अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पोप लियो XIV के बीच विवाद बढ़ गया है. ट्रंप ने ईरान में 42,000 प्रदर्शनकारियों की मौत का दावा करते हुए पोप की शांति नीति पर सवाल उठाए हैं. वहीं, पोप ने दो टूक कहा कि वे युद्ध के खिलाफ बोलना जारी रखेंगे और ट्रंप की धमकियों से नहीं डरते.
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और कैथोलिक चर्च के प्रमुख पोप लियो XIV के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है. ट्रंप ने एक बार फिर पोप लियो पर तीखा हमला बोला है. ट्रंप ने ईरान के मुद्दे पर पोप की सलाह को सिरे से खारिज करते हुए उन पर गंभीर आरोप लगाए हैं.
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक पोस्ट शेयर की है. इसमें उन्होंने लिखा कि क्या कोई प्लीज पोप लियो को बताएगा कि ईरान ने पिछले दो महीनों में कम से कम 42,000 मासूम और निहत्थे प्रदर्शनकारियों को मार डाला है. ईरान के पास न्यूक्लियर बम होना बिल्कुल भी मंजूर नहीं है. इस मामले पर ध्यान देने के लिए शुक्रिया. अमेरिका वापस आ गया है!

ट्रंप ने साफ कर दिया है कि वे पोप से किसी भी हाल में माफी नहीं मांगेंगे. व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि मैं पोप लियो से माफी नहीं मांगूंगा. मुझे लगता है कि वे अपराध और अन्य चीजों को लेकर बहुत कमजोर पड़ गए हैं. ट्रंप ने यहां तक कह दिया कि पोप उनकी सरकार की नीतियों के नतीजों से खुश नहीं होंगे, जिससे दोनों के बीच तनाव और बढ़ गया है.
ट्रंप ने अपनी पोस्ट में एक हैरान करने वाला दावा भी किया. उन्होंने कहा कि पोप लियो को चर्च ने सिर्फ इसलिए चुना ताकि वे ट्रंप से निपट सकें. ट्रंप के अनुसार, लियो शुरुआत में इस पद की रेस में नहीं थे, लेकिन उनके अमेरिकी होने की वजह से उन्हें चुना गया. बता दें कि शिकागो में जन्मे पोप लियो इतिहास के पहले अमेरिकी मूल के पोप हैं.
दूसरी तरफ, अल्जीरिया की यात्रा पर जा रहे पोप लियो ने ट्रंप के हमलों पर पलटवार करने से मना कर दिया. उन्होंने कहा कि मैं कोई राजनेता नहीं हूं और मेरा डोनाल्ड ट्रंप के साथ बहस करने का कोई इरादा नहीं है. लोग खुद ही सब समझ जाएंगे. उन्होंने सेंट पीटर बेसिलिका में प्रार्थना के दौरान शांति की अपील करते हुए कहा कि वे युद्ध के खिलाफ बोलना जारी रखेंगे और बातचीत के जरिए समाधान निकालने पर जोर देंगे.
ट्रंप ने अपनी बात दोहराते हुए कहा कि अमेरिका के लिए यह किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है कि ईरान न्यूक्लियर हथियार हासिल करे. रिपोर्ट्स के अनुसार, पिछले दो महीनों में ईरान में हुए विरोध प्रदर्शनों में भारी हिंसा हुई है, जिसमें ट्रंप के दावे के मुताबिक 42,000 लोगों की जान गई है. इसी हिंसा और ईरान के बढ़ते न्यूक्लियर खतरे को लेकर ट्रंप और पोप के बीच मतभेद गहरा गए हैं.


