी समझाइश और सहमति बनने के बाद मंगलवार को अजमेर में शव का पोस्टमार्टम कराया गया था। पोस्टमार्टम प्रक्रिया पूरी होने के तुरंत बाद परिजन शव को लेकर धौलपुर के लिए रवाना हो गया। जगन का शव सुबह करीब साढ़े सात बजे धौलपुर के डांग क्षेत्र स्थित भवुतीपुरा गांव पहुंचा है। यहां सुबह 6 बजे से ही ग्रामीणों और रिश्तेदारों की भारी भीड़ जुटना शुरू हो गई है। प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए गांव में कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं।

अजमेर जेल प्रशासन ने कहा-गमछे से घोंटा गया गला
उल्लेखनीय है कि इससे पहले अजमेर जेल प्रशासन ने आरोपी विष्णु से मिली इनपुट के आधार पर जानकारी मीडिया से साझा किया थी। इसमें बताया गया था कि जगन गुर्जर पर सोते समय हमला किया था। उसने पास ही रखे एक सूती गमछे (तौलिये) को जगन के गले में लपेटकर विण्णु ने उसे दोनों हाथों से पूरी ताकत से खींच दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आई गर्दन की टूटी हुई हड्डी (हायोड बोन) और सांस की नली पर मिले गंभीर चोट के निशान भी इसी थ्योरी की पुष्टि कर रही है।

डांग क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात
जगन गुर्जर के भवुतीपुरा गांव (डांग क्षेत्र) में शव के पहुंचते ही सन्नाटा पसरा हुआ है। साथ ही सुरक्षा के लिहाज से चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात है। इधर, हाई-प्रोफाइल हत्याकांड के बाद अब पुलिस और जेल प्रशासन दोनों ही सुरक्षा के मोर्चे पर जांच जारी है।
खुशेंद्र तिवारी
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NATIONAL : 30 दिन जेल तो खुद चली जाएगी CM/PM की कुर्सी; मानसून सत्र में आएगा वो बिल जिसपर मचा है बवाल! जानिए दो-तिहाई बहुमत के ‘नंबर गेम’ में कहां फंसा है पेच

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30Days In Jail Rule: मोदी सरकार संसद के मानसून सत्र में 130वां संविधान संशोधन विधेयक ला सकती है. इसके तहत गंभीर अपराधों में लगातार 30 दिन जेल में रहने पर पीएम, सीएम या मंत्रियों की कुर्सी स्वतः चली जाएगी. विपक्ष इसे राजनीतिक प्रतिशोध बता रहा है. आइए जानते हैं, इस की खास बातें…

30 दिन जेल तो खुद चली जाएगी CM/PM की कुर्सी; मानसून सत्र में आएगा वो बिल जिसपर मचा है बवाल! जानिए दो-तिहाई बहुमत के ‘नंबर गेम’ में कहां फंसा है पेच

CM PM Removal Bill: देश की सियासत में एक बार फिर भूचाल आने वाला है. मोदी सरकार एक ऐसा ऐतिहासिक कानून अमली जामा पहनाने की तैयारी में है, जो भारतीय लोकतंत्र और राजनीतिक इतिहास को हमेशा के लिए बदल सकता है. सूत्रों के मुताबिक, आगामी 20 जुलाई से शुरू होने जा रहे संसद के मानसून सत्र में सरकार बहुप्रतीक्षित 130वां संविधान संशोधन विधेयक, 2025 पेश कर सकती है.

इस बिल की सबसे चौंकाने वाली बात ये है कि अगर कोई भी मंत्री, मुख्यमंत्री (CM) या प्रधानमंत्री (PM) गंभीर अपराधों के आरोप में लगातार 30 दिनों तक जेल या न्यायिक हिरासत में रहता है, तो उसकी कुर्सी स्वतः चली जाएगी. इस कड़े कानून की जांच कर रही संयुक्त संसदीय समिति (JPC) आगामी 17 जुलाई को अपनी अंतिम रिपोर्ट को मंजूरी देने वाली है.

गृह मंत्री अमित शाह द्वारा पिछले साल अगस्त में पेश किए गए इस बिल में बेहद कड़े और सीधे नियम तय किए गए हैं:

  1. 5 साल से ज्यादा की सजा वाले अपराध: यदि किसी जन प्रतिनिधि पर ऐसा आरोप है जिसमें 5 साल या उससे अधिक की जेल हो सकती है.
  2. 30 दिन की हिरासत की शर्त: यदि आरोपी नेता लगातार 30 दिनों तक पुलिस या न्यायिक हिरासत (जेल) में बंद रहता है.
  3. स्वतः निष्कासन: हिरासत के 31वें दिन वह नेता अपने पद से स्वतः ही हटा हुआ माना जाएगा, या फिर राष्ट्रपति/राज्यपाल के निर्देश पर उसे तुरंत पद छोड़ना होगा.

ओडिशा से भाजपा सांसद अपराजिता सारंगी की अध्यक्षता वाली 31 सदस्यीय JPC इस प्रावधान को बिल में बनाए रखने के पक्ष में है. हालांकि, राजनीतिक दुरुपयोग को रोकने के लिए इसमें कुछ ‘सेफगार्ड्स’ (सावधानियां) भी जोड़ी जा रही हैं.

विपक्ष क्यों थर-थर कांप रहा?
इस बिल को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तलवारें खिंच चुकी हैं. कांग्रेस और ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन के अधिकांश सदस्यों ने इस JPC की बैठकों का यह कहकर बहिष्कार कर दिया कि समिति सिर्फ सरकार की ‘रबर स्टैम्प’ बनी हुई है.

विपक्ष का डर: विपक्ष का सीधा तर्क है कि यह कानून अलोकतांत्रिक है और देश के संघीय ढांचे पर हमला है. इसके तहत किसी नेता को दोषी साबित होने से पहले, सिर्फ हिरासत के आधार पर पद से हटा दिया जाएगा, जो प्राकृतिक न्याय के खिलाफ है. विपक्ष को डर है कि इसका इस्तेमाल राजनीतिक प्रतिशोध और विपक्षी सरकारों को गिराने के लिए किया जा सकता है.

सत्तापक्ष का पलटवार: सत्ताधारी गठबंधन का कहना है कि 30 दिन का समय बहुत लंबा होता है. इस दौरान कोई भी व्यक्ति कम से कम तीन बार जमानत (Bail) की अर्जी लगा सकता है. अगर कोर्ट से राहत नहीं मिलती, तभी कुर्सी जाएगी, इसलिए यह कानून बिल्कुल न्यायसंगत है.

समझें लोकसभा और राज्यसभा का पूरा ‘नंबर गेम’
चूंकि यह एक संविधान संशोधन बिल है, इसलिए इसे पास कराने के लिए सरकार को लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में उपस्थित और वोट करने वाले सदस्यों का दो-तिहाई (2/3) बहुमत चाहिए होगा. पिछले मानसून सत्र से लेकर इस सत्र के बीच देश में बड़े राजनीतिक दलबदल हुए हैं, जिससे NDA काफी मजबूत हुआ है, लेकिन राह अब भी पूरी तरह आसान नहीं है.

  1. लोकसभा का गणित
    हाल ही में हुए बड़े उलटफेर में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 20 लोकसभा सांसद पाला बदलकर नेशनलिस्ट सिटिजन पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में शामिल हो गए हैं, जो NDA का समर्थक है. वहीं, उद्धव ठाकरे की शिवसेना के 6 सांसद भी एकनाथ शिंदे गुट (NDA) में आ चुके हैं.

NDA की मौजूदा ताकत: 330 सांसद
दो-तिहाई के लिए जादुई आंकड़ा: 362 सांसद
कितने कम हैं: अभी भी 32 वोट कम हैं.

  1. राज्यसभा का गणित
    उच्च सदन में भी आम आदमी पार्टी (AAP) के 7 सांसद पाला बदलकर भाजपा में शामिल हो चुके हैं, जिससे विपक्षी खेमे को बड़ा झटका लगा है.

भले ही आंकड़े अभी भी सरकार के पास दो-तिहाई से थोड़े दूर दिख रहे हों, लेकिन राजनीतिक पंडितों का मानना है कि चाणक्य नीति के तहत बैकडोर चैनल सक्रिय हो चुके हैं. नवीन पटनायक की बीजू जनता दल (BJD) और वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी की YSR कांग्रेस पार्टी (YSRCP) पहले भी कई अहम और विवादित विधेयकों (जैसे दिल्ली ऑर्डिनेंस बिल) पर सरकार का संकटमोचक बनकर साथ दे चुकी हैं.

यदि इन दोनों क्षेत्रीय दलों ने सदन में वॉकआउट किया या सरकार के पक्ष में वोटिंग की, तो मोदी सरकार इस PM/CM रिमूवल बिल को आसानी से पास कराकर इतिहास रच देगी. 20 जुलाई से शुरू हो रहा मानसून सत्र भारतीय राजनीति में एक महासंग्राम का गवाह बनने जा रहा है.

NATIONAL : जैसलमेर बस अग्निकांड: इस वजह से लगी थी बस में आग, गजेंद्र सिंह खिमसर ने बताई वजह

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स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने हादसे को लेकर चौंकाने वाला खुलासा किया है, उन्होंने बताया कि एसी बस में इमरजेंसी एग्जिट डोर नहीं था, जिससे लोग बाहर नहीं निकल पाए.

राजस्थान के जैसलमेर में मंगलावर को हुए एसी बस हादसे में 20 लोगों की मौत हो गयी थी. अब मृतकों की पहचान उनके परिजनों के DNA से कराई जाएगी. जबकि घायलों का इलाज जोधपुर के महात्मा गांधी अस्पताल में चल रहा है, साथ ही बीस शवों को भी जोधपुर में ले गयाहै. वहीँ स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने हादसे को लेकर चौंकाने वाला खुलासा किया है, उन्होंने बताया कि एसी बस में इमरजेंसी एग्जिट डोर नहीं था, जिस कारण लोग आग लगने के दौरान बाहर नहीं निकल पाए.

उन्होंने बताया कि सभी घायलों का बेहतर इलाज सरकार करवा रही है. मुख्यमंत्री समेत सभी आलाधिकारी मौजूद हैं. हादसे की जांच भी जल्द आएगी.

स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर का बयान
हादसे पर दुःख जताते हुए गजेंद्र सिंह खींवसर ने कहा कि यह हादसा अत्यंत दुखद है. कई परिवारों ने अपने अपनों को खो दिया है. हमारी पूरी सरकार उनकी हर संभव मदद करेगी. जिनकी पहचान नहीं हो पाई है, उनके डीएनए टेस्ट करवाए जा रहे हैं, ताकि परिजनों को सही जानकारी मिल सके. उन्होंने यह भी कहा कि यह निजी ट्रैवल्स कंपनी की एसी स्लीपर बस थी, जिसमें सिर्फ एक ही दरवाजा था और एमरजेंसी एग्जिट नहीं था. इसी कारण यात्री समय पर बाहर नहीं निकल पाए और आग की लपटों में झुलस गए. सरकार ने प्रशासन को राहत एवं सहायता कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं. साथ ही हादसे की संपूर्ण जांच के आदेश भी दिए गए हैं.

डीएनए जांच में सहयोग की मांग
उन्होंने अपील करते हुए कहा कि सभी सम्मानित नागरिकों से अनुरोध है कि मंगलवार, 14 अक्टूबर को जैसलमेर से जोधपुर आ रही केके ट्रैवल्स की बस ( RJ 09PA8040) की आगजनी दुर्घटना में लापता हुए या नहीं मिल पा रहे परिजनों की पहचान तथा सहायता कार्यों के लिए आपके सहयोग की आवश्यकता है. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार, जिला प्रशासन जोधपुर व जैसलमेर पूरी तत्परता और सक्रियता से कार्य कर रहा है.

दो परिजनों का लिया जाएगा डीएनए
मृतकों की पहचान के लिए उनके दो निकटतम परिजनों से DNA सैंपल लिया जाएगा. इस उद्देश्य से महात्मा गांधी अस्पताल, जोधपुर के कॉटेज संख्या 4 एवं 5 में और जैसलमेर स्थित जवाहर अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में विशेष व्यवस्था की गई है.

NATIONAL : नाबालिक लड़कियों का बहला–फुसला कर अश्लील वीडियो बनाने का मामला, आरोपी रेहान मियां ने वीडियो किया वायरल

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गया के बांकेबाजार में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। मोमोज और मोबाइल फोन की दुकान चलाने वाले रेहान मियां नामक एक युवक पर नाबालिग बच्चियों का अश्लील वीडियो बनाकर वायरल करने का आरोप लगा है। फिलहाल आरोपी फरार है।

गया जिले के बांकेबाजार में नाबालिग लड़कियों को बहला फुसलाकर अश्लील वीडयो बनाने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि रेहान मियां नाम का शख्स कई हिंदू नाबालिग लड़कियों के साथ अश्लील वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करता था। जब वीडियो एक नाबालिग लड़की के भाई तक पहुंचा तो उसने बांकेबाजार थाना में रेहान मियां के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई। इस मामले में पॉक्सो समेत कई धाराओं में पुलिस ने केस दर्ज किया गया है। फिलहाल आरोपी रेहान फरार चल रहा है।

आपको बता दें आरोपी रेहान मियां बांकेबाजार में मोमोज और मोबाइल फोन का दुकान चलाता था। दुकान पर आने वाली नाबालिग लड़कियों को बहला फुसलाकर वो अश्लील वीडियो बनाया करता था। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने पर पूरे मामले का खुलासा हुआ है। कथित आरोपी की तस्वीरें देखकर उम्र का अंदाजा लगाया जा सकता है। लड़का 20-22 साल के आसपास है। हालांकि पुलिस का कहना है कि अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगा।

नाबालिग लड़कियों का अश्लील वीडियो बनाने का मामला

गया के एसएसपी सुशील कुमार ने बताया कि पीड़िता के बयान पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। अभियुक्त की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है और जो भी सबूत और वीडियो उसके फोन से मिले हैं उनकी जांच की जा रही है। प्रथम दृष्टया ऐसा लगता है कि लड़की नाबालिग है उसे बहला फुसलाकर यह घटना की गई है। इस मामले के सामने आने के बाद कथित आरोपी रेहान मियां के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। फिलहाल रेहान मियां अभी फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।

आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस
वहीं इस घटना के सामने आने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। लोगों में गुस्सा है और आरोपी की जल्द गिरफ्तारी की मांग की जा रही है। पुलिस इस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। इस मामले की भी तफ्तीश की जा रही है कि कहीं आरोपी दूसरी लड़कियों के साथ भी इस तरह के अश्लील वीडियो बनाकर वायरल तो नहीं करता था।

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