Sunday, September 20, 2026
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NATIONAL : कमजोर मानसून बड़ी चुनौती: देश पर सूखे का साया, 22 दिनों में सामान्य से 43 फीसदी कम बारिश; महंगाई बढ़ने का खतरा

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देश में मानसून के शुरुआती महीने में 43% कम बारिश हुई है, जिससे कई राज्यों में खेती और खरीफ फसलों पर खतरा बढ़ गया है। महाराष्ट्र, गुजरात और मध्य प्रदेश जैसे बड़े कृषि राज्यों में बारिश की भारी कमी से बुवाई और उत्पादन पर असर दिखने लगा है।

दक्षिण-पश्चिम मानसून का पहला महीना खत्म होने में सिर्फ एक सप्ताह बचा है, लेकिन अब तक बीता यह सीजन देश के अन्नदाताओं और अर्थव्यवस्था के लिए सूखे जैसी बड़ी चुनौती लेकर आया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक, एक से 22 जून तक देशभर में सामान्य से 43 फीसदी कम बारिश हुई है। मानसून की स्थिति में अगर तुरंत सुधार नहीं हुआ, तो देश के प्रमुख कृषि राज्यों में खरीफ की खेती पर तगड़ी मार पड़ सकती है। इससे न सिर्फ ग्रामीण इलाकों में मांग प्रभावित होगी, बल्कि खाद्य महंगाई का खतरा भी तेजी से बढ़ेगा। 

दरअसल, देश में सबसे ज्यादा खरीफ उत्पादन करने वाले महाराष्ट्र में सामान्य से 82 फीसदी और गुजरात में 75 फीसदी कम बारिश हुई है। छत्तीसगढ़ में 69 फीसदी और मध्य प्रदेश में 52 फीसदी कम बरसात दर्ज की गई है। वहीं, झारखंड में सामान्य से 66 फीसदी, ओडिशा में 48 फीसदी और बिहार, उत्तर प्रदेश एवं तेलंगाना में 43-43 फीसदी कम पानी बरसा है। दक्षिण भारत के कर्नाटक में 40 फीसदी और केरल में 28 फीसदी कम बारिश हुई है।


खरीफ फसलों के उत्पादन पर पड़ेगा असर : शिवराज
भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक, 2 जुलाई को समाप्त होने वाले सप्ताह तक मानसून ऐसे ही कमजोर रह सकता है। इसका असर खरीफ फसलों और संवेदनशील इलाकों पर पड़ेगा। कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, देश के 315 जिलों में सामान्य से कम बारिश हो सकती है। इससे खरीफ फसलों की बुवाई पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।

देश में अब तक कुल खरीफ क्षेत्र का करीब 10 फीसदी हिस्सा ही बोया गया है। 22 जून तक खरीफ फसलों का कुल रकबा 1.17 करोड़ हेक्टेयर रहा। हालांकि, यह पिछले वर्ष की समान अवधि (1.13 करोड़ हेक्टेयर) से थोड़ा अधिक है, लेकिन पानी की कमी से आगे की बुवाई और बोई जा चुकी फसलों के अस्तित्व पर संकट मंडरा रहा है।

देश के 315 जिलों में सामान्य से कम बारिश
सरकार ने 111 जिलों को अति-संवेदनशील के रूप में चिन्हित किया है। यानी इन जिलों में कमजोर मानसून की सबसे अधिक माग पड़ेगी, क्योंकि वहां सिंचाई की सुविधा 25 फीसदी से भी कम है और वे बारिश पर ही निर्भर हैं। इनमें अकेले 20 जिले सिर्फ महाराष्ट्र में हैं।

आरबीआई की बड़ी चेतावनी
आरबीआई ने चालू वित्त वर्ष के लिए जीडीपी वृद्धि दर 6.6 फीसदी रहने का अनुमान लगाया है, जो पिछले वित्त वर्ष के 7.7 फीसदी से कम है। कमजोर मानसून वृद्धि दर को और नीचे खींच सकता है।

BUSINESS : बाजार में तेजी के बीच सस्ता हो गया सोना-चांदी, 10 ग्राम गोल्ड के लिए देने होंगे आज इतने रुपये

पिछले हफ्ते आए उछाल के दाम सोने के दाम कम हुए हैं. कीमतें गिरी हैं. साथ ही चांदी भी सस्ती हो गई है. आइए बताते हैं कि दिल्ली, मुंबई और लखनऊ में आज के लेटेस्ट भाव क्या चल रहे हैं.

Gold Silver Rate Today: शेयर बाजार में आज थोड़ा हरियाली देखने को मिल रही है. मार्केट का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स खबर लिखे जाने तक करीब 280.56 अंकों की तेजी के साथ ट्रेड कर रहा है. लेकिन, दूसरी ओर सोने और चांदी के दाम में गिरावट देखने को मिल रही है. 24 कैरेट 10 ग्राम गोल्ड के दाम 490 रुपये की गिरावट के साथ 107,650 रुपये पर ट्रेड कर रहे हैं. वहीं, चांदी भी 820 रुपये प्रति किलोग्राम टूट गई है.

बुलियन. कॉम पर आज सोना और चांदी दोनों गिरावट के साथ ट्रेड कर रहे हैं. देश की राजधानी दिल्ली में भी सोने और चांदी के दाम में कमी आई है. दिल्ली में आज चांदी काफी सस्ती हुई है. चांदी 1040 रुपये की गिरावट के साथ 123,060 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई है. वहीं, सोना भी 590 रुपये गिरकर 107,160 रुपये पर आ गया है.

वहीं, देश की आर्थिक राजाधानी लखनऊ में भी गोल्ड-सिल्वर के दाम कम हुए हैं. सुबह 9 बजकर 50 मिनट तक मुंबई में 10 ग्राम गोल्ड अभी 560 रुपये की गिरावट के साथ 107,380 रुपये पर आ गया है. साथ ही, चांदी के भाव भी कम हो गए हैं.

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भी सोने और चांदी के भाव आज कम हुए हैं. लखनऊ में अभी गोल्ड 580 रुपये टूटकर 107,390 रुपये पर ट्रेड कर रहा है. चादी 970 रुपये सस्ती होकर 123,380 रुपये प्रति किलोग्राम पर है.

एमसीएक्स पर भी गिरे सोने-चांदी के भाव
वहीं, एमसीएक्स पर भी सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिल रही है. 3 अक्टूबर को एक्सपायर होने वाले गोल्ड कॉन्ट्रैक्ट के दाम कम हुए है. इस कॉन्ट्रैक्ट वाली 10 ग्राम सोने के दाम आज करीब 561 रुपये गिरकर 107161 रुपये पर आ गए हैं. वहीं, 5 दिसंबर 2025 को एक्सपायर होने वाले सिल्वर कॉन्ट्रैक्ट के रेट भी करीब 1,000 रुपये कम हुए हैं. चांदी के दाम 0.80 फीसदी कम होकर 123699 रुपये प्रति किलोग्राम पर हैं.

SPORTS : रोहित शर्मा को मिला पद्मश्री सम्मान, राष्ट्रपति ने किया सम्मानित

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भारतीय क्रिकेट के दिग्गज रोहित शर्मा को देश के प्रतिष्ठित नागरिक सम्मानों में शामिल पद्मश्री से नवाजा गया. राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें सम्मानित किया.

भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान रह चुके रोहित शर्मा को मंगलवार (23 जून) को पद्मश्री से सम्मानित किया गया. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया.

रोहित शर्मा का नाम जनवरी 2026 में घोषित पद्म पुरस्कार विजेताओं की सूची में शामिल किया गया था. खेल जगत में उनके असाधारण योगदान, भारतीय क्रिकेट को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने और बतौर बल्लेबाज शानदार उपलब्धियों के लिए उन्हें इस सम्मान से नवाजा गया.

राष्ट्रपति भवन में आयोजित इस समारोह में कुल 65 हस्तियों को पद्म पुरस्कार दिए गए, जिनमें 2 पद्म विभूषण, 7 पद्म भूषण और 56 पद्मश्री सम्मान शामिल रहे. इससे पहले 25 मई को भी पद्म पुरस्कारों के लिए सम्मान समारोह आयोजित हुआ था, जिसमें राष्ट्रपति ने 66 हस्तियों को सम्मानित किया था.

रोहित शर्मा के अलावा विजय अमृतराज, अलका याज्ञनिक और ममूटी जैसी कई नामी हस्तियां भी सम्मानित की गईं. रोहित शर्मा भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे सफल खिलाड़ियों में शुमार हैं. उनकी कप्तानी में टीम इंडिया ने कई बड़ी उपलब्धियां हासिल कीं और उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कई रिकॉर्ड भी अपने नाम किए हैं.

NATIONAL : टेलीग्राम 7 दिन बाद चालू, प्ले स्टोर पर वापस आया:NEET परीक्षा में गड़बड़ी के बाद लगा था बैन, मैसेज एडिट पर 30 जून तक रोक रहेगी

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इंस्टेंट मैसेजिंग एप टेलीग्राम 7 दिन बाद भारत में फिर से चालू हो गया है। नेशनल एलिजिबिलिटी-कम-एंट्रेंस टेस्ट (NEET) के नकली और लीक पेपर सर्कुलेट होने के विवाद के बाद केंद्र सरकार ने एप और उससे जुड़ी वेब सर्विसेज को 22 जून तक ब्लॉक कर दिया था।

21 जून को NEET री-एग्जाम होने के बाद एप पर लगा अस्थायी प्रतिबंध खत्म हो गया है। इसके बाद 23 जून की सुबह से एप गूगल प्ले स्टोर पर दोबारा दिखने तो लगा, लेकिन कई यूजर्स ने एप डाउनलोड नहीं हो पाने की शिकायत की।

वहीं, कुछ यूजर्स ने कहा कि ‘एप डाउनलोड करने के बाद वे साइन अप नहीं कर पा रहे हैं या चैट एक्सेस नहीं कर पा रहे हैं। कुछ मामलों में यह समस्या जियो और एयरटेल दोनों नेटवर्क के यूजर्स हुई। वहीं, आईफोन यूजर्स के लिए टेलीग्राम एप स्टोर पर अवेलेबल नहीं था।

हालांकि, मंगलवार देर रात कंपनी ने पोस्ट कर सभी तरह की सर्विस चालू होने की जानकारी दी।

यूजर्स 30 जून तक मैसेज एडिट नहीं कर पाएंगे

भले ही टेलीग्राम की भारत में वापसी हो गई है, लेकिन सरकार ने कंपनी को आगामी 30 जून तक अपने प्लेटफॉर्म पर ‘मैसेज-एडिटिंग’ फीचर की सुविधा बंद रखने के निर्देश दिए हैं। यानी यूजर भेजे गए मैसेज में कोई बदलाव नहीं कर पाएंगे।

सरकार ने टेलीग्राम को ब्लॉक क्यों किया?

केंद्र सरकार ने टेलीग्राम और उससे जुड़ी वेब सर्विसेज पर 22 जून तक के लिए ब्लंकेट ब्लॉक यानी पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया था। सरकार का आरोप था कि यह प्लेटफॉर्म नीट परीक्षा से जुड़े लीक और फर्जी पेपर्स, भ्रामक कंटेंट और परीक्षा में धोखाधड़ी से जुड़ी अन्य गतिविधियों को रोकने में पूरी तरह नाकाम रहा था।

यह प्रतिबंध 21 जून को हुई नीट की दोबारा परीक्षा के समय लागू रखा गया, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोका जा सके। अधिकारियों के मुताबिक, इस री-एग्जामिनेशन के दौरान किसी भी गड़बड़ी की खबर सामने नहीं आई है।

दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचा मामला, सरकार के फैसले को सही माना

सरकार के ऑर्डर को टेलीग्राम ने दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। हालांकि, पिछले हफ्ते मामले की सुनवाई करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने सरकार के प्रतिबंध को सही ठहराया। अदालत ने कहा कि देश के इतने बड़े नेशनल-लेवल मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम की गरिमा और निष्पक्षता को बनाए रखने के लिए सरकार की पाबंदियां जरूरी हैं।

कोर्ट ने टेलीग्राम की उस दलील को भी खारिज कर दिया, जिसमें कंपनी ने कहा था कि बैन लगाने में तय कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया।

टेलीग्राम बैन किया तो वॉट्सएप क्यों नहीं?

टेलीग्राम पर अपराधियों को पहचान छिपाने और लाखों का ग्रुप बनाने की आजादी मिलने के कारण, इस पर अस्थायी प्रतिबंध लगाना पड़ा। वहीं, वॉट्सएप भारतीय नियमों को मानता है। यहां यूजर को ट्रैक करना आसान है…

वॉट्सएप टेलीग्राम
मोबाइल नंबर जरूरी ‘यूजरनेम’ से पहचान छिपती है
वॉट्सएपम में चैट डिफॉल्ट एन्क्रिप्टेड और ग्रुप मेंबर्स सीमित (1,024) हैं टेलीग्राम में असीमित लोग जुड़ सकते हैं, जिससे पेपर जल्दी वायरल होते हैं
भारत में ऑफिस। एआई से निगरानी होती है वहीं टेलीग्राम में इसकी कमी है

टेलीग्राम पर रोक के बाद भी राजस्थान के भीलवाड़ा से NEET का फर्जी पेपर बेचने की कोशिश की गई है। इस मामले में पुलिस एक स्टूडेंट को हिरासत में लिया है। आरोपी टेलीग्राम का इस्तेमाल अमेरिका के वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (VPN) के जरिए कर रहा था। उसके टेलीग्राम चैनल का नाम पेपर माफिया है।

उधर, टेलीग्राम पर NEET री-एग्जाम तक रोक जारी रहेगी। दिल्ली हाईकोर्ट ने टेलीग्राम की केंद्र सरकार के फैसले के खिलाफ लगाई याचिका खारिज कर दी। केंद्र ने 16 जून को टेलीग्राम पर 22 जून तक रोक लगाने का आदेश दिया था।

NATIONAL : कॉकरोच जनता पार्टी: प्रदर्शन का समय बढ़ाने मांग दिल्ली पुलिस ने ठुकराई, अभिजीत दीपके बोले- यहां से नहीं हटेंगे

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इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए नारे भी लगाए। प्रदर्शन स्थल पर पहुंचने पर अभिजीत दीपके का समर्थकों ने जोरदार स्वागत किया। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य छात्रों की समस्याओं का समाधान करना है। दीपके ने कहा, ‘हम यहां आज के छात्रों की समस्याओं को हल करने के लिए आए हैं’।

कथित परीक्षा अनियमितताओं, बार-बार होने वाले पेपर लीक और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर जवाबदेही तय करने की मांग को लेकर युवा नेतृत्व वाले संगठन कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने शनिवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर अपना दूसरा बड़ा प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र और समर्थक शामिल हुए। प्रदर्शन स्थल पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। छात्र हाथों में तख्तियां लेकर सरकार से परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और छात्रों के हितों की रक्षा से जुड़े सवालों के जवाब मांग रहे थे। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने जमकर नारेबाजी की और परीक्षा प्रबंधन में कथित खामियों के खिलाफ आवाज उठाई।

दीपके ने की थी थाली-चम्मच लाने की अपील
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने प्रदर्शन में शामिल होने वालों से ‘थाली और चम्मच’ लेकर आने की अपील की थी। उनके आह्वान पर बड़ी संख्या में लोग थालियां और चम्मच लेकर पहुंचे और उन्हें बजाकर अपना विरोध दर्ज कराया।

अभिजीत दीपके ने पीएम मोदी को लिखा खुला पत्र
इस प्रदर्शन से पहले अभिजीत दीपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक खुला पत्र भी लिखा था। इस पत्र में उन्होंने छात्रों द्वारा उठाए गए मुद्दों पर जिम्मेदारी तय करने की मांग की थी। वहीं, सीजेपी लगातार परीक्षा संबंधी मामलों के प्रबंधन को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी कर रही है।

BUSINESS : भारत दवाओं का 65% कच्चा माल चीन से मंगाता है:नीति आयोग बोला- किसी एक देश पर निर्भर रहना ठीक नहीं, अमेरिका से ट्रेड डील जल्द

भारत दवाएं बनाने के लिए सबसे जरूरी कच्चे माल के लिए 65% तक चीन पर निर्भर है। नीति आयोग ने यह जानकारी मंगलवार को दवा उद्योग और वैश्विक व्यापार पर अपनी ट्रेड वॉच क्वार्टरली रिपोर्ट में दी।

आयोग ने रिपोर्ट में भारत के कुल इम्पोर्ट-एक्सपोर्ट और एनर्जी सेक्टर का डेटा भी शेयर किया। आयोग के वाइस चेयरमैन अशोक कुमार लाहिड़ी ने बताया कि मिडिल ईस्ट संकट से यह सीख मिली है कि किसी एक देश या क्षेत्र पर ज्यादा निर्भर नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कहा,

FTA में फार्मास्युटिकल प्रोडक्ट्स पर एक अलग चैप्टर जरूरी

लाहिड़ी ने बताया कि नीति आयोग ने रिपोर्ट में सुझाव दिया है कि भारत जब भी किसी देश या ब्लॉक के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) के लिए बातचीत करे, तो उसमें फार्मास्युटिकल प्रोडक्ट्स पर एक अलग चैप्टर जरूर शामिल किया जाना चाहिए।

भारत में नई दवाओं पर रिसर्च का खर्च महंगा

लाहिड़ी ने कहा कि भारत में पर्यावरण से जुड़े नियम अब काफी कड़े हो गए हैं। इस वजह से कंपनियों के लिए फैक्ट्रियों में दवाएं बनाने और नई दवाओं पर रिसर्च (R&D) करने का खर्च बहुत बढ़ गया है।

हमारे देश में नई खोजों को बढ़ावा देने और उन्हें बिजनेस में बदलने का सिस्टम कमजोर है। इसी कमी के कारण नए और लंबे समय के लिए पैसा लगाने वाले निवेशक यहां निवेश करने से घबरा रहे हैं।

दवा के प्रोडक्शन में हम अच्छे, लेकिन वैल्यू चेन में आगे बढ़ना जरूरी

लाहिड़ी ने कहा कि भारत को आज पूरी दुनिया में ‘फार्मेसी ऑफ द वर्ल्ड’ माना जाता है। नीति आयोग ने अपनी स्टडी में पाया है कि दवाओं के प्रोडक्शन के मामले में हम बहुत अच्छा कर रहे हैं, लेकिन अब हमें वैल्यू चेन में ऊपर बढ़ने की जरूरत है।

इंटरनेशनल मार्केट में भारतीय कंपनियों की अच्छी साख है। अगर भारतीय फार्मा कंपनियां अच्छी क्वालिटी और सही कीमत वाले ब्रांडेड प्रोडक्ट्स बाजार में लाती हैं, तो वैश्विक बाजार पर हमारी मजबूत पकड़ बन सकती है।

दुनिया को सस्ती दवाएं देने में भारत नंबर-1

भारत दुनियाभर में सस्ती जेनेरिक दवाएं सप्लाई करने वाला प्रमुख देश है। इन दवाओं का आधा अफ्रीकी देशों को एक्सपोर्ट किया जाता है।

2025 में ₹123.13 लाख करोड़ की दवाओं की डिमांड रही

अगर पूरी दुनिया में दवाओं के कुल कारोबार की बात करें, तो साल 2025 में दुनियाभर में करीब ₹123.13 लाख करोड़ ($1.3 ट्रिलियन) की दवाओं और उनके कच्चे माल की मांग (डिमांड) थी।

इसमें से करीब ₹96.61 लाख करोड़ ($1.02 ट्रिलियन) सिर्फ तैयार दवाओं (जैसे टैबलेट, सिरप और कैप्सूल) को खरीदने में खर्च हुए।

बाकी के करीब ₹24.72 लाख करोड़ ($261 बिलियन) उन रसायनों और कच्चे माल को खरीदने में खर्च हुए, जिनका इस्तेमाल फैक्ट्रियों में दवाएं बनाने के लिए किया जाता है।

नीति आयोग के सुझाव: पेटेंट और स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने की जरूरत

नीति आयोग ने इस निर्भरता को कम करने और भारतीय फार्मा सेक्टर को मजबूत करने के लिए कई अहम सुझाव दिए हैं।

भारतीय कंपनियों को अब सिर्फ सस्ती जेनेरिक दवाओं तक सीमित न रहकर ज्यादा कीमत और ऊंचे मार्जिन वाले हाई-वैल्यू फार्मास्युटिकल सेगमेंट में उतरना चाहिए।
कॉलेजों/यूनिवर्सिटीज में होने वाली रिसर्च को सीधे फैक्ट्रियों तक पहुंचाने का सिस्टम मजबूत करना होगा, ताकि नए रिसर्च से दवाएं और प्रॉडक्ट्स तेजी से बाजार में आ सकें।
दवा और मेडिकल क्षेत्र (लाइफ-साइंसेज) में नई खोजों को बढ़ावा देने के लिए सरकारी नियमों और मंजूरियों की प्रक्रिया को एकदम साफ, आसान और पारदर्शी बनाना होगा।

NATIONAL : क्रॉस वोटिंग पर भाजपा नेतृत्व सख्त, आर अशोक बोले- विश्वासघात करने वालों पर होगी कार्रवाई

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कर्नाटक एमएलसी चुनाव में हुई कथित क्रॉस वोटिंग को भाजपा नेतृत्व ने गंभीरता से लिया है। नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक ने कहा कि पार्टी के खिलाफ वोट करने वाले विधायकों पर उचित समय पर कार्रवाई होगी। भाजपा नेताओं ने राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन को मामले की जानकारी दी है।

कर्नाटक विधान परिषद (एमएलसी) चुनाव में हुई कथित क्रॉस वोटिंग को भाजपा नेतृत्व ने गंभीरता से लिया है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक ने मंगलवार को कहा कि पार्टी के साथ ‘विश्वासघात’ करने वाले विधायकों के खिलाफ उचित समय पर कार्रवाई की जाएगी। आर. अशोक और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र समेत पार्टी नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने नई दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात की और उन्हें कर्नाटक में क्रॉस वोटिंग से जुड़े घटनाक्रम की जानकारी दी। अशोक ने कहा कि पार्टी नेतृत्व ने इस मामले से संबंधित जानकारी जुटा ली है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करेगा।

उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष ने नेताओं से कहा है कि वे इस मामले को केंद्रीय नेतृत्व पर छोड़ दें और संगठन को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित करें, ताकि 2028 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को सत्ता में लाया जा सके। दरअसल, हाल ही में हुए विधान परिषद चुनाव में कांग्रेस ने सात में से पांच सीटों पर जीत दर्ज की थी, जबकि भाजपा को दो सीटें मिली थीं। जेडी(एस) अपनी एकमात्र सीट भी नहीं जीत सकी। चुनाव नतीजों में भाजपा और जेडी(एस) विधायकों द्वारा कांग्रेस उम्मीदवारों के पक्ष में क्रॉस वोटिंग की बात सामने आई थी। सूत्रों के अनुसार कांग्रेस को अपेक्षित 140 के मुकाबले 151 वोट मिले।

इस बीच, विजयेंद्र द्वारा क्रॉस वोटिंग का सच सामने लाने के लिए धर्मस्थल में विधायक दल की बैठक बुलाने और भगवान मंजूनाथ के समक्ष शपथ दिलाने का प्रस्ताव भी विवादों में आ गया। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने इसका विरोध किया, जिसके बाद यह प्रस्ताव वापस ले लिया गया। अशोक ने कहा कि धर्मस्थल को राजनीति से दूर रखा जाएगा और पार्टी अपने स्तर पर मामले का समाधान करेगी।

वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री डी.वी. सदानंद गौड़ा ने दावा किया है कि एमएलसी चुनाव से पहले बंगलूरू के एक लग्जरी टॉवर में भाजपा विधायकों के बीच क्रॉस वोटिंग को लेकर चर्चा होने की विश्वसनीय जानकारी उन्होंने पार्टी नेतृत्व को दी थी। विजयेंद्र ने कहा कि वह इस मामले में सदानंद गौड़ा से बात करेंगे और जांच समिति को भी इस संबंध में जानकारी जुटाने के निर्देश दिए गए हैं।

NATIONAL : योगी का राह पर चले शुभेंदु?: ‘मुगलों-पठानों के नाम पर नहीं होगी कोई सड़क’, बंगाल के मुख्यमंत्री का बड़ा एलान

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पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर नामकरण को लेकर नई बहस छिड़ गई है। उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार द्वारा शहरों, सड़कों और स्थानों के नाम बदलने के बाद अब पश्चिम बंगाल में भी इसी तरह की पहल देखने को मिल रही है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मंगलवार को विधानसभा में बड़ा एलान करते हुए कहा कि कोलकाता में अब किसी भी सड़क या इलाके का नाम मुगलों, पठानों या दमनकारी ब्रिटिश शासकों के नाम पर नहीं रखा जाएगा। उनके इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है।

मुख्यमंत्री ने विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान यह टिप्पणी की। उनका बयान ऐसे समय आया है, जब कोलकाता नगर निगम द्वारा सुहरावर्दी एवेन्यू का नाम बदलकर गोपाल मुखर्जी रोड किए जाने को लेकर सियासी घमासान मचा हुआ है। विपक्ष सरकार पर इतिहास को तोड़-मरोड़कर पेश करने का आरोप लगा रहा है, जबकि सरकार इसे ऐतिहासिक भूल सुधारने की दिशा में उठाया गया कदम बता रही है।


क्या सड़कों और इलाकों के नामों की समीक्षा होगी?
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने घोषणा की कि राज्य सरकार सड़कों और सार्वजनिक स्थलों के नामों की समीक्षा के लिए एक समिति का गठन करेगी। इस समिति की अध्यक्षता स्वामी प्रदीप्तानंद उर्फ कार्तिक महाराज करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि आम लोग भी इस समिति को सुझाव दे सकेंगे और केवल सच्चे देशभक्तों के नामों पर ही विचार किया जाएगा।

NATIONAL : पूरी तरह सुरक्षित है एथनॉल मिश्रित ईंधन; सरकार ने कहा- ‘इंटरनेट मीडिया के दावे पूरी तरह भ्रामक और निराधार’

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पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि एथनॉल मिश्रण कार्यक्रम वैज्ञानिक रूप से मान्य है और सरकार द्वारा लगातार इसकी निगरानी की जा रही है।

मंत्रालय ने कहा कि इंटरनेट मीडिया पर एथनॉल मिश्रित पेट्रोल (ईबीपी) को लेकर कुछ भ्रामक और निराधार दावे किए जा रहे हैं। कुछ पुरानी तस्वीरें और वीडियो दोबारा प्रसारित किए जा रहे हैं। इसका मकसद जनता को भ्रमित और गुमराह करना प्रतीत होता है। सरकार इसको लेकर सजग है और आवश्यक कदम उठा रही है।

मंत्रालय ने कहा कि ई-20 पेट्रोल के उपयोग के बाद से इंजन खराब होने की कोई समस्या नहीं आई है। हाल ही में इंटरनेट मीडिया पर एक वीडियो में ईंधन टैंक के पास चींटियों को दिखाया गया था, जिसका मंत्रालय ने खंडन किया।

कच्चे तेल के आयात को कम करने, ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाने और पर्यावरणीय स्थिरता को बढ़ावा देने के उद्देश्यों के साथ एथनाल मिश्रण कार्यक्रम 2003 में शुरू किया गया था। तकनीकी तैयारियों और हितधारकों के परामर्श के आधार पर इस कार्यक्रम को चरणबद्ध तरीके से लागू किया गया है।

2023 से 20 प्रतिशत एथनॉल मिश्रण (ई-20) का क्रियान्वयन है। सरकार तेल विपणन कंपनियों, ऑटोमोबाइल निर्माताओं, ईंधन परीक्षण एजेंसियों और अन्य हितधारकों के साथ परामर्श करके एथनॉल मिश्रण कार्यक्रम के क्रियान्वयन की लगातार निगरानी करती है। ई-20 पेट्रोल की शुरुआत के बाद से एथनाल मिश्रण के कारण इंजन की खराबी या वाहन के टूटने की कोई व्यापक समस्या सामने नहीं आई है।

मंत्रालय ने कहा कि एथनॉल मिश्रण एक वैश्विक प्रथा है, जिसे कई देशों में सफलतापूर्वक लागू किया गया है। इस कार्यक्रम ने देश को 1.40 लाख करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा बचाने में मदद की है और किसानों की आय को भी बढ़ावा दिया है। मंत्रालय ने कहा कि यह कार्यक्रम भारत की ऊर्जा सुरक्षा को बढ़ाने में महत्वपूर्ण है।

WORLD : भारत-चीन संबंध: ‘मुख्य चिंताओं पर संवेदनशीलता से ही सुधरेंगे रिश्ते’, डोभाल का वांग यी को स्पष्ट संदेश

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भारत और चीन के बीच रिश्तों को सामान्य बनाने की प्रक्रिया के तहत राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और वांग यी के बीच नई दिल्ली में महत्वपूर्ण बातचीत हुई। भारत ने चीन को स्पष्ट संदेश दिया कि दोनों देशों को एक-दूसरे के प्रमुख हितों और संवेदनशील मुद्दों का सम्मान करना चाहिए। बैठक में वास्तविक नियंत्रण रेखा की स्थिति और द्विपक्षीय संबंधों को स्थिर व सकारात्मक दिशा देने पर चर्चा हुई।

भारत और चीन के बीच संबंधों को पटरी पर लाने की कोशिशों के बीच राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल ने सोमवार को चीन के विदेश मंत्री वांग यी से कहा कि दोनों देशों को एक-दूसरे की मुख्य चिंताओं से जुड़े मुद्दों के प्रति संवेदनशीलता दिखानी चाहिए। डोभाल ने नई दिल्ली में ब्रिक्स देशों के सुरक्षा अधिकारियों के सम्मेलन के इतर वांग यी के साथ बातचीत की।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मंगलवार को कहा कि एनएसए ने इस बात पर जोर दिया कि स्थिर, पूर्वानुमान योग्य और रचनात्मक द्विपक्षीय संबंध दोनों पक्षों के बीच विश्वास बढ़ाने और आपसी समझ को गहरा करने में योगदान देंगे।

रणधीर जायसवाल ने कहा, “एनएसए ने इस बात के महत्व पर भी जोर दिया कि एक-दूसरे की मुख्य चिंताओं से जुड़े मुद्दों के प्रति लगातार संवेदनशीलता दिखाई जाए।” हालांकि, जायसवाल ने इन मुख्य चिंताओं से जुड़े मुद्दों का कोई विवरण नहीं दिया। उन्होंने कहा कि यह दृष्टिकोण आपसी संवेदनशीलता, आपसी हितों और आपसी सम्मान की हमारी व्यापक नीति के अनुरूप है।

बैठक में दोनों पक्षों ने वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) की समग्र स्थिति की भी समीक्षा की। यह बैठक ऐसे समय हुई है जब दोनों देश पूर्वी लद्दाख में चार साल से अधिक समय तक चले सैन्य गतिरोध के बाद संबंधों को फिर से सामान्य बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

चीन के राजदूत शू फेइहोंग के अनुसार, वांग यी ने बैठक में कहा कि दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाली दो अर्थव्यवस्थाओं के रूप में चीन और भारत को न केवल द्विपक्षीय संबंधों को दीर्घकालिक दृष्टिकोण से देखना चाहिए, बल्कि वैश्विक नजरिए से भी सहयोग को आगे बढ़ाना चाहिए। उन्होंने कहा, “दोनों पक्षों को दोनों देशों के नेताओं के बीच बनी महत्वपूर्ण सहमति को लागू करने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए, सहयोग के जरिए अपने-अपने विकास और पुनरुत्थान को बढ़ावा देना चाहिए। वैश्विक दक्षिण के आधुनिकीकरण की प्रक्रिया को तेज करना चाहिए।”

शू फेइहोंग ने सोशल मीडिया पर कहा कि वांग यी ने कहा, “एक-दूसरे के मूल हितों का सम्मान करना, संवेदनशील मुद्दों को उचित तरीके से संभालना और चीन-भारत सीमा मुद्दे को उचित स्थान पर रखना जरूरी है, ताकि इसका असर द्विपक्षीय संबंधों की समग्र स्थिति पर न पड़े।” उन्होंने कहा, “दोनों पक्षों को समाज के सभी वर्गों में सही समझ विकसित करने के लिए भी सक्रिय रूप से प्रयास करने चाहिए और द्विपक्षीय संबंधों में सुधार के लिए मजबूत जनमत और सामाजिक आधार तैयार करना चाहिए।”

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