पहलगाम आतंकी हमले का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए भारत ने आज से ठीक एक साल पहले ऑपरेशन सिंदूर किया था. इस दौरान पाकिस्तान के भीतरी इलाकों में आतंकी और सैन्य ढांचों को निशाना बनाया
भारत ने पहलगाम हमले का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए आज से ठीक एक साल पहले इतिहास का सबसे भीषण सैन्य अभियान ऑपरेशन सिंदूर किया था. आज (7 मई) को इस ऑपरेशन की पहली वर्षगांठ पर भारतीय वायुसेना (IAF) ने एक वीडियो जारी कर दुनिया को कड़ा संदेश दिया है कि भारत अपनी सुरक्षा से समझौता नहीं करता.
ऑपरेशन सिंदूर के जरिए भारत ने पाकिस्तान को उसकी औकात दिखाई. इस ऑपरेशन के दौरान पाकिस्तानी सेना की औकात बस मलबे का ढेर, जले हुए विमान के ढांचे, छतों पर बड़े-बड़े छेद वाले कंक्रीट के हैंगर और तथाकथित वायु रक्षा रडार प्रणालियों के क्षत-विक्षत टुकड़े भर रह गई थी. ये सब भारत ने अपनी हाईटेक क्रूज मिसाइलों, ड्रोन और सटीक ग्लाइड बमों के जरिए तबाह कर दिए थे.

भारत की ब्रह्मोस क्रूज मिसाइलों ने जब पाकिस्तान के भीतरी इलाकों में आतंकी और सैन्य ढांचों को निशाना बनाया तो पूरी दुनिया ने रात के आसमान में विशाल आग के गोले देखे. कई किलोमीटर दूर से दिखाई देने वाले इन भीषण विस्फोटों ने पाकिस्तान को स्पष्ट और कड़ा संदेश दिया. गुरुवार को भारतीय वायु सेना ने एक्स पर ऑपरेशन सिंदूर के कुछ क्षणों का वीडियो शेयर किया.
पिछले साल 6-7 मई की रात भारत ने पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर हमला किया था. भारतीय वायु सेना द्वारा आज सुबह शेयर किए गए वीडियो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत हर आतंकवादी और उसके समर्थकों की पहचान करेगा, उन पर नजर रखेगा और उन्हें दंडित करेगा. भारतीय वायु सेना ने आतंकवादियों को चेतावनी देते हुए कुछ पंक्तियां लिखी हैं कि वे जहां भी छिपें, कभी सुरक्षित नहीं रहेंगे. सिंदूर अभियान. न्याय मिल गया. सटीक कार्रवाई. अमर स्मृति- सिंदूर अभियान जारी है. भारत कुछ नहीं भूलता और किसी को माफ नहीं करता.
कहां-कहां आतंकी अड्डों को किया गया ढेर
आतंकवादी शिविरों पर किए गए हमलों में बहावलपुर स्थित जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) का मुख्यालय, मुरीदके स्थित लश्कर-ए-तैबा का अड्डा और सियालकोट के महमूना जोया, मुजफ्फरबाद के सवाई नाला और सैयद ना बिलाल, कोटली के गुलपुर और अब्बास, भीमबर के बरनाला और सरजल में स्थित आतंकवादी ढांचे शामिल थे.


