जूहू में दो पुलिस कांस्टेबलों ने एक फॉरेक्स डिलीवरी एग्जीक्यूटिव का अपहरण कर 10,000 डॉलर लूटे. संदीप शिंदे और गजेंद्र राजपूत गिरफ्तार हुए हैं, जबकि तीन अन्य आरोपी फरार हैं.
महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई के जूहू इलाके में दो पुलिस कांस्टेबल एक फॉरेक्स कंपनी के डिलीवरी एग्जीक्यूटिव का अपहरण कर उससे 10,000 अमेरिकी डॉलर लूटने के आरोप में गिरफ्तार किए गए हैं, जबकि लूटी गई रकम अभी तक बरामद नहीं हो सकी है. मुंबई पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में तीन अन्य आरोपी अब भी फरार हैं और उनकी तलाश जारी है.
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान संदीप शिंदे उम्र 33 वर्ष और गजेंद्र राजपूत उम्र 40 वर्ष के रूप में हुई है. दोनों क्रमशः बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स और जोगेश्वरी पुलिस स्टेशन में तैनात थे. आरोप है कि उन्होंने अपनी वर्दी और पद का दुरुपयोग करते हुए इस पूरी वारदात को अंजाम दिया.पुलिस के अनुसार घटना 25 मार्च की दोपहर करीब 2 बजे की है. पीड़ित बांद्रा स्थित एक फॉरेक्स कंपनी में डिलीवरी एग्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत है और वह जूहू इलाके में विदेशी मुद्रा देने पहुंचा था. इसी दौरान जूहू सर्कल के पास आरोपियों ने उसे एक एर्टिगा कार में जबरन बैठाकर अगवा कर लिया.

कार के अंदर आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की और झूठे केस में फंसाने की धमकी दी. इसके बाद आरोपी पीड़ित को दहिसर ले गए जहां उससे 10,000 डॉलर से भरा बैग छीन लिया गया और लगातार पिटाई भी की गई.पीड़ित ने शोर मचाया और आसपास के लोग आ गए, जिसके बाद पूरे मामले की जानकारी पुलिस को दी गई. सूचना मिलते ही पुलिस की पेट्रोलिंग टीम मौके पर पहुंच गई. लोगों को आता देख आरोपी भागने लगे लेकिन पुलिस एक ही आरोपी को गिरफ्तार कर पाई जबकि दूसरा भीड़ का फायदा उठाकर भाग गया.
फॉरेक्स कंपनी के डिलीवरी एग्जीक्यूटिव से लूट की सूचना मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और दूसरे आरोपी गजेंद्र राजपूत को ठाणे स्थित उसके घर से गिरफ्तार किया गया. दोनों आरोपियों के खिलाफ अपहरण, उगाही, डकैती और सरकारी कर्मचारी बनकर अपराध करने जैसे गंभीर आरोपों में मामला दर्ज किया गया है.फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और फरार तीन आरोपियों की तलाश में कई टीमें जुटी हुई हैं. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीम का गठन किया गया है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा.

