WORLD : सालों ट्रैफिक कैमरों से निगरानी, मोबाइल हैक, खामेनेई को मारने का US का प्लान लीक, जानें कैसे बिछाया जाल

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ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत वाले हमले की प्लानिंग में इजरायल ने सालों से साइबर जासूसी की. इजरायल ने तेहरान के ज्यादातर ट्रैफिक कैमरों को हैक कर लिया था. इन कैमरों से लाइव फुटेज एन्क्रिप्ट करके तेल अवीव और दक्षिणी इजरायल के सर्वर्स पर भेजी जाती थी. इसका मकसद खामेनेई और उनके सुरक्षा घेरे की रोजमर्रा की जिंदगी का पूरा ‘डिजिटल मैप’ बनाना था, ताकि सटीक हमला किया जा सके.फाइनेंशियल टाइम्स की एक बड़ी रिपोर्ट के मुताबिक, कई मौजूदा और पूर्व इजरायली इंटेलिजेंस अधिकारियों और लोगों के हवाले से बताया गया है कि इजरायल की यूनिट 8200 और मोसाद ने सालों पहले ये ऑपरेशन शुरू किया. तेहरान के ट्रैफिक कैमरों से बॉडीगार्ड्स की पार्किंग, आने-जाने का समय, रूट्स, गार्ड चेंज और साथ में कौन-कौन था, ये सब ट्रैक किया जाता था. एक कैमरा खास तौर पर खामेनेई के कंपाउंड के पास ऐसा एंगल में था कि बॉडीगार्ड्स की कारें कहां पार्क होती हैं, ये साफ दिखता था.

इसके अलावा मोबाइल नेटवर्क में भी सेंध लगाई गई. फोन लोकेशन से सिक्योरिटी स्टाफ की मूवमेंट क्लियर होती थी. इससे खामेनेई का ‘लाइफ पैटर्न’ (रोजाना की आदतें) बनाया गया कि वे कब ऑफिस जाते हैं, कब मीटिंग होती है, कौन साथ होता है वगैरह.रिपोर्ट कहती है कि इसी इंटेल से 28 फरवरी 2026 को अमेरिका-इजरायल की स्ट्राइक में खामेनेई के कंपाउंड पर सटीक हमला हुआ, जहां वो सीनियर लीडर्स के साथ थे. हमले में 30 से ज्यादा बॉम्ब गिराए गए और खामेनेई की मौत हो गई.

मीडिया रिपोर्ट्स में लिखा है कि इजरायल ने तेहरान को ‘डिजिटल मैप’ की तरह पढ़ लिया था. हजारों कैमरों से फुटेज लेकर AI और सिग्नल इंटेलिजेंस से एनालिसिस किया. एक कैमरा से बॉडीगार्ड्स की पार्किंग देखकर रूट्स पता चलते थे. मोबाइल डेटा से कन्फर्मेशन मिलता था.ईरान की तरफ से अभी कोई ऑफिशियल कमेंट नहीं आया है, और रिपोर्ट में कहा गया है कि सभी क्लेम्स की इंडिपेंडेंट वेरिफिकेशन नहीं हुई.

ये खुलासा ईरान युद्ध के चौथे दिन आया है, जहां अमेरिका-इजरायल की स्ट्राइक्स जारी हैं. ईरान ने जवाब में गल्फ देशों में अमेरिकी बेस पर ड्रोन-मिसाइल अटैक किए. अमेरिका ने 14 देशों से अपने नागरिकों को निकलने का अलर्ट जारी रखा है. इस जंग में 1200 से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं, जिसमें ईरान में 742 हैं. तेल की कीमतें 150 डॉलर प्रति बैरल पार कर गईं.ट्रंप ने कहा कि हथियारों का स्टॉक ‘अनलिमिटेड’ है, जंग ‘फॉरएवर’ लड़ सकते हैं. इजरायल के PM नेतन्याहू ने भी कहा कि खामेनेई के न्यूक्लियर प्रोग्राम को रोकना जरूरी था. ये साइबर ऑपरेशन दिखाता है कि जंग सिर्फ हवाई हमलों तक नहीं, बल्कि सालों की साइबर जासूसी से प्लान की गई.

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