BUSINESS : गन्ना किसानों को मोदी सरकार की बड़ी सौगात; 2026-27 के लिए 365 रुपये प्रति क्विंटल तय किए दाम, इन योजनाओं को भी मिली मंजूरी

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केंद्र सरकार ने किसानों और उद्योग दोनों को ध्यान में रखते हुए कई बड़े फैसले लिए हैं। इनमें गन्ना किसानों के लिए लाभकारी मूल्य 365 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है। इसके साथ ही 5,659 करोड़ रुपये के ‘कपास उत्पादकता मिशन’को भी मंजूरी दी गई। साथ ही दो नए सेमीकंडक्टर यूनिट और गुजरात के वडिनार में जहाज मरम्मत इकाई के साथ ही आपातकालीन ऋण गारंटी योजना की मंजूरी भी शामिल है।
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केंद्र सरकार ने फसल वर्ष 2026-27 के लिए गन्ना किसानों को बड़ी राहत दी है। मोदी कैबिनेट ने गन्ने का लाभकारी मूल्य (FRP)365 रुपये प्रति क्विंटल तय करने को मंजूरी दे दी है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि यह फैसला किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

कपास उत्पादकता बढ़ाने के लिए 5,659 करोड़ रुपये के मिशन को भी मंजूरी
इसके अलावा, पीएम मोदी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में कपास क्षेत्र को लेकर भी एक बड़ा निर्णय लिया गया। सरकार ने 5,659.22 करोड़ रुपये के ‘कपास उत्पादकता मिशन’ (2026-27 से 2030-31) को मंजूरी दी है। यह मिशन कपास उत्पादन में गिरावट, कम उत्पादकता और गुणवत्ता संबंधी समस्याओं को दूर करने पर केंद्रित रहेगा।यह मिशन सरकार के ’5एफ विजन’ यानी खेत (फार्म) से रेशा (फाइबर), फाइबर से कारखाना (फैक्ट्री), फैक्ट्री से फैशन और फैशन से विदेशी बाजार के अनुरूप है और इसका मुख्य जोर कपास की उत्पादकता बढ़ाने पर रहेगा।


इस मिशन को कृषि मंत्रालय और वस्त्र मंत्रालय मिलकर लागू करेंगे। इसमें भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के 10 संस्थान, वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) का एक संस्थान और विभिन्न राज्यों के कृषि विश्वविद्यालयों में संचालित 10 समन्वित अनुसंधान केंद्र शामिल होंगे। शुरुआती चरण में 14 राज्यों के 140 जिलों को प्राथमिकता दी जाएगी। कपास से रुई निकालने एवं प्रसंस्करण करने वाली करीब 2,000 इकाइयों को भी मिशन से जोड़ा जाएगा।

दो नई सेमीकंडक्टर इकाइयों को मंजूरी
साथ ही केंद्र सरकार ने मंगलवार को दो और सेमीकंडक्टर विनिर्माण इकाइयों को मंजूरी दी। इसमें 3,936 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश होगा। इनमें गैलियम नाइट्राइड प्रौद्योगिकी पर आधारित देश की पहली वाणिज्यिक मिनी/माइक्रो-एलईडी डिस्प्ले इकाई और एक सेमीकंडक्टर पैकेजिंग इकाई शामिल है। ये इकाइयां गुजरात में 3,936 करोड़ रुपये के कुल निवेश से स्थापित की जाएंगी और इनसे लगभग 2,230 कुशल पेशेवरों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होने की उम्मीद है।

ये निर्णय भी लिए गए
इसके साथ ही मंत्रिमंडल ने गुजरात के वडिनार में 1,570 करोड़ रुपये की लागत से जहाज मरम्मत इकाई स्थापित करने को मंजूरी दी।
सरकार ने विमानन और सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्रों के लिए 18,100 करोड़ रुपये की आपातकालीन ऋण गारंटी योजना को मंजूरी दी।

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