केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि निकट भविष्य में पेट्रोल-डीजल के दाम कम करने की केंद्र सरकार की कोई योजना नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत में पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतें दुनिया के अनेक देशों की तुलना में पहले से ही कम हैं। वह शनिवार को लोढ़ी स्थित सर्किट हाउस में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे।
केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर उपलब्धियां गिनाते हुए मंत्री ने कहा कि भारत उन देशों में शामिल है जहां पेट्रोल-डीजल की कीमतों में सबसे कम वृद्धि हुई है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि पड़ोसी देशों पाकिस्तान और बांग्लादेश में पेट्रोलियम उत्पादों के दामों में लगभग 80 प्रतिशत तक वृद्धि हुई, जबकि भारत में वृद्धि अपेक्षाकृत काफी कम रही।
बताया कि केंद्र सरकार ने नवंबर 2021 और मई 2022 में एक्साइज ड्यूटी में कटौती की थी तथा हाल के वर्षों में भी उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए कदम उठाए गए हैं। एलपीजी की उपलब्धता पर उन्होंने कहा कि वैश्विक परिस्थितियों और युद्ध जैसे हालात के बीच देश में गैस संकट से बचने के लिए उत्पादन बढ़ाया गया।

युद्ध से पहले जहां देश में प्रतिदिन 32 से 33 हजार मीट्रिक टन उत्पादन होता था, उसे बढ़ाकर 54 हजार मीट्रिक टन तक पहुंचाया गया। उन्होंने बताया कि गैस सिलिंडरों की दैनिक मांग 53 लाख से बढ़कर 90 लाख से अधिक हो गई थी, जिससे जमाखोरी की आशंका बनी। इससे निपटने के लिए डीएसी (डिलीवरी आथेंटिकेशन कोड) व्यवस्था लागू की गई।
एक प्रश्न के उत्तर में मंत्री ने स्वीकार किया कि सोनभद्र में हर घर जल योजना के क्रियान्वयन में कुछ समस्याएं सामने आई हैं। हालांकि उन्होंने भरोसा दिलाया कि संबंधित बाधाओं को दूर कर योजना को समयबद्ध तरीके से पूरा कराया जाएगा।

