ईरान ने अमेरिका पर सीजफायर तोड़ने का आरोप लगाया है। ईरान ने कहा कि अमेरिकी सेना ने ओमान की खाड़ी में ईरानी तेल टैंकरों को निशाना बनाया। इसके बाद ईरान ने बिना किसी हिचकिचाहट के करारा जवाब देने की चेतावनी दी है।ईरानी सरकारी मीडिया प्रेस TV के मुताबिक, खातम अल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर के प्रवक्ता ने कहा कि आक्रामक, आतंकवादी और समुद्री डाकू अमेरिकी सेना ने जास्क के पास ईरानी समुद्री इलाके से र्मुज स्ट्रेट की ओर जा रहे एक तेल टैंकर को निशाना बनाया।
साथ ही फुजैरा बंदरगाह के पास जलडमरूमध्य में दाखिल रहे दूसरे जहाज पर भी हमला किया गया। प्रवक्ता का दावा है कि कुछ क्षेत्रीय देशों के सहयोग से बंदर खामिर, सिरिक और क़ेश्म द्वीप के तटीय नागरिक इलाकों पर भी हवाई हमले किए गए। हालांकि, इन हमलों में हुए नुकसान या हताहतों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
ईरान और अमेरिका के बीच एक अस्थायी समझौते पर बातचीत चल रही है। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों देश 30 दिन तक संघर्ष रोकने और हॉर्मुज जलडमरूमध्य को व्यावसायिक जहाजों के लिए फिर से खोलने के प्रस्ताव पर चर्चा कर रहे हैरिपोर्ट में तीन सीनियर ईरानी अधिकारियों के हवाले से कहा गया है कि यह एक पेज का प्रारंभिक फ्रेमवर्क है। इसके तहत दोनों पक्ष 30 दिन तक सैन्य कार्रवाई रोकेंगे और इसी दौरान स्थायी समझौते पर बातचीत जारी रखेंगे।

ईरानी अधिकारियों के मुताबिक, बातचीत अभी जारी है और दोनों पक्ष लंबे समय के समझौते की भाषा और ढांचे पर प्रस्तावों का आदान-प्रदान कर रहे हैंरिपोर्ट के अनुसार, बातचीत में सबसे बड़ा विवाद ईरान के परमाणु कार्यक्रम और उच्च स्तर पर समृद्ध यूरेनियम के भंडार को लेकर है। अमेरिकी पक्ष चाहता है कि ईरान पहले ही इस पर स्पष्ट प्रतिबद्धता दे।
ईरानी अधिकारियों ने दावा किया कि अमेरिकी वार्ताकार चाहते हैं कि ईरान अपना समृद्ध यूरेनियम अमेरिका को सौंप दे, तीन परमाणु सुविधाएं बंद करे और 20 साल तक यूरेनियम डेवलपमेंट रोक दे।
वहीं, ईरान ने प्रस्ताव दिया है कि वह अपने यूरेनियम भंडार का कुछ हिस्सा कमजोर करेगा और बाकी किसी तीसरे देश, संभवतः रूस को सौंप देगा। ईरान ने 10 से 15 साल तक यूरेनियम संवर्धन रोकने की बात कही है। हालांकि, तीन परमाणु सुविधाओं के भविष्य पर अभी सहमति नहीं बनी है।ईरानी अधिकारियों के मुताबिक, अस्थायी समझौते में तीन तत्काल कदम शामिल हैं। इनमें ईरानी जहाजों और बंदरगां पर अमेरिकी नाकाबंदी हटाना, र्मुज स्ट्रेट को व्यावसायिक जहाजों के लिए फिर से खोलना और सीजफायर के तहत सैन्य कार्रवाई रोकना शामिल है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रतिबंधों में राहत, ईरान के परमाणु कार्यक्रम का लंबी अवधि का भविष्य और विदेशों में जमे ईरानी वित्तीय संपत्तियों जैसे विवादित मुद्दों पर 30 दिन की बातचीत के दौरान चर्चा होगी।
ईरानी अधिकारियों ने यह भी कहा कि तेहरान परमाणु हथियार नहीं बनाने और यूरेनियम संवर्धन रोकने की प्रतिबद्धता देने को तैयार है। हालांकि, यूरेनियम रोकने की समय सीमा और शर्तों पर बातचीत अभी जारी है।

