दिल्ली में Cockroach Janta Party (CJP) के प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर जारी विवाद के बीच सुप्रीम कोर्ट ने परिवहन सेवाओं को पूरी तरह रोकने के बजाय नियंत्रित तरीके से चलाने पर जोर दिया। प्रदर्शन को लेकर राजधानी में सुरक्षा बढ़ाए जाने और यातायात पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद यह मामला चर्चा में आ गया है।
इंडिया टुडे की 9 अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने अधिकारियों से कहा कि प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली मेट्रो और ट्रेनों की आवाजाही पूरी तरह बंद नहीं की जानी चाहिए। अदालत ने सेवाओं को नियंत्रित तरीके से जारी रखने की बात कही।
दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था सख्त
10 अक्टूबर को प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली में व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने लगभग 25,000 सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की और कई इलाकों में यातायात के रास्तों में बदलाव किए।

कुछ मेट्रो स्टेशनों पर प्रवेश और निकास संबंधी पाबंदियां लगाई गईं। इसके अलावा, राजधानी के कुछ हिस्सों में मोबाइल इंटरनेट सेवाओं पर भी अस्थायी रोक लगाई गई।
CJP क्यों कर रही है प्रदर्शन?
CJP मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रही है। संगठन ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान नाम हटाए जाने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि मतदाता सूची में बदलाव से चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है। हालांकि, चुनाव आयोग और भारतीय जनता पार्टी ने मतदाता सूची में हेरफेर के आरोपों को खारिज किया है।


