Monday, June 29, 2026
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UP : एक दुल्हन के लिए पहुंच गईं दो बारातें, पुलिस की मौजूदगी में हुआ निकाह; जानें कौन बना शौहर?

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अमरोहा में रविवार को ‘एक फूल दो माली’ वाली कहावत सच हो गई. एक ही दुल्हन के लिए मुरादाबाद और संभल से दो अलग-अलग बारातें बैंक्वेट हॉल पहुंच गईं. तनाव बढ़ते देख पुलिस बुलानी पड़ी, जिसके बाद दुल्हन की मर्जी से संभल वाले दूल्हे के साथ निकाह पढ़ाया गया और दूसरा पक्ष वापस लौट गया.

अमरोहा कोतवाली क्षेत्र के कैलसा बाईपास स्थित एक बैंक्वेट हॉल में रविवार को एक दुल्हन की दो बारातें पहुंचने से अफरा-तफरी मच गई. मुरादाबाद निवासी पहले दूल्हे से मंगनी टूटने के बाद दुल्हन पक्ष ने संभल के दूसरे दूल्हे से उसी तारीख का रिश्ता तय कर लिया था. कार्ड बंटने और तैयारियां पूरी होने के कारण मुरादाबाद वाला दूल्हा भी बारात लेकर पहुंच गया, जिससे मौके पर तनाव और कहासुनी शुरू हो गई. सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने तीनों पक्षों की बात सुनी और दुल्हन की रजामंदी के आधार पर संभल वाले दूल्हे के साथ निकाह की रस्म पूरी कराई.

पूरा मामला मुरादाबाद और संभल के दो दूल्हों के बीच फंसा था. जानकारी के मुताबिक, दुल्हन की मंगनी पहले मुरादाबाद के एक रिश्तेदार से हुई थी, लेकिन बाद में दोनों परिवारों के बीच अनबन हो गई.

दुल्हन पक्ष ने इस रिश्ते को खत्म कर संभल के युवक से शादी तय कर ली. चूंकि, पुरानी तारीख के कार्ड बंट चुके थे और तैयारी पूरी थी, इसलिए मुरादाबाद का दूल्हा भी अपना हक जताते हुए बारात लेकर बैंक्वेट हॉल पहुंच गया.

एक ही समय पर दो बारातियों और दो दूल्हों को देखकर माहौल गर्मा गया. दुल्हन पक्ष ने तुरंत पुलिस को फोन कर दिया. मौके पर पहुंची पुलिस ने छानबीन की और तीनों पक्षों को शांत कराया. आखिरकार दुल्हन की पसंद और रजामंदी को प्राथमिकता दी गई. संभल से आए दूल्हे के साथ निकाह की रस्में सादगी से अदा की गईं और शाम को दुल्हन की रुखसती हुई. मुरादाबाद वाले दूल्हे को अपनी बारात लेकर बिना दुल्हन के ही वापस लौटना पड़ा.

इतना बड़ा ड्रामा होने के बावजूद मामले में कोई कानूनी कार्रवाई नहीं हुई. तीनों पक्षों ने आपस में समझौता कर लिया और पुलिस की मौजूदगी में विवाद निपट गया. फिलहाल, पूरे अमरोहा नगर में इस अनोखी शादी और दो दूल्हों की चर्चा जोरों पर है। लोग इसे फिल्मी सीन की तरह देख रहे हैं, जहां अंत में पुलिस ने दखल देकर मामला शांत कराया और दुल्हन अपने तय दूल्हे के साथ विदा हुई.

Mirror Vastu: घर में ऐसे लगा है आईना? तुरंत बदलें जगह, नहीं तो आ सकती हैं मुश्किलें

मिरर वास्तु इसलिए जरूरी माना जाता है क्योंकि आईना घर की ऊर्जा को प्रभावित करता है. सही दिशा में लगा आईना सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाता है, जबकि गलत स्थान नकारात्मकता, तनाव और आर्थिक रुकावट ला सकता है, इसलिए इसका सही उपयोग घर की सुख-शांति बनाए रखने में मदद करता है.

घर में रखा आईना आपके घर की ऊर्जा और माहौल पर गहरा असर डालता है. वास्तु शास्त्र के अनुसार आईना एक ऐसा तत्व है जो ऊर्जा को आकर्षित भी करता है और उसे कई गुना बढ़ाता भी है. इसलिए अगर आईना सही दिशा और सही जगह पर लगाया जाए तो यह घर में सुख-समृद्धि, शांति और पॉजिटिव ऊर्जा लाता है. वहीं अगर इसे गलत जगह पर रखा जाए, तो यही आईना नकारात्मकता, तनाव और आर्थिक रुकावटों का कारण बन सकता है. इसलिए जरूरी है कि घर में आईना लगाते समय कुछ खास वास्तु नियमों का ध्यान रखा जाए, ताकि आपका घर हमेशा सकारात्मक ऊर्जा से भरा रहे.

वास्तु के अनुसार आईना हमेशा उत्तर या पूर्व दिशा की दीवार पर लगाना शुभ माना जाता है. ये दिशाएं प्राकृतिक रोशनी और सकारात्मक ऊर्जा से जुड़ी होती हैं, जो घर के वातावरण को बेहतर बनाती हैं. घर के मुख्य प्रवेश द्वार के ठीक सामने आईना लगाने से बचना चाहिए. ऐसा माना जाता है कि इससे घर में आने वाली सकारात्मक ऊर्जा वापस लौट जाती है, जिससे सुख-समृद्धि पर असर पड़ सकता है.

बेड के सामने आईना लगाने से बचें

बेडरूम में आईना इस तरह लगाएं कि उसमें सोते समय आपका प्रतिबिंब न दिखे. इससे नींद प्रभावित हो सकती है.

टूटे या खराब आईने से दूर रहें

टूटा या दरार वाला आईना घर में नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ावा देता है. इसलिए ऐसे आईनों को तुरंत हटा देना ही बेहतर होता है.

आईना क्या दिखाता है, इस पर दें ध्यान

आईना हमेशा साफ-सुथरी और सकारात्मक चीजों को ही रिफ्लेक्ट करे. अगर उसमें हरियाली, रोशनी या सुंदर दृश्य दिखते हैं, तो यह घर में अच्छी ऊर्जा को और बढ़ाता है.

दो आईनों को एक-दूसरे के सामने रखने से लगातार प्रतिबिंब बनते हैं, जिससे मानसिक अस्थिरता और असहजता बढ़ सकती है. इसलिए इस तरह की व्यवस्था से बचना चाहिए.

SPORTS : ‘उनका संगीत हमेशा…’, RCB ने आशा भोसले को दी खास श्रद्धांजलि; सोशल मीडिया पर छाया पोस्ट

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आशा भोसले के निधन पर IPL फ्रेंचाइजी रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने गहरा दुख जताया. फ्रेंचाइजी का पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है.सुरों की मल्लिका आशा भोसले का रविवार (12 अप्रैल) को निधन हुआ. उनके निधन से पूरे भारत में शोक की लहर दौड़ गई. खेल जगत में भी उनके निधन का शोक देखने को मिला. आईपीएल फ्रेंचाइजी रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने आशा भोसले को खास अंदाज में श्रद्धांजलि दी.

आरसीबी का पोस्ट सोशल मीडिया पर छा गया. तो आइए जानते हैं कि फ्रेंचाइजी ने दिग्गज सिंगर के निधन पर क्या लिखा. सबसे पहले तो फ्रेंचाइजी ने आशा भोसले की एक ब्लैक एंड व्हाइट तस्वीर शेयर की. कैप्शन में लिखा गया, “एक अमर आवाज. एक अमूल्य विरासत. उनका संगीत हमेशा जिंदा रहेगा. आशा भोसले जी, आपकी आत्मा को शांति मिले.”

बता दें कि आशा भोसले को शनिवार को ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल ले जाया गया था. उनकी पोती जनाई भोसले ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा करते हुए इस बात की जानकारी दी थी. आशा भोसले को सीने में इंफेक्शन और थकान के चलते हॉस्पिटल में एडमिट करवाया गया था. लेकिन अगले दिन मल्टी मल्टी ऑर्गन फेलियर के कारण उनका निधन हो गया.

आशा भोसले के बेटे आनंद भोसले ने बताया कि आशा भोसले का अंतिम संस्कार कब और कहां होगा. इसके अलावा उन्होंने बताया कि फैंस उनका अंतिम दर्शन कब कर पाएंगे. कल यानी सोमवार 13 अप्रैल को 11 बजे लोग लोअर परेल स्थित उनके निवास स्थान ‘कासा ग्रांडे’ में उनका अंतिम दर्शन कर पाएंगे. इसके बाद शाम 4 बजे दादर में स्थित शिवाजी पार्क में उनका अंतिम संस्कार होगा.

आशा भोसले को उनके काम के लिए तमाम अवॉर्ड्स मिले. इन अवॉर्ड्स में- पद्म विभूषण (2008), दादासाहेब फाल्के पुरस्कार (2000), राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार (1981 और 1986), फिल्मफेयर पुरस्कार (1968, 1969, 1972, 1973, 1974, 1975 और 1979), फिल्मफेयर स्पेशल अवॉर्ड (1996), फिल्मफेयर लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड (2001), IIFA Awards (2002), नाइटिंगेल ऑफ एशिया अवॉर्ड (1987), सिंगर ऑफ द मिलेनियम (2000) और BBC लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड (2002) शामिल है.

NATIONAL : हैवान मामा ने लगा दबाकर 4 साल की भांजी की हत्या की, कार के नीचे से मिला शव, रेप का भी आरोप

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गाजियाबाद के थाना टीला मोड़ क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां देर रात एक 4 साल की मासूम बच्ची का शव एक कार के नीचे से बरामद हुआ है. इस मामले ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बच्ची की हत्या उसके ही सगे मामा जसीम द्वारा गला दबाकर की गई है. परिजनों ने आरोपी पर बच्ची के साथ गलत काम करने का भी गंभीर आरोप लगाया है. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

बताया जा रहा है कि आरोपी जसीम बच्ची के घर के पास ही रहता था. शुक्रवार (10 अप्रैल) दोपहर वह बच्ची को खिलाने के बहाने अपने घर ले गया था. शाम तक जब बच्ची वापस घर नहीं लौटी, तो परिजनों ने जसीम से संपर्क किया. उसने यह कहकर उन्हें गुमराह कर दिया कि वह बच्ची को घर छोड़ आया है. लेकिन देर रात तक बच्ची का कोई पता नहीं चला. इसके बाद करीब 12 बजे रात को बच्ची का शव 80 फुटा रोड पर खड़ी एक कार के नीचे मिला, जिससे परिवार में कोहराम मच गया.

गाजियाबाद पुलिस के अनुसार, गश्त के दौरान पुलिस टीम को सूचना मिली थी कि सड़क किनारे खड़ी एक कार के नीचे एक बच्ची का शव पड़ा है. मौके पर पहुंचकर पुलिस ने शव को कब्जे में लिया और जांच शुरू कर दी. पुलिस ने बताया कि शव को छिपाने के इरादे से कार के नीचे फेंका गया था. बच्ची के गाल पर चोट के निशान भी पाए गए हैं, जिससे मामला और गंभीर हो गया है.

पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और फरार आरोपी की तलाश की जा रही है. इस घटना के बाद इलाके में डर और आक्रोश का माहौल है, वहीं पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी हुई है.

SPORTS : लखनऊ ने गुजरात को दिया 165 रनों का टारगेट, प्रसिद्ध कृष्णा ने झटके 4 विकेट

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लखनऊ के इकाना क्रिकेट स्टेडियम में लखनऊ सुपर जायंट्स और गुजरात टाइटन्स आमने-सामने हैं. गुजरात टाइटन्स ने 2022 का सीजन अपने नाम किया था. वहीं एलएसजी अब तक खिताब नहीं जीत पाई है.

इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के मैच नंबर-19 में आज (12 अप्रैल) लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) का सामना गुजरात टाइटन्स (GT) से है. दोनों टीमों के बीच यह मुकाबला लखनऊ के भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी इकाना क्रिकेट स्टेडियम में है. मुकाबले में लखनऊ ने गुजरात को 165 रनों का टारगेट दिया है.

मौजूदा आईपीएल सीजन में गुजरात टाइटन्स और लखनऊ सुपर जायंट्स के खेल में निरंतरता नहीं दिखी है. गुजरात टाइटन्स को पंजाब किंग्स (PBKS) और राजस्थान रॉयल्स (RR) के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था. वहीं दिल्ली कैपिटल्स (DC) को उसने 1 रन से मात दी थी. दूसरी ओर लखनऊ सुपर जायंट्स को दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ हार मिली थी. फिर उसने सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) और कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) को पराजित किया था. लखनऊ-गुजरात मैच से जुड़े अपडेट्स के लिए पेज को रिफ्रेश करते रहिए…

लखनऊ सुपर जायंट्स ने टॉस हारकर पहले बैटिंग करते हुए 8 विकेट पर 164 रन बनाए. लखनऊ सुपर जायंट्स की शुरुआत कुछ अच्छी नहीं रही. दूसरे ही ओवर में उसने मिचेल मार्श (11 रन) का विकेट खो दिया, जो कगिसो रबाडा का शिकार बने. कप्तान ऋषभ पंत (18 रन) लय में दिख रहे थे, लेकिन मोहम्मद सिराज ने उनकी इनिंग्स पर ब्रेक लगा दिया. फिर एडेन मार्करम के रूप में लखनऊ को तीसरा झटका लगा. मार्करम 30 रनों के निजी स्कोर पर प्रसिद्ध कृष्णा को अपना विकेट दे बैठे.

प्रसिद्ध कृष्णा ने फिर आयुष बदोनी (9 रन) को भी पवेलियन भेज दिया. बदोनी के आउट होने के समय लखनऊ का स्कोर 74/4 था. निकोलस पूरन (19 रन) की खराब फॉर्म जारी रही और उन्हें भी प्रसिद्ध कृष्णा ने चलता किया. इसके बाद अब्दुल समद छठे विकेट के रूप में आउट हुए. समद (18 रन) को अशोक शर्मा ने पवेलियन रवाना किया.

पिछले मैच के हीरो मुकुल चौधरी ने भी निराश किया और सिर्फ 18 रन बना सके. फिर अशोक शर्मा ने ‘इम्पैक्ट सब; के रूप में उतरे जॉर्ज लिंडे (16 रन) को पवेलियन भेजा. लगातार विकेट्स गिरने के चलते लखनऊ सुपर जायंट्स बड़ा स्कोर खड़ा नहीं कर सकी. गुजरात टाइटन्स की ओर से प्रसिद्ध कृष्णा ने चार विकेट झटके. वहीं अशोक शर्मा को दो सफलताएं मिलीं. कगिसो रबाडा और मोहम्मद सिराज को एक-एक विकेट मिला.

लखनऊ सुपर जायंट्स और गुजरात टाइटन्स के बीच इंडियन प्रीमियर लीग में अब तक 7 मुकाबले खेले गए हैं. इस दौरान गुजरात टाइटन्स ने चार मैचों में जीत हासिल की. जबकि लखनऊ सुपर जायंट्स को 3 मैचों में सफलता नसीब हुई. दोनों टीमों के बीच पिछले सीजन में दो मुकाबले खेले गए थे, जिन्हें लखनऊ सुपर जायंट्स ने अपने नाम किया था.

लखनऊ vs गुजरात h2h
कुल मैच: 7
गुजरात ने जीते: 4
लखनऊ ने जीते: 3

गुजरात टाइटन्स की प्लेइंग-11: शुभमन गिल (कप्तान), साई सुदर्शन, जोस बटलर (विकेटकीपर), वॉशिंगटन सुंदर, ग्लेन फिलिप्स, राहुल तेवतिया, राशिद खान, कगिसो रबाडा, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा और अशोक शर्मा.

लखनऊ सुपर जायंट्स की प्लेइंग-11: मिचेल मार्श, एडन मार्करम, ऋषभ पंत (विकेटकीपर/कप्तान), आयुष बदोनी, निकोलस पूरन, अब्दुल समद, मुकुल चौधरी, आवेश खान, मोहम्मद शमी, दिग्वेश सिंह राठी और प्रिंस यादव.

NATIOANL : विधवा भाभी से शादी के दबाव ने ली जान! सहारनपुर के विशाल ने मरने से पहले वीडियो में बयां किया अपना दर्द

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सहारनपुर में दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के फ्लाईओवर पर हुए 25 वर्षीय विशाल की मौत के मामले ने उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. विशाल का शव फांसी के फंदे से लटकता मिलने के बाद सोशल मीडिया पर उसका एक ‘सुसाइड वीडियो’ वायरल हुआ है, जिसमें उसने अपनी मौत के लिए दो पुलिसकर्मियों और अपने ही रिश्तेदारों को जिम्मेदार ठहराया है.

सहारनपुर में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के फ्लाईओवर पर एक युवक का शव फांसी के फंदे से लटका मिला. राहगीरों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को नीचे उतरवाकर कब्जे में लिया. मृतक की पहचान 25 वर्षीय विशाल के रूप में हुई, जिसकी मौत के बाद अब मामला नया मोड़ ले चुका है. घटना के बाद इलाके में चर्चा का माहौल है और परिजन भी गहरे सदमे में हैं.

थाना बड़गांव क्षेत्र का यह मामला है. घटना के कुछ समय बाद ही मृतक विशाल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगा. वीडियो में युवक ने अपनी मौत की वजह बताते हुए अपने ही परिवार के कुछ लोगों और थाना बड़गांव में तैनात दो पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए.

विशाल ने कहा कि उस पर जबरन अपनी विधवा भाभी से शादी करने का दबाव बनाया जा रहा था, जिससे वह मानसिक रूप से बेहद परेशान हो गया था. उसने आरोप लगाया कि भाभी, उसके रिश्तेदार और पुलिसकर्मी मिलकर उसे लगातार प्रताड़ित कर रहे थे, जिसके चलते उसने यह कदम उठाया.

परिजनों के मुताबिक, 8 अप्रैल को विशाल का शव फ्लाईओवर पर लटका मिला था. मृतक की मां सुदेश देवी ने तहरीर में बताया कि बड़े बेटे प्रीतम सिंह की मौत के बाद ससुराल पक्ष के लोग विशाल पर उसकी भाभी से शादी करने का दबाव बना रहे थे, लेकिन विशाल इसके लिए तैयार नहीं था और भाभी को मां के समान मानता था.

आरोप है कि इनकार करने पर उसे धमकियां दी गईं और मारपीट भी की गई. परिवार का यह भी कहना है कि विशाल ने पहले थाना बड़गांव में शिकायत की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिससे वह और अधिक तनाव में आ गया. अब परिजन आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और न्याय की मांग कर रहे हैं.

CO देवबंद अमितेश सिंह ने बताया कि बीती 8 तारीख को थाना बड़ागांव क्षेत्र में एक युवक का फांसी के फंदे पर लटका हुआ शव मिला था. मरने से पहले बनाए गए वीडियो की जांच की जा रही है, जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी.

ENTERTAINMENT : आशा भोसले संग साए की तरह साथ रहे बेटे आनंद, जानें क्या करते हैं

आशा भोसले अब हमारे बीच नहीं रहीं. सिंगर के निधन की न्यूज उनके छोटे बेटे आनंद भोसले ने कंफर्म की. आनंद भोसले आशा जी का सारा प्रोफेशनल वर्क संभालते थे. उनके टूर से लेकर कॉन्सर्ट, हर छोटी चीज आनंद ही मैनेज किया करते थे.

‘सुरों की मल्लिका’ आशा भोसले अब हमारे बीच नहीं रहीं. 12 अप्रैल को उन्होंने मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में अंतिम सांस ली. आशा भोसले 92 साल की थीं. बीती रात 11 अप्रैल को उन्हें कार्डिएक अरेस्ट हुआ था. सिंगर के निधन को उनके छोटे बेटे आनंद भोसले ने कंफर्म किया.

आनंद भोसले ने मीडिया से बातचीत में बताया कि उनकी मां को पार्थिव शरीर को उनके मुंबई स्थित घर में लाया जाएगा, जहां लोग आकर सिंगर को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित कर सकेंगे. इसके बाद उनका अंतिम संस्कार मुंबई के शिवाजी पार्क में शाम 4 बजे होगा. ये समय आशा भोसले के पूरे परिवार के लिए बेहद नाजुक बना हुआ है.

सोशल मीडिया पर इस समय हर कोई आशा भोसले को याद कर उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि दे रहा है. लोग उनके परिवार को भी इस मुश्किल घड़ी में मजबूत बने रहने की बात लिख रहे हैं. फैंस को आनंद भोसले की भी चिंता सताई है, जिन्होंने अपनी मां को खो दिया है. ऐसे में हर कोई ये जानना चाह रहा है कि आखिर आशा भोसले के बेटे क्या करते हैं.

आनंद भोसले, आशा जी के छोटे बेटे हैं. उनके बड़े बेटे का नाम हेमंत भोसले है, जो दुबई में रहा करते हैं. वहीं आनंद अपनी मां के साथ मुंबई में रही रहते हैं, जहां वो सिंगर के सभी प्रोफेशनल कमिटमेंट्स का ध्यान रखते हैं. आशा भोसले का कोई भी वर्ल्ड टूर हो या कॉन्सर्ट, उसे देखने की जिम्मेदारी आनंद भोसले की होती है.

आनंद भोसले ने अधिकतर अपनी जिंदगी लाइमलाइट से दूर जी है. वो बिजनेस और फिल्म डायरेक्शन की पढ़ाई कर चुके हैं. आशा के छोटे बेटे संगीत में भी एक्टिव रहे. आनंद भोसले के दो बच्चे, बेटी जनाई भोसले और बेटे रंजय भोसले हैं. बेटी जनाई अपनी दादी की तरह सिंगिंग में जुड़ी हुई हैं. इसके अलावा वो मॉडलिंग भी किया करती हैं, जिसके चलते उन्हें सोशल मीडिया पर काफी सराहा भी जाता है.

आशा भोसले ने अपने 80 साल के सिंगिंग करियर में 12000 से ज्यादा गाने करीब 20 भाषाओं में गाए हैं. इसके लिए उनके नाम वर्ल्ड रिकॉर्ड भी दर्ज है. आशा भोसले अपने सदाबहार गानों से पीछे एक ऐसी विरासत छोड़ गई हैं, जिसे शायद ही कभी भूला जाएगा. आज देश में मौजूद उनका हर एक फैन, उनके आइकॉनिक गाने सुनकर उन्हें श्रद्धांजलि दे रहा होगा.

MEERUT : ट्रोलिंग से टूटीं मेरठ की प्रणिता, रिटायर्ड जज पिता बोले- तलाक के बाद बेटी को सदमे से निकालने के लिए बजाए थे ढोल

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Pranita Meerut Divorce Case: मेरठ की प्रणिता और उनके पिता रिटायर्ड जज ज्ञानेंद्र शर्मा का मामला अब एक कानूनी और सामाजिक विवाद में बदल गया है. तलाक के बाद ‘ढोल-नगाड़ों’ के साथ बेटी का स्वागत करने वाले वीडियो के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर प्रणिता को काफी ट्रोल किया जा रहा है, जिससे उनका मानसिक तनाव और बढ़ गया है.

मेरठ में तलाक के बाद एक अनोखा मामला आया था, जब एक बेटी का तलाक हुआ और रिटायर्ड जज पिता ने ढोल-नगाड़ों के साथ उसका वापस घर में स्वागत किया. तलाक के बाद ढोल-नगाड़े बजवाने को लेकर सोशल मीडिया पर बेटी को ट्रोल किया जा रहा है. लड़की के पिता रिटायर्ड जज ने भी अपने ऊपर हमले का अंदेशा जाहिर किया है.

प्रणिता और उनके पूर्व पति मेजर गौरव अग्निहोत्री के बीच अब आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला शुरू हो गया है. प्रणिता के पिता ने गौरव के इंटरनेट मीडिया पर जारी बयान को मानहानि का मामला बताया है. बेटी प्रणिता ने भी पूर्व पति मेजर अग्निहोत्री पर गंभीर आरोप लगाए हैं. प्रणिता के अनुसार, मेजर गौरव ने उसे जान से मारने का प्रयास किया था.

दरअसल, मेरठ की रहने वाले रिटायर्ड जज ज्ञानेंद्र शर्मा की बेटी प्रणिता की शादी साल 2018 शाहजहांपुर के रहने वाले मेजर गौरव अग्निहोत्री से हुई थी. उनका एक बेटा भी हुआ. आरोप है कि शादी के बाद से ही दोनों में अनबन रहने लगी. मामला कोर्ट तक पहुंचा. जिसके बाद हाल ही में दोनों का तलाक हो गया. तलाक होने के बाद रिटायर्ड जज पिता ज्ञानेंद्र शर्मा ने अपनी बेटी का स्वागत ढोल नगाड़ों से किया और कहा कि बेटा-बेटी सब बराबर हैं. यह पूरा मामला सोशल मीडिया पर जबरदस्त तरीके से वायरल हुआ. देखें VIDEO:-

वहीं, अब इसके बाद प्रणिता और पूर्व ससुराल पक्ष की ओर से आरोप प्रत्यारोप शुरू हो गए हैं. प्रणिता के परिवार ने आरोप लगाया कि पूर्व पति गौरव समेत ससुर श्याम किशोर अग्निहोत्री सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग कर रहे हैं. प्रणिता के चरित्र पर टिप्पणी की जा रही है.वहीं, ससुराल वालों ने रिटायर्ड जज ज्ञानेंद्र शर्मा और प्रणिता पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिनके कई वीडियो भी ससुराल वालों की ओर से जारी किए गए.

वहीं, प्रणिता के पिता ज्ञानेंद्र शर्मा ने कहा कि तलाक के बाद बेटी को ढोल नगाड़े से लाने का और लड्डू बांटने का उद्देश्य प्रणिता को ट्रॉमा से बाहर निकलना था. हालांकि, तलाक किस आधार हुआ? इसकी सूचना प्रणिता ने किसी भी मीडिया प्लेटफॉर्म को नहीं दी. पति-पत्नी में नहीं बनने को तलाक की वजह बताया गया.

बताया जा रहा है कि सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मेजर गौरव अग्निहोत्री भी मीडिया के सामने आए और उन्होंने प्रणिता के परिवार पर आरोप लगाए. इसके बाद ही प्रणिता को सोशल मीडिया पर ट्रोल किया जा रहा है.

प्रणिता का कहना है, ”मम्मी पापा मुझे जिस चीज से निकलना चाहते थे, वह एंजायटी और डिप्रेशन वापस आ चुका है. कहीं मन नहीं लग रहा है. मुझे ऐसा लगता है कि मैं मुंह दिखाने लायक नहीं रही हूं.”वहीं, पिता ज्ञानेंद्र शर्मा ने कहा कि मेजर गौरव उनकी बेटी की समाज में छवि धूमल कर रहे हैं. पिता ज्ञानेंद्र शर्मा ने मेजर गौरव के खिलाफ सैन्य अधिकारियों, जालंधर आर्मी कैंट थाने में की गई कार्रवाई और फैमिली कोर्ट के समझौते नामे की कॉपी व साक्ष्य भी पेश किया.

पिता ने कहा कि उन्होंने न्यायालय में सभी आवश्यक दस्तावेज पेश कर दिए हैं. उन्होंने यह भी दोहराया कि वह अपनी बेटी के अधिकारों के लिए और रक्षा के लिए हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक जाएंगे.

NATIONAL : 85 मिनट में दिल्ली पहुंचा धड़कता दिल… युवक को मिली जिंदगी, 98 KM के ग्रीन कॉरिडोर की कहानी

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कभी-कभी सड़कें सिर्फ रास्ता नहीं होतीं, बल्कि जिंदगी और मौत के बीच की सबसे तेज दौड़ बन जाती हैं. 9 अप्रैल की दोपहर भी कुछ ऐसी ही थी. हरियाणा के रोहतक से राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली तक एक डोनर हार्ट को महज 85 मिनट में ग्रीन कॉरिडोर से पहुंचाया गया. यह स्पेशल कॉरिडोर 9 अप्रैल को दिल्ली पुलिस और रोहतक पुलिस के सहयोग से बना था. यह दूरी करीब 98 किलोमीटर की थी.

यह कहानी सिर्फ एक खबर नहीं, बल्कि समय के खिलाफ दौड़ती जिंदगी की एक सांस रोक देने वाली यात्रा है… जहां हर सेकंड की कीमत किसी की धड़कन तय कर रही थी. 9 अप्रैल की दोपहर हरियाणा के रोहतक स्थित पीजीआईएमएस में 37 वर्षीय व्यक्ति ब्रेन हेमरेज के बाद भर्ती हुआ था. उसने होश खो दिया था. डॉक्टरों ने तमाम कोशिशों के बाद उसे ब्रेन डेड घोषित कर दिया था. उसी दुख की घड़ी में एक उम्मीद जन्म ले रही थी.

एक ऐसा निर्णय, जो कई जिंदगियों को बचाने वाला था. परिवार ने गहरा दर्द सहते हुए ऑर्गन डोनेट के लिए सहमति दे दी. यह फैसला आसान नहीं था, लेकिन इंसानियत की मिसाल बन गया. कुछ ही घंटों में अस्पताल में सर्जिकल टीम एक्टिव हो गई. शरीर से अंगों को निकालने का काम शुरू हुआ- हार्ट, फेफड़े, लीवर, किडनी और कॉर्निया… हर ऑर्गन किसी न किसी अजनबी के लिए जीवन की नई किरण बनने वाला था.

एजेंसी के अनुसार, दिल्ली के ओखला स्थित फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हार्ट इंस्टीट्यूट में एक 26 साल का युवक भर्ती था, उसे गंभीर डाइलेटेड कार्डियोमायोपैथी थी- एक ऐसी बीमारी जिसमें दिल धीरे-धीरे कमजोर होकर शरीर का साथ छोड़ देता है. डॉक्टरों ने पहले ही बता दिया था कि बिना ट्रांसप्लांट के जीवन ज्यादा लंबा नहीं है. उस दिन जैसे ही उसे मैचिंग हार्ट मिलने की सूचना मिली, अस्पताल में हलचल तेज हो गई.

दिल को रोहतक से दिल्ली तक पहुंचाने के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया. दिल्ली पुलिस और रोहतक पुलिस ने मिलकर सड़कों को इस तरह खाली कराया जैसे समय खुद रास्ता दे रहा हो. एम्बुलेंस में सुरक्षित रखा गया वह दिल, जो अभी कुछ समय पहले तक किसी और शरीर में धड़क रहा था, अब एक नए जीवन की ओर बढ़ रहा था.

सायरन की आवाज के साथ एम्बुलेंस ने 2:50 बजे रोहतक से सफर शुरू किया. हर चौराहा पहले से खाली था, हर ट्रैफिक सिग्नल हरा. यह सिर्फ एक यात्रा नहीं थी, यह एक मानवीय कोशिश थी- जहां सिस्टम, डॉक्टर, पुलिस और आम लोग सभी एक साथ थे.

98 किलोमीटर की यह दूरी सामान्य दिनों में डेढ़ से दो घंटे लेती है, लेकिन उस दिन समय भी हार मान चुका था. मात्र 85 मिनट में एंबुलेंस दिल्ली के फोर्टिस एस्कॉर्ट्स अस्पताल पहुंच गई. जैसे ही हार्ट सर्जरी थिएटर में पहुंचा, डॉक्टरों की टीम तुरंत एक्टिव हो गई. हर सेकंड कीमती था. मशीनों की बीप, सर्जिकल उपकरणों की हल्की आवाज और डॉक्टरों की एकाग्रता- सब मिलकर उस कोशिश में थे, जहां दिल फिर से धड़कने वाला था. ऑपरेशन सफल रहा.

26 वर्षीय मरीज, जो कुछ समय पहले तक जिंदगी और मौत के बीच झूल रहा था, अब धीरे-धीरे नए दिल की धड़कन महसूस कर रहा था. ICU में उसकी हालत स्थिर बताई गई और डॉक्टरों की निगरानी जारी रही.

एक डोनर से कई जिंदगियां बचाई गईं. फेफड़े गुरुग्राम के अस्पताल भेजे गए, लीवर और पैंक्रियास एम्स दिल्ली को मिले, जबकि किडनी और कॉर्निया रोहतक में ही इस्तेमाल किए गए. यह मानवता की कहानी है. यह बताती है कि जब सिस्टम, तकनीक और इंसानियत साथ आते हैं, तो असंभव भी संभव हो जाता है.

सबसे महत्वपूर्ण उस परिवार का साहस है, जिसने अपने दर्द को दूसरों की उम्मीद में बदल दिया. 98 किलोमीटर की वह सड़क शायद आम दिनों में सिर्फ एक मार्ग है, लेकिन उस दिन वह जीवन की सबसे तेज दौड़ बन गई, जहां एक दिल ने हार मानने से इनकार कर दिया, और कई दिलों को जीने का मौका दे दिया.

ENTERTAINMENT : ‘आज एक आसमान ने जमीन छोड़ दी’, आशा भोसले को सिनेमा जगत का नमन

आशा भोसले के निधन से संगीत जगत को बड़ा झटका लगा है. 92 साल की उम्र में उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया. ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती आशा जी को कार्डियक अरेस्ट आया था. बेटे आनंद भोसले ने उनके निधन की पुष्टि की. सेलेब्स उन्हें याद कर श्रद्धांजलि दे रहे हैं.

बॉलीवुड की लेजेंड्री सिंगर आशा भोसले ने 92 की उम्र में हमेशा के लिए अपनी आंखें मूंद ली हैं. वो अपने पीछे एक लंबी विरासत छोड़ गई हैं. उनके साथ जैसे सुरों का एक पूरा युग खामोश हो गया. वो आवाज, जिसने दशकों तक हर एहसास को शब्द दिए- चाहे वो प्यार हो, दर्द हो, शरारत हो या जश्न, आज हमेशा के लिए थम गई है. हिंदी सिनेमा के अनगिनत गानों में बस चुकी आशा भोसले की आवाज सिर्फ एक गायकी नहीं, बल्कि करोड़ों दिलों की धड़कन थी.

आशा को 11 अप्रैल को ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था. पोती जनाई ने बताया था कि उन्हें कार्डियक अरेस्ट आया है. वो ICU में थीं, इसके अगले दिन 12 अप्रैल को खबर आई कि दिग्गज सिंगर ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया है.

अमित शाह ने दी श्रद्धांजलि

आशा ताई सबकी चहेती थीं. उनके निधन पर गृह मंत्री अमित शाह ने भी अपनी संवेदनाएं जाहिर की. उन्होंने लिखा- आज हर भारतीय और विशेषकर मेरे जैसे हर संगीत प्रेमी के लिए दुखद दिन है, जब हम सबकी प्रिय आशा भोसले जी हमारे बीच नहीं रहीं. आशा ताई ने न सिर्फ अपनी मधुर आवाज और अद्वितीय प्रतिभा से एक अलग पहचान बनाई, बल्कि अपने सुरों से भारतीय संगीत को भी और अधिक समृद्ध किया. हर तरह के संगीत में ढल जाने की उनकी अनोखी प्रतिभा हर व्यक्ति का दिल जीत लेती थी. अपनी आवाज से करोड़ों दिलों को छूने वालीं आशा जी ने हिंदी, मराठी, बांग्ला, तमिल, गुजराती सहित अनेक भाषाओं के साथ-साथ लोकगीतों में भी अमिट छाप छोड़ी.

‘आशा ताई की आवाज में जितनी कोमलता थी, उनके व्यवहार में भी उतनी ही सादगी और आत्मीयता थी. उनसे जब भी मुलाकात होती थी, संगीत और कला जैसे अनेक विषयों पर लंबी बातें होती थीं. आज वे भले ही हमारे बीच नहीं हैं, पर अपनी आवाज से वे सदैव हमारे दिलों में रहेंगी. ईश्वर आशा जी को अपने श्रीचरणों में स्थान दें। उनके परिजनों और असंख्य प्रशंसकों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं. ओम शांति शांति शांति.’

बेटे ने किया कंफर्म- कब होगा अंतिम संस्कार

हर दौर की हीरोइन को अपनी आवाज देने वाली आशा जी ने संगीत को एक नई पहचान दी. उनकी आवाज में वो जादू था, जो पीढ़ियों को जोड़ता रहा और शायद हमेशा जोड़ता रहेगा.

इस दुखद खबर की पुष्टि उनके बेटे आनंद भोसले ने की. उन्होंने कहा- मेरी मां का आज निधन हो गया. लोग कल सुबह 11 बजे लोअर परेल स्थित कासा ग्रांडे में उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि दे सकते हैं, जहां वो रहती थीं. उनका अंतिम संस्कार कल शाम 4 बजे शिवाजी पार्क में किया जाएगा.

सेलेब्स ने दी श्रद्धांजलि

आशा ताई का जाना देशभर के लिए बड़ी क्षति है. बॉलीवुड जगत से तमाम लोग उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं और उनके साथ बिताए आखिरी पल याद कर रहे हैं.

अक्षय कुमार ने आशा के साथ एक थ्रोबैक तस्वीर शेयर की और लिखा कि उनकी सुरीली आवाज हमेशा अमर रहेगी.

जॉनी लीवर की बेटी कॉमेडियन जेमी लीवर जो आशा भोसले की नकल के लिए जानी जाती हैं, उन्होंने दुख जाहिर किया. सोशल मीडिया पोस्ट कर लिखा- मेरा दिल बहुत भारी है ये लिखते हुए. मैं हमेशा से उनकी कला की बहुत बड़ी प्रशंसक रही हूं. अपने सफर के दौरान मैं उनकी आवाज और अंदाज से बहुत प्रेरित हुई. उनकी गायकी से मैं इतनी प्रभावित थी कि मैं खुद-ब-खुद उनकी तरह गाने की कोशिश करने लगी. लोग मेरी आवाज की समानता (इमिटेशन) को पसंद करते हैं, लेकिन सच तो यही है कि आशा जी जैसी सिर्फ एक ही हो सकती हैं.

‘उन्हें शन्मुखानंद हॉल में लाइव देखना मेरे लिए कभी न भूलने वाला पल था. उस समय भी उनकी आवाज, उनका आकर्षण और उनकी ऊर्जा ने पूरे मंच को रोशन कर दिया था और मैं उनकी और भी बड़ी फैन बन गई. मैं हमेशा उनसे मिलना चाहती थी, लेकिन अब वो संभव नहीं हो पाएगा. वो शायद मेरे गाल खींचतीं, एक थप्पड़ भी मार देतीं या प्यार से ‘पागल लड़की’ कहतीं… और मैं ये सब खुशी-खुशी स्वीकार करती. जैसा कि मैं पहले भी कह चुकी हूं- “आप हैं तो हम हैं.” मैं जो भी हूं, उसमें एक हिस्सा “छोटी आशा जी” का है, जो उन्हीं की वजह से है.’

मनोज मुंतशिर ने एक कविता के जरिए आशा भोसले को ट्रिब्यूट दिया. उन्होंने लिखा- कुछ लोग यूं बुलंद थे कि दास्तान हो गए…पैदा हुए जमीन पर और आसमान हो गए.” आज एक आसमान ने ये जमीन छोड़ दी. आप बहुत याद आयेंगी ताई. ओम शांति!

फिल्म मेकर करण जौहर ने लिखा- ये कहना कि हमने आज एक लेजेंड को खो दिया, बहुत छोटा होगा. आशा जी जैसी कोई दूसरी नहीं थी- उनकी आवाज सिर्फ एक पीढ़ी ही नहीं, बल्कि पूरे सिनेमा के दौर को परिभाषित करती थी. मैं हमेशा से उनकी आवाज, उनकी कला और उनकी शख्सियत का बहुत बड़ा फैन रहा हूं. आशा जी, आपका संगीत हमेशा जिंदा रहेगा और हम खुद को खुशकिस्मत मानते हैं कि हमें आपका जादू महसूस करने का मौका मिला.

टंडन ने भी आशा भोसले को याद किया और कहा कि ये क्षति कभी भर नहीं सकती.

बॉलीवुड की दिग्गज अदाकारा हेमा मालिनी आशा ताई को याद किया और लिखा कि उन्हें विश्वास नहीं हो रहा कि दिग्गज सिंगर नहीं रहीं.

काजोल ने सिंगर को याद करते हुए कहा कि वो हमेशा से लेजेंड थीं.

वहीं सुशांत दिवगीकर ने लिखा- शांति से अपनी ताकत में आराम कीजिए मेरी क्वीन.

सुधांशु पांडे ने दिग्गज सिंगर के साथ एक पुरानी तस्वीर पोस्ट की और उन्हें नम आंखों से याद किया.

एक कलाकार नहीं, बल्कि एक एहसास हमसे दूर चला गया है. लेकिन उनकी आवाज, उनके गाने हमेशा हमारे साथ रहेंगे.

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