Sunday, September 20, 2026
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NATIONAL : हरियाणा-राजस्थान के बीच जल समझौता: गृहमंत्री अमित शाह की मौजूदगी में MOU साइन, तीन दशक से चल रहा था विवाद

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समझौते के तहत वर्ष 1994 में हुए अपर यमुना रिवर बोर्ड के जल बंटवारा समझौते के अनुसार राजस्थान को उसके हिस्से का पानी उपलब्ध कराने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में सोमवार को हरियाणा और राजस्थान के बीच जल बंटवारे को लेकर एक महत्वपूर्ण समझौता हुआ।

दोनों राज्यों की सरकारों के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। इस मौके पर केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा भी मौजूद रहे। समझौते के तहत मानसून के दौरान हरियाणा पाइप लाइन के जरिए राजस्थान को पानी भेजेगा।

समझौते के तहत वर्ष 1994 में हुए अपर यमुना रिवर बोर्ड के जल बंटवारा समझौते के अनुसार राजस्थान को उसके हिस्से का पानी उपलब्ध कराने का मार्ग प्रशस्त \हो गया है। इससे लंबे समय से लंबित जल वितरण से जुड़े मुद्दों के समाधान की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।


इस समझौते के बाद रेणुका डैम, किशाऊ डैम और लखवार डैम जैसी बहुप्रतीक्षित बांध परियोजनाओं के निर्माण और क्रियान्वयन में भी तेजी आने की उम्मीद है। इन परियोजनाओं के पूरा होने से पेयजल उपलब्धता, सिंचाई क्षमता और जल संरक्षण को बड़ा लाभ मिलेगा।

केंद्र सरकार ने इस समझौते को राज्यों के बीच सहयोगात्मक संघवाद का महत्वपूर्ण उदाहरण बताया है। माना जा रहा है कि इससे जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन, अंतरराज्यीय समन्वय और भविष्य की जल सुरक्षा को नई मजबूती मिलेगी।

BUSINESS : 1 जुलाई से पेट्रोल-डीजल पर ‘नो लिमिट’, सरकार ने कमर्शियल खरीदारों से हटाई रोकसरकार ने कमर्शियल खरीदारों के लिए पेट्रोल और डीजल की खुदरा बिक्री पर लगी सभी पाबंदियों को 1 जुलाई 2026 से पूरी तरह हटाने का फैसला किया है.

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बड़ी राहत: 1 जुलाई से पेट्रोल-डीजल पर ‘नो लिमिट’, सरकार ने कमर्शियल खरीदारों से हटाई रोकसरकार ने पेट्रोल-डीजल की खरीद पर लगी सभी रोक को 1 जुलाई से हटाने का फैसला किया है.CANVA

फटाफट पढ़ेंहाइलाइट्स
मिडिल ईस्ट में शांति बढ़ने के साथ ही भारत में सरकार ने फ्यूल के ऊपर लगाई हुई लिमिट हटाना शुरू कर दिया है. केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए आम पेट्रोल पंपों से पेट्रोल और डीजल खरीदने पर लगी सभी पाबंदियों को 1 जुलाई 2026 से पूरी तरह खत्म करने का ऐलान कर दिया है. मतलब ये है कि अब कमर्शियल ग्राहक बिना किसी कोटे या लिमिट के जितना चाहें उतना फ्यूल खरीद सकेंगे. सरकार के इस फैसले से देश के लॉजिस्टिक्स और ट्रांसपोर्ट सेक्टर को बड़ी राहत मिलनी तय है.

सरकार ने क्यों लगाई थी रोक?
जून महीने में सरकार को ये बड़ा कदम उठाना पड़ा था, क्योंकि मिडिल ईस्ट में जंग की वजह से दुनिया भर में कच्चे तेल की सप्लाई चेन और शिपिंग लॉजिस्टिक्स पर नेगेटिव असर पड़ा था. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने से भारत को डर था कि कहीं देश के अंदर तेल की किल्लत ना हो जाए. इसी वजह से जमाखोरी रोकने, कालाबाजारी पर लगाम लगाने और देश के आम नागरिकों के साथ किसानों के लिए तेल की उपलब्धता रहे, सरकार ने जून में इमरजेंसी सप्लाई नियम लागू लगाए थे.

40 रुपये के खेल ने बढ़ाई थी सिरदर्दी
इस रोक के पीछे एक और बड़ी वजह थी थोक और खुदरा कीमतों में जमीन-आसमान का अंतर. दरअसल, इंटरनेशनल मार्केट में उठा-पटक की वजह से इंटस्ट्री और थोक खरीदारों के लिए डीजल की कीमत आम पेट्रोल पंपों की तुलना में करीब 40 रुपये प्रति लीटर महंगी हो गई. मुनाफे के इस बड़े अंतर को देखते हुए बड़ी कंपनियों, ट्रक ऑपरेटरों ने थोक डिपो से तेल खरीदना बंद कर दिया और वो अपनी गाड़ियों और कंटेनरों को लेकर आम पेट्रोल पंपों पर चल पड़े.

कुछ जगहों पर तो डिब्बों में भरकर डीजल की जमाखोरी और री-सेल के मामले भी सामने आए. इसके चलते सरकारी तेल कंपनियों के पेट्रोल पंपों पर बड़ा प्रेशर आ गया. इसी को कंट्रोल करने के लिए सरकार ने कमर्शियल खरीदारों पर रोक लगाई थी और डीजल की सेल को प्रति वाहन और ग्राहक ज्यादा से ज्यादा 200 लीटर प्रति दिन तक सीमित कर दिया था.

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अब हालात कंट्रोल में
सरकार ने साफ किया है कि अब देश के अंदर पेट्रोल-डीजल की सप्लाई पूरी तरह स्टेबल और नॉर्मल हो चुकी है. इसलिए इस रोक को जारी रखने की कोई जरूरत नहीं है. इसलिए 12 जून के पुराने नोटिफिकेशन को वापस ले लिया गया,. इस फैसले के बाद अब बड़े वाहन चालकों और फैक्ट्रियों को डीजल के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा.

NATIONAL : दिल्ली में 30 जून से शुरू होगा SIR अभियान, घर-घर पहुंचकर मतदाता सूची अपडेट करेंगे BLO

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राजधानी में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) का आगाज होने जा रहा है। इसके तहत 30 जून से 29 जुलाई तक बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) घर- घर दस्तक देंगे। इस सर्वे का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची को पूरी तरह अपडेट करना है ताकि कोई भी पात्र नागरिक अपने मताधिकार से वंचित न रहे।

इस महाभियान के लिए दिल्ली में व्यापक स्तर पर तैयारियां की गई हैं। चुनाव आयोग ने जानकारी साझा की है कि वर्तमान में दिल्ली में कुल 1,48,23,234 पंजीकृत मतदाता हैं। इसके सत्यापन के लिए 13,026 बीएलओ तैनात किए जा रहे हैं। लोकतंत्र के इस उत्सव में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए राजनीतिक दलों की भूमिका को भी अहम माना गया है, जिसके तहत 28,881 बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी और सहायता के लिए मौजूद रहेंगे।

चार सितंबर तक दर्ज करा सकेंगे आपत्तियां
प्रक्रिया के अनुसार फील्ड सर्वे के बाद पांच अगस्त 2026 को मतदाता सूची का एक ड्राफ्ट प्रकाशित किया जाएगा। यदि किसी नागरिक को अपने नाम, पते या अन्य विवरणों में कोई त्रुटि नजर आती है अथवा किसी नए पात्र व्यक्ति का नाम छूट गया है, तो वे पांच अगस्त से चार सितंबर 2026 के बीच अपने दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे।

चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि इस बार पुनरीक्षण के लिए अर्हता तिथि एक अक्टूबर 2026 तय की गई है, यानी जो युवा इस तारीख तक वोट डालने की निर्धारित आयु पूरी कर लेंगे, वे भी अपना नाम जुड़वा सकते हैं। सभी सुधारों के निस्तारण के बाद, दिल्ली की अंतिम व संशोधित मतदाता सूची का प्रकाशन सात अक्टूबर 2026 को किया जाएगा।

NATIONAL : PM मोदी मंत्रालय के सचिवों के साथ शासन व्यवस्था की करेंगे समीक्षा, पांच राज्यों में SIR की शुरुआत

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आज 30 जून 2026 को आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि है। यह दिन राजनीति, प्रशासन, खेल और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई महत्वपूर्ण घटनाओं का गवाह बनने जा रहा है। जहां पीएम मोदी आज मंत्रालय और विभागों के सचिवों के साथ शासन व्यवस्था और सुधारों की रणनीतिक समीक्षा करेंगे तो वहीं दिल्ली, झारखंड समेत पांच राज्यों में आज से मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया की शुरुआत होगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सचिवों के साथ अहम बैठक
शासन व्यवस्था और सुधारों की रणनीतिक समीक्षा के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को केंद्र सरकार के सभी मंत्रालयों और विभागों के सचिवों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक करेंगे। इस बैठक में आम जनजीवन को सुलभ बनाने और व्यापार को आसान बनाने से जुड़े सुधारों पर चर्चा की जाएगी।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का आंध्र प्रदेश दौरा
भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू 30 जून को आंध्र प्रदेश के दौरे पर पहुंच रही हैं। इस दिन वे विजयनगरम में स्थित केंद्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय के प्रथम दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होंगी।
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सीएम योगी आदित्यनाथ की रामपुर में जनसभा
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 30 जून को रामपुर का दौरा करेंगे, जहां वे मिलक शाहबाद विधानसभा क्षेत्र में एक विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे। इसके साथ ही मुख्यमंत्री रामपुर की जनता को कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं की सौगात देते हुए उनका लोकार्पण और शिलान्यास भी करेंगे।

कांग्रेस के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल का अयोध्या दौरा
राम मंदिर के फंड में कथित गबन के चल रहे विवाद के बीच कांग्रेस का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल अयोध्या जाकर राम मंदिर में दर्शन करेगा। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के नेतृत्व में जाने वाले इस दल में कई सांसद और पूर्व विधायक शामिल होंगे।

पांच राज्यों में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण शुरू
कर्नाटक, दिल्ली, महाराष्ट्र, मेघालय और झारखंड में 30 जून से मतदाता सूची के विशेष सघन संशोधन की प्रक्रिया शुरू हो रही है। इस अभियान के तहत बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) 29 जुलाई तक घर-घर जाकर सत्यापन करेंगे। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि इस संशोधन प्रक्रिया में पहचान के लिए पासपोर्ट को एक वैध दस्तावेज माना जाएगा।
एलपीजी ग्राहकों के लिए ई-केवाईसी की अंतिम तिथि
एचपी, इंडेन और भारत गैस के ग्राहकों के लिए अपना ई-केवाईसी पूरा करने की आखिरी तारीख 30 जून है। इसके अलावा, जिन ग्राहकों के पास पाइप वाली गैस (पीएनजी) की सुविधा मौजूद है, उन्हें 30 जून तक अपना एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करने का निर्देश दिया गया है, ऐसा न करने पर कनेक्शन काट दिया जाएगा।

भोजपुर में भरत भूषण तिवारी की विशाल श्रद्धांजलि सभा
बिहार के भोजपुर जिले के बिलौटी गांव में 17 जून को एक मुठभेड़ में मारे गए भरत भूषण तिवारी की श्रद्धांजलि सभा और ब्रह्मभोज का आयोजन 30 जून को किया जाएगा। इस वृहद आयोजन में लगभग 15 हजार लोगों के शामिल होने की संभावना है, जिसके लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की गई हैं।
दक्षिण अफ्रीका में प्रवासियों के खिलाफ राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन
दक्षिण अफ्रीका में विदेशी अफ्रीकी प्रवासियों को देश छोड़ने के लिए दी गई 30 जून की समय सीमा खत्म हो रही है। ‘मार्च एंड मार्च’ आंदोलन के नेतृत्व में होने वाले राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा कड़ी कर दी है और नाइजीरिया, घाना सहित कई अफ्रीकी देशों ने अपने नागरिकों के बचाव के लिए अलर्ट जारी किया है।

NATIONAL : 50% तक बढ़ेगी लोकसभा की सीट?: सरकार कर रही विचार, महिला आरक्षण पर संविधान संशोधन बिल के नए प्रारूप की तैयारी

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सरकार महिला आरक्षण कानून लागू करने के लिए नया संविधान संशोधन विधेयक तैयार कर रही है। प्रस्ताव में लोकसभा सीटें 543 से बढ़ाकर अधिकतम 850 करने, परिसीमन और दक्षिण भारतीय राज्यों की चिंताओं को ध्यान में रखने की योजना शामिल है।

महिला आरक्षण कानून लागू करने के लिए सरकार संविधान संशोधन विधेयक का नया प्रारूप तैयार कर रही है। इसके तहत सभी राज्यों के लिए लोकसभा सीटों की संख्या 50% तक बढ़ाने समेत विभिन्न विकल्पों पर काम चल रहा है, ताकि दक्षिण भारतीय राज्यों की चिंताओं को दूर किया जा सके।

नया प्रारूप मुख्य रूप से दक्षिण के राज्यों के इस डर को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है कि जनसंख्या आधारित परिसीमन से लोकसभा में उनका सियासी प्रभाव घट जाएगा। 17 अप्रैल को लाया गया पहला विधेयक लोकसभा में पारित नहीं हो सका था। नए प्रारूप में वर्ष 1971 की जनगणना के आधार पर राज्यों के बीच सीटों के मौजूदा अनुपात को बनाए रखने का प्रस्ताव दिया गया है। वर्तमान जनगणना के आंकड़े उपलब्ध नहीं होनेे से लोकसभा-विधानसभा सीटों का पुनर्गठन वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर किया जाएगा। सूत्रों का कहना है कि सरकार इस विधेयक को संसद में तभी पेश करेगी, जब वह बहुमत को लेकर पूर्णत: आश्वस्त हो जाएगी। वर्तमान में लोकसभा में एनडीए के पास करीब 300 सांसद हैं और तीन सीटें खाली हैं। दो-तिहाई बहुमत के लिए उसे 360 मतों की जरूरत है।

सरकार की योजना के अनुसार, पिछली प्रकाशित जनगणना के आधार पर परिसीमन करके वर्ष 2029 के संसदीय चुनावों से पहले महिला आरक्षण कानून को क्रियाशील करने के लिए लोकसभा सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर अधिकतम 850 किया जाएगा।

अप्रैल में पेश किए गए संविधान संशोधन विधेयक के अनुसार, महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था करने हेतु राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं में भी सीटें बढ़ाई जाएंगी। विधेयक में कहा गया है कि लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए आरक्षित सीटें किसी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश के विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों में बारी-बारी से आवंटित की जाएंगी।

WORLD : अंतिम चरण में भारत-अमेरिका ट्रेड डील, अमेरिकी राजदूत ने कहा-सिर्फ 1 फीसदी काम बाकी

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भारत और अमेरिका के बीच बहुप्रतीक्षित व्यापार समझौता अब अपने बिल्कुल अंतिम चरण में पहुंच गया है। भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने मंगलवार को उम्मीद जताई कि लगभग 18 महीने की लंबी बातचीत के बाद यह ऐतिहासिक डील जल्द ही पूरी हो जाएगी। उन्होंने कहा कि इस समझौते का अब केवल आखिरी एक प्रतिशत हिस्सा ही संपन्न होना बाकी है।

यूएस-इंडिया स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप फोरम लीडरशिप समिट को संबोधित करते हुए अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने कहा कि हम इस डील के अंतिम पड़ाव पर हैं। इस समझौते का अधिकांश हिस्सा पूरा हो चुका है। दोनों पक्षों की ओर से बस कुछ ही बिंदु बचे हैं। आप कह सकते हैं कि यह इस डील का आखिरी 1 फीसदी हिस्सा है। गोर ने कहा कि वह इस समझौते को अंतिम रूप देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं क्योंकि यह दोनों देशों के लिए फायदेमंद साबित होगा

जब उनसे यह पूछा गया कि इस डील में इतना समय क्यों लग रहा है, तो उन्होंने स्पष्ट किया, “लोग पूछते हैं कि इसमें इतना वक्त क्यों लग रहा है? हम पिछले डेढ़ साल से इस पर लगातार काम कर रहे हैं। लेकिन अगर इसे बड़े परिप्रेक्ष्य में देखें, तो हम पिछले 20 सालों से व्यापार कर रहे हैं। इसलिए चाहे जो भी हो, एक बार जब हम यूरोपीय समझौते को पीछे छोड़ देंगे, तो हम बेहद मजबूत स्थिति में होंगे। मैं इसे जल्द से जल्द मुकाम तक पहुंचाने के लिए दृढ़ संकल्पित हूं।”

पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच मजबूत तालमेल
अमेरिकी राजदूत दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को लेकर काफी उत्साहित नजर आए। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच के बेहतरीन व्यक्तिगत तालमेल का विशेष रूप से जिक्र किया, जो इन संबंधों को नई गति दे रहा है।

सर्जियो गोर ने बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप के मन में अपनी पिछली भारत यात्रा की बेहद सुखद यादें हैं और वे आज भी इसकी चर्चा करते हैं। उन्होंने कहा कि उनका पिछला भारत दौरा उनके सबसे शानदार दौरों में से एक था, जिसके बारे में वे लगातार बात करते हैं। उनके दिल में भारत के लिए एक बहुत ही खास जगह है। यह एक अद्भुत बात है। मैं भारत में राष्ट्रपति ट्रंप का फिर से स्वागत करने और उनकी आगामी भारत यात्रा का बेसब्री से इंतजार कर रहा हूं।

फिलीपींस में होगी क्वाड की बैठक
इस समिट के दौरान राजदूत गोर ने एक और महत्वपूर्ण रणनीतिक घोषणा की। उन्होंने बताया कि अब से लगभग दो हफ्ते बाद फिलीपींस में क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की एक अहम बैठक होने जा रही है, जिसमें क्षेत्रीय सहयोग और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।

NATIONAL : आयुष्मान: सारथी एप पर मिलेगी अस्पतालों की जानकारी

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उन्नाव। आयुष्मान भारत योजना से जुड़े लाखों मरीजों की सुविधा के लिए डिजिटल पहल शुरू की गई है। ‘सारथी’ मोबाइल ऐप लॉन्च किया गया है, जिसके माध्यम से मरीज अपने नजदीकी आयुष्मान-पैनल अस्पतालों की पूरी जानकारी अपने फोन पर प्राप्त कर सकेंगे। यह ऐप मरीजों को अस्पताल खोजने, उपचार पैकेज जानने व आयुष्मान कार्ड की स्थिति जांचने जैसी कई सुविधाएं एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराएगा। इसमें 14 प्राइवेट, 19 सरकारी अस्पताल शामिल हैं। योजना के तहत जिले में 17,37,986 जरूरतमंदों का गोल्डेन कार्ड बनाने का लक्ष्य दिया गया था। जिसके सापेक्ष अबतक करीब 9.70 लाख आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं।

इसके साथ ही 29 नवंबर 2024 को आयुष्मान वय वंदना योजना के जरिए 70 दशक पार कर चुके बुजुर्गों के भी गोल्डेन कार्ड बनाए जा रहे हैं। हालांकि कई बार ऐसा होता है कि लाभार्थी को योजना से संबंद्ध अस्पताल की जानकारी नहीं हो पाती है। इससे उन्हें शारीरिक कष्ट के साथ भागदौड़ करनी पड़ती है। ऐसे में इनकी सहूलियत के लिए शासन ने सारथी एप लांच किया है। सीएमओ डॉ. सत्यप्रकाश ने बताया कि यह एप राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण द्वारा विकसित किया गया है और इसे केंद्र की ‘डिजिटल इंडिया मिशन’ से जोड़ा गया है। इसका उद्देश्य मरीजों को अस्पतालों के चयन में पारदर्शिता और समय की बचत दिलाना है। एप पर अस्पतालों की लोकेशन, उपलब्ध बेड, उपचार पैकेज दरें, डॉक्टरों की विशेषज्ञता और मरीजों की रेटिंग जैसी जानकारी दर्ज होगी। इसके साथ ही एप मरीज को निकटतम उपलब्ध अस्पताल खोजने में भी सहायता करेगा। साथ ही, जिन अस्पतालों में आयुष्मान योजना के तहत सुविधा फिलहाल निलंबित है, उनकी स्थिति भी ‘नॉन-ऑपरेशनल’ टैग के साथ प्रदर्शित की जाएगी, जिससे गलतफहमी की संभावना खत्म होगी। ऐसे कर सकेंगे प्रयोग यह एप गूगल प्ले स्टोर व एप स्टोर पर उपलब्ध है। यहां से इस एप को नि:शुल्क डाउनलोड किया जा सकता है। जिसके बाद लाभार्थी को लॉग-इन करने के लिए मरीजों को केवल अपना आयुष्मान कार्ड नंबर या पंजीकृत मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा। इसके बाद वे अपने जिले या राज्य के अस्पतालों की पूरी सूची देख सकेंगे, अस्पताल से संपर्क कर सकेंगे और जरूरत होने पर ऑनलाइन अपॉइंटमेंट भी ले सकेंगे।

NATIONAL : अब नहीं रुकेगी DRDO की रफ्तार! राजनाथ सिंह का बड़ा फैसला, अब रफ्तार पकड़ेंगी भारत की सीक्रेट डिफेंस परियोजनाएं

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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने DFP 2026 लागू किया. DRDO को अधिक वित्तीय अधिकार मिलने से रक्षा परियोजनाओं, परीक्षण, नवाचार और स्वदेशी सैन्य तकनीक के विकास में तेजी आएगी.

रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन, यानी डीआरडीओ, की कार्यक्षमता बढ़ाने, जवाबदेही सुनिश्चित करने व सामरिक अनुसंधान एवं विकास परियोजनाओं को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के उद्देश्य से बड़ी पहल की गई है. इसके तहत रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ‘डीएफपी-2026’ (वित्तीय शक्तियों का प्रत्यायोजन-2026) जारी किया.यह नई व्यवस्था डीआरडीओ में विभिन्न स्तरों को अधिक वित्तीय अधिकार प्रदान करेगी, जिससे महत्वपूर्ण रक्षा परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी.

रक्षा मंत्री ने बताया कि डीएफपी 2026 के लागू होने से रिसर्च एवं डेवलपमेंट तंत्र से विकसित होने वाली प्रणालियों, प्लेटफॉर्मों और तकनीकों का उत्पादन तथा सशस्त्र बलों में उनका शामिल किया जाना अधिक तेज होगा. रक्षा मंत्री ने कहा कि यह तंत्र उद्योगों, शैक्षणिक संस्थानों और अनुसंधान संगठनों के साथ सहयोग को भी मजबूत करेगा. इस सहयोग से आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को नई गति मिलेगी. उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि संशोधित वित्तीय व्यवस्था रक्षा प्रौद्योगिकियों में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के साथ-साथ देश की रक्षा तैयारियों को और मजबूत बनाएगी.

नई वित्तीय व्यवस्था

डीएफपी-2026 के तहत रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग की विभिन्न इकाइयों को अधिक कार्यात्मक अधिकार दिए गए हैं.नई व्यवस्था में परीक्षण अभियानों, परीक्षण एवं मूल्यांकन गतिविधियों के लिए अलग वित्तीय प्रावधान किए गए हैं. साथ ही, परियोजना शुरू होने से पहले अनुसंधान एवं विकास संबंधी प्रारंभिक गतिविधियों को स्वीकृति देने की व्यवस्था भी शामिल की गई है.

पारदर्शी वित्तीय ढांचा

इबाह्य अनुसंधान परियोजनाओं, रक्षा नवाचार उत्कृष्टता केंद्रों तथा प्रौद्योगिकी विकास कोष से संबंधित अनुदानों के लिए वित्तीय शक्तियों का स्पष्ट विभाजन किया गया है. इससे परियोजनाओं की स्वीकृति और क्रियान्वयन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सुगम होगी. नई दिल्ली में आयोजित इससे संबंधित एक कार्यक्रम में देश के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ एनएस राजा सुब्रामणी व रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह सहित रक्षा मंत्रालय, डीआरडीओ, और वित्त प्रबंधन से जुड़े कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे. विशेषज्ञों का मानना है कि डीएफपी 2026 रक्षा अनुसंधान परियोजनाओं में निर्णय लेने की प्रक्रिया को तेज करेगा. यह नवाचार को प्रोत्साहित करेगा और स्वदेशी रक्षा प्रणालियों के विकास तथा सैन्य बलों में उनकी शीघ्र तैनाती का मार्ग प्रशस्त करेगा.

NATIONAL : पीएम मोदी आज सभी केंद्रीय सचिवों के साथ करेंगे हाई लेवल मीटिंग, 2047 तक विकसित भारत बनाने के लक्ष्य पर होगी चर्चा

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मंगलवार को सभी केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों के सचिवों के साथ अहम बैठक करेंगे। बैठक में ईज ऑफ लिविंग और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बेहतर बनाने के लिए किए गए सुधारों की समीक्षा की जाएगी।

साथ ही विभिन्न मंत्रालयों के सचिव अपने-अपने विभागों की उपलब्धियों, सुधारों और जनकल्याण से जुड़े कदमों पर प्रस्तुति देंगे।

बैठक में प्रधानमंत्री 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य के अनुरूप अगली पीढ़ी के सुधारों पर चर्चा करेंगे। माना जा रहा है कि वह अधिकारियों को सुशासन, बेहतर सेवा वितरण और लोगों से जुड़े मामलों में लंबित कार्यों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश देंगे। बैठक में देश की आर्थिक स्थिति और विकास दर पर भी चर्चा हो सकती है।

हाल में जारी आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में अर्थव्यवस्था ने 7.8% की वृद्धि दर्ज की, जबकि पूरे वित्त वर्ष की विकास दर 7.7% रही।

प्रधानमंत्री ने हाल ही में मंत्रिपरिषद की बैठक में कहा था कि सरकार नागरिकों का जीवन आसान बनाने, कारोबार को बढ़ावा देने और युवाओं के लिए नए अवसर सृजित करने की दिशा में सुधारों की गति बनाए रखेगी।

WORLD : ‘होर्मुज बंद किया तो नहीं बचेगा ईरान’: ट्रंप की नई धमकी, कहा-अमेरिका खुद वसूलेगा टोल; तेल पर होगा कब्जा

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य बंद करने की धमकी पर ईरान को मिटाने की चेतावनी दी है। ट्रंप ने कहा कि जरूरत पड़ने पर अमेरिका जलमार्ग पर नियंत्रण कर टोल वसूलेगा और ‘गार्जियन एंजेल’ बनकर 20% तेल पर कब्जा करेगा। ट्रंप ने और क्या-क्या कहा है? जानिए…

शांति वार्ता के बीच खाड़ी क्षेत्र में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है। ट्रंप ने साफ-साफ कहा कि अगर ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की जुर्रत की, तो उसका अस्तित्व ही संकट में पड़ जाएगा। ट्रंप ने कहा, ‘आप इसे बंद करेंगे और आपके पास कोई देश नहीं बचेगा। आप अपने देश वापस भी नहीं जा पाएंगे।’

अमेरिका ले सकता है जलमार्ग का नियंत्रण: ट्रंप
राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट किया कि जरूरत पड़ने पर अमेरिका इस रणनीतिक जलमार्ग पर पूरी तरह नियंत्रण कर सकता है। उन्होंने एक कैबिनेट बैठक के दौरान कहा, ‘अगर हमें जरूरत पड़ी, तो हम होर्मुज जलडमरूमध्य पर कब्जा करेंगे। अगर वे कोई समझौता नहीं करते हैं, तो हम खुद वहां से गुजरने वाले जहाजों से टोल टैक्स वसूलेंगे।’ ट्रंप की धमकी से पहले ईरान ने इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को बंद करने की बात कही थी।

ट्रंप बोले-यूएस बनेगा गार्जियन एंजेल
राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिका की भूमिका को एक नए अंदाज में पेश किया। उन्होंने कहा कि अमेरिका इस पूरे क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य का ‘गार्जियन एंजेल’ यानी रक्षक बन सकता है। इसके बदले में अमेरिका वहां से निकलने वाले कुल तेल का 20 प्रतिशत हिस्सा अपने पास रखेगा। ट्रंप ने साफ किया कि अगर वैश्विक व्यापार को बाधित करने की कोशिश की गई, तो अमेरिकी सेना चुप नहीं बैठेगी। खाड़ी देशों से तेल की आपूर्ति को सुरक्षित रखना अमेरिका की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

ट्रंप की सीधे ‘प्रॉक्सी वॉर’ रोकने की चेतावनी
इतना ही नहीं, ट्रंप ने इस बार लेबनान और वहां सक्रिय चरमपंथी संगठनों को लेकर बेहद कड़ा रुख अपनाया है। ट्रंप ने बिना किसी लाग-लपेट के ईरान को चेतावनी दी है कि वह लेबनान में जारी अपनी हरकतों को तुरंत बंद करे। ट्रंप ने कहा कि ईरान लेबनान में मोटी रकम पाने वाले अपने ‘प्रॉक्सिस’ को तुरंत उपद्रव मचाने से रोके। अमेरिकी राष्ट्रपति ने अल्टीमेटम देते हुए कहा कि अगर ईरान ने लेबनान में अपने इन लड़ाकों को काबू नहीं किया, तो अमेरिका तेहरान पर फिर से वैसा ही भीषण सैन्य हमला करेगा जैसा पिछले हफ्ते किया था, बल्कि इस बार का प्रहार उससे भी ज्यादा जोरदार होगा।

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