बेंगलुरु एयरपोर्ट पर इंडिगो की फ्लाइट 6E 6542 का पिछला हिस्सा लैंडिंग के दौरान रनवे से टकरा गया। रविवार दोपहर गुवाहाटी से आ रहे प्लेन को केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान दिक्कत हुई थी।
फ्लाइट ने जब पहली बार लैंडिंग की कोशिश की तो उसका पिछला हिस्सा रनवे से टकरा गया। इसके बाद उसने गो-अराउंड किया (यानी विमान ने वापस उड़ान भर ली)। इसके बाद दूसरी बार दोपहर 1:34 बजे प्लेन ने सुरक्षित लैंडिंग की।
अभी इस बात की जानकारी नहीं है कि फ्लाइट में कितने लोग सवार थे। हालांकि, सभी यात्री सुरक्षित हैं।
यह पिछले 47 दिनों में इंडिगो की किसी फ्लाइट में आई दिक्कत (इमरजेंसी लैंडिंग, डायवर्जन और तकनीकी खराबी) से जुड़ा छठा मामला है।

DGCA ने जांच शुरू की
हादसे के बाद इस प्लेन की उड़ान रोक दी गई है और उसकी तकनीकी जांच चल रही है। पूरी तरह ठीक पाए जाने के बाद ही इसे दोबारा उड़ाया जाएगा।
इंडिगो ने कहा कि उन्होंने नियमों के मुताबिक सभी अफसरों को जानकारी दे दी है। कंपनी के लिए यात्रियों और स्टाफ की सुरक्षा सबसे पहले है।
इस प्लेन को आगे कोयंबटूर भी जाना था। बेंगलुरु से कोयंबटूर जाने वाले यात्रियों के लिए तुरंत दूसरा प्लेन लगाया गया, ताकि किसी को परेशानी न हो।
उड्डयन विभाग (DGCA) ने इंडिगो की इस मामले की जांच शुरू कर दी है।
सिर्फ 42 दिनों में इंडिगो फ्लाइट्स से जुड़ी 5 घटनाएं
22 सितंबर 2026: लंदन से दिल्ली आ रही फ्लाइट में तकनीकी खराबी (धुआं) के कारण वापस लंदन के हीथ्रो एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई।
15 सितंबर 2026: अगरतला से दिल्ली जाने वाली फ्लाइट के कार्गो हिस्से में धुएं की चेतावनी मिलने पर उसे तुरंत लखनऊ डायवर्ट किया गया।
3 सितंबर 2026: दोहा से बेंगलुरु आ रही फ्लाइट के पायलट की अचानक तबीयत खराब होने (फूड पॉइजनिंग) के कारण मस्कट में इमरजेंसी लैंडिंग हुई।
1 सितंबर 2026: गोवा से दिल्ली जाने वाली फ्लाइट का हवा में एक इंजन फेल होने के कारण उड़ान भरने के कुछ ही मिनटों बाद गोवा में वापस लैंडिंग हुई।
11 अगस्त 2026: कोलकाता से चेन्नई जाने वाली फ्लाइट का बायां इंजन काम करना बंद कर देने पर चेन्नई एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई।
तकनीकी खराबी होने पर यात्रियों को सुविधाएं देती हैं एयरलाइंस
अगर तकनीकी खराबी की वजह से फ्लाइट में 2 से 4 घंटे की देरी होती है, तो एयरलाइन को यात्रियों को मुफ्त नाश्ता, खाना और पानी देना पड़ता है। यदि देरी रात भर के लिए हो जाए या 24 घंटे से ज्यादा खिंच जाए, तो यात्रियों के रुकने के लिए फ्री होटल और आने-जाने की गाड़ी की व्यवस्था करना भी कंपनी की जिम्मेदारी होती है।
इसके अलावा, एयरलाइन को हर आधे घंटे में फ्लाइट का सही अपडेट देना जरूरी है, और अगर आप चाहें तो अपनी यात्रा रद्द करके पूरे पैसे वापस ले सकते हैं या बिना किसी अतिरिक्त खर्च के दूसरी फ्लाइट चुन सकते हैं।

