Monday, June 29, 2026
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MP : खेत में बुलाकर पति की हत्या, तलवार से किए शव के टुकड़े, जलाया और JCB से गड्ढा खुदवाकर दफनाया, मंदसौर में रूह कंपा देने वाली वारदात

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मंदसौर के भानपुरा में पत्नी और उसके प्रेमी ने मिलकर पति धनराज नाथ की हत्या कर दी. पहले गला घोंटा, फिर शव को टुकड़ों में काटकर जलाया और खेत में दफना दिया. बाद में गुमशुदगी दर्ज कराई. पुलिस जांच में खुलासा हुआ. परिजनों ने आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर चक्काजाम किया.

मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले के भानपुरा थाना क्षेत्र से एक बेहद सनसनीखेज और दिल दहला देने वाला हत्याकांड सामने आया है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है. इस मामले में एक पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर अपने ही पति की हत्या कर दी और फिर शव को ठिकाने लगाने के लिए ऐसी साजिश रची जिसे सुनकर लोगों की रूह कांप रही है.

जानकारी के मुताबिक मृतक धनराज नाथ को उसकी पत्नी के प्रेमी पंकज चौधरी ने बहाने से खेत पर बुलाया था. यह सब पहले से रची गई साजिश का हिस्सा था. खेत पर ले जाकर पहले धनराज का गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी गई. हत्या के बाद आरोपी यहीं नहीं रुके, बल्कि उन्होंने शव को ठिकाने लगाने के लिए बेहद क्रूर तरीका अपनाया.

हत्या के बाद आरोपियों ने शव को तलवार से टुकड़ों में काट दिया. इसके बाद उन टुकड़ों को जलाने की कोशिश की गई ताकि पहचान मिटाई जा सके. इतना ही नहीं, सबूत खत्म करने के लिए उन्होंने जेसीबी की मदद से खेत में गड्ढा खुदवाया और उसमें शव के अवशेषों को दफना दिया. इस पूरी वारदात को बेहद सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया ताकि किसी को शक न हो.

हत्या के बाद आरोपी पंकज चौधरी ने अपनी प्रेमिका और मृतक की पत्नी धापुबाई के साथ मिलकर भानपुरा थाने पहुंचकर धनराज नाथ की गुमशुदगी दर्ज कराई. इस तरह उन्होंने अपने अपराध को छुपाने की पूरी कोशिश की. परिवार को यह विश्वास दिलाने की कोशिश की गई कि धनराज कहीं लापता हो गया है.लेकिन इधर परिवार की चिंता लगातार बढ़ती जा रही थी. तीन दिन तक जब धनराज का कोई पता नहीं चला तो परिजनों को शक हुआ. उन्होंने पुलिस पर दबाव बनाना शुरू किया कि मामले की गंभीरता से जांच की जाए. इसके बाद पुलिस ने मामले में गहराई से तफ्तीश शुरू की.

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि मृतक की पत्नी का गांव के ही पंकज चौधरी के साथ प्रेम संबंध था. यह जानकारी सामने आते ही पुलिस ने पंकज चौधरी को पूछताछ के लिए थाने बुलाया. मोबाइल लोकेशन और कॉल डिटेल के आधार पर पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की, जिसमें पंकज ज्यादा देर तक सच छुपा नहीं सका और उसने पूरी घटना का खुलासा कर दिया.

पंकज की निशानदेही पर पुलिस उसे उसी खेत में लेकर गई जहां शव को दफनाया गया था. वहां से पुलिस ने गड्ढा खुदवाकर शव के अवशेष बाहर निकाले. मौके पर एफएसएल टीम को भी बुलाया गया. जांच के दौरान पुलिस को शव की राख, कुछ जले हुए अवशेष और मिट्टी मिली. इन सभी को प्लास्टिक के कट्टों में भरकर पुलिस थाने लाई गई और पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया.

एफएसएल टीम ने भी मौके से साक्ष्य जुटाकर जांच शुरू कर दी है. इस पूरे मामले का खुलासा होने के बाद मृतक धनराज नाथ के परिवार में आक्रोश फूट पड़ा. खासकर उनके दो मासूम बच्चों की हालत देखकर हर कोई भावुक हो गया. परिजनों का गुस्सा इतना बढ़ गया कि उन्होंने गरोठ-भानपुरा मार्ग स्थित दुधाखेड़ी फंटे पर चक्काजाम कर दिया और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया.

प्रदर्शन कर रहे परिजनों ने कई मांगें रखीं. उन्होंने आरोपी पंकज चौधरी के मकान पर बुलडोजर कार्रवाई की मांग की. साथ ही उसका नार्को टेस्ट कराने और इस हत्याकांड में शामिल अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार करने की मांग उठाई. इसके अलावा उन्होंने मृतक की पत्नी धापुबाई को भी बराबर का आरोपी बनाकर सख्त कार्रवाई करने की बात कही.

परिजनों के इस विरोध प्रदर्शन की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे. उन्होंने परिजनों को समझाने की काफी कोशिश की, लेकिन परिजन अपनी मांगों पर अड़े रहे. काफी देर तक बातचीत का दौर चलता रहा, लेकिन स्थिति तनावपूर्ण बनी रही. यह पूरा मामला न केवल एक जघन्य हत्या का उदाहरण है बल्कि यह भी दिखाता है कि व्यक्तिगत संबंधों में आई दरार किस तरह एक भयानक अपराध का रूप ले सकती है. फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और आगे की कार्रवाई जारी है.

ENTERTAINMENT : लव अफेयर ने डुबोया इस एक्ट्रेस का करियर, शादी से पहले प्रेग्नेंट हो करवाया अबॉर्शन

90 के दशक की वो पॉपुलर एक्ट्रेस जिसका एक शादीशुदा शख्स के संग अफेयर रहा और उसके बाद वो प्रेग्नेंट हो गईं. उसके बाद उन्हें अबॉर्शन करवाना पड़ा, जिसका असर उनके करियर पर पड़ा.

साउथ की वो पॉपुलर एक्ट्रेस जो अपनी दमदार एक्टिंग के लिए आज भी मशहूर हैं. उन्होंने अपनी पर्सनल लाइफ में कई उतार-चढ़ाव का सामना किया. उनको लेकर कई तरह की कंट्रोवर्सी हुई, जिसका असर उनके करियर पर देखने को मिला.ये एक्ट्रेस कोई और नहीं बल्कि रामा कृष्णन हैं,जिनकी गिनती 90 के दशक में साउथ की टॉप एक्ट्रेस में हुआ करती थी. लेकिन, करियर के पीक पर वो एक कंट्रोवर्सी में फंस गईं, जिसकी वजह से उनका करियर बर्बाद हो गया.

एक दौर में राम्या कृष्णन का अफेयर पॉपुलर फिल्म निर्देशनक एस.रविकुमार के साथ था. दोनों ने एक साथ कई फिल्मों में काम किया था, इसी वजह से दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ गईं. हालांकि, रविकुमार पहले से ही शादीशुदा थे. इस वजह से काफी विवाद हुआ था.सबसे ज्यादा विवाद तो तब हुआ जब राम्या कृष्णन के प्रेग्नेंसी की खबरें सुर्खियों में छा गईं. शादी से पहले ही प्रेग्नेंट होना राम्या के लिए किसी मुसीबत से बिल्कुल भी कम नहीं था.

DNA और BollywoodShaadis के अनुसार राम्या को निर्देशन ने अबॉर्शन करवाने के लिए कहा. एक्ट्रेस ने भी करियर और परिवार के दवाब में बच्चे को जन्म ना देने का फैसला किया. हालांकि, रिपोर्ट में ये भी कहा गया कि एक्ट्रेस ने अबॉर्शन के लिए रविकुमार से 75 लाख रुपये लिए थे.

राम्या की लाइफ में खुशियों ने तब दस्तक दी, जब निर्देशक कृष्णा वामसी की उनकी लाइफ में एंट्री हुई. दोनों को प्यार हुआ और इस कपल ने 2005 में शादी कर ली.इस शादी से राम्या को एक बेटा भी है. वो अपनी मैरिड लाइफ में बेहद खुश हैं. शादी के बाद राम्या ने फिर से अपने करियर पर ध्यान देना शुरू किया और अभी भी एक्टिंग करती हैं.प्रभास की फिल्म बाहुबली और बाहुबली 2 में राम्या ने शिवगामी देवी की भूमिका निभाई थी. इस कैरेक्टर में उन्हें काफी पसंद किया गया था.

NATIONAL : इस्तीफे के बाद आज ही सीएम आवास छोड़ देंगे नीतीश कुमार, यह होगा उनका नया ठिकाना

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7 सर्कुलर रोड आवास राजनीतिक रूप से भी काफी अहम माना जाता है. 2015 विधानसभा चुनाव में महागठबंधन की जीत हुई थी. उस समय भी नीतीश कुमार इसी आवास में रह रहे थे.

बिहार के मुख्यमंत्री पद से आज मंगलवार को इस्तीफा देने के बाद ही नीतीश कुमार अपने नए आवास में शिफ्ट हो जायेंगे. अब उनका नया ठिकाना आधिकारिक आवास, 1 अणे मार्ग की बजाय पटना का 7 सर्कुलर रोड का बंगला होगा. यह बिहार सरकार का टाइप-VII VIP सरकारी बंगला है, जो बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री, वरिष्ठ मंत्री या बड़े नेताओं को आवंटित किया जाता है.

नीतीश के आधिकारिक आवास, 1 अणे मार्ग से पहले ही सारा सामान शिप्ट कर दिया गया है. 1 अणे मार्ग का आवास बिहार के मुख्यमंत्री का आधिकारिक आवास है. नीतीश जब भी मुख्यमंत्री रहें , यही उनका मुख्य प्रशासनिक निवास रहा. नीतीश कुमार ने वर्ष 2014 में सीएम पद से त्यागपत्र दिया था. उसके बाद जीतनराम मांझी भी मुख्यमंत्री बनने के बाद इसी मकान में रहे थे. उनके इस्तीफे के बाद दोबारा मुख्यमंत्री बनकर नीतीश इस आवास में शिफ्ट हुए थे.

वहीं, 7 सर्कुलर रोड आवास राजनीतिक रूप से भी काफी अहम माना जाता है. 2015 विधानसभा चुनाव में महागठबंधन की जीत हुई थी. उस समय भी नीतीश कुमार इसी आवास में रह रहे थे और राजद सुप्रीमो लालू यादव के साथ मिलकर बिहार में सरकार बनाई थी. उस जीत के बाद उनकी राजनीतिक वापसी को भी इसी आवास से जोड़ा जाता है. गौर हो कि नीतीश कुमार ने सीएम पद छोड़ने से पहले मंगलवार (14 अप्रैल, 2026) को अपनी आखिरी कैबिनेट बैठक की और यह बैठत कुछ देर ही चली. इस बैठक में उन्होंने साफ किया कि जो भी सीएम बनेगा उसका वो पूरा सहयोग करेंगे.

नीतीश मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद राज्यपाल को सूचना देंगे. आज दोपहर 3:15 बजे नीतीश कुमार के इस्तीफे देने की खबरें हैं. हालांकि, अभी तक यह तय नहीं हुआ है कि बिहार का अगला सीएम कौन होगा जिसको लेकर आये दिन विपक्ष एनडीए की गठबंधन सरकार पर हमलावर है. आज 3 बजे तक बीजेपी विधानमंडल बैठक में औपचारिक ऐलान हो सकता है कि आखिर बिहार का अगला सीएम कौन होगा.

NATIONAL : ‘कल पुलिस वालों पर हमला करना है…’, नोएडा हिंसा में शामिल ‘कर्मचारियों’ के व्हाट्सएप चैट में क्या मिला?

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नोएडा में प्रोटेस्ट और आगजनी मामले में जांच के दौरान व्हाट्सएप चैट और ऑडियो सामने आए हैं, जिनमें पुलिस पर हमले की साजिश के संकेत मिले हैं. नकाबपोश उपद्रवियों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं, जबकि मजदूरी बढ़ोतरी के बावजूद विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है.

बीते दिन नोएडा में हुई हिंसा मामले में जांच तेज हो गई है. इसमें आगजनी और तोड़फोड़ करने वालों की भीड़ में कई कई नकाबपोश भी नजर आए जो मजदूरों की आड़ में उत्पात मचा रहे थे. ऐसे में जांच शुरू की गई तो पुलिस के हाथ कुछ व्हाट्सएप चैट और ऑडियो मैसेज लगे.

नोएडा पुलिस को मिले कई व्हाट्सएप ग्रुप हिंसा से 3 दिन पहले से एक्टिव हुए थे. एक ऑडियो में एक शख्स भीड़ को एकत्रित होने को बोल रहा है. इसके अलावा वह साफ शब्दों में कह रहा है ‘कल, भाई पुलिस वालों पर हमला करना है’. इंस्टाग्राम मैसेज में एक शख्स पुलिस के लाठी चार्ज के जवाब में सभी लोगों से भारी मात्रा में मिर्च पाउडर लाने को कह रहा है.

पुलिस के हाथ लगे कई सीसीटीवी और वीडियो फुटेज भी मिले हैं जिनमें नकाबपोश लोग नजर आ रहे हैं जो लाठी से सीसीटीवी पर हमला कर सबूत मिटा रहे हैं. पुलिस इन सभी की पहचान कर कार्रवाई की तैयारी में है.

बता दें कि नोएडा में बीते सोमवार को वेतन वृद्धि और बेहतर कार्य परिस्थितियों की मांग को लेकर निजी कंपनियों के कर्मचारियों का विरोध तेज हो गया था. कई दिनों से चल रहे धरने के बाद प्रदर्शनकारियों का आक्रोश भड़क उठा, जिससे सेक्टर-60 और 62 के आसपास सड़कों पर लंबा जाम लग गया. ट्रैफिक प्रभावित होने से ऑफिस जाने वाले लोगों को भारी दिक्कत हुई, वहीं कुछ जगहों पर वाहनों में आगजनी की घटनाएं भी सामने आईं.

हालांकि उत्तर प्रदेश सरकार ने देर रात न्यूनतम मजदूरी दरों में बढ़ोतरी कर दी है.अंतरिम वेतन वृद्धि के नए आदेश 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगे. अलग-अलग श्रेणियां में अधिकतम करीब 3000 तक इजाफा हुआ है.लेकिन मजदूर उससे संतुष्ट नहीं हैं.

ENTERTAINMENT : ‘उठाकर नहीं फेंका तो एक बाप की औलाद नहीं’, गुस्से में तिलमिलाए पवन सिंह, देखती रही मां

पवन सिंह ने अपने विरोधियों को कड़ी चुनौती दी.उनका ये दबंग अंदाज फैंस को बेहद पसंद आया और उन्होंने जोरदार तालियों और हूटिंग से उनका समर्थन किया. इवेंट में पवन सिंह ने अपने सुपरहिट गाने पर डांस भी किया.

भोजपुरी स्टार पवन सिंह जब भी स्टेज पर जाते हैं, फैंस के बीच गर्दा मचा देते हैं. बीते दिनों वो एक इवेंट में पहुंचे. यहां स्टेज से पावर स्टार ने अपने विरोधियो और फेक न्यूज फैलाने वालों को रेल दिया. अब उनके निशाने पर खेसारी लाल यादव थे या कोई और… वो ही बता सकते हैं. मगर इतना जरूर है पवन सिंह ने अपना दमखम दिखाकर सबकी बोलती बंद कर दी है.

पावर स्टार ने मंच से हेटर्स पर कड़ी लगाम लगाते हुए कहा- कौन न्यूज बनाता है कि मेरी तबीयत ठीक नहीं है, मैं इस मंच से ऐलान कर रहा हूं अगर तुम में दम है तो मेरे सामने आकर दिखाओ. 2 सेकंड में उठाकर नहीं फेंक दिया तो हम एक बाप का औलाद नहीं हैं. पवन सिंह के पावर बोल सुनकर वहां मौजूद लोग जोर से हूटिंग करने लगते हैं. तालियों की गड़गड़ाहट सुनाई देती है. लंबे वक्त बात स्टेज पर पवन सिंह का एग्रेसिव मोड दिखा. वो गुस्से में रिएक्शंस देते नजर आए. फैंस ने पवन की तारीफ के पुल बांधे. किसी ने कहा- जब शेर अपनी पर आता है तो किसी की सुनता नहीं है. यूजर ने कहा- पवन सिंह भोजपुरी इंडस्ट्री के सलमान खान हैं. यहां पर बस उनकी ही चलती है.

इस वक्त पवन सिंह की मां भी स्टेज पर खड़ी थीं. वो बेटे को टकटकी लगाकर देखती नजर आईं. पवन सिंह का ये दबंग अंदाज फैंस को पसंद आ रहा है. एक्टर ने अपने सुपरहिट सॉन्ग पर डांस किया, ठुमके लगाए. पवन सिंह के इन ठुमकों की पॉपुलैरिटी यूपी-बिहार से आगे निकल गई है. इवेंट में उन्होंने डांस से गर्दा उड़ाया. ऑडियंस भी पवन सिंह के साथ नाची. फैंस ने पावर स्टार के डांस पर सीटियां और तालियां बजाईं.

पवन सिंह की गिनती भोजपुरी इंडस्ट्री के सुपरस्टार्स में होती है. वो जिस भी प्रोजेक्ट पर हाथ रखते हैं, वो हिट हो जाता है. कुछ वक्त पहले वो हिंदी रियलिटी शो राइज एंड फॉल में दिखे थे. इस शो ने उनकी पॉपुलैरिटी को फलक तक पहुंचाया. अब वो हिंदी बेल्ट में भी भौकाल मचा रहे हैं.

MUMBAI : ‘टेक्नो कॉन्सर्ट’ में ड्रग ओवरडोज़ से 2 छात्रों की मौत, एक ICU में भर्ती

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मुंबई के गोरेगांव में आयोजित एक हार्ड टेक्नो कॉन्सर्ट के दौरान ड्रग ओवरडोज़ का मामला सामने आया है. इस घटना में 24 साल के एक छात्र और एक छात्रा की जान चली गई है.

महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई के गोरेगांव स्थित नेस्को वेयरहाउस में 11 अप्रैल को आयोजित एक हार्ड टेक्नो कॉन्सर्ट में शामिल हुए दो छात्रों की कथित ड्रग ओवरडोज़ से मौत हो गई है. वनराई पुलिस स्टेशन ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए एक इवेंट ऑर्गनाइज़र और कुछ पोस्ट ग्रेजुएट छात्रों सहित कुल पांच लोगों को गिरफ्तार किया है. मरने वालों में 24 वर्षीय एक युवक और 24 वर्षीय एक युवती शामिल है, जो अपने दोस्तों के समूह के साथ इटली के कलाकारों का कॉन्सर्ट देखने गए थे.

सूत्रों के मुताबिक, इस ग्रुप के तीन सदस्यों ने ड्रग्स का सेवन था, जिसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ने लगी. पीड़ितों को पहले ‘हिंदू हृदय सम्राट बालासाहेब ठाकरे ट्रॉमा अस्पताल’ और फिर निजी अस्पतालों में ले जाया गया. इलाज के दौरान सोमवार तक दो लोगों ने दम तोड़ दिया, जबकि तीसरी महिला की हालत गंभीर बनी हुई है और वह आईसीयू में जीवन और मौत की जंग लड़ रही है.

वनराई पुलिस ने ड्रग्स की बिक्री, कब्जे और आपराधिक साजिश के आरोप में पांच लोगों को हिरासत में लिया है. गिरफ्तार किए गए लोगों में कुछ पढ़े-लिखे पोस्ट ग्रेजुएट छात्र भी शामिल हैं. पुलिस फिलहाल आरोपियों से पूछताछ कर रही है, जिससे यह पता लगाया जा सके कि कॉन्सर्ट के दौरान छात्रों को किस तरह के घातक ड्रग्स बेचे या दिए गए थे, जिससे उनकी जान चली गई.

ड्रग ओवरडोज़ के बाद पीड़ितों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया था. गोरेगांव के एक निजी अस्पताल में भर्ती छात्र की पहले मौत हुई, जिसके बाद सोमवार को एक छात्रा ने भी दम तोड़ दिया. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, शुरुआती जांच में यह ड्रग ओवरडोज़ से जुड़ा मामला लग रहा है. अभी भी एक महिला का इलाज चल रहा है, जिसकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है.

यह दुखद घटना उस वक्त हुई, जब नेस्को वेयरहाउस में इटली के टेक्नो कलाकार अपनी प्रस्तुति दे रहे थे. हार्ड टेक्नो म्यूजिक के इस आयोजन में बड़ी संख्या में युवा शामिल हुए थे. पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि सुरक्षा इंतजामों और निगरानी के बावजूद आयोजन वाली जगह के अंदर नशीले पदार्थ कैसे पहुंचे और इसमें इवेंट मैनेजमेंट की क्या भूमिका रही है.

NATIONAL : गोवा से चल रहा 77 करोड़ का साइबर फ्रॉड नेटवर्क ध्वस्त, 16 आरोपी गिरफ्तार, 375 मामलों का खुलासा

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गुजरात सीआईडी की टीम ने गोवा से संचालित किए जा रहे 77 करोड़ के साइबर फ्रॉड गिरोह का भंडाफोड़ कर दिया. इस दौरान 16 आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं. साथ ही 375 मामलों का खुलासा हुआ है. देशभर में फैले इस नेटवर्क के खिलाफ CID की ये बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है. पढ़ें पूरी कहानी.

देशभर में फैले एक बड़े साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश हुआ है, जिसे गोवा से संचालित किया जा रहा था. गांधीनगर में मौजूद स्टेट साइबर क्राइम सेल की कार्रवाई में इस अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा हुआ. पुलिस ने एक साथ तीन जगहों पर छापेमारी कर 16 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. जांच में सामने आया है कि यह गिरोह 375 साइबर धोखाधड़ी के मामलों में शामिल था और करीब 77 करोड़ रुपये की ठगी कर चुका था. इस कार्रवाई को साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है.

गांधीनगर के साइबर सेंटर ऑफ़ एक्सेलेंस ने देशव्यापी साइबर धोखाधड़ी गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की. इस ऑपरेशन के तहत पुलिस ने गोवा, वडोदरा और पालनपुर में एक साथ छापेमारी की. तीन अलग-अलग टीमों का गठन कर यह अभियान चलाया गया, जिससे गिरोह को चारों तरफ से घेर लिया गया. इस समन्वित कार्रवाई के चलते पुलिस को बड़ी सफलता मिली और कुल 16 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया. इस गिरोह का नेटवर्क कई राज्यों में फैला हुआ था.

पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि यह गिरोह लंबे समय से देशभर में साइबर धोखाधड़ी को अंजाम दे रहा था. अब तक 375 मामलों में इनकी संलिप्तता सामने आई है. इन धोखाधड़ी के मामलों में कुल 77 करोड़ रुपये की ठगी की गई थी. यह रकम अलग-अलग राज्यों के लोगों से ठगी गई थी, जिससे इस गिरोह का नेटवर्क काफी बड़ा और संगठित माना जा रहा है. पुलिस अब इन मामलों से जुड़े अन्य राज्यों से भी जानकारी जुटा रही है.

गिरफ्तार आरोपियों में से 9 लोगों को गोवा से पकड़ा गया है, जिनमें इस गिरोह का मुख्य सरगना जीतूभाई ठक्कर भी शामिल है. वह पाटन का रहने वाला है और गोवा से ही पूरे नेटवर्क को ऑपरेट कर रहा था. इसके अलावा वडोदरा से 5 आरोपी गिरफ्तार किए गए, जिनमें किरण जोशी और सिद्धराज शिरवाडिया जैसे मुख्य ऑपरेटर शामिल हैं. पालनपुर से मीत श्रीमाली और मेहुल सोलंकी को गिरफ्तार किया गया है. सभी आरोपियों की भूमिकाएं अलग-अलग थीं.

इस बड़े ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने भारी मात्रा में डिजिटल साक्ष्य भी बरामद किए हैं. आरोपियों के पास से 15 लैपटॉप, 87 मोबाइल फोन, 126 सिम कार्ड, 2 राउटर, 15 डेबिट कार्ड और 4 खाली चेक जब्त किए गए. इन उपकरणों का इस्तेमाल पूरे देश में साइबर अपराध को अंजाम देने के लिए किया जाता था. पुलिस अब इन डिवाइसों की फोरेंसिक जांच कर रही है ताकि और भी सबूत जुटाए जा सकें.

एसपी विवेक भेड़ा के मुताबिक, यह गिरोह बेहद सुनियोजित तरीके से काम करता था. ये लोग पहले फर्जी कंपनियां बनाते थे या फिर भोले-भाले लोगों के नाम पर बैंक खाते खुलवाते थे, जिन्हें ‘म्यूल अकाउंट’ कहा जाता है. इसके बाद साइबर ठगी और ऑनलाइन गेमिंग से प्राप्त रकम को इन खातों में ट्रांसफर किया जाता था. यह पूरा नेटवर्क तकनीकी रूप से काफी मजबूत था और कई स्तरों पर काम करता था.

जांच में यह भी सामने आया कि इन खातों में जमा पैसे को बाद में डॉलर या क्रिप्टोकरेंसी में बदला जाता था. इसके बाद इस रकम को अवैध तरीके से विदेश भेज दिया जाता था, जिससे ट्रैक करना मुश्किल हो जाता था. यह तरीका साइबर अपराधियों के बीच काफी आम हो चुका है. पुलिस अब इस पूरे फाइनेंशियल ट्रेल को खंगाल रही है ताकि पैसे के अंतिम ठिकाने तक पहुंचा जा सके.

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जैसे-जैसे अन्य राज्यों से जानकारी मिलती जाएगी, इस गिरोह से जुड़े और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं. फिलहाल सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है. यह कार्रवाई साइबर अपराध के खिलाफ एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है और इससे देशभर में ऐसे गिरोहों पर नकेल कसने में मदद मिलेगी.

BUSINESS : होर्मुज बंद होने से सिर्फ पेट्रोल-डीजल महंगा नहीं होगा! ठप हो जाएगी भारत की ‘जीवन रेखा’

अमेरिका की तरफ से ईरान से जुड़े समुद्री व्यापार पर लगाए गए प्रतिबंध का असर भारत के लिए सिर्फ कच्चे तेल तक सीमित नहीं रहेगा. यह पूरा मामला कई स्तरों पर भारत के लिए दबाव बनाने वाला है. खासकर ऐसे समय में जब कच्चे तेल की कीमतें पहले से ही 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी हुई हैं. आइए जानते हैं, अमेरिका-ईरान के बीच बिगड़ते हालात का भारत पर क्या असर पड़ने वाला हैं?

भारत के लिए कई मोर्चों पर चिंता

मिडिल ईस्ट में जारी तनाव से एलएनजी की सप्लाई बाधित होने का खतरा बढ़ गया है. एलपीजी आयात पर होने वाले असर और शिपिंग खर्च में लगातार बढ़ोतरी चिंता बढ़ाने का काम कर रही है.

देश अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए खाड़ी देशों पर काफी हद तक निर्भर है. मुख्य चिंता की बात करें तो, बढ़ती लागत और कम होती सप्लाई का असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है. घरेलू ईंधन सप्लाई और रुपये पर दबाव बनने की संभावना है.

भारत के लिए क्यों अहम है यह रास्ता

  1. भारत की स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर निर्भरता काफी ज्यादा है. खासकर कच्चे तेल के आयात पर, क्योंकि देश का लगभग आधा क्रूड इसी रास्ते से होकर आता है. तनाव वाले माहौल की वजह से फ्रेट और इंश्योरेंस लागत बढ़ जाती है. डिलीवरी में भी देरी होती है.
  2. देश अपनी एलपीजी की जरूरतों को पूरा करने के लिए इस रास्ते पर बहुत अधिक निर्भर है. भारत करीब 60 प्रतिशत मांग आयात से पूरी करता है और इन आयातों का लगभग 90 फीसदी हिस्सा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते से गुजरता है.

ऐसे में किसी भी तरह के तनाव से सीधे घरेलू रसोई तक असर पहुंच सकता है. एलपीजी की कीमतों में बढ़ोतरी और सरकार पर सब्सिडी का बोझ बढ़ने की आशंका है.

  1. इसका असर सिर्फ एक सेक्टर तक सीमित नहीं रहने वाला है. ट्रांसपोर्ट खर्च बढ़ना, खेती-बाड़ी और खाद से जुड़े सेक्टर, केमिकल व मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री के साथ-साथ FMCG उत्पादों की कीमतों तक में तेजी आ सकती है. इस दबाव का असर बाजार से होते हुए सीधे आम लोगों के घरेलू बजट तक पहुंचने वाला है.

अमेरिका की ओर से ईरान से जुड़े समुद्री मार्गों पर ब्लॉकेड लागू कर दिया गया है. जिसके बाद दोनों देशों के बीच बातचीत टूटने की स्थिति बन गई है. इस कदम का सीधा असर ईरान के बंदरगाहों से जुड़े जहाजों पर पड़ेगा. हालांकि ईरान के अलावा दूसरे जगह जाने वाले जहाजों को आवाजाही की अनुमति दी गई है. दोनों देशों के बीच यह तनाव ऐसे समय में जारी है जब वैश्विक बाजारों में दबाव देखने को मिल रहा हैं.

SPORTS : मां ने गहने बेचकर दिलाए जूते, पिता ने कहा- ‘एक वक्त की रोटी के लिए भी..’, रुला देगी SRH पेसर साकिब हुसैन की कहानी

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साकिब हुसैन उन गेंदबाजों में शामिल हो गए हैं, जिन्होंने IPL के डेब्यू मैच में 4 या इससे अधिक विकेट लिए. सनराइजर्स हैदराबाद के लिए खेलते हुए साकिब ने 4 ओवरों में 24 रन दिए और 4 विकेट चटकाए, उनके साथ प्रफुल्ल हिंगे ने भी 4 विकेट लिए. उनका भी ये डेब्यू मैच था. यहां हम हुसैन के जीवन में आए संघर्षों के बारे में बता रहे हैं, जिनको पार करके वह आज सुर्खियों में आए हैं. उनका जीवन गरीबी में बीता. जब वह KKR में शामिल हुए थे, तब फ्रेंचाइजी ने उनका एक इंटरव्यू शेयर किया था. इंटरव्यू में उनके पिता ने बताया था कि कभी एक समय के खाने के बारे में भी सोचना पड़ता था. उन्होंने साकिब के व्यवहार की भी तारीफ करते हुए कहा कि वह भी आर्थिक स्थिति को समझता था.

साकिब हुसैन की माताजी ने भी उसी इंटरव्यू में बताया कि कैसे उनके बेटे को क्रिकेट के जूते चाहिए थे, लेकिन काफी महंगे होने के कारण वह खरीद नहीं पा रहे थे. उन्होंने बताया कि उनका बेटा मायूस था, उसकी आंखों में आंसू जाते थे, तब उनकी मां ने गहने बेचकर उन्हें स्पाइक शूज दिलाए.

उनके पिता किसान थे, लेकिन घुटनों में परेशानी के कारण वह काम नहीं कर पाते थे. साकिब हुसैन ने उस इंटरव्यू में बताया कि उन्होंने ही पिता से काम नहीं करने को कहा था. साकिब शुरुआत में सेना में भर्ती होना चाहते थे, इसके लिए वह तैयारी भी करते थे. फिर उन्होंने टेनिस बॉल से क्रिकेट खेलना शुरू किया. उनके टैलेंट को देखकर उनके दोस्तों और लोगों ने उन्हें प्रोफेशनल क्रिकेटर बनने की सलाह दी.

साकिब हुसैन बिहार के गोपालगंज से आते हैं, जिन्हे IPL में सबसे पहले कोलकाता नाइट राइडर्स ने खरीदा था. KKR ने उन्हें 2024 में 20 लाख रुपये में खरीदा, लेकिन उन्हें कभी मैच में खिलाया नहीं. कोलकाता से रिलीज किए जाने के बाद जारी संस्करण (IPL 2026) के लिए सनराइजर्स हैदराबाद ने उन्हें 30 लाख रुपये में खरीदा, जिनके लिए उन्होंने पहले ही मैच में 4 विकेट लिए.

NATIONAL : बहन की हुई मौत, 5 दिनों तक घर में पड़ा रहा शव…भाई ने बाथरूम में ही कर दिया अंतिम संस्कार

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झारखंड के धनबाद से एक हैरान और दहलाने वाला मामला सामने आया है. जहां एक महिला की मौत हो गई और उसका शव 5 दिनों तक घर में ही पड़ा रहा है. जिसके बाद उसके भाई ने उसका अंतिम संस्कार घर के ही बाथरूम में कर दिया.

धनबाद के गोविंदपुर थाना क्षेत्र में एक युवती की मौत के बाद उसका शव 5 दिनों तक घर में ही पड़ा रहा. जिसके बाद उसके भाई ने बाथरूम में ही शव का अंतिम संस्कार कर दिया. यह घटना वास्तु विहार स्थित एक आवासीय कॉलोनी की हैं. घटना का पता, तब चला जब घर से तेज बदबू और जलने की दुर्गंध आने लगी. आस-पड़ोस के लोगों का इससे रहना मुश्किल हो गया. जिसके बाद उन्होंने पुलिस को इसकी सूचना दी.

सूचना मिलने पर गोविंदपुर पुलिस मौके पर पहुंची और बाथरूम से जली हुई लाश बरामद की. पुलिस फिलहाल पूरे मामले की जांच कर रही है. जिस घर में लाश जलाई गई, वह घर सीआईएमएफआर (CIMFR) के रिटायर्ड वैज्ञानिक संगीत कुमार का था. जिनकी 2023 में मौत हो गई थी. उनकी तलाकशुदा बेटी लिपिका लंबे समय से डिप्रेशन में थी और अकेले रहती थी. धीरे-धीरे परिवार के दूसरे सदस्य भी समाज से कटते चले गए और लोगों से दूरी बना ली.

गोविंदपुर थाना प्रभारी विष्णु कुमार राउत ने कहा कि बाथरूम में एक जली हुई लाश मिली है. बॉडी को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही ज्यादा कुछ पता चलेगा. पुलिस अभी जांच कर रही है. लिपिका के बड़े भाई प्रणव के मुताबिक, लिपिका की मौत 8 तारीख को हुई थी. वह बार-बार शौचालय जा रही थी. ऐसे में उसकी हालत लगातार बिगड़ती गई और उसकी मौत हो गई.

जिसके बाद प्रणव ने अपने छोटे भाई प्रबुद्ध राजवर्धन को इसकी जानकारी दी. लेकिन वह नहीं आया. किसी ने इसे गंभीरता से नहीं लिया. प्रणव ने कहा कि उसकी बहन के शव में कीड़े पड़ गए थे, इसलिए उसने तकिया, रजाई और कंबल से उसका अंतिम संस्कार कर दिया. वहीं छोटे भाई प्रबुद्ध राजवर्धन का कहना है कि उसके भाई ने उसे बहन की मौत की खबर दी थी और वह रविवार सुबह अंतिम संस्कार का सामान लेकर पहुंचा भी था. जब वह घर पहुंचा तो उसके बड़े भाई ने कहा, “हमने अंतिम संस्कार कर दिया है ” उस समय घर से कोई बदबू नहीं आ रही थी.

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